sc फैसला- CBI करेगी सुशांत सिंह राजपूत केस की निष्‍पक्ष जांच


सुशांत सिंह राजपूत केस में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया है। SC ने इस मामले में CBI जांच का आदेश दिया है और कहा है कि महाराष्ट्र सरकार सीबीआई को सहयोग करे साथ ही तमाम जांच संबंधित दस्तावेज मुहैया कराने में भी मदद करे। कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वह भविष्य में सुशांत केस से संबंधित मामले को अपने हाथों में ले। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि ये सुनिश्चित किया जाए कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पीछे के रहस्य की छानबीन के लिए सीबीआई कंपिटेंट जांच एजेंसी है और कोई भी राज्य पुलिस उसकी जांच में दखल न दे।

बिहार सरकार को केस सीबीआई को देने का अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई न सिर्फ पटना के एफआईआर मामले की जांच के लिए सक्षम है बल्कि आगे भी कोई केस दर्ज होता है इस मामले में तो वह सीबीआई देखेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार को इस बात का अख्तियार है कि वह सुशांत के पिता की शिकायत पर दर्ज केस को सीबीआई को रेफर करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस सीबीआई को सहयोग करे क्योंकि अब सीबीआई जांच का आदेश सुप्रीम कोर्ट का है। सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने एनबीटी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि बिहार सरकार सीबीआई जांच के लिए केस रेफर करने केलिए सक्षम है। पटना में दर्ज केस वैध है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगे थे सभी पक्षों के जवाब
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच का अधिकार किसे है, इसे लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित जवाब मांगे थे। बिहार सरकार, रिया चक्रवर्ती और सुशांत की फैमिली की तरफ से लिखित जवाब सुप्रीम कोर्ट में दिए गए थे। वहीं सीबीआई की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में लिखित जवाब दिया गया था। जवाब में कहा है कि कोर्ट को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अपनी जांच जारी रखने देना चाहिए।

SC में रिया चक्रवर्ती की ओर की दलील
घटना मुंबई की है और जूरिस्डिक्शन भी महाराष्ट्र पुलिस की बनती है। लेकिन बिहार पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पटना में घटना नहीं हुई। रिया के खिलाफ पॉलिटिकल फोर्स का इस्तेमाल किया गया है। मामले को राजनीतिक अजेंडा की तरह इस्तेमाल किया गया ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके। मामले में पटना पुलिस का जूरिडिक्शन नहीं बनता है केस मुंबई ट्रांसफर होना चाहिए।

बिहार सरकार के वकील मनिंदर सिंह की दलील
रिया ने खुद सीबीआई जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस ने 56 लोगों का बयान दर्ज किया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की। महाराष्ट्र में पुलिस पर राजनीतिक दबाव है। राजनीतिक दबाव के कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो रही। बिहार पुलिस के एसपी को वहां क्वारंटीन किया गया।

महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी
बिहार सरकार का मामले में जूरिस्डिक्शन नहीं है। ये संघीय ढांचे का सवाल है। घटना मुंबई में हुआ है। कानून का सिर मरोड़ दिया गया। सीआरपीसी का मर्डर किया जा रहा है। बिहार में चुनाव है और चुनाव के बाद कोई इस केस को नहीं देखेगा।

सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह
विकास सिंह ने कहा कि हम फेयर जांच चाहते हैं। हम मुंबई पुलिस पर विश्वास नहीं कर सकते। रिया ने पूरा कंट्रोल कर रखा था लेकिन मुंबई पुलिस ने उस मामले में छानबीन नहीं की है। सुशांत की मौत हो गई। जब उसका दरवाजा खोला गया तो सुशांत की बहन वहां 10 मिनट में पहुंचने वाली थी लेकिन उसका इंतजार नहीं किया गया और नहीं देख पाए कि क्या वह पंखे से लटका हुआ था?

केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता
मुंबई पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए 56 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। बिना कानून का पालन किए ये सब मुंबई पुलिस कर रही है। बिहार में केस दर्ज हुआ है। ये केस सीबीआई जांच के लिए सिफारिश की गई और फिर केस दर्ज किया गया।

सुशांत का परिवार नहीं चाहता और देर
सुशांत की मौत 14 जून को हुई थी। 2 महीने से ज्यादा वक्त हो गया है और कोई नतीजा नहीं निकल सका है। सुशांत का परिवार और उनके फैन्स जल्द से जल्द इस मामले में न्याय चाहते हैं। सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति, उनकी एक्स-गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे सहित उनके दोस्त और फैन्स कई दिनों से सोशल मीडिया पर न्याय की मांग कर रहे हैं।

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