Red signal रुका था गन्ने से भरा ट्रक, हाथियों ने मौके का फायदा उठाकर ‘खाया’ गन्‍ना- VIDEO


रेड सिग्नल पर हाथियों ने उठाया मौके का फायदा

सोशल मीडिया पर हाथियों की चंचलता और मस्ती के कई वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। इन दिनों ऐसा ही एक वीडियो काफी देखा जा रहा है। कम से कम इस

Multapi Samachar

अगर जानवरों की बात करें तो हाथी सबसे अधिक मनमौजी होते हैं और वे अपनी मस्ती के लिए जाने जाते हैं। सोशल मीडिया पर हाथियों की चंचलता और मस्ती के कई वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। इन दिनों ऐसा ही एक वीडियो काफी देखा जा रहा है। कम से कम इस वायरल वीडियो को देखकर तो आप भी यही कहने वाले हैं कि हाथी होते हैं मस्ती के साथी।

वायरल वीडियो किसी सड़क का है। वीडियो में आगे-पीछे दो ट्रकों में दो हाथी जा रहे हैं। रास्ते में ट्रैफिक सिग्नल पर रेड लाइट होती है और दोनों के ट्रक रुक जाते हैं। उनके ट्रक के पास ही एक गन्ने से भरा ट्रक रुकता है। बस फिर क्या, दोनों हाथी मौका कैसे छोड़ते, दोनों ने रेड लाइट का जमकर फायदा उठाया और खूब गन्ने खाए। हालांकि वीडियो कब का और कहां का है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि एक रिपोर्ट की मानें तो यह वीडियो थाइलैंड का है। पहले आप भी वीडियो देखिए…

वीडियो को ट्विटर पर गन्नूप्रेम नाम के हैंडल पर पोस्ट किया गया है। यह हैंडल हाथियों से जुड़े काफी वीडियोज शेयर करता है। ट्वीट होने के बाद वीडियो 4 हजार से अधिक बार रीट्वीट किया जा चुका है। इसके साथ ही 20 हजार से अधिक लोगों ने इसे पसंद किया है। वीडियो के रिप्लाई में लोगों ने हाथियों की मासूमियत की तारीफ की। वीडियो देखकर हमारे चेहरे पर तो मुस्कान आ गई, आपका क्या हाल है? कॉमेंट करके बताइए….

रेलवे ने सांसद के मांग पर एबी शटल इटारसी तक चलना की स्वीकृति मिली, प्रारंभ मुलताई से हो जनता की मांग


सांसद डीडी उइके फाइल फोटो

मुलतापी समाचार

बैतूल । आमला-बैतूल के बीच चलने वाली एबी शटल अब इटारसी तक विस्तारित कर दी गई है। जिले के लोगों द्वारा की जा रही इस बहुप्रतिक्षित मांग को सांसद डीडी उइके द्वारा रेल मंत्रालय के समक्ष रखकर इसकी आवश्यकता के बारे में लगातार पत्राचार किया गया था। सांसद श्री उइके की मांग पर रेल मंत्रालय द्वारा एबी शटल को इटारसी तक विस्तारित करने हेतु स्वीकृति दे दी गई है।

कोविड-19 की परिस्थितियों के सामान्य होने पर जब रेल यातायात सुचारू होगा तब 51239/51240 पैसेंजर ट्रेन आमला से इटारसी के बीच चलेगी। रेल मंत्रालय द्वारा तत्संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि वर्तमान में कई स्थानों पर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बंद हो रहा है अथवा उन्हें एक्सप्रेस ट्रेन में परिवर्तित कर दिया जा रहा है, ऐसी परिस्थितियों में जिले की आम जनता की सुविधा के लिए एबी शटल को इटारसी तक विस्तारित करना अपने आप में चुनौती थी जिसे सांसद दुर्गादास उइके द्वारा लगातार प्रयास कर सफलता हासिल की गई। सांसद श्री उइके ने इस हेतु रेल मंत्री पियुष गोयल का आभार व्यक्त करते मांग की है कि जब भी ट्रेन का संचालन आरंभ हो तब इसे नए ईएमयू रैक के साथ संचालित किया जाए।

मुलताई की जनता की भी मांंग ऐबी सटल का प्रारंभ मुलताइ से इटारसी हो

सांसद जी से ऐबी शटल पेंसजर का संचालन हेतु अपील, मुलताई से इटारसी तक प्रारंभ किया जाये जिससे मुलताई विधानसभा क्षेत्र की जनता को यात्रा में सुगमता हो सके जिससे आमला-मुलताई केे बीच के गांव के नागरिक अपनी फसल सब्‍जी भाजी का विक्रय करनेे हेतु शहर जा सकें

आँखें जो देखती हैं वह हरदम सच नहीं होता


हमेशा अनुभव पर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी अनुभव भी धोखा दे देता है

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यदि हम स्वार्थ की अपनी आदत बना लेते हैं तो हम जीत कर भी हार जाते हैं

जब हम भगवान पर सब कुछ छोड़ देते हैं, तो वे हमेशा तुम्हारे लिए सर्वोत्तम का चयन करते है।
पिता ने हलवे के 2 कटोरे बनाये और उन्हें मेज़ पर रख दिये।
एक के ऊपर 2 बादाम थे, जबकि दूसरे कटोरे में हलवे के ऊपर कुछ नहीं था।
फिर उन्होंने बच्चे को हलवे का कोई एक कटोरा चुनने के लिए कहा l बच्चे ने 2 बादाम वाले कटोरे को चुना!
बच्चl अपने बुद्धिमान विकल्प / निर्णय पर खुद को बधाई दे रहा था, और जल्दी -जल्दी बादाम का हलवा खा रहा था।
परंतु बच्चे के आश्चर्य का ठिकाना नही था, जब बच्चे ने देखा कि पिता वाले कटोरे के नीचे 4 बादाम छिपे थे!
बहुत पछतावे के साथ, बच्चे ने निर्णय में जल्दबाजी करने के लिए खुद को कोसा।
पिता ने बच्चे को सिखाया कि, आँखें जो देखती हैं वह हरदम सच नहीं होता* उन्होंने कहा कि यदि आप स्वार्थ की अपनी आदत बना लेते हैं तो आप जीत कर भी हार जाते हैं ।
अगले दिन, पिता ने फिर से हलवे के 2 कटोरे पकाए और टेबल पर रक्खे l एक कटोरे के शीर्ष पर 2 बादाम और दूसरे कटोरे के ऊपर कोई बादाम नहीं था।
फिर से उन्होंने बच्चे को अपने लिए कटोरा चुनने को कहा। इस बार बच्चे को कल का संदेश याद था, इसलिए बच्चे ने शीर्ष पर बिना किसी बादाम के कटोरे को चुना।
परंतु इस बार नीचे एक भी बादाम नहीं छिपा था!

फिर से, पिता ने बच्चे से कहा, “मेरे बच्चे, हमे हमेशा अनुभव पर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी, अनुभव भी आपको धोखा दे दे ता है या आप पर चालें खेल सकता है स्थितियों से कभी भी ज्यादा परेशान या दुखी न हों, बस अनुभव को एक सबक के रूप में समझें, जो किसी भी पाठ्यपुस्तकों से प्राप्त नहीं किया जा सकता है।
तीसरे दिन, पिता ने फिर से हलवे के 2 कटोरे पकाए।
पहले 2 दिन की ही तरह, एक कटोरे के ऊपर 2 बादाम, और दूसरे के शीर्ष पर कोई बादाम नहीं था । पिताजी ने उस कटोरे को चुनने
कहा जो बच्चे को चाहिए था।
लेकिन इस बार, बच्चे ने अपने पिता से कहा, पिताजी, आप पहले चुनें, आप परिवार के मुखिया हैं और आप परिवार में सबसे ज्यादा योगदान देते हैं । आप मेरे लिए जो अच्छा होगा वही चुनेंगे।
पिता खुश थे। उन्होंने शीर्ष पर 2 बादाम के साथ कटोरा चुना, लेकिन जैसा कि बच्चे ने अपने कटोरे का हलवा खाया! हलवे के एकदम नीचे 4 बादाम और थे।
पिता ने बच्चे की आँखों में प्यार से देखते हुए, कहा मेरे बच्चे, याद रखना जब तुम भगवान पर सब कुछ छोड़ देते हो, तो वे हमेशा तुम्हारे लिए सर्वोत्तम का चयन करते है।
और जब तुम दूसरों की भलाई के लिए सोचते हो, अच्छी चीजें स्वाभाविक तौर पर तुम्हारे साथ भी हमेशा होती रहेंगी ।