आठनेर के कुछ वार्ड और हिवरा ग्राम को कंटेन्मेंट एरिया घोषित


बैतूल मध्यप्रदेश – जिले की आठनेर तहसील की निकाय क्षेत्र आठनेर एवं ग्राम पंचायत हिवरा के ग्राम हिवरा में एक-एक मरीज कोरोना पॉजीटिव पाए जाने के उपरांत कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह ने निकाय क्षेत्र आठनेर के वार्ड क्रमांक-1, 14, 10, 11 (इसमें बस स्टेण्ड से जायसवाल की दुकान से सुराना की दुकान तक, वहां से भैंसदेही रोड आखिरी मकान तक एवं बस स्टेण्ड से मुख्य मार्ग टंकी रोड हनुमान मोहल्ला शामिल रहेगा) एवं सम्पूर्ण ग्राम हिवरा को कंटेन्मेंट एरिया घोषित किया है। साथ ही निकाय क्षेत्र आठनेर के कंटेन्मेंट एरिया के वार्डों को छोडक़र शेष 11 वार्डों को बफर जोन बनाया गया है।
संक्रमण की रोकथाम के लिए कंटेन्मेंट एरिया के अंतर्गत पूर्ण रूप से आवागमन प्रतिबंधित रहेगा एवं कंटेन्मेंट एरिया में अंदर आना एवं बाहर जाना भी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
आठनेर निकाय क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-1, 14, 10 एवं 11 को छोडक़र शेष 11 वार्डों को बफर जोन घोषित किया गया है। बफर जोन घोषित किए गए वार्डों में स्वास्थ्य संस्थाओं में सघन सर्विलेंस के माध्यम से आईएलआई (इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस)/एसएआरआई (सेवियर एक्युट रेस्पिरेटोरी इलनेस) मामलों की पहचान कर उनकी जांच कराना सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। बफर जोन के बाहर भी सर्विलेंस के माध्यम से आईएलआई/एसएआरआई मामलों की पहचान कर उनकी जांच कराना सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
कंटेन्मेंट एरिया हेतु सीएमएचओ द्वारा विशेष आरआरटी जिसके अंतर्गत एक फिजिशियन, एक एपिडिमियोलॉजिस्ट, पेथालॉजिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, डाक्यूमेंटेशन स्टाफ रखा जाएगा व मेडिकल मोबाइल यूनिट जिसके अंतर्गत एक मेडिकल ऑफिसर, एक पैरामेडिकल स्टाफ, लेब टेक्निशियन व डाक्यूमेंटेशन स्टाफ का गठन किया जाएगा।
उक्त क्षेत्र के एक्जिट प्वाइंट पर स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा सतत् स्क्रीनिंग की जाएगी।
समस्त वार्डवार फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता- एलएचवी, एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सुपरवाईजर (एमपीडब्ल्यू-टीबीएचव्ही) टीम वाइज एपिसेंटर से प्रति टीम पचास घरों का भ्रमण कर जानकारी लेते हुए निर्धारित प्रोफार्मा-2 में रिपोर्ट आईडीएसपी नोडल ऑफिसर को अनिवार्यत: उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
कलेक्टर ने कहा है कि समस्त टीम कोविड-19 सस्पेक्टेड केस की मॉनीटरिंग प्रतिदिन करेंगे एवं कोविड-19 संक्रमण की संभावित लक्षण जैसे बुखार, खांसी, गले में दर्द एवं श्वास लेने में तकलीफ आदि लक्षण आने पर आरआर टीम को सूचना देना सुनिश्चित करेंगे।
समस्त कोविड-19 संक्रमण के पॉजीटिव केस के परिजन, निकट संपर्क को क्वारेंटाइन कराया जाना अति आवश्यक है जिससे संक्रमण को समुदाय में फैलने से रोका जा सके।
जिनको क्वारेंटाइन किया गया है उनका प्रतिदिन फॉलोअप लेना होगा (विजिट या दूरभाष के माध्यम से) जब तक कि सस्पेक्टेड केस का रिजल्ट नेगेटिव न आ जाए और यदि रिजल्ट पॉजीटिव आता है तो संबंध के ञ्जह्म्ह्वद्ग कॉन्टेक्ट को 14 दिन तक होम क्वारेंटाइन रखना होगा एवं फॉलोअपर 28 दिन तक प्रतिदिन रखना होगा।
आगे संक्रमण फैलने से रोकने हेतु त्वरित कार्यवाही अंतर्गत संदिग्ध संक्रमित की कॉन्टेक्ट ट्रेकिंग करे हएु समस्त संबंधितों (सेल्फ डिक्लेरेशन फार्म में उल्लेखित) से अनिवार्यत: सम्पर्क किया जाकर उन्हें भी क्वारेंटाइन करवाने की कार्रवाई व उनकी भी प्रतिदिन सम्पर्क करते हुए सम्पर्क एवं ट्रेकिंग की रिपोर्टिंग किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम पंचायत के पंचायत अधिकारी को क्षेत्र का सेनेटाइजेशन कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सस्पेक्टेड केस को सेक्टर मेडिकल ऑफिसर/आरआरटी द्वारा परीक्षण किए जाने तक एक अलग चिन्हित कमरे में आईसोलेशन में रखे जाने एवं समस्त परिवार को फेस मास्क उपलब्ध कराते हुए हैण्ड हाईजीन और पर्सनल हाईजीन के प्रोटोकॉल पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही समस्त कार्यकर्ताओं को पीपीई प्रोटोकॉल का पालन करने एवं स्थानीय अधिकारियों द्वारा आरोग्य सेतु एप की पहुंच जोन के शत्-प्रतिशत् रहवासियों तक सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

श्रमिकों को फिर से गुलाम बनाना चाहती है सरकारें -डॉ.सुनीलम


ग्वालियर में फूलबाग पर मजदूर संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन

44 श्रम कानूनों को बहाल करने और 4 श्रम कोड वापस लेने की मांग

श्रमिकों को फिर से गुलाम बनाना चाहती है सरकारें -डॉ.सुनीलम

ग्वालियर मध्यप्रदेश – देश के मजदूर संगठनों द्वारा केंद्र और राज्य की श्रमिक एवं जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आज पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया गया । ग्वालियर में 10 बजे विभिन्न ट्रेड युनियन के लगभग सौ कार्यकर्ता फूलबाग पंहुचे जहाँ शारिरिक दूरी बनाए रखते हुये उन्होंने 44 श्रम कानूनों को बहाल करो, 4 श्रम कोड वापस लो, बारह घण्टे काम नहीं करेंगे, श्रमिक विरोधी सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए तथा पोस्टरों का प्रदर्शन किया । आंदोलनकरियों को पुलिस अधिकारियों ने आकर आंदोलन न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदर्शन जारी रखा गया तो एफआईआर दर्ज की जाएगी ।
उपस्थित श्रमिक नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम है तथा देश के सभी जिलों के कारखानों एवं रेल्वे की ट्रेड बीमा बैंक एवं शासकीय कर्मचारियों के संगठनों द्वारा श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए यह कार्यक्रम किया जा रहा है। कोरोना की वजह से संवेधानिक अधिकार समाप्त नहीं हो जाते ।इसके बावजूद जब पुलिस अधिकारी अपनी बात पर अड़े रहे तब विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया ।
कार्यक्रम में हिंद मजदूर सभा,किसान संघर्ष समिति,जनांदोलनो के राष्ट्रीय समन्वय ,अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति
के प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व विधायक डॉ.सुनीलम ,सीपीएम के प्रदेश सचिव जसविंदर सिंह, सीटू के रामविलास गोस्वामी,
सीटू की ज़िला अध्यक्ष कमलेश शर्मा महासचिव एम के जायसवाल ,इंटक के रतीराम यादव, अशोक गोस्वामी एटक के हरी संकर माहोर, पूरनसिह परिहार और सुनील गोपाल, भूपेश जैन एआईयूटीयूसी के शामिल हुए।
इस अवसर पर बोलते हुए डॉ.सुनीलम ने कहा कि कोरोना संकट एक पूंजीवादी संकट है तथा केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें इस संकट का इस्तेमाल श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी
संशोधन लागू करने के लिए कर फिर से मज़दूरों को गुलाम बनाना चाहती है । ।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 44 श्रम कानून समाप्त कर 4 कोड लागू कर दिये हैं । अब आठ घंटे की जगह बारह घंटे काम लेने तथा सभी श्रम कानूनों को अगले एक हजार दिन के लिए राज्य सरकारों द्वारा निलंबित करने की घोषणा की गई है।
डॉ.सुनीलम ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि मजदूरों को लॉकडाउन के दौरान पूरा पैसा दिया जाएगा तथा नौकरी से नहीं हटाया जाएगा, परंतु सरकार अपने निर्देश को लागू करने में पूर्णतया विफल रही है।
डॉ.सुनीलम ने कहा कि आठ करोड़ प्रवासी मजदूरों को दस हजार रुपये प्रति माह सम्मान निधि देने तथा सभी इच्छुक मजदूरों को मनरेगा के तहत 200 दिन का काम 500 रुपये की दर पर प्रदान करने की मांग की है ।
उन्होंने कहा कि देश के किसान संगठन एवम जन संगठन विरोध दिवस का राष्ट्रीय स्तर पर विरोध कर रहे हैं।
सीपीएम के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि कोरोना से निपटने में मोदी सरकार पूरी तरह विफल रही है। कोरोना संक्रमण से केंद्र सरकार ने जिस तरह निपटा है ,उसके चलते देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है । उन्होंने कहा कि कोरोना से निपटने में गुजरात मॉडल पूरी तरह विफल रहा है तथा केरल की वामपंथी सरकार का मॉडल सर्वश्रेष्ठ साबित हुआ है ।
सीटू के रामविलास गोस्वामी ने कहा कि ग्वालियर के श्रमिक आंदोलन का शानदार
संघर्ष और बलिदान का इतिहास है । उन्होंने कहा कि मजदूर संगठनो का मोर्चा पूरी ताकत के साथ सरकारों की श्रमिक विरोधी,जन विरोधी नीतियों का विरोध पुरी। ताक़त से कर
रहा है।
उन्होंने कहा कि हम मज़दूरों के अधिकारों पर हर हमले का पुरजोर विरोध करेंगे और
श्रम कानूनों की बहाली के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।
उल्लेखनीय है ग्वालियर में आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर जॉइंट प्लेटफार्म ऑफ ट्रेड यूनियन्स एंड फेडेरेशनस की अपील पर एच एम एस ,सीटू ,एटक ,इंटक ,यू टी यू सी ,ए आई यू टी यू सी ,टी यू टी सी,सेवा ,एल पी एफ, ए आई सी सी टी यू द्वारा किया गया था ,जिसका देश के किसान संगठनों और जन आंदोलनों द्वारा समर्थन किया गया।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

मनरेगा से रोजगार देने में बालाघाट जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर


बालाघाट मध्यप्रदेश – एक लाख 23 हजार मजदूरों को मिल रहा है रोजगार बालाघाट जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जाबकार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा के अंतर्गत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन एवं हितग्राही मूलक कार्य कराये जा रहे है। मनरेगा के अंतर्गत जिले के एक लाख 23 हजार 64 मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। मनरेगा के अंतर्गत इतनी अधिक संख्या में ग्रामीण जाबकार्ड धारकों को रोजगार देने के मामले में बालाघाट जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इतनी अधिक संख्या में प्रदेश के किसी अन्य जिले में मजदूरों को काम नहीं मिला है। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा के कार्यों में मजदूरी पर 20 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है।

17 लाख मानव दिवसों का रोजगार सृजित जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने बताया कि 22 मई 2020 की स्थिति में बालाघाट जिले की 684 ग्राम पंचायतों में कुल 5246 कार्य प्रगति पर है। इनमें 4520 कार्य हितग्राही मूलक कार्य है और 726 कार्य सामुदायिक कार्य है। इन कार्यों में 2076 कार्य जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े है। मनरेगा के अंतर्गत चल रहे इन कार्यों से जिले के एक लाख 23 हजार 64 मजदूरों को रोजगार मिला हुआ है। कोरोना महामारी संकट के दौर में जिले में 20 अप्रैल से मनरेगा के कार्यों को प्रारंभ किया गया है। 20 अप्रैल से 22 मई 2020 तक जिले में मनरेगा से 17 लाख मानव दिवसों को रोजगार सृजित किया जा चुका है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सिंह ने बताया कि कोरोना संकट के दौर में बालाघाट जिले में एक लाख 04 हजार मजदूर बालाघाट जिले में अन्य राज्यों से वापस आये है। बाहर से आये मजदूरों के जाबकार्ड बनाकर उन्हें भी मनरेगा में काम दिया जा रहा है। बालाघाट जिले में मनरेगा से प्रदेश में सबसे अधिक एक लाख 23 हजार 64 मजदूरों को काम मिल रहा है। इतनी अधिक संख्या में प्रदेश के किसी अन्य जिले में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। इस प्रकार बालाघाट जिला मनरेगा में अधिक संख्या में मजदूरों को रोजगार दिलाने में मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान पर है। कोरोना संकट के दौर में अधिक से अधिक मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री गौरीशंकर बिसेन ने जलाशयों की नहरों से सिल्ट निकालने एवं नहरों के सुधार व सफाई कार्य मनरेगा से कराने का सुझाव दिया था। जिससे वर्षा ऋतु के बाद धान फसल की सिंचाई के लिए नहरों से किसानों को सुगमता से पर्याप्त पानी दिया जा सकेगा। मनरेगा के अंतर्गत जिले के सर्राटी, चावरपानी, मुरूमनाला, वैनगंगा नहर प्रणाली, गांगुलपारा, भंडारखोह, मौरिया, भिमोरी, आमगांव, पोंगार, गायमुख, परसाटोला जलाशय की नहरों एवं मेंडकी एवं वारासिवनी शाखा की 218 किलोमीटर लंबाई की नहरों की सिल्ट निकालने एवं सुधार कार्य के लिए 03 करोड़ 44 लाख 50 हजार रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। इसी प्रकार 40 तालाबों के सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए 03 करोड़ 83 लाख 76 हजार रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। नहरों एवं तालाबों के सुदृढ़ीकरण कार्यों से 02 लाख 97 हजार 438 मानव दिवसों का रोजगार सृजित होगा।

एक लाख 08 हजार मजदूरों को मास्क का किया गया वितरण
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए मनरेगा के कार्यों में पूरी सावधानी बरती जा रही है। सभी मजदूरों को मास्क लगाकर या मुंह पर गमछा बांधकर काम करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही काम के दौरान दो व्यक्तियों के बीच कम से कम 06 फिट की दूरी बनाये रखने की भी सलाह दी गई है । मनरेगा में काम कर रहे एक लाख 08 हजार मजदूरों को मास्क का वितरण किया जा चुका है। मनरेगा के कार्य स्थल पर मजदूरों के लिए पीने के पानी की भी व्यवस्था की गई है।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल

जिले में तेजी से पैर पसारता कोरोना


  • जिले में निरन्त बढ़ रही कोरोना के मरीजों की संख्या।
  • अभी भी अन्य जिलों व राज्यों से जनता निरन्तर आ रही।
  • बाज़ारों के में भी नही हो रहा नियमों का पालन, जिले के लिए गंभीर सोच का विषय।
  • आठनेर BMO डॉक्टर ऋषि मोहरे ने दोनों के पॉजिटिव होने  की पुष्टि कर दी है।

बैतूल जिले में वर्तमान में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। आज 22 मई 2020 में बैतूल जिले के आठनेर तहसील मे दो और कोरोना पॉजिटिव मिलने की जानकारी सामने आई है। इस तरह जिले में अब कुल पॉज़िटिव संख्या 11 हो गई है। जिसमें से 10 एक्टिव केस हैं। वहीं 11 वॉ केस भैंसदेही का है जिन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और वे होम कोरेंटीन है। आज 2 केस आठनेर में मिले है वहीं पिछले दिनों 6 केस घोड़ाडोंगरी इलाके में मिले थे और उसके पहले 2 केस तारा ग्राम, शाहपुर में मिले थे। वर्तमान समय मे जहां एक ओर तो जिले में अन्य राज्य व जिलों से आने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है साथ ही कोरोना के मरीज भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में बाज़ारो में लगने वाली भीड़ और नियमों का उल्लंघन कहीं जिले की स्थिति गंभीर न कर दे।

एक मरीज 21 वर्षीय महिला हनुमान मोहल्ला आठनेर निवासी है। दूसरा व्यक्ति 25 वर्षीय निवासी ग्राम हिवरा, आठनेर से है। दोनों के सैंपल 19 मई 2020 को लिए गए थे वहीं 21 तारीख को जांच के लिए सेम्पल का परीक्षण किया गया था और आज दोनों की रिपोर्ट आई है।

नगर की एक आठनेर नगर की एक महिला व ग्राम हिवरा के एक पुरुष  की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ ऋषि मोहेर द्वारा इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि 1 सप्ताह पूर्व ही एक महिला नर्स मुंबई से नगर में अपने घर लौटी थी जिसको पहले क्वॉरेंटाइन किया गया था जिसकी रिपोर्ट भिजवाई गई थी जो कोरोना पाज़िटिव आई है वहीं हिवरा निवासी युवक भी दूसरे राज्य में कार्य हेतू गया था जहां से लौटने पर उसका सैम्पल लिया गया था जो पॉजिटिव आया है।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल