ताश के पत्ते की तरह ढेर हुई, चक्रवर्ती तूफान के रास्ते में आने वाली हर वस्तु


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

पश्चिम बंगाल: भीषण चक्रवर्ती तूफान के तटों से टकराते ही इसने भीषण तबाही मचाना शुरू कर दिया है। मिनटों में सैकड़ों पेड़ जड़ों से उखड़ गए हैं, तूफान की चपेट में आने से दो लोगों की मौत की सूचना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात की गति इस 155 से 185 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में तेज हवाएं और भारी बारिश शुरू हो गई है। कोलकाता के समीपवर्ती दक्षिण 24 परगना जिले और पूर्वी मिदनापुर के तटीय भाग दीघा और हल्दिया में भारी बारिश शुरू हो गई है।

भारतीय मौसम विभाग IMD ने बताया है कि समुद्र में 3 से 5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ रही हैं। तूफान के कारण पश्चिम बंगाल के तटवर्ती जिलों में तेज हवाओं के चलते पेड़ उखड़ गए हैं। बिजली के खंभे गिरने से कस्बों और गांव में स्थितियां ज्यादा खराब हो गई है।

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अगले कुछ घंटों में पश्चिम बंगाल के तट से टकरा सकता है भयंकर तूफान अम्फान


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

21 साल बाद फिर तूफान से तबाही का खतरा है. बंगाल की खाड़ी में उठे अम्फान तूफान तेजी से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट की ओर बढ़ रहा है. अम्फान का पहला प्रहार पारादीप पर होगा, जहां अभी से तेज अंधड़ के साथ बारिश हो रही है. अम्फान तूफान के देर शाम तक दीघा तट से टकराने के आसार हैं.

बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान अम्फान अब बहुत तेजी से पश्चिम बंगाल के तट की ओर बढ़ रहा है. सुपर साइक्लोन तट के किनारे की ओर जैसे बढ़ता जा रहा है, ऐसे ही खतरनाक होता जा रहा है. एनडीआरएफ के डीजी ने बुधवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए कहा कि बंगाल में सुपर साइक्लोन अम्फान का लैंडफाल शुरू हो गया है. अगले कुछ घंटे काफी अहम हैं, क्योंकि करीब चार घंटे तक लैंडफाल की प्रक्रिया चलेगी. पूरे हालात पर हम नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि लैंडफाल के बाद हमारा काम शुरू होता है. पश्चिम बंगाल और ओडिशा दोनों ही राज्यों पर हमारी नजर बनी हुई है ओडिशा में एनडीआरएफ की 20 टीमें और पश्चिम बंगाल में 19 टीमें लगी हुई हैं.तूफान सबसे पहले ओडिशा से पारादीप से टकराएगा. पारादीप में तूफान की आहट दिखने लगी है, जहां तेज हवा के साथ बारिश हो रही है. वहीं, ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में सन्नाटा पसरा है.चक्रवाती तूफान अम्फान सुंदरबन के करीब से पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटीय इलाके यानी दीघा (पश्चिम बंगाल) और हटिया द्वीप समूह (बांग्लादेश) के बीच से होकर गुजरेगा. तूफान तटीय इलाकों में दोपहर के बाद से दस्तक देगा.

ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में सन्नाटा पसरा है. कोरोना महामारी के बीच तूफान की तबाही की आशंका से लोग डर हुए हैं. तेज हवाओं से लोग खौफ में हैं. लोगों को लगातार सावधान रहने की हिदायत दी जा रही हैं. उनसे घरों में रहने की अपील की जा रही है. प्रशासन ने 14 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया है. एनडीआरएफ की टीमें भी मोर्चे पर तैनात हैं.

NDRF प्रमुख एसएन प्रधान ने कहा, ओडिशा में समुद्र के किनारे वाले इलाके में हवा 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है. हालांकि, पश्चिम बंगाल में हवा की रफ्तार ओडिशा के मुकाबले कम है. ओडिशा में बालासोर व भद्रक से डेढ़ लाख लोगों को उनके निवास स्थान से हटा दिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल में समुद्र के किनारे रहने वाले 3.3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.

एसएन प्रधान ने बताया कि चक्रवात के दौरान समुद्र की लहरें तट से टकराएंगी और उनकी हाइट 4-6 मीटर ऊपर तक जा सकती है. इससे भारी मात्रा में पानी जमीन वाले हिस्से में घुसेगा. इससे निपटने के लिए एनडीआरएफ की 41 टीमें तैना हैं. एनडीआरएफ स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है. बता दें कि चक्रवाती तूफान अम्फान अपने केंद्र में 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे ओडिशा और बंगाल के तट की तरफ आगे बढ़ रहा

ओडिशा और बंगाल को तूफान का सबसे पहले सामना करना है. इसके मद्दे नजर ओडिशा में करीब 11 लाख लोगों को तटीय इलाकों से खाली कराया गया है. एमएमएस के जरिए लोगों को तूफान का अलर्ट भेजा जा रहा है. कोस्टगार्ड की टीमें और नौकाएं लगातार समुद्री इलाकों में गश्त कर रही हैं.

वहीं, पश्चिम बंगाल में भी करीब 3 लाख लोगों को तटीय इलाकों से शिफ्ट किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल के दीघा तट से करीब 185 किलोमीटर की रफ्तार से चक्रवात अम्फान टकरा सकता है.

21 साल पहले 1999 में ओडिशा के पारादीप तट पर सुपर साइक्लोन टकराया था, जिसने भारी तबाही मचाई थी. इस बार फिर खतरा बड़ा है, लोग सहमे हुए हैं. अम्फान तूफान जैसे-जैसे पास आ रहा है, उसकी मारक क्षमता बढ़ती जा रही है. मौसम विभाग की माने तो जब पारादीप तट से तूफान टकराएग उस वक्त उसकी तीव्रता 200 किलोमीटर से भी ज्यादा हो सकती है.

चक्रवाती तूफान अम्फान का सबसे ज्यादा खतरा पश्चिम बंगाल के 7 और ओडिशा के 6 जिलों में है. इनमें पश्चिम बंगाल के मिदनापुर, 24 दक्षिण और उत्तर परगना, हावड़ा और हुगली में तूफान सबसे ज्यादा असर डाल सकता है. जबकि ओडिशा के केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर और जगतसिंहपुर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं.

हल्दिया बंदरगाह बंद कर दिया गया है. प्रभावित राज्यों में ट्रेन सेवा और गाड़ियों के आने जाने पर भी रोक है. कोरोना की महामारी के बीच अम्फान तूफान ने दिल्ली से लेकर प्रभावित राज्यों की नींद उड़ा दी है.

मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

होम आइसोलेशन एडवाइजरी का करें पालन – डॉ. जीसी चौरसिया


‘‘ होम आइसोलेशन एडवाइजरी ’’

बैतूल –
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.सी. चौरसिया ने बताया कि कोरोना वायरस कोविड-19 के संबंध में होम आइसोलेशन की परिभाषा यह है कि कोरोना वायरस के संकमण से आम जन के बचाव एवं वातावरण में विषाणु के संचरण की संभावना को रोकने के लिए कोरोना से प्रभावित प्रदेशों की यात्रा करके लौटे व्यक्तियों का विवरण उसके घर तक सीमित करने हेतु ‘‘होम आइसोलेशन‘‘ किया जाता है । होम आइसोलेशन में ऐसे सभी व्यक्तियों को रहना है। जिन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा की हो (लक्षण नहीं होने पर भी) एवं ऐसे व्यक्ति जिनमें कोरोना वायरस के संकमण के कोई भी लक्षण जैसे सर्दी, खांसी, बुखार आदि। संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आये सभी व्यक्ति भले उनमें कोई भी लक्षण न हो। होम आइसोलेशन के नियम इस प्रकार हैं। व्यक्ति एक अलग कमरे में रहे जो हवादार तथा स्वच्छ हो। व्यक्ति 14 दिवस तक घर में ही रहे । व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के संबंध में जागरूक रहे एवं लक्षण उत्पन्न होने पर तत्काल फोन पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सर्विलेंस अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, को सूचित करें । खांसते छींकते समय रूमाल का उपयोग करें, नियमित रूप से हाथ धोएं और ऐसे प्रयोग किये कपड़ों, रूमाल इत्यादि को साबुन, डिटरजेंट से धोना सुनिश्चित करें। यथा संभव मास्क पहनें । उपयोग किये गये बर्तनों को साफ करें । अधिकमात्रा में तरल पदार्थ लेते रहें। सम्पर्क एप में अपनी रोज की स्थिति की जानकारी भरें । होम आइसोलेशन वाले व्यक्ति को क्या नहीं करना है- भीड-भाड़ वाले स्थान में ना जावें। घर के सांझा किये जाने वाले स्थान जैसे किचन, हॉल इत्यादि का उपयोग कम से कम करें। सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों, शादी समारोह और अंतिम संस्कार आदि में न जायें । परिवार के अन्य सदस्यों के निकट संपर्क में ना आयें। बार-बार अपना चेहरा या आँख ना छुएं। घर में अतिथि या अन्य बाहरी व्यक्ति को आमंत्रित ना करें। इधर उधर न छींके न थूकें जहाँ तक हो सके ढक्कन वाले बर्तन में ही थूकें, जिससे छींटों से होने वाले संक्रमण की संभावना को कम से कम किया जा सके। घर के बुजुर्गो, बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा अन्य रोगियों से दूर रहें। होम आइसोलेशन व्यक्ति के परिजनों को क्या करना है क्या नहीं करना हैं- जहाँ तक हो सके परिवार के कम से कम व्यक्ति ही होम आइसोलेशन वाले व्यक्ति की देखभाल करें। देखभाल करने वाला व्यक्ति हमेशा मास्क पहन कर ही होम आइसोलेशन व्यक्ति के समीप जाए। जहाँ तक हो सके परिवार के बाकी सदस्य अलग कमरे में रहें, यदि ऐसा संभव न हो तो कम से कम एक मीटर की दूरी बना कर रखें एवं बार-बार साबुन से हाथ धोएं। होम आइसोलेशन व्यक्ति का विवरण अधिकृत व्यक्ति को ही बतायें। घर के प्रमुख कक्षों के खिड़की, रोशनदान इत्यादि खुले रखें ।