उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने की जाति व्यवस्था खत्म करने की अपील


उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि आर्थिक और तकनीकी मोर्चे पर देश ने महत्वपूर्ण कामयाबी अर्जित की है लेकिन जाति, समुदाय और लिंग के आधार पर भेदभाव के बढ़ते मामले बड़ी चिंता का कारण हैं। उन्होंने कहा कि जातिगत भेदभाव खत्म किया जाना समय की जरूरत है।

राज्य की राजधानी से 45 किलोमीटर दूर शिवगिरि मठ में 87वें शिवगिरि श्रद्धालु सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि देश से जाति व्यवस्था खत्म होनी चाहिए और भविष्य का भारत जाति विहीन तथा वर्ग विहीन होना चाहिए। उन्होंने गिरजाघरों, मस्जिदों और मंदिरों के प्रमुखों से जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए काम करने को कहा।

नायडू ने कहा कि मठ के संस्थापक श्री नारायण गुरु महान संत और क्रांतिकारी मानवतावदी थे, जिन्होंने जाति व्यवस्था और अन्य विभाजनकारी प्रवृत्ति को खारिज किया। उन्होंने कहा कि भारत को आर्थिक और तकनीकी मोर्चे पर महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है लेकिन देश में कुछ ऐसे हिस्से हैं जहां सामाजिक बुराइयां विद्यमान हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा, ”हम अशांति के समय में रह रहे हैं। जाति, समुदाय और लिंग के आधार पर भेदभाव बढ़ना बड़ी चिंता का कारण है। हम सबको आत्म विश्लेषण करना होगा और व्यावहारिक कदम उठाना होगा।” नायडू ने कहा कि खासकर सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों के संदर्भ में गुरु की सीख आज के समय में भी प्रासंगिक है।

वार्षिक शिवगिरि तीर्थयात्रा पर उन्होंने कहा कि हर साल श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या साफ संकेत है कि गुरु के अनुयायियों के लिए शिवगिरि पूजा-अर्चना का शीर्ष केंद्र बन गया है। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन, पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी और राज्य के मंत्री के सुरेंद्रन समेत अन्य लोग इस अवसर पर मौजूद थे। 

गोल्ड मेडल जीत कर आये आशीष पवार


बैतुल केआशीष पवार गौल्‍ड मेडल

बैतूल जिले के किसान के बेटे ने कराटे में रच दिया इतिहास ओमकार चोपड़े पवार के पुत्र आशीष चोपड़े ने विगत दिवस साउथ एशियन कराटे चैंपियनशिप बंगला देश में आयोजित प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड मेडल जीता आशीष ने श्रीलंका बांग्लादेश और नेपाल के प्रतिद्वंदियों को हराकर गोल्ड मेडल जीता आज पहली बार अपने घर बैतूल आने पर पवार समाज संगठन युवाओं ने खेल प्रेमी इष्ट मित्रों ने बैतूल रेल्वे स्टेशन पर भव्य स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी।

मनमोहन पंवार (संपादक)

मुलतापी समाचार 9753903839

दाह संस्कार में 500 किलो लकड़ी बचा सकेगें, जब हम कंडों का इस्तेमाल करेंगे, पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रयास करें


इंदौर। मुलतापी समाचार गोबर से बने कंडों से यदि दाह संस्कार किया जाए तो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पेड़ों को भी बचाया जा सकता है। इसी संदेश के साथ शहर के मुक्तिधामों में कंडों से दाह संस्कार का चलन बढ़ रहा है। अब लोग खुद आकर लकड़ी के बजाय कंडों से दाह संस्कार के बारे में पूछने लगे हैं। उधर शहर की कई गौशालाओं ने भी अंतिम संस्कार के लिए कंडे उपलब्ध करवाने की पहल की है।

बीते कुछ वर्षों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरुकता तेजी से बढ़ी है। पहले अंतिम संस्‍कार के लिए केवल एक ही लकड़ी का विकल्‍प होता था। विद्युत और डीजल शवदाह गृह भी शहर के कुछ मुक्तिधामों पर आरंभ किए गए थे लेकिन इनका प्रयोग इक्‍कादुक्‍का परिवार ही करते हैं। लकड़ी का प्रयोग कम करने और उनके स्‍थान पर कंडों का प्रयोग आरंभ करने के लिए पहल की। इसका परिणाम यह हुआ कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में करीब दो हजार शवों का अंतिम संस्‍कार कंडों से हो चुका है।

एक दाह संस्कार में चार पेड़ों की लकड़ियां लगती हैं

लकड़ी से अंतिम संस्कार के लिए करीब 400 किलो लकड़ी की आवश्यकता होती है। इसके लिए चार पेड़ काटे जाते हैं। उधर गौशालाओं के पास भी कमाई का कोई अन्य स्रोत नहीं होता। गौशालाओं को इस बात के लिए जागरूक किया जा रहा है कि वे गोबर फेंकने के बजाय कंडे बनाकर बेचें ताकि उनका दाह संस्कार के लिए पर्याप्तसंख्या में कंडे मिल सके।

इससे गौशालाओं को भी कमाई होगी और कंडो की कमी भी नहीं आएगी। सामाजिक और गैर सरकारी संगठनों के अलावा विभिन्न समाज भी इस पहल में शामिल होकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

श्रीश्री विद्याधाम गौसेवा समिति के व्यवस्थापक कैलाश तिवारी के अनुसार कंडों की आपूर्ति अंतिम संस्कार के लिए भी करते हैं। इसके अलावा शहर में कई गौसेवा संस्थाएं हैं जिनके पास लाखों की संख्या में कंडे उपलब्ध हैं। लोगों को जागरूक होने की जरुरत है।

मनमोहन पंवार

मुलतापी समाचार (संपादक)

ई दैनिक न्‍युज एवं मासिक 9753903839

पत्नी अब भी पति को मानती है भाई, विवाह के चार साल


मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में अनूठे रिश्ते का मामला सामने आया है। जिले के नैनपुर में गांव के एक पीड़ित पति ने पुलिस-परिवार परामर्श केंद्र में आवेदन देते हुए बताया कि शादी को चार साल हो गए, लेकिन उसकी पत्नी उसे करीब नहीं आने देती।

भाई जैसा ही व्यवहार भी करती है पति के साथ

दोनों में चार सालों में कभी भी पति-पत्नी का रिश्‍ता नहीं बन पाया। पीड़ित युवक का कहना है कि उसकी पत्नी उसे पति नहीं बल्कि भाई मानती है और उसके साथ भाई जैसा ही व्यवहार भी करती है।

पत्‍नी ने कुछ दिनों बाद ही बता दिया था कि शादी अपने माता-पिता के दबाव में की

युवक ने परामर्श केंद्र के सदस्यों और अधिकारियों को बताया कि उसकी शादी 2015 में हुई थी हालांकि उसकी पत्नी ने शादी के कुछ दिनों बाद ही यह बता दिया था कि उसने यह शादी अपने माता-पिता के दबाव में की है।

युवक ने पत्‍नी के बारे में यह शिकायत भी की

युवक का कहना था कि इतना ही नहीं उसका कहीं और प्रेम प्रसंग भी रहा है। वहीं युवक का कहना था कि शादी के चार सालों तक वह इसी आशा में जीता रहा कि एक न एक दिन उसकी पत्नी उसकी हो जाएगी, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ।

परिवार परामर्श केंद्र आवेदन देकर पत्नी को समझाइश देने के लिए गुहार लगाई

थक-हारकर उसने परिवार परामर्श केंद्र आवेदन देकर पत्नी को समझाइश देने के लिए गुहार लगाई। केंद्र के अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाइश देते हुए अगली पेशी पर फिर बुलाया है।

सीएम कमलनाथ अधिकारियों से करेंगे चर्चा, समझांगे रोडमैप


भोपाल। मुुुलतापी समाचार Madhya Pradesh Government नए साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री कमलनाथ शुक्रवार को अधिकारियों से रूबरू होंगे। इस दौरान सीएम उनसे पिछले एक साल में हुए कामों के साथ-साथ अगले साल के लक्ष्य और प्राथमिकताओं को लेकर बात करेंगे। इसमें साल 2020 के रोडमैप को लेकर चर्चा भी होगी। बताया जा रहा है कि भू-माफिया को लेकर चलाए जा रहे अभियान के मद्देनजर वे अपनी बात रख सकते हैं। बैठक मंत्रालय में शाम छह बजे से होगी। बैठक में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को बुलाया गया है। इसके बाद वे कुछ अधिकारियों से वन-टू-वन मुलाकात करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री कमलनाथ नए साल की शुरुआत में ही अधिकारियों के साथ बैठक करके यह साफ कर देना चाहते हैं कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या-क्या रहेंगी। ब्यूरोक्रेसी से उनकी अपेक्षाएं क्या हैं और अब तक चलाए गए कार्यक्रमों का फीडबैक क्या रहा, इस पर भी बात होगी। अधिकारियों से शासन-प्रशासन में सुधार के सुझाव भी मांगे जा सकते हैं।

बैठक के मद्देनजर गुरुवार को मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय में तैयारियां चलती रहीं। बताया जा रहा है कि विजन टू डिलीवरी रोडमैप 2025 के क्रियान्वयन को लेकर भी अधिकारियों से बात की जा सकती है। दरअसल, सरकार का पूरा जोर सुशासन पर है। इसके मद्देनजर ही उद्योगों के लिए समयबद्ध स्वीकृति कानून सरकार लाने जा रही है। इसे एक अप्रैल से पहले प्रभावशील करने की तैयारी है, इसलिए अध्यादेश लाया जाएगा।

इसके अलावा कर्जमाफी का अंतिम चरण भी सरकार 2020 में पूरा करने का मन बना चुकी है। दूसरे चरण में कर्जमाफी का सिलसिला शुरू हो गया है। इसमें किसान के बचत खाते में एक लाख रुपए तक की कर्जमाफी दी जा रही है।

मुलतापी समाचार

मप्र में कई स्थानों पर बेमौसम बारिश बैतूल, उमरिया, कटनी, सिवनी, दमोह, बालाघाट में जमकर बरसे ओले, फसलें चौपट


Rain in – Satpuda खेतों में खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही । सब्‍जी भाजी, पत्‍ता गोभी, टमाटर, चना, मटर जैसी फसले अधिक प्रभावित

मुलताई डहुआ। मुलताई तहसील के ग्राम डहुआ में किसान सुरेन्‍द्र पंवार के खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से ओलों की बारिश में चौपट हो गई।

बुधवार की देर रात मौसम का मिजाज बदला और तेज हवा के साथ ओलों की बारिश शुरू हो गई। करीब 30 मिनट तक आसमान से ओले बरसते रहे और उसके बाद तेज हवा के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह दुनावा मंडल के अंतर्गत आने वाले दो दर्जन से अधिक गांवों के खेतों में किसानों को बर्बादी बिखरी नजर आई। पेड़ पौधों की टहनियां जहां टूट गईं वहीं खेतों में लगी फसलें पूरी तरह से जमीन पर बिछ गईं। मुलताई तहसील के ग्राम डहुआ में किसान सुरेन्‍द्र पंवार के खेत में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह से ओलों की बारिश में चौपट हो गई एवं दुनावा क्षेत्र के ग्राम पारबिरोली में ओलों के कारण सबसे अधिक बर्बादी सामने आई है। गुरूवार की सुबह खेतों में लगी सब्जी और अन्य फसलें पूरी तरह से तबाह हो गईं थी। ग्राम पारबिरोली के किसान लक्ष्मण देशमुख ने बताया कि उनके 3 एकड़ खेत में गेहूं की फसल कल तक लहलहा रही थी लेकिन बुधवार की रात हुई ओलों की बारिश ने फसल को पूरी तरह से जमीन पर गिरा दिया है। जब वे अपनी पत्नी के साथ सुबह खेत पहुंचे तो फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछी हुई थी। इसके साथ ही अन्य किसानों के खेतों में भी फसलें इसी तरह बर्बाद मिलीं। दुनावा क्षेत्र के किसान वैसे ही मौसम की मार से तरह तरह की बीमारियों की चपेट में हैं। किसान अपने मक्के की फसल की भरपाई भी नहीं कर पाया था कि गेहूं की फसल बर्बाद होने से किसानों में बड़ी मायूसी छाई हुई है। दुनावा मंडल के ग्राम डहुआ, सिपावा, सोनेगांव, रिधोरा, डहुआ, मोरखा, सांवरी, खैरवानी, छिंदी, खड़कवार समेत अन्य गांवों में ओलावृष्टि से अधिक क्षति पहुंची है। ग्राम डहुआ के किसान सुरेन्‍द्र पवार, ढिमर बुआडे, हेमन्‍त बारंगे, दिनसु बारंगे, मनोज बारंगे एवं पारबिरोली के हेमू देशमुख, कालूराम, गोरेलाल, शिवराज, उदल, रघुनाथ, मुन्नाा, कलसिंग, प्यारे, सुखराम, मंगरया, मेंहग्या समेत अन्य किसानों के खेतों में फसल पूरी बर्बाद हो गई है। किसानों ने जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की गुहार लगाई है।

जबलपुर।  Rain in-Vindhya महाकोशल-विंध्य के जिलों में सर्दी के सितम के साथ बारिश-ओलों ने भी लोगों को हलाकान कर दिया। उमरिया, सिवनी, कटनी, दमोह, नरसिंहपुर, बालाघाट में बुधवार रात बारिश के साथ ही ओलावृष्टि ने फसलों को करीब-करीब चौपट ही कर दिया।

उमरिया के चंदिया में बुधवार रात 8 और फिर 12 बजे जमकर ओले गिरे। हालात यह रहे कि बड़े आकार के यह ओले लगभग 12 घंटे बाद घुल सके। सिवनी के करीब 100 से अधिक गांवों में भी खूब ओले गिरे, जिससे फसलों खासतौर से दलहनी फसलों व सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं बारिश से ठंड भी बढ़ गई है। शीतलहर ने भी लोगों को बेहाल कर रखा है।

खरीदी केंद्रों में पानी-पानी

अलग-अलग जिलों के खरीदी केंद्रों में बारिश से चारों तरफ पानी भर गया। जहां केंद्रों में किसानों की धान भीग कर गीली हो गई, वहीं अब बारिश के कारण कई जगहों पर खरीदी कार्य भी बंद कर दिया गया है।

अनूपपुर में दो दिनों में 161.3 मिमी बारिश

अनूपपुर में दो दिनों में 161.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश थमने तक जिले में कुल धान की खरीदी 1लाख 89 हजार 897 क्विंटल हो चुकी है। डिंडौरी में गुरुवार को भी दिनभर सुबह से रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही। दोपहर में कुछ देर के लिए धूम निकली, जिससे राहत मिली।

बालाघाट: ओलावृष्टि-बारिश के बीच भी खरीदी

पिछले 48 घंटे से जिले में लगातार बारिश हो रही है। इस बीच ओले भी जमकर गिरे। बावजूद इसके कुछ केंद्रों पर धान खरीदी के आंकड़े चौंका रहे हैं। बुधवार को बारिश के बीच बैहर, बिरसा, लांजी, कटंगी, परसवाड़ा समेत कुछ 40 से 50 केन्द्रों में 40 हजार क्विंटल करीब 1 लाख बोरो की खरीदी की जा चुकी है। गुरुवार को धनकोषा, बोथवा केन्द्र में 202 क्विंटल की खरीदी की जा चुकी है।

जिलों में न्यूनतम तापमान

डिंडौरी- 2.0

शहडोल- 3.5

रीवा- 3.8

अमरकंटक- 4.0

अनूपपुर- 6.0

सतना- 8.4

मनमोहन पंवार (संपादक)

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राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान प्राप्त श्री संतोष बिसेन


राष्ट्रीय -अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा राष्ट्रीय आईसीटी अवार्ड और राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड से सम्मानित है श्री संतोष बिसेन

अंतर्राष्ट्रीय सम्मान और अंतरराष्ट्रीय फैलोशिप भी प्राप्त कर चुके हैं श्री बिसेन

आईसीटी में नवाचार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जाने जाते हैं श्री बिसेन
छत्तीसगढ़। जवाहर नवोदय विद्यालय कबीरधाम छत्तीसगढ़ में पीजीटी बायो के पद पर सेवारत श्री संतोष बिसेन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से पुरस्कृत और सम्मानों से सम्मानित हैं।
भारत के महामहिम राष्ट्रपति डॉ प्रणव मुखर्जी के द्वारा आप राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान और राष्ट्रीय आईसीटी सम्मान प्राप्त कर चुके हैं।
साउथ एशिया फ्रेंडशिप कार्यक्रम के तहत एक माह के शैक्षिक भ्रमण हेतु जापान गए भारतीय दल का आपके द्वारा प्रतिनिधित्व भी किया जा चुका है।
हाल ही में आपको अंतरराष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2020 के लिए यूएसए फैलोशिप मिली है। उल्लेखनीय है इसके लिए 20 देशों के 590 शिक्षाविदों द्वारा आवेदन किया गया था जिसमें 38 शिक्षाविदों का चयन किया गया जिसमें श्री बिसेन जी शामिल हैं।

इसके अलावा आपको शैक्षिक कार्टून ,कंप्यूटर एप्लीकेशन आदि क्षेत्रों में समय-समय पर कई राष्ट्रीय स्तर के अन्य सम्मानों से भी सम्मानित किया गया है।

मनमोहन पवार – संपादक

दैनिक वेब पोर्टल एवम मासिक

multapisamachar@gmail.com

9753903839

Petrol Diesel Prices: नए साल के दूसरे दिन महंगा हुआ पेट्रोल, जानें आज की कीमत


नई दिल्ली। नए साल की शुरुआत के दूसरे दिन एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव आया है। साल के पहले दिन जहां कीमतें स्थिर रहीं थी वहीं आज कीमतों में उछाल नजर आया है। बीते साल के आखिरी तीन दिनों में पेट्रोल, डीजल के दामों में इजाफा हुआ था। इस दौरान इन तीन दिनों में दाम 40 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ गए थे। अब एक दिन के ठहराव के बाद कीमतों में फिर उछाल आया है। आज देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 75.25 रुपये लीटर बिक रह है और डीजल के दाम 68.10 रुपए पर हैं। वहीं देश की आर्थिक राजधानी कहलाने वाली मुंबई में पेट्रोल की कीमत में 0.08 पैसे का इजाफा हुआ है।

भोपाल में पेट्रोल की कीमतें

हर दिन पेट्रोल की कीमतों में हो रहे बदलाव के चलते भोपाल में आज पेट्रोल के दाम Rs . 83.01 /Ltr पहुंच गए हैं। इससे पहले भोपाल में आखिरी बार 26 जनवरी, 2019 को पेट्रोल की कीमतों में +0.1 रुपए की बढ़ोतरी देखी गई थी। ऊपर दिए गए पेट्रोल की कीमतों में मध्य प्रदेश राज्य के टैक्स शामिल है। इसके अलावा जानिए भोपाल में पेट्रोल की कीमतों में क्‍या बदलाव हुए हैं।

CBSE में 75 % उपस्तिथि जरूरी, कम उपस्थिति वाले छात्रों को करना होगा यह काम


CBSE (Central Board of Secondary Education) ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में बैठने के लिए 75 फीसदी उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है। CBSE ने इस संबंध में सभी स्कूलों को नोटिस कर दिया है और उन छात्रों की अटेंडेस की गिनती करने को कहा है जो इस साल कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए हिस्सा लेंगे। कम उपस्थिति वाले छात्रों की सूची क्षेत्रीय कार्यालयों तक भेजी जाएगी और आखिरी फैसला 7 जनवरी को या उससे पहले लिया जाएगा। यदि किसी छात्र के पास कम उपस्थिति के पीछे कोई वास्तविक कारण है, तो उसे 7 जनवरी तक बताना होगा। इसके लिए जरूरी दस्तावेज भी पेश करने होंगे। सर्कुलर के अनुसार, ऐसे किसी केस पर 7 जनवरी के बाद विचार नहीं किया जाएगा।

इस साल से लागू होंगे ये नए नियम

सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं में 2020 से कई नए नियम लागू होंगे, जिनमें प्रश्नों की संख्या कम करना भी शामिल है। प्रश्न पत्र में रॉट मेमोराइजेशन आधारित प्रश्नों के बजाए 33 प्रतिशत विकल्प और हायर ऑर्डर थिंकिंग पर अधिक प्रश्न होंगे। थ्योरी की परीक्षाएं 100 अंकों के बजाय, 80 अंकों की होगी। जहां प्रैक्टिकल असेसमेंट नहीं है, वहां इंटरनल असेसमेंट कुल 20 अंकों तक होगा।.

जनता त्रस्‍त -जेसीबी बुलाकर खोदे गए गड्ढे को भरने का कार्य किया गया


सारणी। नगर के युवकों ने बताया कि आपस में जन सहयोग करके जेसीबी बुलाकर खोदे गए गड्ढे को भरने का कार्य किया गया है। इस गड्ढे में लगातार दुर्घटना हो रही थी। इस वजह से इसे जन सहयोग से भरवाया गया। जल्द ही कलेक्टर,एसडीएम से मुलाकात कर लक्ष्मी इंजीनियरिंग कंपनी के द्वारा जल आवर्धन योजना के कार्य की जांच की मांग की जाएगी।

एक अरब एक करोड़ों रुपए की लागत से शहर में लक्ष्मी इंजीनियरिंग कंपनी के द्वारा जल आवर्धन का कार्य किया जा रहा है। संबंधित कंपनी ने जगह-जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिया गया है। जिसके कारण लोगों को आवागमन में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिसे देखते हुए नगर वासियों ने जल आवर्धन द्वारा खोदे गए गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है। सारणी के स्टेडियम के बगल में बाजार चौक जाने वाले मार्ग पर जल आवर्धन के द्वारा दो माह पूर्व गड्ढा खोदकर पाइप गाड़ा गया और उसे वैसा ही छोड़ दिया गया। जिसे देखते हुए बब्लू खान सहित अन्य लोगों के द्वारा जन सहयोग से धनराशि एकत्रित करके खोदे गए गड्ढे को भरने का कार्य किया गया है। अब आश्चर्य की बात तो यह है कि जब जल आवर्धन का काम करने वाली लक्ष्मी इंजीनियरिंग कंपनी को उनके द्वारा खोदे गए गड्ढे को यथावत भर के देना है। तो फिर दो-दो माह तक गड्ढों को खोदकर क्यों छोड़ा जा रहा है।गड्ढे खोदकर छोड़ देने के कारण दुर्घटनाएं हो रही है।

lic Agent Pandhurna