पुलवामा आतंकी हमले में हुए 40 जवानों की स्मारक स्थल का होगा उद्घाटन


श्रीनगर. पिछले साल फरवरी में हुए पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) में शहीद 40 सीआरपीएफ कर्मियों की याद में बनाए गए स्मारक का लेथपुरा कैंप में शुक्रवार को उद्घाटन किया जाएगा. एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने गुरुवार को स्मारक स्थल का दौरा करने के बाद कहा, “यह उन बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने का तरीका है जिन्होंने हमले में अपनी जान गंवाई.”

महिलाओं के लिए सेफ्टी टिप्स चौधरी श्रीश पटेल जी के सौजन्य से


!!ढाई-आखर!!

महिलाएं बच्चियां इसे जरूर पढ़ें समझे-जानकार मानते हैं कि किसी भी हादसे के लिए तीन चीजें जरूरी होती हैं – एक अपराधी, दूसरा शिकार और तीसरा मौका। इनमें से अगर एक भी न हो तो हादसा नहीं होता। इनमें सबसे आसान लेकिन जरूरी है मौका देने से बचना। इसके बाद आता है, खुद को शिकार बनने से रोकना और अपराधी से निबटना। जानते हैं कि अपराधी को मौका देने से कैसे बच सकती हैं आप:

चौधरी श्रीश पटेल जी

अपराधी को मौका न दें

विश्वास से भरपूर दिखें

ज्यादातर सेक्सुअल अटैक उन महिलाओं पर होते हैं, जिनकी बॉडी लैंग्वेज़ से कॉन्फिडेंस नहीं झलकता। अपराधी उन्हीं महिलाओं को शिकार बनाते हैं, जो आसान टारगेट होती हैं। ऐसे में जब भी सड़क पर चलें, सिपाही की तरह चलें, न कि छुई-मुई ऐक्ट्रेस की तरह। नीचे जमीन में सिर झुकाकर चलने की बजाय सतर्क और जागरूक दिखते हुए सामने देखते हुए चलें। अगर किसी इलाके के बारे में या रास्तों के बारे में नहीं जानतीं, तो अनजान लोगों के सामने यह बात उजागर न करें।

‘सेफ्टी बडी’ का साथ

यह ऐसा साथी होगा, जो बेशक आपके साथ न हो लेकिन दूर से ही काफी मददगार होगा। यह आपके माता-पिता, भाई-बहन, पति या दोस्त कोई भी हो सकता है। ‘सेफ्टी बडी’ आपको उस वक्त कॉल कर सकता है या आप उसे कॉल कर सकती हैं, जब आप गाड़ी/ऑटो में ड्राइवर के साथ अकेली हों। उसे आपके घर लौटने का वक्त पता होना चाहिए, ताकि थोड़ी भी देर होने पर आपको कॉल कर सके। ऑटो/कैब में बैठकर ड्राइवर को सुनाते हुए फोन पर सामने वाले को जोर-जोर से नंबर बताएं कि फलां नंबर के ऑटो/कैब से आ रही हूं और इतनी देर में पहुंच जाऊंगी। ड्राइवर को मालूम होगा कि उसकी गाड़ी का नंबर किसी को बता दिया गया है तो किसी भी हादसे को अंजाम देने से पहले कई दफा सोचेगा।

शालीन हो पहनावा

आप कुछ भी पहनने के लिए फ्री हैं, लेकिन बाहर निकलते वक्त हो सके तो शालीन कपड़े पहनें। अगर अकेले चलना है या सफर करना है तो यह भी ध्यान रखें कि कपड़े सहज हों और आप उनमें आरामदेह महसूस करें। कपड़े ऐसे न हों, जो एक झटके में फट जाएं या खुल जाएं या जिनमें आप दौड़ न सकें। चप्पल भी सुविधाजनक और मजबूत हों और ऊंची हील न हों तो बेहतर है। इससे जरूरत पड़ने पर आप दौड़ सकती हैं।

सफर के दौरान,पैदल चलते हुए

कभी भी अनजान लोगों से लिफ्ट न लें, चाहे कितनी ही मजबूरी क्यों न हो। ट्रैफिक की उलटी दिशा यानी कि सड़के के उस ओर चलें कि ट्रैफिक आपको सामने से आता दिखे। ऐसे में पीछे से हमला नहीं हो सकेगा। कई बार लड़कियां बाहर की तरफ थैला टांगकर चलती हैं। इससे बाइक वालों को छीना-छपटी का मौका मिल जाता है। थैला उस तरफ लटकाएं, जिधर दीवार है। अगर कोई कार सवार रास्ता पूछता है तो उससे दूरी बनाकर रखें। अगर कोई पीछा करता दिखता है तो जो भी घर सामने दिखे, उसकी कॉल बेल बजा दें और सारी स्थिति के बारे में बताएं। झिझकें कतई नहीं। इन बातों का दिन में भी ख्याल रखें :

ऑटो/कैब स्टैंड या प्री-पेड बूथ से लें कैब

रात में रास्ते से कोई भी कैब लेने के बजाय टैक्सी सर्विस या टैक्सी स्टैंड से ही कैब लें। दफ्तर से जाना हो तो फ्रंट डेस्क या बाउंसर के जरिए टैक्सी मंगाएं। ऐसे में आपके अलावा किसी और को भी जानकारी होगी कि गाड़ी कहां से आई है। ऑटो भी प्री-पेड बूथ से लें तो बेहतर है।

खाली बस से रहें दूर

ऐसी बस में न चढ़ें, जिसमें सिर्फ ड्राइवर और कंडक्टर हों। 4-5 लोग हों तो भी बस में न चढ़ें। कई बार ये लोग ड्राइवर-कंडक्टर के दोस्त या जानकार ही होते हैं। जिस ऑटो में पहले से पैसेंजर बैठे हों, उसमें न बैठें।

रास्ते हों भीड़ भरे और रोशन

कैब या ऑटोवाले से भीड़वाले रास्तों पर ही चलने को कहें। रास्ता लंबा बेशक हो, लेकिन जाना-पहचाना होना चाहिए। साथ ही, अंधेरे वाली जगहों से बचें। अपराधी ज्यादातर ऐसी ही जगहों पर ही अपना शिकार तलाशते हैं, ताकि बचकर भागने में आसानी हो।

चौकस रहें

ऑटो/कैब से जा रही हैं, तो आपको रास्तों की जानकारी होनी चाहिए। जिस इलाके में जा रही हैं, वहां के बारे में जान लें और रोड मैप अपने पास रखें या अपने स्मार्ट फोन में गूगल मैप का सहारा लें। एक और तरीका है। अगर आप रास्तों के बारे में अनजान हैं तो भी ड्राइवर के सामने यह बात उजागर न होने दें। अकेली हों तो गाड़ी में बिल्कुल न सोएं। सफर के दौरान चौकस रहें। रास्ते में पड़नेवाले पुलिस स्टेशन, चौकी या पीसीआर पर ध्यान दें।

तैयार रहें

ऑटो या टैक्सी का नंबर अपने मोबाइल में टेक्स्ट के रूप में तैयार रखें। थोड़ी भी गड़बड़ी लगे तो अपने किसी दोस्त या जानकार को नंबर एसएमएस कर दें। घर पहुंचने पर एक हाथ में घर की चाबी तो दूसरे में मोबाइल रखें। पुलिस और घर के नंबर स्पीड डायल पर रखें।

पार्टी के दौरान

अनजान लोगों से रहें दूरःकभी भी अनजान लोगों के साथ नजदीकी न बढ़ाएं। डांस के दौरान लड़कों के ज्यादा करीब न जाएं, चाहे वे आपके जानकार ही क्यों न हों।

निगाह रखें

सॉफ्ट ड्रिंक या वाइन कुछ भी लें बोतल अपने सामने ही खुलवाएं। ड्रिंक भी अपने सामने बनवाएं और ध्यान रखें कि उसमें कोई कुछ मिलाए नहीं। ड्रिंक खत्म करके ही उठें। अगर किसी मजबूरी में बाहर जाना ही पड़े तो दूसरा ड्रिंक बनवा लें।

होश न खोएं

इतनी शराब न पीएं कि होशोहवास खो बैठें। पार्टी के बाद अगर रात में साथियों के साथ ही रुकना पड़े तो काम पड़ने पर ऑफिस के सहयोगियों को कमरे में बुलाने के बजाय बार या रेस्टोरेंट में बुलाएं।

शॉपिंग मॉल या बीच पर

किसी भी शॉपिंग मॉल में कपड़े चेंज करते हुए आसपास गौर से देखें। कोई भी दरार या संदिग्ध कील या लाइट आदि दिखने पर कपड़े चेंज न करें। स्विमिंग सूट घर से या होटेल से कपड़ों के नीचे ही पहनकर जाएं तो बेहतर है। ऐसे में टूटे-फूटे चेंज रूम्स में कपड़े बदलने से बच सकती हैं। ट्रैवल के दौरान भीड़ भरी जगहों पर पिट्ठू बैग का इस्तेमाल करें, ताकि दोनों हाथ खाली रहें। जरूरत पड़ने पर आप अपना बचाव कर सकेंगी।

खुद ड्राइव करते वक्त

लॉक करके रखें
गाड़ी में सेंट्रल लॉक लगाकर ड्राइव करें। एसी है तो सारे शीशे चढ़ाकर रखें। अगर एसी नहीं है तो अपनी खिड़की लॉक करके रखें। बस एक ही शीशा खोलें।

म्यूजिक या फोन में खोएं नहीं

गाड़ी में तेज म्यूजिक चलाकर उसमें खोएं नहीं। गाड़ी ड्राइव करते हुए फोन पर बात न करें। ये न सोचें कि रात का वक्त है और पुलिस वाले देखेंगे नहीं तो गप्प मारकर सफर आसानी से कट जाएगा। इससे ध्यान भंग होता है और आप अपने आसपास आई मुसीबत को भांपने से चूक सकती हैं।

पार्किंग का रखें ध्यान

रात के वक्त बेसमेंट में कार पार्क करने से बचें। वहां मोबाइल काम करना बंद कर सकता है। गाड़ी ऐसी जगह पार्क करें, जहां भरपूर रोशनी हो। गाड़ी रिवर्स करके खड़ी करें ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकल सकें। चाबियां पहले से पर्स से निकालकर अपने हाथ में रखें। गाड़ी के पास जाकर पर्स खोलना और चाबी तलाशना हादसे को मौका दे सकता है। गाड़ी में बैठने से पहले अंदर झांककर देखें कि उसमें कोई पहले बैठा तो नहीं है।

गाड़ी खराब हो जाने पर

अगर सड़क पर अचानक कार खराब हो जाए तो सबसे पहले अपने घरवालों को या ऐसे किसी दोस्त या जानकार को कॉल करके अपनी स्थिति के बारे में बताएं, जो पास में रहता हो। तुरंत कार हेल्पलाइन को बुलाएं। ये नंबर हमेशा मोबाइल में होने चाहिए। जितनी देर में कोई मदद के लिए आए, उतनी देर खिड़की और दरवाजे बंद करके कार के अंदर बैठी रहें। अनजान लोगों से कतई मदद न लें।

अगर कोई रास्ता रोके

अगर कोई बाइक या कार लगाकर या कोई पेड़ आदि गिराकर या किसी हादसे का शिकार होने का बहाना कर आपकी कार रोक ले तो घबराएं नहीं। गाड़ी से उतरें नहीं। खिड़की-दरवाजे लॉक करके कार में ही बैठी रहें। पुलिस को कॉल करें। जैसे ही सामनेवाला उतरकर आपकी कार की ओर आने लगे, जल्दी से रिवर्स करें और कार भगा लें। भागना मुमकिन नहीं हो तो भी कार में ही बैठी रहें। इतनी देर में कोई-न-कोई मदद मिलने की पूरी उम्मीद होगी।

हमले की सूरत में क्या करेंआमतौर पर हम मानते हैं कि हमारे साथ ऐसा हादसा नहीं होगा, जबकि हर किसी को किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। अगर हर स्थिति के बारे में पहले से सोचकर रखा होगा तो हालात से निबटना आसान होगा।

किसी भी हमले की सूरत में दिमाग काम करता रहे। सबसे जरूरी है कि हालात के मुताबिक तुरंत कदम उठाएं। हर स्थिति और जगह के मुताबिक ऐक्शन भी अलग हो सकता है, मसलन अगर आसपास कोई नहीं है तो बदमाश के गंदे कमेंट्स या इशारों को नजरअंदाज कर दें। आसपास कोई है तो पैदल भागना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन सुनसान रास्ते पर ऐसा करना मुसीबत बढ़ा सकता है।

ध्यान रखें कि आपका मकसद अपराधी से मुकाबला करना या बहादुरी दिखाना नहीं, अपनी हिफाजत करना और कोई मदद मिलने तक हमलावर को रोके रखना है।

पुलिस का नंबर मोबाइल में स्पीड डायल पर रखें। किसी भी तरह की गड़बड़ी का शक होने पर फौरन डायल करें। अगर बोलने का मौका न मिले तो भी फोन ऑन रखें।

अगर किसी ने आपकी कार रोक ली और आसपास कोई नहीं दिख रहा तो कार से उतरकर भागें नहीं। गाड़ी के दरवाजे और खिड़कियां लॉक कर लें और अंदर ही बैठी रहें। फौरन 100 नंबर पर डायल करें। लगातार हॉर्न बजाती रहें। इससे लोगों से ध्यान उस ओर जाएगा। अगर कोई दिख जाए तो मदद को चिल्लाएं।

कोई दूसरी गाड़ी आपकी कार का पीछा कर रही है तो स्पीड बढ़ा लें। लगातार हॉर्न बजाती रहें और पुलिस चौकी पर जाकर रुकें। अगर चौकी नहीं मिलती तो थियेटर, अस्पताल या मॉल जैसे पब्लिक प्लेस पर जाकर रुकें। सीधे अपने घर न जाएं।

आपके पास हैं हथियार तमाम

  • पैदल जा रही हैं या कार से उतरने की नौबत आ ही जाए और हमलावर एकदम पास आ जाए तो पहले वार करें और जोरदार करें। हमेशा सामनेवाले के शरीर के नाजुक हिस्सों पर वार करें।
  • हमलावर की आंखों पर डीओड्रेंट स्प्रे करें। कुछ देर के लिए वह आंखें नहीं खोल पाएगा और आपको अगला कदम उठाने का मौका मिल जाएगा। एयर-फ्रेशनर व परफ्यूम को भी इसी तरह इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • पिपर स्प्रे (मिर्च का स्प्रे) रखें। थोड़ा भी शक होने पर तुरंत निकालकर हाथ में थाम लें। जरूरत पड़े तो हमलावर की आंखों पर निशाना लगाकर स्प्रे करें। यह मार्केट में करीब 300-350 रुपये में मिल जाता है।
  • नेल फाइलर, नेलकटर, पेपर कटर से जोरदार हमला किया जाए तो काफी असरदार हो सकता है।
  • पर्स को घुमाकर कसकर हमलावर के मुंह पर मारें। अगर छाता है, तो उससे जोरदार हमला करें।
  • नाखून बड़े हैं तो उनसे हमलावर पर वार करें।
  • जूड़े की पिन, सेफ्टी पिन, पेन, डायरी या फोर्क कुछ भी है तो उससे हमला करें। ये छोटी-छोटी चीजें गहरी चोट पहुंचाती हैं।
  • हाई हील पहन रखी है तो तुरंत निकालकर हमलावर के चेहरे पर जोर से मारें।
  • अगर आसपास पत्थर दिख जाए तो दुपट्टे में रखकर घुमाकर मारें। हमलावर पास नहीं आएगा।
  • बेल्ट से भी जोरदार वार कर हमलावर को चोट पहुंचा सकती हैं।

यहां करें वार

  • आंखें, नाक, चेहरा, सिर या ठुड्डी
  • सोलर प्लेक्सेज़ (जहां पसलियां मिलती हैं और पेट शुरू होता है)
  • प्राइवेट पार्ट्स (यहां जोर से लगने से जान भी जा सकती है)
  • पेट में और घुटनों के पीछे कुहनी और घुटने से मारें तो हमलावर को चोट ज्यादा लगेगी।
    हमलावर पीछे से आए तो :
  • कोई बस में पीछे से आकर हाथ पकड़ ले या कमर पर हाथ रखने की कोशिश करे तो कुहनी से फौरन पीछे की ओर पेट पर वार करें। हील पहन रखी है तो उससे उसके पैर पर भी हमला कर सकती हैं
    हमलावर सामने से आए तो
  • एक पैर उठाकर हमलावर के प्राइवेट पार्ट्स या पेट पर मारें।
  • उस पर तेजी से और जोरदार अटैक करें। कुहनी से उसकी आंख, नाक और ठुड्डी पर वार करें। दोनों हाथों को जोड़कर आर्च बना लें तो घुमाकर दोनों ओर से वार कर सकती हैं।

हमलावर दोनों हाथों से गर्दन पकड़ ले तो

  • अपने दोनों हाथों को उसके हाथों के बीच लाएं और जोर-जोर से अंदर बाहर को करें। इससे उसकी पकड़ छूट जाएगी। इसके बाद उसके शरीर के नाजुक हिस्सों पर वार करें।

दुपट्टे की मदद लें

  • दुपट्टे को उछालकर हमलावर की गर्दन के चारों ओर कस लें। इसे पैरों में फंसाकर हमलावर को गिरा भी सकती हैं। हमलावर के जमीन पर गिरने के बाद आप हमलावर के चेहरे व पेट पर वार करें।

घूंसा ऐसे बनाएं

  • पंच बनाने का तरीका होता है। चारों उंगलियों को हथेली के अंदर की ओर मोड़ लें और अंगूठे को जमाकर ऊपर रखें। इससे वार करेंगी तो हमलावर को चोट ज्यादा लगेगी।

मोबाइल को बनाएं संकटमोचक आजकल ऐसे तमाम ऐप्स हैं, जिनका इस्तेमाल कर महिलाएं अपनी सुरक्षा को पुख्ता कर सकती हैं:

Circle of 6कीमतः फ्री, डाउनलोड करने के लिए आईओएस 4.0 और बाद के वर्जन की जरूरत इस ऐप के जरिए आप अपनी पसंद के 6 करीबी लोगों को सर्कल में जोड़ सकते हैं। आप अगर किसी मुसीबत में फंसते हैं तो यह ऐप अपने आप पहले से प्रोग्राम्ड अलर्ट मेसेज और आपकी सटीक लोकेशन सर्कल वाले दोस्तों को भेज देता है।

bSafeकीमतः एंड्रायड, आईओएस, ब्लैकबेरी और टैब्लेट के लिए फ्री यह एक जीपीएस बेस्ड सेफ्टी अलार्म सिस्टम है। इमरजेंसी के दौरान यह ऐप आपके चुने हुए फोन नंबरों पर एसओएस मेसेज भेज देता है। इसके लिए बस ऐप पर बने एक रेड बटन को दबाना होता है। इस ऐप के जरिए आपके चुनिंदा दोस्त जीपीएस के जरिए आपका सहयोग करेंगे -शेयर साभार!.

चौधरी श्रीश पटेल जी के सौजन्य से

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

कलेक्टर ने भोपाली मेले की व्यवस्थाओं का लिया जायजा


जायजा लेते बैतूल कलेक्टर श्री तेजस्वी एस. नायक

बैतूल कलेक्टर श्री तेजस्वी एस. नायक ने वन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ शिवरात्रि के दौरान जिले के भोपाली में आयोजित होने वाले मेले में आवश्यक इंतजामों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के दृष्टिगत गुरूवार को मेला स्थल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेला स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के सुविधाजनक दर्शन के लिए आवश्यक बैरिकेडिंग एवं रस्सी से सुरक्षा व्यवस्था की जाए। कलेक्टर ने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हों एवं आवश्यक सूचना पटल लगवाए जाएं। मेला स्थल पर सतत् विद्युत आपूर्ति एवं पेयजल के इंतजाम रहें। इसके अलावा पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं फायर ब्रिगेड के इंतजाम भी किए जाएं। मेले में आमजन द्वारा पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने हेतु भी आवश्यक प्रचार-प्रसार किया जाए। मेला स्थल पर अवैध शराब बिक्री न हो, इस बात का आबकारी एवं पुलिस विभाग के अधिकारी ध्यान रखें। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एवं उनके वाहनों के लिए पार्किंग स्थल की समुचित व्यवस्था यहां की जाए। कलेक्टर ने मेले में स्वच्छता एवं उचित शौचालय व्यवस्था करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए।

मुलतापी समाचार

दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम गुजरात में बनकर तैयार 1.10लाख दर्शकों की क्षमता


गुजरात मे बनकर तैयार 1.10 लाख दर्शको की क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के भव्य स्वागत का गवाह बनने जा रहा है … 24-25 फरवरी को #अमेरिकीराष्ट्रपतिट्रम्प भारत आ रहे है ,इस अवसर पर #हाउडीमोदी” कार्यक्रम की तरह है “#केमछो_ट्रम्प” कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा …मोदी जी और ट्रम्प इस स्टेडियम का उद्धघाटन करेगें…।

कलेक्टर श्री तेजस्वी एस. नायक ने भोपाली मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया


बैतूल: कलेक्टर श्री तेजस्वी एस. नायक ने वन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ शिवरात्रि के दौरान जिले के भोपाली में आयोजित होने वाले मेले में आवश्यक इंतजामों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के दृष्टिगत गुरूवार को मेला स्थल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेला स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के सुविधाजनक दर्शन के लिए आवश्यक बैरिकेडिंग एवं रस्सी से सुरक्षा व्यवस्था की जाए। कलेक्टर ने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हों एवं आवश्यक सूचना पटल लगवाए जाएं। मेला स्थल पर सतत् विद्युत आपूर्ति एवं पेयजल के इंतजाम रहें। इसके अलावा पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं फायर ब्रिगेड के इंतजाम भी किए जाएं। मेले में आमजन द्वारा पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने हेतु भी आवश्यक प्रचार-प्रसार किया जाए। मेला स्थल पर अवैध शराब बिक्री न हो, इस बात का आबकारी एवं पुलिस विभाग के अधिकारी ध्यान रखें। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एवं उनके वाहनों के लिए पार्किंग स्थल की समुचित व्यवस्था यहां की जाए। कलेक्टर ने मेले में स्वच्छता एवं उचित शौचालय व्यवस्था करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

पाथाखेड़ा के वार्ड 23 में करंट लगने से एक वानर की मौत


आज फिर पाथाखेड़ा के वार्ड 23 में वानर राज की करंट लगने से मौत हो गई ये लाइन हमारे लिए वरदान तो है लेकिन वन्य प्राणियों के लिए किसी मौत के मंजर से कम नही जो इसको छूते ही अपनी जान गवा देते है
सारणी के CMO नगर पालिका परिषद   सारणी व बिजली विभाग को ध्यान देना होगा

ग्राम पंचायत बराई में जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार की टीम द्वारा बांध बनाने हेतु स्थल का निरीक्षण किया गया


पूर्व जनपद श्री दिलीप पाटेकर जी ने बताया कि आज ग्राम बराई में जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार की टीम के द्वारा बांध बनाने हेतु स्थल का निरीक्षण किया गया जहां बड़ी संख्या में ग्रामवासी सहित पूर्व सरपंच वर्तमान सरपंच और ग्राम के सभी उपस्थित गणमान्य साथी गण उपस्थित रहे जहां आश्वस्त किया गया कि बहुत जल्द ही ग्राम बराई में डैम बनने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी

इनशान को बचाने वनमानुस सहायता करता हुआ जानवरो में है इंसानियत पर मानव खोता जा रहा, नदी में फंसे शख्स को बचाने आया वनमानुष, जानिए आगे क्या हुआ


Multapi Samachar

इंडोनेशिया के बोर्नियो के जंगल एक अद्भुत तस्वीर सामने आई है. जिसमें एक वनमानुष नदी में फंसे शख्स को बचाते हुए दिख रहा है. ये फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. दरअसल बोर्नियो में एक शख्स सांप की तलाश में नदी में उतर जाता है. फिर एक आरंगुटान (बंदर की एक प्रजाति) शख्स के पास आता है और हाथ बढ़ाकर मदद करने की कोशिश करता है.

आपको बता दें कि इस आश्चर्यजनक घटना के अद्भुत पल की तस्वीर भारत के रहने वाले अनिल प्रभाकर ने अपने कैमरे से उतारी. दरअसल उस वक्त अनिल प्रभाकर बोर्नियो के जंगल में ट्रेकिंग कर रहे थे. अनिल प्रभाकर द्वारा खींची गई ये तस्वीर अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. इस फोटो को देखकर आश्चर्य तो ये होता है कि आज के जमाने में जहां एक आदमी दूसरे आदमी की मदद नहीं करता है वहीं एक जंगली जानवर नदी में फंसे व्यक्ति की मदद कर रहा है.

गौरतलब है कि बोर्नियो के जंगल की नदी में बहुत सारे सांप पाए जाते हैं और ये सांप जंगल में रह रहे बंदरों को काट लेते हैं इसीलिए बंदरों की सुरक्षा के लिए जंगल में कर्मचारियों को तैनात किया गया है. दरअसल नदी में फंसा हुआ जो शख्स दिखाई दे रहा है वो जंगल का एक कर्मचारी है.

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक जंगल का कर्मचारी नदी में सांप होने की सूचना पाकर वहां पहुंचा था. जिससे किसी भी बंदर को कोई नुकसान ना पहुंचे. ये सब नदी के पास बैठा आरंगुटान बड़ी देर से देख रहा था और बाद में वो आरंगुटान जंगल के कर्मचारी की मदद के लिए आ जाता है. गौरतलब है कि अनिल प्रभाकर ने जब ये फोटो खींची तो उन्हें ये नहीं पता था जो शख्स नदी में फंसा हुआ है वह जंगल का ही कर्मचारी है.

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक बात तो ये है कि आरंगुरटान के जंगली जानवर होने की वजह से जंगल के कर्मचारी ने आरंगुटान की मदद लेने से मना कर दिया. अनिल प्रभाकर ने बताया कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आरंगुटान एक जंगली जानवर है और उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है.

बाद में अनिल प्रभाकर ने नदी में फंसे जंगल के कर्मचारी को बाहर निकलने में मदद की. प्रभाकर बताते हैं कि वनकर्मी ने उन्हें बताया कि आरंगुटान एक जंगली जानवर है. हम आरंगुटान से परिचित नहीं है. हालांकि हम बोर्नियो के इस जंगल में इनकी सुरक्षा में ही तैनात हैं.

अनिल प्रभाकर ने सोशल मीडिया पर ये फोटो पोस्ट करते हुए नीचे लिखा कि मुझे आपकी मदद करने दें? मानवता मानव जाति में मर रही है, लेकिन जानवर हमारे मूल सिद्धांतों पर वापस आ रहे हैं.

SOURCE – ZEE NEWS

पीएचई मंत्री श्री सुखदेव पांसे द्वारा किसानों को ऋण माफी के प्रमाण पत्र वितरण किए-


मौजूदा सरकार ने सबसे पहला निर्णय किसानों के हित में लिया-पीएई मंत्री श्री सुखदेव पांसे

कर्ज माफी से किसानों को मिली राहत

प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार ने सबसे पहला निर्णय किसानों के हित में लिया है। सरकार द्वारा किसानों की ऋण माफी के लिए गए निर्णय से वर्तमान में किसान राहत महसूस कर रहे हैं। प्रदेश सरकार किसानों के हित में हरसंभव कदम उठा रही है। श्री पांसे गुरूवार को जिले के ग्राम मासोद में जय किसान फसल ऋण माफी योजना के तहत किसानों को ऋण माफी के प्रमाण पत्र प्रदान कर रहे थे। कार्यक्रम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्रशासक श्री अरूण गोठी, जिला योजना समिति के सदस्य एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री सुनील शर्मा एवं सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री पांसे ने कहा कि बैतूल जिले में प्रथम चरण में 09 मार्च 2019 तक 65947 किसानों की 183.066 करोड़ रूपए ऋण माफी स्वीकृत की गई। द्वितीय चरण में 10 मार्च 2019 से 08 जनवरी 2020 तक 12212 किसानों की 81.107 करोड़ रूपए ऋण माफी स्वीकृत की गई है। इस तरह जिले में प्रथम एवं द्वितीय चरण में 78159 किसानों की 264.173 करोड़ रूपए ऋण माफी स्वीकृत की गई है।

श्री पांसे ने कहा कि तहसील मुलताई के विकासखण्ड मुलताई एवं प्रभातपट्टन में प्रथम चरण में 09 मार्च 2019 तक 17600 किसानों की 43.296 करोड़ रूपए ऋण माफी स्वीकृत की गई है। द्वितीय चरण में 10 मार्च 2019 से 08 जनवरी 2020 तक तहसील मुलताई के विकासखण्ड मुलताई एवं प्रभातपट्टन के 3361 किसानों की 22.507 करोड़ रूपए ऋण माफी स्वीकृत की गई है। इस प्रकार तहसील मुलताई में प्रथम एवं द्वितीय चरण में 20961 किसानों की 65.803 करोड़ रूपए ऋण माफी स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र किसान ऋण माफी से वंचित नहीं होगा। सरकार ऋण माफी का अपना वचन पूरा कर रही है। इसके अलावा 100 यूनिट पर 100 रूपए बिजली बिल कर सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत प्रदान की है। आदिवासियों के हितों में भी सरकार द्वारा अनेक निर्णय लिए गए हैं।

श्री पांसे ने कहा कि क्षेत्र की पेयजल समस्या के निराकरण के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पूरी तरह समर्पित होकर कार्य कर रहा है। अब प्रत्येक गांव में स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष में मासोद में महाविद्यालय प्रारंभ करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कृषक श्री छोटेलाल पिता बिहारी को 75914 रूपए, श्री मसतराम पिता बलिराम को 98154 रूपए, श्री जोगीलाल पिता रामलाल को 98273 रूपए, श्री दुर्गेश पिता तुकाराम को 98068 रूपए, श्री दिलीप पिता सरजेराव को 139288 रूपए, श्री मुरली पिता मनोहर को 159617 रूपए, श्रीमती सकुबाई पति नब्बू को 82579 रूपए एवं श्रीमती सरस्वती पति मिट्ठू को 97913 रूपए की ऋण माफी के प्रमाण पत्र वितरित किए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्रशासक श्री अरूण गोठी ने कहा कि किसानों की ऋण माफी के साथ-साथ जिले में यूरिया वितरण व्यवस्था के भी बेहतर प्रबंध किए गए हैं। इस साल रबी फसलों के अच्छे उत्पादन को देखते हुए किसानों की आवश्यकतानुसार रबी उपार्जन केन्द्रों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। कार्यक्रम में जिला योजना समिति के सदस्य एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री सुनील शर्मा ने भी सरकार की जय किसान फसल ऋण माफी योजना पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी ने भी संबोधित किया। इसके पूर्व उप संचालक कृषि श्री केपी भगत ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

मुलतापी समाचार