Betul कलेक्टर-एसपी पहुंचे आमला : नगर में व्याप्त लॉकड़ोंन का लिया जायजा


मुलतापी समाचार

आमला। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के सेकंड फेस में जिले के लगभग सभी ब्लॉको में जहां लोग घरों में रहकर नियमों का पालन कर रहे है तो वही प्रशासनिक अधिकारी भी व्यवस्थाओं पर नजर रखे हुए है।

आज कलेक्टर राकेश सिंह और पुलिस अधिक्षक धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया ने आमला क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने नगर मेें घूमकर जहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो वही जनपद चौराहे पर जनपद सीईओ संस्कार बावरिया, एसडीओपी श्रीमती नम्रता सौंधिया और थाना प्रभारी सुनिल लाटा से व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी हासिल करते हुए उचित दिशा निर्देश भी जारी किए । 

मिली जानकारी के अनुसार दोनो अधिकारियों ने नगर भ्रमण के दौरान कई जगह व्यवस्थाओं में थोड़ा परिवर्तन किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए है कि आम जनता समुह में सड़को पर दिखाई ना दे और लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करवाने के साथ साथ आम जनों में लोकल डिस्टेंस और मास्क की उपयोगिता संबंधी जागरूकता संदेश  भी दिए जाए ताकि महामारी के इस दौर में आम जनों को इस खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकें।

कोरोना को हराने वाला पहला राज्य बना गोवा


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

नई दिल्ली:देश भर में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है! महाराष्ट्र राजस्थान मध्य प्रदेश दिल्ली कोरोना का कहर झेल रहे हैं! इसी बीच गोवा से बहुत ही अच्छी खबर आई है! गोवा देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहां कोरोना का एक भी संक्रमित मरीज नहीं है! यहां कोरोनावायरस के सभी मरीज ठीक हो चुके हैं! राज्य में कोरोना के कुल 7 मामले आए थे, जिनमें से छह पहले ही ठीक हो चुके थे! आखरी मरीज की कोरोना रिपोर्ट रविवार को नेगेटिव आ गई इसके बाद उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई!

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने बताया कि संक्रमण के 7 मामलों में से अंतिम मामले 3 अप्रैल को सामने आए थे और उपचार के बाद सभी मरीजों के नमूनों की जांच नकारात्मक आने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है!

राणे ने ट्वीट किया “हमें यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि गोवा में covid 19 से ग्रसित सभी मरीज ठीक हो चुके हैं, अभी गोवा में एक भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं है!”उन्होंने कहा, वर्तमान में जब राज्य में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं है तो हमें lockdown का महत्व समझना होगा! सामाजिक दूरी बनाए रखना होगी! अधिक जांच करनी होगी और केंद्र और राज्य सरकारों के नियमों का पालन करना होगा!

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मध्‍यप्रदेश: मस्जिद में इकठ्ठे पढ़ रहे थे नमाज, पुलिस आई तो कई भागे तो कुछ को पीटते हुए ले गई अपने साथ- सामने आया


रतलाम में मौलवी नही आ रहें बाज मस्‍जि‍द में पढ रहेेंमाज

कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलते हुए देख सभी धर्मस्थलों को बंद किया जा चुका है, लेकिन कुछ लोग अभी भी कोरोना संकट की गंभीरता को समझने को तैयार नहीं है.

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रतलाम कोरोना न्‍यूज

कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलते हुए देख सभी धर्मस्थलों को बंद किया जा चुका है, लेकिन कुछ लोग अभी भी कोरोना संकट की गंभीरता को समझने को तैयार नहीं है. शुक्रवार को रतलाम के उंकाला रोड स्थित एक मस्जिद में सामूहिक नमाज अदा करते कुछ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया. उंकाला रोड पर सुदामा परिसर के सामने स्थित मस्जिद में सामूहिक नमाज अदा किए जाने की सूचना प्रशासन को मिली थी.

सूचना के आधार पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का दल मौके पर पंहुचा. मस्जिद में कई लोग नमाज अदा कर रहे थे. पुलिस को देखकर कई नमाजी मौके से भाग गए, और कुछ को पुलिस पीटते हुए अपने साथ ले गई. आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 269, 270 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, फिलहाल 6 लोगों को सैलाना जेल भेज दिया गया है.

पिछले हफ्ते कोरोना वायरस की महामारी के बीच मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय से लगभग 38 किमी दूर एक गांव में लॉकडाउन की अवहेलना कर सामूहिक तौर पर मस्जिद में नमाज अदा करने के आरोप में पुलिस ने एक समुदाय के 40 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. पुलिस निरीक्षक मुकेश द्विवेदी ने बताया था कि जिले के चौरई तहसील के खैरीखुर्द गांव में एक मस्जिद में गांव के सरपंच सहित 40 लोग लॉकडाउन का उल्लंघन कर सामूहिक तौर पर नमाज अदा करते हुए मिले थे.

उन्होंने बताया कि पुलिस को लॉकडाउन का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर लोगों के इकठ्ठा होने की सूचना मिली थी. इस पर पुलिस के गश्ती दल द्वारा सीआरपीसी की धारा 144 (पांच या अधिक लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध), भादंवि की धारा 188 (सरकारी सेवक के कानूनी आदेश की अवहेलना), धारा 269 (उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे जीवन के लिए संकट पूर्ण रोग का संक्रमण फैलना संभाव्य हो) के तहत मामला दर्ज किया गया था.

विश्व हिंदू परिषद नगर अध्यक्ष व युवा नेता राहुल पवार ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री की प्रदेश में कोरोना के उपचार हेतु प्लाजमा थेरेपी अपनाने का सुझाव दिया


मूलतापी समाचार

विश्व हिंदू परिषद नगर अध्यक्ष बैतूल व पवार समाज के युवा नेता राहुल पवार ने ट्विटर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश में कोरोना मरीजों के उपचार हेतु प्लाज्मा थेरेपी को अपनाने का सुझाव दिया है राजमा थेरेपी उपचार का वह तरीका है जिसमें कोरोना वायरस से ठीक हुए मरीज के ब्लड में से प्लाज्मा निकाल कर इस बीमारी से पीड़ित को ठीक करने में उपयोग किया जा सकता है प्याज में ब्लड का वह हिस्सा है जिसमें किसी भी जीव का शरीर विभिन्न बीमारियों से लड़ने के लिए एंटीबॉडी का निर्माण करता है इन्हीं एंटीबॉडी के माध्यम से कोई भी जीव विभिन्न बीमारियों से आसानी से लड़ पाता है अर्थात जो भी व्यक्ति कोरोना वायरस के उपचार के पश्चात स्वस्थ होकर घर गया हो उसके प्लाज्मा में इस वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी पहले से निर्मित हो चुकी होंगी अर्थात उसके प्लाज्मा को दूसरे इंसान के शरीर में प्रविष्ट कर उसे कोरोनावायरस से आसानी से बचाया जा सकता है हमारे देश में केरल तथा दिल्ली दो राज्य इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं साथ ही साथ विश्व के विभिन्न देशों में भी इस तकनीक का सफलतापूर्वक प्रयोग किया गया है जिम्मेदार नागरिक के रूप में माननीय मुख्यमंत्री से यह मेरा एक सुझाव है।

Indore कोरोना वायरस नहीं हार्ट अटैक से हुई थी TI देवेंद्र चंद्रवंशी की मौतः डॉक्टर


इंदौर के जुनी थाने में पदस्थ टीआई देवेंद्र चंद्रवंशी की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से नहीं हुई है, बल्कि टीआई की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई है.

इंदौर। शहर के जुनी थाने में पदस्थ टीआई देवेंद्र चंद्रवंशी की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से नहीं हुई है, बल्कि टीआई की मौत हार्ट अटैक से हुई है, ड्यूटी के दौरान तबीयत खराब होने पर देवेंद्र चंद्रवंशी को 30 मार्च को अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां आज इलाज के दौरान टीआई देवेंद्र चंद्रवंशी की मौत हो गई. अरविंदो अस्पताल के एमडी डॉ. विनोद भंडारी ने बताया कि देवेंद्र चंद्रवंशी की ड्यूटी के दौरान तबीयत खराब होने पर 30 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी.

डॉ. ने बताया कि 10 अप्रैल तक उनकी हालत में कोई सुधार नहीं आने पर डॉक्टरों की सलाह के उन्हें एक इंजेक्शन दिया गया था. जिसके बाद उनकी रिपोर्ट जांच के लिए भेजी गई, जोकि 13 और 15 अप्रैल को निगटिव आई. जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन उन्हें डिस्चार्ज करने की तैयारी कर रहा था. इस बीच कल रात 11:30 बजे अचानक देवेंद्र चंद्रवंशी की सांस तेज चलने लगी और हार्ट रेज तेज हो गई. जिसके बाद कार्डियक अरेस्ट हो गया. उनकी मौत पल्मोनरी एम्बोलिज्म से हुई है.


सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया का कहना है कि देवेंद्र चंद्रवंशी की दो कोरोना रिपोर्ट निगिटिव आने के बाद उन्हें अरविंदो हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया जाना था, लेकिन देर रात उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई, जड़िया ने बताया कि देवेंद्र चंद्रवंशी की मौत के साथ इंदौर में कुल 49 मौतें हो चुकी हैं. थाना प्रभारी की मौत पर डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि कोरोना से जंग लड़ते हुए थाना प्रभारी शहीद हुए हैं, उन्हें पुलिस विभाग श्रद्धांजलि देता है. आने वाले दिनों में उनके परिवार का पुलिस विभाग पूरी मदद करेगा, थाना प्रभारी की मौत बेहद दुखद है.

कर्नाटक: 7 किलोमीटर पैदल चलती रही गर्भवती महिला, दंत चिकित्सा क्लिनिक में दिया बच्चे को जन्म


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

कर्नाटक में एक गर्भवती महिला ने 7 किलोमीटर पैदल चलने के बाद बेंगलुरु के एक दंत चिकित्सा क्लिनिक में बच्चे को जन्म दिया! महिला अपने पति के साथ लगभग 7 किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंची थी! प्रसूति के बाद मां और बच्चे को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है!

दंत चिकित्सक डॉ राम्या ने बताया कि गर्भवती महिला कुछ क्लीनिक/ अस्पताल खुलने की उम्मीद में 7 किलोमीटर तक पैदल चलती रही! वह हमारी क्लीनिक में आई और यहां बच्चे को जन्म दिया! जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं! प्रसूति के बाद हमने महिला को दूसरे अस्पताल भेज दिया है

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Agra : सब्जी बेचने वाला निकला corona COVID-19 पॉजिटिव, 2000 लोग होम क्वारंटाइन


COVID-19: संक्रमित मरीज पहले ऑटो चलाता था, लेकिन Lockdown की वजह से वह सब्जी बेचने लगा था.

मुलतापी समाचार

आगरा। ताज नगरी आगरा में कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण विकराल रूप लेने लगा है. जिस तरह से जिले में संक्रमण फ़ैल रहा है उससे कम्युनिटी स्प्रेड का खतरा भी उत्पन्न हो रहा है. शहर के फ्रीगंज के चमन लाल बाड़े में सब्जी बेचने वाले में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. आनन-फानन में प्रशासन ने चमन लाल बाड़ा इलाके को सील करते हुए करीब 2000 लोगों को होम क्वारंटाइन (Home Quarantine) कर दिया है.

बताया जा रहा है कि संक्रमित मरीज ऑटो चलाता था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वह सब्जी बेचने लगा था. बीमार पड़ने पर जब उसका कोरोना टेस्ट हुआ तो वह पॉजिटिव पाया गया. अब जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके संपर्क में आए लोगों को ट्रेस करने की है. फिलहाल इलाके के 2000 लोगों को एहतियातन क्वारंटाइन कर दिया गया है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह संक्रमित कैसे हुआ. सवाल यह भी है कि अगर वह ऑटो चलाने के दौरान संक्रमित हुआ तो वह सवारी कौन थी? उसे खोजना भी एक चुनौती है. साथ ही वह किन-किन लोगों के सम्पर्क में आया इस पर भी जिला प्रशासन को माथापच्ची करनी होगी.

आगरा में सर्वाधिक 241 मरीज
आगरा उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा कोरोना हॉटस्पॉट के रूप में उभरकर सामने आया है. शनिवार को संक्रमण के 45 नए मामले आने के साथ जिले में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 241 हो गई है. ताज नगरी में मिले नए मरीज कोरोना मरीजों के संपर्क में आए थे. वहीं, आगरा में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक 5 लोगों की मौत हुई है. डॉक्टर्स कहते हैं हालात कम्यूनिटी संक्रमण जैसे हो सकते हैं. आपको बता दें कि आगरा में सबसे पहले शू कारोबारी का परिवार संक्रमित हुआ था. इसके बाद धीरे-धीरे कोरोना पाजिटिव की संख्या बढ़ रही थी. अचानक जमातियों ने शहर को डरा दिया, जबकि अब तक 78 जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. इसके अलावा सार्थक हॉस्पिटल, एसआर हॉस्पिटल और फिर पारस हास्पिटल ने हालात बिगाड़ दिए. पारस में अब तक 70 से ज़्यादा कोरोना पाजिटिव मिले हैं और जो 45 की नई लिस्ट आयी है उसमें भी पारस के 21 कोरोना मरीज़ शामिल हैं.

आगरा में लॉकडाउन का पालन नहीं हो रहा
ज़िला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा दिन रात युद्ध स्तर पर लगा ही था कि एसएन मेडिकल कॉलेज के 3 डॉक्टर और 4 वार्ड ब्‍वॉय कोरोना पॉजिटिव पाए गए. एक वार्ड बॉय के ज़रिए 5 लोग संक्रमित हुए. आगरा में लगातार विस्फोटक हालात के बीच पल-पल सीएम योगी ख़बर ले रहे हैं. हालांकि, राहत की बात ये है कि जो नए मामले आए हैं, उनमें ज़्यादातर पहले से क्‍वारंटाइन हैं. आगरा प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या पर लगाम नहीं लग रही है, जबकि इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक आगरा में लॉकडाउन का पालन नहीं हो रहा है, इस वजह से हालात और खराब होते जा रहे हैं.

बैतूल जिला में कोरोना वायरस का एक हि मरीज पाजीटिव


कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बैतूल द्वारा

देश एवं प्रदेश में कोरोना वायरस (कोवीड 19) को लेकर मचा हाहाकार

बैतूल जहां देश प्रदेश एवं दुनिया में (कोविड 19) कोरोना वायरस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।

वही प्रदेश के बैतूल जिला में कोरो ना वायरस पाजिटिव केवल एक ही मरीज पाया गया।

देश एवं प्रदेश सरकार का एक सराहनीय कदम 22 मार्च से लेकर 14 अप्रैल तक लॉक डाउन किया गया था। देश एवं प्रदेश की स्थिति को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लॉक डाउन की अवधि बढ़ा दी गई है। (कोविड 19) कोरोना वायरस को लेकर जिससे कि देश एवं दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं भारत सरकार द्वारा (कोविड 19) कोरोना वायरस मुक्त प्रदेश एवं देश हो जिसके लिए लॉक डाउन की प्रक्रिया बढ़ाते हुए 3 मई कर दि गई है।

कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी सी चौरसिया का कथन

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी‌ सी चौरसिया द्वारा श्रीमान कलेक्टर महोदय जिला बैतूल को अवगत कराते हुए बताया गया है कि बैतूल जिले में केवल एक ही मरीज पॉजिटिव है। जिले में अब तक कोई अन्य मरीज पॉजिटिव नहीं है।

विभाग द्वारा जारी किए गए जानकारी के अनुसार मीडिया बुलेटेन को ही प्रमाणिक माना जाए।

बैतूल जिले में अब तक कोरोना का कोई दूसरा मरीज नहीं मिला है।

भैंसदेही निवासी एक युवक कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया था।

उसी युवक की दोबारा से रिपोर्ट जांच के लिए भेजी गई थी।

दुसरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।

कोई भी दूसरा नया केस पॉजिटिव नहीं मिला है।

यह सरकार द्वारा लॉक डाउन किए गए सराहनीय पहल का ही एक नतीजा है, कि हमारे बैतूल जिले में अब तक नया पॉजिटिव मरीज नहीं मिला।

इंदौर में पुलिस अधिकारी की कार्डियक अरेस्ट से मौत


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

इंदौर: पश्चिमी क्षेत्र के एक पुलिस अधिकारी की देर रात करीब 2:30 बजे कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई! कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अरविंदो अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था! इस दौरान दो बार उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी! अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना स्वास्थ विभाग को दे दी है! इंदौर सीएमएचओ डॉ प्रवीण जड़िया ने इसकी पुष्टि की है! बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य ठीक होने पर जल्द ही उन्हें छुट्टी देने की तैयारी थी! शहर में वे पहले पुलिस अधिकारी थे, जो कोरोना संक्रमण के शिकार हुए! इसके बाद उनके साथ रहने वाले एक कांस्टेबल की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई थी!

कोरोना वायरस इलाज के दौरान पुलिस अधिकारी (44 वर्ष) ने तेजी से खुद को रिकवर किया! जांच के दौरान दो बार उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई! उनका स्वास्थ्य ठीक हो गया था, बस फेफड़ों के कमजोर होने की वजह से सांस लेने में थोड़ी दिक्कत थी!

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस अधिकारी के निधन पर गहन दुख व्यक्त किया है! उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सुरक्षा कवच के रूप में 50 लाख रुपए की राशि स्वीकृत करने और दिवंगत अधिकारी की पत्नी को सब इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थापना की घोषणा भी की है!

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