बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को शत शत नमन !


मुलतापी
समाचार

14 अप्रेल 1891 को भारत में डॉ आंबेडकर जी का जन्म हुआ था, उनके संघर्ष ,योगदान और ज्ञान के बारे में सभी जानते हैं ।उन्हें संविधान लिखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी जिसमे सभी तत्कालीन राजनेताओं का पूरा समर्थन था क्योंकि उनके ज्ञान, संघर्ष, योगदान का मूल्य वे सभी समझते थे।
उन्होंने जो संविधान लिखा था उसे सभी ने स्वीकारा और उसके पथ पर चलते हुए आज भारत दुनिया में एक शक्ति के रूप में उभरा है।संविधान के उद्देशिका में उल्लेखित विषय वस्तु अपने आप मे अदभुत है, यदि हम सभी ईमानदारी से उसका पालन करते हैं तो दुनिया में भारत का विशेष स्थान बनेगा और भारत दुनिया के लिए मार्गदर्शक की भूमिका में रहेगा।
आधुनिक भारत के निर्माण में तत्कालीन सरकार और राजनेताओं, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,महापुरुषों का महान योगदान रहा है।उन्होंने ईमानदारी से राष्ट्र हित में अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना बनाकर देश के सर्वांगीण विकास के लिए योजना को मूर्त रूप देने के लिए प्रयास किया।
आज देश में महत्वपूर्ण संस्थान ISRO, DRDO, BARC, RBI, AIIMS’s, INDIAN RAILWAYS,NITTTR’s, NLU’s ,IIM’s,IIT’s,NIT’s,BSF, CRPF,CISF,INDIAN MILITARY ,AIR INDIA,IOCL,BPCL,HPCL,ONGC,BHEL,LIC,KV’s ,CBI,RAW,CAG,CVC,ECI,CIC,SC,HC ,आदि हैं जिनके कारण से दुनिया के कोने कोने में हमारे लोग अपनी प्रतिभा से भारत का परिचय करा रहे हैं परंतु यह भी कटु सत्य है कि आज इनकी स्थिति कमजोर हो रही है इसके लिए देश की गंदी राजनीति जिम्मेदार है ।यदि हम वास्तव में देश का भला चाहते हैं तो उक्त संस्थाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता है अथवा इनसे बेहतर संस्थाओं का गठन करने की आवश्यकता है।इन संस्थाओं के निर्माण में सभी जाति, धर्म और साम्प्रदाय के लोगों का योगदान रहा है।इसलिए देश में आपसी प्रेम, स्नेह, सदभावना,विश्वास, भाईचारा बढ़ाकर देश की बड़ी समस्याओं जनसंख्या वृद्धि, भ्रष्टाचार, प्रदूषण, हिंसा, अशिक्षा, बीमारी,बेरोजगारी, कृषि समस्या,,जातिवाद, सम्प्रदाय वाद,अनैतिकता आदि महत्वपूर्ण विषयों पर काम करने की बहुत आवश्यकता है।
आज की राजनीति बहुत दूषित होने के कारण से संविधान की पवित्र उद्देशिका के प्रतिकूल काम हो रहे हैं।धार्मिक कट्टरता, जातिवाद, सम्प्रदाय वाद, भ्रष्टाचार आदि के कारण से लोकतांत्रिक व्यवस्था दूषित हो गई है।यदि हम अपने वर्तमान और भविष्य के लिए चिंतित हैं तो संविधान की सुरक्षा करें और देश के सभी नागरिकों के अनुकूल वातावरण बनाकर मजबूत राष्ट्र बनाने की दिशा में अपना योगदान दें।
आज के राजनेता वर्तमान राजनीति के लिए कोरोना वायरस से भी खतरनाक साबित हो रहे हैं। क्योंकि देश मे इनके नीतियों के कारण से बीमारी, हत्या, बेरोजगारी, सड़क दुर्घटना, कृषि समस्या, हिंसा, बलात्कार, कुपोषण, महिला, हिंसा,नशा,अपराध आदि के कारण से लाखों लोग अपनी जान गंवाते हैं।आज के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान राजनीति देश को बर्बादी की दिशा में धकेल रही है।
अपने नेताओं को बोलिये कि बड़े भाषण देने के बजाय ठोस काम करें।
इनसे मांग करें कि देश में निशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय उपलब्ध कराएं।नशा मुक्त, पॉलीथीन मुक्त, प्रदूषण मुक्त,भ्रष्टाचार मुक्त, शोषण मुक्त, अपराध मुक्त, अन्याय मुक्त, जातिवाद मुक्त,सम्प्रदाय मुक्त भारत बनाएं।इस दिशा में ईमानदारी से प्रयास कर सकते हैं।”Actions speak louder than words” भाव को जीवंत करें जिससे एक स्वस्थ व्यवस्था का निर्माण होगा, आज बीमार और विकलांग व्यवस्था के लिए सभी राजनैतिक पार्टियों को जिम्मेदारी लेना चाहिए एक वैकल्पिक राजनीति की शुरुआत करना चाहिए और नए सिरे से बेहतर काम का संकल्प लें।मुद्दों की राजनीति होना चाहिए। व्यक्ति और समाज की जिम्मेदारी है कि सरकार के अच्छे कार्यों की सराहना और कमियों को उजागर करे और सही मायने में लोकतंत्र को जिंदा करें।मानवता और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को जिंदा करने से ही मानवजाति का कल्याण होगा।
देश के सभी जाति, धर्म और साम्प्रदाय के क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों, महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए देश में एक होकर बुराइयों के खिलाफ लड़ें।
शरद सिंह कुमरे
सामाजिक कार्यकर्ता
पर्यावरण बचाओ आंदोलन

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