COrona MP : सीधी के क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए बैगा जनजाति के शख्स ने की आत्महत्या ?


मृतक राजभान बैगा के अंतिम संस्कार के लिये कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा दस हजार रुपये की आर्थिक संहायता दी गई है. अपर कलेक्टर डीपी वर्मन का कहना है कि क्वारंटाइन सेंटर (Quarantine Center) से निकल कर शख्स ने आत्महत्या (Suicide) क्यों की इसकी जांच करवाई जा रही है.

सीधी के क्वारंटाइन सेंटर से कुछ दूर जंगल में पेड़ से लटकता मिला शव

सीधी. जनपद के एक क्वारंटाइन (Quarantine Center) सेंटर में रखे गए बैगा जनजाति के मजदूर के कथित तौर पर आत्महत्या (suicide) करने की रिपोर्ट आई है. महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) के संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है. गैर जनपद से आए लोगों को सरकारी निर्देशानुसार क्वारंटाइन किया जा रहा है. ऐसे में सागर जनपद (Sagar District) से सीधी जनपद आए मजदूरों को एक क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था. जहां बैगा जन जाति के 38 वर्षीय एक शख्स ने सेंटर से भागकर कुछ दूर जंगल में जा कर कथित रूप से अत्महत्या कर ली.

राजभान बैगा के आत्महत्या का कुछ स्पष्ट कारण अभी तक किसी को समझ नहीं आया है फिलहाल जांच जारी है. उसका शव पेड़ से लटकता पाया गया. यह घटना सीधी जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर कुसमी विकास खंड अंतर्गत दुबरी कला गांव से सटे जंगल में बुधवार-बृहस्पतिवार की दरमियानी रात की  बताई जा रही है.

23 मजदूरों को किया गया था क्वारंटाइन
इस मुद्दे पर अपर कलेक्टर डीपी वर्मन का कहना है कि क्वारेन्टाइन सेंटर से निकल कर शख्स ने आत्महत्या क्यों की इसकी जांच करवाई जा रही है. अगर इस मामले में किसी की लापरवाही पाई जाएगी तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मृतक राजभान बैगा के अंतिम संस्कार के लिये कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा दस हजार रुपये की आर्थिक संहायता दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार शाम को जिले के आदिवासी बाहुल्य जनपद पंचायत कुशमी के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दुबरी कलां का एक आदिवासी युवक राजभान बैगा अपनी पत्नी के साथ सागर जनपद में गेहूं की फसल की कटाई करने गया था.

बुधवार की शाम सागर से वापस आए लौटे कुल 23 मजदूरों को दुबरी कला के शासकीय विद्यालय में क्वारेंटाइन कर दिया गया था. कहा जा रहा है कि मृतक राजभान बैगा कुछ ही देर बाद शौच का बहाना बनाकर करकचहा नाला की तरफ चला गया. बहुत देर तक वापस न आने पर जब खोज-बीन शुरू हुई तो कुछ दूर जंगल में पेड़ से लटकती उसकी लाश दिखाई दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. कुसमी एसडीएम आर के सिन्हा पर आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद उन्होंने मामले में काफी लापरवाही बरती जिस पर अपर कलेक्टर का कहना है कि जांच कराई जा रही है अगर एसडीएम पर लगाए गए आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी.

लोगों को लगा बच्चों से मिलने जा रहा होगा
इस मामले में जानकारी देते हुए सीधी जिले के पुलिस अधीक्षक आरएस बेलवंशी ने शुक्रवार को बताया कि राजभान बैगा का शव गुरूवार को दुबरी कला गांव के समीप के जंगल में पेड़ से लटकता पाया गया. जब उनसे सवाल किया गया कि आत्महत्या की क्या वजह हो सकती है तो पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार वह क्वारंटाइन में रखे जाने के खिलाफ था और अपने बच्चों के साथ अपने घर में रहना चाहता था. लेकिन उसने आत्महत्या क्यों की इसकी विवेचना की जा रही है. उन्होंने बताया कि राजभान बैगा अपनी पत्नी व 23 मजदूरों के साथ सागर गेहूं की फसल की कटाई करने गया था. बुधवार की शाम सागर से लौटे इन मजदूरों को दुबरी कला के शासकीय विद्यालय में रखा गया.

सागर से सीधी 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है. पुलिस अधीक्षक बेलवंशी ने बताया कि बैगा कुछ ही देर बाद शौच का बहाना बनाकर करकचहा नाले की तरफ चला गया. लोगों को लगा कि हो सकता है वो बहाने से घर में बच्चों से मिलने जा रहा होगा. पुलिस अधीक्षक बेलवंशी के अनुसार जब पंचायत सचिव राम सुशील पटेल उसके घर पहुंचे तो वह वहां भी नहीं था. उन्होंने कहा कि इसके बाद उसकी खोजबीन शुरू हुई लेकिन अंधेरा हो जाने के कारण तलाश नहीं हो सकी और बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे महुआ फूल बीनने गये ग्रामीणों को उसकी पेड़ पर लटकती हुई लाश नजर आई. उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस चौकी पोड़ी में मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है.

LOCK DOWN को लेकर विशेषज्ञों की राय- सही समय पर सही फैसला, लेकिन बड़ी परीक्षा अभी बाकी


एम्पावर्ड ग्रुप वन’ के अध्यक्ष एवं नीति आयोग के सदस्य वी. के. पॉल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का फैसला ‘‘समय रहते उठाया गया एक लाभदायक कदम’’ साबित हुआ.

Corona Covid -19 news

Multapi Samachar

नई दिल्ली. वैश्विक महामारी कोविड-19 (Covid-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन को एक महीना पूरा हो गया और चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने सही समय पर सही फैसला लेकर खुद को अमेरिका और यूरोप जैसी स्थिति में पहुंचने से बचा लिया. वहीं कुछ की राय में बड़ी परीक्षा अभी बाकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च की रात आठ बजे देश में लॉकडाउन की घोषणा की थी, जो उसी दिन आधी रात को लागू हो गया था.

भारत में कोविड-19 का पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था और ठीक 54 दिन बाद 25 मार्च को देश में कोरोना वायरस के 519 पुष्ट मामले थे और 11 लोगों की इससे जान जा चुकी थी. 25 मार्च को देश में लॉकडाउन लग चुका था, जो कोविड-19 से निपटने की लड़ाई में भारत का सबसे बड़ा हथियार साबित हुआ है. इस बीच, सरकार ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा करना समय पर उठाया गया कदम था और अगर यह फैसला नहीं लिया गया होता तो भारत में अब तक कोविड-19 के एक लाख मामले होते.

सरकार ने सही समय पर लिया सही फैसला

‘एम्पावर्ड ग्रुप वन’ के अध्यक्ष एवं नीति आयोग के सदस्य वी. के. पॉल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का फैसला ‘‘समय रहते उठाया गया एक लाभदायक कदम’’ साबित हुआ और देश में कोविड-19 मामलों की रफ्तार में आया बदलाव इसकी पुष्टि करता है. उन्होंने कहा, ‘‘अब यह ग्राफ समतल होना शुरू हो गया है. अगर हमने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का फैसला नहीं लिया होता तो अनुमान के मुताबिक अब तक कोविड-19 के करीब एक लाख मामले होते. अब महामारी का प्रकोप काबू में है.’’

भारत में लॉकडाउन के एक माह पूरे होने पर अब देश में कोविड-19 के 23,452 मामले हैं. वहीं विश्वभर में इससे 27.3 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं और 1.91 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. कोरोना वायरस से अमेरिका और ब्रिटेन तथा कुछ यूरोपीय देश सर्वाधिक प्रभावित हैं.

सरकार ने 3 मई तक बढ़ाया लॉकडाउन

प्रधानमंत्री ने 14 अप्रैल को 21 दिन का लॉकडाउन खत्म होने से पहले ही इसे अतिरिक्त 19 दिन यानी तीन मई तक बढ़ा दिया था. ऐसा करने का कारण देश में कोविड-19 के लगातार बढ़ते मामले और अमेरिका तथा अन्य पश्चिमी देशों से वायरस के प्रकोप की सामने आ रही भयावह तस्वीरें थीं.

‘श्री गंगा राम अस्पताल’ में फेफड़ों के सर्जन डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि एक महीने का लॉकडाउन भारत के लिए काफी फायदेमंद रहा और देश अमेरिका या यूरोप जैसी स्थिति में पहुंचने से भी बच गया. उन्होंने कहा, ‘‘ महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सहयोगी सेवाओं को तैयार होने के लिए 30 दिन दिए  ताकि वह आने वाले दिनों में वायरस के प्रकोप से निपट पाएं.’ कुमार ने कहा, ‘‘ लॉकडाउन को बेहद धीरे-धीरे हटाना चाहिए. स्कूल, कॉलेज, मॉल, सिनेमाघर, धार्मिक स्थल और बाजार जैसी सुविधाएं मई में भी बंद रहनी चाहिए.’’

‘फोर्टिस एस्कॉर्ट्स’ (फरीदाबाद) के पल्मोनोलॉजी विभाग के प्रमुख रवि शेखर झा ने भी सरकार के लॉकडाउन लगाने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह निर्णय सही समय पर ले लिया गया. उन्होंने हालांकि असली चुनौती के अब सामने आने की बात कही और साथ ही सबसे अधिक प्रभावित इलाकों की पहचान कर वहां केवल जरूरी सेवाओं को अनुमति देने पर जोर दिया. ‘मैक्स हैल्थकेयर’ के इंटरनल मेडिसन के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रोमेल टिक्कू ने कहा कि अमेरिका और यूरोप से तुलना करें तो भारत में लॉकडाउन काफी कारगर साबित हुआ है. लॉकडाउन के बाद भारत के समक्ष पेश होने वाली चुनौतियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए.

mh: ठाणे में मुसलमान के हाथों से सामान नहीं लेने पर व्यक्ति को किया गया गिरफ्तार बेल भी मिल


Multapi Samachar

महाराष्ट्र (Maharashtra) के एक इलाके में मुसलमान के हाथों से सामान न लेने पर मंगलवार को गजानन चतुर्वेदी (51) के खिलाफ भादंसं की धारा 295 ए तहत मामला दर्ज किया गया.

ठाणे. महाराष्ट्र (Maharashtra) में ठाणे जिले के कशीमिरा इलाके में सामान पहुंचाने गये एक मुस्लिम व्यक्ति के हाथों से सामान न लेने पर एक स्थानीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अधिकारी के अनुसार मंगलवार को गजानन चतुर्वेदी (51) के खिलाफ भादंसं की धारा 295 ए (धार्मिक भावना को आहत करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण हरकत करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

कोरोना वायरस संकट के बीच किराना का सामान मुस्लिम डिलीवरी ब्वॉय (बॉय) से लेने से इनकार करने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। महाराष्ट्र में ठाणे जिले के कशीमिरा इलाके में सामान पहुंचाने गए मुस्लिम डिलीवरी ब्वॉय के हाथों से कथित रूप से उसे (सामान) नहीं लेने पर 51 साल के गजानंद चतुर्वेदी नामक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि इस शख्स ने किराने का सामान ऑनलाइन ऑर्डर किया था। 

वरिष्ठ निरीक्षक संजय हजारे ने बताया कि सामान पहुंचाने वाले ने शिकायत दर्ज करायी है कि मंगलवार सुबह को जब वह कुछ सामान पहुंचाने चतुर्वेदी के घर पहुंचा तब उन्होंने उससे नाम पूछा. जब उसने अपना नाम बताया तो चतुवेर्दी ने कहा कि वह मुसलमान के हाथों कोई सामान नहीं लेंगे. पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है.

गिरफ्तारी हुई और बेल भी मिल गया

वरिष्ठ निरीक्षक संजय हजारे ने बताया कि सामान पहुंचाने वाले ने शिकायत दर्ज कराई है कि मंगलवार सुबह को जब वह कुछ सामान पहुंचाने चतुर्वेदी के घर पहुंचा तब उन्होंने उससे नाम पूछा। जब उसने अपना नाम बताया तो चतुवेर्दी ने कहा कि वह मुसलमान के हाथों कोई सामान नहीं लेंगे। बुधवार को उन्हें घर से गिरफ्तार किया गया है और ठाणे के सेशन कोर्ट में पेश किया गया, जिसे बाद में 15 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई। 

मास्क और ग्लव्स पहना था डिलीवरी बॉय

32 साल के डिलीवरी बॉय उस्मान बरकत पटेल मंगलवार सुबह करीब 9.40 बजे मीरा रोड स्थित सृष्टि कॉप्लेक्स सामान की डिलीवरी करने गए थे। इस दौरान उन्होंने मास्क और ग्लव्स भी पहन रखा था। जैसे ही चतुर्वेदी और उनकी पत्नी ने नाम जानने के बाद सामान लेने से इनकार कर दिया, उस्मान ने मोबाइल निकाला और घटना को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया।  

डिलीवरी बॉय ने समझाया

चतुर्वेदी ने डिलीवरी बॉय उस्मान से कहा कि वह किसी भी मुस्लिम शख्स से ऑर्डर नहीं लेना चाहते। इसके बाद डिलीवरी बॉय ने कहा कि मैंने आपके फ्लैट तक सामान पहुंचाने के लिए अपनी जान को जोखिम में डाला और ऐसे संकट के वक्त में आपको लोगों के बारे में सोचना चाहिए तो आप धर्म के बारे में सोच रहे हैं? यह सच में हैरान और दुखी करने वाला है। 

रिपब्लिक टीवी नेटवर्क के प्रधान संपादक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज


पीसीसी सदस्य कमल सोनी ओर युवा नेता कुलदीप पहाड़े ने ज्ञापन सौपा गया।

पीसीसी सदस्य कमल सोनी ओर युवा नेता कुलदीप पहाड़े ने ज्ञापन सौपते हुए।

मुलतापी समाचार

मुलताई । आज कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधीजी के खिलाफ अभद्र अशोभनीय अमर्यादित टिप्पणी करने पर रिपब्लिक टीवी नेटवर्क के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने हेतु आज मुलताई थाने में पीसीसी सदस्य कमल सोनी ओर युवा नेता कुलदीप पहाड़े ने ज्ञापन सौपा गया।

अक्षय तृतीया के दिन से सुरक्षात्मक उपाय अपनाते हुए हो सकेंगे विवाह कार्यक्रम


सुरक्षात्मक उपाय अपनाते हुए हो सकेंगे विवाह कार्यक्रम। वर और वधु पक्ष से केवल 5-5 लोग ही शामिल हो सकेंगे। प्रत्येक व्यक्ति को एक दूसरे से 6 फीट की दूरी और मास्क का प्रयोग करना होगा।

बैतूल – बैतूल कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह ने बताया कि गुरूवार 23 अप्रैल को आयेाजित आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा यह तथ्य संज्ञान में लाया गया है कि माह अप्रैल एवं मई 2020 में बहुतायत संख्या में विवाह कार्यक्रम सम्पन्न होंगे, परन्तु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जिले में लॉकडाउन प्रभावशील है, जिसके फलस्वरूप विवाह कार्यक्रम सम्पन्न कराने में कठिनाई उत्पन्न होगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के परिशिष्ट-एक के बिन्दु क्रमांक-4 में जिला मजिस्ट्रेट इस प्रकार के एकत्रीकरण को विनियमित कर सकेंगे। इस क्रम में बैतूल जिले की सीमा में आगामी आदेश तक सम्पन्न होने वाले विवाह कार्यक्रमों में वर एवं वधू पक्ष के अधिकतम 10 व्यक्ति (5-5 दोनों पक्षों से) सम्मिलित होकर यह कार्यक्रम कर सकेंगे। विवाह कार्यक्रम पूर्णत: घर में ही होंगे एवं किसी तरह के खुले स्थान में यथा सडक़ आदि का उपयोग नहीं किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में दोनों पक्ष न्यूनतम 06 फुट की दूरी पर आपस में रहेंगे, मास्क पहनेंगे व अन्य सुरक्षात्मक उपाय करेंगे। इन कार्यक्रमों हेतु किसी प्रकार के ध्वनि विस्तार यंत्र का कोई उपयोग नहीं किया जाएगा। तथापि यह कार्यक्रम करने के लिए जिले के नागरिक स्वतंत्र रहेंगे एवं इस हेतु किसी पृथक अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
कलेक्टर ने बताया कि यह आदेश आम जनता को संबोधित है। चूंकि वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां नहीं है और न ही यह संभव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति को दी जा सके।

अतएव यह आदेश एकपक्षीय पारित किया जाता है। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील किया गया है।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल

बैतूल कृषि उपज मंडी भाव-24/04/2020


सोयाबीन पीला की आवक 54 बोरे जिसका न्यूनतम भाव 3391 रुपये अधिकतम भाव 3450 रुपये और प्रचलित भाव 3391 रुपये रहा।

चना की आवक 60 बोरे जिसका न्यूनतम भाव 3550 रुपये अधिकतम भाव 3875 रुपये और प्रचलित भाव 3851 रुपये रहा।

मक्का की आवक 2192 बोरे जिसका न्यूनतम भाव 900 रुपये अधिकतम भाव 1231 रुपये और प्रचलित भाव 1120 रुपये रहा।

गेहूँ की आवक 2275 बोरे जिसका न्यूनतम भाव 1501 रुपये अधिकतम भाव 1776 रुपये और प्रचलित भाव 1715 रुपये रहा।

पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना आनी चाहिए: केंद्रीय मंत्री


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

नई दिल्ली: मुंबई में बड़ी संख्या में पत्रकारों के कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रताप सारंगी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वे कोरोना वायरस से निपटने में अग्रिम मोर्चे पर डटे स्वास्थ्य कर्मियों के समान महामारी को कवर करने वाले पत्रकारों के लिए भी एक स्वास्थ्य बीमा योजना लाए! सारंगी ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे एक पत्र में कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में चेन्नई भोपाल और अन्य स्थानों में भी कई पत्रकारों को संक्रमित पाया गया है!

केंद्रीय सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग राज्यमंत्री सारंगी ने कहा कि, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने हमारे निडर पत्रकारों की भावना पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है, जिनके लिए यह सबसे खराब और खतरनाक किस्म का पेशेवर खतरा है! उन्होंने कहा कि जिन लोगों को घातक वायरस से संक्रमित पाया गया है, उन्हें ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के दौरान नौकरी की सुरक्षा और वेतन दिए जाने के अलावा गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराया जाना चाहिए! सारंगी ने जावड़ेकर को लिखे पत्र में कहा कि, स्वास्थ्य कर्मियों की तर्ज पर सरकार को पत्रकारों के लिए भी स्वास्थ्य बीमा योजना का प्रावधान करना चाहिए!

उन्होंने केंद्र सरकार से महामारी को कवर करने वाले सभी क्षेत्र के पत्रकारों के लिए विशेष दिशा-निर्देश लाने की भी अपील की! सारंगी ने कहा, यह अधिक महत्वपूर्ण है कि वे स्वतंत्र रूप से और सच्चाई से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर पाए, जिससे कि हमारे लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी समय पर मिल सके! सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए एक परामर्श जारी किया था, इसमें पत्रकारों से कोरोना वायरस से संबंधित घटनाओं को कवर करने के दौरान सावधानी बरतने का आग्रह किया गया था!

मुलतापी समाचार

बुंडाला डैम में सिल्वर क्राप प्रजाति की मछलियां मरने से मचा ग्रामीणों में हड़कंप


मौके पर जल संसाधन सहित मत्स्य विभाग के पहुंचे अधिकारी

मुलतापी समाचार

मुलताई। बुंडाला जलाशय में अचानक ही बड़ी संख्या में सिल्वर क्राप प्रजाति की मछलियों की मौत से आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। कोरोना संक्रमण के चलते अचानक सैकड़ों की संख्या में मछलियों की मौत से अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। सूचना मिलते ही बुंडाला संथा अध्यक्ष एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी सहित जल संसाधन विभाग का अमला बुंडाला डेम पहुंचा तथा जांच की गई। इस संबन्ध में मत्स्य अधिकारी दिलीप गुर्जर ने बताया कि बांध का निरीक्षण किया गया है तथा मरी हुई मछलियों के सैंपल लिए हैं जिसकी जांच के बाद ही मछलियों की मौत का कारण सामने आएगा। उन्होंने बताया कि मृत मछलियां सिल्वर क्राप प्रजाति की हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल गर्मी अधिक पड़ रही है इसलिए मछलियों के मरने के कई कारण हो सकते हैं इसलिए सैंपल लिए गए हैं। बुंडाला संथा अध्यक्ष महेन्द्रसिंह परमार ने बताया कि उन्हें भी बुंडाला बांध में मछलियों के मरने की सूचना मिलते ही वे ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे तथा अधिकारियों से भी इस संबंध में चर्चा की गई।

जंगल में मिला वृद्ध का कंकाल भैंसदेही


मृतक मधु पिता चुन्नाू कास्देकर (65) निवासी खामला

मुलतापी समाचार

बैतूल। भैंसदेही थाना क्षेत्र के ग्राम खामला के जंगल में एक वृद्ध का कंकाल मिला है। शव कई दिन पुराना है। पुलिस को बुधवार शाम को सूचना मिली थी कि खामला के जंगल में किसी व्यक्ति का शव पड़ा है। कंकाल के पास मिले साक्ष्य के आधार पर मृतक की पहचान मधु पिता चुन्नाू कास्देकर (65) निवासी खामला के रूप में की गई है। वह पिछले कई महीनों से लापता था। उसकी दिमागी हालात ठीक नहीं थी। मृतक क्षेत्र में घूमकर भीख मांगकर खाता था। मौत किस कारण से हुई है, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस के मुताबिक पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत किस कारण से हुई है।

MP – विराट भारत के चित्र से कोरोना योद्घाओं के प्रति व्यक्त की कृतज्ञता


एपीसी विवेक शर्मा द्वारा बनाया गया विराट भारत का चित्र।

हरदा। कोरोना वायरस संक्रमण एक विश्वव्यापी महामारी का रूप ले चुका है। इस महामारी के विरुद्घ लड़ाई में समूचा देश एक अग्रणी योद्घा के रूप में खड़ा है। इस लड़ाई में देश के डॉक्टर, पुलिस, सेना, सफाईकर्मी, वैज्ञानिक, मीडियाकर्मी, समाजसेवी एवं सभी नागरिक कंधे से कंधा मिलाकर शासन तथा प्रशासन के साथ सहभागिता कर रहे हैं। जिला शिक्षा केन्द्र में पदस्थ सहायक परियोजना समन्वयक विवेक कुमार शर्मा ने विराट भारत दर्शन का चित्र बनाकर एक अलग अंदाज में कोरोना योद्घाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। इस चित्र में उन्होंने देशव्यापी लॉकडाउन, उचित शारीरिक दूरी का सुरक्षा चक्र, जरुरतमंदों को भोजन, स्वच्छता, सही जांच एवं कलम को अस्त्र के रूप में व्यक्त किया है। श्री शर्मा का कहना है कि सभी कोरोना योद्घाओं के योगदान एवं हम सभी के अनुशासन से हम निश्चित ही कोरोना पर विजय प्राप्त करेंगे।