यह कैसा मजबूर दिवस है, मजदूर दिवस पर कविता – अशोक श्री


मुलतापी समाचार

”1 मई मजदूर दिवस”

यह कैसा मजदूर दिवस!

मना रहे हम मजबूर दिवस

हाथ अकड़ गए, पैर जकड़ गए।

कर करके आराम

यह कैसा मजदूर दिवस!

सुनसान रास्‍ते, विरान खेत

अधूरी इमारत

लिख रही हैंं अपनी इबारत

राह तकती पेड़ की छांव

कहती है क्‍यू रूक गये है तेरे पांव

आज क्‍यों मजबूर हैं मेरा यार

मैंंने कहा मना रहा आज वो ‘ मजबूरि‍ दिवस’

अशोक श्री

यह कैसा मजदूर दिवस है, मजदूर दिवस के अवसर पर कविता – अशोक श्री जी द्वारा लिखित कविता जिसमें मजदूरोंं के मन की बात कही गयी है आज पुरा देश कोरोना वैश्‍यविक महामारी की मार झेल रहा है जिससे पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है जिसके कारण आज मजदूर सबसे ज्‍यादा परेशान रहो रहा है दोहरी मार झेल रहा है, न तो अपना दुख बाट सकता है और न ही बता सकता है उसी एक उदारहण कविता द्वारा आज की हाल के अनुसार मजदूर दिवस न कह कर मजबूद ि‍दिवस संबोधित कर रहा मजदूर कविता के माध्‍य से प्रसतुत

अमेरिका में जबरदस्त हड़ताल से हुई मई दिवस की शुरुआत, मानी गई 08 घंटे की शिफ्ट की बात

पूरी दुनिया कोरोना वायरस के साये मई दिवस मना रही है. मई दिवस का मतलब मजदूरों का अंतरराष्ट्रीय दिवस, हालांकि इसकी शुरुआत अमेरिका में जबरदस्त हड़ताल से हुई थी. जिसमें मालिकों को 08 घंटे की शिफ्ट की बात माननी पड़ी थी

कोरोना महामारी के साये में आज (1 मई) पूरे विश्व में मजदूर दिवस (Labour Day 2020) मनाया जा रहा है. हालांकि ये बात जानना बहुत रोचक है कि मई दिवस की शुरुआत कैसे और कहां हुई. वैसे हम आपको बता दें कि मई दिवस ने दुनिया के सबसे ताकतवर देश को हिलाकर रख दिया था.

मजदूर दिवस नहीं विद्रोह और शहादत का दिवस है 01 मई. ये वो दिन है जब दुनिया की सबसे ताकतवर देश के मजदूरों ने अपने मालिकों के खिलाफ विद्रोह कर दिया. वे सड़कों पर उतर आए. हड़ताल पर बैठ गए.

यह मामला अमेरिका का था. वहां की कंपनियों में काम करने वाले वकर्स ने काम के घंटे आठ करने की लंबी मांग के बाद काम बंद कर दिया. हड़ताल शुरू हुए अभी चार दिन भी नहीं हुए थे कि अमेरिका के शिकागो के मार्केट में एक धमाका हुआ. मजदूरों की हड़ताल के बीच इस जबरदस्त धमाके ने प्रशासन का धैर्य तोड़ दिया.

इसके बाद 4 मई को पुलिस ने प्रदर्शनकारी मजदूरों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं. बताया जाता है‌ कि इसमें दर्जनभर से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई. इसके चलते पूरे अमेरिका में दहशत का माहौल फैल गया.

हालांकि कुछ ही दिनों में सबकुछ सामान्य हो गया. मजदूरोंं की हड़ताल का फायदा ये हुआ कि उनकी आठ घंटे की शिफ्ट की मांग मान ली गई, तभी से आठ घंटे की शिफ्ट की शुरुआत हुई. कई कंपनियों ने मजदूरों की मांगे मान ली. इसके बाद पेरिस में साल 1889 में फिर से फिर मजदूर इकट्ठा हुए. इसे अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन का नाम दिया गया. इसमें पहली बार 1886 के मई महीने में जान गवाने वाले मजदूरों को याद करते हुए 1 मई को मजदूर दिवस मनाने का फैसला किया गया.

इसी के बाद से 1 मई को मजदूरों ने खुद-ब-खुद छुट्टी मनानी शुरू कर दी. इसके बाद धीरे-धीरे दुनिया के सभी प्रमुख देशों को 1 मई को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करना पड़ा. हालांकि असल में वो कौन शख्स था जिसने 1 मई को मजदूर दिवस मनाने की पेशकश की थी, इसका आज तक पता नहीं चल पाया है क्योंकि माना जाता है कि एक सर्वसम्मति से लिया गया एक फैसला था. इसके बाद खुद-ब-खुद पूरी दुनिया के मजदूर इससे जुड़ते गए.

भारत में मजदूर दिवस (Labour Day In India) की शुरुआत चेन्नई में 1 मई 1923 को हुई. तब भारतीय मजदूर किसान पार्टी के नेता कामरेड सिंगरावेलू चेट्यार इस वैश्‍विक दिवस की भारत में शुरुआत करने पर अड़े थे. चेट्यार के नेतृत्व में मद्रास हाईकोर्ट सामने बड़ा प्रदर्शन किया गया. इस दौरान दत्तात्रेय नारायण सामंत उर्फ डॉक्टर साहेब और जॉर्ज फर्नांडिस ने भी इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी. तभी ये दिन भारत में भी एक राष्ट्रीय अवकाश का दिन बन सका.

मनमाेेेेहन पंवार (प्रधान संपादक) मुलतापी समाचार

मध्यप्रदेश में कलेक्‍टरों एवं अध‍िकारियों का तबादला, छिंदवाड़ा, सिवनी ओर बुराहनपुर कलेक्टर बदले


मुलतापी समाचार

MP News

मध्‍यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ है तब से अधिकारियों के तबादला का दौर निरंतर जारी है कोरोना संकट के बीच एक बार मध्य प्रदेश में प्रशासन सर्जरी की गई है  इसी क्रम में राज्य शासन द्वारा बड़ा प्रशासिनक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के (आईएएस) अधिकारियों का तबादला कर दिया है भोपाल के कमिश्नर बदले तो दूसरी तरफ छिंदवाड़ा , सिवनी ओर बुराहनपुर जिले के कलेक्टर बदले गए है

रामायण बंद करवाने मांग की थी, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी, ऐसे फसा विरोधी, समझें प्रशांत भूषण ने


Multapi Samachar

Prashant-Bhushan-Ramayana

Ramayan DD Prasharan

Delhi: भगवान राम के नाम से कई तरह के दानव भयभीत हो जाते है, परन्तु कांग्रेस, वामपंथी और कुछ अन्न लोग भी आजकल रामायण से परेशान है और जब से लोग रामायण सीरियल को टीवी पर उसी उत्साह से देख रहे है जैसे 1990 के ज़माने में देखा करते थे, तब से रामायण विरोधी तत्व भारी दिक्कत में आ गए है।

इसी सिलसिले में वकील प्रशांत भूषण टीवी पर रामायण सीरियल के खलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया, प्रशांत भूषण ने रामायण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई और रामायण को बंद करवाने की मांग की। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से प्रशांत भूषण को झटका मिला है, इसकी घटिया याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर प्रशांत भूषण को ही फटकार दिया है।

प्रशांत भूषण की याचिका पर कोर्ट ने कहा है की टीवी पर कोई भी किसी भी कार्यक्रम को देखने के लिए स्वतंत्र है, चैनल अपने मन मुताबिक कार्यक्रम टेलीकास्ट करने के लिए स्वतंत्र है। इस से पहले लॉक डाउन के शुरुवात में दूरदर्शन ने रामायण को फिर से टेलीकास्ट करने का निर्णय लिया था और ये टेलीकास्ट इतना हिट रहा की अब रामायण ने वर्ल्ड रिकॉर्ड ही बना दिया, 16 अप्रैल को रामायण को 7 करोड़ 70 लाख लोग एक साथ देख रहे थे और ये नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है।

Rebroadcast of Ramayana on Doordarshan smashes viewership records worldwide, the show becomes most watched entertainment show in the world with 7.7 crore viewers on 16th of April.

अब वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ गुजरात के राजकोट में दर्ज की गई एक FIR के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भूषण को किसी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई से राहत दी है। प्रशांत भूषण के खिलाफ यह एफआईआर कथित रूप से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में दर्ज की गई है।

यह एफआईआर पूर्व सैन्य अधिकारी जयदेव रजनीकांत जोशी ने दर्ज कराई थी। जोशी ने आरोप लगाया है कि प्रशांत भूषण ने पूरे देश में कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत के दोबारा प्रसारण के खिलाफ ट्वीट कर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।

जोशी ने अपनी इस शिकायत में प्रशांत भूषण पर आरोप लगाा कि उन्होंने 28 मार्च को एक ट्वीट में रामायण और महाभारत के लिए अफीम शब्द का इस्तेमाल करके हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत किया है। कोर्ट ने प्रशांत भूषण को किसी प्रकार की कार्रवाई से अंतरिम राहत प्रदान करते हुए कहा, ‘कोई भी व्यक्ति टीवी पर कुछ भी देख सकता है।’ इसके साथ ही पीठ ने सवाल कि

आपको बता दे की दूरदर्शन पर दिखाए जा रहे रामायण सीरियल ने इतिहास रच दिया है। रामायण के 16 अप्रैल के एपिसोड को दुनियाभर में 7.7 करोड़ लोगों ने देखा। इस तरह वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए Ramayan दुनिया में एक दिन में सबसे ज्यादा देखा जाने वाले मनोजन प्रोग्राम बन गया है। प्रसार भारती ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

जानकारी हो की कोरोना वायरस महामारी से कारण लॉकडाउन लगने के बाद मांग उठी थी कि रामायण और महाभारत का पुनः प्रसारण किया जाए। इसके बाद से करोड़ों लोग रामायण सीरियल देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस सीरियल और इससे जुड़े पात्रों की लगातार चर्चा है।

लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों और छात्रों को लाने के लिए चलाई ट्रेन, राज्यों से किराया वसूलेगी रेलवे, देखे वीडियों


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रेलवे (Railway) ने कहा कि ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेन के किराए में नियमित स्लीपर क्लास के टिकटों की कीमत के अलावा 30 रुपये सुपरफास्ट चार्ज और खाने व पानी के लिए 20 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा.

नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) को रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन में फंसे मजदूरों की घर वापसी के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है. गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने रेलवे को प्रवासी मजदूरों और छात्रों को लाने के लिए स्पेशल ट्रेन (Train) चलाने की मंजूरी दे दी है. इसके बाद रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के टिकटों का किराया वसूलने का फैसला किया है. रेलवे एक अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन में फंसे प्रवासी कामगारों को लाने के लिए वह राज्यों से किराया वसूला जाएगा.

रेलवे ने कहा कि ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेन के किराए में नियमित स्लीपर क्लास के टिकटों की कीमत के अलावा 30 रुपये सुपरफास्ट चार्ज और खाने व पानी के लिए 20 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा. इसमें लंबी दूरी की ट्रेनों में भोजन और पीने का पानी शामिल होगा.

विशेष ट्रेन चलाने की अनमित

बता दें कि लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लाखों प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों को बुधवार को कुछ शर्तों के साथ उनके गंतव्यों तक जाने की अनुमति दी है. आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्रियों, छात्रों और विभिन्न स्थानों पर फंसे अन्य लोगों के आवागमन को रेल मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली विशेष ट्रेनों के माध्यम से अनुमति है. उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय आवागमन को लेकर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नामित करेगा.

तेलंगाना से झारखंड के लिए चली पहली ट्रेन
प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए तेलंगाना में लिंगमपल्ली (Lingampalli (Hyderabad) से झारखंड के हटिया तक (Hatia (Jharkhand) 1200 प्रवासियों को ले जाने वाली पहली ट्रेन शुक्रवार सुबह 4:50 बजे चली. 24 कोच की ट्रेन आज रात 11 बजे झारखंड के हटिया पहुंचेगी. दिशानिर्देशों के अनुसार क्वारंटीन आदि सहित सभी उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा. लिंगमपल्ली (हैदराबाद) से हटिया (झारखंड) तक जो विशेष ट्रेन चलाई गई वो तेलंगाना सरकार के अनुरोध पर और रेल मंत्रालय के निर्देशानुसार चलाई गई है.

Lockdown-तीसरा चरण : ग्रीन जोन में शराब और पान की दुकानें खुल सकेंगी, लेकिन यह होगी पाबंदी


शराब की दुकान फाइल फोटो

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नई दिल्ली:  कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण रोकने के लिए 4 मई से शुरू हो रहे लॉकडाउन के तीसरे चरण में ग्रान जोन में शामिल जिलों में शराब और पान का दुकानें खुल जाएंगी लेकिन इन दुकानों पर खरीददारों को छह फीट की दूरी बनाकर रखनी होगी. दुकान पर एक समय में पांच से अधिक लोग खड़े नहीं हो सकेंगे.

लॉकडाउन के तीसरे चरण में कुछ पाबंदियां हटाई जा रही हैं, जरूरी और गैर जरूरी के किसी भी भेद के बिना, शहरी परिसरों में सभी स्टैंडअलोन दुकानें, पड़ोस की दुकानें और आवासीय परिसरों की दुकानों को खुले रखने की अनुमति होगी. निजी कार्यालय आवश्यकता के अनुसार 33 प्रतिशत तक की क्षमता के साथ काम कर सकते हैं, बाकी लोग घर से काम करते रहेंगे.

सभी सरकारी कार्यालय उप सचिव के स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ और पूरी शक्ति से कार्य करेंगे. शेष कर्मचारी आवश्यकता के अनुसार 33 प्रतिशत तक दफ्तर आएंगे.

रेड ज़ोन में जिन गतिविधियों की अनुमति है, ऑरेंज जोन में उनके अलावा टैक्सी और कैब एग्रीगेटर्स को केवल एक ड्राइवर और एक यात्री के साथ अनुमति दी जाएगी. व्यक्तियों और वाहनों के एक जिले से दूसरे जिले में केवल सरकार द्वारा तय कामों के लिए आने-जाने की इजाजत होगी. चार पहिया वाहन में ड्राइवर के अलावा अधिकतम दो यात्री होंगे, इसके अलावा दोपहिया वाहनों पर अब दो लोगों को यात्रा करने की अनुमति होगी.

कोरोना वायरस को लेकर देशभर में जारी लॉकडाउन को सरकार ने 3 मई के बाद दो और हफ्तों के लिए बढ़ाने का फैसला किया है. लॉकडाउन का दूसरा चरण 3 मई तक जारी रहने वाला था जिसे सरकार ने दो और हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है. अब 17 मई तक ये लॉकडाउन जारी रहेगा. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 पर स्थिति की व्यापक समीक्षा करने के बाद यह फैसला लिया गया. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने चार मई से दो हफ्तों की अवधि के लिये लॉकडाउन बढ़ाने का आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जारी किया है. उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन का प्रथम चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल तक था, जिसे बाद में बढ़ा कर (15 अप्रैल से) तीन मई तक (दूसरा चरण) किया गया था. लॉकडाउन के नये दिशानिर्देशों के तहत अभी भी कुछ गतिविधियों पर रोक रहेगी. लॉकडाउन की विस्तारित अवधि के दौरान विमान, रेल, मेट्रो से यात्रा और सड़क मार्ग से अंतर-राज्यीय आवागमन तथा स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे.

शुक्रवार को ही सरकार ने लॉकडाउन के मद्देनजर अलग-अलग जगहों पर फंसे मजदूरों और छात्रों को निकालने के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया था. इस अवधि में विभिन्न गतिविधियों को चलाने के लए गृह मंत्रालय ने नए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जो देश के जिलों को कोरोना के बढ़ते खतरे के अनुसार रेड, ऑरेंज और ग्रीन क्षेत्रों में बांटने के आधार पर किया गया है. सरकार ने कहा कि ग्रीन और ऑरेंज जोन में आने वाले जिलों को कई तरह की रियायतें भी मिलेंगी.

वहीं लॉकडाउन का दूसरा चरण समाप्त होने से पहले ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के सभी जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा है. देश के 130 जिलों को रेड जोन, 284 को ऑरेंज जोन और 319 को ग्रीन जोन घोषित किया है. इन इलाकों में कोविड-19 मामलों की संख्या, मामलों के दोगुना होने की दर, जांच की क्षमता और निगरानी एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर इन्हें श्रेणीबद्ध किया गया है. ‘कंटेनमेंट ऑपरेशन’ के लिए जिलों के इस वर्गीकरण को राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा तीन मई से अपनाया जाएगा. तीन मई को लॉकडाउन का दूसरा चरण समाप्त हो रहा है.

देश में 17 मई तक लॉकडाउन, तीसरे चरण में इन गतिविधियों की होगी इजाजत, इनपर जारी रहेगी पाबंदी


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देश में लागू लॉकडाउन के दूसरे चरण के समाप्त होने से पहले सरकार ने 2 हफ्ते के लिए एक बार फिर से इसे बढ़ा दिया है.

नई दिल्ली: देश में लागू लॉकडाउन के दूसरे चरण के समाप्त होने से पहले सरकार ने 2 हफ्ते के लिए एक बार फिर से लॉकडाउन को बढ़ा दिया है. लेकिन केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर में 130 जिलों को रेड जोन, 284 को ऑरेंज जोन और 319 को ग्रीन जोन घोषित किया है. इन इलाकों में कोविड-19 मामलों की संख्या, मामलों के दोगुना होने की दर, जांच की क्षमता और निगरानी एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर इन्हें श्रेणीबद्ध किया गया है. हालांकि लॉकडाउन के अगले चरण में सरकार का कहना है ग्रीन और ऑरेंज जोन में आने वाले जिलों को कई तरह की रियायतें भी मिलेंगी.

ग्रीन जोन सरकार की तरफ से ऐसे क्षेत्र को बनाया गया है जिसमे में पिछले 21 दिनों में एक भी कोरोना के केस नहीं आए हैं जबकि ऑरेंज जोन ऐसे इलाके को कहा गया है जिसमें पिछले 14 दिनों में एक भी केस नहीं आए हैं. 

लॉकडाउन के तीसरे चरण में इन पर नहीं होगी पाबंदी

जरूरी और गैर जरूरी के किसी भी भेद के बिना, शहरी परिसरों में सभी स्टैंड और दुकानें, पड़ोस की दुकानें और आवासीय परिसरों की दुकानों को खुले रहने की अनुमति है.

– निजी कार्यालय आवश्यकता के अनुसार 33 प्रतिशत तक की क्षमता के साथ काम कर सकते हैं, बाकी लोग घर से काम करते रहेंगे.

– सभी सरकारी कार्यालय उप सचिव के स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ और पूरी शक्ति से कार्य करेंगे, और शेष कर्मचारी आवश्यकता के अनुसार 33 प्रतिशत तक दफ्तर आएंगे.

– रेड ज़ोन में जिन गतिविधियों की अनुमति है, ऑरेंज जोन में उनके अलावा टैक्सी और कैब एग्रीगेटर्स को केवल 1 ड्राइवर और 1 यात्री के साथ अनुमति दी जाएगी.

– व्यक्तियों और वाहनों के एक जिले से दूसरे जिले में केवल सरकार द्वारा तय कामों के लिए आने-जाने की इजाजत होगी. चार पहिया वाहन में ड्राइवर के अलावा अधिकतम दो यात्री होंगे, इसके अलावा दोपहिया वाहनों पर अब दो लोगों को यात्रा करने की अनुमति होगी.

ग्रीन जोन में हर तरह की गतिविध‍ियों की इजाजत होगी लेकिन उन गतिविधियों को छोड़कर जिनपर देशभर में पाबंदी है. बसें आधी क्षमता के साथ चलाई जा सकेंगी और बस डीपो भी आधी क्षमता के साथ काम कर सकेंगे.

इन चीजों पर जारी रहेगी पाबंदी

– रेड जोन में गैर जरूरी सामानों की ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा आपूर्ति पर पाबंदी जारी रहेगी.

– शहरी क्षेत्रों में दुकानें, गैर-जरूरी सामानों के लिए, मॉल, बाजार और बाजार परिसरों में अनुमति नहीं होगी. 

– विमान, रेल, मेट्रो से यात्रा और सड़क मार्ग से अंतर-राज्यीय आवागमन तथा स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे. होटल, सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, खेल परिसर, सामाजिक-राजनीतिक, सांस्कृतिक व अन्य प्रकार के समारोहों की मनाही होगी. 

– सभी गैर-जरूरी गतिविधियों के लिए लोगों की आवाजाही शाम 7 से सुबह 7 बजे के बीच सख्ती से प्रतिबंधित रहेगी.

pm बड़ा ऐलान, देश में लॉकडाउन की अवधि दो सप्‍ताह और बढ़ी, 4 से 17 मई तक रहेगा


सरकार का बड़ा ऐलान, देश में लॉकडाउन की अवधि दो सप्‍ताह और बढ़ी, 4 से 17 मई तक रहेगा जारी

लॉकडाउन को लेकर बड़ी खबर है। देश में जारी लॉकडाउन की अवधि को दो सप्‍ताह के लिए और बढ़ा दिया गया है।अब यह 4 मई से 17 मई तक जारी रहेगा। 3 मई को लॉकडाउन की अवधि समाप्‍त होने जा रही थी। आज सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत 4 मई से आगे दो सप्ताह की लॉकडाउन अवधि को आगे बढ़ाने के लिए आदेश जारी किया। अब 18 मई तक लॉकडाउन प्रभावी रहेगा। इस दौरान सार्वजनिक परिवहन जैसे रेलवे और विमान जैसी सेवाएं स्‍थगित रहेंगी। हालांकि, ग्रीन जोन में गृह मंत्रालय द्वारा दी गई छूट जारी रहेगी।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुसार, देश में रेड जोन के तहत 130 जिले, ऑरेंज जोन के तहत 284 जिले और ग्रीन जोन के तहत 319 जिलों को रखा गया है। हर सप्‍ताह इसका आकलन किया जाएगा और संक्रमित मामलों के अनुसार जोन में बदलाव होगा।

Lockdown के आगे की स्थिति को लेकर पीएम मोदी ने गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ विपिन रावत, रेलमंत्री पियूष गोयल सहित सेक्रेट्री लेवल के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग की थी। इससे पहले पीएम मोदी ने देश के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर विभिन्न राज्यों में कोरोना की स्थिति, इलाज की व्यवस्था, राहत कार्यों का जायजा लिया था। तब अधिकांश राज्यों ने लॉक डाउन बढ़ाने की बात की थी।

गौरतलब है कि पिछले 24 घंटे में भारत में 1,993 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जिससे कुल मामले 35,043 हो गई है, इसमें से 25,007 मामले सक्रिय हैं। 24 घंटे में लगभग 600 लोग ठीक भी हुए। देश में रिकवरी रेट 25 फीसद से अधिक होने के बाद भी कोराना वायरस के मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि देश में सावधानी बरती जा रही है।

इंदौर में बढ़ सकता है lockdown


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

इंदौर: कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए इंदौर में 3 मई के बाद भी लॉक डाउन की अवधि बढ़ाई जा सकती है! कलेक्टर मनीष सिंह के अनुसार करीब 2 से 3 सप्ताह के लिए lockdown की अवधि बढ़ाई जा सकती है!

कलेक्टर का कहना है कि शहर के हालत को देखते हुए हर संभव फैसला लिया जाएगा! मनीष सिंह के अनुसार lockdown का तीसरा चरण सबसे सख्त रहेगा! Lockdown का उल्लंघन करने और बेवजह घूमने वालों को अब सीधे जेल भेजा जाएगा! कलेक्टर का कहना है कि इंदौर शहर कोरोना वायरस के खिलाफ अब बेहद मजबूत स्थिति में हैं इसलिए एहतियात बरतना आवश्यक है! शहर की स्थिति मार्च की तुलना में काफी सुधार की तरफ है!

शुक्रवार तक के आंकड़ों के अनुसार इंदौर में कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1513 हो गई है! इस बीमारी से अब तक 72 लोगों की जान जा चुकी है! वही 187 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं!

मुलतापी समाचार

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस आज


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

आदमी लेबर डे यानी मजदूर दिवस है! इस दिन को देश और दुनिया में दुनिया में वर्कर डे, कामगार दिवस, अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, आदि के नाम से भी जाना जाता है! भारत में श्रमिक दिवस की शुरुआत लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान ने 1 मई 1923 को मद्रास में की थी!

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर देश -प्रदेश की उन्नति में अपना अमूल्य योगदान देने वाले समस्त श्रमिक भाइयों एवं बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं!

मुलतापी परिवार की तरफ से समस्त श्रमिक भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं

11 जुंआरियों को रंगे हाथों जुंआ खेलते पकड़ा


मुलतापी समाचार

लाकडाऊन के दौरान जुंए एवं अवैध शराब बिक्री की खबरे लगातार मिल रही थी ।

जिसे संज्ञान में लेकर मुलताई पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है , गुरूवार मुखबिर की सूचना पर महावीर वार्ड में नागदेव मंदिर के पास की गली के एक मकान में जुंआ में पुलिस टीम ने दबिश देकर 11 जुंआरियों को रंगे हाथों जुंआ खेलते पकड़ा।

पुलिस द्वारा बताया कि उक्त मकान में दो दरवाजे थे जिसका फायदा उठाकर कुछ जुंआरी भागने की कोशिश कर रहे थे इस बार पुलिस ने भी दोनों ओर से दबिश दी और सभी जुंआरियों को पैसे एवं ताश के पत्तों सहित पकड़ा।

जुंआ खेलते हुए शेषराव पिता श्रीराम साहू , पन्नालाल पिता भैयालाल साहू महावीर वार्ड, विकास पिता दुर्गा प्रजापती नेहरू वार्ड, कन्हैयालाल साहू पिता झनकलाल साहू नेहरू वार्ड, प्रकाश पिता नान्हू प्रजापति नेहरू वार्ड, सचिन पिता अर्जुन प्रजापति महावीर वार्ड, महेन्द्र पिता अजाबराव साहू महावीर वार्ड मुलताई, दीपक पिता नारायण प्रजापति नेहरू वार्ड, कमलेश पिता भूरा साहू नेहरू वार्ड, दुर्गेश पिता मनोहर ढीमर नेहरू वार्ड एवं कैलाश पिता नत्थू साहू 50 वर्ष नेहरू वार्ड मुलताई को लगभग सात हजार रूपए नगद सहित ताश के पत्ते के साथ पकड़ा ।

थाना प्रभारी मनोज सिंह ने बताया कि सभी जुंआरियों पर जुंआ एक्ट सहित लाक डाऊन के उल्लंघन की धारा भी लगाई जा रही है। इस टीम में एसआई पिपलौदे, प्रधान आरक्षक आठवले, आरक्षक लुकमान, रोहित, रविन्द्र नागले सहित अन्य पुलिस कर्मी थे ।

 टीम द्वारा बताया कि पूर्व में भी सूचना पर पुलिस पहुंची थी लेकिन कमरा नही मिलने के कारण बैरंग लौटी थी गुरूवार को  पुलिस टीम सफलता मिली ,एवं जुंआरियों का रंगे हाथों आखिर पकड़ ही लिया।