देश के सबसे बड़े पत्रकार संगठन ने पत्रकारो को राहत पैकेज देन की मांग की

प्रदेश सरकार आसन्न आपदा राहत प्रबंधन में जमा राशी पत्रकारो के खाते में डाले


बैतूल, देश के सबसे बड़े पत्रकार संगठन इंडियन फेडरेशन आफ वर्कींग जर्नलिस्ट (आई एफ डब्लयू जे) की प्रदेश इकाई के सचिव रामकिशोर पंवार ने मध्यप्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश सरकार जिला स्तर पर गठित आसन्न आपदा राहत प्रंबधन में जमा राशी में से कुछ सहयोग राशी जिले के उन पत्रकारो को भी दे जिनका काम – काज बंद पड़ा है. प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर भेजे एक मांग पत्र में प्रदेश सचिव रामकिशोर पंवार ने यह मांग उठाते हुए कहा कि जिला स्तर पर जिला सरकार के पास लाखो रूपैया गरीबो एवं जरूरत मंदो के जन सहयोग से जमा हुआ है.

जब जिला सरकार जिले के लोगो के घरो तक राशन सामग्री से लेकर राहत पैकेज तक उपलब्ध करवा रही है ऐसे में जिले में के उन पत्रकारो का क्या होगा जो इस आपदा से प्रभावित हुए है. श्री पंवार ने कहा कि पूरे प्रदेश में 2 प्रतिशत ऐसे पत्रकार या अखबार मालिक होगें जो करोड़पति या लखपति है लेकिन बाकी अन्य जो आज भी अपनी जरूरतो के लिए आर्थिक रूप मोहताज बन गए है. अपनी जान को जोखिम में डाल कर जिला सरकार की प्रेस विज्ञिप्तो से लेकर जिले में जनसहयोग के लिए लोगो को प्रेरित करने वालो की यदि जरूरतो की पूर्ति जन सहयोग से जमा राशी से नहीं हो सकती तो ऐसे जन सहयोग का क्या औचित्य है. श्री पंवार ने कहा कि जिला सरकार (कलैक्टर) जब रेडक्रास सोसायटी से बहुरंगी कलैण्डर छपवा सकती है तो उसी रेडक्रास सोसायटी या किसी अन्य मदो से जिले के पत्रकारो को राहत पैकेज दिये जा सकते है. श्री पंवार के अनुसार जिला सरकार चाहे तो जिले के चिन्हीत प्रेट्रोल पम्पो में चिन्हीत पत्रकारो के वाहनो की सूचि उपलब्ध करवा कर उन्हे उनके कार्य में सहयोग प्रदान करते हुए यदि स्थानीय स्तर पर २० – २० लीटर प्रति सप्ताह प्रेटोल पम्प से प्रेट्रोल उपलब्ध करवा सकती है.

वर्तमान समय में बैतूल जिले में सौ सवा सौ के लगभग छोटे बड़े पम्प कार्यरत है. इसी तरह अन्य लोगो से प्रेस के नाम पर जन सहयोग पैकेज दिलवा सकती है. जिले में खनिज विभाग से लेकर परिवहन विभाग के साथ – साथ स्थानीय निकायों एवं जनपदो से भी पत्रकारो को राहत पैकेज दिलवाने का काम कर सकती है. संकट के समय पत्रकारो के साथ यदि जिला सरकार सहयोग नहीं कर सकती है तब पत्रकारो को भी जिला सरकार को सहयोग करने या न करने के फैसले पर विचार करना चाहिए.


बैतूल जिले के पत्रकारो को राहत पैकेज दिलवाने की मांग करने वाले जिले के वरिष्ठ पत्रकार रामकिशोर पंवार के अनुसार बैतूल जिले में राज्य सरकार से अधिमान्य एवं प्रेस द्वारा अधिकृत पत्रकारो की संख्या सौ सवा से अधिक नहीं है. ऐसे में जो 3 प्रतिशत आर्थिक रूप से सम्पन्न पत्रकारो को दर किनार कर शेष अन्य जरूरत मंद पत्रकारो के लिए आने वाले 12 दिनो के अंदर राहत पैकेज एवं राहत सामग्री उनके बैंको खातो में डालने का काम जिला सरकार को जन संपर्क विभाग बैतूल के माध्यम से करना चाहिए. श्री पंवार ने जिला सरकार से यह निवेदन किया है कि पत्रकारो के संग – संग बैतूल जिला सरकार को जिले के विधायको एवं सासंद से भी प्रेस को राहत पैकेज दिलवाने की पहल करनी चाहिए. श्री पंवार ने कहा कि संकट पत्रकारो पर यदि आया है तो यह नहीं भूलना चाहिए कि पत्रकार संकट मोचक का भी काम करते है और पत्रकार स्वंय एक प्रकार से संकट है ऐसे में लोग शनि के नाम पर श्ािनदेव को तेल चढ़ाया करते है तब पत्रकारो को जनप्रतिनिधियों के द्वारा कुछ तो चढ़ावा देना चाहिए. आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे पत्रकारो के लिए यदि समय रहते राहत सामग्री या राहत राशी उपलब्ध नहीं करवाई गई तो कई पत्रकारो के घरो के चुल्हे नहीं जल सकेगें. श्री पंवार के अनुसार

जिले में मात्र पांच – दस ऐसे पत्रकार है जो वेतनभोगी मानदेय या वेतन पाते है या देते है. जिले के 90 प्रतिशत पत्रकारो की रोजी – रोटी विज्ञापनो से चलती है. जिले में वर्तमान समय में विज्ञापन बंद होने से जिले के पत्रकारो एवं समाचार पत्रो के सामने सबसे बड़ा आर्थिक संकट आ गया है.

मुलतापी समाचार
रामकिशोर पवार पत्रकार बैतूल

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