मोक्षधाम से अतिक्रमण हटाया


नगर पालिका अधिकारी द्वरा कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाते हुए

जेसीबी से कच्चे पक्के निर्माण को हटाया

चांदामेटा. नगर के वार्ड क्रमांक तीन स्थित मोक्षधाम के आसपास शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाया गया। अतिक्रमण हटाने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल, नगर पंचायत के कर्मचारी और महिला पुलिस की उपस्थिति रही। नगर पंचायत ने इससे पहले अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे का नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने कहा गया लेकिन नोटिस दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। जिसके चलते जेसीबी से कच्चे पक्के निर्माण को तोडक़र अतिक्रमण हटाया गया।
तहसीलदार वीर सिंह धुर्वे, थाना प्रभारी के एस परते, सीएमओ आरके शर्मा और पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व की भूमि पर बने कच्चे पक्के अतिक्रमण तोड़े गए। मकान तोडऩे से पहले सीमेंट शीट खिडक़ी दरवाजे आदि जब्त किए गए उसके बाद जेसीबी से मकान ढहाया गया। कुछ महिलाओं ने तहसीलदार से मकान न तोडऩे की गुहार लगाई और समय मांगते हुए स्वयं अतिक्रमण हटाने की बात कही। इससे पहले 31 दिसंबर 2019 को वार्ड नंबर 3 के निवासियों ने नगर पालिका अध्यक्ष से अतिक्रमण की शिकायत की थी।
शनिवार को नगर पालिका परासिया एवं राजस्व अमले की सहायता से अवैध कब्जा को हटाया गया। तहसीलदार वीर बहादुर धुर्वे ने बताया कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वाले कब्जाधारियों को हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी।

दिव्यांग बालक का नहीं बना आधार कार्ड..डॉक्टरों ने बताया 95 फीसदी


  • दिव्यांग,भटक रहे अभिभावक छिंदवाड़ा/मशीन पर फिंगर प्रिंट न आने से एक दिव्यांग मासूम का आधार कार्ड अब तक नहीं बन सका है। इसको लेकर उसके परिजन सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। डॉक्टरों ने उसे 95 फीसदी तक दिव्यांग घोषित किया है।बिछुआ विकासखण्ड के ग्राम खमरा के रहनेवाले राजकुमार साहू का पांच साल का बेटा ईशव दिव्यांग है। हाथ-पैर से विकलांगता के साथ मानसिक स्थिति भी सहीं न होने पर जिला अस्पताल की मेडिकल टीम ने उसे अनफिट घोषित किया है। इस मासूम के फिंगर प्रिंट आधार कार्ड जनरेट करने वाली मशीन में नहीं आ रहे हैं। इससे योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी आ रही है। उसके परिजन इस बालक को साथ में लेकर अपर कलेक्टर राजेश शाही के पास जनसुनवाई में पहुंचे और इसका हल निकालने की बात कहीं।बालक के पिता ने बताया कि 95 फीसदी विकलांग होने के बावजूद वह किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा से वंचित है। वह न बोल पाता है,न सुन पाता है और ना ही कुछ समझ पाता है। जन्म से ही पोलियोग्रस्त होने से बिस्तर में ही पड़ा रहता है। यदि उसका आधार कार्ड बन गया तो उसका अच्छे से लालन पालन हो सकेगा।