13 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा, खापा खतेड़ा के तिहरे हत्याकांड


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बैतूल। जिले के आमला क्षेत्र में 9 सितम्बर 2006 की  शाम को 3 लोगो की हत्या करने वाले 13 आरोपियों को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है । जानकारी के अनुसार इस दिन शाम  5 से 6 के बीच आरोपीगण ने  कुल्हाड़ी आदि हथियार से ममता, गणेश, और श्री के ऊपर जानलेवा हमला कर उनकी जघन्य तरीके से हत्या कर दी थी। घटना के बाद  फरियादी रामभरोस ने पुलिस में  रिपोर्ट लेख कराई  थी। जिस पर  माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश द्वारा आरोपीगणों का धारा 302 भादवि एवं धारा 307 भादवि में दोष सिद्ध पाया गया ।  ममता, गणेश और श्री की हत्या के अपराध में 13 आरोपी  जगदीश, सुशील, राजू,कन्हैया, नेपाल,गणेश, सुभाष,दिनेश, संतोष, बद्री,सोनू, गोलू व एक अन्य को आजीवन कारावास की सजा तथा सभी  को 4 हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

महिला की 5 दिन पुरानी लाश मिली हर्राढाना के जंगल मे


महिला की लास को पोस्टमार्टम के लिए जाते हुए

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टी आई राजेन्द्र धुर्वे ने बताया कि अज्ञात महिला की चार पांच दिन पुरानी लाश जंगल मे मिली है पोस्टमार्टम के लिए शव को पंहुचाया है

बैतूल- जंगल में मिली अज्ञात महिला की लाश कोतवाली थाना क्षेत्र का मामला हर्राढाना के पास जंगलों में लकड़िया बिन रहीं महिलाओं को अज्ञात लाश पड़ी मिली महिलाओं ने तुरंत फॉरेस्ट विभाग के डिप्टी रेंजर को सूचना दी डिप्टी रेंजर द्वारा डायल 100 को सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया गया जिन्होंने महिला की लाश को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है महिला की लाश काफी पुरानी बताई जा रही है और अंदाज महिला की उम्र 30 से 35 वर्ष होना बताया गया है

साउथ कोरिया की तर्ज पर स्कूलों में होगी पढ़ाई


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जबलपुर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नई शिक्षा सत्र से कक्षा पहली से दसवीं तक के स्कूलों में साउथ कोरिया की तर्ज पर पढ़ाई कराने का निर्णय लिया गया है वह प्रयोग पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा नई प्रणाली के तहत शिक्षकों को किताबों के साथ-साथ विषय का प्रयोग करके भी अपनों को बताना होगा उल्लेखनीय है कि साउथ कोरिया की शिक्षा प्राणी को दुनिया की सबसे अच्छी प्रणाली माना जा रहा है इस शिक्षा प्रणाली का अध्ययन करने के लिए शिक्षा मंत्री सहित प्राचार्य ने साउथ कोरिया का दौरा किया था स्कूल शिक्षा विभाग नई नई शिक्षा तथा साउथ कोरिया की तर्ज पर पढ़ाई कराने का निर्णय लिया है इस पायलट प्रोजेक्ट में प्रदेश के स्कूल शामिल किए जा रहे हैं शिक्षा विभाग ने स्कूलों की चयन का काम शुरू कर दिया है इस सिस्टम के तहत शिक्षकों को जोड़ी के साथ उस विषय का प्रयोग करके भी बताना होगा इस सिस्टम को स्टीम माड्यूल कहा जाता है इसके तहत विज्ञान तकनीकी शिक्षा इंजीनियरिंग कला और गणित विषय शामिल हैं स्कूल शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम तैयार करने का काम शुरू कर दिया है

Manoj Agrwal

News editor

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बेटे की चाह में पति ने प्रेग्नेंट पत्नी का गला घोटा फिर टुकड़े-टुकड़े कर आटा चक्की में पीसा


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मडर

आरोपी ने अपनी 27 वर्षीय गर्भवती पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी जिसके बाद उसने शव के टुकड़े कर उसे आटा चक्की में पीस दिया और फिर आग लगा दी. इसके बाद उसने शहर के बाहरी इलाके में जाकर अवशेषों को फेंक दिया.

रायबरेली. उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की बर्बरता से हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने अपनी 27 वर्षीय गर्भवती पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी जिसके बाद उसने शव के टुकड़े कर उसे आटा चक्की में पीस दिया और फिर आग लगा दी. इसके बाद उसने शहर के बाहरी इलाके में जाकर अवशेषों को फेंक दिया.

जानकारी के मुताबिक यह हत्या 4 जनवरी को हुई थी, लेकिन मंगलवार को इस घटना की खबर सामने आई. जब मृत महिला उर्मिला की बड़ी बेटी, अपने नाना के घर पहुंची तो उसने वहां इस पूरी घटना के बारे में बताया. बेटी द्वारा घटना के बारे में जानकारी देने के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत की जिस पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने आरोपी पति रवींद्र कुमार (35) को गिरफ्तार कर लिया.
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महिला के परिवार द्वारा शिकायत के बाद…
मामले में सीओ विनीत सिंह ने कहा कि महिला के परिवार द्वारा शिकायत के बाद, एक टीम ने रवींद्र के घर का दौरा किया और नजदीकी डीह पुलिस थाने को सूचित किया. पुलिस ने महिला का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन विफल रही. उन्होंने बताया कि 10 जनवरी को, मृत महिला उर्मिला की बहन विद्या देवी डीह पुलिस स्टेशन पहुंची और रवींद्र के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई.

वहीं सीओ विनीत सिंह ने ये भी बताया कि आरोपी रवींद्र कुमार ने 4 जनवरी को यूपी 112 को डायल कर पुलिस को सूचित किया था कि उसकी पत्नी उर्मिला गायब है.

डायबिटीज के मरीजों के लिए बेस्ट है फाइबर युक्त आहार


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आजकल ज्यादातर लोग डायबिटीज यानी शुगर की समस्या का सामना कर रही है डायबिटीज के मरीजों को शुगर कंट्रोल में रखने के लिए प्रतिदिन दवाइयों का सेवन करना पड़ता है कई बार खान-पान में अनियमितता के कारण शुगर लेवल कम नहीं होता और शरीर शिथिल होने लगता है डायबिटीज के मरीजों को कई चीजों में काफी सावधानी बरतना आवश्यक होता है जिनमें खान-पान के प्रति अलर्ट रहना मुख्य है. मेथी के दाने बेहतर विकल्प है डायबिटीज के मरीजों के लिए मेथी के दाने का सेवन करना भी चिकित्सक वेस्ट विकल्प बता रहे हैं मेथी के दाने यह मेथी की पत्तियों में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है जिसका सेवन करने से शुगर कंट्रोल में रहती है. अलसी के बीज का भी सेवन करना बेस्ट है अलसी के बीज का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतर माना जा रहा है डॉक्टर राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होते हैं जब शरीर में शुगर लेवल बढ़ता है तो कई प्रकार की बीमारियां गिरने लगती हैं मरीज खुद को ठगा महसूस करने लगता है और उसमें चिड़चिड़ापन भी आने लगता है वैसे ही वही सुगर कंट्रोल करना बहुत जरूरी होता है लेकिन अंग्रेजी दवाइयों का अधिक सेवन करना नुकसानदायक भी होता है रेती में प्रतिदिन अलसी के बीजों का सेवन करना बेस्ट है जिसे शुगर लेबल कंट्रोल में रहता है साथ ही हार्ट अटैक होने का खतरा भी कम हो जाता है चिकित्सकों का कहना है कि अलसी के बीज प्रेत से जुड़ी समस्याओं के को दूर करने में भी काम करते हैं. दवाइयों के अधिक सेवन से हो सकता है साइड इफेक्ट रिटायर्ड बीएमओ डॉ अखिलेश त्रिपाठी का कहना है की दवाइयों का नियमित सेवन करने से शुगर कंट्रोल तो की जा सकती है लेकिन इन दवाइयों से आगे चलकर बहुत सारे साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं शुगर के मरीजों को चाहिए कि वे खानपान में लापरवाही न करें और चार्ट को चालू करें अगर डायबिटीज के मरीज अपने खाने में फाइबर युक्त आहार को शामिल करते हैं तो शुगर लेवल कंट्रोल में रह सकता है इसके अतिरिक्त फाइबर युक्त आहार का सेवन करने से अन्य बीमारियों से भी बचा जा सकता है आई बहार बॉडी को एनर्जी देने का काम भी करते हैं शुगर कंट्रोल करने में मददगार है राजमा चिकित्सकों का मानना है कि अगर समय से परहेज न किया जाए और शुगर को कंट्रोल ना किया जाए तो मरीज को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे-जैसे शुगर की मात्रा सजनी बढ़ती है वैसे-वैसे शरीर दुर्बल होता जाता है वह कमजोरी आती है ऐसे में डायबिटीज को स्वास्थ्य के प्रति अलर्ट रहना आवश्यक है शुगर कम करने में फाइबर युक्त आहार वरदान साबित होते हैं राजमा बींस अलग-अलग छिलके वाली दाल में भरपूर मात्रा में फाइबर व प्रोटीन मौजूद होते हैं शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए इसका सेवन करना उत्तम है

MP: एसिड की बिक्री पर रोक, खुले में नहीं बेच सकते व्यापारी दुकानदार, अभियान चलाएगी सरकार


Acid botal open shop in not for sel

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस संबंध में ट्वीट कर कहा है कि मध्‍य प्रदेश में ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं हैं।

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मप्र/भोपाल। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण अभिनीत फिल्म ‘छपाक” को टैक्स फ्री करने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश में खुलेतौर पर एसिड (तेजाब) की बिक्री पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि एसिड अटैक सर्वाइवर पर बनी फिल्म को टैक्स फ्री करना ही काफी नहीं है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता के साथ कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने पूरे प्रदेश में एसिड की खुले में बिक्री को लेकर अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टि्वटर पर लिखा है कि प्रदेश में किसी भी बहन-बेटी पर एसिड अटैक की घटनाओं की रोकथाम के लिए खुले में एसिड की बिक्री पर नियंत्रण और अंकुश बेहद जरूरी है। उन्होंने लिखा है कि ऐसी घटनाएं कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। ऐसी घटना सामने आने पर जिम्मेदारी भी तय होगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा भी मिलेगी।

इधर खुलेआम बिक्री पर हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

मप्र में एसिड की खुले आम बिक्री का मामला गुरुवार को मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में भी उठा। हाई कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर पूछा कि बाजार में खुलेआम एसिड कैसे बिक रहा है? एसिड बेचने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? इस बारे में सरकार से 16 मार्च तक जवाब मांगा गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह नोटिस एसिड अटैक पीड़िता की ओर से दायर जनहित याचिका पर दिया। याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट शन्नो शगुफ्ता खान पैरवी कर रही हैं।

मध्‍य प्रदेश के पूर्व एडीजी को बेरोजगारों से धोखाधड़ी में पांच साल की जेल

यह हैं एसिड बिक्री के नियम

-18 साल से कम उम्र के किसी व्यक्ति को एसिड नहीं बेचा जा सकता।

-एसिड व्यापारी खरीदने आए हर ग्राहक से पूछें कि उसे यह क्यों चाहिए?

-व्यापारी हर ग्राहक का पहचान पत्र भी अनिवार्य रूप से ले।

-जो विक्रेता नियमों का पालन नहीं करें उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना

फिर भी 30 रुपये लीटर में खुले आम हो रही बिक्री

उक्त नियमों के बाद भी मप्र के बाजारों में खुलेआम 30 रुपये लीटर में एसिड बिक रहा है। याचिकाकर्ता के वकील ने खुद बाजार का सर्वे किया। 50 से ज्यादा दुकानदार बिना किसी पहचान पत्र और पूछताछ के एसिड देने को तैयार हो गए।

पीड़िता की दोनों आंखों की चली गई थी रोशनी

एडवोकेट खान ने बताया कि याचिकाकर्ता इंदौर की एक युवती पर नवंबर 2018 में एक युवक ने एसिड फेंका था। इससे उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। वह पीड़िता पर शादी के लिए दबाव बना रहा था। पीड़िता का अभी हैदराबाद में इलाज चल रहा है। आरोपित जेल में है।

प्रदेश में ऐसिड ( तेज़ाब ) की खुले में बिक्री पर नियंत्रण व अंकुश होना बेहद ज़रूरी,इसके लिये प्रदेश भर में एक अभियान चलाने के आवश्यक निर्देश जारी किये गये है

नई पहल: Email या WhatsApp के द्वारा भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की अब आमजन सीधे एसपी से करें गोपनीय शिकायत


Pulish विभाग ने की नई पहल लगाई पुलिस शिकायत पेटिका WhatsApp or Email के जरिए

मुलतापी समाचार :

भ्रष्टाचार (Corruption) में लिप्त और अपराधियों से सांठगांठ (Association with criminals) रखने वाले पुलिसकर्मियों (Policemen) के खिलाफ अब आमजन पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) को गोपनीय शिकायत (Confidential complaint) कर सकेंगे. इन शिकायतों की जांच पुलिस अधीक्षक खुद करेंगे.

बाड़मेर । मुलतापी समाचार. भ्रष्टाचार (Corruption) में लिप्त और अपराधियों से सांठगांठ (Association with criminals) रखने वाले पुलिसकर्मियों (Policemen) के खिलाफ अब आमजन पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) को गोपनीय शिकायत (Confidential complaint) कर सकेंगे. इन शिकायतों की जांच पुलिस अधीक्षक खुद करेंगे. प्रदेशभर में लागू किए जाने वाले इस मॉडल की बाड़मेर जिले (Barmer ) में शुरुआत कर दी गई है. शिकायत WhatsApp नंबर और ई-मेल (E-mail) के जरिए की जा सकेगी. वहीं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इसके लिए शिकायत पेटी (Complaint box) भी लगाई गई है. आमजन शिकायत लिखकर उसके जरिए भी पुलिस अधीक्षक तक अपनी बात को पहुंचा सकेंगे.

पुलिस मुख्यालय ने जारी किए हैं आदेशपुलिस अधीक्षक शरद चौधरी ने बताया अब आमजन किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार और उसकी अपराधियों से सांठगांठ से जुड़ी गोपनीय शिकायत कर सकते हैं. हाल ही में पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को इस संबंध में आदेश जारी किया है. पुलिस का कोई भी जवान या अधिकारी किसी आमजन को परेशान कर रहा है या किसी अपराध या भ्रष्टाचार में लिप्त हैं तो उसकी गुप्त रूप से पुलिस अधीक्षक को शिकायत कर सकते हैं. इसमें परिवादी को अपने नाम-पते का खुलासा करना जरूरी नहीं है. ये WhatsApp और ई-मेल एकाउंट एसपी द्वारा ही हैंडल किया जाएगा. शिकायत कांस्टेबल से लेकर जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी की भी की जा सकती है.

पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी ने बताया अब आमजन किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार और उसकी अपराधियों से सांठगांठ से जुड़ी गोपनीय शिकायत कर सकते हैं. हाल ही में पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को इस संबंध में आदेश जारी किया है. पुलिस का कोई भी जवान या अधिकारी किसी आमजन को परेशान कर रहा है या किसी अपराध या भ्रष्टाचार में लिप्त हैं तो उसकी गुप्त रूप से पुलिस अधीक्षक को शिकायत कर सकते हैं. इसमें परिवादी को अपने नाम-पते का खुलासा करना जरूरी नहीं है. ये WhatsApp और ई-मेल एकाउंट एसपी द्वारा ही हैंडल किया जाएगा. शिकायत कांस्टेबल से लेकर जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी की भी की जा सकती है.

पुलिस मुख्यालय में बाड़मेर एसपी ने रखा था सुझाव

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इसके लिए सभी जिला मुख्यालयों के पुलिस अधीक्षकों को व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी जारी किए गए हैं. इसके अलावा परिवादी पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आगे लगाई गई शिकायत पेटी में शिकायत-पत्र भी डाल सकते हैं. गौरतलब है कि बाड़मेर पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी ने इस पहल का सुझाव पुलिस मुख्यालय में रखा था और सबसे पहले शुरुआत भी बाड़मेर पुलिस द्वारा की गई है.

कोटा में हाल ही में की गई है कार्रवाई

पुलिसकर्मियों के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले तो आए दिन सामने आते ही रहते हैं. वहीं अपराधियों से सांठगांठ का एक बड़ा मामला हाल ही में कोटा में सामने आया है. यहां अपराधियों से पुलिसकर्मियों की सांठगांठ सामने आने पर पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है. ये पुलिसकर्मी कोटा में गैंगवार में एक हिस्ट्रीशीटर की दिनदहाड़े की गई हत्या के बाद एक गैंग के सदस्यों के साथ पार्टी कर रहे थे. इस पार्टी के फोटो बाहर आने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

अलवर में उजागर हुई थी सांठगांठ

वहीं इससे पहले अलवर के बहरोड़ थाने में कुख्यात अपराधी बिक्रम उर्फ पपला को भगाने के लिए बदमाशों द्वारा थाने पर AK-47 जैसे खतरनाक हथियारों से किए हमले में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत उजागर हुई थी. उस मामले में पुलिस मुख्यायल ने दो पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने के अलावा कइयों को सस्पेंड किया था. वहीं पूरा बहरोड़ थाना लाइन हाजिर कर दिया गया था.

Ayushman Bharat योजना : उज्जैन के गुरुनानक अस्पताल में 539 महिलाओं का किया गर्भपात


म.प्र.उज्जैन/मुलतापी समाचार। 

Ayushman Bharat Scheme आयुष्मान भारत योजना की राशि के लिए महिलाओं का जबरन ऑपरेशन कर यूट्रस (गर्भाशय) निकालने के मामले में मध्य प्रदेश के उज्जैन के गुरुनानक अस्पताल के डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर की तैयारी है। मामले में गठित जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा जरूरत नहीं होने पर भी महिलाओं के गर्भाशय निकाले गए। आयुष्मान भारत के सीईओ जे. विजय कुमार ने ज्वाइंट डायरेक्टर उज्जैन की रिपोर्ट पर अवैध इलाज करने, धोखाधड़ी और फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने का केस दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं।

मामला दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में सामने आया था। अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगा था कि उसने आयुष्मान भारत योजना की राशि के लिए 99 दिनों में 539 महिलाओं के गर्भाशय निकाले। इसमें कई गैर जरूरी ऑपरेशन शामिल हैं। योजना की मॉनिटरिंग करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी ने यह धांधली पकड़ी थी।

इधर, गुरुनानक अस्पताल के निदेशक डॉ. उमेश जेठवानी के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के तहत सारी कार्रवाई ऑनलाइन की जाती है। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयुष्मान योजना की ओर से सहमति पत्र मिलते हैं। मरीज की अस्पताल से छुट्टी होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया होती है। महिलाओं के ऑपरेशन से संबंधित दस्तावेजों में अनियमितताएं नहीं की गई।

जबलपुर के मेट्रो हॉस्पिटल में भी गड़बड़ी की शिकायत मिली है। अस्पताल ने कई मरीजों से योजना में तय पैकेज की राशि लेने के बावजूद ऊपर से भी पैसे लिए। कई मरीजों ने इसकी शिकायत स्टेट हेल्थ एजेंसी से की है। आयुष्मान भारत योजना की कार्यपालन अधिकारी सपना एम. लोवंशी ने बताया कि अस्पताल पर कार्रवाई को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। इसमें अस्पताल पर जुर्माना लगना तो तय है। एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।