कलेक्टर, एसपी ने खेड़ीरामोसी एवं प्रभातपट्टन पहुंच कर कोरोना संक्रमण बचाव व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया


Multapi Samachar

Betul : कलेक्टर श्री राकेश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री डीएस भदौरिया ने बुधवार को प्रभातपट्टन विकासखण्ड के ग्राम खेड़ीरामोसी में घोषित किए गए कंटेन्मेंट एरिया की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।कलेक्टर एवं एसपी प्रभातपट्टन में बनाए गए कोविड केयर सेंटर भी पहुंचे, जहां की व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने बाहर से आ रहे व्यक्तियों की स्क्रीनिंग व्यवस्था के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारियां ली एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

विवाह समारोह के नये नियम जारी 50 लोगों से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकेंगे, पुलिस अधिकारी/कर्मचारी रखेंगे निगरानी, थाने में भी देनी होंंगी प्रति


आदेश का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई

सायं 7 बजे से सुबह 7 बजे तक अत्यावश्यक सेवाओं को छोडक़र, व्यक्तियों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित,

रात्रिकालीन रिसेप्शन, सामूहिक रात्रि भोज नहीं होनेे चाहिये

कडे हुए विवाह समारोह के लिए नियम पालन न करनेे पर दण्‍ड का प्रावधन

विवाह समाहोर की अनुमति जरूर लेनी होंगी और प्रति थानेे में भी जमा करना अनिवार्य

कलेक्‍टर का आदेश विवाह समारोह का एक बार निरिक्षण निगरानी रखी जावे, सोसल डिस्‍टेंसिंग पालन करायेे

इंसिडेंट कमाण्डर द्वारा विवाह अनुमति में संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को उनके द्वारा इन समारोहों पर नजर रखने हेतु निर्देश जारी

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बैतूल । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह ने बताया कि कोविड-19 के चलते जिले में सम्पन्न होने वाले समस्त वैवाहिक कार्यक्रम विनियमित किए जाएंगे एवं इसके लिए अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। संबंधित क्षेत्र के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इंसिडेंट कमाण्डर यह अनुमति प्रत्येक प्रकरण में देंगे, परन्तु इसमें भाग लेने वाले कुल व्यक्तियों की संख्या 50 से अधिक नहीं होगी। संख्या का निर्धारण अनुमति देते समय प्रत्येक प्रकरण में स्थान आदि की उपलब्धता को देखते हुए गुण-दोष के आधार पर परीक्षण करके किया जा सकेगा।कलेक्टर ने इस संबंध में जारी आदेश में कहा है कि समस्त अनुविभागीय मजिस्टे्रट/कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इंसिडेंट कमाण्डर प्रकरण में गुण-दोष देखकर ही विवाह समारोह में शामिल होने वाले व्यक्तियों की संख्या की अनुमति देंगे। पचास व्यक्तियों की संख्या अधिकतम है, परन्तु प्रत्येक विवाह अनुमति के प्रकरण में विवाह समारोह के स्थान की उपलब्धता, समय, भोजन की व्यवस्था आदि पहलुओं का अवलोकन एवं परीक्षण कर लिया जाए।

यह आवश्यक है कि संक्रमण से बचाव हेतु आवेदकों से वचन पत्र भी भरवा लिया जाए, दी जाने वाली अनुमति की एक प्रति अनिवार्यत: संबंधित थाना/पुलिस चौकी में दी जाए।यदि विवाह समारोह नगरीय क्षेत्र में है तो समारोह में एकत्रित होने वाले व्यक्तियों की संख्या व दो गज की दूरी के परिप्रेक्ष्य में नगरीय निकाय के किसी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा एक बार निरीक्षण किया जाए। यदि विवाह स्थल ग्रामीण क्षेत्र में हो तो संबंधित पंचायत सचिव/ग्राम रोजगार सहायक/पटवारी अनिवार्य रूप से इसका एक बार निरीक्षण करके संबंधित इंसिडेंट कमाण्डर को रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि जिले में सायं 7 बजे से सुबह 7 बजे तक अत्यावश्यक सेवाओं को छोडक़र, व्यक्तियों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। कुछ विवाह समारोहों में आमंत्रण पत्रों में सामूहिक भोज आदि का समय रात्रि में दिए जाने की शिकायतें भी प्राप्त हुई है। ऐसे सामूहिक भोज कदापि आयोजित नहीं किए जा सकते हैं। विवाह समारोह के लिए जितने व्यक्तियों हेतु अनुमति है, विवाह समारोह में उस घर में उतनी संख्या में ही व्यक्ति उपस्थित रहकर विभिन्न कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं, परन्तु रात्रिकालीन रिसेप्शन जैसे कार्यक्रम कदापि नहीं होना चाहिए। ऐसे कार्यक्रम पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। इंसिडेंट कमाण्डर द्वारा विवाह अनुमति में संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को उनके द्वारा इन समारोहों पर नजर रखने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वाले किन्हीं भी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा है कि यह आदेश आम जनता को संबोधित है। वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां नहीं है और ना ही संभव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति या समूह को दी जाकर सुनवाई की जा सके। अत: दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के तहत यह आदेश एकपक्षीय पारित किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 तथा एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत मप्र शासन द्वारा जारी किए गए विनियम दिनांक 23 मार्च 2020 की कंडिका 10 के अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 187, 188, 269, 270, 271 के अंतर्गत दण्डनीय है एवं उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध इन धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 28 मई 2020 से आगामी आदेश पर्यन्त प्रभावशील रहेगा।

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आँगनवाड़ी केन्द्रों पर फीवर क्लीनिक, कोविड-19 की गतिविधियाँ नहीं होंगी संचालित


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भाेेेेेेपाल। बैतूल । प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री फैज अहमद किदवई ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि प्रदेश के आँगनवाड़ी केन्द्रों पर फीवर क्लीनिक अथवा कोविड-19 की गतिविधियों का संचालन नहीं किया जायेगा।श्री किदवई ने कहा है कि कोविड-19 से संक्रमित मरीज के थूक के कणों से दो मीटर के भीतर सम्पर्क में आए किसी अन्य व्यक्ति को संक्रमित कर सकती है। प्रदेश में संचालित किसी भी आँगनवाड़ी में कोविड-19 संबंधी गतिविधियां, फीवर क्लीनिक का संचालन या सेम्पलिंग कार्य के लिये आँगनवाड़ी सह-आरोग्य केन्द्र का उपयोग न किया जाये। श्री किदवई ने कहा कि भारत सरकार की गाईडलाइन के अनुसार गर्भवती महिलाएँ और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हाईरिस्क की श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। आँगनवाड़ी का उपयोग सिर्फ महिला बाल विकास विभाग के अन्तर्गत चिन्हित टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाएँ पोषण आहार वितरण आदि के लिए ही किया जाए।

कोरोना योद्धा: जिले के दो चिकित्सकों ने निभाया अपना फर्ज सेवाएं देकर इंदौर से वापस आये


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बैतूल जिले के दो चिकित्सक शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश घोरे एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभातपट्टन के डॉ. जितेन्द्र अत्रे द्वारा कोरोना संक्रमण काल में इंदौर के दो अलग-अलग कोविड केयर सेंटर में 21 अप्रैल 2020 से अपनी सेवाऐं दी गई एवं 21 मई 2020 को चिकित्सक द्वय बैतूल वापस आ गये। दोनों चिकित्सक पिछले एक माह से सतत् अपनी सेवाएं कोविड के मरीजों को दे रहे थे।चिकित्सकद्वय ने बताया कि इंदौर में वे 8 से 10 घंटे ड्यूटी करते थे तथा आकस्मिकता की स्थिति के लिये सदैव तैयार रहना होता था। वरिष्ठ कार्यालय के आदेश के पश्चात् दोनों चिकित्सक इंदौर में अपनी सेवाएं शासन के द्वारा तय की गई अवधि के दौरान प्रदान करते रहे। बैतूल आने के पश्चात् दोनों चिकित्सकों का कोरोना टेस्ट भी कराया गया तथा रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही वे अपने-अपने घरों को जा सके। तब तक उन्हें क्वारेंटाइन करके रखा गया था।चिकित्सकों ने चर्चा में बताया कि कोरोना से मुकाबले के लिये साहस के साथ सामाजिक दूरी अपनाना बेहद जरूरी है। साबुन से हाथ धोने की आदत एवं खान-पान संबंधी सावधानियां बरतकर कोरोना से बचा जा सकता है।

कोरोना वीर : डॉ. रजनीश शर्मा कर चुके 11017 लोगों का परीक्षण


बैतूल I कोरोना वायरस कोविड-19 की मेडिकल मोबाइल यूनिट बैतूल में पदस्थ डॉ. रजनीश शर्मा जिलेवासियों को कोरोना से बचाने लगातार प्रयासरत हैं। वे अभी तक बाहर से आए 11017 नागरिकों की ट्रेसिंग कर स्क्रीनिंग कर चुके हैं। जिले में 3 मेडिकल मोबाइल यूनिट बना कर समन्वय एवं प्रबंधन हेतु डॉ. रजनीश शर्मा को नियुक्त किया गया है। इधर बसों एवं स्पेशल ट्रेनों से लोगों को लगातार लाया जा रहा है। ऐसे में डॉ. शर्मा रात-दिन अपना कर्तव्य निर्वहन कर रहे हैं। नागरिकों को वे 14 दिन होम आईसोलेशन की सलाह दे रहे हैं एवं अपना तथा कॉल सेंटर का नंबर भी दे रहे हैं ताकि किसी भी बीमारी की स्थिति में तत्काल सम्पर्क कर उपचार प्रदान किया जा सके। मेडिकल मोबाइल यूनिट द्वारा लगातार सूचनाओं के आधार पर बाहर से आए 11017 नागरिकों की ट्रेसिंग का कार्य किया गया। इससे बेहतर स्क्रीनिंग एवं सेम्पलिंग संख्या बढ़ी और मरीज चिन्हित किए जा सके। सीएमएचओ डॉ. जीसी चौरसिया ने डॉ. शर्मा एवं उनके निर्देशन में कार्यरत यूनिट के सभी सदस्यों के कार्य को सराहा है।

टिड्डी दल तीन ग्रुप मे बंट कर छिंदवाडा एवं महाराष्ट्र पहुंचा


पंढूरणा | टिड्डी दल का कारवां बुधवार को अठनेर होते हुए मूलताई आने के बजाय पांढुरना के गांवो मे पहुंच गया | कोरोना वायरस की महामारी के कारण पहले ही मुश्किल में फंसे किसानों की मुश्किलें पाकिस्तान से आए टिड्डियों के दल ने और बढ़ा दी है| तहसील के किसानों को टिड्डियों की यह मार झेलनी पड़ी है| इस आपदा को समय रहते काबू नहीं किया तो किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है| काफी संख्या में पहुंची टिड्डियों के कारण किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरे स्पष्ट दिखाई देने लगी है | वहीं आमजनता में भी टिड्डी दल को लेकर भय का माहौल बना रहा| शहर के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में टिड्डी दल का हमला नजर आया | जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों के किसान काफी परेशान नजर आए | प्राप्त जानकारी अनुसार महाराष्ट्र राज्य से टिड्डी दल पांढुरना विकासखंड के ग्राम उमरीकला क्षेत्र में पहुंचा है, किंतु टिड्डी दल ग्राम हिवरापृथ्वीराम, खापरखेड़ा, लाघा, टेमनी साहनी से राजना तक पहुंचा | यहां से टिड्डी दल तीन भागों में बट गया | एक दल राजना से सौंसर के ग्राम सतनूर तथा दूसरा दल हिवरासेनाडवार होते हुये महाराष्ट्र सीमा की ओर चला गया एवं तीसरा दल राजना से वापस लाघा होते हुये महाराष्ट्र की ओर चला गया |

पत्रकार – रामकुमार दाबड़े

सुरक्षाबलों की चाक-चौबंद व्यवस्था से कश्मीर में टला बड़ा हादसा


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

पुलवामा: पुलवामा में आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कामयाब नहीं हो पाए। समय रहते भारतीय जानबाजों ने आईईडी को नष्ट कर दिया। जानकारी के अनुसार पुलवामा के अयानकुंड एरिया में एक कार में आईआईडी रखा हुआ था। उस कार में आतंकवादी भी मौजूद था लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और गोलाबारी को देखते हुए वह भाग गया।

पुलिस को चार-पांच दिन पहलेआईडी ले जाने वाले फोन की मूवमेंट के बारे में सूचना मिली थी जिसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान चलाकर एक सेंट्रो कार से विस्फोटक बरामद कर उसे तुरंत निष्क्रिय भी करवा दिया। आईजी विजय कुमार ने कहा कि आतंकवादी बड़ी घटना की फिराक में थे जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया।

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