ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को ठेके पर लेने नगर पंचायत बनाने पर तुले हुए कुछ लोग?


नगर पंचायत को लेकर गूंजने लगे विरोध के स्वर

बैतूल जाकर किया विरोध प्रदर्शन

बैतूल । बैतूल जिला आदिवासी बहुल जिला होने के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में कई जगह अत्यधिक पिछड़ा हुआ भी है जो शहरी आजीविका एवं नगर पालिका नगर पंचायत आदि के खर्चों को वहन करने में नागरिक असक्षम है वाबजूद इसके कुछ लोग अपना निजी हितो को साधने घोड़ाडोंगरी ग्राम पंचायत को पेसा एक्ट का उल्लंघन कर नगर पंचायत बनाने में लगे हैं वही घोड़ाडोंगरी को नगर पंचायत बनाने को लेकर घोड़ाडोंगरी ग्राम पंचायत क्षेत्र में ही विरोध के स्वर भी गूंजने लगे हैं।

घोड़ाडोंगरी ग्राम पंचायत क्षेत्र के बासन्या, बेहड़ीढाना, बाजारढाना के ग्रामीणों ने घोड़ाडोंगरी को नगर पंचायत बनाने को लेकर बैतूल जाकर विरोध दर्ज कराया है ।

रिटायर्ड फौजी संतोष उइके के नेतृत्व में घोड़ाडोंगरी के लोग बैतूल पहुंचे और उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराया।

श्री संतोष उइके ने बताया कि ग्राम पंचायत घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में अधिकांश आदिवासी वर्ग के लोग रहते हैं और नगर पंचायत बनाने से अनुसूचित क्षेत्रों को और अनुसूचित समाज के लोगों को दिए गए विशेष अधिकारों का हनन होगा ।

शासन द्वारा पेसा एक्ट के तहत अनुसूचित क्षेत्रों के लोगों को कई तरह के अधिकार दिए गए हैं नगर पंचायत बन जाने से यह अधिकार छिन जाएंगे।

उन्होंने बताया कि नगर पंचायत बनाने के लिए 20 हजार की जनसंख्या के प्रावधानों को भी नजरअंदाज किया गया है।

2011 की जनगणना के अनुसार घोड़ाडोंगरी ग्राम पंचायत क्षेत्र की जनसंख्या 8632 है ।

लेकिन 20 हजार मानकर नगर पंचायत बना दी गई है ,जो गलत है हम सभी इसका विरोध करते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया है कि घोड़ाडोंगरी को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव जब ग्राम सभा में लिया गया था तो कोरम पूरा नहीं था और उसके बावजूद प्रस्ताव ले लिया गया।

घोड़ाडोंगरी ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने से आदिवासी समाज के हितों पर कुठाराघात होगा।

ग्रामीण मजदूरों को रोजगार देने वाली योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना बंद हो जाएगी ।

ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को ठेके पर लेने के लिए कुछ लोग नगर पंचायत बनाने पर तुले हुए हैं ।

लेकिन यह गरीब आदिवासी मजदूरों के साथ अन्याय होगा।

इसलिए हम इसका विरोध करते हैं ।

ग्राम सभा में भी किया था विरोध

महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आयोजित ग्राम सभा में बासन्या, ओर बाजारढाना के लोगों ने अपने ग्राम सभा क्षेत्र को घोड़ाडोंगरी नगर पंचायत से अलग रखने को लेकर प्रस्ताव भी पारित किया था। बेहड़ीढाना के लोगों ने भी बेहड़ीढाना को घोड़ाडोंगरी नगर पंचायत में शामिल नहीं करने को लेकर ग्राम पंचायत सचिव को आवेदन भी दिया था ।

वही अभी घोड़ाडोंगरी ग्राम पंचायत नगर पंचायत घोषित हो चुकी है शासन द्वारा अपवर्जन की कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है।

नगर पंचायत चुनाव के पहले ही घोड़ाडोंगरी में नगर पंचायत को लेकर विरोध के स्वर फूटने से क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है।

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