लोकडॉन की देहादि मजदूरों की हालत गम्भीर, पिता पानी पीकर रह जाता हूं पर बच्चों को कैसे समझाऊ


घरों से निकले लोग समस्या बताने होरी रही हालत गंभीर लोकडॉन

मुलतापी समाचार


बैतूल । बाप तो एक लोटा पानी पीकर अपने आप को समझा सकता है लेकिन मैं अपने बच्चों को कैसे समझाऊं यह बात पेशे से मजदूर पुलकराम बोहरे ने हमे बताई ।पुलक राम कहते है कि कल मैंने सीएम हैल्प लाइन पर अपनी व्यथा लिखाई की हमारी व्यवस्था जमा दो वँहा से दिन भर बोलते रहे कि व्यवस्था  नही की मजबूरी में बच्चों की खातिर बाहर निकला तो पुलिस मारती है लेकिन घर मे बच्चे भूखे रट है क्या करें ।पुलिस भी हमारी रक्षा के लिए लगी है उन्हें भी क्या बोले ।
इसी तरह मोहल्ले की ही कल्पना धधोरे कहती है ।पति राज मिस्त्री का काम करते है घर पर थोड़ा राशन था जिससे अभी तक काम चला अब गैस नही है और नाही साबुन सोडा तेल नमक ।काम नही होने होने से पैसे भी नही है खरीदे भी तो कैसे ।
घरों में बर्तन माँझकर अपना जीवन यापन करने वाली संगीता खातरकर के पास राशन कार्ड भी नही है और ना ही अपना घर,लॉक डाउन की वजह से घरों का काम छूट गया है ।जितने दिन का बजट था वह भी याब खत्म ही गया है ।कार्ड नही होने से राशन भी नही मिलने वाला लॉक डाउन बढ़ा तो मुसीबत भी बढ़ेगी ।
एक दो नही ऐसे सैकड़ो उदाहरण आज हमे उस वक्त देखने को मिले जब हम सैकड़ो दान दाताओं समाज सेवियों ओर जिला प्रशासन की तरफ से बंटने वाले भोजन और राशन की हकीकत जानने नगर के एक वार्ड सुभाष वार्ड में पहुंचे ।सुभाष वार्ड में ही एक वर्ग ऐसा भी है जिसे भरपूर राशन ओर दोनो टाइम का भोजन भी मिल रहा है लेकिन हमलापुर चौक के नज़दीक धोटे किराना के पीछे वाली गलियों में एक सैकड़ा से ज़्यादा गरीब मज़दूरों को आज तक कोई राहत नही मिली है ।वार्ड के युवा अमित सोनी के मुताबिक हमारे मोहल्ले में दो ढाई सौ मजदूर तबका रहता है ।शाशन प्रशासन से जो मदद के लिए आते है वह मुख्य मार्ग पर एक या दो लोगो को भोजन राशन बांट कर खाली फ़ोटोबाज़ी कर रहै है ।इस क्षेत्र में आज तक गरीबो की सुध लेने कोई नही आया ।वार्ड के ही शत्रुघन प्रषाद कहते है कि लॉक डाउन के दो हफ्ते पहले छत्तीसगढ़ के कुछ मजदूर काम लिए बैतूल आये थे दो हफ्ते काम किया जो मजदूरी मिली इन दिनों वह भी खत्म ही गई अब इन मजदूरों को परिवार पालना मुश्किल हो रहा है ।छत्तीसगढ़ जाने के लिए अनुमति भी नही है ।
इस वार्ड में ज़्यादातर ।मजदूर मजबूर होकर मन्दिर के पीछे पेड़ की छांव में रास्ता ताकते इस आस में बैठे रहते है कि शायद कोई उन्हें देख कर मदद के लिए आएगा ।

इनका कहना है
181 ओर 104 नम्बरो से मिलने वाली सूचना पर हम भोजन की व्यवस्था बना देते है ।इस तरह की जानकारी हमारे पास नही आई है ।फिर भी हम इन लोगो को जल्द ही मदद पंहुचाने की कोशिश करेंगे
 प्रियंका सिंह
सीएमओ नगरपालिका बैतूल ।

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