भण्डारपानी जैसे दुर्गम क्षेत्र में राशन पहुंचाने में सहयोग कर दानिश अहमद बने कोरोना वॉरियर


भण्डारपानी जैसे दुर्गम क्षेत्र में राशन पहुंचाने में सहयोग कर दानिश अहमद बने कोरोना वॉरियर

बैतूल – जिले की जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ श्री दानिश अहमद खान ने जनपद पंचायत के ग्रामीण क्षेत्रों में लॉक-डाउन के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के क्षेत्र में सक्रियता से कार्य कर कोरोना वॉरियर के रूप में अपनी भूमिका दर्ज कराई है।

श्री दानिश अहमद खान ने कोरोना संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत प्रारंभिक स्तर पर ही जनपद पंचायत की सभी 56 ग्राम पंचायतों में सेनेटाइजेशन एवं फॉगिंग का कार्य कराया। सभी ग्राम पंचायतों में मास्क, सेनेटाइजर एवं सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की। इसके साथ ही सतत् रूप से ग्रामीणजनों के बीच स्वयं पहुंचकर सोशल डिस्टेंसिंग के पालन समझाईश दी। जनपद क्षेत्र में पहुंचे प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर में रोकना, उनको आवश्यक भोजन, पेयजल एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी श्री खान ने पूरी जिम्मेदारी से कार्य किया। उन्होंने ग्रामीणजनों के सहयोग से ग्राम पंचायतों में अन्न कोष स्थापित कर जरूरतमंदों को आवश्यकतानुसार अनाज, राशन भी उपलब्ध कराया।

लॉक-डाउन के दौरान जनपद पंचायत के दूरस्थ ग्राम पंचायत नूतनडंगा के दुर्गम ग्राम भंडारपानी में स्वयं उपस्थित होकर टीम के साथ ग्रामीणजनों को राशन उपलब्ध कराया गया। इसी तरह जनपद पंचायत की ग्राम पंचायतों के दूरस्थ ग्रामों, ढानों एवं बसाहटों जैसे- ग्राम पंचायत जामखोदर का रोझड़ा, नूतनडंगा के माण्डूखेड़ा एवं पुत्तीढाना तथा रामपुर का दानवाखेड़ा, जहां आवागमन सुगम्य नहीं था, वहां भी स्वयं पहुंचकर ग्रामीणजनों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण किया। अन्य जिलों की सीमा पर स्थित चेकपोस्ट पर स्थित ग्राम पंचायत में ड्यूटीरत स्टाफ एवं प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन, आश्रय की समुचित व्यवस्था भी श्री खान द्वारा करवाई गई। वहीं प्रवासी मजदूरों को गंतव्य स्थल तक पहुंचाने में भी श्री खान द्वारा कार्य किया गया।

क्षेत्र के मजदूरों को मनरेगा में कार्य कराने में भी उनके द्वारा सक्रिय भूमिका निभाई गई है। ग्राम पंचायत क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं सिंचाईं संबंधी कार्य प्रारंभ कराकर प्रतिदिन लगभग 10 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। जनपद क्षेत्र के शोभापुर एवं कतिया कोयलारी ग्राम में 6 कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद कंटन्मेंट एवं बफर जोन घोषित ग्रामों में तत्काल सेनेटाइजेशन कराकर संक्रमण से बचाव की आवश्यक व्यवस्थाएं भी इनके द्वारा सुनिश्चित की गईं।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

पशुपालन बना कृषकों के लिए अतिरिक्त आय का साधन


पशुधन बीमे से नुकसान शून्य मुनाफा 100 फीसदी

पशुपालन बना कृषकों के लिए अतिरिक्त आय का साधन

बैतूल मध्यप्रदेश – कृषक अब खेती पर ही निर्भर नहीं हैं, वे पशुपालन के माध्यम से भी अपनी आमदनी में अतिरिक्त वृद्धि कर सकते हैं। राज्य शासन की पशुधन बीमा योजना से दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन, भेंड-बकरी जैसे अन्य दुधारू पशुओं के साथ अन्य पशुपालन अब आसान हो गया है। पशुधन बीमा योजना से पशुपालकों को अब नुकसान नहीं के बराबर और मुनाफा पूरा मिलता है।

पशुधन बीमा सभी श्रेणी के पशुओं के लिए

मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के प्रबंध संचालक डॉ. एच.बी.एस. भदौरिया ने बताया कि पशुधन बीमा योजना प्रदेश के सभी जिलों में लागू है। इसमें दुधारू पशुओं के साथ ही सभी श्रेणी के पशुधन का भी बीमा कराया जा सकता है। योजना में एक हितग्राही के अधिकतम 5 पशुओं का बीमा किया जाता है। भेड, बकरी, सूकर आदि 10 पशुओं की संख्या को एक पशु इकाई माना गया हैं। इससे आशय है कि भेड, बकरी एवं शूकर के पालक एक बार में अपने 50 पालतु पशुओं का बीमा करा सकेंगे।
बीमा प्रीमियम पर अनुदान एपीएल श्रेणी के लिए 50 प्रतिशत तथा बीपीएल, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति श्रेणी के पशुपालकों के लिये 70 प्रतिशत एवं शेष राशि हितग्राही देय करेगा। बीमा प्रीमियम की अधिकतम दर एक वर्ष के लिये 3 प्रतिशत तथा तीन वर्ष के लिये 7.50 प्रतिशत देय होगी। प्रदेश में वर्तमान दरें 2.45 प्रतिशत तथा 5.95 प्रतिशत लागू है। पशुपालक अपने पशुओं का बीमा एक वर्ष तथा तीन वर्ष तक के लिये करा सकेंगे।

24 घंटे के भीतर देनी होगी सूचना

बीमित पशु-पालकों को बीमित पशु की मृत्यु की सूचना 24 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को देना होगी। पशुपालन विभाग के चिकित्सक शव का परीक्षण करेंगे एवं उसकी रिपोर्ट में मृत्यु के कारणों का उल्लेख करेंगे। बीमा कंपनी को अधिकारी दावे संबंधी प्रपत्र एक माह के अंदर प्रस्तुत करेंगे। कंपनी 15 दिवस के अंदर दावे का निराकरण करेगी।

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प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए कार्यरत विधिक सेवा प्राधिकरण- श्री अमर नाथ


बैतूल – अपर जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मनोज कुमार मण्डलोई ने बताया कि नागपुर तथा इंदौर हाईवे पर प्रतिदिन पैदल या अन्य साधनों से अपने घरों की ओर जाने वाले प्रवासी मजदूरों को किसी भी प्रकार की सहायता मुहैया कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा हेल्प डेस्क शुरू की गई है।

इस हेल्प डेस्क का शुभारंभ गुरूवार 21 मई को जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अमर नाथ द्वारा किया गया। इस दौरान श्री अमर नाथ ने कहा कि सम्पूर्ण देश में लॉक-डाउन होने के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर तथा अन्य लोग जिले की सीमाओं से होकर अपने घरों को लौट रहे हैं। ऐसी विकट परिस्थिति में प्रवासियों को उनका सफर आसान बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैतूल द्वारा सूखी खाद्य सामग्री, फल, चप्पलें, ओआरएस, सेनेटरी पेड इत्यादि बांटे जा रहे हैं। इस पांच दिवसीय हेल्प डेस्क में पैरालीगल वालेंटियर्स द्वारा स्वैच्छिक सेवाएं दी जा रही है। प्रवासी मजदूरों को नि:शुल्क राष्ट्रीय हेल्प लाइन नंबर 15100 की जानकारी दी जा रही है। यदि प्रवासियों को राशन, मेडिकल इत्यादि की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो वे राष्ट्रीय हेल्प लाइन नंबर से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

क्षत्रिय पवार समाज के युवाओं ने किया प्रवासी मजदूरों के नाश्ते की व्यवस्था…


बैतूल:- क्षत्रिय पवार समाज बैतूल के युवाओं को को जैसी जानकारी मिली की बैतूल शहर के आडियोटोरियम मे प्रवासी मजदूरों को रोका गया है और रूखने की व्यवस्था की गयी है… जानकारी लगते ही पवार समाज के युवाओं के द्वारा पहुच कर पहले दिन नमकीन और जलेबी की व्यवस्था की तो आज गर्मी मे सबके लिये सबसे अच्छे फल तरबूज की व्यवस्था की गई… आज लगभग 100 किलो तरबूज जो की प्रवासी मजदूरों को आडियोटोरियम मे एवं रोजाना नेशनल हाईवे पर चल रहे मजदूरों को दिये गये… इसके साथ साथ ही सेवा मे लगे पुलिस कर्मियों के लिए भी पवार समाज के युवाओं के द्वारा नाश्ता की व्यवस्था की जा रही है… इस मौके पर राहुल पवार, आशिष कोड़ले, जीवन बुवाड़े पवार, चन्द्रकिशोर देशमुख, गोलू पवार, विवेक पवार, शिवा पवार, मयंक हजारे एवं संजीव पवार उपस्थित रहे…

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल