अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का जायजा लेने पहुंचे विधायक निलय डागा


अतिवृष्टि से खराब हुई फसल का जायजा लेने पहुंचे विधायक निलय डागा

बैतूल। अतिवृष्टि की वजह से बर्बाद हुई फसलों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को बैतूल विधायक निलय डागा विधानसभा क्षेत्र के गांवों में पहुंचे। विधायक निलय डागा कुम्हारिया, सातइमलीढाना, मंडाई, बोड़ना, निमझिरी, आठनेर के जावरा के खेतो में पंहुचे। इस दौरान विधायक श्री डागा ने किसानों का हाल जाना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। साथ ही विधायक डागा ने प्रशासन से बर्बाद फसल का शीघ्र सर्वे करवाने एवं 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा राशि की मांग की। विधायक ने सोयाबीन और उड़द की बर्बाद फसल को देखने बाद किसानों को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने जल्द ही सर्वे शुरू करवाने का आश्वासन दिया। खेतों में पहुंचे विधायक को किसानों ने बताया पहले क्षेत्र में सोयाबीन, उड़द की फसल पीला मोजक का शिकार हुई और इसके बाद अब अफलन और अन्य प्रकार के रोगों से ग्रसित हो गई है। विधायक डागा ने प्रशासन से बर्बाद फसल का सर्वे करवा कर किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलवाने की भी मांग की है। विधायक निलय डागा के साथ में यतीन्द्र सोनी, पिरमु मोरले, कैलाश पटेल, भददु झर्रे, फत्तू दाबड़े, पंकज वंजारे, कमलेश कोसे, आशीष सोनारे, बब्बा राठौर उपस्थित रहे।

आठनेर बारिश के कारण गांवों का कच्चा मकान ढहा


Multapi Samachar

मप्र में जिलों में बरीज़ह के कर शहर और गांव पानी ही पानी हो गए वही लगता बरीज़ह स आठनेर थाना के ग्राम पंचायत राजापुर में 3 दिन से लगातार भारी बरसात होने के कारण फिर यह दुर्घटना देखने के लिए सामने आई फिर एक किसान की दुख भरी कहानी 3 दिन भारी बरसात होने के कारण फिर यह किसान का घर टूटकर गिरा प्रशासन समुदाय इस मसले पर कोई कार्य नहीं कर रहा है लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बरसात होने के कारण कई गरीब लोग घर से बेघर हो रहे हैं  बारिश की आफत देह के कई हिस्सों में है

MP : दो दिन में ढूंढ निकाला पुलिस हत्यारा, शराबी पति ने कर दी पत्नी की हत्या, सबूत मिटाने बॉडी पर लगाया गोबर


आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे लगा कि उसकी पत्नी बेहोश है इसलिए गोबर लगाया फिर उसने यह भी बताया कि बॉडी को गर्म करने के लिए गोबर लगाया.

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मध्य प्रदेश के बैतूल में एक पति द्वारा अपनी पत्नी की हत्या कर उसकी लाश पर गोबर लपेट कर रखने का मामला सामने आया है. आरोपी पति ने पत्नी को मारने के बाद अपने ही घर में उसकी लाश पर गोबर लगा कर रखा था. पुलिस को इसकी जानकारी तब मिली थी जब कुछ ग्रामीणों ने आरोपी के घर से बदबू आने की शिकायत की.

दरअसल, बैतूल के चिचोली थाना के पातरी गांव में 28 अगस्त को एक महिला की लाश मिली थी. इसकी सूचना पुलिस को मिली, तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा कि लाश पर गोबर पुता हुआ है. पुलिस ने लाश को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया, तो पता चला कि अंदरूनी चोटें होने के कारण और लीवर फट जाने से महिला की मृत्यु हुई है.

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और सबसे पहले संदेह उसके पति भैयालाल पर हुआ. जांच के दौरान पूछताछ में भैयालाल ने पुलिस को गुमराह किया और कहा कि वह गांव से बाहर चला गया था और नहीं जानता कि उसकी पत्नी की हत्या किसने की है. पता चला कि भैयालाल की शराब पीने की आदत थी, जिसके चलते घर में हमेशा विवाद होता था और उसके तीन बच्चे भी घर से कहीं और बाहर रहने चले गए थे. वह अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा करता रहता था.

जब पुलिस ने आरोपी भैयालाल से कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. टीआई दीपक पाराशर का कहना है कि भैयालाल की पत्नी, जिसकी उम्र चालीस साल है उससे 26 अगस्त की रात को लड़ाई हुई थी. विवाद इतना बढ़ा कि भैयालाल ने डंडे से पत्नी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए और पत्नी की तुरंत ही मौके पर मौत हो गई.

इसके बाद आरोपी पति भैयालाल ने पत्नी के मृत शरीर को गोबर से ढंक दिया. आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे लगा कि उसकी पत्नी बेहोश है इसलिए गोबर लगाया. उसने यह भी बताया कि बॉडी को गर्म करने के लिए गोबर लगाया था. पुलिस का मानना है कि आरोपी ने साक्ष्य छिपाने के लिए गोबर का इस्तेमाल किया था. आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.

सोयाबीन की फसल के खराब होने पर 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन


नष्ट हुई फसलों का 40हजार रूपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की मांग की।
किसान संघर्ष समिति द्वारा मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन।

आज मुलताई सहित टीकमगढ़,हरदा, उज्जैन, झाबुआ, सिवनी ,कटनी, नीमच, रायसेन, रीवा, इंदौर, देवास,ग्वालियर, सिंगरौली, दमोह, विदिशा, मंदसौर, पन्ना, छिंदवाड़ा,बालाघाट जिले में किसान संघर्ष समिति द्वारा अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों के सर्वे कराने तथा मुआवजा दिलाने को लेकर मुख्यमंत्री के नाम स्थानीय अधिकारी को ज्ञापन सौपें गए। यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने बताया कि किसान संघर्ष समिति की मांगे स्वीकार न किए जाने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। डॉ सुनीलम ने बताया कि आज अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की वर्किंग ग्रुप की बैठक आयोजित की गई है जिसमें संसद सत्र शुरू होने के पहले दिन 14 सितंबर को किए जाने वाले राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। ज्ञापन में कहा गया है कि पूरे प्रदेश में सोयाबीन ,मक्का ,उड़द,मुंग तथा सब्जियों की फसल अतिवृष्टि ,पीला मोजैक तथा अफलन से खराब हो गई है। खेतों में जलभराव से सोयाबीन की फसल तथा मक्का की फसल गिरकर खराब हो गई है। जिसका अभी तक कृषि विभाग द्वारा कोई सर्वे की कार्यवाही नहीं की गई है। ज्ञापन देकर सरकार से मांग की गई कि अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का तुरंत सर्वे कराने का निर्देश जारी करें। सर्वे के दौरान किसान की उपस्थिति अनिवार्य की जाए तथा ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों की जानकारी में हो । मुआवजा क्रॉप कटिंग सर्वे के बाद ही दिया जाता है लेकिन क्रॉप कटिंग सर्वे हर गांव में सिर्फ 2 किसानों का ही किया जाता है। इस व्यवस्था को सुधारने की आवश्यकता है क्योंकि इससे सही आकलन नहीं हो पाता तथा किसानों को न्यूनतम मुआवजा देने का तरीका है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री को स्मरण कराते हुए मांग की है कि पिछले वर्ष जब आप विपक्ष में थे तब आपने कमलनाथ सरकार से अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसल का 40 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा की मांग की थी। अब राज्य में आपकी सरकार है इसलिए आप अपनी मांग पर अमल करते हुए किसानों को 40 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिलाया जाए। अनावारी मापने की इकाई किसान का खेत हो, यह मांग लंबे समय से किसान संघर्ष समिति द्वारा की जा रही है। इसके बावजूद भी पटवारी हल्के को ही माना जा रहा है जो सरासर नाइंसाफी है तथा किसानों को न्यूनतम मुआवजा देने का एक तरीका है। फसल बीमा कंपनियों के पास समय से कृषि विभाग और राजस्व विभाग द्वारा रिपोर्ट ना भेजे जाने के कारण किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाता है। सरकार यह सुनिश्चित करें कि क्रॉप कटिंग के एक सप्ताह के भीतर फसल बीमा कंपनियों के पास हर किसान का प्रकरण पहुंच जाए । कृषि विभाग और राजस्व विभाग द्वारा सर्वे का कार्य लापरवाही पूर्ण , भेदभाव पूर्ण और भाई भतीजावाद पर आधारित होता है । यह आरोप लगातार किसानों द्वारा लगाए जाते रहे हैं इसीलिए पारदर्शी तरीके से सर्वे का कार्य किया जाना चाहिए। कृष्णा ठाकरे, जगदीश दोड़के,भागवत परिहार, रग्घू कोड़ले ,सीताराम नरवरे, डखरू महाजन, कृपाल सिंह सिसोदिया,तिरथसिंह बलिहार , अरूण सिवारे , लखन सूर्यवंशी,उमेश झोड़,हरि महाजन,किशोर सिंह, वासुदेव आदि ने मुलताई एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।