अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बैतूल में इस सत्र की फीस वृद्धि के विषय मे निदेशक महोदय जी को ज्ञापन सौपा।


✍️ राहुल सारोडे

बैतूल मुल्ताई। (मुलतापी समाचार) आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बैतूल ने स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में इस सत्र की फीस वृद्धि के विषय मे निदेशक महोदय जी को ज्ञापन सौपा। जिसमें महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को लिखित में यह आस्वासन दिया कि 22 नवंबर को कॉलेज की बैठक में कॉलेज प्रशासन एवं विद्यार्थियों के हित को देखते हुए फीस कम की जायेगी।

नगर मंत्री अंकित हरोड़े ने बताया कि आज से पहले भी अभाविप नगर का प्रतिनिधि मंडल प्रिंसिपल महोदय से मुलाकात कर इस विषय को अवगत कराया गया था, उन्होंने कुछ दिनों का अस्वासन दिया था परंतु अस्वासन पूर्ण नही किया गया

इसलिए आज अभाविप कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ परिसर में उग्र प्रदर्शन के लिए उपस्थित रही। एवं 22 तारीख को विद्यार्थियों को देखते हुए फीस नही कम की गई तो अभाविप उग्र आंदोलन के लिए बाध्य रहेगी। इसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।

ब्लड बैंक ने बनाया प्रदेश में रिकार्ड2125 यूनिट लक्ष्य की तुलना में 3471 यूनिट हुआ रक्तदान


बैतूल। रक्तदान को लेकर बैतूल ब्लड बैंक ने प्रदेश में रिकार्ड दर्ज कराया है। इस उपलब्धि पर संचालनालय स्वास्थ्य भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुशी जताई है और बैतूल ब्लड बैंक को बधाई प्रेषित की है। कोरोना काल में जब लोग घर से बाहर नहीं आ रहे थे तब बैतूल के रक्तदाताओं ने उत्साह के साथ रक्तदान के लिए आगे बढ़कर इतना रक्तदान किया कि आज बैतूल का नाम प्रदेश के ब्लड बैंकों में टॉप पोजिशन पर पहुंच गया है।

संचालनालय स्वास्थ्य भोपाल ने अप्रैल माह से सितंबर माह के बीच में सभी ब्लड बैंक को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए लक्ष्य दिया था। यह लक्ष्य जनसंख्या के आधार पर दिया जाता है। बैतूल ब्लॅड बैंक को 2125 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य दिया गया था। इस लक्ष्य की तुलना में बैतूल ब्लॅड बैंक ने 3471 यूनिट रक्तदान कराया, जिसका 163.34 उपलब्धि प्रतिशत रहा। बैतूल कि बाद प्रदेश में शिवपुर दूसरे नंबर और नरसिंहपुर तीसरे नंबर पर रहा। आदिवासी बाहुल्य जिला बैतूल मध्य प्रदेश में लक्ष्य पूर्ति में प्रथम नंबर पर आने पर स्वास्थ्य विभाग के लिए सराहनीय माना जा रहा है।

जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ.अशोक बारंगा ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि यह उपलब्धि स्वैच्छिक रक्तदाताओं के कारण हमें मिली है। हम रक्तदाताओं का और रक्तदान के लिए प्रेरित करने वाली समितियों, स्वयंसेवियों और ब्लॅड बैंक को श्रेय देते है और इनका आभार व्यक्त करते है कि भविष्य में भी रक्तदान के प्रति हमेशा अग्रसर रहे, जिससे जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी मिल सके। कोरोना काल में प्रदेश में ब्लॅड बैंक बैतूल के टॉप आने पर ब्लड बैंक की रक्तकोष अधिकारी डॉ.अंकिता सीते ने भी खुशी का इजहार किया और कहा कि यह सब इसलिए संभव हो पाया है कि सिविल सर्जन डॉ.अशोक बारंगा, तत्कालीन सीएमएचओ डॉ.गिरीशचंद्र चौरसिया और वर्तमान सीएमएचओ डॉ.प्रदीप धाकड़, और वरिष्ठ पैथालॉजिस्ट डॉ.डब्लू ए नागले के मार्गदर्शन।

साथ ही लॉकडाउन के दौरान रक्तदाताओं को ब्लॅड बैंक लाने के लिए वाहन की व्यवस्था करवाने में मदद और हमेशा रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करने में जो मदद की गई उसके ही कारण बैतूल ब्लॅड बैंक आज पूरे मध्य प्रदेश में नंबर -1 पर आया है। सबसे खास बात बैतूल जिले के रक्तदाताओं की है जो बहुत ही संवेदनशील है और हमेशा रक्तदान के लिए अग्रसर रहते है इसलिए इस उपलब्धि का श्रेय उनकों जाता है। साथ ही डॉ.अंकिता सीते ने रक्तदाताओं के साथ-साथ उन संगठनों, समितियों, स्वयंसेवियों का भी आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित कराए। डॉ.अंकिता सीते ने बताया कि बैतूल में रक्तदान के लिए समाजसेवी संस्थाओं और रक्तदाताओं के बीच स्वैच्छिक रक्तदान के लिए अच्छा माहौल है। साथ ही यहां पर जन्मदिन, पुण्यतिथि, शादी की सालगिरह जैसे खास मौकों को खास बनाने के लिए रक्तदान किया जाता है। यह बहुत ही सराहनीय पहल है।डॉ.अंकिता सीते ने खासतौर पर ब्लड बैंक स्टॉफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्टॉफ के सदस्यों का हमेशा सराहनीय योगदान रहता है । इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि रक्त की कमी आने पर जिला चिकित्सालय के चिकित्सक और स्टॉफ के सदस्य भी रक्तदान करने के लिए अग्रसर रहते है।

जननी 108 में कराया महिला का सुरक्षित प्रसव


बैतूल– बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के ग्राम नाहिया से एक खुशखबरी भरी खबर सामने आई है जहाँ जननी एक्सप्रेस 108 के ईएमटी रुपेश पवार एवं पायलट मदन पवार के द्वारा एंबुलेंस के अंदर ही नाहिया ग्राम की महिला के सुरक्षित प्रसव को अंजाम दिया है। ग्राम नाहिया आमला की महिला रोशनी 22 वर्ष को प्रसव पीड़ा होने पर जननी एक्सप्रेस 108 को बुलवाया गया था, जिसे 108 के द्वारा महिला को अस्पताल लाया जा रहा था कि ग्राम नाहिया से कुछ दूर चलने के बाद ही महिला को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। जिसमें 108 के ईएमटी और आशाकार्यकर्ता कमला बाई ने एंबुलेंस को रास्ते में रुकवा कर सुरक्षित प्रसव करवाया। जिसमें जच्चा बच्चा दोनों सुरक्षित और स्वस्थ हैं। प्रसव के बाद महिला और बच्चे को आमला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। 108 के ईएमटी रूपेश पवार ने बताया थोड़े और समय की देरी होती महिला का प्रसव घर पर ही हो जाता।