शिवराज सिंह चौहान चौथी बार बने मुख्यमंत्री, आज तक का राजनीतिक सफर


कहा हमें सबसे पहले काेरोना वायरस से डटकर लडना है, सजग रहना है

मुलतापी समाचार

मुख्‍य मंत्री की शपथ ग्रहण करते हुए शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश में पिछले करीब एक महीने से जारी सियासी संकट अब लगभग खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार रात नौ बजे राजधानी भोपाल स्थित राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। राज्यपाल लालजी टंडन ने उन्हें शपथ दिलाई। इससे पहले भाजपा हाईकमान ने उनके नाम पर अपनी मुहर लगा दी थी। हालांकि शिवराज सिंह चौहान को अभी आने वाले समय में मध्यप्रदेश की विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा। आइए जानते हैं शिवराज सिंह चौहान का अब तक का राजनीतिक सफर कैसा रहा…

राज्‍य पाल लाल जी टंडन मुख्‍य मंत्री की शपथ ग्रहण कराते हुए

शिवराज सिंह चौहान जब पहली बार बने मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान 29 नवंबर 2005 को बाबूलाल गौर की जगह पर मध्य प्रदेश के पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। 61 वर्षीय शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को सीहोर जिले के जैत गांव में हुआ था। शिवराज के पिता का नाम प्रेम सिंह चौहान और माता का नाम सुंदर बाई है। उनके पिता किसान थे।

शिवराज सिंह चौहान किरार राजपूत समुदाय से संबंध रखते हैं। उन्होंने कक्षा चौथी तक की पढ़ाई गांव में ही पूरी की। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए भोपाल आ गए। यहां उन्होंने मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल में दाखिला लिया। यहीं पढ़ाई करते हुए शिवराज सिंह चौहान साल 1975 में छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए।

उच्चतर शिक्षा के लिए शिवराज ने भोपाल के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और दर्शनशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई की। शिवराज बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुके हैं। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं। 

आपात काल में जेल भी गए 

एक किसान का बेटा होने की पहचान लिए शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस सरकार में लगाए गए आपात काल का विरोध किया था, इस दौरान वह साल 1976-77 में जेल भी गए। शिवराज सिंह चौहान जब महज 13 साल के थे तब साल 1972 में वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए थे। इसके बाद वे समय-समय पर जन सामान्य के मुद्दों को उठाते रहे।

एबीवीपी से जुड़े और फिर पहली बार लड़ा विधानसभा का चुनाव

  • शिवराज सिंह चौहान साल 1977-1978 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री बने। साल 1978 से 1980 तक मध्यप्रदेश में एबीवीपी के संयुक्त मंत्री रहे।
  • वह 1980 से 1982 तक अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के प्रदेश महासचिव रहे और 1982-1983 में परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य चुने गए। 
  • साल 1984-1985 में शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश में भारतीय जनता युवा मोर्चा का संयुक्त सचिव और वर्ष 1985 में महासचिव बनाया गया। इस पद पर वे 1988 तक बने रहे। जबकि साल 1988 में भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया। इस पद पर वे 1991 तक बने रहे। 
  • वर्ष 1990 के विधानसभा चुनाव के दौरान पहली बार शिवराज ने बुधनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और विधायक बने।

अटल के इस्तीफे के बाद बने सांसद

  • विदिशा लोकसभा सीट से साल 1991 में तत्कालीन सांसद अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी सीट से त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने यहां से लोकसभा का उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर सांसद बनकर संसद में पहुंचे।
  • शिवराज सिंह चौहान सांसद बनने के बाद 6 मई 1992 को साधना के साथ शादी के बंधन में बंध गए। साधना गोंदिया के मतानी परिवार की बेटी थीं। साधना से शिवराज को दो बेटे हैं। वह शहरी स्वर्णकार कॉलोनी के एक छोटे से मकान में रहा करते थे।
  • परंतु सांसद बनने पर लोगों का आना-जाना बढ़ा तो उन्होंने विदिशा में शेरपुरा स्थित दो मंजिला भवन किराए पर ले लिया था। शिवराज जब सांसद बने तब कांग्रेस पार्टी की सरकार थी, इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों को उठाया और क्षेत्र में कई पदयात्राएं भी कीं। यही वजह रही कि वह विदिशा संसदीय क्षेत्र में पांव-पांव वाले भैया के नाम से भी पहचाने जाने लगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री पद तक

  • शिवराज सिंह चौहान ने साल 1996 में हुए 11वें लोकसभा चुनाव के दौरान फिर विदिशा दे चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद 1998 में जब 12वीं लोकसभा का चुनाव हुआ तो वह विदिशा से ही तीसरी बार सांसद चुने गए।
  • इसके बाद साल 1999 में हुए 13वें लोकसभा चुनाव के दौरान शिवराज चौथी बार सांसद बने। इस चुनाव के बाद केंद्र में भाजपा समर्थित एनडीए की सरकार सत्ता में आई। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान केंद्र सरकार की ओर से गठित की गई विभिन्न समिति के सदस्य भी रहे।
  • वर्ष 2004 में हुए 14वें लोकसभा चुनाव के दौरान शिवराज पांचवीं बार सांसद चुने गए। जबकि साल 2005 में शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया। 29 नवंबर 2005 को जब बाबूलाल गौर ने अपने पद से इस्तीफा दिया तो शिवराज पहली बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके अगले ही साल उन्होंने बुधनी विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

राजस्थान के भीलवाड़ा में केरल के कुछ क्षेत्रों में कोरोना तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है।


Korona virus steps ditals

अच्छी बात यह है कि मध्यप्रदेश में यह स्टेज 1से 2 तक है।

ये स्टेज क्या होती हैं?

पहली स्टेज

विदेश से नवांकुर आया। एयरपोर्ट पर उसको बुखार नहीं था। उसको घर जाने दिया गया। पर उससे एयरपोर्ट पर एक शपथ पत्र भरवाया गया कि वह 14 दिन तक अपने घर में कैद रहेगा। और बुखार आदि आने पर इस नम्बर पर सम्पर्क करेगा।
घर जाकर उसने शपथ पत्र की शर्तों का पालन किया।
वह घर में कैद रहा।
यहां तक कि उसने घर के सदस्यों से भी दूरी बनाए रखी।

नवांकुर की मम्मी ने कहा कि अरे तुझे कुछ नहीं हुआ। अलग थलग मत रह। इतने दिन बाद घर का खाना मिलेगा तुझे, आजा किचिन में… मैं गरम गरम् परोस दूं।

नवांकुर ने मना कर दिया।

अगली सुबह मम्मी ने फिर वही बात कही। इस बार नवांकुर को गुस्सा आ गया। उसने मम्मी को चिल्ला दिया। मम्मी की आंख में आंसू झलक आये। मम्मी बुरा मान गयीं।

नवांकुर ने सबसे अलग थलग रहना चालू रखा।

6-7वें दिन नवांकुर को बुखार सर्दी खांसी जैसे लक्षण आने लगे। नवांकुर ने हेल्पलाइन पर फोन लगाया। कोरोना टेस्ट किया गया। वह पॉजिटिव निकला।
उसके घर वालों का भी टेस्ट किया गया। वह सभी नेगेटिव निकले।
पड़ोस की 1 किमी की परिधि में सबसे पूछताछ की गई। ऐसे सब लोगों का टेस्ट भी किया गया। सबने कहा कि नवांकुर को किसी ने घर से बाहर निकलते नही देखा।
चूंकि उसने अपने आप को अच्छे से आइसोलेट किया था इसीलिए उसने किसी और को कोरोना नहीं फैलाया।
नवांकुर जवान था। कोरोना के लक्षण बहुत मामूली थे। बस बुखार सर्दी खांसी बदन दर्द आदि हुआ। 7 दिन के ट्रीटमेंट के बाद वह बिल्कुल ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पाकर घर आ गया।

जो मम्मी कल बुरा मान गईं थीं, वो आज शुक्र मना रहीं हैं कि घर भर को कोरोना नहीं हुआ।

यह पहली स्टेज जहां सिर्फ विदेश से आये आदमी में कोरोना है। उसने किसी दूसरे को यह नहीं दिया।


स्टेज 2- राजू में कोरोना पॉजिटिव निकला।
उससे उसकी पिछले दिनों की सारी जानकारी पूछी गई। उस जानकारी से पता चला कि वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है। वह परसों गहने खरीदने के लिए एक ज्वेलर्स पर गया था। वहां के सेठजी हाल ही में विदेश घूमकर लौटे थे।

सेठजी विदेश से घूमकर आये थे।उनको एयरपोर्ट पर बुखार नहीं था। इसी कारण उनको घर जाने दिया गया। पर उनसे शपथ पत्र भरवा लिया गया, कि वह अगले 14 दिन एकदम अकेले रहेंगे और घर से बाहर नहीं निकलेंगे। घर वालों से भी दूर रहेंगे।
विदेश से आये इस गंवार सेठ ने एयरपोर्ट पर भरे गए उस शपथ पत्र की धज्जियां उड़ाईं।
घर में वह सबसे मिला।
शाम को अपनी पसंदीदा सब्जी खाई।
और अगले दिन अपनी ज्वेलेरी दुकान पर जा बैठा। (पागल हो क्या! सीजन का टेम है, लाखों की बिक्री है, ज्वेलर साब अपनी दुकान बंद थोड़े न करेंगे)

6वें दिन ज्वेलर को बुखार आया। उसके घर वालों को भी बुखार आया। घर वालों में बूढ़ी मां भी थी।
सबकी जांच हुई। जांच में सब पॉजिटिव निकले।

यानि विदेश से आया आदमी खुद पॉजिटिव।
फिर उसने घर वालों को भी पॉजिटिव कर दिया।

इसके अलावा वह दुकान में 450 लोगों के सम्पर्क में आया। जैसे नौकर चाकर, ग्राहक आदि।
उनमें से एक ग्राहक राजू था।

सब 450 लोगों का चेकअप हो रहा है। अगर उनमें किसी में पॉजिटिव आया तो भी यह सेकंड स्टेज है।

डर यह है कि इन 450 में से हर आदमी न जाने कहाँ कहाँ गया होगा।

कुल मिलाकर स्टेज 2 यानी कि जिस आदमी में कोरोना पोजिटिव आया है, वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।


स्टेज 3

रामसिंग को सर्दी खांसी बुखार की वजह से अस्पताल में भर्ती किया, वहां उसका कोरोना पॉजिटिव आया।
पर रामसिंग न तो कभी विदेश गया था।
न ही वह किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।

यानि हमें अब वह स्रोत नहीं पता कि रामसिंग को कोरोना आखिर लगा कहाँ से??

स्टेज 1 में आदमी खुद विदेश से आया था।

स्टेज 2 में पता था कि स्रोत सेठजी हैं। हमने सेठजी और उनके सम्पर्क में आये हर आदमी का टेस्ट किया और उनको 14 दिन के लिए अलग थलग कर दिया।

स्टेज 3 में आपको स्रोत ही नहीं पता।

स्रोत नहीं पता तो हम स्रोत को पकड़ नहीं सकते। उसको अलग थलग नहीं कर सकते।
वह स्रोत न जाने कहाँ होगा और अनजाने में ही कितने सारे लोगों को इन्फेक्ट कर देगा।

स्टेज 3 बनेगी कैसे?

सेठजी जिन 450 लोगों के सम्पर्क में आये। जैसे ही सेठजी के पॉजिटिव होने की खबर फैली, तो उनके सभी ग्राहक,नौकर नौकरानी, घर के पड़ोसी, दुकान के पड़ोसी, दूध वाला, बर्तन वाली, चाय वाला….सब अस्पताल को दौड़े।
सब लोग कुल मिलाकर 440 थे।
10 लोग अभी भी नहीं मिले।
पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम उनको ढूंढ रही है।
उन 10 में से अगर कोई किसी मंदिर आदि में घुस गया तब तो यह वायरस खूब फैलेगा।
यही स्टेज 3 है जहां आपको स्रोत नहीं पता।

स्टेज 3 का उपाय
14 दिन का lockdown
कर्फ्यू लगा दो।
शहर को 14 दिन एकदम तालाबंदी कर दो।
किसी को बाहर न निकलने दो।

इस तालाबंदी से क्या होगा??

हर आदमी घर में बंद है।
जो आदमी किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में नहीं आया है तो वह सुरक्षित है।
जो अज्ञात स्रोत है, वह भी अपने घर में बंद है। जब वह बीमार पड़ेगा, तो वह अस्पताल में पहुंचेगा। और हमें पता चल जाएगा कि अज्ञात स्रोत यही है।

हो सकता है कि इस अज्ञात श्रोत ने अपने घर के 4 लोग और संक्रमित कर दिए हैं, पर बाकी का पूरा शहर बच गया।

अगर LOCKDOWN न होता। तो वह स्रोत पकड़ में नहीं आता। और वह ऐसे हजारों लोगों में कोरोना फैला देता। फिर यह हजार अज्ञात लोग लाखों में इसको फैला देते। इसीलिए lockdown से पूरा शहर बच गया और अज्ञात स्रोत पकड़ में आ गया।

क्या करें कि स्टेज 2, स्टेज 3 में न बदले।
Early lockdown यानी स्टेज 3 आने से पहले ही तालाबन्दी कर दो।
यह lockdown 14 दिन से कम का होगा।

उदाहरण के लिए
सेठजी एयरपोर्ट से निकले
उनने धज्जियां उड़ाईं।
घर भर को कोरोना दे दिया।
सुबह उठकर दुकान खोलने गए।
(गजब आदमी हो यार! सीजन का टेम है, लाखों की बिक्री है, अपनी दुकान बंद कैसें कर लें)

पर चूंकि तालाबंदी है।
तो पुलिस वाले सेठजी की तरफ डंडा लेकर दौड़े।
डंडा देख सेठजी शटर लटकाकर भागे।

अब चूंकि मार्किट बन्द है।
तो 450 ग्राहक भी नहीं आये।
सभी बच गए।
राजू भी बच गया।
बस सेठजी के परिवार को कोरोना हुआ।
6वें 7वें दिन तक कोरोना के लक्षण आ जाते हैं। विदेश से लौटे लोगों में लक्षण आ जाये तो उनको अस्पताल पहुंचा दिया जायेगा। और नहीं आये तो इसका मतलब वो कोरोना नेगेटिव हैं।

उपरोक्त मेसेज को ध्यान पूर्वक हम भी पढे व समझे व अमल करे व उचित लगे तो साझा करे ।

शहीदी दिवस पर शहीदों को नमन


मुलतापी समाचार … मनोज कुमार अग्रवाल

बेतूल: भगत सिंह, सुखदेव ,राजगुरु का आज बलिदान दिवस है! अंग्रेजों का 70 % से ज्यादा दुनिया में राज था! वे कहते थे हमारा जन्म विश्व में राज करने के लिए हुआ है! उनकी जड़ों को हिलाने वाले इन शहीदों के चरणों में बहुत-बहुत श्रद्धांजलि!

नमन करें उन वीरों को

जिनने देह त्याग दी देश हित में

नमन करें उन वीरों को जिनने

प्राण दे आजादी की अलख जगाई!

ऐसी क्रांतिकारियों को मुलतापी परिवार की ओर से श्रद्धा सुमन अर्पित!

मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

चौथी बार सीएम बनने वाले शिवराज सिंह चौहान आज लेंगे शपथ


आज शाम 9 बजे  राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह

मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन से भेट करते हुए शिवराज सिंह चौहान विधायक दल की बैठक के आज मिले राजभवन में

भाजपा विधायक दल की बैठक आज शाम 6 बजे , मुख्यमंत्री पद के लिए विधायक दल नेता का चयन होगा और उसके बाद राज भवन में शाम 7 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा, राज भवन में तैयारी शुरु।

मध्यप्रदेश में पिछले करीब एक महीने से चली आ रही सियासी उठापटक सोमवार यानि आज थम जाएगी। भाजपा हाईकमान ने मध्यप्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के लिए शिवराज सिंह चौहान का नाम तय कर दिया है। शिवराज आज रात नौ बजे राजधानी भोपाल स्थित राजभवन में शपथ लेंगे। 

गौरतलब है कि 20 मार्च को कमलनाथ के इस्तीफे के बाद सीएम पद की दौड़ में शिवराज ही सबसे मजबूत दावेदार थे। पार्टी का एक खेमा भी मौजूदा विधानसभा में संख्या गणित को देखते हुए अभी फिलहाल शिवराज सिंह चौहान को ही कमान देने का दबाव बना रहा था। अन्य दावेदारों में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी सामने आया।

शिवराज सिंह चौहान चौथी बार लेंगे शपथ
शिवराज सिंह 2005 से 2018 तक लगातार 13 साल सीएम रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके फिर सीएम बनने पर मध्यप्रदेश के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा। शिवराज के अलावा अब तक अर्जुन सिंह और श्यामाचरण शुक्ल तीन-तीन बार सीएम रहे हैं।

प्रह्लाद पटेल और थावरचंद के नाम पर भी हुई थी चर्चा
भाजपा सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ सरकार गिरने के बाद दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के घर पर हुई भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की बैठक में प्रह्लाद पटेल के नाम पर गंभीरता से विचार हुआ था। इसके अलावा एक राय मध्य प्रदेश में दलित कार्ड खेलने और केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत को कमान सौंपने की भी हुई थी।

गहलोत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के भी करीब माना जाता है। संघ में भी उनकी अच्छी छवि है। उधर प्रह्लाद पटेल न सिर्फ भाजपा संगठन के पुराने जमीनी कार्यकर्ता हैं बल्कि संघ की विचारधारा के प्रति उनकी निष्ठा भी असंदिग्ध है। उनकी नर्मदा यात्रा से भी राज्य में खासी लोकप्रिय हुई थी। लेकिन माना जा रहा है कि भाजपा आलाकमान ने शिवराज के नाम ही मुहर लगा दी है।

शिवराज को फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा
अगर भाजपा सरकार बना लेती है, तब उसे विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा। पिछले साल महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधायकों के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपकर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद भी उन्हें विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से गुजरना पड़ा, जिसमें वे जीत गए थे।

24 सीटों पर छह महीने में होंगे चुनाव 
विधानसभा में 230 सीटें हैं। दो विधायकों के निधन के बाद दो सीटें पहले से खाली हैं। सिंधिया समर्थक कांग्रेस के 22 विधायक बागी हो गए थे। स्पीकर एनपी प्रजापति इन सभी के इस्तीफे मंजूर कर चुके हैं। इस तरह कुल 24 सीटें अब खाली हैं। इन सीटों पर छह महीने में चुनाव होने हैं।

उपचुनाव में भाजपा को नौ सीटें जीतनी पड़ेंगी
भाजपा के पास फिलहाल 107 विधायक हैं। चार निर्दलीय उसके समर्थन में आए तो भाजपा की सदन में  में संख्या 111 हो जाती है। 24 सीटों पर उपचुनाव होने पर भाजपा को बहुमत के लिए पांच और सीटों की जरूरत होगी। अगर निर्दलीयों ने भाजपा का साथ नहीं दिया तो उपचुनाव में पार्टी को कम से कम नौ सीटें जीतनी होंगी।कमलनाथ ने दिल्ली में सोनिया गांधी से की मुलाकात
वहीं, मध्यप्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से सोमवार को मुलाकात की। कांग्रेस के सभी 20 विधायक इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। 

मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के लिए शिवराज का नाम तय, आज रात 9:00 बजे शपथ लेंगे


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: भाजपा आलाकमान ने मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के लिए शिवराज सिंह चौहान का नाम तय कर दिया है! वे आज रात 9:00 बजे राजभवन में शपथ लेंगे! उनके फिर सीएम बनने पर मध्य प्रदेश के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा! शिवराज के अलावा अब तक अर्जुन सिंह और श्यामाचरण शुक्ल तीन -तीन बार सीएम रहे हैं!

मुलतापी समाचार

मानव जाति को एक संदेश


मुलतापी समाचार. मनोज कुमार अग्रवाल

संदेश: “एक झटके में घुटने पर ला दिया समस्त मानव जाति को” “उड़े जा रहे थे , उड़े जा रहे थे”! कोई चांद पर कब्जे की तैयारी कर रहा है तो कोई मंगल पर, कोई सूरज को छूने की कोशिश कर रहा है तो कोई अंतरिक्ष में आशियां ढूंढ रहा है! चीन पड़ोसी देशों की जमीन हड़पने की तैयारी में तो रूस और अमेरिका न्यूक्लियर पावर के नशे में पूरे विश्व को ध्वस्त करने की कोशिश में लगे हैं! कहीं धर्म के नाम पर नरसंहार चल रहा है तो कहीं जाति के नाम पर अत्याचार! छोटी-छोटी बच्चियों के बलात्कार किए जा रहे हैं,! मानो मानव जाति तो जैसे समाप्त हो चुकी है! ऐसा लगता है जैसे ईश्वर ने एक संदेश दिया है-

‘मैंने तो तुम लोगों को रहने के लिए इतनी खूबसूरत धरती दी थी! तुम लोगों ने इसे नर्क बना दिया! मेरे लिए तो आज भी सब एक छोटे से, प्यारे से परिवार की तरह हो! मुझे नहीं पता कि कहां चीन की सीमा खत्म होकर भारत की सीमा शुरू होती है! मुझे नहीं पता कि कहां ईरान है, और कहां इटली, और कहां जर्मनी! यह सब तुम लोगों ने बनाया है! मुझे नहीं पता कि कौन ईसाई है, कौन मुस्लिम, कौन हिंदू, कौन यहूदी, और कौन बौद्ध है! मुझे नहीं पता कि कौन ऊंची जाति का है, तो कौन नीची जाति का! मैंने तो सिर्फ इंसान बनाया था! क्यों एक दूसरे को मार रहे हो? प्यार से नहीं रह सकते क्या? जानते हो कि सब छोड़ कर मेरे पास ही आना है तब भी छीना झपटी, नोचा खसौटी, कत्लेआम मचा रखा है! संभल जाओ और सुधर जाओ, फिर मत कहना कि मैंने मौका नहीं दिया! इसलिए समय है अपनी अपनी इंसानियत को जगाने का! धन्यवाद भारत माता की जय!

कृपया इस मैसेज को इतना फैलाओ कि मानव जाति सुधर जाए!

मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

गरीब वर्ग को एक माह का राशन नि:शुल्क देने के निर्देश


मुलतापी समाचार

भोपाल और जबलपुर जिले में गरीब वर्ग को एक माह का राशन निशुल्क देने के निर्देशभोपाल और जबलपुर जिले में गरीब वर्ग को एक माह का राशन निशुल्क देने के निर्देश

मध्‍यप्रदेश सरकार राशन वितरा नि:शुल्‍क करेंगी ताकी गरिब जनता परेशान न हो

कोरोना वायरस  से निपटने भोपाल-जबलपुर जिले में गरीब वर्ग को एक माह का राशन निशुल्क प्रदान किया जाएगा। यह राशन उचित मूल्य दुकानों से दिया जाएगा।कार्यवाहक मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज यह निर्देश जारी किए हैं।

प्रदेश में नागरिकों को कोरोना के प्रकोप से  राहत देने की मंशा से अनेक उपाय किए जा रहे हैं। इन उपायों में शहरों में शटडाउन किया जाना भी शामिल है। शटडाउन की स्थिति में गरीबों को राहत देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

MP राज्यपाल श्री टंडन ने देशवासियों के साथ एक जुटता दिखाई


अत्यावश्यक सेवाएं देने वालों का घंटी और शंख बजा बढ़ाया हौसला

मुलतापी समाचार । Multapi samachar

बकंधे से कंधा मिलाते हुए कोरोना वायरस के वैश्विक संकट के समय अत्यावश्यक सेवाएं देने वाले लोगों के प्रति धन्यवाद आभार ज्ञापित किया। देशवासियों के साथ एक जुटता का प्रदर्शन किया। उन्होने राजभवन के मुख्य द्वार पर शंख और घंटी बजाकर उनके प्रति आभार ज्ञापन किया। इस अवसर पर राज्यपाल से लेकर राजभवन के सफाई कर्मी सहित विभिन्न कर्मचारियों ने भी शंख, घंटा, झांझ, मंजीरा, घंटी, बिगुल, थाली और ताली बजाकर समवेत ध्वनि का संचार वातावरण में किया।

राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने देशवासियों के साथ होसला बढाते हुए धन्‍यावद प्रेषित किया

राज्यपाल श्री टंडन ने पिछले 2 महीनों से अस्पतालों में,एयरपोर्ट्स पर,दिन रात काम में जुटे हुए लाखों लोगों जिनमें डॉक्टर ,नर्स ,हॉस्पिटल का स्टाफ ,सफाई करने वाले भाई-बहन ,एयरलाइंस के कर्मचारी , सरकारी कर्मचारी , पुलिसकर्मी ,मीडिया कर्मी ,रेलवे-बस-ऑटो रिक्शा की सुविधा से जुड़े लोग ,होम डिलिवरी करने वाले लाखों लोग,अपनी परवाह किये बिना, दूसरों की सेवा में लगे हुए हैं। वर्तमान परिस्थितियों यह सेवाएं सामान्य नहीं मानी जा सकती क्योंकि खुद इनके भी संक्रमित होने का पूरा खतरा है। बावजूद इसके ये लोग अपना कर्तव्य निभा रहे हैं, दूसरों की सेवा कर रहे हैं। ये राष्ट्र-रक्षक की तरह कोरोना महामारी और हमारे बीच में खड़े हैं। देश इनका कृतज्ञ है।

राज्यपाल श्री टंडन ने ऐसे सभी लोगों को धन्यवाद अर्पित करने के लिए राजभवन के मुख्य द्वार से पर खड़े होकर , 5 मिनट तक ऐसे लोगों का आभार व्यक्त किया । उनका हौसला बढ़ाया।

कोरोना के बाद भारत पर एक और खतरा मंडरा रहा है अगले 3 दिन बेहद अहम


मुलतापी समाचार. मनोज कुमार अग्रवाल

नई दिल्ली: आज के इस लेख में हम आपको कोरोना के बाद भारत पर एक और खतरा मंडरा रहा है,भारत के लिए 3 दिन बहुत ही खतरनाक होने वाले हैं! आने वाले 3 दिन भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगे!

जम्मू कश्मीर ,हिमाचल प्रदेश, लद्दाख ,उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली बिहार आदि राज्यों के मौसम विभाग के अनुसार भारी बारिश और बर्फबारी होगी जो एक बार फिर से क्षेत्र में ठंड पैदा करेगी! दूसरी और दक्षिणी राज्यों में भी कल कुछ स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश हो सकती है, इसलिए मौसम विभाग ने अगले 3 दिन ओले पड़ने और बारिश की आशंका जताई है!

ऐसे में चिंता करने वाली बात यह है कि एक तरफ जहां कोरोना के कहर से पूरा भारत थम गया है वहीं दूसरी ओर मौसम भी इस तरह का बर्ताव कर रहा है! ऐसे में तैयार हो चुकी फसलों को भारी नुकसान होगा और जब कोरोना का कहर थमेगा तो हमें जबरदस्त महंगाई देखने को मिल सकती है! दोस्तों कोरोना के आगे इंसान मजबूर है इसलिए आप सभी से निवेदन है कि सरकार के दिशा निर्देश का पालन करें और भगवान से प्रार्थना करें कि जल्द से जल्द यह महामारी खत्म हो जाए! मुझे उम्मीद है कि इस पोस्ट को पढ़ने वाले लोग जरूर लाभान्वित होंगे!

दोस्तों? आप अपना जवाब और राय जरूर दें और अच्छा लगे तो लाइक और फॉलो करें! “धन्यवाद” “भारत माता की जय”

मुलतापी समाचार

MP CM : शिवराज सिंह चौहान के नाम पर सहमति, आज ले सकते हैं शपथ


आज शिवराज सिंह लेगे सीएम की शपथ 4 थी बार बनेंगे मुख्य मंत्री

मुलतापी समाचार

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से छाए सियासी कोहरे के अब छंटने के आसार दिखने लगे हैं। सबकुछ ठीक ठाक रहा तो आज ही प्रदेश के नए मुख्यमंत्री को शपथ दिलाई जा सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम पर सहमति बन चुकी है और वह चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालेंगे। इससे पहले 24 मार्च की शाम या देर रात को भाजपा विधायक दल की औपचारिक बैठक में चौहान को नेता चुना जाना था वह आज तय हो गया है और 23 मार्च को ही शपथ ग्रहण समारोह होना संभव है जिसमे गीनेचुने लोग ही शामिल होंगे। इसके बाद वे राज्यपाल लालजी टंडन के समक्ष नई सरकार के गठन का दावा पेश करेंगे। पार्टी की तैयारी पहले सोमवार को ही विधायक दल की बैठक बुलाने की थी, लेकिन कोरोना वायरस के चलते जनता कर्फ्यू और लॉक डाउन के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया। पार्टी ने शिवराज को नेता बनाए जाने की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की है, लेकिन उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक हाईकमान ने उन्हें कमान सौंपने का मन बना लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दो बार शिवराज सिंह चौहान से कोरोना के मुद्दे पर बातचीत की थी। इसमें उन्होंने चौहान को प्रशासन से संपर्क बनाए रखने के लिए भी कहा है। दूसरी वजह सिंधिया के समर्थन के कारण बन रही सरकार को चलाने में समन्वय का मुद्दा महत्वपूर्ण रहेगा, इसलिए चौहान के अनुभव का पार्टी को लाभ मिलेगा।

चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में शपथ पार्टी सूत्रों ने बताया कि 25 मार्च को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में भी किसी तरह के ताम-झाम नहीं करने का फैसला पार्टी ने किया है। चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में सादगी से शपथ दिलाई जाएगी। मालूम हो कि सरकार के अल्पमत में आने के बाद 18 मार्च को कमल नाथ ने इस्तीफा दे दिया था।

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