Category Archives: इन्दौर

ONLINE eDUCATION भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं


मुलतापी समाचार

इंदौर । ऑनलाइन शिक्षा भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है। गुरु और शिष्य का मिलन जब तक नहीं होता तब तक विद्या का भाव नहीं आता है। एेसे ही शिक्षक और विद्यार्थी आमने-सामने बैठते है तो शिक्षा का वातावरण निर्मित होता है। कोरोना महामारी के कारण ऑनलाइन शिक्षा की अल्पकालीन व्यवस्था बनी है।

यह बात आचार्य विद्यासागर महाराज ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा में नेमीनगर जैन मंदिर में कही। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सभी समाचार पत्र मिलकर प्रयास करे तो देश के 13 प्रांतों में जहां हिंदी बोली जाती है वहां पर शुद्ध हिंदी बोली जाने लगेगी। हिंदी समाचार पत्रों में अंग्रेजी शब्दों का इस्तमाल नहीं होना चाहिए। अगर एेसा होता है तो इन राज्यों में रहने वाली 70 फीसदी लोग हिंदी भाषा को सही रूप में अपना लेंगे। इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। देश की तरक्की होगी।

संतों ने मठ मंदिर बना लिए लेकिन उन्हें नदी के समान होना चाहिए-

एक अन्य सवाल के जवाब में आचार्यश्री ने कहा कि संतों ने मठ-मंदिर बना लिए है लेकिन उन्हें नदी की तरह होना चाहिए। संतों को संभव हो तो एक स्थान पर नहीं रहना चाहिए। उन्हें बहते पानी के समान होना चाहिए। जैसे नदी बहती रहती है वैसे ही संतों को भी चलते रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा राजनीति और धर्मनीति में अंतर है। राजनीति में लोग इधर से उधर हो जाते है। धर्म नीति में एेसा संभव नहीं है।

MY Hospital Indore पोस्टमार्टम रूप में रखे-रखे कंकाल बने शव ने शासन के दावों की पोल खोल दी


Multapi Samachar

एमवाय अस्पताल के पोस्टमार्टम रूप में रखे-रखे कंकाल बने शव ने शासन के दावों की पोल खोल दी है। एक तरफ तो शासन शहर में कोरोना की वजह से बड़ी संख्या में मौतों से इंकार कर रहा है, दूसरी तरफ एमवायएच प्रबंधन स्वीकार रहा है कि एमटीएच और अन्य शासकीय अस्पतालों से बड़ी संख्या में शव आने से पोस्टमार्टम कक्ष में जगह नहीं है। पीएम कक्ष के 16 बॉडी फ्रीजर भी पैक चल रहे हैं। एमवायएच के पोस्टमार्टम कक्ष में शवों की दुर्गति कोई नई बात नहीं है। करीब 15 साल पहले भी यहां से एक साथ चार अज्ञात शव ऐसी ही क्षत-विक्षत हालत में बरामद हो चुके हैं।

चार शव एक साथ मिले थे

अस्पताल के पुराने कर्मचारियों के मुताबिक करीब 15 साल पहले भी पीएम कक्ष में ऐसी ही एक घटना हो चुकी है। उस वक्त चार शव एक साथ पड़े मिले थे। इनमें से तीन शव अज्ञात थे, जबकि एक को मृतक के स्वजन वहीं छोड़कर चले गए थे। इन शवों को नगर निगम को निबटान के लिए ले जाना था, लेकिन सूचना देने के बावजूद कोई नहीं आया। पीएम कक्ष में बदबू फैलने के बाद शव पड़े होने की बात सामने आई, जिन्हें बाद में निगम को सौंपा गया था।

पैकिंग के लिए लाए जा रहे शव

मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आने वाले सभी अस्पतालों से शव पोस्टमार्टम के लिए एमवायएच लाए जाते हैं। कोविड-19 से मरने वालों के शवों का पोस्टमार्टम तो नहीं किया जाता, लेकिन शवों को पैकिंग के लिए यहां लाया जा रहा है।

Rahat Indori : मशहूर शायर, दिलों पर राज करने वाले राहत इंदौरी सुपुर्दे खाक, कोविड के नियमों तहत दफनाया


राहत इंदौरी सुपुर्दे खाक मशहूर शायर

Rahat Indori News : इंदौर। अपनी शेरो-शायरी के जरिए लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाले मशहूर शायर राहत इंदौरी को मंगलवार सुपुर्दे खाक किया गया।शहर के छोटी खजरानी स्थित कब्रस्‍तान में उन्‍हें कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दफनाया गया।अरबिंदो अस्‍पताल से ही उनके शव को एंबुलेंस के जरिए कब्रस्‍तान लाया गया। वहां नमाज अदा की गई। चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में उनकी अंत्‍येष्टि की गई।

देश के प्रसिद्ध शायर डॉ. राहत इंदौरी का इंदौर में मंगलवार शाम चार बजे दिल का दौरा पड़ने से इंतकाल हो गया। राहत इंदौर की कोरोना वायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी राहत इंदौरी ने खुद ट्वीट कर दी थी।

डॉ. राहत की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं थी और वे एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सोमवार को रेड श्रेणी के अस्पताल अरबिदो में भर्ती कराया गया था। दोपहर बाद एक बजे उन्हें दिल का पहला दौरा पड़ा। इसके बाद दिल के और दो दौरे पड़े और शाम चार बजे उनका निधन हो गया।डॉ. राहत के निधन पर देशभर से जानी मानी हस्तियों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

“मैं मर जाऊँ तो मेरी इक अलग पहचान लिख देना, लहू से मेरी पेशानी पे हिन्दुस्तान लिख देना..!” -Rahat Indori RIP Raahat Saab!

आपकी कमी हमेशा खलेगी।

Jitu Soni : जीतू सोनी को इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुजरात से किया गिरफ्तार, 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर | Mon,


इंदौर लाने पर जीतू सोनी को मेडिकल के लिए एमवाय अस्‍पताल ले जाया गया। इसके बाद उसे जिला कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे तीन जुलाई तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है।इंदौर लाने पर जीतू सोनी को मेडिकल के लिए एमवाय अस्‍पताल ले जाया गया। इसके बाद उसे जिला कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे तीन जुलाई तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है।Jitu Soni : इंदौर। इंदौर। सात महीने से फरार मोस्ट वांटेड अपराधी जीतू सोनी को इंदौर क्राइम ब्रांच ने शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख साठ हज़ार रुपए का इनाम घोषित था। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र के मुताबिक जीतू उर्फ जितेंद्र सोनी पर शहर के ज्यादातर थानों में मानव तस्करी, दुष्कर्म, अपहरण, धोखाधड़ी, अवैध वसूली के 45 से ज्यादा केस दर्ज हैं। तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय यानी 31 नवंबर को पुलिस ने पहली बार उसके होटल माय होम सहित अन्य ठिकानों पर छापा मारा थ। तब जीतू सोनी तो भाग गया लेकिन उसका बेटा अमित सोनी पकड़ा गया।

इंदौर लाने पर जीतू सोनी को मेडिकल के लिए एमवाय अस्‍पताल ले जाया गया। इसके बाद उसे जिला कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे तीन जुलाई तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है।

पुलिस ने देर शाम मीडिया को जीतू सोनी की गिरफ्तारी के बारे में विस्‍तृत जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि जीतू सोनी को उसके पैतृक गांव धारग्नि तहसील चलाला जिला अमरेली गुजरात से गिरफ्तार किया गया।चार दिन पूर्व क्राइम ब्रांच की टीम गुजरात के अमरेली से उसके बड़े भाई महेंद्र को पकड़ कर लाई। तब जीतू सोनी राजकोट स्थित एक फार्म हाउस से बेटे विक्की सोनी व भतीजे जिग्नेश सोनी को लेकर भाग गया। शुक्रवार को दोबारा लोकेशन निकाली गई ओर छह टीमों ने अलग अलग जगहों पर छापे मारे। इस बार भागने का मौका नहीं दिया ओर जीतू को पकड़ लिया।

इसके पहले क्राइम ब्रांच ने जीतू सोनी के भाई महेंद्र को राजकोट से गिरफ्तार किया था। उससे जानकारी मिली थी कि जीतू फरारी के बाद नेपाल और पश्चिम बंगाल में भी रहा था। पुलिस तीन अलग-अलग गाड़ियां लेकर उसे पकड़ने पहुंची थी। इस दौरान एक गाड़ी के कांच भी फूट गए, जिससे आशंका जताई जा रही है कि जीतू सोनी को पकड़ने के दौरान उसे छिपाने वालों ने पुलिस से विवाद भी किया। जीतू सोनी को किस तरह पकड़ा गया और इसकी गिरफ्तारी से जुड़ी सारी जानकारी इंदौर पुलिस ने शाम को प्रेस वार्ता कर दी।

CS Exam 2020 : सीएस विद्यार्थियों को सौगातें, बदल सकेंगे सेंटर, मॉड्यूल और मीडियम


इदौर।कोरोना महामारी के कारण जहां हर ओर चिंता व भय का माहौल है, वहीं कंपनी सेक्रेटरी बनने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए कई राहत भरी सुविधाएं इंस्टीट्यूट द्वारा दी जा ही है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज (आइसीएसआइ) के इतिहास में पहली बार कई ऐसे निर्णय लिए गए हैं जो विद्यार्थियों के लिए फायदे का सौदा साबित होंगे। सबसे बड़ा निर्णय तो परीक्षा की तारीख जून से बढ़ाकर अगस्त करने का लिया गया था। इसके अलावा परीक्षा केंद्र बदलने की छूट, अगस्त के बजाय दिसंबर में होने वाली परीक्षा में शामिल होने की आजादी सहित कई रियायत विद्यार्थियों को दी गई है।

इंस्टीट्यूट में इस वर्ष अपना रजिस्ट्रेशन कराने वाले विद्यार्थियों की संख्या पर नजर डालें तो देशभर के करीब 3 लाख विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें इंदौर के करीब 6 हजार विद्यार्थी शामिल हैं। ओल्ड सिलेबस वाले विद्यार्थियों को यह आखरी मौका मिलने वाला था जब वे अटेम्प्ट में शामिल हो सकें पर अब ऐसा नहीं है। अगस्त के साथ अब दिसंबर में भी ओल्ड सिलेबस की परीक्षा वे दे सकेंगे। मतलब उन्हें दोहरा मौका मिल गया है। यही नहीं यदि कोई अपना ग्रुप भी बदलवाना चाहता है तो उसे भी आजादी मिलेगी। ग्रुप ही नहीं बल्कि विद्यार्थी अब मीडियम भी बदल सकते हैं। यदि कोई अपना मीडियम हिंदी से अंग्रेजी या अंग्रेजी से हिंदी कराना चाहता है तो उसे उसकी भी आजादी दी जा रही है। इसकेअलावा कई ऐसे बदलाव किए गए हैं जो विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

अब कहीं भी दे सकेंगे परीक्षा

पुराने नियमों के मुताबिक विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए जो सेंटर चुनते थे उसे बदलने की अनुमति उन्हें नहीं होती थी लेकिन इस बार यह सुविधा भी उन्हें दी जा रही है। विद्यार्थी आवेदन कर अपने परीक्षा केंद्र को बदलने की मांग कर सकते हैं। अब वे जिस शहर में हैं और यदि उस शहर में एग्जाम सेंटर है तो परीक्षा वहीं दे सकेंगे भले ही विद्यार्थी ने रजिस्ट्रेशन किसी भी शहर में करा रखा हो। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि संक्रमण के इस दौर में स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए लंबी दूरी तय नहीं करना पड़े।

परीक्षा फीस भी हो सकेगी कैरी फॉरवर्ड

एक अहम निर्णय यह भी लिया गया है कि जो विद्यार्थी अगस्त में होने वाली परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते वे दिसंबर में होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इसके लिए उन्हें इंस्टीट्यूट को सूचित करना होगा। अभी तक यह नियम था कि यदि कोई विद्यार्थी तय तिथि पर परीक्षा नहीं देता है और दूसरी बार होने वाली परीक्षा में शामिल होता है तो उसे दोबारा परीक्षा फीस देना पड़ती थी। पर इस वर्ष इस नियम को भी शिथिल किया गया है। अभी जिन्होंने परीक्षा फीस जमा कर दी थी और अब वे अगस्त के बजाय दिसंबर में परीक्षा देना चाहते हैं उनकी परीक्षा फीस दिसंबर के लिए कैरी फॉरवर्ड हो जाएगी। स्टूडेंट्स को दोबारा फीस जमा नहीं करना होगी। पर इसके लिए भी स्टूडेंट्स को इंस्टीट्यूट को सूचित करना होगा।

हर तरह से स्टूडेंट्स के हित का रखा ध्यान

इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएस आशीष गर्ग के अनुसार तमाम तरह के परिवर्तन इसलिए किए गए हैं ताकि सभी विद्यार्थी परीक्षा दे सकें। परीक्षा की तारीख आगे बढ़ने से विद्यार्थियों को तैयारी करने का और भी मौका मिल गया है साथ ही इसका फायदा उन्हें भी होगा जो एक साथ ही कई ग्रुप की परीक्षा देना चाहते हैं। इससे वे अपना वर्ष भी बचा सकते हैं। यही नहीं जो विद्यार्थी अगस्त में होने वाली परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो सकेंगे वे दिसंबर में होने वाली परीक्षा में शामिल होकर वर्ष बचा सकेंगे। इंस्टीट्यूट द्वारा जो भी सुविधा विद्यार्थियों को दी जा रही है यदि वे उसका लाभ लेना चाहते हैं तो उन्हें 30 जून तक संबंधित बदलाव व रजिस्ट्रेशन इंस्टीट्यूट में कराना होगा। यह कार्य ऑनलाइन प्रकिया से हो रहा है ऐसे में विद्यार्थियों को घर से बाहर निकलने की भी जरूरत नहीं।

MP Higher Education Exam 2020 : परीक्षा स्थगित होने से चार महीने पीछे हुआ नया सत्र


संक्रमण फैलने के डर से उच्च शिक्षा विभाग ने यूजी फाइनल ईयर और पीजी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। परीक्षाएं स्थगित होने से प्रवेश प्रक्रिया फिर दो महीने के लिए टल चुकी है। इससे अगला शिक्षा सत्र अक्टूबर-नवंबर के पहले शुरू होता नहीं दिख रहा है। जानकारों के मुताबिक, सत्र 2020-21 चार महीने पिछड़ चुका है, जिसका असर पूरे सत्र में पड़ेगा। यही वजह है कि अब सभी यूजी कोर्स के फर्स्ट और सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग उठने लगी है।

जुलाई से होने वाली परीक्षाएं महीनेभर के लिए स्थगित की गई हैं। 31 जुलाई के बाद विभाग नई तारीख घोषित करेगा। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा का टाइम टेबल दोबारा बनाना होगा। यहां तक कि विद्यार्थियों को आने के लिए कम से कम 15 दिन का समय देना जरूरी है। ऐसे में परीक्षाएं 15 अगस्त से पहले होना संभव नहीं है। बीए, बीकॉम और बीएससी समेत अन्य यूजी कोर्स फाइनल ईयर व अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाने में 45 दिन लगेंगे। इसके चलते सत्र 2020-21 के लिए फर्स्ट ईयर में प्रवेश अक्टूबर से पहले शुरू होता नजर नहीं आ रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में कम से कम 30 दिन लगेंगे। ऑनलाइन आवेदन बुलाने के साथ ही फीस जमा करनी होगी। जुलाई में लगने वाली क्लासेस अगले सत्र में नवंबर से पहले शुरू नहीं हो सकती है। इसकी वजह से सत्र काफी पिछड़ चुका है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अधिकारी भी अगले साल अप्रैल में परीक्षा होना संभव नहीं बता रहे हैं।

तैयार होगी नई रणनीति

फाइनल ईयर व सेमेस्टर को छोड़कर अब हर कोई यूजी फर्स्ट-सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग कर रहा है। विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर भी अभियान शुरू कर दिया है। यहां तक एनएसयूआइ और युवक कांग्रेस ने भी समर्थन किया है। जबकि अब सरकारी कॉलेज के प्राध्यापक भी संक्रमण के खतरे को देखते हुए परीक्षा के बजाए जनरल प्रमोशन पर चर्चा कर रहे हैं

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MP Higher Education Exam 2020 : परीक्षा स्थगित होने से चार महीने पीछे हुआ नया सत्र

MP Higher Education Exam 2020 : परीक्षा स्थगित होने से चार महीने पीछे हुआ नया सत्र

Updated: | Wed, 17 Jun 2020 08:16 AM (IST)MP Higher Education Exam 2020 : अब सभी यूजी कोर्स के फर्स्ट और सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग उठने लगी है।null

MP Higher Education Exam 2020 : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। संक्रमण फैलने के डर से उच्च शिक्षा विभाग ने यूजी फाइनल ईयर और पीजी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। परीक्षाएं स्थगित होने से प्रवेश प्रक्रिया फिर दो महीने के लिए टल चुकी है। इससे अगला शिक्षा सत्र अक्टूबर-नवंबर के पहले शुरू होता नहीं दिख रहा है। जानकारों के मुताबिक, सत्र 2020-21 चार महीने पिछड़ चुका है, जिसका असर पूरे सत्र में पड़ेगा। यही वजह है कि अब सभी यूजी कोर्स के फर्स्ट और सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग उठने लगी है।

1 जुलाई से होने वाली परीक्षाएं महीनेभर के लिए स्थगित की गई हैं। 31 जुलाई के बाद विभाग नई तारीख घोषित करेगा। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा का टाइम टेबल दोबारा बनाना होगा। यहां तक कि विद्यार्थियों को आने के लिए कम से कम 15 दिन का समय देना जरूरी है। ऐसे में परीक्षाएं 15 अगस्त से पहले होना संभव नहीं है। बीए, बीकॉम और बीएससी समेत अन्य यूजी कोर्स फाइनल ईयर व अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाने में 45 दिन लगेंगे। इसके चलते सत्र 2020-21 के लिए फर्स्ट ईयर में प्रवेश अक्टूबर से पहले शुरू होता नजर नहीं आ रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में कम से कम 30 दिन लगेंगे। ऑनलाइन आवेदन बुलाने के साथ ही फीस जमा करनी होगी। जुलाई में लगने वाली क्लासेस अगले सत्र में नवंबर से पहले शुरू नहीं हो सकती है। इसकी वजह से सत्र काफी पिछड़ चुका है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अधिकारी भी अगले साल अप्रैल में परीक्षा होना संभव नहीं बता रहे हैं।null

तैयार होगी नई रणनीति

फाइनल ईयर व सेमेस्टर को छोड़कर अब हर कोई यूजी फर्स्ट-सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग कर रहा है। विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर भी अभियान शुरू कर दिया है। यहां तक एनएसयूआइ और युवक कांग्रेस ने भी समर्थन किया है। जबकि अब सरकारी कॉलेज के प्राध्यापक भी संक्रमण के खतरे को देखते हुए परीक्षा के बजाए जनरल प्रमोशन पर चर्चा कर रहे हैं। बताया जाता है कि विभाग ने भी इस पर सोचना शुरू कर दिया है। इसे लेकर अगले महीने तक नई रणनीति बन सकती है। शिक्षाविद से राय बुलाई जा रही है। निजी कॉलेज प्राचार्य संघ के डॉ. राजीव झालानी ने बताया कि फर्स्ट-सेकंड ईयर की परीक्षा पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। विद्यार्थियों के पिछले रिजल्ट और वर्तमान वर्ष के इंटरनल व प्रोजेक्ट मार्क्स और नए असाइनमेंट का आकलन किया जा सकता

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MP Higher Education Exam 2020 : परीक्षा स्थगित होने से चार महीने पीछे हुआ नया सत्र

MP Higher Education Exam 2020 : परीक्षा स्थगित होने से चार महीने पीछे हुआ नया सत्र

Updated: | Wed, 17 Jun 2020 08:16 AM (IST)MP Higher Education Exam 2020 : अब सभी यूजी कोर्स के फर्स्ट और सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग उठने लगी है।null

MP Higher Education Exam 2020 : इंदौर | संक्रमण फैलने के डर से उच्च शिक्षा विभाग ने यूजी फाइनल ईयर और पीजी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। परीक्षाएं स्थगित होने से प्रवेश प्रक्रिया फिर दो महीने के लिए टल चुकी है। इससे अगला शिक्षा सत्र अक्टूबर-नवंबर के पहले शुरू होता नहीं दिख रहा है। जानकारों के मुताबिक, सत्र 2020-21 चार महीने पिछड़ चुका है, जिसका असर पूरे सत्र में पड़ेगा। यही वजह है कि अब सभी यूजी कोर्स के फर्स्ट और सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग उठने लगी है।

1 जुलाई से होने वाली परीक्षाएं महीनेभर के लिए स्थगित की गई हैं। 31 जुलाई के बाद विभाग नई तारीख घोषित करेगा। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा का टाइम टेबल दोबारा बनाना होगा। यहां तक कि विद्यार्थियों को आने के लिए कम से कम 15 दिन का समय देना जरूरी है। ऐसे में परीक्षाएं 15 अगस्त से पहले होना संभव नहीं है। बीए, बीकॉम और बीएससी समेत अन्य यूजी कोर्स फाइनल ईयर व अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाने में 45 दिन लगेंगे। इसके चलते सत्र 2020-21 के लिए फर्स्ट ईयर में प्रवेश अक्टूबर से पहले शुरू होता नजर नहीं आ रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में कम से कम 30 दिन लगेंगे। ऑनलाइन आवेदन बुलाने के साथ ही फीस जमा करनी होगी। जुलाई में लगने वाली क्लासेस अगले सत्र में नवंबर से पहले शुरू नहीं हो सकती है। इसकी वजह से सत्र काफी पिछड़ चुका है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अधिकारी भी अगले साल अप्रैल में परीक्षा होना संभव नहीं बता रहे हैं।null

तैयार होगी नई रणनीति

फाइनल ईयर व सेमेस्टर को छोड़कर अब हर कोई यूजी फर्स्ट-सेकंड ईयर में जनरल प्रमोशन की मांग कर रहा है। विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर भी अभियान शुरू कर दिया है। यहां तक एनएसयूआइ और युवक कांग्रेस ने भी समर्थन किया है। जबकि अब सरकारी कॉलेज के प्राध्यापक भी संक्रमण के खतरे को देखते हुए परीक्षा के बजाए जनरल प्रमोशन पर चर्चा कर रहे हैं। बताया जाता है कि विभाग ने भी इस पर सोचना शुरू कर दिया है। इसे लेकर अगले महीने तक नई रणनीति बन सकती है। शिक्षाविद से राय बुलाई जा रही है। निजी कॉलेज प्राचार्य संघ के डॉ. राजीव झालानी ने बताया कि फर्स्ट-सेकंड ईयर की परीक्षा पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। विद्यार्थियों के पिछले रिजल्ट और वर्तमान वर्ष के इंटरनल व प्रोजेक्ट मार्क्स और नए असाइनमेंट का आकलन किया जा सकता है। about:blankhttps://d7a1918710374632583424c944e1e019.safeframe.googlesyndication.com/safeframe/1-0-37/html/container.html

कक्षाओं का समय बढ़ाया जाए

चार महीने पिछड़ चुके सत्र को पटरी पर लगाने के लिए भी सुझाव विभाग तक पहुंच रहे हैं। जानकारों ने अगले सत्र में कोर्स कम करने की बात कही है। कोर्स को समय पर पूरा करने के लिए प्रत्येक विषय से एक-एक यूनिट हटाने का सुझाव दिया है। शिक्षाविद डॉ. मंगल मिश्र का कहना है कि यूजी कोर्स वार्षिक परीक्षा प्रणाली है। विभाग को इसमें बदलाव नहीं करना चाहिए। सत्र को समय पर करने के लिए कॉलेजों को प्रयास करने होंगे। 45 मिनट के पीरियड को एक घंटे का किया जाए। इससे बीए, बीकॉम और बीएससी व अन्य कोर्स का पाठ्यक्रम 50-70 दिन में पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा किसेमेस्टर सिस्टम में 90 दिन का समय रहता है। इसके बाद परीक्षा करवाई जा सकती है। साथ ही सेमेस्टर ब्रेक की छुट्टियां भी कम हो सकती हैं।

इंदौर के सराफा थाने में गिरफ्तारी देने पहुंचे कांग्रेस विधायक और अध्यक्ष


इंदौर। कांग्रेस विधायक और इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अपने खिलाफ दर्ज हुए केस के बाद रविवार सुबह गिरफ्तारी देने पहुंचे। इस दौरान सराफा थाना पुलिस ने विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल और विनय बाकलीवाल को गिरफ्तार करने के बजाए कोर्ट का नोटिस दे दिया। अब 29 तारीख को उन्हें कोर्ट में पेश होना होगा। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी भी सराफा थाने में गिरफ्तारी देने पहुंचेंगे। गौरतलब है कि शनिवार को बिना अनुमति राजवाड़ा पर धरना देने के मामले में सराफा थाना पुलिस ने कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी, विशाल पटेल, संजय शुक्ला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। पुलिस के अनुसार राजवाड़ा क्षेत्र कोरोना के अतिसंवेदनशील क्षेत्र में आता है। यहां प्रदर्शन, धरना, रैली पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद धरना प्रदर्शन किया गया।

यह है मामला

शुक्रवार को पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर का जन्मदिन मनाने के लिए कमला नेहरू नगर में राशन वितरण कार्यक्रम रखा था। आयोजन में भारी भीड़ उमड़ी। न शारीरिक दूरी का ध्यान रखा गया और न ही अन्य सावधानी रखी गई। इसी के विरोध में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी, संजय शुक्ला और विशाल पटेल शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के साथ शनिवार सुबह 11 बजे राजवाड़ा पर अहिल्या प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। इनकी मांग थी कि गुप्ता पर धारा 279, 270 और 271 में मामला दर्ज किया जाए|

धरने से नेताओं को उठाने के लिए एसडीएम राकेश शर्मा पहुंचे और नेताओं से धरना खत्म करने को कहा, लेकिन नेताओं ने इन्कार कर दिया। जमीन पर बैठे कांग्रेस नेताओं से बात करने के लिए एसडीएम उनके सामने जमीन पर घुटनों के बल खड़े हो गए। बात करते हुए एसडीएम ने हाथ जोड़कर धरना खत्म करने की बात भी कही, लेकिन कांग्रेस नेता नहीं माने। दो घंटे तक धरने पर बैठने की घोषणा के अनुसार दोपहर 1 बजे ही नेताओं ने धरना खत्म किया। इस मामले एसडीएम और सीएसपी को हटा दिया गया।

corona info रेड ज़ोन इंदौर में कोरोना मरीजों की तादाद में आयी कमी, रिकवरी में देश में दूसरा नंबर


Multapi Samachar

इंदौर (indore) कोरोना (corona) पॉजिटिव मरीजों के ठीक होने की दर में इंदौर देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. यहां का रिकवरी रेट 37.35 फीसदी है, जो जयपुर के बाद है.

इंदौर. मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में कोरोना से सबसे ज़्यादा संक्रमित शहर (indore) से आज राहत भरी खबर है. शहर में पॉजिटिव मरीज़ों की तादाद में कल कमी आयी. बुधवार देर रात  556 सैंपल की जो जांच रिपोर्ट आयी उसमें से 538 मरीजों में कोरोना नहीं है.  सिर्फ 18 मरीज़ों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है. यानि पॉजिटिव मरीज मिलने की दर 3.23 फीसदी हो गई है. हालांकि अभी 600 सैंपल पेंडिग हैं. ये सभी सैंपल जांच के लिए निजी लैब भेजे गए हैं.

अब तक 83 मरीजों की मौत 
इंदौर को  कोरोना वायरस (corona virus) के संक्रमण से थोड़ी राहत मिलती दिखाई दे रही है. स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल बुलेटिन में पिछले 24 घंटे में 1174 मरीजों के सैंपल लिए गए जिसमें से 556 सैंपल की जांच की गई. इसमें 18 नए पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद ये आंकड़ा 1699 पर पहुंच गया है. मेडिकल बुलेटिन में 2 नए मरीजों की मौत की पुष्टि की गई है. इन्हें मिलाकर इंदौर में  कोरोना से मरने वालों की संख्या 83 हो गई है. मृतकों में एक 50 वर्षीय मरीज़ इंदौर की गुलजार कॉलोनी का रहने वाला है. उनकी मौत 6 मई को हुई है. वहीं दूसरा मरीज 54 साल का महू का होटल व्यवसायी है. उनकी मौत 5 मई को हुई थी.स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक 1021 मरीजों का इलाज अभी शहर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है.

रिकवरी रेट में इंदौर दूसरे नंबर पर 

गुरुवार का दिन इंदौर के लिए अच्छी खबर लेकर आया. कोरोना पॉजिटिव मरीजों के ठीक होने की दर में इंदौर देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. यहां का रिकवरी रेट 37.35 फीसदी है, जो जयपुर के बाद है. जयपुर का रिकवरी रेट 41.52 फीसदी है जबकि देश का औसत रिकवरी रेट 28.29 फीसदी है. इंदौर में अब तक 631 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं. बुधवार को सबसे ज्यादा 134 मरीज विभिन्न अस्पतालों से डिस्चार्ज किए गए. इनमें अरबिंदों अस्पताल से 100 मरीज, इन्डेक्स हॉस्पिटल से 21 ,एमटीएच हॉस्पिटल से 6  और चौईथराम अस्पताल से 7 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए.

बैलगाड़ी में हो रहा था अवैध शराब का परिवहन चढे पुलिस के हत्थे


लगभग 85 हजार रुपये कीमत की 28 पेटी शराब जब्त एक आरोपित को किया गिरफ्तार, एक आरोपित फरार

लगभग 85 हजार रुपये कीमत की 28 पेटी शराब जब्त

एक आरोपित को किया गिरफ्तार, एक आरोपित फरार

देवास, सोनकच्छ । लॉकडाउन में भी शराब माफिया सक्रिय बने हुए हैं। रविवार रात करीब 11.30 बजे पुलिस ने अवैध रूप से परिवहन की जा रही देशी शराब की 28 पेटियों को जब्त किया। पुलिस ने गाड़ी हांक रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति बैलगाड़ी पर मनापीपल्या से मुंडलाना की ओर अवैध रूप से देशी शराब ले जा रहे हैं। सूचना पर थाना प्रभारी उपेंद्र छारी, एसआई नरेंद्रसिंह, राकेशबाबू शर्मा, आरक्षक विकास राजावत, सुनील राजावत, लक्ष्मण बघेल, उमेश भदौरिया, अजय यादव आदि मौके पर पहुंचे। यहां ग्राम मुंडलाना की ओर आ रही बैलगाड़ी को रोका। गाड़ी में तलाशी लेने पर शराब की पेटियां नजर आई। गाड़ी हांक रहे व्यक्ति को तो पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन दूसरा व्यक्ति अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम राजपाल पिता बजेसिंह सेंधव उम्र 20 निवासी मुंडलाना तथा भागे हुए व्यक्ति का नाम अरविंद पिता चंदनसिंह सेंधव निवासी मुंडलाना बताया। पुलिस ने लगभग 252 लीटर शराब जब्त की, जिसकी कीमत लगभग 85 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। बैलगाड़ी व बैल जोड़ को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

इंदौर में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज 5.75 लोगों को बांट रहा संक्रमण


Multapi samachar

इंदौर के कोरोना पॉजिटिव मरीज देश के औसत से डेढ़ गुना अधिक लोगों को संक्रमित कर रहे हैं। एक अध्ययन के मुताबिक, इंदौर में एक कोरोना पॉजिटिव 5.75 लोगों को संक्रमित कर रहा है, जबकि देश का औसत 3.7 है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री का विश्लेषण करने पर यह बात सामने आई है। हालांकि अध्ययन जारी है और यह ट्रेंड आगे बदल सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को शहर के 116 कोरोना पॉजिटिव मरीजों के प्रारंभिक संपर्कों का विश्लेषण किया। इसमें पाया कि इन लोगों के संपर्क में आए 668 लोगों को भी कोरोना संक्रमण हो गया। इस तरह एक पॉजिटिव मरीज ने औसत 5.75 लोगों को संक्रमित किया। यह तस्वीर आंकड़ों के फौरी विश्लेषण से सामने आई है, लेकिन पूरी हकीकत तब सामने आएगी जब सभी पॉजिटिव मरीजों की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री पता करने के बाद इसका अध्ययन किया जाएगा।

यह प्रारंभिक रुझान

अध्ययन में शामिल एमजीएम मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रभारी डॉ. सलिल साकल्ले ने बताया कि यह सब प्रारंभिक आकलन है। इससे हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते। एक बार स्थिति सामान्य होने के बाद इस पर अध्ययन करेंगे। हाल ही में इंदौर आए भारत सरकार के केंद्रीय दल में शामिल विशेषज्ञ सदस्य और दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डायरेक्टर प्रोफेसर और कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. जुगलकिशोर ने भी पुष्टि की कि इंदौर का यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। जिला प्रशासन ने एप के जरिए कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का काम शुरू किया है, जिससे पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वालों की पकड़ आसानी से हो सकेगी। इधर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया का कहना है कि इंदौर में अभी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं। हम ज्यादा सैंपलिंग कर रहे हैं इसलिए पॉजिटिव व निगेटिव दोनों मिलेंगे।

हम कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का एक राउंड कर चुके हैं और अब दूसरा राउंड शुरू कर रहे हैं। साथ ही बफर जोन में भी सर्वे किया जा रहा है। यह सब कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और सैंपल की जांच पर निर्भर करता है। कुछ लोगों ने 10-12 तक तो कुछ ने एक-दो लोगों को ही संक्रमित किया है। हमारी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग हिस्ट्री में कुछ केस ऐसे भी आए हैं जिसमें एक पॉजिटिव मरीज से 13 लोगों तक संक्रमण फैलने की चेन मिली है। – आकाश त्रिपाठी, कमिश्नर

3.7 हो गया राष्ट्रीय औसत देश में कोरोना

संक्रमण शुरू होने से लेकर अब तक कांटेक्ट ट्रेसिंग (एक व्यक्ति कितने व्यक्ति को संक्रमित कर रहा है) दर के तीन आंकड़े सामने आ रहे हैं। मार्च में यह दर 1.7 थी जबकि अप्रैल के शुरुआती दौर में यह 2.3 फीसदी थी। वहीं अब यह बढ़कर 3.7 फीसदी माना जा रहा है। इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पीएसएम विभाग ने 3.7 फीसदी के हिसाब से आकलन कर ही इसे डेढ़ गुना माना है। सीएमएचओ ने इसकी पुष्टि की।

इंदौर में यह है कांटेक्ट ट्रेसिंग की बानगी

1. इंदौर के चंदन नगर में पुलिस पर हमला करने वाले नासिर खान को सेंट्रल जेल में रखा। बाद में जांच में वह कोरोना पॉजिटिव निकला। नासिर के साथ रहने वाले कैदियों की जांच हुई तो वे भी संक्रमित पाए गए। साथ ही नासिर के संपर्क में आए दो जेल प्रहरी भी संक्रमित मिले। नासिर ने करीब 10 लोगों में संक्रमण फैला दिया।

2. इंदौर के सैफी होटल में काम करने वाला एक व्यक्ति लॉकडाउन के दौरान खरगोन जिला स्थित अपने गांव बड़गांव के लिए निकला। रास्ते में वो कसरावद में रिश्तेदार के घर ठहर गया। बाद में वह पॉजिटिव पाया गया। उसने कसरावद के रिश्तेदारों और बड़गांव में भी परिवार में संक्रमण फैला दिया। इस पूरी कड़ी में लगभग 10 लोग संक्रमित हो गए।