नववर्ष 2020 की “पवार वैभव मंथन” पुस्तिका भेंट की-


पवार समाज के राजा जी का रेलवे स्टेशन पर किया भव्य स्वागत

धार जिलें के राज परिवार के उत्तराधिकारी डॉ. करणसिंह जी राजेपवार सोमवार 24 फरवरी को प्रातः11 बजे बैतूल पधारे जहाँ पर पवार समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं द्वारा भव्य स्वागत किया। वे अपने एक दिवसीय कार्यक्रम में अपनेे प्रिय स्नेही पवार समाज के स्तम्भ स्व. श्री कन्हैयालाल जी बुआडे को श्रृध्दांजली देने और परिवार से भेट करने के लिए बैतूल पहुंचे।

फोटो- प्रदीप डिगरसे बैतूल मुलतापी समाचार

जहाँ क्षत्रिय पवार समाज बगडोना, घोड़ाडोंगरी के संरक्षक श्री बाजीराव जी हिंगवे, अध्यक्ष श्री बाबूराव जी डोले, उपाध्यक्ष श्री अशोक पवार ओमकार ने पवार समाज पर आधारित नववर्ष 2020 की “पवार वैभव मंथन” नामक पुस्तिका भेंट की।

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चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज के वंशज करणसिंह जी राजेपवार पहुँचे बैतूल


धार जिलें के राज परिवार के उत्तराधिकारी डॉ करणसिंह जी राजेपवार ( पूर्व विधायक जिला धार ) सोमवार 24 फरवरी को प्रातः11 बजे बैतूल पधारे जहाँ पर पवार समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं द्वारा भव्य स्वागत किया। वे अपने एक दिवसीय कार्यक्रम में अपनेे प्रिय स्नेही पवार समाज के स्तम्भ स्व. श्री कन्हैयालाल जी बुआडे को श्रृध्दांजली देने और परिवार से भेट करने के लिए बैतूल पहुंचे।

जिसके बाद उन्होंने आभाश्री होटल में दोपहर 12:30 बजे क्षत्रिय पवार समाज के सामाजिक बंधुओं, कार्यकारिणी सदस्यों और युवाओं से भेंट कर औपचारिक चर्चा की।

साथ ही पत्रकार वार्ता भी की जिसमें उन्होंने कहा

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गुलाब की खेती से हर साल कमाए हर साल 8 से 10 लाख रुपए


मुलतापी समाचार .. मनोज कुमार अग्रवाल

दमोह: दमोह के लालन बाग निवासी तन्मय श्रीवास्तव ने बड़े शहरों मैं नौकरी करने की बजाय उद्यानिकी की खेती करने की ओर रुचि दिखाई! और आज अपनी मेहनत और लगन से गुलाब की खेती कर हर वर्ष 8 से 10 लाख रुपए की आमदनी ले रहे हैं! युवा किसान तन्मय श्रीवास्तव ने वर्ष 2017 से गुलाब की खेती के लिए उद्यानिकी विभाग से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए कार्य की शुरुआत की!

व्यवसायिक संरक्षित खेती योजना के तहत उन्होंने पानी हाउस का निर्माण किया! जिस पर विभाग द्वारा 16 लाख रुपए पर 50% अनुदान दिया गया! तन्मय ने बताया पहले दमोह जिले में डच गुलाब जबलपुर और भोपाल से मगाए जाते थे लेकिन अब वर्तमान में जिले में ही गुलाब के फूलों का उत्पादन प्रारंभ हो गया है! एक हजार से दो हजार गुलाब प्रतिदिन विक्रय किए जा रहे हैं! बाजार मे एक फूल तीन से ₹5 में विक्रय किया जा रहा है, साल में 8 से 10 लाख रुपए की आमदनी प्राप्त की जा रही है!

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