लॉक डाउन के दौरान मिली आर्थिक मजबूती,जिले के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिला 25 करोड़ से अधिक पारिश्रमिक एवं बोनस, 81937 संग्राहक हुए लाभान्वित


बैतूल/ प्रदीप डिगरसे/12 जून 2020

लॉक डाउन के दौरान मिली आर्थिक मजबूती,जिले के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिला 25 करोड़ से अधिक पारिश्रमिक एवं बोनस, 81937 संग्राहक हुए लाभान्वित

जिले में लॉक डाउन के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों को वन विभाग द्वारा पारिश्रमिक एवं बोनस उनके लिए आर्थिक संबल साबित हो रहा है। इस राशि से न केवल वे आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं, बल्कि उनकी रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी यह राशि मददगार बन रही है। वन विभाग द्वारा जिले के 81937 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 25 करोड़ 53 लाख 55 हजार 789 रूपए राशि का पाश्रिमिक एवं बोनस वितरण किया गया है, जिसमें 15 करोड़ 14 लाख 96 हजार 563 रूपए पारिश्रमिक एवं 10 करोड़ 38 लाख 59 हजार 226 रूपए वर्ष 2018 की बोनस शामिल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग द्वारा जिले के उत्तर बैतूल वनमंडल अंतर्गत दस प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों मेंढापानी, खैरी, घोड़ाडोंगरी, डोकली, सलैया, पूंजी, शाहपुर, धार, धपाड़ा एवं डाबरी के 25360 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2020 में संग्रहित 33040.790 मानक बोरा की 8 करोड़ 26 लाख एक हजार 975 रूपए तेंदूपत्ता संग्रहण मजदूरी का भुगतान किया गया। साथ ही 11392 संग्राहकों को 4 करोड़ 60 लाख 25 हजार 144 रूपए वर्ष 2018 की बोनस राशि भुगतान की गई।

इसी तरह दक्षिण बैतूल वनमंडल अंतर्गत सात प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों रतेड़ाकला, खेड़लीबाजार, चांदू, कोथलकुण्ड, खेड़ीसांवलीगढ़, झल्लार एवं जीन के 12320 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2020 सीजन में संग्रहित 12518.830 मानक बोरा की 3 करोड़ 12 लाख 97 हजार 75 रूपए तेंदूपत्ता संग्रहण मजदूरी का भुगतान किया गया। वहीं 4971 संग्राहकों को 2 करोड़ 14 लाख 69 हजार 639 रूपए वर्ष 2018 की बोनस राशि भुगतान की गई है।

पश्चिम बैतूल वनमंडल अंतर्गत दस प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों चिरापाटला, चूनाहजूरी, चिचोली, भीमपुर, नांदा, तावड़ी, पाट, पिपरिया, दामजीपुरा एवं कुरसना के 18211 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2020 सीजन में संग्रहित 15039.005 मानक बोरा की 3 करोड़ 75 लाख 97 हजार 513 रूपए तेंदूपत्ता संग्रहण मजदूरी का भुगतान किया गया। साथ ही 9593 संग्राहकों को 3 करोड़ 63 लाख 64 हजार 443 रूपए वर्ष 2018 की बोनस राशि भुगतान की गई है।

कोरोना महामारी से बचाव हेतु सोशल डिस्टेंसिंग एवं हैण्ड सेनेटाइजर का उपयोग लघु वनोपज संघ के निर्देशानुसार किया गया। लॉकडाउन के दौरान उक्त राशि मिलने से तेंदूपत्ता संग्राहकों में प्रसन्नता है एवं वे प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

मप्र शासकीय तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की जिला इकाई ने नवागत कलेक्टर का किया नागरिक अभिनंदन हर कदम साथ खड़े रहने का दिलाया विश्वास….


कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष श्री रघुवीर सिंह पवार ने कलेक्टर श्री दिनेश जैन को पहली मुलाकात में सभी कर्मचारियों की ओर से आश्वस्त करते हुए कहा कि सर निष्ठा ईमानदारी और कर्तव्य के साथ जिले के हर काम में हर कर्मचारी आपके साथ हैं जिले की उत्तरोत्तर प्रगति आप के माध्यम से हो जैसा आपका आदेश होगा वैसा हम कर्मचारी दिन रात काम करने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे…

Corona virus News : भीमपुर के धामन्या गांव में क्वारंटाइन सेंटर में हुई युवक की मौत से हड़कंप


Coronavirus Betul News : धामन्या में क्वारंटाइन सेंटर में युवक की मौत से हड़कंप

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निशांत पवार

बैतूल  जिले के भीमपुर ब्लॉक के धामन्या गांव में क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए एक युवक की अज्ञात कारणों से मौत हो गई। इससे हड़कंप मच गया है। दूसरी ओर आमला ब्लॉक के कनौजिया गांव में वरली (मुंबई) से लौटा एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। उसे कोविड केयर सेंटर आमला ले जाया गया है। इसके साथ ही अब जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 37 हो गई है। हालांकि इनमें से 27 लोग ठीक होकर अपने घर भी जा चुके हैं।

जिले में कोरोना को लेकर जब भी ऐसा लगने लगता है कि हालात सामान्य होने लगे हैं, तभी कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है कि ऐसा महसूस होता है कि खतरा अभी बना हुआ है। तीन दिन पहले तक भी काफी दिनों से कोई मरीज नहीं मिलने से ऐसा लग रहा था कि अब स्थिति सामान्य हो रही है, उसी दिन से फिर मरीज मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। ताजा मामले में क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे एक युवक की मौत से हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार भीमपुर ब्लॉक के धामन्या गांव का युवक अपने भाई के साथ गोवा में काम करता था। यह दोनों 9 जून को वापस अपने गांव लौटे थे। दोनों को एहतियात के तौर पर माध्यमिक शाला धामन्या में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। गुरुवार रात में उसने खाना भी नहीं खाया और अपने भाई से यह कह कर सेंटर से निकला कि अभी खेत तरफ से आता हूं। उसके बाद वह नहीं लौटा।

शुक्रवार सुबह उसका शव खेत की ओर ही मिला है। उसके द्वारा किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किए जाने के कोई निशान भी नहीं मिले हैं और न ही शरीर पर चोट के निशान हैं। पंचायत सचिव रमेश येवले के अनुसार उसकी लगातार निगरानी की जा रही थी और उसमें कोरोना बीमारी के कोई लक्षण भी नजर आए थे।

इसके बावजूद उसकी मौत होने से हड़कंप मचा हुआ है। सूचना मिलते ही भैंसदेही से पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए चिचोली लाया गया है। यहीं पर उसके सैंपल भी लिए जाएंगे। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि युवक की मौत की वजह आखिर क्या थी। फिलहाल धामन्या और आसपास के गांवों के लोग भी इस मौत के चलते खासी दहशत में देखे जा रहे हैं।

पॉजिटिव युवक को लाया गया आमला

इधर आमला ब्लॉक में एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह युवक अपने परिवार के साथ वरली (मुंबई) में रहता था। वह 6 जून को ट्रेन से इटारसी आया। इटारसी से टवेरा वाहन से अपने गृह ग्राम कनौजिया आया। उसके साथ उसकी पत्नी और बेटी भी आई है। यहां इन सभी को क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। इसके साथ ही तीनों के सैंपल भी लिए गए थे। शुक्रवार सुबह युवक की रिपोर्ट आई जो कि पॉजिटिव है। उसकी पत्नी और बेटी की रिपोर्ट अभी आना है। पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करना शुरू किया गया। युवक को आमला स्थित कोविड केयर सेंटर लाया गया है। इसके साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि उन्हें भी क्वारंटाइन कर उनके सैंपल लिए जा सके।

कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा 37 पर

आमला ब्लॉक के युवक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जिले में कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा अब 37 पर पहुंच गया है। यह अच्छी बात है कि जिले में कोरोना से अभी तक एक भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है, लेकिन लगातार बढ़ रहा यह आंकड़ा भी लोगों में चिंता का विषय बना है। एक राहत की बात यह जरुर है कि मरीज लगातार स्वस्थ भी हो रहे हैं। गुरुवार शाम तक ही जिले में 27 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर वापस लौट चुके हैं।

अब 10 पीड़ित स्वस्थ होने से रह गए हैं। जिले में रिकवरी रेट 75 के आसपास चल रहा है। इन सभी का इलाज चल रहा है और उनकी सेहत में तेजी से सुधार भी हो रहा है। गुरुवार तक जिले में 1670 लोगों के सैंपल लिए गए थे। इनमें से 37 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जबकि 1451 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद से सैंपलों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। जिले में मिलने वाले कोरोना पीड़ितों में सबसे अधिक मुंबई से आने वाले लोग हैं।

आमला में निकला कोरोना पॉजिटिव, मुम्बई ठाणे से आया व्यक्ति मिला कोरोना पॉजिटिव 


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आमला। ब्लाक में कोरोना की दस्तक हो गई है विगत दिनों आमला ब्लाक के ग्राम खेडलीबाजार में कोरोना पॉजिटिव के साथ आमला ब्लाक में कोरोना ने अपनी दस्तक दे दी थी जिसके बाद पॉजिटिव व्यक्ति को आइसोलेशन में रख दिया गया था आज ब्लाक के लिए जहाँ एक अच्छी खबर आई तो वही एक बुरी खबर भी साथ आ गई मिली जानकारी के मुताबिक आमला ब्लाक के ग्राम खेडलीबाजार में कोरोना पॉजिटिव निकले व्यक्ति की आज नेगेटिव रिपोर्ट आने से लोगो ने राहत की सास ली ही थी कि एक अन्य व्यक्ति के पॉजिटिव होने से लोग फिर मायूस से हो गए ब्लाक के ग्राम कनोजिया में मुम्बई ठाणे से 6 जून को आए व्यक्ति की आज कोरोना पॉज़िटिव रिपोर्ट आ गई है बताया जाता है कि उक्त युवक मुम्बई  से इटारसी तक ट्रेन से आया था और इटारसी से आमला कार से आया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीएमओ डॉक्टर अशोक नरवरे ने बताया कि 9 जून को 22 लोगो के सेम्पल भेजे गए थे जिसमें से 21 लोग नेगेटिव आए है और एक व्यक्ति पॉजिटिव आया है बीएमओ नरवरे ने बताया कि खेड़लीबाजार निवासी व्यक्ति की रिपोर्ट भी नेगेटिव आ गई जिसे आज आइसोलेशन सेंटर से घर भिजवा दिया जाएगा और आज जो पॉजिटिव मिला है उसे आमला स्थित आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा कनोजिया में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन मौके पर पहुच गया है ।

क्या 15 जून के बाद देश मे लगेगा सम्पूर्ण लॉकडाउन ?


वायरल हो रहे इस मैसेज की जानें सच्चाई

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देश में दो महीने से ज्यादा वक्त तक लॉकडाउन लागू होने के बाद केंद्र सरकार ने रियायत देने का सिलसिला शुरू किया है। इसी कड़ी में अनलॉक 1.0 लागू किया गया है। इस दौरान जिंदगी से जुड़ी सभी चीजों को सरकार धीरे-धीरे रियायत देती जा रही है। हालांकि अनलॉक 1.0 में कई राज्यों में कोरोना मरीजों की संख्या दोबारा बढ़ने लगी है। इस बीच इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मैसेज जमकर वायरल हो रहा है जिसमें 15 जून से देश में दोबारा संपूर्ण लॉकडाउन किए जाने की बात कही जा रही है। इस मैसेज के वायरल होने के बाद कई लोगों में घबराहट पैदा हो गई है। इस मैसेज को एक समाचार चैनल का नाम लिखकर वायरल किया गया है जिससे लोगों में डर बढ़ रहा है। हालांकि प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस मैसेज को लेकर अब स्थिति साफ की है। PIB ने बताई मैसेज की सच्चाई प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) द्वारा एक ट्वीट जारी किया गया है जिसमें वायरल हो रहे इस मैसेज को फर्जी बताया गया है।

पीआईबी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही एक फोटो में दावा किया जा रहा है कि गृह मंत्रालय द्वारा ट्रेन और हवाई यात्रा पर प्रतिबंध के साथ 15 जून से देश में फिर से पूर्ण लॉकडाउन लागू किया जा सकता है ।

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही एक फोटो में दावा किया जा रहा है कि गृह मंत्रालय द्वारा ट्रेन और हवाई यात्रा पर प्रतिबंध के साथ 15 जून से देश में फिर से पूर्ण लॉकडाउन लागू किया जा सकता है यह Fake है। फेक न्यूज़ फैलाने वाली ऐसी भ्रामक फोटो से सावधान रहें। फेक मैसेज पर हो सकता है मामला दर्ज देश इस वक्त बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। कोरोना संक्रमण की वजह से जिंदगी की रफ्तार थम सी गई है। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्व इस कठिन वक्त में भी अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में 15 जून से संपूर्ण लॉकडाउन का फर्जी मैसेज वायरल किया जा रहा है। इस तरह का फर्जी मैसेज वायरल करना कानूनी अपराध है और इस मैसेज को वायरल करने और इसे फॉर्वर्ड करने वाले लोगों को पुलिस आरोपी बनाकर साइबर अपराध के तहत मामला दर्ज कर सकती है।

आठनेर गुजरमाल जलाशय


आठनेर। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम निर्गुड जलाशय निर्माण में जल संसाधन विभाग के सरकारी डंपर भी गुजरमाल राबडया जलाशय से काली मिट्टी परिवहन का कार्य कर रहे हैं । मामले में स्वयं विभाग के एसडीओ आरएन यादव ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए विभाग ने ठेकेदार को मदद के रूप में सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जिसके माध्यम से प्रोजेक्ट शीघ्र पूरा करने के उद्देश्य से काली मिट्टी परिवहन का कार्य क्षेत्र के बाहर से किया जा रहा है । इधर कार्य क्षेत्र के बाहर काली मिट्टी परिवहन मामले में सवाल खड़े हो रहे है, क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुनखेड उपसरपंच प्रकाश गोलू कनाठे ने विभाग पर आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार को जल संसाधन विभाग मदद कैसे कर रहा है इसकी पुरी तरह जांच होनी चाहिए। सरकारी वाहनों का इस्तेमाल प्रोजेक्ट निर्माण में किया जाना अनियमितता है, और इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। इधर विधायक प्रतिनिधि तरुण मानकर ने आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी ठेकेदार को मदद करके दोहरा लाभ पहुंचा रहे है। किसानों ने जलाशय से मिट्टी परिवहन को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि किसानों को मिट्टी परिवहन करने से जलसंसाधन विभाग केडीओ उपयंत्री रोकते हैं और संबंधित ठेकेदार को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए हजारों की संख्या में धन पायो का काली मिट्टी परिवहन कराया जा रहा है जो अत्यंत गंभीर है और कार्य क्षेत्र के बाहर परिवहन की जाने वाली काली मिट्टी के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है। 

गुजरमाल जलाशय से विभाग के ही डंपर काली मिट्टी का परिवहन कर रहे है , जलाशय के लिए मिट्टी के नाम पर भ्रष्टाचार की आशंका है, एसडीओ ने माना

है कि प्रोजेक्ट को पुरा करने मे विभाग ठेकेदारों की मदद कर रहा है।

निर्गुंड जलाशय प्रोजेक्ट को शीघ्र पूरा करने के लिए जल संसाधन विभाग के सरकारी डंपर काली मिट्टी का प्रयोग कर रहा है इस बात की जानकारी देते हुए विभाग के एसडीओ आर्यन यादव ने बताया कि सरकारी डंपरो का इसतेमाल काली मिट्टी का परिवहन करने में हो रहा है जिसमें कोई गलत कार्य नहीं किया जा रहा है। कार्य क्षेत्र के बाहर ठेकेदार काली मिट्टी परिवहन कर सकता है।

Amla – 20 दुकानदारों ने जमा किए कागज, बिना अनुबन्ध के आवंटित कर दी दुकाने, सामने नही आ रहे कुछ दुकानदार


कलेक्टर ने सौपी एसडीएम को जांच,10 दिन में जांच कर देना होगा प्रतिवेदन

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बैतूल। पिछले एक पखवाड़े से जनपद पंचायत द्वारा निर्मित दुकानो को लेकर शिकवे-शिकायतो का दौर जारी है। जनपद सदस्य और ग्रामीणो की शिकायत के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी संस्कार बावरिया द्वारा दुकानो का निरीक्षण भी किया था और सभी दुकानदारो से जवाब तलब करते हुए नोटिस थमाए थे साथ ही नोटिस का जवाब देने के लिए दुकानदारो को 7 दिन का समय दिया था जिसकी अवधि गुरुवार समाप्त हो रही थी। गुरूवार जनपद पंचायत की दुकान में अपना व्यवसाय कर रहे करीब 10 से 12 दुकानदार जनपद कार्यालय पहुंचे और लिखित में नोटिस का जवाब दिया। दुकानदारो ने सभी दस्तावेज भी जमा किये और उनके द्वारा जो किराया जमा किया गया है उसकी रसीदे भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी संस्कार बावरिया को सौपी। वही दुकानदारों का कहना था कि उनसे किसी प्रकार का अनुबंध किया ही नही गया है जबकि जनपद सीईओ के मुताबिक बिना अनुबन्ध के दुकाने आवंटित की ही नही जा सकती थी ।मिली जानकारी के मुताबिक जनपद सीईओ द्वारा दिए गए नोटिस के जवाब का गुरुवार आखिरी दिन था बावजूद इसके गुरुवार को भी 10 से 12 दुकानदार ही नोटिस का जवाब देने पहुंचे थे। जबकि 20 दुकानदारों से कागजात जनपद सीईओ के पास पहुच गए है वही 3 दुकानदारों ने अभी तक कागजात सौपे ही नही है ।सूत्रो द्वारा बताया जाता है कि वास्तव में जो दुकानदार सही है और जिनके नाम पर दुकाने है वे ही गुरुवार जनपद कार्यालय पहुंचे है। बाकी दुकानदार जिन्होने गोलमाल करके दुकाने आवंटित करवाई है वे अभी भी नोटिस का जवाब लेकर जनपद नहीं पहुंचे है।  

बड़े व्यापारियो को भी दे दी दुकान:-


मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत की दुकान आवंटन में ग्रामीण बेरोजगारो को नजरअंदाज कर शहर के बड़े व्यापारियो को मोटी रकम लेकर दुकाने दी गई है। ज्यादातर दुकाने ऐसे व्यापारियो को दी गई है जिनकी पहले से ही शहर में कई दुकाने है और लाखो का व्यापार है। इन व्यापारियो द्वारा फर्जी तरीके से ग्राम में अपने नाम जुड़वाकर या अपने रिश्तेदारो या भरोसेमन्द लोगो के नाम पर दुकाने ले रखी है और अब इन दुकानो को 10 से 12 हजार रूपये महिने का किराया लेकर किराये पर चला रहे है।  


एसडीएम को सौपा जांच का प्रभार:-


विधायक और जनपद सदस्यों द्वारा लगातार दुकान आवंटन को लेकर आरोप प्रत्यारोप लगाये जा रहे थे जनपद सदस्यो द्वारा जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र प्रस्तुत कर 6 बिन्दुओ पर जांच की मांग की गई थी वहीं ग्रामीण बेरोजगारो के द्वारा भी दुकान आवंटन को लेकर काफी सवाल खड़े किये जा रहे थे इन सबको देखते हुए जिला कलेक्टर द्वारा बुधवार जनपद पंचायत में निर्मित दुकानो की निलामी एवं आवंटन प्रक्रिया के संबंध में बिन्दुवार जांच करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुलताई को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पत्र में 10 दिवस में जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है।

मुलतापी समाचार

MP – गाँवों के विकास एवं कोरोना रोकथाम के लिए दी गई 1830 करोड़ रूपए की राशि


मुख्यमंत्री श्री चौहान नेपवीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सरपंचों से की चर्चा

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के लगभग 6 हजार सरपंचों/पूर्व सरपंचों को संबोधित किया। उन्होंने वीसी से जुड़े उपस्थित सरपंचों/पूर्व सरपंचों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने सरपंचों से पंच-परमेश्वर योजना, मनरेगा के कायों, श्रम सिद्धि अभियान, रोजगार सेतु पोर्टल पर पंजीयन, गौशाला निर्माण, नि:शुल्क राशन वितरण तथा कोरोना की स्थिति के संबंध में चर्चा की।

वीसी में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमारा हिन्दुस्तान गाँवों में बसता है। गाँवों के विकास से ही देश एवं प्रदेश का विकास संभव है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के लिए पर्याप्त राशि पंचायतों को दी जा रही है। सरकार ने पंच-परमेश्वर योजना को दोबारा चालू किया है तथा 14वें वित्त आयोग की 1830 करोड़ 7 लाख रूपये की राशि पंचायतों को भिजवाई गई है। (1555 करोड़ रूपये अधोसंरचना विकास एवं पेयजल व्यवस्था के लिए तथा 275 करोड़ रूपये कोविड रोकथाम के लिए)। सरपंच इस राशि का समुचित उपयोग करें। कोरोना की रोकथाम के साथ ही अच्छी गुणवत्ता के स्थाई प्रकृति के विकास कार्य करवाएं। जल एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दें।

कोविड की रोकथाम के लिए 275 करोड़ रूपए

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना रोग शहरों से ही गाँवों में पहुंचा है। अभी मध्यप्रदेश के 440 गाँवों में 904 कोरोना के मरीज पाए गए है। सरकार ने कोविड की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त आयोग की 15 प्रतिशत राशि 275 करोड़ रूपए भिजवाई है। इसे मास्क, साफ सफाई, साबुन, सेनेटाइजर, पीपीई किट आदि पर खर्च किया जा सकता है। प्रदेश में कोरोना के मरीज तीव्र गति से स्वस्थ हो रहे हैं फिर भी पूरी सावधानी की आवश्यकता है। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सभी मास्क लगाएं, दो गज की दूरी रखें तथा अन्य सावधानियां बरतें।        

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का देसी नुस्खा बताया 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का देसी नुस्खा भी सरपंचों को बताया। उन्होंने बताया कि गिलोए को पानी में उबालें, एक कप में पाँच तुलसी के पत्ते, तीन काली मिर्ची तथा हल्दी डालकर उसका काढ़ा बनाकर पिएं। इसके साथ ही नियमित रूप से योगासन और प्राणायाम करें।

प्रत्येक ग्राम पंचायत को औसत 8 लाख रूपये की राशि

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि ग्राम पंचायतों को अधोसंरचना विकास, पेयजल संबंधी कार्य, संधारण कार्य आदि के लिए 14वें वित्त आयोग की 1555 करोड़ रूपये की राशि भिजवाई गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत को औसत 8 लाख रूपये की राशि प्राप्त हुई है।

1256 करोड़ की राशि मजदूरों के खातों में

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत 1256 करोड़ रूपये की राशि मजदूरों के खातों में पहुंचाई गई है। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 25 लाख 14 हजार मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार कार्य दिलाया जा रहा है। श्रमसिद्धि अभियान में भी 7.5 लाख से अधिक मजदूरों को जॉब कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। रोजगार सेतु पोर्टल पर 7 लाख 30 हजार प्रवासी श्रमिकों और इन्हीं श्रमिकों के 5 लाख 79 हजार परिवार के सदस्यों को मिलाकर कुल 13 लाख 10 हजार का पंजीयन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि वे देखें कि किसी भी स्थिति में मनरेगा के अंतर्गत मशीनों से कार्य न हो।

जीरो प्रतिशत ब्याज पर गत वर्ष के ऋण की अदायगी 30 जून तक

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण लेने की योजना पुन: प्रारंभ की है। गत वर्ष जिन किसानों ने जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण लिया था अब उनके लिए ऋण अदायगी की तिथि को बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने इन सरपंचों/पूर्व सरपंचों से चर्चा की

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीसी के माध्यम से जिला सूचना केंद्रों में उपस्थित सरपंच/उपसरपंच से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले की ग्राम पंचायत परासपानी की श्रीमती किरण चौधरी, मण्डला जिले की ग्राम पंचायत तिंदनी की श्रीमती संध्या, रतलाम जिले ग्राम पंचायत केलकच्छ के श्री मुकेश डोडियार, अलीराजपुर जिले की ग्राम पंचायत सन्दा के श्री श्यामसिंह बामनिया, अनूपपुर  जिले की ग्राम पंचायत सकरा की श्रीमती विमला सिंह, भिण्ड जिले की ग्राम पंचायत उझावल के श्री राममिलन यादव, दतिया जिले ग्राम पंचायत बिछोंदना के श्री पंकज पुजारी, सीहोर जिले की ग्राम पंचायत धुराडाकला के श्री राजाराम गोयल, टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत वौरी के श्री कीरत लोधी तथा बैतूल जिले की ग्राम पंचायत पावरझण्डा के श्री ईश्वर दास कुमार से चर्चा की।

ग्राम पंचायत विकास योजना को अपलोड करने में मध्यप्रदेश अव्वल

इस दौरान अपर मुख्य सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष 2020-21 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) बनाने एवं उसे भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड करने में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम है। प्रदेश की 22756 पंचायतों द्वारा योजना अपलोड कर दी गई है।