Betul शाम आठ बजे से प्रातः पांच बजे तक रात्रि कालीन कर्फ्यू रहेगा


सायं साढ़े सात बजे सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हो जाएंगे

Milati Samachar

बैतूल । बैतूल कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी राकेश सिंह ने जिले में प्रभावी लाॅक डाउन व्यवस्था के तहत मंगलवार 21 जुलाई से समूचे जिले में प्रतिदिन सायं आठ बजे से प्रातः पांच बजे तक रात्रि कालीन कर्फ्यू घोषित किया है .इस दौरान नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा .
इसी तरह अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़ कर जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान/दुकानें प्रतिदिन सायं साढ़े सात बजे अनिवार्य रूप से बंद कर दिए जाएंगे .यह आदेश तत्काल प्रभावशील किया गया है .

भारतीय स्पेस मिशन – 1 साल और 1700 किमी का सफ़र तय करके तिरुवनंतपुरम पहुंचा- महत्वपूर्ण उपकरण


Multapi Samachar


सोशल मीडिया 
पर आज ये तस्वीर काफ़ी वायरल हो रही है. वायरल हो रही ये तस्वीरें भले ही आपको साधारण सी लगें, लेकिन इनके पीछे की सच्चाई जान आप हैरान रह जायेंगे.  

साइंस एंड टेक्नोलॉजी के इस दौर में हर देश एक दूसरे से आगे निकलना चाहता है. रविवार को ‘संयुक्त अरब अमीरात’ ने भी जापान की मदद से अपने पहले ‘मंगल मिशन’ की शुरुआत कर दी है.  

भारत आज भले ही एक सेलेटाईट लॉन्चिंग देश बन गया हो, लेकिन इस बीच भारत के केरल से एक ऐसी संवेदनशील तस्वीर सामने आई है. जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं होगा. 

दरअसल, केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र‘ में किसी महत्वपूर्ण मिशन के लिए साल 2019 में एक ‘एयरोस्पेस हॉरिजॉन्टल आटोक्लेव’ (Aerospace Horizontal Autoclave) उपकरण डिलीवर होना था, लेकिन ये उपकरण आज पूरे 1 साल बाद आज तिरुवनंतपुरम पहुंचा है.  

इस दौरान हैरानी की बात ये रही कि, भारतीय स्पेस मिशन के इस महत्वपूर्ण उपकरण को महाराष्ट्र से केरल तक सड़क मार्ग द्वारा पहुंचाया गया. 9 जुलाई 2019 में महाराष्ट्र से डिलीवर के लिए निकला ये उपकरण 4 राज्यों की यात्रा करते हुए पूरे 1 साल बाद आज तिरुवनंतपुरम शहर पहुंचा है.

बता दें कि इस भरी भरकम ट्रेलर में 78 टन वजनी स्पेस संबंधित उपकरण लदा हुआ है. 32 पहिए वाले ट्रेलर के साथ सुरक्षा के लिहाज से 1 पुलिस वाहन भी साथ चलती रही. इस दौरान इस ट्रेलर के कर्मचारियों को रास्ते में कई तरह की दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा. कई पेड़ों को काटा गया, खंभों को हटाया गया और उन रास्तों की मरम्मत करवाई गई, जहां से ट्रेलर गुजरने वाला था.  

‘विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर’ के एक अधिकारी ने बताया कि, इस मशीन को अलग-अलग नहीं किया जा सकता है. इसलिए इसे इतने बड़े ट्रक से लाने का सोचा गया.  

ये ट्रक इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि इसमें कुल 38 पहिए हैं साथ ही ये 1700 किमी का सफ़र तय करके आज केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (वीएसएससी) पहुंचने वाला है. 

Betul News : एक युवक ने एक ही मंडप में दो महिलाओं से रचाई शादी, तीनों परिवारों की थी रज़ामंदी


मध्यप्रदेश में एक ही मंडप में दो लड़कियों से शादी, एक माता-पिता की मर्जी से तो दूसरी लव मैरिज

बैतूल । Betul News जिले की घोड़ाडोंगरी तहसील के ग्राम केरिया में एक युवक की एक साथ 2 युवतियों से शादी के मामले में प्रशासन ने इसे पूरी तरह पुलिस का मामला बताया है। एसडीएम शाहपुर का कहना है कि पुलिस ही जांच करके तय कर सकती है कि वह सही है या गलत। इधर एसडीओपी का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनके पास कोई शिकायत नहीं आएगी, तब तक पुलिस कुछ नहीं कर सकती। दूसरी ओर कानूनविदों का भी मानना है कि यदि किसी समाज में कोई प्रथा पहले से चल रही है और वह समाज उसे सहजता से मान्य भी कर रहा है तो वह अपराध नहीं माना जाएगा।

हाल ही में घोड़ाडोंगरी के केरिया गांव में एक युवक की 2-2 दुल्हनों से विवाह का वीडियो वायरल होने पर वह खासा चर्चा में आ गया है। युवक संदीप उईके ने होशंगाबाद जिले की एक युवती एवं घोड़ाडोंगरी तहसील के कोयलारी गांव की एक अन्य युवती से एक साथ विवाह किया है।

युवक भोपाल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसी बीच होशंगाबाद जिले की युवती से उसकी दोस्ती हो गई। इसी बीच घर वालों ने कोयलारी गांव की युवती के साथ उसका विवाह तय कर दिया। इसके बाद विवाद होने लगा। इसे देखते हुए विवाद को दूर करने के लिए तीनों परिवारों एवं समाज के लोगों ने पंचायत बुलाई।

इसमें निर्णय लिया गया कि दोनों लड़कियां युवक के साथ रहने के लिए तैयार हैं, तो दोनों की शादी लड़के से करा दी जाएं। दोनों लड़कियां राजी हो गईं और युवक से उनकी शादी हो गई। इस मामले में शाहपुर एसडीएम आरएस बघेल का कहना है कि इस मामले से राजस्व विभाग या प्रशासन का कोई सरोकार नहीं है।

यह पुलिस का मामला है और वह जांच कर यह देख सकता है कि कानून के विरूद्ध तो नहीं है और कार्रवाई भी कर सकता है। हमने पुलिस को जांच के लिए लिख दिया है। यदि बाल विवाह होता या एक पत्नी के जिंदा होते हुए दूसरी शादी जैसा मामला होता तो हम इसमें कार्रवाई कर सकते थे।

इधर सारणी एसडीओपी अभयराम चौधरी का कहना है कि यदि किसी पर दबाव देकर या जबर्दस्ती शादी की जाए तो वह अपराध है। अभी तक उस मामले में हमारे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि ऐसी कोई शिकायत आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रुढ़ियों को भी कानून में मान्यता

इस संबंध में कानूनविद (वरिष्ठ सहायक लोक अभियोजन अधिकारी) ओपी सूर्यवंशी कहते हैं कि रूढ़यिों और प्रथाओं को भी कानून में मान्यता है। किसी समाज में यदि कोई प्रथा पहले से चली आ रही हो, समाज में उसे लेकर कोई विरोध या विवाद की स्थिति नहीं है और सहजता से मान्य की जा रही हो तो उसे कानून के विरूद्ध नहीं माना जा सकता बल्कि अपवाद के रूप में मान्य किया जाता है। आदिवासी समाज में भी यदि एक से अधिक विवाह होते हैं और कोई विरोध जैसी स्थिति नहीं हो तो इसमें भी कानून के उल्लंघन या अपराध जैसी कोई स्थिति नहीं मानी जा सकती है।

मुलतापी समाचार

बैतूल में एक एकड़़ खेत में गांजे की खेती, पुलिस ने किसान पर दर्ज किया केस


बैतूल में पकडाया करोडा का गांजा

Multapi Samachar

Betul News : बैतूल। कोतवाली थाना क्षेत्र में आने वाला गांव उमरवानी गांव में एक किसान के खेत में बड़ी मात्रा में गांजे के पेड़ लगे मिले हैं। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस किसान के खेत पहुंची और किसान को गिरफ्तार कर लिया है।

कोतवाली टीआई अनिल पुरोहित ने बताया कि बैतूल इटारसी हाइवे के पास ग्राम उमरवानी में किसान अमरू यादव ने अपने खेत में बड़ी मात्रा में गांजे के पेड़ लगाए थे। साथ ही खेत में सब्जी भी लगाई हुई है, भिंडी और मक्का के बीच में किसान गांजे की खेती भी कर रहा था। पौधों की ऊंचाई करीब 8 फीट तक है जिन्हें काटकर जप्त किया जाएगा।

बैतूल में किसान ने लगाये खेत में गांजे के पेड पकडाया

मध्‍यप्रदेश Lalji Tandon in Memories : सत्ता परिवर्तन के बावजूद बेदाग रही लालजी टंडन की छवि


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Lalji Tandon in Memories : राज्यपाल लालजी टंडन ने जनता के लिए खोल दिए थे राजभवन के दरवाजे, लोकतंत्र के चारों स्तंभ से शुरू किया खुला संवाद।

Lalji Tandon in Memories : भोपाल, नवदुनिया। मध्य प्रदेश की स्थापना के बाद यहां की विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया और सामान्य नागरिक 28 राज्यपालों की कार्यशैली देख चुके हैं, सभी की अपनी-अपनी खूबियां रहीं। लेकिन लाल जी टंडन ने मात्र 11 महीने के कार्यकाल में ही राजभवन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। उनके लंबे सियासी अनुभव, स्वभाव की सरलता और कामकाज की पारदर्शिता ने सभी को प्रभावित किया। यही वजह रही कि मध्य प्रदेश में सियासी संग्राम के बाद, 22 विधायकों का इस्तीफा और कमल नाथ सरकार का पतन भी हुआ लेकिन राज्यपाल के रूप में टंडन की भूमिका बेदाग और निर्विवाद बनी रही।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से उनके दशकों पुराने रिश्ते हैं लेकिन सरकार गिरने के बाद भी दोनों के संबंधों में कोई अंतर नहीं आया। कमल नाथ सहित अन्य नेताओं ने उनकी कार्यशैली की कई अवसर पर तारीफ भी की। मध्य प्रदेश में हुए सत्ता पलट और सियासी उथल-पुथल के दौरान इस संवेदनशील मामले में भी उन्होंने पूरी पारदर्शिता रखी। संविधान और विधि विशेषज्ञों की राय के साथ अपने लंबे अनुभव के आधार पर न्याय संगत फैसले लिए। राज्यपाल की कुर्सी संभालते ही टंडन ने कमल नाथ सरकार के साथ रिश्तों को गरिमामय ऊंचाइयां देते हुए नई ऊर्जा का अहसास करा दिया। इतना ही नहीं तकरार के मुद्दों को भी पूरी गंभीरता से ‘डील’ कर उनका न सिर्फ सुखांत किया और नया मैसेज भी दे दिया। यह कहने से भी नहीं चूके कि ‘मैं कोई रबर स्टैंप नहीं, वीटो पॉवर भी मेरे पास है।’

https://multapisamachar.com/2020/07/21/mp-governor-lal-g-tandon-dies-in-lucknow-three-days-state-mourning-in-uttar-pradesh/

फैसलों पर नहीं उठी उंगली

उनके कामकाज पर उम्र का असर कभी नजर नहीं आया, जब सियासी संग्राम जोरों पर था तब राजभवन में रतजगा की स्थिति बनी रही। भोर होने तक सचिवालय में विधि विशेषज्ञों और अधिकारियों से राय मशविरा कर उन्होंने फैसले लिए। देश में ऐसे सत्ता परिवर्तन कई राज्यों में हुए लेकिन अमूमन राज्यपाल की भूमिका को लेकर खूब सवाल उठे और आरोप भी लगे लेकिन टंडन की कार्यशैली इसका अपवाद रही। उनके निर्णयों पर कोई उंगली नहीं उठा सका। सही मायने में उन्होंने अपनी संविधान संरक्षक की भूमिका को सर्वोपरि रखा। नियम-परंपराओं पर जोर नवदुनिया से हुई विशेष बातचीत में भी राज्यपाल टंडन ने इस बात पर जोर दिया था कि नियमों और परंपराओं का पालन होना चाहिए। प्रदेश में सियासी उथल-पुथल जब चरम पर थी, संख्या बल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने दावे-प्रतिदावे थे ऐसे नाजुक समय में भी उन्होंने सरकार के आमंत्रण पर विधानसभा जाकर अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान भी वह पक्ष-विपक्ष को संविधान और नियम-परंपराओं के पालन की नसीहत देना भी नहीं भूले।

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MP राज्‍यपाल लाल जी टंडन का लखनऊ में निधन, उत्तर प्रदेश में तीन दिवस का राजकीय शोक


Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon : मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया।

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Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon : लखनऊ, भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में सुबह 5.35 बजे निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और उन्हें 11 जून को स्वास्थ खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, तभी से वे अस्पताल में भर्ती थे। उनका पार्थिव शरीर त्रिलोकनाथ रोड स्थित सरकारी बंगले पर जाएगा। दोपहर 12 बजे पार्थिव शरीर को चौक स्थित आवास सोंधी टोला ले जाया जाएगा। शाम 4:30 बजे गोमती तट गुलाला घाट पर लालजी टंडन को अंतिम विदाई दी जाएगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सीए शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम शिवराज सिंह चौहान आज लालजी टंडन को श्रद्धांजलि अर्पित करने लखनऊ जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लालजी टंडन के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि देश ने एक लोकप्रिय जन नेता, योग्य प्रशासक एवं प्रखर समाज सेवी को खोया है, वो लखनऊ के प्राण थे।उन्होंने लालजी टंडन के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक की घोषणा की है।

जांच के दौरान सामने आई थी लिवर में परेशानी

जानकारी के मुताबिक 11 जून को बुखार होने पर परिजनों ने उन्हें लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। शुरुआती पड़ताल में डॉक्टरों को पेशाब में संक्रमण का पता चलने पर इलाज शुरू किया। जांच के दौरान राज्यपाल के लिवर में दिक्कत पाए जाने पर सीटी गाइडेड प्रोसीजर किया गया। इस दौरान पेट में रक्त का स्राव बढ़ गया, जिसके चलते उनका इमरजेंसी में ऑपरेशन किया गया था।

हाल ही में उनके किडनी के साथ-साथ लिवर का फंक्शन भी गड़बड़ा गया था। उनका इलाज आइसीयू में चल रहा था। 13 जून को उनका ऑपरेशन किया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। बीच में दो दिन बाई-पैप मशीन पर रहे। हालत में सुधार न होता देख दोबारा वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर के मुताबिक लालजी टंडन का किडनी फंक्शन पहले से गड़बड़ा गया था। ऐसे में डायलिसिस करनी पड़ रही थी। वहीं, अब लिवर का फंक्शन भी गड़बड़ हो गया था।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दी श्रद्धांजलि

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहा ने राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्रद्धेय श्री लालजी टंडन के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। टंडन जी का मार्गदर्शन हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक मिला। उन्होंने जनता और राष्ट्र की सेवा का एक अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए अपनी नीतियों से उत्तर प्रदेश भाजपा को भी सशक्त किया। मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहते हुए टंडनजी ने हमें सदैव सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र के प्रति उनके प्रेम और प्रगति हेतु योगदान को चिरकाल तक याद रखा जाएगा। आत्मा अजर-अमर है। वे आज हमारे बीच नहीं हैं परंतु अपने सुविचारों द्वारा वे हमारी स्मृतियों में सदैव जीवित रहेंगे। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोकाकुल परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करें।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी लालजी टंडन को श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा, भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री लालजी टंडन जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं। टंडन जी का पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उन्होंने उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक जनसेवक के रूप में श्री लालजी टंडन जी ने भारतीय राजनीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। उनका निधन देश और भाजपा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। ॐ शांति शांति शांति।

मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने ट्वीट कर लिखा, मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल आदरणीय लालजी टंडन जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दे।

मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता अरुण यादव ने राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री लालजी टण्डन जी के निधन का समाचार दुःखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें एवं परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति दें..।

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