चेन्नई में फंसे प्रवासी मजदूर वापस लौटे बैतूल सहीत तीन जिले के है मजदूर आए


चेन्नई में फंसे ४७ प्रवासी मजदूर वापस लौटे बैतूल, छिन्दवाड़ा और खंडवा के है मजदूर

मुलतापी समाचार

बैतूल। लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए मजदूरों को श्रमिक ट्रेनों के जरीए उनके घरों तक पहुंचाए जाने का सिलसिला लगातार जारी है। चेन्नई में पिछले 54 दिनों से फंसे यात्रियों को लेकर आज सुबह एक श्रमिक एक्सप्रेस बैतूल पहुंची। इस ट्रेन में बैतूल के साथ छिंदवाड़ा और खंडवा जिले के मजदूर भी बैतूल स्टेशन पर उतरे। मजदूरों के बैतूल स्टेशन पर पहुंचने की सूचना मिलते ही बैतूल एसडीएम राजीव रंजन पांडे के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रेलवे स्टेशन पहुंच गई थी। टे्रन से सभी मजदूरों के उतरने के बाद इन प्लेटफॉर्म पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर बैठाया गया और सभी मजदूरों का स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद मजदूरों को अपने-अपने गंतव्य स्थानों की ओर रवाना किया।

रेलवे के अधिकारियों ने सांध्य दैनिक खबरवाणी को बताया कि चेन्नई से चलकर रीवा जाने वाली श्रमिक एक्सप्रेस से बैतूल स्टेशन पर कुल 81 यात्रियों को उतरना था, लेकिन इस ट्रेन से केवल 47 यात्री ही उतरे है, जिसमें छिंदवाड़ा जिले के सबसे ज्यादा 34 मजदूर शामिल है। इसके अलावा बैतूल के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले 11 और खंडवा के 2 मजदूर शामिल है। इन मजदूरों को बसों के माध्यम से अपने-अपने जिलों के लिए रवाना किया गया। बैतूल के मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ ही इन्हें सुरक्षा की दृष्टि से छात्रावास में क्वारंटाइन किया गया है।

मध्‍यप्रदेश सेे छत्‍तीसगढ रवाना हुई स्‍पेशल ट्रेन वीडीयो देखे


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भोपाल। हबीबगंज, मध्य प्रदेश से रायपुर, छत्तीसगढ जा रहे श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्री अपने घर जाने को लेकर खुश हैं और रेलवे की सुविधाओं को लेकर अपने विचार शेयर कर रहे हैं। उन्हें उनके घर भेजने के लिये रेलवे द्वारा उन्हें संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय और सुविधायें भी दी गयी हैं।

Lockdown 4.0 लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा, नई गाइडलाइन जारी, आज से होगी लागू


Lockdown 4.0 Guidelines Declared:

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देश में लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। NDMA यानी राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह पुष्टि की है। इस संबंध में नई गाइडलाइन आज शाम जारी की जा चुकी है। इसके अनुसार रेड जोन, ग्रीन जोन और ऑरेन्‍ज जोन में राज्‍यों को निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। नई गाइडलाइन के अनुसार स्‍कूल व कॉलेज बंद रहेंगे। धार्मिक स्‍थल, शॉपिंग मॉल्‍स, स्‍टेडियम, व्‍यवसायिक केंद्र बंद रहेंगे। इंटर स्‍टेट बस सेवाओं को मंजूरी दी गई है लेकिन दोनों राज्‍यों की सहमति होना जरूरी है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बताया, सरकार द्वारा जारी लॉकडाउन के विस्तार के चलते आगामी 31 मई तक यात्रियों के लिए मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी। हमारी हेल्पलाइन सेवा ‘155370’ भी उपलब्ध नहीं होगी। केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा आज रात 9 बजे राज्य के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस करेंगे। प्राधिकरण (NDMA) ने भारत सरकार के मंत्रालयों / विभागों, राज्य सरकारों और राज्य प्राधिकरणों को लॉकडाउन 31 मई 2020 तक जारी रखने का निर्देश दिया है।

सोमवार से लॉकडाउन 4.0 की शुरुआत होगी। कर्नाटक, पंजाब, महाराष्‍ट्र और तमिलनाडु अपने यहां 31 मई तक लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला ले चुके हैं। ताजा खबर के अनुसार पश्चिम बंगाल ने भी लॉकडाउन को जारी रखने का फैसला लिया है। यहां अधिसूचना कल जारी की जाएगी।

4 से 17 मई तक चालू लॉकडाउन 3.0 में उन जिलों में काफी छूट और रियायतें दी गईं, जहां शुरुआत में कोविड -19 के मामले सामने नहीं आए और प्रतिबंधों में ढील दी गई थी। इस दौरान इन राज्यों में लॉकडाउन के दौरान कुछ छूट दी जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के कारण 120 लोगों की मौत सामने आई है।

लॉकडाउन के चौथे चरण की तैयारी में जुटे योगी आदित्‍यनाथ

यूपी के CM योगी आदित्यनाथ सोमवार से लागू होने वाले लॉकडाउन 4.0 की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। आदित्यनाथ आज 11 समितियों के अध्यक्षों के साथ बैठक कर रहे हैं। इसमें प्रवासी कामगारों के आगमन तथा प्रस्थान को लेकर भी फीड बैक ले रहे हैं। लॉकडाउन 4.0 में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव के साथ ही शहरों में लॉकडाउन 4.0 को लागू करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हो रही है। लॉकडाउन 4.0 में उत्तर प्रदेश के आगरा के साथ ही मेरठ को राहत नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लॉकडाउन-4 में देश के 30 शहरों तथा नगरपालिका क्षेत्रों में शामिल आगरा व मेरठ में कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

मध्‍य प्रदेश में भी लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा

मध्‍य प्रदेश भी 31 मई तक लॉक डाउन को बढ़ा दिया गया है। हालांकि इस बारे में गाइड लाइन जारी होना बाकी है। राज्‍य के रेड जोन और कंटेनमेंट जोन के बारे में कुछ शर्तों के साथ गाइड लाइन जारी होने की उम्‍मीद है। इन क्षेत्रों में पूर्व की तरह ही सख्‍ती बरती जाने की संभावना है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर मध्‍य प्रदेश में लॉकडाउन का स्वरूप निर्भर करेगा। प्रदेश के इंदौर, राजधानी भोपाल और उज्‍जैन जैसे शहरों में पूर्व की तरह ही प्रतिबंध जारी रहेंगे इतना तय है। आज शाम देश में लॉक डाउन 31 मई तक बढ़ाने की घोषणा कर दी गई है। सीएम शिवराज सिंह चौहान कल प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे। ऑरेंज जोन में गैर संक्रमित क्षेत्रों में भी सामान्य गतिविधियां संचालित होंगे लेकिन लोक परिवहन प्रतिबंधित रहेगा। मॉल, सिनेमाघर, स्कूल-कॉलेज और धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसे स्थान, जहां भीड़ जुटने की संभावना रहती है वहां धारा 144 लागू रहेगी।

छत्‍तीसगढ़ में भी 31 मई तक बढ़ा लॉकडाउन

केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के तहत छत्‍तीसगढ़ में भी लाॅक डाउन 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। गाइड लाइन जारी होने के बाद बीते 57 दिनों से लॉकडाउन के कारण बंद रहने वाले सराफा और ऑटोमोबाइल संस्थानों को सोमवार से राहत मिलने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि इन संस्थानों को कुछ नियम और शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दी जाने वाली है।

दीनदयाल रसोई के नाम पर उगाही कर रहे अधिकारी – विधायक निलय डागा


बैतूल विधायक निलय डागा

दीनदयाल रसोई के नाम पर उगाही कर रहे अधिकारी,विधायक निलय डागा ने लगाए गंभीर आरोप,सबूतों के साथ विधानसभा में भी मुद्दा उठेगा।

बैतूल – विधायक निलय डागा ने जिला प्रशासन के खिलाफ अवैध वसूली करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। श्री डागा का आरोप है कि जिला प्रशासन के सरकारी अधिकारी व्यापारियों पर व्यक्तिगत दबाव डालकर दीनदयाल रसोई के नाम पर उगाही कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शासकीय अधिकारी डोनेशन के नाम पर व्यापारियों को परेशान कर रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने इस अवैध वसूली की जानकारी उन्हें दी है जिसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि अधिकारियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली पर शीघ्र रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों से ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक श्री डागा ने रविवार प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस मामले का खुलासा किया है।

पुख्ता रिकॉर्डिंग और साक्ष्य के आधार पर लगाया आरोप–

श्री डागा ने जारी विज्ञप्ति में यह साफ कर दिया है कि उन्होंने यह आरोप निराधार नहीं लगाया है। मजबूत तथ्यों के साथ ही उनके पास पुख्ता रिकॉर्डिंग एवं साक्ष्य मौजूद है। श्री डागा ने बताया कि अधिकारी धारा 188 एवं 144 के उल्लंघन का दबाव बनाकर व्यापारियों से दीनदयाल रसोई के नाम पर अवैध वसूली कर रहे है। श्री डागा ने कहा कि पिछले 53 दिनों के लॉकडाऊन में एक ओर व्यापारियों का पूरा धंधा चौपट हो गया हैं। वहीं पास की जमा पूंजी से खुद का खर्च, सीसी लिमिट का ब्याज, जीएसटी जैसे शासकीय कर और अपने कर्मचारियों का खर्च जैसे-तैसे मजबूरी मे कर रहे है। वहीं इस विपदा के समय में सरकारी अधिकारी द्वारा व्यापारियों को व्यक्तिगत दबाव डालकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन होने से व्यापारियों की आर्थिक हालात काफी खस्ता हो गई है। लॉकडाउन कब खुलेगा किसी को इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं है। इस वैश्विक आपदा के दौर में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी ढंग से बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई किसी भी सामग्री की कोई कमी कहीं नहीं हुई। व्यापारियों ने अपने जीवन को जोखिम में डाला और नागरिकों की सेवा की है। श्री डागा ने कहा व्यापारियों के साथ किसी भी परिस्थिति में अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

पुख्ता प्रमाण के साथ विधानसभा में उठेगा मुद्दा–

श्री डागा ने प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र इस प्रकार की अवैध वसूली पर यदि शीघ्र रोक नहीं लगाई जाती है तो वह पुख्ता प्रमाण के साथ इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे। उल्लेखनीय है कि श्री डागा लॉक डाउन के इस दौर में हर वर्ग की पीड़ा को समझते हुए प्रशासन से इन्हें आर्थिक मदद मुहैया करवाने की गुहार लगा रहे हैं। वहीं इसी बीच प्रशासन द्वारा इस तरह का कृत्य सामने आने पर उन्होंने रोष व्यक्त किया है। 

24 घंटे मौन उपवास की अनुमति दे प्रशासन–

जिला प्रशासन द्वारा शहर के प्रतिष्ठित एवं गणमान्य व्यापारियों को बार-बार थाने में बुलवाकर लॉकडाऊन के दौरान प्रतिष्ठान खोले जाने संबंधित बॉण्ड भरवाए जाकर सम्मानित व्यापारियों को अपमानित किया जा रहा हैं। जिसके विरोध में श्री डागा ने 20 मई 2020 को समर्थकों के साथ गॉंधी चौक कोठीबाजार में स्थित महात्मा गॉंधीजी की प्रतिमा के समक्ष 24 घण्टे सोशल डिस्टेसिंग एवं लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए मौन उपवास धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन को आवेदन प्रेषित कर अनुमति मांगी है।