अदृश्य प्रहार


युद्ध बदला योद्धा बदले बदल गए हथियार
ये कैसा है प्रहार भैया
ये कैसा है प्रहार
ना कोई तीर ना कोई गोला
ना चलती तलवार
ये कैसा है प्रहार
भैया ये कैसा है प्रहार
थरथर धरती कांप रही है
दुखिया है संसार
यह कैसा है प्रहार
भैया ये कैसा है प्रहार
ना शत्रु दिखता ना शस्त्र ना दिखता है वार
ये कैसा है प्रहार
भैया ये कैसा है प्रहार
ना कोई वैद्य ना कोई दवा और
ना ही कोई उपचार
यह कैसा है प्रहार
भैया यह कैसा है प्रहार
कहां पर जन्मा कहां से आया
मचा दिया हाहाकार
यह कैसा प्रहार
भैया यह कैसा प्रहार
घर में रहें सुरक्षित रहें
न करें दहलीज पार
यह कहती सरकार
भैया यह कहती सरकार
मां आओ या पिता को भेजो
जल्दी करो संहार
इसका जल्दी करो संहार


तृप्ति श्रीवास बैतूल

मुलतापी समाचार की ओर से विशेष पहल

जनता के दुःख में आँसू बहता है पत्रकार, तो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की बात भी उठता है पत्रकार


हमने ये कैसी तरक़्क़ी की है ? दिख रहा है पर मदद नही कर पा रहे है

बिना स्वार्थ और लाभ के, जीवन दाँव पर लगा, जनता के आँसुओं को पोंछता और दर्द को बाँटता पत्रकार

गरीब ने बोला, फ़िल्म में बोला जाता तो करोड़ों कमा लेती

Multapi Samachar

नई दिल्ली/भोपाल/इंदौर/ (गजेन्द्रसिंह सोलंकी )

कोरोना के चलते दिल्ली से लोगों के पलायन का कवरेज करते एबीपी न्यूज का पत्रकार, खुद अपने आँसू नही रोक पाया, इससे समझा जा सकता है कि, हज़ारों परिवार के बच्चे, महिलाएँ और पुरुष किस स्थिति से गुज़र रहे होंगे ….जिसकी कल्पना करने से ही रूह काँप जाती है ….,भाषणों से जनता का पेट भरने वाले नेता गायब, पत्रकार और अफसर जान दाँव पर लगा, जनता को बचाने के प्रयास में लगे है…

अफसरों को तनख्वाह और साधन, सुविधाएँ मिलती है, पत्रकार जेब से लगा कर करता है जनसेवा । कई बार तो पुलिस के डंडे और नकचढ़े अफसरों की बदसलूकी भी झेलता है, फिर भी पीड़ित जनता की आवाज उठा कर, उन कानो तक पहुँचता है, जिनकी स्वयं ज़िम्मेदारी है, जनता की बात सुनने की। कोरोना (कोविड-19) के चलते अफसरों को तो मास्क, ग्लोबज, सेनेटाईज़र सहित कई सरकारी सुविधाएँ मिल रही है, या शासकीय व्यय से मिल जाती है, किन्तु पत्रकार अपने स्वयं के वाहनो से, स्वयं के व्यय से, जनता को जागरूक करने के लिए और उनके बचाव के लिए, सैनिकों की तरह अपनी जान को जोखिम में डाल कर डटा हुए है । दिल्ली, यु.पी. में उमड़ी भीड़ के बीच, पेदल अपने गाँवों की तरफ जाते ग्रामीणों के बीच नेता नही, पत्रकार पहुँच रहे है । अगर यह सवाल उठाया जाए क्या सरकार ने पत्रकारों को कोई सुविधा और सुरक्षा उपलब्ध करवाई है ? तो जवाब मिलेगा नही ! यहाँ हालात ये है कि जिनके ऊपर सुरक्षा की ज़िम्मेदारी है, वो खुद सुरक्षा कर्मी लेकर घूमते है । जिन ठेकेदारों, उधोगपतियों और आलीशान बिल्डिंगों का निर्माण करने वालों ने गाँव से बुला कर गरीब मजदूरों को उनके हाल पर भूखा-प्यासा छोड़ दिया उनके खिलाफ सरकार ने कार्यवाही क्यों नही की ? क्या शहरों के विकास और निर्माण के लिए गाँवों से शहरो में आए, गरीब मजदूर के वोट, उन शहरों में नही होने के कारण, सरकारों ने उनकी सुध नही ली ? क्या गरीब मजदूर इस बात को समझते है, इसीलिए उन्होंने शहरों से सामूहिक पलायन करके, अपनी जान कोरोना के हवाले कर दी ? पत्रकार अपने दम पर इन मज़दूरों की आवाज बन रहे है, वर्ना शायद प्रशासन डंडे के जौर पर इन्हें कब का तितर-बितर कर देता…! जिन शासकीय कार्यालयों में लॉक डाउन के दौरान काम बंद है, उन शासकीय कार्यालयों के, फेक्ट्री के, ठेकेदारों के वाहनों से गरीबों को उनके गाँवों तक पहुचाने की और उन तक भोजन पहुचाने की सत् बुद्धि नेताओं और अगसरों को क्यों नही आई ? यह कई बार साबित हुआ है कि, पत्रकार वास्तव में सच्चा देश भक्त और समाजसेवी है, जो अपने दम पर, बिना शासकीय सुविधाओं को प्राप्त किए, जनसेवा करता है….सैनिकों की तरह देश की सीमा के अंदर अपनी जान की बाजी लगाता है, कोरोना जैसी महामारी में भी यही कर रहा है, नेता और अफसर इंटरव्यु देते हुए पत्रकारों को अपना ख़्याल रखने का तो कहते है, पर बचाव के साधन और सुविधाएँ नही देते है….

खास बात –

  • जनता के दुःख में आँसू बहता है पत्रकार, तो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की बात भी उठता है पत्रकार –

सायकिल पर सोते हुए अपने छोटे से बच्चे को बैठा कर (बच्चा गिर न जाए इसलिए सायकिल के हेंडल से बाँध कर) दिल्ली से 500 किलो मीटर दूर, अपने गाँव की तरफ निकले मजदूर की स्टोरी दिखाते-दिखाते ABP न्यूज के रिपोर्ट की आँखे भर आई, इससे समझा जा सकता है पत्रकार भावनात्मक रूप से भी जनता के दर्द को झेलते और सहते है । पत्रकारों के लिए उनका पेशा सिर्फ वही तक सीमित नही है कि दिखाया, लिखा और भूल जाओ या आगे बढ़ जाओ, पत्रकार कई बार जनता के लिए, उसके हक की लड़ाई, हक दिलाने तक कलम और माईक थामे लड़ता है । बदले में पत्रकार को भ्रष्ट अफसरों, नेताओं, अपराधिधियों के गठजौड़ से कई बार धमकियाँ मिलती है, किन्तु झूठ के आगे पीड़ित जनता दुआ उसकी रक्षा करती है । यही कारण है कि सबसे ताकतवर समझी जाने वाली सर्वोच्च न्यायपालिका के न्यायाधीशों को भी अपनी पीढ़ा और माँग को लेकर मीडिया की शरण में आना पड़ा था, उनमें से एक भारत की सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बन कर रिटायर्ड हुए और अब राज्यसभा के सदस्य है ।

खास बात –

सैनिकों की तरह देश की सीमा के अंदर अपनी जान की बाजी लगाता है, कोरोना जैसी महामारी में भी यही कर रहा है, नेता और अफसर इंटरव्यु देते हुए पत्रकारों को अपना ख़्याल रखने का तो कहते है, पर बचाव के साधन और सुविधाएँ नही देते है….

खास बात –

“ हमने ये कैसी तरक़्क़ी की है ? दिख रहा है पर मदद नही कर पा रहे है “

ऐसी में अगर यह कल्पना की जाए की आप और हम आर्थिक रूप से सक्षम नही है और पलायन करती भीड़ में अपने बच्चों के साथ फँसे है, न घर तक पहुचने का साधन है, न बच्चों को खिलाने के लिए खाना है, न पिलाने के लिए पानी। इस स्थिति में यह भी सोचना मत भूलना की हम और हमारी सरकारें ये सब देख रही है, पर ये कैसी तरक़्क़ी की है कि उन तक खाना, पानी तक नही पहुँचा पा रहे है, जबकि अभी तो वो भारत की राजधानी दिल्ली जैसे शहर की सीमा में ही है या उसके आस-पास है

गरीब ने बोला, फ़िल्म में बोला जाता तो करोड़ों कमा लेती –

जब पलायन कर रहे एक मज़दूर से यह पूछा गया की इतनी भीड़ में हो, कोरोना हो गया तो, उस ग़रीब का जवाब सुन कर घर बैठे आँसू आ गए उसने बड़ी मासूमियत से पत्रकार की कहा साहब यहाँ भूख से मर जाएँगे, गाँव पहुँच कर जीवन की उम्मीद तो है…, अगर यही बात किसी फ़िल्म में हीरों या हीरोईन कहती तो करोड़ों कमा लेती और ये बात उसे जीवन भर पहचान देती, पर यहाँ जीवन का सवाल था !

मुलतापी समाचार

खलिहान में बंधे पालतू पशुओं के झुंड पर हमला कर तेंदुआ ने किया गाय का शिकार


मुलतापी समाचार

खलिहान के आस पास तेंदुआ के पगमार्क के निशान

बैतूल । दक्षिण वन मण्डल की आठनेर-मोर्शी रेंज की सालबर्डी सर्किल के ग्राम अमराई में शनिवार रात गाँव से सटे खलिहान में बंधे पालतू पशुओं के झुंड पर हमला कर तेंदुआ ने एक गाय का शिकार कर उसे खलिहान से दस फुट बाहर लाकर भक्षण करने का दृश्य आज सुबह जब ग्रामीणों ने देखा तो वे भी दहशतजदा हो गए।

खलिहान के आस पास तेंदुआ के पगमार्क के निशान स्पष्ट रूप से परीलक्षित हो रहे। इस आशय की सूचना ग्रामीणों द्वारा समाजसेवी आशुभाऊ नागले को दी तो उन्होंने संबंधित डिप्टी रेंजर को लेकर मौके पर पहुचे। डिप्टी रेंजर ने मौका मुआयना कर तेंदुआ के पगमार्क देखकर पंचनामा और नजरी नक्शा बनाया।

इस घटना क्रम के सम्बंध में सामाजिक कार्यकर्ता आशुभाऊ नागले ने बताया की सालबर्डी पंचायत के अंतर्गत आने वाले वन ग्राम अमराई में तेजीलाल इवने का खलिहान बिल्कुल गाँव से सटा है जहां तेजीलाल अपने पालतू पशु रात्री में बांधता है उस खलिहान में बंधे पालतू पशुओं के झुंड पर हमला कर तेंदुआ ने गाय का शिकार किया और शिकार को बलपूर्वक दस फुट घसीटकर उसका भक्षण कीया

इस घटना के बाद ग्राम में दहशत व्याप्त हो गई, इधर तेजीलाल ने बताया की तेंदुआ जिस जगह पर एक बार शिकार करता है वहा दूसरी बार पुनः अनिवार्य रूप से आता है ऐसे में ग्रामीणों के समक्ष उनके पालतू जानवरों को सुरक्षित बांधने का संकट खड़ा हो गया।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

आसन्न संकटआपदा राहत कोष में जीन के जन शिक्षा केन्द्र से 1 लाख 3 हजार 5 सौ रूपये तथा बीआरसी बैतूल स्टाफ की ओर 51 हजार की सहयोग राशी जमा


मुलतापी समाचार

Betul, कहते है कि बुंद – बुंद से घड़ा भरता है और उसी घड़ा को भरने के लिए बैतूल विकासखण्ड के जीन संकुल के जन शिक्षा केन्द्र में पदस्थ सभी कर्मचारियों, शिक्षको, शाला प्राचार्य एन ए प्रहलादी तथा सीएसी एवं बीएसी ने दिल खोल कर 1 लाख 3 हजार 500 सौ रूपये की सहयोग राशी आसन्न संकट कोरोना आपदा राहत कोष में जमा की.इसी कड़ी में बैतूल जिला मुख्यालय स्थित जनपद शिक्षा केन्द्र (बीआरसी) बैतूल के समस्त स्टाफ ने 51 हजार रूपये की सहयोग राशी प्रदान की. जिला परियोजना अधिकारी (डीपीसी) श्री आई डी बोडख़े एवं जनपद शिक्षा केन्द्र बैतूल में पदस्थ श्री बी आर गायकवाड़ ने जिला कलैक्टर कार्यालय में जिला कलेक्टर एवं मिशन संचालक श्री राकेश सिंह जी , जिला परियोजना समन्वयक एवं जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री एम एल त्यागी जी को चेक के माध्यम से एक लाख तीन हजार पांच सौ रूपये एवं 51 हजार रूपये की सहयोग राशी प्रदान की.


अकसर कहा जाता है कि गुरू की तुलना जब बह्मा से हुई तो ज्ञान के दाता गुरूजी को श्रेष्ठ माना गया. ऐसे में अचानक कुबेर के रूप में अपनी मेहतन का खजाना कोरोना जैसी महामारी के संकट से लोगो को उबारने के लिए सबसे आगे आए बैतूल विकासखण्ड के जन शिक्षा केन्द्र जीन के शिक्षक एवं समस्त कर्मचारी तथा शाला प्राचार्य जिनके द्वारा उक्त राशी संग्रहित की गई. इसी कड़ी में बैतूल बीआरसी कार्यालय के समस्त स्टाप की ओर से 51 हजार रूपये का चेक प्रदान किया गया. जिला कलैक्टर एवं मिशन संचालक जिला शिक्षा केन्द्र बेतूल राकेश सिंह ने सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना समन्वयक आई डी बोडख़े एवं श्री बी.आर.गायकवाड़ जनपद शिक्षा केन्द्र बैतुल के मार्गदर्शन में कार्यालय जनपद शिक्षा केन्द्र के बीआरसीसी, सीए बीएसी, सीएसी, एमआरसी द्वारा देश मे फैली महामारी कोरोना वायरस से आपात स्थिति से निपटने हेतु आर्थिक रूप से सहयोग करने पर प्रंशसा की . जिला कलैक्टर बैतूल के अनुसार इस मदद से कोरोना वारयस से पीडि़त गरीब परिवार के व्यक्ति की सहायता मिल सकेगी. साथ ही जन शिक्षा केन्द्रो में पदस्थ कर्मचारियों एवं अधिकारियों के माध्ययम एवं सहयोग से समाज मे महामारी की बीमारी से लडऩे के लिए सोशल डिस्टेन्स बनाने सम्बधित जागरुकता की मुहिम को बल मिलेगा. श्री आई डी बोडख़े एवं बी आर गायकवाड़ ने इस अमूल्य योगदान के लिए दोनों जनशिक्षक श्री ललीत कुमार आजाद एवं सतीश गीद की भूरी – भूरी प्रशंसा करते हुए सभी सहयोग राशी प्रदान करने वाले कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया.
संलग्र छायाचित्र

ग्राम वासियों ने बांधी गाँव की सीमाअनूठी पहल।


मुलतापी समाचार

अंकित यादव

बगडोना । कोरोनो वायरस से पूरे देश मे लॉक डाउन है हर जगह सतर्कता बरती जा रही है लोगो से घर मे रहने की अपील की जा रही है । कई जगह लोगों को लॉक डाउन को तोड़ते हुए भी देखा गया है मगर घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के कुछ गांव वासियों ने इस खतरे को भली भांति समझ लिया है और वे अपने स्तर से अपना और अपने गांव का इस वायरस से बचाव कर रहे है ब्लॉक के बिछुआ और छतरपुर में स्वास्थ्य अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से पहले ही गाँव के बाहर के व्यक्ति का प्रवेश निषेध कर दिया गया है उसी तर्ज पर आज ग्राम पंचयात सलैया के बगडोना बस्ती और ग्राम पंचायत सुखाढाना के गांव वासियों ने भी अपने गाँव को की सीमा को बांध दिया है और गाँव के हर मोहरे पर दो व्यक्ति को लगाकर बहार के व्यक्ति को आने से रोका जा रहा है सुखाढाना के निवासी खेमचंद धाकड़ , जसवंत वरकड़े ने बताया कि उनके द्वार जो व्यक्ति गाँव मे प्रदेश के बहार से काम करके आया है उसकी सूचना भी प्रशासन को दी जा रही है ग्राम पंचायत सलैया के सचिव प्यारेलाल बारस्कर ने बताया कि पूरे गाँव मे कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है लोगों को घर मे रहने को कहा जा रहा है बहार से आये व्यक्ति की जानकारी प्रशासन को दी जा रही है

जिला अस्पताल ने कोरोना के संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट जारी, एक की आना शेष


दो संदिग्धों में एक कि रिपोर्ट आई नेगेटिव,एक कि शेष,एहतियात बरती


बैतूल ।बीते दिनों मिले 2 संदिग्धों सेम्पल भोपाल जांच के लिए भेजे गए थे जिसमें एक कि रिपार्ट नेगेटिव आने से प्राशाशन ओर आम लोगो ने थोड़ी राहत महसूस की है इधर प्राशाशन जिले में लगातार एहितयात बरत रहा है और आम लोगो से भी अपील कर रहा है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जीसी चौरसिया ने बताया कि अब तक बैतूल जिले में कुल 2 कोरोना  वायरस कोविड-19 संदिग्ध मरीज भर्ती हुए हैं । अब तक सैंपल लिए गए मरीजों की संख्या कुल 2 है । सैंपल भेजे गए थे एक मरीज की रिपोर्ट आज  प्राप्त हुई है। जिले में विदेश यात्रा करके आए नागरिकों की संख्या- 84 है एवं इनमें से 66 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर लिया गया है। इन 84 नागरिकों में से 18 नागरिकों ने विदेश यात्रा की जानकारी दी है जो बैतूल जिले के निवासी हैं किंतु अन्य स्थानों पर निवासरत हैं और जिले में नहीं आए हैं । वर्तमान में होम आइसोलेशन में 52 नागरिकों को रखा गया था जबकि होम आइसोलेशन के 14 दिवस पूर्ण किए नागरिकों की संख्या 14 है । इस तरह वर्तमान में कुल 52 नागरिक होम आइसोलेशन में हैं औऱ 14 नागरिक अपनी अवधि पूर्ण कर चुके हैं जिन्हें अभी भी घर में रहकर सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है। 

डॉक्टर चौरसिया ने बताया कि 2 मरीजों को कोरोना वार्ड में इसलिए रखा गया है ताकि दूसरे लोग उनके संपर्क में ना आए । कोरोना वार्ड बनाया ही इसलिए गया है ताकि वहां कोरोना संदिग्धों को रखा जा सके चाहे कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट सकारात्मक आए या नकारात्मक। लक्षणों के आधार पर सुरक्षा की दृष्टि से इन मरीजों को कोरोना  वायरस वार्ड में रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार की कोई चूक ना हो ।इस तरह की हिदायत भी दी जारही है ।

बहुत-बहुत आभार – “डॉक्टर प्रीतम सिंग कुमरे जी”


अच्छी पहल
सरहानीय कार्य..

“डॉक्टर प्रीतम सिंग कुमरे जी”

मुलतापी समाचार

बैतूल। सिंह क्लीनिक लिंक रोड बेतुल के द्वारा मजदूर, मरीजो और किराए से रह रहे छात्र-छात्राओं के लिये भोजन की व्यवस्था की जा रहीं हैं जिन्हें पैकेट बनाकर सभी जरूरतमंद लोगों के पास पहुँचाया जायेगा।।
इस सरहानीय कार्य के लिए मुलतापी समाचार बैतूल आपको सह्रदय आभार वयक्त करता हैं।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

मुलताई में शुरू हुई दीनदयाल रसोई मिल रहा जनसहयोग


मुलताई में दीनदयाल रसोई के संचालन में मिला जनसहयोग

मुलतापी समाचार

मुलताई । घर पहुँच सुविधा प्रारंभ मूलतापी में नगरपालिका परिषद द्वारा शुरू किया गया दिनदयाल रसोई । जिसमे बेसहारा, ग़रीब, ओर पैदल यात्रा कर मुलताई हाइवे से जाने वाले लोगों की सहायता की जाएगी। नगरपालिका द्वारा यह दिनदयाल रसोई दिन में एक ही बार तैयार कर वितरित की जायेगी। और यह कार्यक्रम लॉक डॉन तक चलते रहेगा ।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी मुलताई श्री राहुल शर्मा ने बताया कि नगर के नगर पालिका परिसर में जन सहयोग से प्रारंभ की गई दीनदयाल अन्त्योदय रसोई योजना में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री हेमंत शर्मा द्वारा 21000, श्री हनी भार्गव द्वारा 11000, श्री नमन अग्रवाल द्वारा 11000, श्री विजय शुक्ला द्वारा 5000, श्री सतीश पटेल 5000, श्री रमेश कड़वे 5000 रूपए की राशि प्रदान की गई। साथ ही 5000 रूपए गुप्तदान के रूप में प्राप्त हुए।

जिला प्रशासन एवं नगरपालिका परिषद् मुलताई ने नगर के वरिष्ठ नागरिकों, व्यावसायियों, स्वयंसेवी संगठनों से अपील की है कि आपदा की इस घड़ी में अधिक से अधिक दानराशि अथवा सामग्री भेंट करें ताकि भोजन से वंचित व्यक्तियों को नियमित भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

मुलताई में चालू हुई दीनदयाल रसोई,कॉल करने पर घर पहुच निःशुल्क भोजन सुविधा..
इन नंबरो पर
📲(9425402005)
📲(9425440508)
📲(9425440614)
📲(9926326326)
📲(9755816374)
📲(9425402123)

फोन लगा कर अपना अड्रेस एवं लोगो की जानकारी देनी है।

मुलताई में हूई आज जम के बारिश किसान पर दोहरी मार


मुलतापी समाचार

किसान हो रहा परेशान

मुलताई मैं आज तेज आंधी तूफान के साथ बारिश हुई बैतूल जिले के किसान हो रहे परेशान किसान के ऊपर दोहरी धीरे मार झेलनी पड़ रही है देश में कोरोना वायरस के कहर के कारण देश प्रदेश में लाक डाउन किया गया है जिससे कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकल सकता है और नहीं कोई बाहर जा सकता है जिस का असर किसान को अपनी गेहूँ कि खड़ी फसल में फसल की कटाई में पड़ रहा है क्योंकि गेहूं की फसल आ चूंकि है जो कि किसी भी हालत में काटा जाना जरूरी है लॉकडान का असर गांव मे भी है किसान खड़ी फसल को काटने के लिए तत्पर है पर न तो उसे मजदूर मिल रहे और नहीं मशीन इस बारिश के कारण गीली मिट्टी में फसल को ना तो तैयार है और मशीन भी नहीं मिल रही है।