LOCKDOWN का असर, सड़कें सुनसान, दिखाई दे रहा प्रभावी असर – एसडीएम


लॉकडाउन में मुलताई के सडके सुनसान दिखी

पुलिस प्रशासन सख्त, लोगों से घरों में रहने की लगातार की जा रही अपील

मुलतापी समाचार

मुलताई। कोरोना सैनिकों द्वारा नगर में लॉकडाउन का प्रभावी रूप से पालन कराया जा रहा है, जिससे सड़कें सुबह से लेकर रात तक सुनसान नजर आ रही हैं। लॉकडाउन के असर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब लोग स्वेच्छा से ही घरों में अंदर रहने लगे हैं जिससे पूरे नगर में सन्नााटा पसरा हुआ है। सुबह मात्र कुछ समय के लिए हलचल नजर आती है लेकिन इसके बाद पूरा दिन मानो खामोश हो जाता है। इधर पुलिस-प्रशासन द्वारा लगातार वाहनों से लोगों से घरों से नहीं निकलने की अपील की जा रही है जिसका असर भी अब दिखने लगा है। नगर में यदि इक्का-दुक्का वार्डों को छोड़ दें तो अन्य सभी वार्डों में लॉकडाउन का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। लोगों की इस जागरूकता के कारण ही नगर में कोरोना जैसे खतरनाक वायरस से जंग जीती जा सकती है।

एसडीओपी नम्रता सोंधिया के अनुसार लोगों से लगातार अपील की जा चुकी है अब लोगों की जागरूकता ही उन्हें बचा सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस के डंडे से एक हद तक ही नियमों का पालन कराया जा सकता है, लेकिन जब तक लोग स्वयं जागरूक होकर नियमों का पालन नहीं करेंगे तब तक पुलिस भी कुछ नहीं कर पाएगी। एसडीओपी ने बताया कि नगर में नेहरू तथा गांधी वार्ड में लोगों को घरों में रहने की लगातार समझाइश के बावजूद लोग बाहर निकल रहे हैं जिसकी वजह से पूरा नगर प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने बताया कि नगर के अन्य वार्डों में स्थिति बेहतर है तथा लोगों की जागरूकता की वाकई काबिले गौर है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने स्तर पर पहले समझाने का ही प्रयास करती है जिसके बाद ही सख्त होना पड़ता है क्योंकि यह लोगों की ही सुरक्षा के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब नियम और सख्त हो गए हैं इसलिए बाहर निकलने वालों पर सीधी एफआईआर की जा सकती है इसलिए लोगों को घरों में ही रहना जरूरी है ताकि इस जंग में हम जीत हासिल कर सकें।

त्योहारों पर भी लोगों ने किया नियमों का पालन

एसडीएम सीएल चनाप ने कहा कि पहले कुछ दिनों तक लोगों को घरों में रहने की लगातार समझाइश दी गई लेकिन अब लोग स्वयं जागरूक नजर आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि रामनवमी एवं हनुमान जयंती सहित शब-ए-बारात पर्व पर लोगों का घरों में ही रहकर प्रार्थना करना यह साबित करता है कि लोग स्वास्थ्य के लिए जागरूक हो चुके हैं। उन्होने कहा कि इन प्रमुख पर्वों पर लोगों ने जहां घरों से बैठकर ही पूजन किया वहीं नमाज अता कर दुआएं भी मांगी गई।

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कोराना कोविद 19- स्‍वास्‍थ्‍य विभाग बैतूल की हेल्‍थ बुुलेटि‍न (11 अप्रैैैल 2020) ग्राम रिधोरा के मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव


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ग्राम रिधोरा के कोरोना संदिग्‍ध मरीज की रिपोर्ट आयी निगेटिव

रामायन की सीता के लिए कई ऑडिशन्स के बाद मिला था रोल -Deepika Chikhaliya


Ramayan me Sheeta ji Rol Play -Deepika Chikhaliya

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इन दिनों दूरदर्शन पर Ramayan का प्रसारण सुबह और रात को रोजाना हो रहा है। लॉकडाउन के बीच लोग इस पौराणिक सीरियल का लुत्फ ले रहे हैं। सीरियल में निभाया गया हर किरदार उसे निभाने वाली की जिंदगी से जुड़ गया और आज भी उन्हें देखकर लगता है सच में वो किरदार जिंदा है। फिर से टेलिकास्ट हो रहे इस सीरियल ने टीआरपी के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ऐसा ही एक किरदार है माता Sita का। रामायण में यह किरदार Deepika Chikhaliya ने निभाया था। हालांकि, इसके बाद दीपिका ने जैसे छोटे पर्दे को अलविदा ही कह दिया।

हालांकि, रामायण में काम के पहले दीपिका ने कई टीवी शो में काम किया था। दीपिका ने रामानंद सागर के ही सीरियस ‘विक्रम बेताल’ में कई कहानियों में रानी का रोल किया है। हालांकि, इसके बावजूद उन्हें रामायण में सीता का रोल पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। हालांकि, उन्हें वो पहचान मिल चुकी थी जिसकी वजह से उन्हें काफी काम मिलने लगा था लेकिन इसके बावजूद उन्हें ऐसा रोल नहीं मिला था जो उनकी तकदीर बदल दे।

एक इंटरव्यू में में दीपिका ने कहा था ”जब उन्हें स्क्रीनप्ले राइटर ने बताया कि रामानंद सागर ‘रामायण’ बना रहे हैं और मुझे इसके लिए स्क्रीन टेस्ट देना चाहिए। यह जानकर मैंने सागर साहब से बात की। रामानंद सागर मुझसे बोले कि आपने पहले कहा था सीता के लिए लेकिन तब रामायण नहीं बन रही थी लेकिन अब काम चल रहा है तो आकर स्क्रीन टेस्ट दे दो। इसके साथ ही सागर जी ने कहा कि वो तब तक सीता का कैरेक्टर तय नहीं करेंगे जब तक मैं उस हिसाब से ड्रेस और डायलॉग फ्रीज नहीं कर देती।”

बता दें कि दीपिका के अलावा 20-25 लड़कियों ने उस समय सीता के किरदार के लिए स्क्रीन टेस्ट दिया था। इसके लिए सभी को 4-4 पेज दिए गए थे जिसमें डायलॉग्स थे। दीपिका ने बताया ”रामानंद सागर डायलॉग बोल रहे थे और हमें चलकर सामने से आना था। उन्होंने कहा कि अब ऐसे आओ जैसे राम वनवास को जा रहे हैं। इसी वक्त वो हर चीज का मॉक टेस्ट भी ले रहे थे। इतने सब के बाद जब रामानंद सागर ने सब खत्म किया तब अंत में कहा कि यही हमारे सीरियल के लिए सीता होगी।”

रामायण के विभिषण रोल करेने वाले की रेलवे ट्रैक पर मिली थी की लाश, बेटे की भी ट्रेन एक्सिडेंट में मौत हुई थी


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Ramayan इन दिनों दूरदर्शन पर फिर से प्रसारित हो रहा है और देश में लॉकडाउन होने की वजह से लोग फिर से इसका मजा ले रहे हैं। इसमें नजर आने वाले हर एक कैरेक्टर से लोगों को फिर प्यार हो गया है जिनमें राम से लेकर Vibhshan तक शामिल हैं। हालांकि, अब तक इस रामायण में नजर आने वाले कैरेक्टर्स को निभाने कई अभिनेता इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। इनमें सुग्रीव का किरदार निभाने वाले अभिनेता का तो हाल ही में निधन हुआ है। इसी तरह इसमें नजर आने वाले विभीषण की भी मौत काफी समय पहले हो चुकी है। सीरियल में यह किरदार Mukesh Rawal ने निभाया था।

मुकेश फिल्म और टीवी के शानदार कलाकार थे लेकिन नियति ने वक्त से पहले उन्हें छीन लिया। उन्होंने कई हिंदी फिल्मों के साथ ही गुजराती फिल्मों में भी काम किया है। जो लोग उन्हें जानते हैं उनके अनुसार वो एक खुश रहने वाले इंसान थे। एक दिन उनका शव रेलवे ट्रैक पर मिला था।

कहा जाता है कि उनकी मौत रेल हादसे में हुई लेकिन कई लोगों का दावा था कि मुकेश ने आत्महत्या की थी। हालांकि, यह आज भी एक बड़ा सवाल है। हालांकि, जब भी उनके परिवार से इस बारे में बात होती है तो वो इससे साफ इनकार करते हैं। उनके बारे में कई तरह की चीजें सोशल मीडिया में आती हैं।

कहीं कहा जाता है कि वो एक थियेटर आर्टिस्ट थे और रामायण उनका पहला सीरियल था। उन्होंने मेघनाथ और विभीषण दोनों के लिए ऑडिशन दिया था लेकिन बाद में उन्हें विभीषण के लिए चुन लिया गया। उनके इस कैरेक्टर के बाद उन्हें फिल्मों और सीरियल्स के कई ऑफर मिलने लगे।

ऐसा कहा जाता है कि उनके बेटे की ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी और उसके बाद वो डिप्रेशन में चले गए थे। इसी को लेकर कहा जाता है कि उन्होंने 2016 में आत्महत्या कर ली थी।

बैतूल जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा कर रहा प्रशासन, नहीं मिल रही प्रशासन से जानकारी


बैतूल विधायक निलय डागा ने प्रशासन के कामकाज पर जताई कड़ी आपत्ति, कलेक्टर को लिखा पत्र

तूल। विधायक निलय डागा।

Multapi samachar. Betul News

बैतूल। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए की जा रही कवायद में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करने का आरोप प्रशासन पर लगाया जा रहा है। आलम यह है कि जनप्रतिनिधियों से प्रशासन कोई जानकारी तक साझा नहीं कर रहा है। प्रशासन की इस उपेक्षा को लेकर बैतूल विधायक निलय डागा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कलेक्टर राकेश सिंह को पत्र लिखा है।

श्री डागा ने पत्र के माध्यम से बताया है कि शासन प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम और बचाव के लिए जनहित में कौन-कौन से कार्य किए जा रहे हैं इसकी जानकारी जन प्रतिनिधियों को नहीं दी जा रही है। जन प्रतिनिधि होने के नाते संकट की इस घड़ी में शासन प्रशासन द्वारा की जा रही समस्त कार्यवाहियों की जानकारी जनहित में रखा जाना आवश्यक है। जिले में इस बीमारी को फैलने और आमजनों को इस महामारी से बचाने के लिए दलीय राजनीति से हटकर शासन प्रशासन द्वारा किये जाने वाले सभी शासकीय एवं अशासकीय कार्यों की जानकारी जन प्रतिनिधियों के संज्ञान में लाना चाहिए। इस महामारी से लोगों को बचाने के लिए आयोजित समस्त बैठकों में जन प्रतिनिधियों को बुलाया जाना चाहिए। जिससे वें शासन प्रशासन के निर्देशों को जन-जन तक पहुंचाने में सहभागी बन सकें।

विधायक श्री डागा ने कलेक्टर से पत्र लिखकर बनाए गए जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह के संबंध में भी जानकारी मांगी है। पत्र में कहा गया है कि इस समूह में किन-किन व्यक्तियों को सदस्य बनाया जाकर किन सदस्यों को बैठक में आमंत्रित किया गया। संकट प्रबंधन समूह में किन-किन सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ चिकित्सकों, उद्योगपतियों को शामिल किया गया है, इसकी जानकारी दी जाए। इसके अलावा कलेक्ट्रेट में आयोजित समूह की बैठक में आपदा से निपटने के लिए किन विषयों पर विचार किया गया और क्या निर्णय लिए गए हैं।

15 राज्यों ने पीएम मोदी से की लॉकडाउन बढ़ाने की अपील, जल्द हो सकता है ऐलान


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मुख्‍यमंत्रियों से बातचीत में उनकी राय ली कि कोरोना वायरस संक्रमण (CoronaVirus) को रोकने के लिए लॉकडाउन को 14 अप्रैल से आगे बढ़ाया जाए या नहीं.

नई दिल्‍ली. भारत में कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है. मौत के आंकड़ें और मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है. इस बीच शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चर्चा की. प्रधानमंत्री इस दौरान मुख्यमंत्रियों से उनकी राय ले रहे थे कि संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन को 14 अप्रैल से आगे बढ़ाया जाए या नहीं.



ज्‍यादातर राज्‍यों ने लॉकडाउन बढ़ाने की अपील की

इस बीच कई राज्‍य के मुख्‍यमंत्रियों ने पीएम मोदी से लॉकडाउन को बढ़ाने की अपील की. इसके साथ ही ज्‍यादातर राज्‍यों ने लॉकडाउन को बढ़ाए जाने पर सहमति भी जताई. इस बैठक में मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बीएस येडियुरप्‍पा और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन को बढ़ाने के सुझाव दिए.

केंद्रीय स्‍तर पर बढ़े लॉकडाउन: अरविंद केजरीवाल
मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मौजूदा हालात को देखते हुए राष्‍ट्रीय स्‍तर पर लॉकडाउन को बढ़ाने का सुझाव दिया. जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है. केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, अधिकांश राज्‍यों ने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि लॉकडाउन को और बढ़ाया जाए. अब सरकार इसपर विचार कर रही है. ऐसा भी कहा जा रहा है कि सरकार जल्‍द ही लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर सकती है.

जान भी जहान भी, दोनों पहलुओं पर ध्यान आवश्यक: पीएम मोदी
वहीं मुख्‍यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्‍यम से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जान है तो जहान है, जब मैंने राष्ट्र के नाम सन्देश दिया था, तो प्रारम्भ में बल दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंशिंग का पालन बहुत आवश्यक है. देश के अधिकतर लोगों ने बात को समझा और घरों में रहकर दायित्व निभाया.

पीएम मोदी ने कहा क‍ि और अब भारत के उज्जवल भविष्य के लिए, समृद्ध और स्वस्थ भारत के लिए जान भी जहान भी, दोनों पहलुओं पर ध्यान आवश्यक है. जब देश का प्रत्येक व्यक्ति जान भी और जहान भी, दोनों की चिंता करते हुए अपने दायित्व निभाएगा, सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा. तब हमारा उद्देश्‍य पूरा होगा.

लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री ने भी समर्थन किया: नारायणसामी
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में मुख्यमंत्रियों की एक स्वर में राय थी कि लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाए जिसका मोदी ने भी समर्थन किया.

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ राज्यपालों और उप राज्यपालों की ओर से सरकारों के काम में दखल देने का मुद्दा उठाया और प्रधानमंत्री से इन्हें ‘नियंत्रित करने’ का आग्रह किया.

नारायणसामी ने वीडियो लिंक के जरिये संवाददाताओं से कहा, ‘हम मुख्यमंत्री एकमत थे कि लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाए और प्रधानमंत्री ने भी इसका समर्थन किया. इसकी आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी.’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों की राय सुनी. 13 मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखी. मुख्य मुद्दा लोगों की जीविका का था. यह बात मुख्य रूप से की गयी राज्यों के पास पर्याप्त धन नहीं है. ऐसे में भारत सरकार क्या कर रही है.’ नारायणसामी के मुताबिक मुख्यमंत्रियों ने यह जानना चाहा कि केन्द्र सरकार कामगारों, छोटे दुकानों, एमएसएमई और उद्योगों के लिए क्या करने जा रही हैं.

स्टालिन ने तमिलनाडु सरकार से राज्य में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की अपील की
तमिलनाडु में विपक्षी द्रमुक ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह पंजाब और ओड़िशा की तरह लॉकडाउन (बंद) की अवधि को अप्रैल अंत तक के लिए बढ़ाए ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने यह अपील ऐसे समय में की है जब मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में राज्य की कैबिनेट बंद की अवधि बढ़ाने पर फैसला करने वाली है.

कोविड-19 संकट से निपटने के लिए आवश्यक कदमों के संबंध में सलाह देने के लिए राज्य सरकार ने 19 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित है. इस समिति ने भी 14 अप्रैल के बाद और दो सप्ताह के लिए बंद लागू रखने की शुक्रवार को सिफारिश की. तमिलनाडु में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 911 मामले सामने आ चुके हैं. स्टालिन ने शनिवार को पलानीस्वामी को पत्र लिखकर बंद की अवधि बढ़ाए जाने की अपील की.

बैतूल कलक्ट्रेट में शोसल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां, रेडक्रॉस सोसायटी मे एक चैक देने दर्जन कांग्रेसीआये


कांग्रेेेस कमेेेटी द्वारा कलेक्‍टर कक्ष में रे्डक्रास सोसायटी के नाम का सौपते हुए बैैैैैतूल के प्रमुख कांग्रेसी कार्यकता गण

बैतूल ।कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्राशासन ने जंहा आम नागरिकों समेत मीडियाकर्मियों को शोसल डिस्टेंस का पाठ पढ़ा कर लगातार दूरियां बना रखा है लेकिन आज जिला प्रशासन ही मदद करने आये कांग्रेसियों से शोसल डिस्टेंस मेंटेन नही करवा सका ।
दरअसल लॉक डाउन में सत्ता गंवाने के बाद से ही जिले के दिग्गज कांग्रेसी नेता आम जनता से शोसल डिस्टेंस बनाकर अपने अपने घरों में ही कैद हो गए थे।बीते एक पखवाड़े में जनता की बढ़ती नाराज़गी देख कर आज अचानक अपने अपने इलाको से निकल कर जिला रेडक्रॉस सोसायटी में मदद पहुंचाने की गरज से जिला केक्ट्रेट पंहुंचे जंहा पूर्व पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे के नेत्रत्व में बैतूल कलेक्टर को जिला कांग्रेस कमेटी की तरफ से आज 131000 का चैक सौंपा ।इसमें प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, बैतूल विधायक निलय डागा ,घोड़ाडोंगरी विधायक ब्रह्मा भलावी जिला कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील गुड्डू शर्मा,अरुण गोठी,हेमन्त पगारिया,शांति लाल तातेड़, नवनीत मालवीय,अनुराग मिश्रा,राहुल लोहाडिया,लोकेश पगारिया,एवं अन्य कांग्रेसी मौजूद थे।

सिंगरौली में पावर प्लांट का फ्लाई एश डैम टूटने से, खेतों और घरों में घुसा मलवा


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में शुक्रवार को एक पावर प्लांट का फ्लाई एस डैम टूट गया! जिसकी वजह से इलाके की करीब 200 एकड़ की फसल बर्बाद हो गई, वहीं इसकी वजह से कई गांव प्रभावित हुए हैं और कुछ घर भी मलबे में डूब गए हैं! डैम के अचानक से टूटने के बाद राख युक्त पानी के तेज बहाव की वजह से कई किलोमीटर का इलाका बुरी तरह से प्रभावित हुआ है! हालांकि इसमें किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है, और बचाव कार्य भी जारी है!

इससे पहले पिछले साल ही अगस्त में भी इलाके के अन्य पावर प्लांट का एश डैम टूट गया था! जिसकी वजह से खेतों और घरों को काफी नुकसान हुआ था!

मुलतापी समाचार

कोरोना से मौत-अब्बा अस्पताल में भर्ती है, सब खैरियत तो है, डॉक्टर बोले- उनका तो शव भिजवा दिया


CORONA VIRUS IN INDORE

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इंदौर।कोरोना से मृत लोग अस्पतालों के लिए बोझ से बन गए हैं। उनका एक ही मकसद है शव गाड़ी में भरो और घर भिजवा दो। खैरियत की दुआ कर रहे स्वजन को भी खबर नहीं कर रहे हैं। शुक्रवार को एक व्यक्ति का शव चौराहे पर करीब तीन घंटे रखा रहा। स्वजन को मौत का पता ही तब चला, जब खैरियत जानने के लिए अस्पताल फोन किया।

चंदन नगर निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति (मैकेनिक) की शुक्रवार तड़के कोरोना से मौत हो गई। उसका खुड़ैल स्थित निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। बेटों और अन्य स्वजन को पुलिस-प्रशासन ने सेवन स्टेप गार्डन में क्वारंटाइन करवा दिया था।

शुक्रवार दोपहर मैकेनिक के दामाद ने हालचाल जानने के लिए अस्पताल में कॉल कर ड्यूटी डॉक्टर से पूछा- ‘मेरे अब्बा भर्ती हैं। हम देखने नहीं आ सकते। आप ही बता दें वहां सब खैरियत तो है न?’ नाम-पता पूछने के बाद डॉक्टर ने कहा कि आपके अब्बा नहीं रहे। यहां से एक घंटा पहले उनका शव भी भिजवा दिया।

इतना कहकर फोन काट दिया गया। यह भी नहीं बताया कि शव कहां भिजवाया। शव देने आए हैं, घर बता दो इधर, चंदन नगर चौराहे पर एक एंबुलेंस आकर रुकी और ड्राइवर मैकेनिक के घर का पता पूछने लगा। कुछ देर बाद पार्षद रफीक खान पहुंचे। उनके पूछने पर ड्राइवर ने कहा हम शव देने आए हैं, मैकेनिक का घर बता दो।

इससे नाराज पार्षद ने कहा कोरोना से मृत व्यक्ति का शव उसके घर कैसे ले जा सकते हो। इससे मोहल्ले में संक्रमण फैल जाएगा। उनके स्वजन को बुलाना पड़ेगा। आप बगैर सूचना के शव लेकर आ गए। क्रियाकर्म करने वाले परिवार का एक सदस्य तक नहीं है। अभी कब्र भी नहीं खुदी। कब्र खोदने में तीन-चार घंटे लगते हैं। तब तक शव गाड़ी में ही रखा रहेगा क्या?हंगामे के काफी देर बाद एसडीएम (राऊ) रवि सिंह ने मैकेनिक के दो बेटों को लाने की अनुमति दी।

सिपाही बेटे का इंतजार करता रहा पिता का शव

चंदन नगर निवासी एक अन्य वृद्ध की भी शुक्रवार को मौत हो गई। बेटा पीटीसी में सिपाही है। वह दस्तूर मैरिज गार्डन में क्वारंटाइन था। वृद्ध का शव पहले ही पहुंच चुका था। स्वजन को काफी देर बाद सूचना दी गई। बाद में स्वजन लुनियापुरा कब्रिस्तान पहुंचे और शव सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

इनका कहना है

एंबुलेंस को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। मृतक के बेटे गार्डन में क्वारंटराइन थे। कुछ देर बाद उन्हें बुला लिया और सुपुर्द ए खाक करवा दिया।-रविसिंह, एसडीएम

छिंदवाड़ा में कोरोना संक्रमित की मौत से जिले में डर का माहोल, खोज जारी


बस यात्रा कर पहुंचा था छिंदवाडा. राहुल बस

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बैतूल। छिंदवाड़ा जिले के कोरोना संक्रमित मरीज की मौत होने की खबर से जिले के प्रशासन में भी खलबली मच गई है। प्रशासन को मृतक के संबंध में यह जानकारी मिली कि वह इंदौर से राहुल बस में सवार होकर बैतूल-मुलताई के रास्ते छिंदवाड़ा गया था। इस जानकारी के बाद प्रशासन ने बस की बुकिंग लिस्ट के आधार पर चिचोली के पास एक गांव के 2 लोगों का पता लगाया जिन्होंने उसी दिन बस में सफर किया था। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया एवं सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। बस में बुकिंग के अलावा बीच रास्ते से कितने लोग सवार हुए और कहां पर उतरे होंगे इसे लेकर प्रशासन चिंतित हो गया है।