बैतूल अनाज मंडी में हुई आवक


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बैतूल। कृषि उपज मंडी बडोरा में बुधवार को 9047 बोरे विभिन्ना कृषि उपजों की आवक हुई। सोयाबीन की आवक 457 बोरे हुई। इसके न्यूनतम दाम 2901 और अधिकतम 4101 रुपए रहे। चना 46 बोरे आया। इसके न्यूनतम दाम 3400 और अधिकतम 3741 रुपए रहे। मक्का की आवक 6954 बोरे हुई। इसके न्यूनतम दाम 1100 और अधिकतम 1531 रुपए रहे। गेहूं की आवक 1573 बोरे हुई। इसके न्यूनतम दाम 1870 और अधिकतम 2076 रुपए रहे। सरसो 2 बोरे आई। इसके दाम 3290 रुपए रहे। मसूर 3 बोरे आया जिसके न्यूनतम दाम 3891 और अधिकतम 3900 रुपए रहे। तुअर की आवक 12 बोरे हुई। इसके न्यूनतम दाम 4475 रुपए और अधिकतम 4651 रुपए रहे।

सिर्फ तीसरी कक्षा तक पढ़े हैं पद्मश्री कवि हलधर नाग, पांच छात्रों ने उनपर की है पीएचडी, संभलपुर विश्वविद्यालय में ‘हलधर ग्रन्थावली-2’ मिली जगह, जो कोसली भाषा के प्रसिद्ध कवि


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प्रतिभा सम्‍मान पद्मश्री प्राप्‍त कवि हलधर नाग

कभी बर्तन धोते और खाना बनाते थे ये राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता

सिर्फ तीसरी कक्षा तक पढ़े हैं पद्मश्री कवि हलधर नाग, पांच छात्रों ने उनपर की है पीएचडी

ओड़िशा के हलधर नागजी जो कोसली भाषा के प्रसिद्ध कवि है।उन्होंने जो भी कविताऐं, 20 महाकाव्य अभी तक लिखे है,अब संभलपुर विश्व विद्यालय में उनके लेखन के एक संकलन ‘हलधर ग्रन्थावली-2’ को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।

ऐसे हीरे को चैनल वालों ने नही,मोदी सरकार ने पद्मश्री के लिए खोज के

नई दिल्ली, हलधर नाग ने इस बात को साबित किया है की किताबी ज्ञान या डिग्री से ऊपर है ज्ञानी और विद्वान होना। ज्ञानी और बुद्धिमान व्यक्ति की विद्वता हर स्थिति में बाहर आती है। कवी हलधर नाग को पद्म श्री पुरस्कार मिला है तब से वह लगातार चर्चा में हैं।  

मजबूत कद काठी वाले गहरे श्याम वर्ण के कवि हलधर नाग पद्म पुरस्कार लेते समय भी हलधर नाग नंगे पैर थे। कवि हलधर नाग मात्र तीसरी कक्षा तक पढ़े हैं। उनपर पांच शोधार्थियों ने अपना पीएचडी पूरा किया है। 

यहां हम जिनके बारे में बताने जा रहे हैं, उन्होंने एक अलग प्रवत्ति को जन्म दिया है। शिक्षा वह नहींं, जो सिर्फ किताब से ली गई हो। शिक्षा उस शैली का नाम है, जो इंसान अपनी खूबी, प्रतिभा को निखार कर सिद्ध करता है।

हलधर नाग, जो मुश्किल से तीसरी कक्षा तक भी नहीं पढ़े है, को वर्ष 2016 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं, उनपर पांच शोधार्थियों ने अपना PHD पूरा किया है। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या ख़ास है, उ़ड़ीसा के रहने वाले हलधर नाग में।

Haldhar Nag

ओडिशा के रहने वाले 66 वर्षीय हलधर नाग कोसली भाषा के कवि हैं। उन्होंने अब तक हज़ारों कविताएं और 20 महाकाव्य लिखे हैं। अपने लिखी हुई तमाम रचना उन्हें ज़ुबानी याद हैं। अब संभलपुर विश्वविद्यालय में उनके लेखन के एक संकलन ‘हलधर ग्रन्थावली-2’ को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। 

Navodayatimes

सादा लिबाज, सफेद धोती और बनियान पहने, नाग हमेशा नंगे पैर ही रहते हैं। उनकी सोशल मीडिया पर उनकी सादगी वाली फोटो खूब वायरल हो रही है। कवि हलधर नाग दिन भर में कम से कम ३ आयोजन करते हैं जिसमें वह लोगों को अपना लिखा पढ़ कर सुनाते हैं। कवी हलधर नाग कहते हैं उन्हें देख कर ख़ुशी मिलती है कि उनकी रचना को आज के युवा भी बड़ी चाव से सुनते हैं।  

वर्ष 1950 में जन्में कवि हलधर नाग के पिता कि जब वह तीसरी कक्षा में थे तभी मृत्यु हो गई थी।  तब वह महज 10 साल के थे। उन्हें पिता की मृत्यु के कारण कम उम्र में ही नौकरी छोड़नी पड़ी थी। परिवार की जिम्मेदारी तीसरी कक्षा में ही उनके कंधे पर आ गई थी। उन्होंने तब ढाबों पर बर्तन धोने तक के काम किये।   

उनके जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन तब आया जब वह एक स्थानीय उच्च विद्यालय बावर्ची की  करने लगे। १६ साल तक बावर्ची की नौकरी करने के दौरान उनकी मुलाकात एक बैंकर से हुई। उन्होंने उस से 1000 रुपए का क़र्ज़ लिया और एक छोटी सी दूकान खोली, जिसमें बच्चों के जरूरत की चीजें उपलब्ध थी।

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 इसी दौरान नाग ने अपनी पहली रचना ‘धोडो बरगच’ ( द ओल्ड बनयान ट्री) लिखी। फिर उसके बाद सिलसिला चल निकला जो आज भी जारी है। अपनी पहली लिखी कविता को उन्होंने स्थानीय पत्रिका में प्रकाशन के लिए भेजा। 

66 वर्षीय हलधर नाग कोसली भाषा के प्रसिद्ध कवि हैं। ख़ास बात यह है कि उन्होंने जो भी कविताएं और 20 महाकाव्य अभी तक लिखे हैं, वे उन्हें ज़ुबानी याद हैं। अब संभलपुर विश्वविद्यालय में उनके लेखन के एक संकलन ‘हलधर ग्रन्थावली-2’ को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। सादा लिबाज, सफेद धोती और बनियान पहने, नाग नंगे पैर ही रहते हैं।

हलधर नाग जो कुछ भी लिखते हैं, उसे याद करते हैं। आपको बस कविता का नाम या विषय बताने की ज़रूरत है। उन्हें अपने द्वारा लिखे एक-एक शब्द याद हैं। वह एक दिन में तीन से चार कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, जिनमें वह अपनी लिखी रचनाएं लोगों को सुनाते है। नाग कहते हैंः

“यह देखने में अच्छा लगता है कि युवा वर्ग कोसली भाषा में लिखी गई कविताओं में खासा दिलचस्पी रखता है।”

लधर नाग का जन्म 1950 में बारगढ़ जिले के एक गांव में गरीब परिवार में हुआ। नाग ने मात्र तीसरी कक्षा तक ही अपनी शिक्षा ली, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद उन्हें बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी। तब वह महज 10 साल के थे।

पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद उनकी माली हालत और बिगड़ती चली गई। उन्होंने अपने परिवार की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हुए छोटी उम्र में ही एक स्थानीय मिठाई की दुकान पर बर्तन धोने का काम किया।

करीब दो साल बाद, नाग ने एक स्थानीय उच्च विद्यालय में 16 साल तक एक बावर्ची के रूप में काम किया। नाग बताते हैंः

“वक़्त के साथ इस क्षेत्र में ज़्यादा से ज़्यादा स्कूल बनाए गए। तब मेरी मुलाकात एक बैंकर से हुई। मैंने उनसे 1000 रुपए का क़र्ज़ लेते हुए एक छोटी सी दूकान खोली, जिसमें बच्चों के स्कूल से जुड़ी, खाने की चीज़ें उपलब्ध थी।”

यही वह दौर था, जब नाग ने 1990 में अपनी पहली कविता ‘धोडो बरगच’ ( द ओल्ड बनयान ट्री) लिखी। इस कविता को उन्होंने स्थानीय पत्रिका में प्रकाशन के लिए भेजा। उन्होंने पत्रिका को चार कविताएं भेजी थी, और सभी रचनाएं प्रकाशित हुई।

“यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी और इस वाकये ने ही मुझे और अधिक लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। मैंने अपने आस-पास के गांवों में जाकर अपनी कविताएं सुनाना शुरू किया और मुझे लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।”

उडीसा में लोक कवि रत्न के नाम से मशहूर नाग की कविताओं के विषय ज़्यादातर प्रकृति, समाज, पौराणिक कथाओं और धर्म पर आधारित होते हैं। वह अपने लेखन के माध्यम से सामाजिक सुधार को बढ़ावा देने की ओर तत्पर रहते हैं।

नाग कहते हैं कि मेरे विचार में कविता का वास्तविक जीवन से जुड़ाव और उसमें एक समाजिक सन्देश का होना आवश्यक है।

मुलतापी समाचार

मनमोहन पंवार (संपादक) 9753903839

जगह जगह जिले में आज से भंडारा प्रारंभ


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मुलताई मे भी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आटो संंद्य द्वारा विशाल भंडारा बस स्‍टेंड पर किया जायेगा

बैतूल । महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव भक्त सेवा समिति बैतूल द्वारा भोपाली मेले में (देवना और अम्बा माई के बीच) तीन दिवसीय विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। भंडारे का शुभारंभ 20 फरवरी की सुबह से होगा। यह 22 फरवरी तक चलेगा। समिति ने बताया कि भंडारे में सुबह 5 से 9 बजे तक चाय-नाश्ता एवं सुबह 10 से रात्रि 12 बजे तक भोजन प्रसादी होगी। समिति ने सभी शिवभक्तों को आमंत्रित किया है।

समयः सुबह 6 बजे।

शिक्षक की प्रताड़ना से तंग आकर छात्र ने ताप्‍ती सरोवर में लगाई छलांग, रिजवान ने बचाई जान


रिजवान की त्‍वरित सुझबुझ से बची छात्र की जान

मुलताई की जनता पांसे जी द्वारा सम्‍मान करना चाहती है

फल के दुकान लगानेे वाले रिजवान ने बच्‍चे की जान बचाई

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यह मुलताई के हीरो शेख रिजवान जिन्होंने कल ताप्ती में छलांग लगाकर एक बच्चे की जान बचाई बच्चा स्कूल में प्रताड़ित होकर ताप्ती तालाब में कूद गया था आज इनका मुलताई के लोगो द्वारा सम्मान करते हुए।

मुलताई की जनता द्वारा रिजवान सम्‍मान करते हुए

मुलताई नगर के एक प्राइवट स्कूल के छात्र ने शिक्षक की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान देने के लिए ताप्ती नदी में छलांग लगा दी। बच्चे को डूबता देख पास ही उपस्तिथ फल व्यापारी ने अपनी जान जोखिम में डाल कर इस बालक की जान बचाई। विडीओ में देखें सम्पूर्ण मामला साथ ही प्रताड़ना का कारण।

फल के दुकान लगानेे वाले रिजवान ने बच्‍चे की जान बचाई

विशाल नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर एवं आयुर्वेदिक उपचार


नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर

23 फरवरी 2020 को प्रातः 11:00 बजे से नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर एवं निःशुल्क आयुर्वेदिक उपचार

स्व.श्रीमती कविता पवार एवं स्व.लोकेश पवार की स्मृति को समर्पित

Multapi Samachar

Sarni News : क्षत्रिय पवार समाज संगठन बगडोना ब्लॉक घोड़ाडोंगरी के सौजन्य से पवार मंगल भवन में आयोजित
स्व.श्रीमती कविता पवार एवं स्व.लोकेश पवार की स्मृति में योगेश पवार घोड़ाडोंगरी द्धारा क्षत्रिय पवार समाज संगठन बगडोना ब्लॉक घोड़ाडोंगरी के सौजन्य से पवार मंगल भवन में 23 फरवरी 2020 को प्रातः 11:00 बजे से नि:शुल्क शिविर का आयोजन किया जा रहा है। संबंधितों द्वारा अधिक से अधिक संख्या में निःशुल्क शिविर का लाभ उठाने हेतु अपील जारी की गई है।

उक्त शिविर में शिवजी भाई , भास्कर भाई लांयस नेत्र हास्पिटल एवं रिसर्च सेंटर परासिया के नेत्र चिकित्सक एवं वेद पुनाराम जी पवार, डॉक्टर रोशनी दीपिका पवार डॉक्टर गेंद लाल पंवार डॉक्टर सोनू एवं रितु साहू दंत चिकित्सक अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे ।

उल्लेखनीय है पवार मंगल भवन में आयोजित यह 24 वां नि:शुल्क शिविर है। क्षत्रिय पवार समाज संगठन बगडोना ब्लॉक घोड़ाडोंगरी बधाई का पात्र है।

मनमोहन पंवार (संपादक)

मुलतापी समाचार 9753903839

कलेक्टर, एसपी ने किया भोपाली मेला स्थल का निरीक्षण


कलेक्टर ने दिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश

मुलतापी समाचार बैतूल – कलेक्टर श्री तेजस्वी एस. नायक एवं पुलिस अधीक्षक श्री डीएस भदौरिया ने गुरूवार को पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भोपाली मेला स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। इस दौरान विधायक आमला डॉ. योगेश पण्डाग्रे भी मौजूद थे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं को निर्धारित स्थल तक ही प्रवेश करने तथा वहां से सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने की व्यवस्थाओं हेतु अधिकारियों को पाबंद किया। साथ ही कहा कि लोग पहाडिय़ों से चढक़र सीधे दर्शन स्थल तक न पहुंचें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीसीटीव्ही के माध्यम से मंदिर के बाहर भी दर्शन की व्यवस्था की जाए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर आवश्यक सूचना पटल लगाने के भी निर्देश दिए। मेला स्थल पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम, फायर ब्रिगेड, सुरक्षा बल, आपातकालीन स्थितियों में किए जाने वाले आवश्यक इंतजामों के संबंध में भी कलेक्टर द्वारा समीक्षा की गई एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मेला स्थल पर अवैध शराब की बिक्री रोकने, स्वच्छता बनाए रखने, स्वच्छ पेयजल एवं खाद्य सामग्री की उपलब्धता के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

मुलतापी समाचार बैतूल

सामूहिक विवाह सम्मेलन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल


छिन्दवाड़ा – नव-दंपत्ति देश की संस्कृति, परम्परा व आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लें-मुख्यमंत्री श्री नाथ

छिन्दवाड़ा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह एवं दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत के सामूहिक विवाह सम्मेलन में 3 हजार 353 जोड़ों का विवाह संपन्न।

सामूहिक विवाह सम्मेलन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल

“विविधता में एकता की भावना समाहित करने वाले इस देश में विभिन्न धर्म, जाति, संप्रदाय के लोग आपसी भाई-चारे के साथ रहते है। यह देश की सबसे बड़ी शक्ति है। यही हमारी अमूल्य धरोहर है। इसी परम्परा का निर्वहन करते हुए विभिन्न धर्म, जाति के लोग आज इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हो रहे हैं।” ये विचार प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज पुलिस ग्राउंड छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह एवं दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में आकर मैं बेहद खुश हूं। उन्होंने 3 हजार 353 जोड़ों को नये जीवन की शुरूआत के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस यात्रा में नव-दंपत्ति यह संकल्प लें कि वे सच्चाई का साथ देंगे, समाज के मूल्यों को बनाये रखेंगे और देश की संस्कृति, परम्परा व आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि इस सम्मेलन में हिंदू, मुस्लिम, बौध्द परम्पराओं- रस्मों के अनुसार विवाह कार्यक्रम किये जा रहे हैं। उन्होंने 4 दशक पहले शुरू हुई उनकी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि छिंदवाड़ा को किस तरह आने वाली पीढ़ी के लिए विकसित किया जाये, यह उनका स्वप्न था। वर्तमान युवा पीढ़ी इंटरनेट से जुड़ी है। ज्ञान ही सबसे बड़ी शक्ति है जिसका उपयोग कर जीवन को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 40 साल पहले के छिंदवाड़ा का परिदृश्य वर्तमान छिंदवाड़ा से काफी भिन्न था। तत्कालीन समय में छिंदवाड़ा में पेयजल, सड़क, विद्युत आपूर्ति आदि की समस्याएं थी। वर्तमान समय में जिले के युवाओं को किस प्रकार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाये, आम जन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और शिक्षा के क्षेत्र का विकास मुख्य चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए युवा वर्ग को आगे आना होगा, तभी बेहतर एवं विकसित छिंदवाड़ा के माध्यम से प्रदेश एवं राष्ट्र निर्माण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जिले के लोगों ने हमेशा सच्चाई का साथ दिया है। आपके स्नेह, विश्वास और शक्ति से ही छिंदवाड़ा की नई पहचान बनती रहेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति हुई थी और उनके द्वारा तत्कालीन समय में माचागोरा बांध के माध्यम से किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया था। वर्तमान में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। अब लोगों को अपने इलाज के लिए नागपुर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बल्कि अब स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मरीज नागपुर से छिंदवाड़ा की तरफ रूख करेंगे। कृषि विश्वविद्यालय, प्रशिक्षण केन्द्र, छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी शुरू हो चुकी है। जिले में रेलवे सुविधाएं, स्किल सेंटर विकास का प्रतीक है। यह सभी जिले के विकास का नया इतिहास बनाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान कर नई क्रांति लाई जाएगी। आपके इस विश्वास पर खरे उतरेंगे और वचनपत्र के अनुसार सारे वचन निभाये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना, इंदिरा गृह ज्योति योजना का भी विशेष उल्लेख किया।


सांसद श्री नकुलनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि सरकार ने अपने वचन को बखूबी निभाया है। पेंशन सहायता, कन्यादान विवाह की राशि को दोगुनी की गई है। दिव्यांग जोड़ों को एक लाख रूपये, दोनों दिव्यांग जोड़ों को दो लाख रूपये एवं सामान्य जोड़ों को 51 हजार रूपये की राशि प्रदान की जा रही है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो चुके इस सम्मेलन को मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के प्रयासों से ही सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। उन्होंने इसके लिये जिला प्रशासन और नगर निगम को भी बधाई दी।


प्रदेश के सामाजिक न्याय, नि:शक्तजन और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया ने कहा कि सरकार बनते हुये मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने किसान फसल ऋण माफी की फाईल पर हस्ताक्षर किये और उसके बाद कन्यादान विवाह की राशि दुगुनी की। कन्यादान विवाह की राशि पारदर्शिता के साथ वधुओं के खाते में पहुंचाई जा रही है। विगत एक वर्ष में प्रदेश विकास के मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है।

प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने अपने संबोधन में कहा कि आज इस ऐतिहासिक दिन में सबसे बड़ा पुण्य का कार्य प्रदेश सरकार के मुखिया के नेतृत्व में संपन्न हो रहा है। वर्तमान सरकार में कृषकों के हितों, स्वास्थ्य सुविधाओं, युवाओं को रोजगार आदि को ध्यान में रखा जा रहा है। विद्यालयीन छात्र-छात्राओं को एक साल के इस कार्यकाल में अनेक सौगातें प्रदान की गई है। विकास को लेकर छिन्दवाड़ा अब प्रदेश की दूसरी राजधानी बनने जा रहा है। कार्यक्रम की शुरूआत में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह नागेश द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया।


सामूहिक विवाह सम्मेलन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल- मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के मुख्य आतिथ्य में पुलिस ग्राउंड में आयोजित इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में 3 हजार 353 जोड़ो का विवाह संपन्न हुआ जिसमें 114 दिव्यांग जोड़े भी शामिल थे। मुख्यमंत्री श्री नाथ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड साउथ एशिया के हेड श्री आलोक कुमार ने छिन्दवाड़ा के सामूहिक विवाह सम्मेलन के गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड का प्रमाण पत्र प्रदान किया। श्री आलोक कुमार ने बताया कि इसके पूर्व सिंगरोली जिले में 2 हजार 290 जोड़ो का विवाह संपन्न हुआ था। छिन्दवाड़ा में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन इस रिकॉर्ड को ध्वस्त किया है।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री नाथ और अन्य अतिथियों द्वारा दिव्यांग युवक-युवती परिचय पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तिका में 600 जोड़ो की जानकारी संकलित है। कार्यक्रम में पुरोहितों द्वारा मंत्रोच्चारण कर विवाह की रस्म पूरी की गई। मुख्यमंत्री श्री नाथ वर-वधुओं के बीच पहुंचकर व उन पर पुष्पवर्षा कर उन्हें नये जीवन की बधाई और शुभकामनायें दी।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना, राज्य कृषि सलाहकार परिषद के सदस्य श्री विश्वनाथ ओकटे, विधायकगण सर्वश्री सुजीत चौधरी, निलेश उइके, सुनील उइके, कमलेश शाह व विजय चौरे, अन्य जनप्रतिधिगण, मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी.श्री संजय श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के उप सचिव श्री अनुराग सक्सेना, संभागीय आयुक्त श्री रविन्द्र कुमार मिश्रा, डी.आई.जी.श्री मिथिलेश शुक्ला, कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री विवेक अग्रवाल, अतिरिक्त कलेक्टर श्री राजेश शाही, नगर निगम आयुक्त श्री इच्छित गढ़पाले और राजस्व अनुविभागीय अधिकारी श्री अतुल सिंह सहित वर-वधु व उनके परिजन, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की बैठक आयोजित


बैतूल कलेक्टर श्री तेजस्वी एस. नायक ने ली चिकित्सकों की बैठक

बैतूल- कलेक्टर श्री तेजस्वी एस. नायक की अध्यक्षता में 20 फरवरी गुरूवार को जिला अस्पताल में चिकित्सकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीसी चौरसिया, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रदीप धाकड़ सहित चिकित्सकगण उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर श्री नायक ने समस्त कर्मचारियों के सभी भुगतान शीघ्र करने हेतु निर्देश दिए। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने नवीन चिकित्सालय भवन में ऑपरेशन थियेटर शीघ्र प्रारंभ करने तथा डायलिसिस यूनिट में दो और डायलिसिस मशीनों का प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। महिलाओं में कैंसर की स्क्रीनिंग जांच उपचार हेतु जिला चिकित्सालय में ओपीडी शीघ्र प्रारंभ करने हेतु भी कलेक्टर श्री नायक ने निर्देश दिए।

कायाकल्प अभियान की समीक्षा के दौरान चिकित्सालय के दो भवनों के बीच में गार्डन बनाने तथा गार्डन की देखभाल हेतु एक माली की व्यवस्था रोगी कल्याण समिति से किए जाने एवं चिकित्सालय भवन के सामने सुलभ काम्पलेक्स बनाने हेतु कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए गए। उन्होंने प्रत्येक सेक्शन में नर्सिंग स्टूडेंट की ड्यूटी लगाने हेतु तथा स्टूडेंट का स्किल बढ़ाने के लिए चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंपने हेतु निर्देश दिए।

समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा के तहत टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान विकासखण्ड घोड़ाडोंगरी, प्रभातपट्टन का पूर्ण टीकाकरण 75 प्रतिशत् से कम होने के कारण संबंधित खण्ड चिकित्सा अधिकारी को समग्र आईडी के आधार पर ग्रामवार परिवार एवं परिवार में बच्चों की संख्या की तुलनात्मक जानकारी बनाकर शत्-प्रतिशत् टीकाकरण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। खण्ड चिकित्सा अधिकारी मुलताई को ऐसी पांच ग्राम पंचायतें, जहां पर टीकाकरण की उपलब्धि कम है, के ग्रामों का समग्र के साथ तुलनात्मक जानकारी बनाने एवं टीकाकरण पूर्ण करने हेतु निर्देश दिए गए।

विकासखण्ड शाहपुर एवं चिचोली के ग्रामों का राजस्व क्षेत्र के अनुसार ग्रामों के विभाजन में सुधार करने हेतु निर्देश दिये गये, ताकि सुचारू रूप से स्वास्थ्य सेवाएं जनसमुदाय को दी जा सके। एनसीडी कार्यक्रम की उपलब्धि में सुधार लाने हेतु भी निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मोतियाबिंद ऑपरेशन की शत्प्रतिशत् लक्ष्यों की पूर्ति हेतु निर्देश दिये गये।

बैठक में कलेक्टर श्री नायक ने समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों की साप्ताहिक समीक्षा करने हेतु निर्देश दिए। विकासखण्ड आमला, प्रभातपट्टन एवं मुलताई के खण्ड चिकित्सा अधिकारी को विशेष प्रयास कर नसबंदी कार्यक्रम की शत्प्रतिशत् उपलब्धि पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए गए। उन्होंने शिवरात्रि पर्व में सालबर्डी एवं भोपाली मेले में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रम अधिकारी, क्लस्टर अधिकारी, समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं बीईई, बीपीएम उपस्थित रहे।

मुलतापी समाचार बैतूल

जनभागीदारी समिति का शपथ ग्रहण समारोह हुआ आयोजित


मुलतापी समाचार – शासकीय महाविद्यालय आठनेर में बैतूल विधायक श्री निलय डागा के मुख्य आतिथ्य में जनभागीदारी समिति का शपथग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष श्री अमित जैसवाल, विधायक प्रतिनिधी श्री प्रदीप प्रजापति,

जनभागीदारी समिति के सम्मानीय सदस्य श्री आशोक लोखंडे ,सुनील राठौर, मनोज जैन, इरसाद काजी ,प्रकाश कनाठे, कमल सिंह धाकड़, गोपाल आजाद , कृष्णा गीद। रामशंकर उइके , श्रीमती ममता बसंतपुरे, रामदास शनिसरे, अंकित तावरे, पवन उबनारे और शासकीय महाविद्यालय आठनेर के प्राचार्य, शाला परिवार के सभी प्राध्यापक एवं छात्र – छात्राएं उपस्थित रहे।

इस अवसर पर बैतूल विधायक श्री निलय डागा ने कहा कि सभी जनभागीदारी के सदस्यों को मिलकर कॉलेज को आगे बढ़ाना है और A ग्रेड पर आने की भरपूर कोशिश करना है। इसके लिए जनभागीदारी समिति की बैठक प्रतिमाह कराने और बैठक में लिए गए प्रस्तावों पर अमल करने एवं बड़ी समस्याओं को अवगत कराने की बात की है।

मुलतापी समाचार बैतूल

ILA माडयूल 20 का प्रशिक्षण आयोजित


प्रसव पूर्व तैयारी
अस्पताल और घर पर होने वाले प्रसव के लिए कौन कौन सी जानकारी जरूरी है
आंगनवाड़ी और आशा कार्य करता र्हितग्राही गर्भवती महिलाओ को देंगी जानकारी

मुलतापी समाचार

Betul News Today

बाल मंदिर परिसर के सभागार में माडयूल 20 का प्रशिक्षण आयोजित किया गया जिसमें बैतूल शहरी, बैतूल ग्रामीण, आठनेर, चिचोली, घोड़ाडोंगरी, शाहपुर के समस्त परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, ब्लॉक समन्वयक एवं ब्लॉक परियोजना सहायक उपस्थित रहे।

माडयूल 20 प्रसव पूर्व तैयारी अस्पताल और घर पर होने वाले प्रसव के लिए समीक्षा

इस संबंध में समस्त गर्भवती माताओं के नाम, पिछले माह में जिन महिलाओं का प्रसव हुआ है के नाम ग्रहभेट पंजी में लिखा होना।
हमारी कार्यकर्ता सभी गर्भवती माताओं से समय पर ग्रह भेंट कर रही है।
प्रसव पूर्व और प्रसव के बाद कोई समस्या।
जन्म के बाद नवजात शिशु की देखभाल सही ढंग से कर रहे है।
इन समस्त प्रश्नों की समीक्षा कर प्रशिक्षार्थीयों से विचार लिए गए।

प्रसव पूर्व की तैयारी क्यों आवश्यक है

अस्पताल में प्रसव कराने और घर में प्रसव कराने के लिए क्या-क्या तैयारी जरूरी है के संबंध में चर्चा की गई

आशा कार्यकर्ता अंतिम तिमाही में कम से कम 2 बार ग्रह भेंट जरुर करें। जिसमें सातवें महीने में एक बार और नवे महीने में एक बार ग्रह भेंट आवश्यक रुप से करे।

परिवार को प्रसव पूर्व तैयारी में परामर्श देने के लिए अहम रोल प्ले करे जिसमें क्या सही, क्या गलत, कोई कमी तो नही की जानकारी।

प्रशिक्षण स्वास्थ्य भारत प्रेरक श्रीमती सुषमा तायवाड़े, CDPO बैतूल शहर श्रीमती कल्पना जोनाथन, मुलताई श्रीमती प्रमिला माकोड़े, जिला समन्वयक श्री असरार कुरैशी, जिला परियोजना सहायक श्री मनमोहन पवार, पर्यवेक्षक शाहपुर श्रीमती कविता गढ़वाल द्वारा दिया गया।

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