Corona virus उज्जैन in : वार्ड का ताला तोड़ते रहे कर्मचारी, एंबुलेंस में महिला की मौत


मुलतापी समाचार । उज्जैन । Corona virus in Ujjain

कोरोना वायरस संक्रमण के बीच संदिग्ध मरीजों के इलाज में लापरवाही उजागर हुई है। दानीगेट निवासी 58 साल की महिला को गुरुवार देर रात जिला अस्पताल के बाद माधवनगर अस्पताल में भेजा गया। यहां से उसे आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज भर्ती के लिए रैफर किया गया, मगर यहां वार्ड के ताले की चाबी ही नहीं मिली।

मौजूद कर्मचारी ताला तोड़ते रहे। इस दौरान महिला बाहर एंबुलेंस में तड़पती रही। करीब 45 मिनट बाद ताला टूटा और उसे वार्ड में भर्ती कराया गया। तब तक देर हो चुकी थी। महिला की मौत हो गई। इधर, गुरुवार रात को ही माधवनगर अस्पताल में भी दो संदिग्ध मरीजों की मौत हो गई।

इसमें लक्कड़गंज निवासी एक व्यक्ति और बड़नगर की एक महिला मरीज शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार बड़नगर की महिला को सांस लेने में अधिक तकलीफ हो रही थी। देर रात उसकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। वह तड़पती रही। वेंटिलेटर नहीं मिला।

इधर, मौके पर कोई डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। कुछ देर महिला की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उसका शव पलंग के पास नीचे पड़ा मिला। थोड़ी ही देर बाद महिला के पड़ोस के बेड पर भर्ती लक्कड़गंज निवासी व्यक्ति की भी मौत हो गई। कोताही सामने आने के बाद अस्पताल के प्रभारी और सिविल सर्जन आरपी परमार को पद से हटा दिया गया।

शास्त्रीनगर के युवक की भी मौत, परिजन बोले- इलाज नहीं मिला

इंदौर । शास्त्री नगर निवासी 39 साल के युवक की भी शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्वजन का कहना है कि निजी अस्पतालों ने इलाज करने से मना कर दिया था। गुरुवार रात परिजन उसे लेकर इंदौर के एमवाय अस्पताल पहुंचे थे, मगर यहां उसकी मौत हो गई। युवक इंदौर में होटल मैनेजर था और पत्नी के साथ वहीं रहता था। लॉकडाउन में वह उज्जैन आ गया था।

गुरुवार रात को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, मगर यहां इलाज से मना कर दिया गया। इस पर उसे माधवनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां स्वास्थ्य अधिक खराब होने पर इंदौर रैफर कर दिया। स्वजन उसे लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचे ही थे कि उसकी मौत हो गई। एमवाय अस्पताल में मृत युवक का सैंपल भी लिया गया। डॉक्टरों का कहना था कि युवक में कोरोना के लक्षण मिले हैं। रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि होगी।

लाठी मारकर हत्या की हत्या, छोटे भाई के सिर पर


 

पानी के छींटे उड़ने से नाराज था आरोपित, पुलिस ने कि या गिरफ्तार

बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गणपति थाना क्षेत्र के मालीवाड़ा में सोमवार दोपहर को पानी के छींटे उड़ने के मामूली विवाद पर बड़े भाई ने छोटे भाई के सिर पर लाठी मारकर हत्या कर दी।

थाना प्रभारी चैनसिंह उइके ने बताया कि सोमवार सुबह खुर्शीद अहमद पिता गुलाम मुस्तफा की पत्नी घर के बाहर सड़क पर कपड़े धो रही थी। इसी बीच उसका जेठ मोहम्मद रमजान वहां से गुजरा। कपड़े धोने के कारण पानी के कु छ छींटे उस पर पड़ गए, जिससे वह नाराज हो गया। उस समय तो वह चला गया, लेकि न दोपहर में इसी बात को लेकर फिर विवाद शुरू कर दिया। उसने घर के पास आकर छोटे भाई खुर्शीद को बुलाया और जैसे ही वह बाहर निकला, उसके सिर पर डंडे से जोरदार वार कर दिया। घायल खुर्शीद को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि देर शाम आरोपित को हिरासत में ले लिया गया है। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश कि या जाएगा।

च्छादेवी मंदिर ट्रस्ट की धर्मशाला राहत कैप में तब्दील

बुरहानपुर। कलेक्टर राजेश कौल ने सोमवार को एक आदेश जारी कर इच्छापुर स्थित इच्छादेवी मंदिर ट्रस्ट धर्मशाला को राहत कै ंप में तब्दील कर दिया है। इस कै ंप में बुरहानपुर जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले महाराष्ट्र से आए मजदूरों व अन्य बेसहारा लोगों को रखा जाएगा। इसके लिए उन्होंने आरआई देवेश डोंगरे को प्रभारी और ट्रस्ट के सचिव को सहयोगी बनाया है। राहत कै ंप में भोजन और इलाज आदि की समुचित व्यवस्था भी कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया हैं।

पुलिस ने बाहर कराई सुपर बाजार में उमड़ी भीड़

सुपर बाजार से लोगों को बाहर कराते हुए पुलिसकर्मी।

बुरहानपुर। सोमवार को हमीदपुरा स्थित स्मार्ट मॉल सुपर बाजार को ग्राहकों के लिए खोल दिया गया था। जिसके बाद सामान लेने यहां खासी संख्या में लोग उमड़ पड़े। कि सी ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी। जिसके बाद पुलिस ने सुपर बाजार पहुंच कर भीड़ को बाहर कराया। सुपर बाजार में उमड़ी भीड़ भी इस ओर इशारा कर रही है कि शहर के अधिकांश क्षेत्रों में लोगों को कि राना, राशन समेत अन्य जरुरी सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

शाहपुर के प्रभाकर ने प्रधानमंत्री राहत कोष में दिए एक लाख रुपये

शाहपुर। नगर पंचायत शाहपुर क्षेत्र के प्रगतिशील कि सान और समाजसेवी प्रभाकर विट्ठल पाटिल ने एक बार फिर देश और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित कि या है। उन्होंने सोमवार को प्रधानमंत्री राहत कोष में एक लाख एक हजार रुपये जमा कराए। यह राशि उन्होंने स्थानीय बैंक आफ बड़ोदा की शाखा में आरटीजीएस के जरिए जमा कराई। इससे पहले भी वे देश में आई आपदा के दौरान समाजसेवा के काम करते रहे हैं

MP नेपानगर और खकनार में 500 से ज्यादा घर निगरानी में, इनमें 250 इंदौर से आए लोग शामिल


जिले में बाहर से आए लोगों की निरंतर जांच जारी है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता रखने की समझाइश दी जा रही है।-नईदुनिया

ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग गैस से भी दवाई का छिड़काव कि या जा रहा है।

प्रत्येक घर के बाहर एसडीएम ने चस्पा कराए पोस्टर, एक विधायक प्रतिनिधि के घर के बाहर भी लगा बोर्ड

पलायन कर शहर से अब भी गुजर रहे लोग, 2000 लोगों की जांच, छह सैंपल भेजे

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नेपानगर/खकनार/बुरहानपुर/शाहपुर । आमजन को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए प्रशासन ने निगरानी वाले घरों के बाहर पोस्टर लगाने की पहल की है। खकनार और नेपानगर मिलाकर करीब 500 घरों के बाहर अब तक पोस्टर लगाए जा चुके हैं। इसमें करीब 250 वे लोग शामिल हैं जो इंदौर से नेपानगर, खकनार में आए हुए हैं जबकि 250 अन्य हैं जिनकी निगरानी सतर्कता के बतौर की जा रही है। वहीं धूलकोट में बांटे गए पोस्टर की जानकारी अभी कलेक्ट नहीं हो पाई है। एक विधायक प्रतिनिधि के घर के बाहर भी प्रशासन ने निगरानी का बोर्ड लगाया है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से आमजन को बचाने के लिए इस तरह की पहल की जा रही है। क्योंकि अभी भी बाहरी लोगों का अपने घरों की ओर पलायन जारी है। इंदौर से अधिकांश लोग अपने अपने घरों को लौटे हैं। एसडीएम विशा माधवानी के अनुसार इंदौर से लौटे करीब 250 लोगों को चिन्हित कर उनके घर के बाहर निगरानी वाले पोस्टर लगाए गए हैं। जबकि नेपानगर और खकनार दोनों जगह 250 अन्य मकान हैं जहां यह पोस्टर चस्पा कि ए गए हैं। यह पहल आमजन को संक्रमण से बचाने के लिए ही की जा रही है। लोग घर में रहकर अपने आपको इस संक्रमण से बचा सकते हैं। इसलिए प्रशासन को सहयोग करें।

मॉडल हायर सेकंडरी स्कू ल देड़तलाई को बनाया आपदा राहत कैम्प

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस को महामारी घोषित कि या गया है। इसे देखते हुए बाहर से आने वाले व जिले के आश्रयहीन लोगों के लिए मॉडल हायर सेकंडरी स्कू ल देड़तलाई के ग्राउंड फ्लोर पर बने 32 कमरों का अस्थायी आपदा राहत कें द्र बनाया गया है। इसे लेकर एसडीएम विशा माधवानी ने आदेश जारी कि ए। जिसमें कहा गया कि मॉडल हायर सेकंडरी स्कू ल में राहत कें द्र के प्रभारी यहां के प्राचार्य पीयूष सरवने और सहायक अधीक्षक शासकीय आदिवासी बालक छात्रावास देड़तलाई बालचंद पंवार होंगे। यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी रजिस्टर में संग्रहित की जाएगी।

मेडिकल स्टोर का समय निर्धारित

प्रशासन ने मेडिकल स्टोर खुलने और बंद होने का समय निर्धारित कर दिया है। पहले मेडिकल स्टोर पूरे समय खुला रखा जा रहा था, लेकि न अब व्यवस्था बदल दी गई है। नए आदेश के अनुसार अब मेडिकल स्टोर्स सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक वह शाम पांच बजे से आठ बजे तक ही सेवाएं दे पाएंगे।

सावदा से मांडवा की ओर जा रहे लोगों की जांच

नेपानगर में लॉक डाउन के दौरान मजदूरों का महाराष्ट्र से अपने शहर, गांव की ओर पलायन जारी है। इसी बीच बुधवारा दोपहर सावदा से मांडवा की ओर जाने जा रहे मजदूरों को रोका गया। इसमें कु ल 18 लोग शामिल थे। यह लोग जंगल के रास्ते मांडवा जा रहे थे। वन विभाग की बीट गार्ड सुरेखा वर्मा, चौकीदार अशफाक ने उन्हें रोका और जांच के लिए स्वास्थ विभाग को सूचना देकर बुलाया। कि सी में कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नहीं पाए गए। सावदा से मांडवा जा रहे लोगों में छगन कै लाश, दवालसिंग, रामदास, सलदार, जगदीश, दिलीप, सखराम, करण, अर्जुन, रेलबाई, मिनका, सुखमा, नाया बाई, मुन्नी बाई, रोशनी, राधिका, शेरनी बाई आदि शामिल थे।

घर-घर जाकर कार्यकर्ता दे रही बचाव की नसीहत

शाहपुर में लॉक डाउन के बीच नगर के चंद्रशेखर वार्ड की आंगनबाड़ कार्यकर्ता और सहायिका घर-घर जाकर न सिर्फ बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध करा रही हैं बल्कि परिजनों को बच्चों का ठीक तरह से ध्यान रखने और कोरोना वायरस से निपटने के लिए जरुरी सावधानियां रखने की सलाह भी दी जा रही है। उन्होंने लोगों से घरों से बाहर नहीं निकलने और सभी जरुरी उपाय अपनाने की सलाह भी दी।

2000 लोगों की जांच, छह सैंपल भेजे

जिले में कोरोना वायरस को लेकर जिला अस्पताल व स्वास्थ्य कें द्रों में निरंतर जांच जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अनुसार जिले में अब तक दो हजार लोगों की जांच की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के रविंद्रसिंह राजपूत के अनुसार अब तक दो हजार से अधिक लोगों की जांच हुई है। छह सैंपल लेकर इंदौर मेडिकल कॉलेज भेजे हैं। जिसमें से एक नेगेटिव आया है वहीं पांच की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

गांवों में दवाई छिड़काव

कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर शहरी क्षेत्र सहित नगर परिषद शाहपुर व अंचल में दवाई का छिड़काव निरंतर जारी है। गांवों में दिन-रात सड़कों, नालियों की सफाई कर सैनिटाइजेशन का कार्य कि या जा रहा है। सोडियम हाईपोक्लोराईड, ब्लीचींग, फिनाईल, सिध्दी फोग आदि का स्प्रे से छिड़काव कि या जा रहा है। रात्रिकालीन फोगिंग मशीन से धुआं आदि का कार्य कि या जा रहा है। नगर परिषद शाहपुर के सीएमओ धीरेन्द्रसिंह सिकरवार ने बताया कि नगर के समस्त वार्डो में निरंतर छिड़काव व साफ-सफाई का कार्य कि या जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से घर में रहने एवं शासन के दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है तथा उन्होनें नागरिकों से मास्क पहनने के लिए भी आव्हान कि या है।

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भोपाल में बनी पहली फुल बॉडी सेनेटाइजेशन मशीन


भोपाल : भोपाल मध्यप्रदेश का पहला जिला है, जिसने कोरोना से जंग के लिए बनाए गए वार रूम को संक्रमण से मुक्त करने के लिए फुल बॉडी सेनेटाइज मशीन बनाई है। नगर निगम के इंजीनियर ने तो और भी गज़ब दिया। उन्होंने दो लाख की इस मशीन को मात्र एक दिन में सिर्फ 30 हजार रूपये की लागत में तैयार कर दिया।

प्रशासक नगर निगम भोपाल श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव की अभिनव पहल पर आयुक्त श्री विजय दत्ता ने इस मशीन को स्मार्ट सिटी कार्यालय के मुख्य द्वार पर स्थापित कराया है।

स्मार्ट सिटी कार्यालय में कार्यरत हर अधिकारी-कर्मचारी को इस मशीन के भीतर से गुजर कर ही कार्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है। अब यहाँ अधिकारी-कर्मचारी भयमुक्त होकर कामकर रहे हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं उसके उपाय के लिए शासन, प्रशासन एवं नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों सहित संपूर्ण अमला कंट्रोल रूम के वार रूम से नागरिकों को हर संभव मदद के लिए 24×7 घण्टे सेवा भाव से काम कर रहे हैं।

भोपाल शहर एवं प्रदेश भर की हर पल-हर क्षण की जानकारी/सूचना संकलित करने तथा नागरिकों को हर संभव सहायता देने एवं जागरूक करने के लिए भोपाल शहर एवं प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम स्मार्ट सिटी में संचालित किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी कार्यालय कंट्रोल रूम में बड़ी संख्या में शीर्ष अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं।

इस फुल बॉड़ी सेनेटाइजेशन मशीन को उपायुक्त श्री विनोद कुमार शुक्ल और सहायक यंत्री श्री हबीब उर रहमान की टीम द्वारा निजी कंपनी के सहयोग से तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इसे भोपाल में ही तैयार किया गया है।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

कोरोना सैनिक-नर्सों, डॉक्टरों से बदसलूकी करने वाले कोरोना संदिग्ध जमातियों का जेल में होगा इलाज


अस्‍पताल मेंं नर्सो से बदसलूकी करने वाले जमातियों पर कैस

तबलीगी जमात में शामिल कोरोना संदिग्धों ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को परेशान करके रख दिया है। जमात में शामिल कई लोग कोरोना से पीड़ित पाए गए है जबकि इस कार्यक्रम में शामिल 9 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

हाइलाइट्स

  • वॉर्ड के बाहर तैनात की गई पुलिस, स्वास्थ्य विभाग कर रहा एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी
  • बदसलूकी करने वालों के लिए गाजियाबाद में जेल में वॉर्ड बनाने पर बात चल रही है
  • अस्पताल में नर्सों और डॉक्टरों के साथ बदसलूकी कर रहे हैं जमाती
  • दिल्ली के नरेला और कानपुर में भी मिली हैं बदसलूकी की शिकायत

दिल्ली/गाजियाबाद/कानपुर
निजामुद्दीन मरकज में शामिल कोरोना संदिग्धों की हरकतों ने दिल्ली से लेकर गाजियाबाद और कानपुर तक मेडिकल स्टाफ को परेशान करके रख दिया है। दिल्ली के नरेला आइसोलेशन सेंटर में तो बदसलूक जमातियों से निपटने के लिए आर्मी टीम बुलाई गई है, वहीं गाजियाबाद में ऐसे जमातियों के लिए जेल में ही आइसोलेशन सेंटर बनाने पर विचार शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश में तो मुख्यमंत्री योगी ने नैशनल सिक्यॉरिटी ऐक्ट(रासुका) के तहत ऐसे उपद्रवियों पर ऐक्शन के निर्देश दे दिए हैं। ऐसी भी खबरें हैं कि बदसलूकी करने वालों पर रासुका भी लगाया जा सकता है।

गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में तो कोरोना संदिग्ध जमातियों ने हदें ही लांघ दी थीं। नर्सों और डॉक्टरों से बदसलूकी के बाद अब जेल में अलग से आइसोलेशन वॉर्ड बनाकर उन्हें वहां भर्ती करने पर भी बात चल रहा है। गाजियाबाद के सीएमओ डॉ. एन. के. गुप्ता ने बताया कि जमातियों के हंगामा करने की शिकायतें मिलीं हैं। स्वास्थ्य विभाग रिपोर्ट दर्ज करवाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही पुलिस और जेल प्रशासन से जेल में वॉर्ड बनाने पर बात चल रही है। हालांकि ऐसे उपद्रवियों को जेल भेजने में भी संकट है, क्योंकि वे कैदियों को कोरोना के खतरे में डाल सकते हैं।

नर्सों के सामने उतार रहे हैं कhttp://MultapiSamachar.comपड़े
जमातियों के व्यवहार से अस्पताल प्रबंधन परेशान है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जमाती आइसोलेशन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। वे स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। नर्सों की मौजूदगी में ही कपड़े उतार देते हैं, जबकि कपड़े बदलने के लिए वॉर्ड में बाथरूम बना हुआ है। ऐसा करने से मना करने पर नर्सों के साथ बदतमीजी कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में सीएमओ से शिकायत की है। सीएमओ का कहना है कि पुलिस को मामले की सूचना दी गई है। यदि ये लोग नहीं मानते हैं तो इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी।

योगी का जमातियों पर बड़ा आदेश
जानकारी के मुताबिक बदसलूकी की की घटना के बाद योगी ने निर्देश दिया है कि अस्पताल में जमातियों की देखरेख के लिए किसी महिला को तैनात न किया जाए। बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वह इंदौर जैसी घटनाएं यूपी में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

देश में कहां कितने कोरोना मरीज, पूरी लिस्ट

137 जमातियों को किया जा चुका है भर्ती
निजामुद्दीन मरकज से यहां लौटे 137 जमातियों को चार अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया है। सीएमओ ने बताया कि इनमें से 90 के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अन्य के भी सैंपल जल्द भेजे जाएंगे। अब तक 90 लोगों को डासना स्थित सुंदरदीप आयुर्वेदिक अस्पताल, 36 को सूर्या अस्पताल मुरादनगर, 5 को एमएमजी, 5 को संजय नगर कंबाइंड अस्पताल में क्वारंटीन किया गया है।

कोरोना संकट से देश को उबरने के लिए राज्यों को 11,092 करोड़ रुपए देगा गृह मंत्रालय


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नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए राज्यों और केंद्रशासित राज्यों को गृह मंत्रालय ने राज्य आपदा जोखिम प्रबंधन कोष से 11, 092 रुपए जारी करने की मंजूरी दी है। राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रही महामारी से निपटने के लिए गृह मंत्री ने शुक्रवार को यह अहम फैसला लिया।

गौरतलब है स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक देश में कुल 2322 कोविड-19 के मामले सामने आ चुके हैं और अब तक कुल 62 कोरोना संक्रमित लोगों की देश में मौत हो चुकी है। हालांकि इस दौरान कुल 162 कोरोना संक्रमित मरीजों को ठीक भी किया गया है, जो अब अपने घरों में जा चुके हैं।

देश में कोरोना के सर्वाधिक मामले महाराष्ट्र में पाए गए हैं, जहां कुल 335 मामले उजागर हुए हैं जबकि 335 मामलों के साथ तमिलनाडु दूसरे नंबर पर हैं और केरल तीसरे नंबर हैं, जहां अब तक 286 मामले सामने आए हैं। सरकार ने उक्त कदम इसलिए उठाया है जिससे राज्य सरकारें इस महामारी के बढ़ते प्रकोप को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा सकें।

भारत में तेजी से कोरोना संक्रमित मामलों की वृद्धि के लिए सीधे-सीधे तब्लीगी जमात जिम्मेदार पाए गए हैं। राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन पश्चिम में तब्लीगी जमात का मरकज देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार के प्रमुख केंद्र के तौर पर सामने आया है। एक से 15 मार्च के बीच यहां हजारों लोग एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कई राज्यों में इनमें से कई प्रतिभागी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।

कोरोना महामारी से जंग में राज्यों को 11,092 करोड़ देगा

केंद्र गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों देखते हुए राज्यों में क्वारंटीन सेंटर स्थापित करने समेत दूसरे जरूरी कार्यों को लिए 11,092 करोड़ रुपए जारी करने का फैसला लिया है। भारत सरकार की ओर से 2020-21 के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट फंड (SDRMF) के तहत राज्यों को पहली किस्त की मंजूरी दी गई है। सरकार ने ये कदम इसलिए उठाया है जिससे राज्य सरकारें इस महामारी के बढ़ते प्रकोप को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा सकें।

महाराष्ट्र में सर्वाधिक 335 कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले सामने आए

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक देश में कुल 2322 कोविड-19 के मामले सामने आ चुके हैं और अब तक कुल 62 कोरोना संक्रमित लोगों की देश में मौत हो चुकी है। हालांकि इस दौरान कुल 162 कोरोना संक्रमित मरीजों को ठीक भी किया गया है, जो अब अपने घरों में जा चुके हैं। देश में कोरोना के सर्वाधिक मामले महाराष्ट्र में पाए गए हैं, जहां कुल 335 मामले उजागर हुए हैं जबकि 335 मामलों के साथ तमिलनाडु दूसरे नंबर पर हैं और केरल तीसरे नंबर हैं, जहां अब तक 286 मामले सामने आए हैं।

राज्यों में क्वारंटीन सेंटर खोलने समेत अन्य कार्यों के लिए दी गई मंजूरी

राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रही महामारी से निपटने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने यह अहम फैसला इसलिए उठाया है जिससे राज्य सरकारें इस महामारी के बढ़ते प्रकोप को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा सकें। इनमें राज्यों में महामारी के शिकार मरीजों के लिए क्वारंटीन सेंटर खोलने समेत अन्य जरूरी कार्य किए जा सकेंगे।

360 विदेशियों को ब्लैक लिस्ट में डालने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है

कोरोना वायरस के मद्देनजर देश की सीमाएं सील होने से पहले ही यहां से जा चुके ऐसे 360 विदेशियों को ब्लैक लिस्ट में डालने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जिन्होंने भारत में तब्लीगी जमात की गतिविधियों में हिस्सा लिया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने उन 960 विदेशियों को प्रत्यर्पित किए जाने की बात को भी खारिज कर दिया जो पर्यटन वीजा पर यहां आए थे और तब्लीगी गतिविधियों में शामिल थे।

तब्लीगी जमात पर वीजा शर्त उल्लंघन व आपदा प्रबंधन के तहत कार्रवाई

मंत्रालय ने कहा कि इन लोगों के खिलाफ पहले ही विदेशी अधिनियम के तहत वीजा शर्तों के उल्लंघन और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि सभी पुलिस महानिदेशकों और पुलिस आयुक्तों को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि इस स्तर पर प्रत्यर्पण का कोई सवाल ही नहीं, जब प्रत्यर्पण होगा तो वह स्वास्थ्य दिशानिर्देश के मानकों के मुताबिक होगा।

तब्लीगी जमात के कार्यक्रम की वजह से भारत में बढ़े कोरोना के मामले

निजामुद्दीन पश्चिम में तबलीगी जमात का मरकज देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार के प्रमुख केंद्र के तौर पर सामने आया है। एक से 15 मार्च के बीच यहां हजारों लोग एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कई राज्यों में इनमें से कई प्रतिभागी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों और इस बीमारी के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों पर कथित हमले के मामलों में सख्त कार्रवाई करने को भी कहा है। मंत्रालय ने स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

मुलतापी समाचार

Corona सैनिक : 6 माह की गर्भवती होने के बावजूद ऑन ड्यूटी, पति से कहा- फर्ज पहले छुट्टी बाद में


राजकोट. गुजरात के राजकोट में कोरोना वॉरियर्स से जुड़े अनेक किस्से सामने आ रहे हैं। यहां की एक महिला एएसआई का वीडियो भी सोशल साइट्स पर वायरस हो रहा है। नसरीन जुनैद बेलीम नामक एएसआई छह माह की गर्भवती है। उसके बावजूद वह ऑन ड्यूटी रहती है। उसका परिवार उसे लेकर चिंतित है, पर उसका हौंसला बरकरार है। शौहर ने उससे कहा कि, छुट्टी ले लो, तो नसरीन जुनैद बोलीं कि फर्ज पहले है, छुट्टी बाद में।

एएसआई नसरीन जुनैद बेलीम का फर्ज नसरीन जुनैद बेलीम ने शौहर से यह भी कहा कि इस वक्त देश को मेरी जरूरत है। बता दें कि, नसरीन जुनैद बेलीम छह माह की गर्भवती हैं। उन्होंने कहा कि, पूरा देश कोरोना की महामारी से लड़ रहा है। ऐसे में हम कैसे ड्यूटी से ब्रेक ले सकते हैं। कोरोना से हालात बिगड़ने के कारण मेरे परिजन भी चिंतित हैं।

‘स्टाफ भी मेरी भावनाओं की कद्र कर रहा’ ”मेरे परिजनों को डर है कि इन परिस्थितियों में कहीं मुझे कोरोना का संक्रमण न हो जाए। ऐसे में मेरी संतान का क्या होगा? उनका डर वाजिब है। लेकिन मेरा मानना है कि, इन हालात में मेरी ड्यूटी ज्यादा जरूरी है और इसी वजह से सबके कहने के बावजूद मैंने अवकाश नहीं लिया। हालांकि, पूरा स्टाफ भी मेरी भावनाओं की कद्र कर पूरा सहयोग दे रहा है।”

‘तुम चिंता मत करो, मुझे कुछ नहीं होगा’

अपने पति के बारे में बताते हुए नसरीन ने कहा कि, ‘इस समय मैं राजकोट में ही हूं। घर पर हम दोनों ही हैं। वे घर के काम में मेरी मदद करते हैं। थाने तक पहुंचाने और लाने में भी वह मेरी पूरी मदद करते हैं। हालांकि, उन्होंने मुझे बिना सैलरी अवकाश लेने के लिए कहा था। लेकिन मैंने कहा कि, डरने की कोई जरूरत नहीं है। हमारा डिपार्टमेंट हमारा पूरा ख्याल रखता है। तुम चिंता मत करो, मुझे कुछ नहीं होगा।’

मुलतापी समाचार

इस महामारी से जो लड रहें जो लोगों की सहायता कर रहें उनका नाम कोरोना सैनिक हो…
मै अपने पोस्‍ट में घोषित करता हूँ …..
कोरोना वायरस कोवीद 19 महामारी के संक्रमण से बचने के लिए हमारे देश में आंगनवाडी वर्क और आशा कार्यकर्ता देश में फेल रही वेश्‍यविक बिमारी से लडने के लिए महत्‍व पूर्ण भूमिकाा निभा रहें है मुलतापी समाचार हमारे देश वे सभी कर्मचारी एवं वे सभी पत्रकार साथीयो का जो इस महामारी आपदा से निपटने के लिए काम कर रहे प्रत्‍येक देश के कोरोना सैनिक को मुलतापी समाचार की पूरी टीम की ओर से मै मनमोहन पंवार सलाम करता हॅू धन्‍यवाद देता है….

मां की मौत की सूचना पर भी कार्य पूरा कर पहुंचीं घर


MPFightsCorona- श्रीमती राजदुलारी मलिक

कोविड-19 बचाव एवं नियंत्रण

कर्त्तव्य परायणता की मिसाल बनीं आशा कार्यकर्ता राजदुलारी मलिक

मां की मौत की सूचना पर भी कार्य पूरा कर पहुंचीं घर

घोड़ाडोंगरी विकासखण्ड के उप स्वास्थ्य केन्द्र बादलपुर अंतर्गत ग्राम पहाड़पुर में कार्यरत आशा कार्यकर्ता श्रीमती राजदुलारी मलिक ने कोरोना संक्रमण से बचाव एवं नियंत्रण कार्यक्रम में कर्त्तव्य को पहले मानकर अपनी ड्यूटी पूरा करने का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। उक्त कार्यकर्ता को लगभग 960 आबादी वाले पहाड़पुर गांव में बाहर से यात्रा कर आए नागरिकों के घरों पर पीले पोस्टर चिपकाने का कार्य सौंपा गया था। दो अप्रैल को कार्य करने के दौरान मोबाइल पर राजदुलारी को अपनी मां की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई, किन्तु उन्होंने पहले अपने कार्य को प्राथमिकता दी। लगभग दो घंटे तक सतत् अपना कार्य करने के बाद राजदुलारी अपने घर पहुंचीं एवं अपनी मां के अंतिम दर्शन किए।

सीएमएचओ डॉ. जीसी चौरसिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार 03 अप्रैल को जब राजदुलारी से चर्चा की गई तो वे बिना कोई अवकाश लिए सतत् कार्य कर रही थीं। राजदुलारी के इस कार्य की सराहना करते हुए विकासखण्ड घोड़ाडोंगरी के खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा एवं बीसीएम श्री प्रकाश माकोड़े द्वारा प्रोत्साहन राशि के रूप में एक हजार रूपए का चेक उन्हें प्रदान किया गया।

मुलतापी समाचार की ओर से कोरोना फाईटर आशा कार्यकर्ता श्रीमती राजदुलारी मलिक को सलाम।

मुलतापी समाचार बैतूल

up में LOCKDOWN ताक पर / कन्नौज में छत पर नमाज पढ़ रहे लोगों को पुलिस ने समझाया तो कुल्हाड़ी से हमला किया, दो पुलिसकर्मियों की हालत नाजुक


  • कन्नौज जिले में सदर कोतवाली क्षेत्र के काग्जियान मोहल्ले का मामला
  • धर्मगुरुओं की अपील के बाद भी कुछ लोग छत पर नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए

MULTAPI SAMACHAR

UP News कन्नौज. उत्तर प्रदेश के कन्नौज में लॉकडाउन के दौरान शुक्रवार को घर की छत पर सामूहिक नमाज पढ़ी गई। यह सूचना मिलते ही जब पुलिस वहां पहुंची और लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की बात कही तो वहां मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इसमें चौकी प्रभारी, एलआईयू सिपाही समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद थाने से पुलिसफोर्स भेजी गई और मामले पर काबू पाया गया। हालांकि, इस बीच पुलिसकर्मियों से मारपीट करने वाले लोग वहां से भाग निकले। हालांकि, कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया है जबकि कुछ की तलाश ड्रोन के जरिए भी की जा रही है। कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से देशभर में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। देश के सभी बड़े धर्मस्थल बंद हैं। 

धर्मगुरुओं ने कहा था घरों में ही नमाज पढ़ें
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी गुरुवार को ही अपील की थी कि जुमे की नमाज घरों में रहकर ही पढ़ें। इस पर ज्यादातर लोगों ने अमल भी किया। वहीं, सदर कोतवाली क्षेत्र में काग्जियाल मोहल्ला स्थित साबिर के मकान की छत पर सामूहिक नमाज के लिए 25-30 लोग जुट गए। सूचना मिलते ही हाजी शरीफ चौकी इंचार्ज आनंद पांडेय, एलआईयू सिपाही राजवीर सिंह पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे। 

नमाज पढ़कर उतर रहे लोगों ने पुलिस से बहस की
पुलिसकर्मियों ने नमाज के बाद छत से नीचे उतरने वालों को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का पालन करने को कहा तो लोगों ने बहस शुरू कर दी। पुलिस ने जब इस घटना का वीडियो बनाना चाहा तो आरोपियों ने कुल्हाड़ी, फावड़े से हमला कर दिया। पुलिस पर छतों से पथराव किया गया। इसमें चौकी प्रभारी आनंद पांडेय समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

एसपी प्रसाद ने बताया- दो सिपाहियों की हालत गंभीर
एसडीएम सदर शैलेश कुमार, सीओ सिटी श्रीकांत प्रजापति, एएसपी विनोद कुमार, कोतवाल नागेंद्र पाठक फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। एसपी अमरेंद्र प्रसाद ने बताया कि दो सिपाहियों की हालत गंभीर है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। अभी कुछ और लोगों को भी पकड़ा जाएगा। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

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Satish Pawar News Riporter Multai

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कोरोना बुलेटिन बैतूल

  • कुल  संदिग्ध भर्ती मरीज- 03
  • अब तक सैम्पल लिए मरीजो की संख्या – 05
  • रिपोर्ट- 02
  • रिपोर्ट परिणाम – 02 निगेटिव 03 अप्राप्त
  • रिपोर्ट परिणाम पाजिटिव – 00
  • जिले मे विदेश से यात्रा करके आए यात्रियों की संख्या – 251
  • विभाग द्वारा स्वास्थय परीक्षण किए गये नागरिकों की संख्या -180
  • इन्ही  मे से होम आइसोलेशन में रखें गये नागरिकों की संख्या -92
  • होम आइसोलेशन के 14 दिन पूर्ण किए नागरिकों की संख्या -88
  • ट्रेसिंग किये जा रहे यात्रियों की संख्या -33

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल