भोपाल में धारा 144 लागू विधानसभा सत्र तक


धरना, जुलूस, पुतलादहन व आंदोलन पर रहेगा प्रतिबंध-

भोपाल : मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार दिनांक 16 मार्च 2020 से प्रारंभ होकर सोमवार दिनांक 13 अप्रैल 2020 तक चलेगा। उक्त अवधि के दौरान सार्वजनिक शांति व कानून व्यवस्था के मद्देनजर कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट भोपाल श्री तरुण कुमार पिथोड़े द्वारा विधानसभा भवन के आसपास दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 को लागू कर दिया गया है। उल्लेखित क्षेत्रों में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या इससे अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे। इस प्रकार एकत्रित भीड़ को गैरकानूनी समझी जाएगी एवं उक्त आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

निम्न स्थानों पर धारा 144 प्रभावशील रहेगी :-

1- लिली टॉकीज से रोशनपुरा पहुंचने वाला मार्ग।
2- बाणगंगा से राजभवन एवं जनसंपर्क कार्यालय की ओर प्रवेश करने वाला मार्ग।
3- पुराना पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शब्बन चौराहा होते हुए पुरानी जेल मार्ग।
4- स्लाटर हाउस रोड बोर्ड ऑफिस चौराहा।
5- झरनेश्वर मंदिर चौराहा से ठंडी सड़क से 74 बंगले के सबसे ऊपर वाली सड़क से होते हुए रोशनपुरा चौराहा।
6- नवीन विधानसभा क्षेत्र से राजभवन क्षेत्र रोशनपुरा चौराहा से पत्रकार भवन एवं राजभवन की ओर जाने वाले समस्त मार्ग, विधायक विश्रामगृह के सामने वाला रोड, पुराना पुलिस अधीक्षक कार्यालय चौराहे से शब्बन चौराहे से पुरानी जेल का क्षेत्र का समस्त क्षेत्र।
7- मैदा मिल सड़क के ऊपर का समस्त क्षेत्र बोर्ड ऑफिस चौराहा, झरनेश्वर मंदिर गुलाब उद्यान 74 बंगला एवं पत्रकार भवन के नवीन विधानसभा की ओर पहुंचने वाली सड़क विंध्याचल भवन, सतपुड़ा भवन, वल्लभ भवन एवं अरेरा एक्सचेंज का क्षेत्र, ओम नगर, वल्लभ नगर का समस्त झुग्गी क्षेत्र।

इस आदेश के प्रभावशील रहने की अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्रों में पुतला दहन, धरना प्रदर्शन, आंदोलन नहीं करेगा। यह आदेश विवाह समारोह, बारात तथा शव यात्रा पर प्रभावसशील नहीं रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति को भादवि की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

क्षत्रिय पवार समाज संगठन बैतूल के सदस्यों ने मातोश्री वृद्धाश्रम के वृद्धजनों के साथ मनाया होली मिलन समारोह


मुलतापी समाचार बैतूल 15/03/2020 रविवार

क्षत्रिय पवार समाज संगठन बैतूल के सदस्यों ने मातोश्री वृद्धाश्रम के वृद्धजनों के साथ मनाया होली मिलन समारोह “छोड़ा जब अपनों ने अपनों का हाथ, आओ चले हम उनके साथ।” जिला क्षत्रिय पवार समाज संगठन बैतूल के तत्वाधान में “वृद्ध नहीं अकेला” की तर्ज पर निराश्रितओं के साथ खुशियां बांटकर होली मिलन समारोह मनाया।

“बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार, पुरानी कटुता को भुलाकर गिले सिकवे दूर करने का त्यौहार। इस आयोजन को समाज के लोगों ने बिना रंग लगाए वृद्धजनों , संस्था पदाधिकारियों, सामाजिक भाई-बहनों, युवाओं के साथ एक दूसरे का अभिनंदन करते हुए शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर संगठन के उपाध्यक्ष कमल पवार ने अपने स्वर्गीय पिता श्री आनंदराव जी पवार की स्मृति में वृद्ध आश्रम को ₹11000 (ग्यारह हजार रुपए) का आर्थिक सहयोग वृद्धजनों की सेवा के लिए दिया। जिसकी सामाजिक बंधुओं ने प्रशंसा की, साथ ही समाज के अध्यक्ष बाबूलाल कालभोर सहित उपस्थित सामाजिक बंधुओं ने भी स्वेच्छा से सहयोग राशि वृद्ध आश्रम के संस्थापक अध्यक्ष मनोज कुमार विष्ट, उपाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल, सचिव श्रीमती मालती बिसौना, कोषाध्यक्ष श्री रामनाथ यादव, सचिव जगन्नाथ चौहान को प्रदान की। इस अवसर पर संगठन के संरक्षक शंकर पवार पत्रकार ने आयोजन को संबोधित करते हुए सभी सदस्यगण, कार्यकारिणी सदस्यों, सामाजिक भाई-बहनों, युवा साथियों को शुभकामनाएं दी। सभी ने वृध्दजनों के साथ सामूहिक भोजन कर होली मिलन समारोह उत्साहपूर्वक मनाया। और आयोजन को सफल बनाने में संगठन के संरक्षक सदस्य, कार्यकारिणी सदस्य, संगठन के युवा प्रकोष्ठ के सदस्यों का सरहानीय योगदान रहा, जिसमें अध्यक्ष बाबूलाल कालभोर ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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वृद्ध जनों संग रंगपंचमी का त्यौहार मनाया, समाज की गुरू शोभा ने वृद्धों की सुध ली


मुलतापी समाचार

बैतूल। अपनों के व्यवहार से दु:खी वृद्धजनों का एक ही सहारा होता है वृद्धाश्रम, जहां यह वृद्ध अपना समय तो जैसे-तैसे काट लेते है, लेकिन अपनेपन का एहसास बुजुर्गों से कोसो दूर चला जाता है। वृद्धाश्रम में रह रहे वृद्धजनों को उम्र के अंतिम पड़ाव में सहारा देने का उद्देश्य लेकर किन्नर समाज की गुरू शोभा ने वृद्धों की सुध लेनी शुरू की है। प्रति शनिवार जहां मातोश्री वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्धजनों को न केवल गुरू द्वारा भोजन कराया जाता है, बल्कि उनके साथ बैठकर उन्हें तसल्ली भी दी जाती है। यही नहीं वृद्धों की हर आवश्यकता की पूर्ति भी शोभा गुरू द्वारा पिछले तीन महीने से की जा रही है। 

वृद्धाश्रम में भोजन कराते हुए सामाजिक जन

इस पुनीत कार्य को लेकर उन्होंने बताया कि वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्धों की तकलीफों का एहसास सिर्फ वे वृद्ध ही कर सकते है, जो उनके अपनों के सताए जाने के बाद अपने परिवार से दूर वृद्धाश्रम में शरण लेने के लिए मजबूर हो जाते है। वृद्धों की इसी तकलीफ को दूर करने के लिए वे प्रति शनिवार आश्रम में रह रहे लगभग 35 वृद्धों को अपने हाथों से भोजन कराती है। यही नहीं इन वृद्धों के लिए कपड़े, जूते, चप्पल, साबुन आदि उन सभी चीजों का प्रबंध भी उनके द्वारा किया जा रहा है, जिनकी आवश्यकता वृद्धजनों को हमेशा महसूस होती है। गुरू ने बताया कि इस कार्य में कुछ समाजसेवी भी उनका पूर्ण सहयोग कर रहे है, जिनमें सय्यद अलीम, अमीना बानो, पवन पंवार, विकास पंवार आदि शामिल है। 

MP पिता की मौत के बाद मां ने मेहनत करके बेटी को पाला- 21 साल की उम्र में डिप्टी कलेक्टर बन गई बेटी


Multapi Samachar

भोपाल ।
मेहनत कभी विफल नहीं होती आज नहीं तो कल मेहनत का फल आपको जरूर मिलेगा अगर मन में सच्ची लगन और मेहनत का दम हो तो कोई आपको सफल होने से रोक नहीं सकेगा इसी कहावत को यही साबित किया मध्यप्रदेश की एक होनहार बेटी निकिता ने खरगौन शहर के कुंदा नगर में रहने वाली निकिता ने पहले ही प्रयास में पीएससी की परीक्षा पास की और डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुई हैं पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार निकिता ने एसटी वर्ग में एमपी में टॉप किया और प्रदेश में ओवर ऑल 23 रैंक हासिल की भगवानपुरा ब्लॉक के सुखपुरी में मंडलोई का परिवार हैं निकिता के पिता मंगलसिंह टीचर थे और उन्होंने बेटी को डिप्टी कलेक्टर या कलेक्टर बनाने का सपना देखा था कुछ सालों पूर्व कुंदा नगर में मकान बनाकर यही बस गए सात वर्ष पूर्व पिता का देहांत हो गया जिसके चलते तीन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी मां राधा मंडलोई के कंधों पर आ गई

सिर से पिता का साया उठने के बाद भी निकिता ने हिम्मत नहीं हारी और अच्छे तरह पढ़ाई कर पिता का सपना पूरा किया अपनी बेटी की इस सफलता पर परिवार के हर सदस्य खुशी से गदगद हैं निकिता की प्रारंभिक पढ़ाई शहर के विद्यालय में हुई इसके बाद उसने इंदौर के जीएसआईटीएस कॉलेज से बायो मेकेनिकल में इंजीनिरिंग की कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उसका चयन प्राइवेट कंपनी द्वारा किया गया जिसके द्वारा लाखों के पैकेज पर विदेश में नौकरी का ऑफर मिला, लेकिन निकिता ने इस ऑफर को छोड़ दिया और पीएससी की तैयारी में जुट गई बकौल, निकिता ढाई साल की मेहनत में परीक्षा पास कर ली निकिता ने अपने संदेश में कहा कि पढ़ाई के दौरान लक्ष्य तय उसे हासिल करने की जिद हर विद्यार्थी में होना चाहिए। जिससे मुश्किल से मुश्किल समय मेंं भी आप सफल होंगे।

शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने की विधि-विधान क्या है?


मुलतापी समाचार

सनातन धर्मियों नीति

शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने की विधि-विधान क्या है?

सावन का महीना आते ही श्रद्धालु महादेव शंकर को प्रसन्न करने का कोशिश में जुट जाते हैं, शिवलिंग पर गंगाजल और साथ साथ बेलपत्र भी चढ़ाने का विधान है।

फुल तोड़ने के नियम

चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या तिथि को संक्रांति के समय और सोमवार को बेलपत्र न तोड़ें।

बेलपत्र भगवान शंकर को बहुत प्रिय है, इस लिए इन तिथियों या वार से पहले तोड़ा गया पत्र चढ़ाना चाहिए।

शास्त्रों में कहा गया है कि अगर नया बेलपत्र न मिल सके तो किसी दूसरे के चढ़ाएं हुए बेलपत्र को भी धोकर कोई वार इस्तेमाल किया जा सकता।

अर्पितान्यपि बिल्वानि प्रक्षाल्यादि पुनः पुनः शंकरायार्पणीयानि न नवानि यादि क्वचित।।

टहनी से चुन-चुनकर सिर्फ बेलपत्र ही तोड़ना चाहिए, कभी भी पुरी टहनी नहीं तोड़ना चाहिए पत्र इतनी सावधानी से तोड़ना चाहिए कि वृक्ष का कोई नुक्सान ना पहुंचे।

बेलपत्र तोड़ने से पहले और बाद में वृक्षों को मन ही मन प्रणाम कर लेना चाहिए।

बेलपत्र कैसे चढ़ने चाहिए

महादेव को बेलपत्र हमेशा उल्टा उर्पित करना चाहिए यानी पत्र का चिकना भाग शिवलिंग के उपर रहना चाहिए।

बेलपत्र में चक्र और वज्र नहीं होना चाहिए।

बेलपत्र 3 से लेकर 11 दलों तक के होते हैं, ये जितने अधिक पत्र हो उतने ही उत्तम मानी जाता है।

अगर बेलपत्र उपलब्ध न हो तो बेल के वृक्ष के दर्शन ही कर लेना चाहिए। उससे भी पाप ताप नष्ट हो जाता है।

शिवलिंग पर दुसरे के चढ़ाएं बेलपत्र की उपेक्षा या अनादर नहीं करना चाहिए।

सुभाष चंद्र बाला

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृहमंत्री को लिखा पत्र


मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखा पत्र–

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मप्र बीजेपी द्वारा की जा रही विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त की विस्तृत जानकारी दी व बंधक विधायकों की रिहाई कराने का अनुरोध किया।

ताकि लोकतंत्र की रक्षा सुनिश्चित हो।