कोरोना मुक्त शाजापुर जिला कोरोना मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव


मुलतापी समाचार
शाजापुर मंगलवार का दिन जिले वासियो के लिए राहत भरी खबर लेकर आया जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती तीन कोरोना मरीजों की रिपोर्ट आज नेगेटिव आने के बाद अब जिले में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं है शाजापुर में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती तीन मरीजों को स्वस्थ होने पर आज डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया। तीनो मरीजों का अस्पताल के बाहर ढोल तथा तालिया बजाकर सम्मान किया गया इस दौरान सीएम्एचओ सिविल सर्जन डॉक्टरों सहित स्वास्थकर्मी उपस्थित थे आज डिस्चार्ज किये गए मारीजो में शाजापुर का पुलिस आरक्षक भूपेंद्र सिंह तथा ग्राम मोचीखेड़ी निवासी मोहम्मद साजिद और 10 वर्षीय बालक रिजवान शामिल हैं ग्राम मोचीखेड़ी की दो अन्य महिलाऐ जिनका कोरोना पॉजिटिव होने के बाद इंदौर के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है उनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है

शाजापुर – कालापीपल से ब्रजमोहन परमार की रिपोर्ट

अन्य प्रदेशों में फंसे मजदूरों को वापस बैतूल लाने हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किए है


बैतुल जिले के मजदूरों को अन्य प्रदेशों से लाने शासकीय प्रयाश

इस फॉर्मेट में प्रवासी मजदुर अपनी जानकारी भरकर ओर अपने सभी दस्तावेजो की छाया प्रति व्हाट्सएप करे सबन्धित अधिकारियों को

जिले के दो चिकित्सक इंदौर में दे रहे अपनी सेवाएं


बैतूल: जिले के दो चिकित्सक अपनी सेवाएं कोविड-19 कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान इंदौर जिले में दे रहे हैं। जिला चिकित्सालय बैतूल में कार्यरत डॉ. जगदीश घोरे शिशु रोग विशेषज्ञ 16 अप्रैल 2020 से इंदौर में हैं तथा 21 अप्रैल 2020 से प्रेसीडेंट पार्क होटल इंदौर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. घोरे निरंतर ड्यूटी पर रहते हैं एवं मरीजों की सतत् देखरेख कर रहे हैं। डॉ. घोरे ने बताया कि कत्र्तव्य के दौरान घर की चिंता जरूर सताती है, लेकिन राष्ट्र हित में कोविड-19 में सेवा देने के अवसर को ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं और कहते हैं कि कत्र्तव्य से बढक़र और कुछ भी नहीं। डॉ. घोरे की पत्नी श्रीमती लीना घोरे अपने पति को विशेष सतर्कता की सलाह देते हुये कहती हैं कि मैं गौरवान्वित हूं कि मेरे पति वैश्विक महामारी में अपनी आहूति दे रहे हैं।

डॉ. घोरे ने सभी से अपील की है कि लॉक डाउन के नियमों का पालन करें, अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें, पौष्टिक आहार लें, इम्युनिटी तंत्र को मजबूत करें एवं व्यायाम करें, ताकि कोरोना संक्रमण से बचे रह सकें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीसी चौरसिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभातपट्टन में खण्ड चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्यरत डॉ. जितेन्द्र अत्रे 16 अप्रैल 2020 से इंदौर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा 19 अप्रैल 2020 से रॉबर्ट नर्सिंग होम में लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. अत्रे का परिवार जिसमें पत्नी श्रीमती लता अत्रे एवं 13 वर्षीय पुत्री तथा 10 वर्षीय पुत्र सम्मिलित हैं अभी प्रभातपट्टन में ही हैं। डॉ. अत्रे कहते हैं कि परिजनों की याद सताती है किन्तु कत्र्तव्यों का निर्वहन करना जीवन की प्राथमिकता है, चुनौतीपूर्ण कार्य करने का अवसर सबके जीवन में नहीं आता, मुझे मिला है तो मैं पूर्ण निष्ठा से इसे निभा रहा हूं। डॉ. अत्रे की पत्नी श्रीमती लता का कहना है चिकित्सक का पेशा ही सेवा का पेशा है, मानव सेवा ही परम धर्म है। इस कोरोना संक्रमण के कठिन दौर में मेरे पति की जहां भी ड्यूटी लगाई जायेगी, वे सहर्ष जिम्मेदारी से देंगे और मैं सदा उनके साथ हूूं।

डॉ. अत्रे ने अपील की है कि आमजन घर पर रहें, आमजन के सहयोग से ही संक्रमण फैलने के अवसरों को रोका जा सकेगा, अनावश्यक बाहर न निकले, अपने और अपने परिवार के लिये लॉकडाउन के नियमों का पालन करें।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

माँ खेड़ापति और माँ भवानी मैय्या के दरबार में जले सैकड़ों दीये।


जलाए जलाए जलाए जलाए जलाए

माँ खेड़ापति और माँ भवानी मैय्या के दरबार में जले सैकड़ों दीये।

बैतूल – रोंढा ग्राम की पावन धरा पर माता रानी खेड़ापति (माता मैय्या) और माता रानी भवानी मैय्या का चमत्कारी धाम है। साथ ही रोंढा की पावन धरा पर भगवान भोलेनाथ का विशाल मंदिर, भगवान राधाकृष्ण का सुन्दर मंदिर, साधुबाबा, दैय्यत बाबा, गुरसायब बाबा, दानू बाबा, सिंगला माता, सती मैय्या, सिंगाजी बाबा, झालर वाले देव बाबा, रिझड़ा वाले देव बाबा, पीर बाबा, दुधारी वाले बाबा और तीन दिशाओं में विराजमान हनुमानजी महाराज पूर्णरूप से ग्राम की सुरक्षा किए हुए है।

इस सुरक्षा कवच को तोड़कर आज कोरोना जैसी संक्रामक महामारी गाँव में प्रवेश ना कर सके और आगे आने वाले समय में भी इसका प्रवेश गाँव में ना हो सके। इसके लिए समस्त रोंढा वासियों द्वारा एक – एक दीया माँ खेड़ापति (माता मैय्या) और एक- एक दीया माँ भवानी के पास 28/04/2020 मंगलवार वैशाख शुक्ल पंचमी को शाम छः बजे से शाम सात बजे के बीच प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति मुँह पर मॉस्क लगाकर और सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए मातारानी के दरबार में जाकर जलाया और मातारानी से हाथ जोड़कर प्रार्थना की।

हे मातारानी हमारे इस गांव का अस्तित्व आपकी छत्रछाया से है और आगे भी इसी प्रकार बना रहे। ऐसी कामना के साथ इस संक्रामक महामारी कोरोना से समस्त रोंढा ग्रामवासियों के प्रत्येक परिवारों, सदस्यों, बुजुर्गों, बच्चों को दूर रखें, और सभी रोंढा ग्रामवासियों को स्वस्थ, खुशहाल और दीर्घायु बनाए रखें।

ऐसे समय में कोरोना से मुक्ति के लिए मात्र एक मिनट के लिये माता मैय्या और भवानी मैय्या के पास अलग-अलग पहुँचकर दीया लगाया ताकि अपने गांव, अपने जिले, अपने प्रदेश, अपने देश के कोरोना वारियर्स को हिम्मत एवं हौसला मिले और कोरोना मुक्ति के लिये केवल एक मिनट की प्रार्थना की हमें माँ खेड़ापति और माँ भवानी पर अटूट विश्वास है मातारानी अपने बच्चों की प्रार्थना को जरूर सुनेगी। अपने परिवार के साथ प्रार्थना से बच्चों को संस्कार के साथ ही एक सकारात्मक ऊर्जा भी मिलेगी।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल

ओम सेवा समूह द्वारा जरूरतमंदों को दिया जा रहा दोनो समय का भोजन




सारनी। कोरोना वॉयरस की माहमारी के दौर में जहाँ लोग अपनी एवं अपने – अपने परिवार की रक्षा एवं देख रेख में लगे है वही दूसरी तरफ इस महामारी के दौर में ॐ सेवा समूह के द्वारा दिनांक 25/3/2020 से लगातार जरूरत मंदो को दोनो समय का भोजन वितरण किया जा रहा है मैं ओम प्रधान मेरे मित्रो केद्वारा इनका निरीक्षण किया गया है और संतुष्ट होने के बाद हम इस संस्था के सहयोग के लिए तैयार है तथा हम चाहते है कि अन्य लोग भी इन समूह की सहायता करे ताकि यह यह संस्थाये लगातार अपनी सेवाएं जारी रख सके अभी तक इन संस्थाओं ने किसी भी मीडिया में अपना प्रचार प्रसार नही किया था। परंतु अन्य लोग इनकी सहायता हेतु आगे आये । बहुत ही अच्छी व्यवस्था जो कि सतपुड़ा स्कूल शिवाजी नगर पाथाखेड़ा में भीड़ भाड़ से दूर सोसल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए लगभग 20 से 25 लोगो के द्वारा साफ स्वच्छ ओर स्वादिष्ट भोजन करा रहे है भोजन के पैकेट भी अच्छे से पार्सल बना कर बिलकुल सुरक्षित तरीक़े से जन जन तक पहुचाने का सराहनीय कार्य कर रहे है । ओम प्रधान द्वारा आप तक यह जानकारी दी जा रही हैं जो जरूरतमन्द लोग हैं हमें जानकारी दे हम उनकी मदद जरूर करेंगे।

दिए गए न. पर सम्पर्क करें :-
ॐ सेवा समूह
उपकार विश्वकर्मा 9424423399

लाल बाबू धुसिया 9977558747

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

COVID-19, तीन मई के बाद भी स्कूल, मॉल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद रह सकते हैं, अगले हफ्ते होगा फैसला


इस कदम का संकेत सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों (CMs) की तीन घंटे तक चली बैठक में भी मिला.

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण (Infection) को फैलने से रोकने के लिए तीन मई तक लागू लॉकडाउन (Lockdown) के बाद भी शिक्षण संस्थान, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) के बंद रहने की संभावना है. यह जानकारी अधिकारियों ने दी.

इसका संकेत सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों (CMs) की तीन घंटे तक चली बैठक में भी मिला.

कुछ स्थानों के लिए शुरू की जा सकती है सीमित रेल और हवाई सेवा
घटनाक्रमों की जानकारी रखने वाले अधिकारी ने बताया कि ग्रीन जोन (Green zone) के जिलों में सीमित संख्या में निजी वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है लेकिन रेलगाड़ियों और हवाई सेवाओं की बहाली की हाल फिलहाल कोई संभावना नहीं है.

उन्होंने बताया कि इस बात की संभावना है कि मई के मध्य में कुछ स्थानों के लिए सीमित आधार पर रेल और हवाई सेवा (Rail and Air Services) शुरू की जा सकती है लेकिन यह कोविड-19 के हालात पर निर्भर करेगा.

लॉकडाउन पर आखिरी फैसला सप्ताहांत में लिया जाएगा
अधिकारी ने बताया कि स्कूल (School), कॉलेज, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक परिवहन पर रोक आगे भी जारी रहने की संभावना है. तीन मई के बाद भी सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रम में लोगों के एकत्र होने पर रोक जारी रहेगी.

कोरोना वायरस की महमारी (Pandemic) के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए सोमवार को हुई बैठक के बाद अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन पर अंतिम फैसला इस सप्ताहांत लिया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग (Video Conferencing) के जरिये मुख्यमंत्रियों की बैठक में अपनी बात रखने वाले नौ मुख्यमंत्रियों में से पांच ने मजबूती के साथ तीन मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन किया जबकि कुछ ने कोविड-19 मुक्त जिलों में एहतियात के साथ ढील देने की वकालत की.

ग्रीन जोन में वे जिले, जहां से पिछले 28 दिनों में नहीं आया कोई मामला
ओडिशा (Odisha), गोवा, मेघालय और कुछ अन्य राज्य लॉकडाउन को कुछ और हफ्ते बढ़ाने के पक्ष में थे जबकि कुछ राज्यों ने ग्रीन जोन के रूप में चिह्नित जिलों में छूट देने की सलाह दी. ग्रीन जोन में उन जिलों को रखा गया है जहां पर गत 28 दिनों से कोई मामला सामने नहीं आया हैं

हालांकि सभी मुख्यमंत्री (Chief Minister) इस पर सहमत थे की लॉकडाउन से बाहर निकलने की प्रक्रिया क्रमबद्ध और सभी एहतियाती उपायों के साथ होनी चाहिए.

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बताया कि शुरुआत में ही लॉकडाउन (Lockdown) घोषित करने से हजारों जिंदगियां बची है लेकिन भारत पर कोविड-19 का खतरा बना हुआ है. हालांकि सभी इस बात पर सहमत थे कि निरंतर सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है.