पेटलावद – सोमवार को पेटलावद तहसील के ग्राम मोइवागेली निवासी माइली पति प्रकाश डामर ने अपने जुड़वा बच्चो को जननी एम्बुलेंस में जन्म दिया..


गर्भवती उक्त महिला को डिलेवरी हेतु दर्द होने पर पेटलावद शासकीय अस्पताल से 108 एम्बुलेंस पेटलावद स्वास्थ्य केंद्र लाने हेतु ग्राम मोइवागेली पहुची उक्त महिला को एंबुलेंस से पेटलावद स्वास्थ्य केंद्र हेतु मोइवागेली से लाया जा रहा था परंतु अत्यधिक दर्द होने पर रास्ते में ही महिला ने अपने 2 जुड़वा बच्चो को एम्बुलेंस में ही जन्म दे दिया दोनो बच्चे व महिला स्वस्थ्य है 108 के ईएमटी हनुमंत शर्मा एवं पायलेट हेमन्त शर्मा मौजूद रहे…

ब्रजमोहन परमार की रिपोर्ट

IPS सिमाला प्रसाद संभालेंगी बैतूल SP (पुलिस अधीक्षक) का पद


IPS सिमाला प्रसाद संभालेंगी बैतूल SP (पुलिस अधीक्षक) का पद

बैतूल एसपी श्री धर्मेंद्र सिंह भदौरिया का तबादला कर दिया गया है। उनके स्थान पर 2011 बैच की आईपीएस सुश्री सीमाला प्रसाद को जिले का पुलिस कप्तान बनाया गया है। इसके पहले वे डिंडौरी की भी कमान संभाल चुकी है। फिलहाल उनका तबादला 23 वी बटालियन से यहां किया गया है। जबकि श्री भदौरिया को सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल बनाया गया है।

सुश्री सीमाला प्रसाद दबंग आईपीएस के तौर पर जानी जाती है जबकि उनका अभिनय से भी गहरा नाता रहा है। उन्होंने फ़िल्म नक्काश और आलीफ़ में किरदार भी निभाया है।

कोरोना के चलते मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के हित में लिया बड़ा फैसला


◾मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने विद्यार्थियों के हित में लिया बड़ा निर्णय

◾स्नातक प्रथम, द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षाथियों को अगली कक्षा में दिया जाएगा प्रवेश

◾गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों के आधार पर होगा मूल्यांकन।
परीक्षा देने का भी रहेगा विकल्प

कोरोना संकट के मद्देनजर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को, बिना परीक्षा दिए, उनके गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों/आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा/सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के पूर्व वर्षों/ सेमेस्टर्स में से सर्वाधिक अंक प्राप्त परीक्षा परिणाम को प्राप्तांक मानकर अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये जाएंगे। ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार चाहते हैं, उनके पास परीक्षा देने का विकल्प भी रहेगा। वे आगामी घोषित तिथि पर ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में कोरोना के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के संचालन तथा शालाओं को प्रांरभ करने के संबंध में आयोजित बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी आदि उपस्थित थे।

शालाएं खोलने के संबंध में 31 जुलाई को समीक्षा उपरांत निर्णय

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में शालाओं को खोलने के संबंध में 31 जुलाई को समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा। 12वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारणवश 12वीं की परीक्षा नहीं दे पाए हैं उनके लिए एक बार फिर परीक्षा आयोजित होगी। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि अगले हफ्ते से बच्चों को किताबों का वितरण कराने की व्यवस्था की जा रही है।

प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर के 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी

प्रदेश में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी हैं। इनमें स्नातक प्रथम वर्ष में 5 लाख 25 हजार 200, स्नातक द्वितीय वर्ष में 5 लाख 7 हजार 269, स्नातक तृतीय वर्ष में 4 लाख 30 हजार 298, स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर में 01 लाख 72 हजार 634, स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर में 01 लाख 41 हजार 599 परीक्षार्थी हैं। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में परीक्षार्थियों की कुल संख्या 03 लाख 47 हजार 554, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में 2 लाख 63 हजार 05, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में 01 लाख 83 हजार 37, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर में 2 लाख 25 हजार 197, महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर में 01 लाख 52 हजार 230, देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में 3 लाख 55 हजार 379, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में 01 लाख 97 हजार 901 तथा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में 54 हजार 697 विद्यार्थी हैं।

10वीं एवं 12वीं के परिणाम जुलाई में अपेक्षित

प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि प्रदेश में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं सम्पन्न हो चुकी है, 10वीं के परिणाम जुलाई के प्रथम सप्ताह में तथा 12वीं के परिणाम जुलाई के तृतीय सप्ताह में अपेक्षित है। प्रदेश में लॉकडाउन की अवधि में रेडियो, टी.वी. एवं मोबाइल के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हैं।

मप्र में स्नातक प्रथम, द्वितीय तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षाथियों को अगली कक्षा में प्रवेश


भोपाल। कोरोना संकट के मद्देनजर मध्‍य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को, बिना परीक्षा दिए, उनके गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों/आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा/सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा।

साथ ही स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के पूर्व वर्षों/ सेमेस्टर्स में से सर्वाधिक अंक प्राप्त परीक्षा परिणाम को प्राप्तांक मानकर अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये जाएंगे। ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार चाहते हैं, उनके पास परीक्षा देने का विकल्प भी रहेगा। वे आगामी घोषित तिथि पर ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में कोरोना के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के संचालन तथा शालाओं को प्रांरभ करने के संबंध में आयोजित बैठक में यह जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी आदि उपस्थित थे।

शालाएं खोलने के संबंध में 31 जुलाई को समीक्षा उपरांत निर्णय

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में शालाओं को खोलने के संबंध में 31 जुलाई को समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा। 12वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारणवश 12वीं की परीक्षा नहीं दे पाए हैं उनके लिए एक बार फिर परीक्षा आयोजित होगी। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि अगले हफ्ते से बच्चों को किताबों का वितरण कराने की व्यवस्था की जा रही है।

प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर के 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी

प्रदेश में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी हैं। इनमें स्नातक प्रथम वर्ष में 5 लाख 25 हजार 200, स्नातक द्वितीय वर्ष में 5 लाख 7 हजार 269, स्नातक तृतीय वर्ष में 4 लाख 30 हजार 298, स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर में 01 लाख 72 हजार 634, स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर में 01 लाख 41 हजार 599 परीक्षार्थी हैं। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में परीक्षार्थियों की कुल संख्या 03 लाख 47 हजार 554, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में 2 लाख 63 हजार 05, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में 01 लाख 83 हजार 37, रानी दुर्गावतीविश्वविद्यालय जबलपुर में 2 लाख 25 हजार 197, महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर में 01 लाख 52 हजार 230, देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में 3 लाख 55 हजार 379, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में 01 लाख 97 हजार 901 तथा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में 54 हजार 697 विद्यार्थी हैं।

10वीं एवं 12वीं के परिणाम जुलाई में अपेक्षित

प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि प्रदेश में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं सम्पन्न हो चुकी है, 10वीं के परिणाम जुलाई के प्रथम सप्ताह में तथा 12वीं के परिणाम जुलाई के तृतीय सप्ताह में अपेक्षित है। प्रदेश में लॉकडाउन की अवधि में रेडियो, टी.वी. एवं मोबाइल के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हैं।