रेड़ जोन से आए 5 युवा श्रमिकों को किया कोरेन्टाईन


रेड़ जोन से आए 5 युवा श्रमिकों को किया कोरेन्टाईन।

10 दिनों में 22 नागरिक आए ग्राम में।

प्राथमिक स्वास्थ्य परिक्षण में सभी नागरिक स्वस्थ।

बैतूल – जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर रोंढा गांव में पिछले डेढ़ माह से बनाए गए कोरोना आश्रय स्थल में एक भी व्यक्ति को नहीं रखा गया। सभी दूसरे जिले और राज्यों से आने वाले संदिग्धों को होम कोरेन्टाईन किया गया। लॉकडाउन के तीसरे चरण के अंत में आज कोरोना आश्रय स्थल में रेड जोन से आए 5 युवा श्रमिकों को कोरेन्टाईन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की एएनएम आभा पवार ने बताया है कि अब तक ग्राम में पिछले 10 दिनों में लगभग 22 लोग आए हैं जो प्राथमिक स्वास्थ्य परिक्षण में फिलहाल स्वस्थ है। जिन्हें 14 दिन के लिए होम कोरेन्टाईन में रहने की सलाह दी है। गुरुवार 4 श्रमिक युवा रेड जोन क्षेत्र से आए हैं। ऐसे में इन युवाओं को आश्रय स्थल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोंढा में 14 दिन के लिए कोरेन्टाईन किया गया है। हालांकि अभी सभी श्रमिक युवा प्राथमिक उपचार के बाद स्वस्थ पाए गए हैं और उन्हें 14 दिन तक आश्रय स्थल में एक दूसरे से सोशल डिस्टेंस में मास्क लगाकर एवं सैनिटाइजर से बार बार हाथ धोने की सलाह दी गई है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की एएनएम आभा पवार, ग्राम पंचायत सचिव रघुनाथ ठाकरे, रोजगार सहायक उषा मालवी, ग्राम पटवारी संदीप चौरगढ़े, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनिता पवांर, आशा पवांर, पंचायत कर्मी ग्राम अलकेश हजारे, ग्राम कोटवार जयनारायण डोगरें, आशा कार्यकर्ता सुनिता डोगरें, रुकमणी शिवनकर उपस्थित रही । सभी के द्वारा इन युवाओं को कोरोना से बचने के उपाय भी बताएं।

Pradeep Digarse Multapi Samachar Betul 9584390839

तूफानी चक्रवात में हुआ लाखों का नुकसान


तूफानी चक्रवात में हुआ लाखों का नुकसान।

जिलें में हो रही तीन दिन से बिन मौसम बरसात।

सैकड़ों घरों को हुआ भारी नुकसान।

आम के फल हुए जमीन ध्वस्त।

जिलें के किसान हो रहे परेशान।

बिजली विभाग को भी करनी पड़ेगी भारी मसकत।

बैतूल जिले में जहां तीन दिन से बिन मौसम बरसात ने लाखों का नुकसान कर दिया है, साथ ही सैकड़ों मकानों एवं पेड़ों को भी क्षति पहुंची है। जिले के कई गांव की बिजली गुल हो गई है। अनेक जगह पर पेड़ो के गिरने से बिजली के तारों और खंभों को बहुत जी क्षति हुई है। गुरुवार शाम 4:00 बजे के लगभग जिले में तेज आंधी तूफान के साथ बिन मौसम बरसात में एक बार फिर कहर बरपाया है।

जिससे जिले में सैकड़ों मकानों को क्षति पहुंची है साथ ही अनेक पेड़ जमीन दोस्त हो चुके हैं जिसमें कई पेड़ आम के हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है जहां आम की फसल इस वर्ष जिले में कम ही आई थी कि आंधी और तूफान ने सारे फलों को पेड़ में पकने से पहले ही जमीन पर गिरा कर बेकार कर दिया अब किसान कच्चे आम के फलों को उठाने में भी आनाकानी कर रहा है क्योंकि जिले सहित देश में लॉकडाउन का समय चल रहा है। ऐसे में इन फलों को बेचना भी मुश्किल है।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

रोंढा में 300 साल पुराने चम्पा के पेड़ का एक बार फिर उजागर हुआ चमत्कार


बैतूल – रोंढा गांव के चम्पा के पेड़ का चमत्कार एक बार फिर आया सामने।

300 साल पुराने चम्पा के पेड़ को नहीं आई कोई खरोच।

आस्था और चमत्कार का प्रतीक है चम्पा का पेड़।

तेज आंधी-तूफान ने जमीन ध्वस्त कर दिए सैकड़ों पेड़।

अनेक मकानों को पहुंची क्षति बिन मौसम बरसात और तेज आंधी तूफान में हुआ लाखों का नुकसान।

घटना बैतूल जिले के रोंढा ग्राम की है।

बैतूल – जिला मुख्यालय से लगभग 10 km दूर ग्राम रोंढा में 300 साल पुराने चम्पा के पेड़ का चमत्कार एक बार फिर सामने आया है। जहां गुरुवार लगभग शाम 4 बजे जिलें में जोरदार आँधी-तूफान के साथ बिन मौसम बरसात ने दशकों पुराने वृक्षों को जमीन ध्वस्त कर दिया है। वही रोंढा ग्राम की पावन धरा पर मैय्या खेडापति के दरबार में लगा 300 साल पुराने चम्पा के पेड़ और मंदिर को खरोच तक नहीं आई है, जबकि चम्पा के पेड़ के संग कडवी नीम के पेड़ की मुख्य और बड़ी डाली टूटकर मंदिर के ऊपर से पीछे की गिर गई है।


आपको बता दें कि चम्पा के पेड़ की डाली कमजोर होने के बावजूद भी सुरक्षित है, जबकि कड़वी नीम का पेड़ मजबूत होने के बावजूद भी टूटकर गिर गया है, जो एक बार फिर खेड़ापति माता मैय्या और चम्पा के पेड़ के चमत्कार की ओर संकेत करता है।
चम्पा का पेड़ रोंढा ग्राम की पावन धरा पर एक बार फिर आस्था और चमत्कार का प्रतीक साबित हुआ है।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले, पूजा में सिर्फ 28 लोग शामिल हुए


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

चमोली उत्तराखंड: बद्रीनाथ धाम के कपाट आज सुबह 4:30 बजे खोल दिए गए, और पहली पूजा आज सुबह 9:00 बजे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई।

कोरोना संकट का प्रभाव बद्रीनाथ धाम पर भी देखने को मिला है। इस बार बेहद सादगी के साथ कपाट खोले गए। कपाट उद्घाटन में मुख्य पुजारी रावल, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, राजगुरु सहित केवल 28 लोगों ने ही भाग लिया। इस दौरान मास्क के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। बाबा बद्रीनाथ के कपाट खोलने से पहले सारे मंदिर को सेनीटाइज किया गया।

आज के दिन भगवान बद्रीनाथ के दर्शन बिल्कुल अलग होते हैं। ऐसे दर्शन भगवान बद्रीनाथ के मंदिर में महज 2 दिन ही हो पाते हैं। जिसके साक्षी मात्र वही श्रद्धालु लोग होते हैं जो कपाट खुलने और बंद होने पर बद्रीनाथ धाम पहुंचते हैं। आज बाबा की पूजा अर्चना, श्रंगार कुछ भी नहीं होता। आज के दर्शनों में मुख्यतः अखंड ज्योति व भगवान बद्रीनाथ के निर्वाण दर्शन होते हैं।

मंदिर आज दिन भर खुला रहेगा, भोग के समय भी इसे बंद नहीं किया जाएगा। जबकि 6 माह तक बद्रीनाथ जी का मंदिर दोपहर में भोग लगने के बाद 3 घंटों के लिए बंद होता है।

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