मुलताई SDM के आदेश की धज्जियां उड़ाकर गुमराह करते उन्ही के कर्मचारी


मुलताई SDM और तहसील कार्यालय बाबुओं के भरोसे जाँच

बीते 24 दिन बाद भी एक टेबल से दूसरे टेबल नही बदल पा रही फ़ाइल, क्या ये डिजिटल भारत है ?

मुलतापी समाचार

मुलताई । डब्ल्यूसीएल विभाग में फर्जी नोकरी करते पाए गए मारुति धोटे जो कि फर्जी नाम अमृत से नॉकरी रहा था । जिसकी शिकायत कमलेश अड़लक ने की थी। जिसके बाद जाँच में डब्ल्यूसीएल में फर्जी नोकरी करते पाए जाने पर मारोती धोटे को बर्खास्त कर दिया । जबकि फर्जी मारोती धोटे का का राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड निरस्त कर दिया गया है ।

मुलताई कार्यालय का क्या है मामला ?

शिकायतकर्ता के द्वारा बैतुल जिला कलेक्टर को फर्जी जाति प्रमाणपत्र की शिकायत की गई थी जिसकी जांच के लिए मुलताई SDM मैडम ने 24/11/2020 को पटवारी को पत्र लिखा जिसकी जाँच कर पटवारी को 28/1/12020 तक कार्यलय में सौपने के लिए आदेश किया गया था । परंतु लापरवाह पटवारी द्वारा 4/12/2020 को कार्यलय में जाति प्रमाण विभाग में जमा किया गया परंतु कार्यलय में बैठे बेले बाबू जी द्वारा 24 दिन बिताने के बाद भी आज तक SDM मैडम तक जाँच रिपोर्ट नही पहुंचा पाये । क्या गंभीर मामलों में भी कार्यलय में बैठे बेले बाबू जैसे व्यक्ति लापरवाही बरते देखें जा सकते है ? SDM कार्यलय में बेले बाबू के कारण आज भी अधिकारी को गुमराह किया जा रहा है । एक तरफ तो प्रशासन कार्य के लिए गंभीरता दिखता है वही उसी कार्यलय में एक टेबल से फ़ाइल दूसरे टेबल तक जाने में 24 दिन लग जाते है ।

क्या कहना ।

आज तक मेरे पास कोई फ़ाइल नही आई जाति प्रमाणपत्र से संबंधित जबकि मेरे द्वारा दो बार अवाक जावक में दिखावा चुके है ।

SDM मुलताई

मेरे द्वारा 4 तारिक को जांच रिपोर्ट जमा की जा चुकी है ।

मुकेश भरत पटवारी

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