ब्लड बैंक में ब्लड की कमी को देखते हुए अधिकारीयो ने किया स्वयं रक्तदान


Multapi Samachar

बैतूल:- जिले में एक ओर जहां कोरोना लगातार अपने पैर पसार रहा है वहीं दूसरी तरफ जिले में ऐसे लोग मौजूद है जो हर स्तर तक कोरोना और अन्य बीमारियों से हमारी रक्षा करने के लिए सबसे आगे खड़े हुए हैं।


ऐसा ही कुछ मंजर देखने को मिला बैतूल जिले की ब्लड बैंक में। दरअसल जिले की ब्लड बैंक में ब्लड की कमी नजर आ रही थी।

इस बात को देखते ही जिला ब्लड बैंक के अधिकारियों ने एक निर्णय लिया। ब्लड बैंक के अधिकारियों ने स्वयं ही ब्लड डोनेट करने का मन बनाया।

फिर सभी ने इस काम में अपना योगदान दिया। इस तरह ब्लड बैंक के अधिकारियों ने ब्लड बैंक में ब्लड इकट्ठा करने के लिए स्वयं ही रक्तदान किया

इस काम में जिला ब्ल़ड बैंक अधिकारी अंकिता शीते के साथ ही समस्त स्टॉफ ने बराबरी से अपनी हिस्सेदारी दर्ज की

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

जिले में कोरोना मरीजों  की संख्या बढ़कर हुई 26, आज मिले 3 एक्टिव केस


बैतूल :- जिले में कोरोना पॉजिटिव केस निरंतर बढ़ रहे हैं वहीं कुछ मरीज ठीक हो कर अपने घर भी लौट रहे हैं।

यदि जिले में वर्तमान में कोरोना  की स्तिथि संख्या देखि जाये तो-

अब तक कुल  26  मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसमे आज ३ कोरोना पॉजिटिव मिले है।



इस तरह जिले में अब कुल 26 मरीज होगये है। जिसमे प्रथम मरीज (भैंसदेही) को घर जाने की छुट्टी मिल चुकी थी और वह अपने होम आइसोलेशन की अवधि भी पूरी कर चूका है। वहीँ तारा ग्राम के पिता पुत्र( २ मरीज)  को भी अस्पताल द्वारा डिस्चार्ज कर  और वे फिलहाल होम आइसोलेशन में है। वहीं 23 मरीज अभी इलाज करवा रहे हैं।


आज जो तीन मरीज कोरोना के बढे हैं उनमे दामजीपुरा के निकट झाकस में एक मरीज वहीं परतापुर के दो पॉजिटिव मरीज सामने आये हैं जिनकी पुष्टि सीऍमएचओ डा जी सी चौरसिया द्वारा की गई है|तीनो ही मरीज मुंबई महाराष्ट्र से लौटे थे।

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 जून तक बढ़ाया मध्यप्रदेश में लाकडाउन


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

भोपाल: मध्य प्रदेश में लॉक डाउन 15 जून तक बढ़ा दिया गया है इसका ऐलान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल में किया।

उन्होंने बताया प्रदेश में स्कूल कॉलेज खुलेंगे लेकिन कब खुलेंगे इसका ऐलान संभवत 13 जून के बाद किया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब राज्य में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 192 नये केस मिले हैं। इनको मिलाकर संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7645 पर पहुंच गई है। राज्य में अब तक कोरोनावायरस की वजह से 334 मरीज दम तोड़ चुके हैं। 4269 लोग ठीक भी हुए हैं।

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Unlock 1.0: जानिए अपने हर सवाल का जवाब, क्‍या क्‍या खुलेंगे और क्‍या बंद रहेंगा?


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Unlock 1.0: कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने Lockdown 5.0 के स्थान पर Unlock 1.0 का ऐलान कर दिया है। यानी केंद्र सरकार ने अब छूट देने का प्लान बना लिया है। Unlock 1.0 के तहत 8 जून से इस सुविधाओं की छूट दे दी गई है। हालांकि राज्यों को भी अधिकार दिए गए हैं कि वे अपने यहां के हालात देखते हुए फैसले से सके। वहीं जो शहर कोरोना संक्रमण के लिए हॉटस्पॉट बने हुए हैं, वहां Lockdown 4.0 की पाबंदियां लाग रहेंगी। यहां जानिए Unlock 1.0 की व्यवस्था से जुड़े अपने हर सवाल का जवाब-

Lockdown 5.0 का इंतजार था, ये Unlock 1.0 क्या है?

यह बात सही है कि पूरे देश मानकर चल रहा था कि सरकार अब Lockdown 5.0 जारी करेगी, लेकिन गाइडलाइन में Lockdown 5.0 का कहीं जिक्र नहीं है। सरकार ने इसे Unlock 1.0 नाम दिया है यानी सरकार अब छूट देने जा रही है। Unlock 1.0 के कई चरण होंगे। पहला चरण 8 जून से लगने जा रहा है।

8 जून से क्या-क्या खुल जाएगा?

केंद्र सरकार द्वारा जारी गाडलाइन के मुताबिक, 8 जून से मंदिर, मस्जिद समेत सभी धार्मिक खुल जाएंगे। होटल और रेस्त्रां खोलने की अनुमति दे दी गई है। शॉपिंग मॉल भी खोल दिए जाएंगे।

कौन-कौन सी सुविधाएं अभी बंद रहेंगी?

केंद्र सराकर ने मेट्रो ट्रेन, इंटरनेशनल फ्लाइट्स, जिम और स्वीमिंग पूल को खोलने की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद में अनलॉक के आगे के चरण में फैसला लिया गया है।

क्या सैलून खुल जाएंगे?

पूरी गाइडलाइन में सैलून खोलने की अनुमति देने का कहीं जिक्र नहीं है। लेकिन यह फैसला राज्य सरकार अपने हिसाब से निर्णय ले सकती है। इसलिए आपके शहर या आपकी कॉलोनी में सैलून खुलेंगे या नहीं, यह राज्य सरकार या डीएम पर निर्भर करेगा।

क्या पहले की तरह दुकानें खुल जाएंगी?

दुकानें खुल जाएंगी, लेकिन पहले की तरह नहीं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करना होगा। सरकार ने यह दुकानदार की जिम्मेदारी तय की है कि वह नियमों का पालन करवाए।

क्या मैं दूसरे राज्य जा सकता हूं?

केंद्र सरकार ने एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। यहां तक कि किसी भी तरह के पास या परमिट की जरूरत को भी खत्म कर दिया है, लेकिन यह सब निर्भर करेगा राज्य सरकार के फैसले पर। यानी यदि हरियाणा सरकार चाहती है कि दिल्ली से लोग कोरोना लेकर उनके राज्य में न आए तो वह रोक सकती है।

क्या लॉकडाइन 4.0 के नियम खत्म हो गए हैं?

नहीं, सरकार ने लॉकडाउन 5.0 का ऐलान नहीं किया है, लेकिन जो शहर हॉटस्पॉट बने हुए हैं, वहां लॉकडाउन 4.0 के नियम लागू रहेंगे। सरकार का मानना है कि भारत में कोरोना वायरस के 70 फीसद से अधिक मामले 13 शहरों आ आए हैं। ये शहर हैं – मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद, ठाणे, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टू और तेरूवल्लुर। यहां लॉकडाउन 4.0 लागू रहेगा।

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Lockdown 5.0 Updates in : MP में 15 जून तक बढ़ा लॉकडाउन, CM शिवराज ने की घोषणा


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भोपाल । Lockdown 5.0 Updates in Madhya Pradesh मध्यप्रदेश में लॉकडाउन 15 जून तक बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद इसकी घोषणा कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में लगातार कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, इसी के चलते प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है। फिलहाल मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7645 पर पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में ही कोरोना संक्रमण के 192 नए केस मिले हैं। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कोरोना की वजह से अभी तक 334 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं 4269 लोग कोविड-19 से ठीक भी हो चुके हैं।

गौरतलब है कि यह अटकलें पहले भी लगाई जा रही थी कि मध्‍य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बीच 31 मई के बाद भी संक्रमित क्षेत्रों में छूट नहीं दी जाएगी। उल्‍लेखनीय है कि देश में जारी लॉकडाउन का चौथा चरण पूरा होने जा रहा है। 31 मई को लॉकडाउन की अवधि खत्म होना है।

मप्र में लॉकडाउन-5 की गाइडलाइन को लेकर फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि रात सात से सुबह सात बजे तक कर्फ्यू फिलहाल बरकरार रहेगा। संक्रमित क्षेत्रों के बाहर लोक परिवहन सीमित मात्रा में सावधानियों के साथ शुरू किया जा सकता है। सिनेमाघर, रेस्टोरेंट, मॉल, होटल, कोचिंग संस्थान, शैक्षणिक संस्थान और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर प्रतिबंध यथावत रहने की संभावना है।

ह‍िन्‍दी पत्रकारिता दिवस पर विशेष आत्‍मकथा – उमर एक दिन


उमर एक दिन

आत्‍मकथा – उमर एक  दिन

अशोक (श्री) बैतूल

चलता हूँ इसलिये कि जीना है, एक दिन।

कमबख्त जीने की चाह ने, दौड़ना सिखा दिया।।

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                 सारे दिन की भाग-दौड़ के साथ उत्‍तर-दक्षिण पूरब-पश्चिम की सारे जहाँ से कुछ खट्टी कुछ मीठी नरम-गरम कच्ची-पक्की बुलवाकर चुनिंदा हाथों से जब मेरा अंग-अंग तैयार किया जाता है और जैसे ही रात्रि के पहले पहर के अंतिम चरणों में समय के प्रहरी आपस में आलिंगन कर एक होते हैं तभी ठीक रात्रि के बारह बजे मेरा जन्म होता है।

                 वाह रे मेरी किस्मत तो देखो, मेरे बाहर आते ही मेरा मालिक मेरा सम्राट मेरा जन्मदाता गौर से ऊपर से नीचे तक मुझे निहारता है, कि मुझमें कोई कमी तो नहीं, फिर क्या पूछना जैसे ही मै अपने वास्तविक रूप में आता हॅू मेरी सेवा में मेरे ही घरों के सामने एक से एक गाड़ियाँ मेरी प्रतिक्षा में खडी रहती है कोई में लिखा होता है- रोको मत जाने दो और कोई में नान स्टाप कार्ड लगाये मेरा इंतजार करते रहती हैं, जैसे ही मै उस पर सवार होता हूं

                 गाड़ियाँ बिना रोक-टोक सुनसान सड़कों पर रातों-रात मेरी मंजिल की ओर लेकर मुझे लेकर दौड़ने लगती, कोई मुझे बस में बैठाता, कोई टेन में तो कोई एरोप्लेन में। मेरे पहुँचते ही सुबह-सुबह ब्रह्म मुहुर्त में सूरज की पहली किरणों के साथ लोग मुझे दोनों हाथों में लेकर मेरा स्वागत करते मुझे बहुत आनंद आता है। वैसे मुझे आग-पानी से डर लगता है हवा सहन नहीं होती, फिर भी जब सुबह-सुबह चाहे ठण्डी हो या गर्मी या हो बरसात लोग मुझे साईकल/मोटर साईकल में कोई हाथ पकड़कर मेरे चाहने वाले के घर छोड़कर आते हैं। मुझे अपने आप पर गर्व है कि मैं कितना खुशनसीब हू कि मुझे बिना किसी पास के राष्ट्रपति/ प्रधानमंत्री/ मुख्यमंत्री आई.ए.एस. आई.पी.एस. एवं सभी VIP के घरों में आफिसों में डायरेक्ट एन्ट्री मिलती है। मेरे पहुँचते ही इन लोगों के पास किसी से मिलने के लिये समय हो या न हो इतनी व्यस्तता के बाद भी रोज सुबह मेरे लिये अपना अमूल्य समय निकालकर चाय नाश्ते के साथ मुझे भरपूर समय देते हैं तब मेरा सर गर्व से और भी ऊँचा हो जाता है।

                 मुझे हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई अमीर-गरीब महल हो या अटारी या हो झुग्गी-झोपड़ी किसी के भी घर में जाने में मुझे कोई शर्म नहीं आती क्योंकि मुझे मालूम है मेरी उम्र सिर्फ एक दिन है। फिर अमीर-गरीब छोटा-बड़ा ऊँच-नीच जात-पात में अन्तर करने में अपना समय क्यों गवाऊँ मेरा उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों से मिलूँ इतनी छोटी सी उम्र में मैं जितने अधिक से अधिक लोगों से मिलूँगा उतनी ही तृप्ती मुझे मिलेगी।

                 जब मैं ट्रेनों में बसों में सफर करता हूँ तो लोग मेरी दोनों बाहें पकड़े कोई मेरी कमर पकड़े कोई मुझे गोदी में बिठाये अपना मनोरंजन करते हैं समय काटते हें और मैं कभी इसके पास कभी उसके पास मुझे तो बहुत मजा आता है।

कोई-कोई तो मुझे देखने के बाद मेरे हाथों में गरम-गरम जलेबी-समोसे रखकर मुझे जायका दिलाते हैं।

                 मुझे उस समय बेहद शर्म आती है जब घरों में लोग दिन में अपना सारा काम करने के पश्चात् दोपहर में पलंग पर लेटकर अपने कोमल-कोमल हाथों से कोई मेरी बांहें पकड़े कोई कमर पकड़े मुझे निहारती हैं और थोड़ी देर बाद निहारते-निहारते मुझे अपने ऊपर लिटाये और खुद सो जाती है मुझे घबराहट और बेचैनी होती है, मैं सोचता हूं- हे भगवान कोई कब जल्दी आये और मुझे इनसे छुड़ा के ले जायें।

                 मेरा हृदय जब गद्-गद् हो जाता है, देश की सीमा पर तैनात भारत माँ के सपूत मुझे देखते हैं दौड़ पड़ते हैं उनके हाथों के स्पर्श से मैं धन्य हो जाता हूं और सोचता हूं कि मेरा जीवन धन्य हो गया।

                 मजे की बात तो यह है मि मेरे मालिक मेरे ’’सम्राट’’ के हाथ में जो (कलम) तलवार है वो लकड़ी की है जिससे बिना खून-खराबे के सिर्फ चारों तरफ घुमाने से ही लोगों के रूके हु काम होने लगते हैं तभी तो मैं नेता-अभिनेता की शान और गरीबों का मसीहा माना जाता हूँ।

                 मुझे उन दरिंदों पर बेहद ख़ौफ आता है जो मेरे नाम पर अपनी (कलम) तलवार को बेच देते हैं अपना वज़ूद गिरवी रख देते हैं मेरी भावनाओं से खिलवाड़ करते हैं अपना उल्लू सीधा करते हैं ऐसे मालिक से तो मन करता है इनकी गुलामी से बंद हो जाना या बलिदान हो जाना बेहतर होगा।

                 लोग मेरी उम्र बढ़ाने की बहुत कोशिश करते हैं कोई सोचता है 7 दिन तो कोई सोचता 15 दिन हो जाये, लेकिन मुझे मालूम है मेरी उम्र सिर्फ एक ही दिन की है। कल फिर मेरा ही मालिक किसी दूसरे को जन्म देगा उसकी भी यही आत्मकथा होगी। मैं लम्बी उम्र के बजाय एक दिन की शान की जिन्दगी जीना ज्यादा बेहतर मानता हूंं।

                 मेरे मालिक मेरी रोज की रंगीन/ब्लेक एण्ड व्हाईट तस्वीरें इतिहास के झरोखों में दिखाने के लिये संजो कर रखते हैं। मैंने अपनी आत्मकथा सुना डाली लेकिन अपना नाम नहीं बताया मैं आपकी बाहों में समाया हूं आप मुझे सम्हालिये फिर मैं आपको अपना नाम बताता हूँ। मुझे याद है सबसे पहले मैं बनारस में आज के नाम से निकला फिर अब तो क्या पूछना कोई मुझे मुलतापी समाचार, भास्कर, नवभारत, कोई लोकमत कोई नई दुनिया से पुकारता है। अंग्रेजी में मेरा नाम है- क्रानिकल टाईम्स आफ इण्डिया उर्दू में हितवाद और पंजाब में पंजाब केसरी उजाला सहारा। हर प्रान्त में वहां का लाड़ला माना जाता हूँ। अब यह आपकी मर्जी कि आप मुझे क्या नाम क्या ईनाम देते हैं।

                 आपको मालूम है मेरी उम्र सिर्फ एक दिन है मुझे आपके हाथों में देखते हुये मुझे बड़ा फक्र महसूस हो रहा है, लेकिन मुझे जब ज्यादा तृप्ती मिलेगी, मेरी आस्था और बढ़ेगी जब आप मुस्कुराकर मुझे सुरक्षित किसी और के हाथों में दे दें।

                                                                              अशोक (श्री) बैतूल

अज्ञात युवती का शव सापना जलाशय में मिला



जलाशय किनारे युवती की चप्पल और कीटनाशक दवा की शीशी मिली
 
बैतूल–  सापना जलाशय में आज अज्ञात युवती का शव दिखाई दिया जिसकी सूचना बैतूल बाजार पुलिस को मिली थी पुलिस मौके पर पँहुची और युवती के शव को जलाशय से बाहर निकाला गया है युवती ने जलाशय में कूदकर आत्महत्या की है एस आई भैया लाल उइके ने बताया कि युवती को शुक्रवार को सापना के पास ग्रामीणों ने देखा था जलाशय के किनारे युवती की चप्पल और कीटनाशक दवा की सीसी रखी हुई मिली जिसे देखकर यह प्रतीत होता है कि युवती ने आत्महत्या की है युवती का शव जलाशय से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिलाअस्पताल पंहुचाया जा रहा है युवती की शिनाख्त नही हो सकी है

शिवा पवार मुलतापी समाचार बैतूल

एसडीएम के आदेश अनुसार गुमाश्ता एक्ट के तहत शनिवार को नही खुलेगी दुकानें


नगर में अब गुमाश्ता एक्ट के तहत शनिवार बाजार बंद करने के निर्देश हैं लेकिन अधिकांश व्यापारी शनिवार बेखौफ दुकानें खोलकर खुलेआम गुमाश्ता एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए नजर आते हैं। लाक डाऊन के चलते प्रशासन द्वारा सख्ती से गुमाश्ता एक्ट का पालन कराना आवश्यक है ताकि एक दिन बाजार बंद रहने से नगर में भीड़ न हो सके ।

ज्ञात को ही लॉकडाऊन में मिली छूट के समय मे बड़ी संख्या में लोग घर से निकल रहे है जिससे लगातार नियमों का उलंघन हुआ जिसे देखकर SDM महोदय द्वारा निर्णय लिया गया कि शनिवार को दुकाने नही खुलेगी ।।

हाथ ठेले वालों की समस्‍या को लेकर विधायक की एसडीएम से चर्चा


मुलतापी समाचार

मुलताई। हाथठेले वालों से चर्चा करते हुए विधायक।

मुलताई। दो महीने से लॉकडाउन के चलते हाथ-ठेले पर दुकान लगाकर गुजर-बसर करने वालों की हालत खराब है। सभी का कहना है कि उनके भूखे मरने की नौबत आ गई है। ठेले वालों ने विधायक सुखदेव पांसे को अपनी व्यथा बताई। विधायक पांसे ने तुरंत इनकी समस्याओं को लेकर एसडीएम सीएल चिनाप से चर्चा की।

हाथठेलों ने शुक्रवार सुबह कांग्रेस नेता सुमित शिवहरे के साथ जाकर विधायक सुखदेव पांसे को व्यथा बताई। व्यापारी कैलाश देशमुख, हरि साहू, अनिल अग्रवाल, नीरज मालवीय, इमरत पवार, राजेश बचले, दशरथ बामने, संजय साहू ने विधायक पांसे से कहा कि लॉक डाउन लगने के कारण पिछले दो महीनों से दुकानें नहीं लगा पा रहे हैं। जिसके कारण उनके सामने रोजी रोटी का गंभीर संकट उत्पन्ना हो गया है। विधायक ने एसडीएम से चर्चा कर उन्हें दुकानदारों की समस्या शीघ्र हल कर उन्हें व्यापार करने के लिए उचित स्थान चयन करने को कहा। जिस पर एसडीएम ने विधायक पांसे को आश्वस्त किया कि जल्द ही छोटे दुकानदारों के लिए भी व्यवस्था बनाई जाएगी।