कोरोना से बढ़ा मध्यप्रदेश में वित्तीय संकट


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: कोरोना का असर लोगों की सेहत के साथ सरकार की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है! 14 अप्रैल तक lockdown खत्म होने पर सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान होने की आशंका है! इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने बुधवार देर रात 4 सदस्य समिति का गठन किया है! यह समिति सरकार को आर्थिक संकट से उबारने के सुझाव देगी! एसीएस फाइनेंस अनुराग जैन को इसका कोऑर्डिनेटर बनाया गया है!

मध्यप्रदेश में वित्तीय संकट आने से पहले सरकार को लेकर जारी उठापटक फिर सत्ता परिवर्तन और अब लॉकडाउन! काम धंधा दफ्तर सब बंद है! यह नुकसान कितना ज्यादा है इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च के महीने में रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या 40 फ़ीसदी से भी कम रही! केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि भी अटकी हुई है! सिनेमा हॉल माल सब बंद है इसलिए सरकार को टैक्स में भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है! लोगों की आवाजाही बंद होने से पेट्रोल डीजल की खपत भी ना के बराबर है!

इस साल वाणिज्य कर विभाग के पास 54 हजार 888 करोड़ रुपए की कर वसूली का टारगेट था! अब इसमें 18 सौ करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है! कोरोना का असर जमीन -मकान और दुकान की रजिस्ट्री पर भी दिखाई दे रहा है! रजिस्ट्री से राज्य सरकार को 65 सौ करोड़ रुपए के राजस्व वसूली की उम्मीद थी लेकिन कोरोना की मार ने उसकी सारी प्लानिंग फैल कर दी है!

Corona का असर शराब से होने वाली आमदनी पर भी पड़ा है! मुख्यमंत्री के शराब बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश के बाद अब शराब की दुकानें पूरी तरह से बंद है! इस वजह से आबकारी विभाग को होने वाली आय भी घटने के पूरे आसार हैं! इस बार विभाग को 11500 करोड़ रुपए आय का अनुमान था, लेकिन अब इसमें 200 से 300 करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका है!

निर्माण कार्य बंद होने से माइनिंग पर भी सीधा असर पड़ा है! इससे सरकार को होने वाली आय बुरी तरह से प्रभावित हुई है! जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र सरकार से जो क्षतिपूर्ति राशि मिलना है वह पैसा भी राज्य को नहीं मिला है! यदि lockdown की अवधि बढ़ाई जाती है तो इसका असर भी सरकार के खजाने पर पड़ेगा! कुल मिलाकर कोरोना का असर सरकार के लिए बड़ा नुकसानदेह साबित हो रहा है!

रबी फसल की खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होती है जो लाकडाउन के कारण सरकार ने इस बार 15 अप्रैल से शुरू करने का फैसला किया है! इसके लिए भी सरकार को करोड़ों रुपए की जरूरत होगी! ऐसे में सरकार के सामने अपने मौजूदा वित्तीय संसाधनों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने की बड़ी चुनौती है! lockdown के दो हफ्तों में ही अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी से उतर गई है! अगर यह और लंबा खिंचा तो इसका असर प्रदेश में अटके बड़े प्रोजेक्ट पर भी दिखाई देगा, जिसकी मार बरसों तक महसूस होगी!

प्रदेश सरकार ने कोरोनावायरस संक्रमण के कारण पैदा आर्थिक संकट से निपटने के लिए 4 सदस्य समिति का गठन किया है! यह समिति सरकार को आर्थिक संकट से उबारने के सुझाव देगी! एसीएस फाइनेंस अनुराग जैन को इसका कोऑर्डिनेटर बनाया गया है!

मुलतापी समाचार

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