सुप्रीम कोर्ट : निजी संपत्ति पर कब्जा करने वाला उसका मालिक नहीं हो सकता


Supreme Court

नई दिल्ली। मुलतापी समाचार न्यूज़ नेटवर्क

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में व्यवस्था दी है कि किसी संपत्ति पर अस्थायी कब्जे करने वाला व्यक्ति उस संपत्ति का मालिक नहीं हो सकता। साथ ही टाइटलधारी भूस्वामी ऐसे व्यक्ति को बलपूर्वक कब्जे से बेदखल कर सकता है, चाहे उसे कब्जा किए 12 साल से अधिक का समय हो गया हो। 

शीर्ष कोर्ट ने कहा कि ऐसे कब्जेदार को हटाने के लिए कोर्ट की कार्यवाही की जरूरत भी नहीं है। कोर्ट कार्यवाही की जरूरत तभी पड़ती है जब बिना टाइटल वाले कब्जेधारी के पास संपत्ति पर प्रभावी/ सेटल्ड कब्जा हो जो उसे इस कब्जे की इस तरह से सुरक्षा करने का अधिकार देता है जैसे कि वह सचमुच मालिक हो।

जस्टिस एनवी रमणा और एमएम शांतनागौडर की पीठ ने फैसले में कहा कि कोई व्यक्ति जब कब्जे  की बात करता है तो उसे संपत्ति पर कब्जा टाइटल दिखाना होगा और सिद्ध करना होगा कि उसका संपत्ति पर प्रभावी कब्जा है। लेकिन अस्थायी कब्जा (कभी छोड़ देना कभी कब्जा कर लेना या दूर से अपने कब्जे में रखना) ऐसे व्यक्ति को वास्तविक मालिक के खिलाफ अधिकार नहीं देता। कोर्ट ने कहा प्रभावी कब्जे का मतलब है कि ऐसा कब्जा जो पर्याप्त रूप से लंबे समय से हो और इस कब्जे पर वास्तविक मालिक चुप्पी साधे बैठा हो। लेकिन अस्थायी कब्जा अधिकृत मालिक को कब्जा लेने से बाधित नहीं कर सकता। 

पीठ ने कहा कि संपत्ति पर कभी कभार कब्जा कर लेना या उसमें घुस जाना, जो स्थायी कब्जे में परिपक्व नहीं हुआ है, उसे वास्तविक मालिक द्वारा हटाया जा सकता है और यहां तक कि वह आवश्यक बल का भी प्रयोग कर सकता है। कोर्ट ने कब्जेदार का यह तर्क भी ठुकरा दिया कि लिमिटेशन एक्ट, 1963 की धारा 64 के तहत मालिक ने कब्जे के खिलाफ 12 वर्ष के अंदर मुकदमा दायर नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि यह समय सीमा प्रभावी / सेटल्ड कब्जे के मामले में ही लागू होती है और अस्थायी कब्जे के मामले में नहीं। 

यह है मामला
बाड़मेर में पूनाराम ने जागीरदार से 1966 में कुछ संपत्ति खरीदी थी जो एक जगह नही थी। जब संपत्ति के लिए स्वामित्व घोषणा का वाद दायर किया गया तो कब्जा मोतीराम के पास मिला। मोतीराम कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया और ट्रायल कोर्ट ने सपंत्ति पर मकान बनाने के लिए पास किए नक्शे के आधार पर मोतीराम को 1972 में बेदखल करने का आदेश दिया। मोती हाईकोर्ट गया और राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला पलट दिया। इसके खिलाफ मालिक सुप्रीम कोर्ट आया था। 

पवार समाज संगठन को मजबूत बनाने हेतु गांव गांव कर रहे अमं‍त्रीत


ग्राम ऐनस में युवा पवार सगठन द्वारा राजा भोज कार्य क्रम का प्रचार प्रसार करते हुए

मुलतापी समाचार

बैतुल मे आयोजित होने वाली राजाभोज जयंती शोभायात्रा का गांव गांव में युवा पवार सगठन द्वारा कार्य क्रम का प्रचार प्रसार करते हुए और समाज को मजबुत बनाने कि बात कहते हुए दिनांक 28 जनवरी 2020 का आमंत्रण पत्र देकर ग्राम – नयेगांव, एनस, नेरगुड़, बरई, सेन्द्रीया,माथनी मुलताई मे पवार बंधुओं को आने के लिए और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिएआमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम दिनांक – 28/01/2020,दिन – मंगलवार, स्थान – सुबह 10:00 बजे शोभायात्रा प्रारंभ, राजाभोज चौक, कोठीबाजार पेट्रोल पंप, बैतुल शुभारंभ हो कर पवार मंगल भवन तक पहुंचेगी।

राजेश बारंगे ने बताया की युवाओ की यह पहल सामाजिक कार्य निश्चित ही बैतूल में पंवार में एकता लाएगी, जिसमे लोगो को घर घर जाकर निमंत्रण दिया जा रहा है ि‍जिसमें संजीव भैया, आशीष भाई, राहुल भैया, चेतन भैया,जीवन भैया एवम सभी सक्रिय समाजसेवी को साधुवाद दिया ।

संजय कुमार बोबडे द्वारा बहुत सराहनीय कार्य , हमारे समाज के लिए यह बहुत गौरव की बात है ,जो इतने तेजस्वी ,युवा भाई ,समाज की एकता के लिए , हमेशा तैयार रहते है उदबोधन देकर समाज सेवकोंं होसला बढाया।

पवार समाज महिला संगठन की बैठक हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम हेतु


मुलताई :आज क्षत्रिय पवार समाज संगठन की मातृशक्ति द्वारा हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम आयोजित करने हेतु बैठक की गई।जिसमे समाज की उपस्‍थ्‍ति‍ महिलाओं द्वारा तय किया गया की आगामी 22 जनवरी 2020 दिन बुधवार, को मेघनाथ मोहल्ला पवार भवन मुलताई में हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा की जानकारी प्रदान की गई।

साथ ही आज क्षत्रिय पवार महिला मंडल महू द्वारा आयोि‍जित हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम आयोजन संपन्‍न हुआ ।

पवार महिला मंडल हल्दि कुमकुम का आयोजन करते हुए महु

चित्र में ये शामिल हो सकता है: 17 लोग, लोग खड़े हैं और बच्चा

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मुलताई ताप्‍ती क्रिकेट २०२० का खिताब रायसेन टीम के नाम


मुलताई : ताप्‍ती क्रिक्रट 2020 का खिताब पुरस्‍कार विजेता टिम को देते हुुए मंत्री पांसे , एवं सुमीत सिवहरे एवं सहयोगी टीम के साथ

रायसेन और नागपूर क्रिकेट टीम के बीच रोमांचक मुकाबला संमपन्‍न हुआ मारी बाजी

मुलताई समाचार

रविवार नागपुर टीम तथा रायसेन क्रिकेट टीम के बीच फाइनल मैच खेला गया जिसमें रायसेन बाजी मार्कर 100000 नगद पुरस्कार अपने नाम कर लिया। पुरस्कार की राशि कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे द्वारा विजेता टीम को वितरित की गई द्वितीय पुरस्कार 50000 का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया उप विजेता टीम को। इस दौरान मैच को देखने के लिएनगर एवं ग्राम सहित आसपास के नगरों से भी बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों ने पहुंचकर टीमों का हौसला बढ़ाया। आज का फाइनल मुकाबला उत्कृष्ट विद्यालय हाई स्कूल ग्राउंड के मैदान में खेला गया जिसमें दर्शकों की भीड़ मैदान के चारों तरफ से क्रिकेट के शौकीन  दर्शकों से खचा खच भरा दिखा। सुखदेव पांसे फैंस क्‍लब द्वारा आयोजित टेनिस बाल क्रिकेट मैच के व्‍यापक प्रचार-प्रसार के कारण रविवार फाइनल मैच देखने का लोंगों में जमकर उत्‍साह नगर आया तथा सुबह से ही मैदान पर चारों तरफ भीड नजर आई। दोनों टीमों के बीच टास के बाद बैंटिंग रायसेन की टीम ने करते हुए १२ ओवर में १०७ रन बनाते हुए नागपूर टीम के सामने जीतने के लिए १०८ रनों का लक्ष्‍य रखा गया। हालांकि नागपूर टीम की बालिंग से रायसेन टीम ज्‍यादा बड़ा लक्ष्‍य तो सामने नही रख सकी लेकिन फिर भी यह लक्ष्‍य नागपूर टीम के लिए चुनौती बन गया। इधर नागपूर टीम पुरजोर कोशिश के बावजूद लक्ष्‍य तक पहुंचने में नाकामयाब रही और १०१ रन बनाकर आल आऊट हो गई जिससे जीत का ताज रायसेन टीम के सर बंधा और उन्‍हे एक लाख रूपए का नगद बडा पुरूस्‍कार अपने नाम कर लिया।

मैच के आयोजक सुखदेव पांसे फैंस क्‍लब के सुमित शिवहरे, विक्‍की धोपाडे तथा अतिक चौहान ने बाताया कि क्रिकेट मैंच को क्रिकेट प्रेमियों का व्‍यापक प्रतिसाद मिला जिससे इतने बड़े स्‍तर, पर मैच का आयोजन संपन्‍न हो सका। उन्‍होंने कहा कि नागपूर एवं रायसेन का फाइनल मैच किकेट मैच टीमोंके शानदार प्रदर्शन तथा लोगों के उत्‍साह के कारण सर्वर्णीम इतिहास रच गया।

मंत्री पांसे ने कहा छोटे छोटे खेल के मैदानों से उभरती है प्रतिभा

नगर में खेलों के प्रति लोंगों का रूझान बढ़ाने के लिए जो प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है यह एक सार्थक पहल है क्‍योंकि छोटे कस्‍बों एवं नगरों से ही प्रति‍भाएं उभरकर निकलती है जो बाद में राष्‍ट्रीय तथा अंतराष्‍ट्रीय स्‍तर पर नाम रोशन करती है। पीएचई मंत्री पांस ने हाईस्‍कूल मैदान पर आयोजित फाइनल मैच के दौरान खिलाडियों के उत्‍साह वर्धन करते हुए व्‍यक्‍त किए। पांसे ने कहा की ग्रामीण अंचलों में भी प्रतिभाओं की भरमार है जिसके लिए बस उन्‍हें अवसर देने की आवश्‍यकता है इसलिए वे प्रयास करेंगे कि अधिक से अधिक प्रतियोंगिताओं का अयोजन हो सके जिससे उत्‍कृष्‍ट खिलाडी उभरकर सामने आकर नगर साहित क्षेत्र एवं जिले का नाम रोशन कर सकें।    

मनमोहन पंवार

(संपादक)

मुलतापी समाचार

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बैराज की डिजाइन बने बिना ही ठेकेदार को कर दिया करोड़ों की राशि भुगतान


गढ़ा बांध के मामले में जल संसाधन विभाग के अफसरों की भूमिका पर उठ रहे सवाल

बैराज बनाने के लिए तय नहीं हो पाए स्थान, ठेका कंपनी पर सर्वे करने की दे दी जिम्मेदारी

जन्‍ता का पैसा बहा रहे अफसर

बैतूल। मुलतापी समाचार न्‍यूज नेटवर्क

जिले में माचना नदी पर बनाए जाने वाले गढ़ा बांध के मूल स्वरूप(स्कोप ऑफ वर्क) में बदलाव कर आधा दर्जन से अधिक बैराज का निर्माण करने की योजना से विवाद शुरू हो गया है। जल संसाधन विभाग के अफसर इस बदलाव के पीछे शासन की मंशा का हवाला दे रहे हैं लेकिन जब कांग्रेस के कद्दावर नेताओं ने ही विभाग के अफसरों को कटघरे में खड़ा करना शुरु कर दिया तो उनके साथ दर्जनों गांवों के लोग भी जुट गए हैं। कांग्रेस नेताओं का सीधा आरोप है कि जब बांध के स्थान पर बैराज बनाने की न तो जगह तय हुई है, न तो उनका साइज तय किया गया और न ही उनकी डिजाइन अभी तक शासन से स्वीकृत हो सकी है, तब ठेकेदार को करोड़ों का भुगतान आखिर किस मंशा से कर दिया गया है।

गढ़ा बांध के निर्माण की आवाज मुखर करने वाले दर्जनों गांवों के किसानों का प्रतिनिधित्व करने वाले एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हेमंत वागद्रे का आरोप है कि गढ़ा बांध निर्माण का ठेका लेने वाली मेंटेना कंस्ट्रक्शन कंपनी हैदराबाद को जन संसाधन विभाग के द्वारा अब तक करीब 39 करोड़ रूपए का भुगतान कर दिया गया है। उनका आरोप है कि जब गढ़ा बांध निर्माण का ठेका टर्न की पद्धति (जितना काम पूर्ण होगा उसका ही भुगतान किया जाएगा) पर दिया गया है तो बिना काम शुरू किए ही जल संसाधन विभाग के द्वारा ठेका कंपनी को करोड़ों की राशि का भुगतान करना संदेह को जन्म दे रहा है।

अभी सर्वे ही कर रही ठेका कंपनीः गढ़ा बांध का निर्माण करने का ठेका लेने वाली कंपनी के द्वारा बांध के स्थान पर बैराज बनाए जाने के लिए अभी केवल सर्वे ही किया जा रहा है। गढ़ा बांध से 8500 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जानी थी और बैराज बनाकर इतनी ही भूमि को सिंचित करने की संभावनाएं अभी तलाश की जा रही हैं। इसके बाद ठेका कंपनी के द्वारा डिजाइन तैयार कर उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी और उसके बाद ही काम शुरू होने की संभावना है।

बैराज बनने से भी डूबेंगी जमीनें: गढ़ा बांध बनने से किसानों की जमीनें डूबने का खतरा बढ़ने के कारण विरोध शुरू हुआ था। इसे थामने के लिए बैराज बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसमें भी किसानों की जमीनें डूब में आएंगी और कई स्थानों पर आम आवाजाही के रास्ते भी प्रभावित हो जाएंगे। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मानें तो ऐसा नही है कि बैराजों के बनने से किसानों की जमीनें डूबेंगी नहीं। हां यह जरूर होगा कि एक साथ सैकड़ों हेक्टेयर जमीन नहीं डूबेगी बल्कि अलग-अलग हिस्सों में जमीनें डूबेंगी।

विभाग के दावे पर नहीं किसी को भरोसाः जल संसाधन विभाग के अफसर किसानों और कांग्रेस के नेताओं से यह दावा कर रहे हैं कि माचना नदी में जितना पानी है उसका उपयोग कर 30 से 35 हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। बांध के स्थान पर बैराजों का निर्माण कर 25 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित हो जाएगी। कांग्रेस के नेता और सहकारी बैंक के प्रशासक अरूण गोठी का कहना है कि जब एक योजना के लिए शासन से राशि स्वीकृत हो गई है तो उससे दूसरा निर्माण करना और अतिरिक्त राशि खर्च करना गलत है। गढ़ा बांध का निर्माण करने के बाद 30 नही बल्कि 50 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित करने की क्षमता वाले बैराज बनाने की योजना तैयार की जाए और उसके लिए शासन राशि मंजूर करेगा।

वे बोले…

गढ़ा बांध निर्माण के लिए मेंटेना कंस्ट्रक्शन कंपनी हैदराबाद से अनुबंध होने के बाद कार्यादेश जारी कर दिया गया है। कंपनी को मटेरियल के लिए 39 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है। बांध के स्थान पर बैराजों का निर्माण करने के लिए सर्वे और डिजाइन तैयार की जा रही है। इसमें अभी वक्त लगेगा।

एके देहरिया, ईई जल संसाधन बैतूल

SC-ST वर्ग के पीड़ित वर्ग के परिवारों को 30 दिन मिलेगी सहायता


Bhopal : एससी-एसटी वर्ग के अत्याचार पीड़ित परिवारों को 30 दिन मिलेगी मदद

मुलतापी समाचार न्‍यूज नेटवर्क

भोपाल। अनुसूचितजाति एवं जनजाति वर्ग की दुष्कर्म और अत्याचार पीड़ितों को अब 30 दिन में आर्थिक मदद देना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार ने इस सुविधा को लोक सेवा गारंटी में शामिल कर लिया है। इसके तहत ऐसे मामलों में सरकार की ओर से 30 दिन में पीड़ित को मदद देना होगी। अत्याचार पीड़ित एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं-व्यक्तियों को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, पुनर्वाय एवं राहत के लिए आकस्मिक योजना वर्ष 1995 से प्रदेश में लागू है। इस योजना में वर्ष 2016 में संशोधन किया गया था।

इसके तहत पीड़ित परिवारों को एक से आठ लाख रुपए तक की मदद दी जाती है, लेकिन इस मदद का लाभ पीड़ित परिवारों को मिलने में देरी हो रही थी। जानकार बताते हैं कि यह बात जब सरकार तक पहुंची, तो सरकार ने इसे लोक सेवा गारंटी में शामिल कर लिया है।

अब ऐसे किसी मामले में पीड़ित परिवार को दी जाने वाली आर्थिक मदद की 25 फीसदी राशि एफआईआर दर्ज होते ही देना होगी। साथ ही मृतक की पत्नी या अन्य आश्रितों को पांच लाख की मदद देनी होगी। यह राशि संबंधित को नौकरी मिलने तक के लिए होगी। इतना ही नहीं, ऐसे मामलों में सरकार पीड़ित परिवार के बच्चों को पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई भी कराएगी।

कृष्णा गौर : महिला अपराध रोकने में अक्षम सरकार

इधर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश मंत्री व विधायक कृष्णा गौर ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और उनकी जान-माल की सुरक्षा सरकार का दायित्व है, लेकिन प्रदेश की कमलनाथ सरकार अपनी इस जिम्मेदारी को निभाने में बुरी तरह असफल रही है।

सरकार का यह पाप ढंका-छिपा रहे, उसके नकारेपन की तरफ जनता का ध्यान न जाए, इसी के लिए इस सरकार ने एससी/एसटी वर्ग की दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं के लिए आर्थिक मदद की पहल की है। लेकिन सरकार को इस बात का अहसास नहीं है कि महिलाओं का सम्मान बचाना ज्यादा जरूरी होता है, ना कि उसके लुट जाने पर आर्थिक सहायता देना। महिला को सम्मान चाहिए, सामान या पैसा नहीं।

फिर जातियों का भेद क्यों?

विधायक कृष्णा गौर ने कहा कि दुष्कर्म ऐसा अपराध है, जिसका दुष्प्रभाव हर वर्ग की महिलाओं पर एक जैसा ही होता है। महिला किसी भी जाति या वर्ग की हो, उसे अपना सम्मान प्यारा होता है। दुष्कर्म जैसा अपराध हर जाति, वर्ग की महिलाओं के सम्मान पर एक जैसी ही चोट करता है। महिलाओं के लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करने वाले कांग्रेस के नेताओं को पीड़िताओं की मनोस्थिति का अगर तनिक भी आभास होता, तो वे दुष्कर्म पीड़िताओं की मदद उनकी जाति पूछकर नहीं करते, बल्कि हर वर्ग की पीड़िताओं को समान दृष्टि से देखते।

सारनी बाबा मठारदेव मेले में रविवार को उमडा भक्‍तों का जनसेलाब


नगर पालिका के कर्मचारियों ने कराया श्रद्धालुओं के लिए भंडारा

सारणी। मेले में झूले का लुफ्त लेते श्रद्धालु।

सारणी। मुलतापी समाचार

आज साप्‍ताहिक होने से मंदिर प्रांगण में भक्‍तों का उमडा जन सैलाब देखा गया। रविवार को शासकीय अवकाश रहने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी कर्मचारियों के द्वारा श्री श्री 1008 बाबा मठारदेव मेला पहुंचकर मेले का जमकर लुफ्त उठाया। बताया जा रहा है कि मेले के शुभारंभ के बाद पहला रविवार आ रहा है। इस रविवार को मेले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालुओं के आने की सबसे ज्यादा संभावना व्यक्त की जा रही है। एक अनुमान लगाया जा रहा है कि 40 से 50 हजार श्रद्धालु रविवार को तलहटी एवं शिखर मंदिर पर बाबा भोले के दर्शन करेंगे। शनिवार को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवती बड़ी मात्रा में एकत्रित थे। महिलाओं और युवतियों ने रंग-बिरंगी चूड़ियों के अलावा पर्स की जमकर खरीदी की। बाबा मठारदेव मेले में बर्तन, आभूषण, गर्म कपड़े की दुकानें बड़ी तादात में लगती है। इसकी खरीदी करने समीप के ग्रामीण बड़ी संख्या में मेले में पहुंच रहे हैं। मेले में कोई अप्रिय घटना ना हो इसे देखते हुए पुलिस के जवानों, प्राइवेट सिक्योरिटी, नगर सुरक्षा के सैनिक कुल मिलाकर 180 जवानों के अलावा 40 सीसीटीवी कैमरे नपा ने मेला प्रांगण में लगाए है। एसडीओपी अभय चौधरी, थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान मेला प्रांगण में बने अस्थाई पुलिस सहायता केन्द्र में पहुंचकर कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे के द्वारा मेले पर अपनी पैनी नजर रखे हुए हैं।

जल प्रदाय कर्मचारी ने कराया भंडारा

बाबा मठारदेव मेले में लगातार 7 वर्षों से 18 जनवरी को भंडारा करवाते आ रहे नपा कर्मचारी संजय पवार ने बताया कि नगर पालिका जल प्रदाय कर्मचारियों के तत्वाधान में बाबा के मेले में भंडारे का यह सातवां वर्ष है। भंडारे में मुख्य रूप से सीएमओ सीके मेश्राम, नगर पालिका अध्यक्ष आशा महेंद्र भारती ने आकर भंडारा वितरण प्रारंभ किया। सुबह से देर रात तक लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने हलवे, खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया है।

लकवे से ग्रस्त मरीज को जिला अस्पताल से उठा कर सड़क छोडा, भंगवान भरोसे मंगल


मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के खंडहर आवास में रहने को मजबूर है मंगल

सारणी। वह खंडहर मकान जहां मंगल रहा है।

सारणी। मुलतापी समाचार

प्रदेश एवं केंद्र सरकार के द्वारा स्वास्थ्य से संबंधित कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, लेकिन जिला अस्पताल के डाक्टरों की उदासीनता की वजह से गरीब असहाय लोगों को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। विगत 10 जनवरी को सारणी में भीख मांगकर जीविका चलने वाले मंगल को लकवा का अटैक हुआ था। उसे जनसहयोग से कुछ लोगों के द्वारा 13 जनवरी को जिला अस्पताल बैतूल उपचार के लिए भिजवाया गया था। यहां पर डॉक्टरों के द्वारा 17 जनवरी तक मंगल का उपचार किया गया और उसके बाद उसे अस्पताल से 2 लोगों के सहयोग से मुख्य मार्ग पर रखवा दिया गया। इससे मजबूरी में मंगल को कुछ लोगों ने सारणी की बस में लिटाया और वह वापस सारणी आ गया।

वर्तमान में मंगल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ओल्ड-डी के खंडहर हो चुके आवास में कचरे और गंदगी के ढेर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। कई सामाजिक कार्यकर्ता भी जन सहयोग का ढिंढोरा पीटते हैं, लेकिन ऐसे समाजसेवी मंगल के उपचार के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में जब जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गिरीश चौरसिया से चर्चा करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।

खत्म होती जा रही मानवताः पहले मंगल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की कॉलोनियों में भीख मांग कर अपना पेट भर लेता था, लेकिन अब लकवे की बीमारी से ग्रस्त होने के कारण खंडहर मकान में लोगों को निहारते रहता है कि कोई तो आए और एक वक्त का भोजन उसे दे जाए। अब उसकी जिंदगी भगवान भरोसे ही दिखाई दे रही है। अब उसे इंतजार है या तो स्वास्थ्य लाभ मिले या फिर उसे भगवान मौत दे दे।

सारनी क्रिकेट सुपर-8 पहुंंची बैतूल एकेडमी


साईराम तिगांव, आरएस सलैया, अली इलेवन अबदुल्ला गंज प्रतियोगिता से बाहर

सारणी। मैच में एक शॉट खेलते हुए बल्लेबाज। फोटो- नवदुनिया

सारणी। मुलतापी समाचार

स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल स्मृति राज्य स्तरीय टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता के चौदहवें दिन 3 मैच खेले गए। पहला मैच आरएसएस सलैया एवं अली इलेवन ओबेदुल्लागंज के बीच खेला गया। आरएसएस सलैया ने टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण का निर्णय लिया। अली इलेवन ओबेदुल्लागंज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 12 ओवर में 93 रन बनाए। जवाबी पारी खेलने उतरी आरएसएस सलैया 12 ओवर में 60 रन बनाकर आल आउट हो गई। अली इलेवन ओबेदुल्लागंज ने यह मैच 33 रनों से जीत लिया। इस मैच के मैन ऑफ द मैच रवि यादव रहे, जिन्होंने 29 गेंद पर 49 रनों की बहुमूल्य पारी खेली। दूसरा मैच साईंराम तिगांव एवं बैतूल एकेडमी के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए बैतूल एकेडमी ने 12 ओवर में 116 रन बनाए। 117 रनों के स्कोर का पीछा करते हुए साईराम तिगांव ने 12 ओवर में 84 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। बैतूल एकेडमी ने यह मैच 33 रनों से जीत लिया। इस मैच के मैन ऑफ द मैच आमिर रहे जिन्होंने 17 गेंदों पर 25 रन बनाए और 2 विकेट लिए। तीसरा मैच अली इलेवन ओबेदुल्लागंज एवं बैतूल एकेडमी के बीच खेला गया। अली इलेवन ने टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय लिया। बैतूल एकेडमी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 10 ओवर में 90 रनों का लक्ष्य दिया। 91 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अली इलेवन निर्धारित 10 ओवर में 41 रन बनाकर ऑलआउट हो गई और यह मैच 49 रनों से हार गई। इस मैच के मैन ऑफ द मैच सद्दू अली रहे जिन्होंने 18 गेंदों पर 35 रन बनाए।

ठेका श्रमिकों ने किया भंडारे का आयोजन सारनी


सारणी। गेट नंबर 7 के सामने भंडारे का आयोजन करते हुए ठेका मजदूर।

सारणी। मुलतापी समाचार

ठेका मजदूर संघ सारणी के तत्वावधान में शनिवार को भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बाबा मठारदेव के मेले में पधारे श्रद्धालुओं ने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारणी में कार्यरत सभी ठेका मजदूरों, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से ठेका मजदूर संघ सारणी के संरक्षक सुनिल सरियाम, अध्यक्ष राकेश नामदेव, प्रचार सचिव प्रफुल्ल मोहबे, कोमल राजपूत सहित अन्य लोग उपस्थित थे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिवर्ष बाबा मठारदेव में आने वाले श्रद्धालुओं को भंडारे के माध्यम से प्रसादी वितरण करने का कार्य किया जाता है। भंडारे को सफल बनाने में मुख्य रूप से अविनाश सोनी, मनोज राजपूत, दीपक साहू, मनोज यादव, प्रकाश धारसे, अनिल पवार, मुकेश अहिरवार, दिनेश यादव, शंकर प्रजापति, नरेंद्र जगदेव, शंकर नारनोरे, फिरोज खान, सतराज सिंह, शैलेंद्र सिंह, रतीश उईके सहित अन्य लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।