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रोंढा में 92 वर्षीय पुरुष और भोगीतेढ़ा में 90 महिला ने लगाई कोरोना वैक्सीन


रोंढा निवासी 92 वर्षीय किशन पंवार ने लगवाया कोरोना का टीका

जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम रोंढा निवासी 92 वर्षीय श्री किशन पंवार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोंढ़ा में कोरोना बीमारी से बचाव हेतु कोविड-19 का पहला टीका लगवाया।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय प्रताप सिंह तोमर के निर्देशन में एएनएम श्रीमती आभा डिगरसे ने उन्हें टीका लगाया। श्री किशन ने कहा कि जैसे बच्चों को अन्य बीमारियों का टीका लगवाने में कोई नुकसान नहीं है, उसी तरह बड़ों को, बुजुर्गों को, पात्र नागरिकों को आगे आना चाहिए और कोविड टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। कोरोना बीमारी के खतरे का सामना करने में कोविड का टीका सुरक्षा का एक बेहतर विकल्प है।

90 वर्षीय सुगंतीबाई परिहार ने कराया कोविड टीकाकरण

जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम भोगीतेड़ा निवासी 90 वर्षीय श्रीमती सुगंती बाई परिहार ने हेल्थ एन्ड वैलनेस सेंटर भोगीतेड़ा में कोरोना बीमारी से बचाव हेतु कोविड-19 का पहला टीका लगवाया।

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि उन्होंने यह टीका सहर्ष लगवाया और कहा कि टीका लगवाने में कोई नुकसान नहीं है, ग्राम के सभी पात्र नागरिक आगे आएं और कोविड टीकाकरण अवश्य कराएं। कोरोना बीमारी से हर उम्र के लोगों को बचना है और कोविड का टीका बचाव का एक बेहतर तरीका है।

बैतूल जिले में आज कोरोना ने लगाई डबल सेन्चुरी


बैतूल जिले में आज कोरोना ने लगाई डबल सेन्चुरी

कलेक्टर के आग्रह पर प्रशासन की मदद के लिए पूर्व सैनिक संघ भी उतरा मैदान में,

बैतूल जिले में 9 दिनों का संपूर्ण लॉकडाउन जारी किया गया जिसे बाद में जनता कर्फ्यू में बदल दिया गया। कोरोना के कहर को देखते हुए पुलिस बल के सैनिक चौक चौराहों पर तैनात है। और आवश्यक कार्य के लिए आने जाने वाली जनता से कर्फ्यू का पालन करवाने के निर्देश दे रही है। जिले में पिछले पाँच दिनों में रिकॉर्ड 766 कोरोना मरीज मिले है जबकि आज कोरोना ने डबल सेन्चुरी करते हुए 208 मरीज मिले है। जिलें में अब तक कोरोना से 92 लोगों की मौत हो चुकी है।

ऐसे में जिले के कलेक्टर अमनबीर सिंह बैस द्वारा पूर्व सैनिकों को विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में बैतूल जिले में नियुक्त किया गया है ताकि लोगों को कोरोना गाईडलाईन का पालन करवाने में मदद मिल सके।

जिसमें पूर्व सैनिकों ने नगर के कारगिल चौक एसपी ऑफिस चौराहा गेंदा चौक ऐसे कई चौराहों पर प्रशासन की मदद करने के लिए तैनात हो चुके हैं पूर्व सैनिक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष हरिशंकर सावनेर जी बताते हैं कि हमारे सैनिक जब सेवा में होते हैं तब भी देश के लिए मर मिटने को तैयार होते हैं तथा सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके अंदर देश भावना हमेशा रहती है जब भी देश पर कोई आपत्ति आती है तब हम लोग ऐसे ही एकजुट होकर एकता का प्रतीक बन जाते हैं

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल

प्रशासन की मदद के लिए पूर्व सैनिक संघ  फिर आया आगे


बैतूल- देश में चल रहे हैं कोरोना महामारी के संकट में बैतूल कलेक्टर द्वारा पूर्व सैनिको से मदद की गुहार लगाई गई जिसके अंतर्गत कलेक्ट्रेट  द्वारा जिला सैनिक कार्यालय से ऐसे वॉलिंटियर्स के नाम मांगे गए थे जो कि इस कोरोना की महामारी में विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में पुलिस प्रशासन की मदद करना चाहते हैं जिसके अंतर्गत पूर्व सैनिक संघ बैतूल के सचिव  सुदामा सूर्यवंशी और मीडिया प्रभारी विजय नरवरे ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को सैनिकों के नाम सौंपे जो संकट की इस घड़ी में प्रशासन की मदद के लिए वॉलिंटियर्स के रूप में आगे आए हैं।

हमारे देश के सिपाही हमेशा हमारे देश की सेवा में 24 घंटे तैनात रहते हैं ऐसे ही इस संकट की घड़ी में फिर हमें बैतूल के पूर्व सैनिकों के अंदर वह जज्बा दोबारा देखने को मिल रहा है जो कि सेवानिवृत्त होने के बावजूद भी निस्वार्थ सेवा करने के लिए तत्पर तैयार रहते हैं।

इन सैनिकों ने गत वर्ष भी कोरोना काल में प्रशासन की मदद की थी और लॉकडाउन में बिना किसी स्वार्थ के प्रशासन की मदद किए थी।

रिपोर्टर – प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल 9584390839

रिटायर सैनिक का कारगिल चौक पर हुआ भव्य स्वागत


बैतूल- मध्यप्रदेश के बैतूल में सेना से रिटायर सैनिक का कारगिल चौक पर पूर्व सैनिक संगठन बैतूल एवं परिवार के सदस्यों के द्वारा भव्य स्वागत किया गया।इस दौरान कोविड-19 के नियमों का भी ध्यान रखा गया, सभी लोगों ने मास्क पहने हुए रखे एवं सोशल डिस्टेंस के नियमों का भी पालन क्या गया। उल्लेखनीय है कि नायक प्रवीण कुमार सिसोदिया भारतीय सेना की राजरीफ रेजीमेंट में पदस्थ थे, वे अपनी 17 साल की सर्विस समाप्त करके गंगानगर से अपनी जन्मभूमी पर वापस लौटे। जिनका पूर्व सैनिक संगठन बैतूल और परिवार के सदस्यों के द्वारा कारगिल चौक पर भव्य स्वागत किया गया।

देश के 3 बड़े पत्रकार संघ ने बैतूल जिले में पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान करने एवं पत्रकारों पर हमलौ के मामले में निष्पक्ष कार्यवाही करने की मांग


मुलताई में पत्रकार के साथ हुई घटना को लेकर देश के 3 बड़े पत्रकार संगठनों ने जिला कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन।

बैतूल जिले में पत्रकारों की सुरक्षा प्रदान करने एवं पत्रकारों के हमले के मामले में कार्रवाई करने बाबत आज भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ मध्य प्रदेश इकाई एवं मध्य भारत वर्किंग जर्नलिस्ट भोपाल एवं जर्नलिस्ट यूनियन आफॕ मध्यप्रदेश ईकाई बैतूल के बैनर तले जिले के पत्रकारों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि बैतूल जिले में कोविड-19 के समय जिला प्रशासन के साथ खड़े रहे जिले में पत्रकारों द्वारा उजागर कालाबाजारी और विभागीय अनियमितताओं के समाचारों के प्रकाशन के बाद कुछ पत्रकारों पर दबाव एवं पत्रकारों के विरुद्ध 20 शिकायतें दर्ज किए जा रहे हैं मामले के साथ-साथ पत्रकारों पर हो रहे प्राणघातक हमले की घटनाओं से पत्रकारों में गहरा असंतोष एवं असुरक्षा की भावना के चलते जिले पर के पत्रकार आपसे उनकी जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाते है।

साथ ही उन्होंने जिला कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक को बताया कि हाल ही में मुलताई के पत्रकार राजेंद्र भार्गव सहित अन्य पत्रकारों के साथ गठित घटनाओं को ध्यान में रखकर आप पत्रकार प्रोटेक्शन के लिए जिला स्तर पर उचित निर्णायक पहल करें साथ ही पत्रकारों के उत्पीड़न के मामलों पर भी रोक लगाने की कठोर कार्यवाही करें।

बैतूल जिला कलेक्टर ने कहा जिला कलेक्टर अमरवीर सिंह बैस ने सभी पत्रकार संगठनों के पदाधिकारियों को विश्वास दिलाया कि मुलताई में हुई घटना पर वह खुद संज्ञान लेकर निष्पक्ष कार्यवाही का भरोसा दिलाते हैं।

जिला पुलिस अधीक्षक ने कहाबैतूल पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद ने पत्रकार संगठनों के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि मुलताई में हुई घटना की वे खुद निष्पक्ष कार्यवाही करवा रही है तथा  किसी भी प्रकार से किसी को भी झूठे प्रकरण में नहीं फसाने दिया जाएगा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच  करने के पश्चात ही दोषी पाये जाने पर किसी पर कार्यवाही की जाएगी।

दृष्टि एजुकेशन पॉइंट बैतूल के छात्र-छात्राएं पहुंचे बाचा गांव


बैतूल- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के बाचा ग्राम को किसी नाम और शोहरत की आवश्यकता नहीं है बैतूल जिले का बाचा ग्राम एक आदर्श ग्राम है और पूरे भारत में सोलर विलेज के नाम से जाना जाता है, भारत सहित विश्व के करीब 10 देशों से ज्यादा के छात्र छात्राएँ यहाँ पर आ चुके है जिसमें जापान, सिंगापुर, मलेशिया, कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया के छात्र छात्राएँ शामिल है। जिनके द्वारा इस गांव का भ्रमण किया जा चुका है।

इसी क्रम में आज बैतूल जिले के प्राइवेट संस्थान दृष्टि एजुकेशन प्वाइंट बैतूल के शिक्षक और छात्र छात्राओं के द्वारा भी बाचा ग्राम का भ्रमण किया गया।बाचा ग्राम हर तरह से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, ऊर्जा संरक्षण के मामले में देश में नंबर वन बना हुआ है।

बाचा गांव के सरपंच राजेन्द्र जी और गाँव के जागरुक युवाओं के द्वारा सभी का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

बचा ग्राम के सभी 74 घरों में सोलर पैनल से चलने वाले चूल्हों पर ग्राम की महिलाएं खाना पका रही है अब उनके घर धुएँ और प्रदूषण से मुक्त है। उन्हें अब जंगलों से लकडियां भी लाने नहीं जाना पड़ रहा है। पर्यावरण संरक्षण का जीता जागता नमूना मध्यप्रदेश के बैतूल जिले का बाचा ग्राम पूरे विश्व में ख्याति प्राप्त कर रहा है।

यहां प्रतिवर्ष जल महोत्सव का आयोजन भी किया जाता है जिसमें देश और विदेश के मेहमान शामिल होते हैं।

गांव के जागरूक युवा देवसु कवड़े और अनिल उईके बताते हैं कि उन्हें गांव में जल, ऊर्जा, स्वच्छता सहित सभी कार्यों को करने के लिए गांव के सभी परिवारों का खूब सहयोग मिलता है उन्हीं के सहयोग के कारण आज हम देश सहित विदेश में भी बाचा गांव का नाम रोशन कर पाए हैं।

दृष्टि एजुकेशन पॉइंट के संचालक कमलेश निरापुरे बताते हैं की बाचा सोलर पैनल से खाना पकाने, स्वच्छता, जल संरक्षण में वास्तविकता में अग्रणी है। बाचा ग्राम से सभी को एक सीख लेनी चाहिए और आने वाले भविष्य में देश के सभी ग्रामों में इस प्रकार की योजनाओं का लाभ लेकर गाँव के विकास को करना चाहिए।

ग्राम के सरपंच राजेन्द्रजी बताते हैं कि इस कार्य को करने के लिए भारतभारती शिक्षा समिति और आईआईटी मुंबई के छात्रों का सराहनीय योगदान है साथ ही गांव के सभी परिवारों का भी इस कार्य में बराबर का सहयोग है बाचा गांव आज 100% सोलर विलेज बन गया है

दृष्टि एजुकेशन पाईट के शिक्षक कमलेश निरापुरे, विजय नरवरे फिजिकल ट्रेनर ( पूर्व सैनिक), संजय नरवरे फिजिकल ट्रेनर (पूर्व सैनिक), प्रदीप कुशवाह , प्रखर खंडागरे, रूपेश पवार, सुनील पवार, रीता बिहारिया, प्रदीप डिगरसे, अलकेश चडोकार सहित संस्था के आधा सैकड़ा से ज्यादा बच्चे शामिल थे।

विश्व महिला दिवस पर खेलकूद प्रतियोगिता का किया गया आयोजन


बैतूल जिले के समीपस्थ ग्राम रोंढा में विश्व महिला दिवस के अवसर पर महिला,बालिका और बालिक के लिए खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया, साथ ही सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।

विश्व महिला दिवस के अवसर पर ग्राम के समाजसेवी जागरुक युवा प्रदीप डिगरसे के नेतृत्व में खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 100 मीटर दौड़, चम्मच दौड़, सुई धागा दौड़, बालक बालिकाओं के बीच क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम के वरिष्ठ समाजसेवी गुलाबराव जी कालभोर, विशिष्ट अतिथि जिला क्षत्रिय पवार समाज संगठन बैतूल के अध्यक्ष बाबूलाल जी कालभोर, उपाध्यक्ष अशोक बारंगे, कोषाध्यक्ष मुन्ना लाल जी डहारे, प्रचारमंत्री हरिराम जी कालभोर, पवार साख समिति के अध्यक्ष जगदीश जी पवार, श्रीमती नीलम कौशिक, श्रीमती रेखा पवार, श्रीमती ज्योति देशमुख, श्रीमती गीता हजारे, हरिशंकर जी पवार, बोन्दरू जी गिल्हारे, धनराज जी कालभोर, रमेश जी डिगरसे, नरेन्द्र देवासे, शारदाप्रसाद कालभोर।

साथ ही सुनीता पवार, आशा पवार, रुकमणी शिवनकर, कविता डिगरसे, मीना देवासे, हेमलता बारंगे, पूजा बारंगे, अनिता फरकाड़े, सोमती बाई, इन्दु बाई, लता देशमुख, बबली कवडे, संगीता ओमकार, कविता साहू सहित बड़ी संख्या में खेलकूद प्रतिभागी सम्मिलित हुए।

100 मीटर दौड़ में भाग्यश्री ओंकार प्रथम, उमा हजारे द्वितीय, अंजलि हजारे तृतीय स्थान पर रही। सुई धागा दौड़ में रिंकी प्रथम, प्रतिभा द्वितीय, पलक ढोबारे तृतीय, चम्मच दौड़ प्रतियोगिता में अंजली हजारे प्रथम, निकिता ओमकार द्वितीय, आरती कालभोर तृतीय स्थान पर रही।

200 मीटर दौड़ में बालक वर्ग में रोहित डोंगरे प्रथम, दीपांशु डिगरसे द्वितीय, विनीत खवसे तृतीय स्थान पर रहे। क्रिकेट प्रतियोगिता में बालिका और बालक दोनों वर्ग को सामूहिक रूप से विजेता घोषित किया गया।

विश्व महिला दिवस पर महिलाओं के द्वारा भी जमकर बेट-बल्ले पर हाथ आजमाये। सभी अतिथियों के द्वारा खेलकूद में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की सरासना की।

कार्यक्रम के अन्त में प्रदीप डिगरसे द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया गया।

बैतूल के पूर्व विधायक एवं पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष विनोद डागा का दुखद निधन


बैतूल ।। बैतूल विधान सभा के पूर्व विधायक एवं पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष विनोद डागा का आज सुबह ह्रदय घात के चलते दुखद निधन हो गया । मिलनसार स्वभाव के धनी , हँसमुख श्री डागा के निधन के समाचार मिलते ही समूची कांग्रेस पार्टी सहित राजनीतिक गलियारों और बैतूल की जनता में शोक की लहर व्याप्त हो गयी । श्री डागा ने पूर्व कांग्रेस विधायक रहते हुए बैतुल के विकास में जहां अमिट छाप छोड़ी तो वहीं उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष के पद पर रहते हुए अपने कर्तव्यों का सफल निर्वहन भी किया था । श्री डागा राजनीतिक क्षेत्र में एक जाना माना नाम था । जिनके अनायास परलोक गमन से हुई क्षति की शायद ही भरपाई हो । आज सुबह वे हमेशा की तरह पूजन करने दादा वाड़ी मंदिर गए हुए थे । जहां अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया था । लेकिन उपचार के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली । खबर मिलते ही डागा हाउस एवम् चिकित्सालय में लोगो के आने जाने का सिलसिला शुरू हो गया । श्री डागा के आसामयिक निधन को एक राजनैतिक क्षति के रूप में देखा जा रहा है । क्योंकि अपने सफल राजनैतिक जीवन मे उनका लोगो से हमेशा जीवंत संपर्क रहा । इस व्यक्तित्व में ये खासियत थी कि वे कितने भी व्यस्त हो आम लोगो के सुख दुख में वे सबसे सामने खड़े होकर अपनी जिम्मेदारी निभाते थे । ऐसे सफल , जिम्मेदार , गंभीर , मिलनसार व्यक्तित्व को शत शत नमन है ।

इलेक्ट्रॉनिक की दुकान में लगी आग


बैतूल — बैतूल जिले के गंज क्षेत्र के सबसे व्यस्ततम इलाके में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान में अचानक आग लग गई जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। यह आग गुप्ता बर्तन भंडार के सामने दूसरी मंजिल पर अग्निहोत्री इलेक्ट्रॉनिक्स में लगी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग द्वारा आग पर काबू पा लिया है। प्रथम दृष्टया में अनुमान लगाया है कि आग सार्ट सर्किट के कारण लगी है और लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

ब्लड बैंक ने बनाया प्रदेश में रिकार्ड2125 यूनिट लक्ष्य की तुलना में 3471 यूनिट हुआ रक्तदान


बैतूल। रक्तदान को लेकर बैतूल ब्लड बैंक ने प्रदेश में रिकार्ड दर्ज कराया है। इस उपलब्धि पर संचालनालय स्वास्थ्य भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुशी जताई है और बैतूल ब्लड बैंक को बधाई प्रेषित की है। कोरोना काल में जब लोग घर से बाहर नहीं आ रहे थे तब बैतूल के रक्तदाताओं ने उत्साह के साथ रक्तदान के लिए आगे बढ़कर इतना रक्तदान किया कि आज बैतूल का नाम प्रदेश के ब्लड बैंकों में टॉप पोजिशन पर पहुंच गया है।

संचालनालय स्वास्थ्य भोपाल ने अप्रैल माह से सितंबर माह के बीच में सभी ब्लड बैंक को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए लक्ष्य दिया था। यह लक्ष्य जनसंख्या के आधार पर दिया जाता है। बैतूल ब्लॅड बैंक को 2125 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य दिया गया था। इस लक्ष्य की तुलना में बैतूल ब्लॅड बैंक ने 3471 यूनिट रक्तदान कराया, जिसका 163.34 उपलब्धि प्रतिशत रहा। बैतूल कि बाद प्रदेश में शिवपुर दूसरे नंबर और नरसिंहपुर तीसरे नंबर पर रहा। आदिवासी बाहुल्य जिला बैतूल मध्य प्रदेश में लक्ष्य पूर्ति में प्रथम नंबर पर आने पर स्वास्थ्य विभाग के लिए सराहनीय माना जा रहा है।

जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ.अशोक बारंगा ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि यह उपलब्धि स्वैच्छिक रक्तदाताओं के कारण हमें मिली है। हम रक्तदाताओं का और रक्तदान के लिए प्रेरित करने वाली समितियों, स्वयंसेवियों और ब्लॅड बैंक को श्रेय देते है और इनका आभार व्यक्त करते है कि भविष्य में भी रक्तदान के प्रति हमेशा अग्रसर रहे, जिससे जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी मिल सके। कोरोना काल में प्रदेश में ब्लॅड बैंक बैतूल के टॉप आने पर ब्लड बैंक की रक्तकोष अधिकारी डॉ.अंकिता सीते ने भी खुशी का इजहार किया और कहा कि यह सब इसलिए संभव हो पाया है कि सिविल सर्जन डॉ.अशोक बारंगा, तत्कालीन सीएमएचओ डॉ.गिरीशचंद्र चौरसिया और वर्तमान सीएमएचओ डॉ.प्रदीप धाकड़, और वरिष्ठ पैथालॉजिस्ट डॉ.डब्लू ए नागले के मार्गदर्शन।

साथ ही लॉकडाउन के दौरान रक्तदाताओं को ब्लॅड बैंक लाने के लिए वाहन की व्यवस्था करवाने में मदद और हमेशा रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करने में जो मदद की गई उसके ही कारण बैतूल ब्लॅड बैंक आज पूरे मध्य प्रदेश में नंबर -1 पर आया है। सबसे खास बात बैतूल जिले के रक्तदाताओं की है जो बहुत ही संवेदनशील है और हमेशा रक्तदान के लिए अग्रसर रहते है इसलिए इस उपलब्धि का श्रेय उनकों जाता है। साथ ही डॉ.अंकिता सीते ने रक्तदाताओं के साथ-साथ उन संगठनों, समितियों, स्वयंसेवियों का भी आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित कराए। डॉ.अंकिता सीते ने बताया कि बैतूल में रक्तदान के लिए समाजसेवी संस्थाओं और रक्तदाताओं के बीच स्वैच्छिक रक्तदान के लिए अच्छा माहौल है। साथ ही यहां पर जन्मदिन, पुण्यतिथि, शादी की सालगिरह जैसे खास मौकों को खास बनाने के लिए रक्तदान किया जाता है। यह बहुत ही सराहनीय पहल है।डॉ.अंकिता सीते ने खासतौर पर ब्लड बैंक स्टॉफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्टॉफ के सदस्यों का हमेशा सराहनीय योगदान रहता है । इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि रक्त की कमी आने पर जिला चिकित्सालय के चिकित्सक और स्टॉफ के सदस्य भी रक्तदान करने के लिए अग्रसर रहते है।