गुना जिले में पहला कोरोना मरीज, रिपोर्ट आई पॉजिटिव


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  • बीनागंज के बापचा लहरिया का रहने वाला है युवक।
  • इंदौर के नेहरू नगर में काम करता था युवक,
  • इंदौर से मोटरसाइकिल से 28अप्रैल को आया था।
  • गुना जिला अस्पताल में व्यक्ति को आइसोलेट किया गया था।
  • आज आई युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव।

जिला छत्रिय पवार समाज संगठन छिंदवाड़ा द्वारा 61000 दान किए गए


दान संगठन के पास जमा राशि से नहीं ,अपितु समाज के दानदाताओं द्वारा दी गई

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स्वयं दान देकर समाज संगठन का नाम करने वालों की विनम्रता महानता को नमन
छिंदवाड़ा। लाकडाउन के दौरान छिंदवाड़ा शहर के गरीबों की भोजन व्यवस्था के लिए नगर निगम कमिश्नर श्री राजेश साही को रुपए 61,000 की सहयोग राशि जिला छत्रिय पवार समाज संगठन छिंदवाड़ा की ओर से दान की गई।
दीनदयाल रसोई हेतु संगठन के पदाधिकारियों द्वारा निम्नानुसार राशि दी गई-
श्री हेमंत पवार 10,500
श्री यशवंत पवार 10,000
श्री मुन्ना पवार 10,000
श्री देवेन्द्र डोबलेकर 8000
श्री एन आर डोंगरे 5000
श्री महेश डोंगरे 5000
श्री बलवंत कड़वेकर 5000
श्री गोपीचंद पवार 5000
श्री देवीलाल घागरे 2500
आप सभी सदस्यों की संवेदनशीलता और दानशीलता को नमन करते हुए आपके उज्ज़्वल भविष्य की कामना करता है। आपके इस कार्य से समाज का गौरव बढ़ा है। भगवान आपको सदैव स्वस्थ सुखी संपन्न और दीर्घायु बनाए रखें।
स्रोत-श्री रामदास पवार

उत्तर प्रदेश: पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव अस्पताल में भर्ती


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के संरक्षक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की तबीयत ठीक न होने के कारण लखनऊ के मेदांता अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में भर्ती किया गया है। अस्पताल में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव व शिवपाल सिंह यादव मौजूद है। गुरुवार दोपहर अखिलेश यादव भी अस्पताल पहुंचे और उनका हालचाल लिया।

डॉक्टरों का कहना है कि मुलायम अब पूरी तरह से ठीक है, रात तक उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह बुधवार रात से बीमार है इसलिए उन्हें भर्ती कराया गया है।

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डाटा एंट्री आपरेटर सस्पेंड, आदेशों की अवहेलना एवं शासकीय अभिलेखों को घर पर रख कर उसका दुरुपयोग


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भैंसदेही। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के उद्देश्य से राजस्व विभाग की सेवाओं को अत्यावश्यक घोषित किया गया है। कोरोना महामारी के दौर में अपरिहार्य कार्यों को निष्पादित करने के उद्देश्य से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भैंसदेही द्वारा छगन परतेती डाटा एंट्री ऑपरेटर भैंसदेही की ड्यूटी लगाई गई थी। श्री परतेती द्वारा आदेश की अवहेलना करते हुए कोई कार्य संपादित नहीं किया और ना ही अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में उपस्थित हुए। इस संबंध में जारी कारण बताओ सूचना पत्र का भी इनके द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। श्री परतेती के द्वारा अत्यावश्यक शासकीय अभिलेख घर पर रखने संबंधी प्राप्त शिकायत की जांच करने पर अभिलेख घर पर होना पाया गया। इसे देखते हुए कलेक्टर ने छगन परतेती को शासकीय कार्य के प्रति घोर लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारी के आदेशों की अवहेलना एवं शासकीय अभिलेखों को घर पर रख कर उसका दुरुपयोग किए जाने से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय भीमपुर किया गया है।

betul ट्रेन से कटा अज्ञात युवक


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बैतूल। बैतूल और मलकापुर के बीच एक मंगलवार-बुधवार की रात में अज्ञात युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जाता है कि घटना के बाद तत्काल ही घायल को उसी ट्रेन से आमला ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की उम्र लगभग 35 साल बताई जा रही है। पुलिस मृतक की शिनाख्त करने का प्रयास कर रही है।

Corona Covid 19 सीहोर की पहली कोरोना मरीज की मौत भोपाल


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सीहोर, मध्यप्रदेश के सीहोर जिले की एक महिला आज भोपाल में कोरोना पॉजिटिव पायी गयी, जिसकी दोपहर अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी।
अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) वी के चतुर्वेदी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि भोपाल में सीहोर की कोरोना पॉजिटिव महिला की मौत हो गयी है। इस महिला को कल रात सांस लेने में हो रही तकलीफ के कारण गंभीर हालत में भोपाल भेज गया था। वहां उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके सेंपल लेकर जांच के लिए भेज गए, जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव पायी गयी थी।

दमोह में शराबी युवक का आतंक


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल हटा

दमोह: दमोह में आज एक शराबी युवक ने दूसरे युवक को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। युवक को गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है

प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को लगभग 2:30 बजे नगर के मध्य सिटी कोतवाली क्षेत्र के पथरिया फाटक के पास एक युवक खून से लथपथ अवस्था में पड़ा था। इसे तुरंत स्थानीय लोगों ने युवक को गंभीर हालत में इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल लाया गया। घटना की जानकारी लगते ही अस्पताल पहुंची पुलिस ने युवक से पूछताछ की, लेकिन गंभीर हालत होने के कारण युवक के बयान दर्ज नहीं हो पाये और उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सूत्र बताते हैं कि घटना के पीछे शराब खोरी की संभावना है। पुलिस पूरे मामले की तहकीकात कर रही है।

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आमला में आंगनवाडी कार्यकता आशा कार्यकरता और कोटवार ने सम्‍पन्‍न कराई शादी


आमला के हरदोली में माक्‍स लगाकर मंडे के नीचे खडे शादी संपन्‍न कराकर वर वधु को आर्शीवाद देते हुए आंगनवाडी कार्यकर्ता,आशा कार्यकर्ता और कोटवार

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कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है. लोग जहां हैं वहीं फंसे हुए हैं. इसी बीच लोग अपनी शादियां भी टाल रहे हैं. हालांकि कई लोग लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए शादी कर भी रहे हैं और लोगों को प्रेरणा दे रहे हैं.

ऐसी ही एक शादी मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में हुई है जहां ना बाराती आए और ना शहनाई बजी, मास्क भी लगाया और लॉकडाउन का पूरा पालन भी हुआ. इस दौरान पंडित की जगह आंगनवाडी कार्यकर्ता ने आशा कार्यकरता, कोटवार भी मास्क पहने हुए शादी स्‍थल पर मौजूद थे और घर के लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराकर. महज एक घंटे में ये शादी संपन्न कराई.

मामला बैतूल जिले के आमला तहसील के ग्राम पंचायत हरदोली का है, यहां रहने वाले एक परिवार मे यह शादी 6 मई को होने वाली है का पता पूर्व मे ही चल गया था जिसके पश्‍चात कोटवार, आंगनवाडी कार्यकरता और आशा कार्यकार्ता टीम बनाकर शादी समारोह स्‍थल पर पहुचे जहां उन्‍होंने वर वधु काेे सारी रश्‍म और रिवाजों और सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन कराकर शादी सम्‍पनन कराई जिसमें आमला तहसील के ग्राम हरदोली के कोटवार माखन खातरकर आशा कार्यकर्ता प्रमिला चिल्ला टे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरस्वती इवने आदी मौजूद थे

लॉकडाउन लागू होने के कारण दोनों परिवारों ने सादगी पूर्ण तरीके से शादी करने का निर्णय लिया और शादी के लिए की गई सभी तैयारियों को कैंसिल करके घर में ही शादी की रस्में अदा करवाई गईं. शादी के दौरान परिवार के ही सदस्य उपस्थित थे और वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे. सबसे खास बात यह भी थी कि शादी में किसी रिश्तेदार को नहीं बुलाया गया.

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LOCK DOWN बीच 65 लाख पेंशनधारकों के खाते में पहुंचे 764 करोड़ रुपये! फटाफट अपने बैंक से करें पता


कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनज़र जारी लॉकडाउन (Lockdown) में पेंशन योजना के तहत अप्रैल में कुल 764 करोड़ रुपये जारी किए हैं. सरकार ने बताया इस रकम को एडवांस पेंशन के तौर पर दिया गया. 65 लाख पेंशनर को इसका फायदा मिला.

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नई दिल्ली. कोरोना (Coronavirus) के इस संकट में EPFO (Employees Provident Fund-Organisation) ने फिर से एक और बड़ा कदम उठाते हुए अप्रैल की पेंशन समय से पहले जारी कर दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल में कुल 764 करोड़ रुपये जारी किए हैं. इस रकम को एडवांस पेंशन के तौर पर दिया गया. 65 लाख पेंशनर को इसका फायदा मिला है. EPFO ने सभी बैंक ब्रांचों से सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वे पेंशनरों के खाते में समय से पेंशन डाल दें. समय से पेंशन खातों में पहुंचाना अभी ईपीएफओ की सर्वोच्‍च प्राथमिकता है. इससे इस संकट के समय में पेंशनरों को थोड़ी राहत मिलेगी.

किसे मिलती है पेंशन
आपको बता दें कि ईपीएस (Employee Pension Scheme) यानी पेंशन स्कीम में कंपनी के 8.33 फीसदी योगदान को 15,000 रुपये की मंथली सैलरी के अनुसार बनाया गया है. उदाहरण के लिए अगर किसी व्‍यक्ति की मासिक सैलरी 25,000 रुपये है तो कंपनी का योगदान 15,000 रुपये के 8.33 फीसदी तक सीमित रहेगा. इसी तरह अगर किसी को 10,000 रुपये सैलरी मिलती है तो ईपीएस में कंपनी का कॉन्ट्रिब्‍यूशन 10,000 रुपये का 8.33 फीसदी होगा.

आइए जानें  ईपीएस (Employee Pension Scheme)  से जुड़ी सभी बातें…

ईपीएफओ ने यह जानकारी दी है. संगठन कर्मचारी पेंशन स्‍कीम के तहत लाभार्थियों को पेंशन देता है. उसने कोरोना महामारी को देखते हुए एडवांस में पेंशन जारी करने का फैसला लिया.

श्रम मंत्रालय ने इस बारे में के बयान जारी किया.

>> बयान के अनुसार, ईपीएफओ के अधिकारियों और स्‍टाफ के लिए यह काम इतना आसान नहीं था. लेकिन, तमाम अड़चनों के बावजूद उन्‍होंने देशभर में पेंशन बांटने वाले सभी बैंकों की नोडल ब्रांचों में 764 करोड़ रुपये भेजे.

>> कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए देशभर में लॉकडाउन के दौरान कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सभी 135 क्षेत्रीय कार्यालयों ने पेशनभोगियों को असुविधा से बचाने के लिए अप्रैल 2020 की पेंशन समय से पहले जारी कर दी.

>> बयान में कहा गया कि ईपीएफओ ने मुश्किल हालात के बावजूद अपनी पेंशन योजना के तहत आने वाले 65 लाख पेंशनभोगियों के खातों में समय से धनराशि उपलब्ध कराई.

ईपीएस नियमों के अनुसार, किसी सदस्‍य ने नौकरी छोड़ने से पहले 10 साल से कम सेवा की है या 58 साल का हो गया है (जो भी जल्‍दी हो) तो वह ईपीएस अकाउंट से एकमुश्‍त पैसा निकालने का हकदार है.

>> अगर ऐसे व्‍यक्ति की उम्र 58 साल से कम है तो वह एकमुश्‍त पैसा निकालने के बजाय ईपीएस के तहत स्‍कीम सर्टिफिकेट का विकल्‍प ले सकता है. ऐसा स्‍कीम सर्टिफिकेट तब लिया जा सकता है जब व्‍यक्ति ने किसी और संस्‍थान में नौकरी की योजना बनाई हो.

>> अगर सेवा के वर्ष 10 साल को पार कर गए है तो स्‍कीम सर्टिफिकेट व्‍यक्ति को जारी कर दिया जाता है. ईपीएफओ साल की गिनती तब से करता है जिस दिन से आप ईपीएफ स्‍कीम से जुड़ते हैं. हालांकि, जरूरी नहीं है कि सेवा के वर्ष लगातार रहे हों.

>> मान लीजिए कि आपने साल 2010 नौकरी शुरू की और ईपीएफ स्‍कीम से जुड़े. यहां तीन साल काम करने के बाद आपने दूसरी कंपनी में नौकरी शुरू कर दी है. लेकिन ये कंपनी आपको ईपीएफ बेनिफिट ऑफर नहीं करती है क्‍योंकि वह ईपीएफ के दायरे में नहीं आती है.

>> इस ‘बी’ कंपनी में आप 4 साल काम करते हैं. साल 2017 में आप तीसरी कंपनी में नौकरी शुरू करते है.  जहां आपको ईपीएफ स्‍कीम का फायदा मिलता है. मौजूदा समय में 2020 तक ईपीएस रकम का कैलकुलेशन ए और सी में काम किए गए साल के आधार पर किया जाएगा जो छह साल बनते हैं. ऐसे में आप एकमुश्‍त निकासी कर सकते हैं.

>> 10 साल के पहले सेवा के साल जितने कम होंगे उतनी कम राशि को आप एकमुश्‍त निकाल पाएंगे.  ईपीएस स्‍कीम से एकमुश्‍त निकासी की अनुमति तभी मिलती है अगर सेवा के वर्ष 10 साल से कम हैं. आपको वापस की जाने वाली रकम ईपीएस स्‍कीम 1995 में दी गई टेबल डी पर आधारित होगी.

अगर आपकी नौकरी 9 साल 6 महीने से ज्यादा की हो चुकी है तो आप अपने PF के साथ पेंशन की रकम नहीं निकाल पाएंगे. क्योंकि, 9 साल 6 महीने की सर्विस को 10 साल के बराबर माना जाता है.

>> EPFO के नियम बताते हैं कि अगर आपकी नौकरी 10 साल की हो जाती है तो आप पेंशन के लिए हकदार बन जाते हैं. इसके बाद आपको 58 साल की उम्र में मासिक पेंशन का लाभ मिलना शुरू होगा. मतलब यह कि आपको आजीवन पेंशन तो मिलेगी, लेकिन पेंशन का हिस्सा रिटायरमेंट से पहले नहीं निकाल पाएंगे.

>> 10 साल पूरे होने पर व्‍यक्ति को पेंशन सर्टिफिकेट मिल जाता है. इस सर्टिफिकेट में पेंशन योग्‍य सेवा, सैलरी और नौकरी छोड़ने पर देय पेंशन की रकम की जानकारी होती है. अगर किसी व्‍यक्ति के पास 10 साल या इससे अधिक की सेवा का स्‍कीम सर्टिफिकेट है तो वह ईपीएस के तहत 58 साल की उम्र से मासिक पेंशन का हकदार बन जाता है. हालांकि, उसे 50 साल की उम्र से पहले पेंशन के लिए आवेदन करने का भी हक होता है.

श्योपुर : हुल्लपुर गांव में लगी भीषण आग, 20 से 22 घर जलकर खाक,आग बुझाने में कम पड़े संसाधन


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प्रदेश के श्योपुर ज़िले के हुल्लपुर गाँव में बड़ा हादसा हुआ है। यहां आग लगी और तकरीबन गाँव भर में यह आग फैल गई। इस आग ने अपने जद में तकरीबन 20 घरों को अपने जद में ले लिया।

श्योपुर के हुल्लपुर गांव में रात तकरीबन 10 बजे अचानक से आग लग गई। गांव के आसपास न तो फायर ब्रिगेड की व्यवस्था थी न प्रशासन तत्पर दिखा जिसका असर यह हुआ कि यहां तकरीबन 20 घर जलकर खाक हो गए। तकरीबन 6 मवेशी भी आग में जल गए। आग कितनी भयावह थी यह आप फ़ोटो देखकर अंदाज़ा लगा सकते है।

किसी आदमी की मृत्यु तो नहीं हुई है परंतु ग्रामीणों का नुकसान बहुत हुआ है। मवेशियों के लिए जो साल भर का चारा आदि रखा गया था वह भी सब जलकर राख हो गया है। आग किन कारणों से लगी इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।

आग इतनी भीषण थी कि आधे से ज्यादा गांव को अपनी चपेट में ले चुकी थी। आग बुझाने के लिए मौके पर एक फायर ब्रिगेड व कुछ ग्रामीण टेंकरों से पानी फेंक रहे थे लेकिन, आग की भीषण लपटों के सामने सारे प्रयास बौने साबित होते रहे। खबर लिखे जाने तक हुल्लपुर आग से सुलग रहा था। मौके पर एसडीएम व पुलिस के अफसर पहुंच चुके थे, लेकिन जलते हुए गांव को अफसर भी देखने के अलावा कुछ कर नहीं पा रहे थे।

बुधवार की शाम बिजली लाइन में हुए शॉटसर्किट से हुल्लपुर गांव में एक घर के पास भूसे में आग लग गई। सूखे भूसे में लगी आग की लपटें हवा के साथ इतनी तेजी से बढ़ी कि कोई कुछ नहीं कर पाया। आधे गांव को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। लोग अपने परिजन व मवेशी को आग से बचाने के लिए सुरक्षति स्थानों पर ले जाने लगे। आग से कई घरों का सामान जलकर राख हो गया। खबर लिखे जाने तक गांव में आग धू-धूकर जल रही थी। विजयपुर नगर परिषद की एक फायर ब्रिगेड जितनी आग बुझा नहीं पा रही थी उससे ज्यादा आग फैलती जा रही थी। मौके पर पहुंचे एसडीए त्रिलोचन गौड़ ने मुरैना व शिवपुरी जिले से फायर ब्रिगेड बुलाई लेकिन, समाचार लिखे जाने तक फायर ब्रिगेड नहीं आईं। ग्रामीण व एक फायर ब्रिगेड आग बुझाने की जद्दोजहद में जुटे थे।