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बैतूल के दुल्हे ने निकाली बारात, किया लॉकडाउन का उल्लंघन, फिर हुआ ये…


अलीराजपुर – मध्य प्रदेश के अलीराजपुर में पटवारी को अपनी शादी में धूमधाम से  बारात निकालना भारी पड़ गया। शादी में जुटी भीड़ का वीडियो वायरल होने पर मामला पुलिस तक पहुंच गया। जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने शादी में शामिल हुए लोग और पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।

दरअसल मामला अलीराजपुर जिले के जोबट के बिलासा गांव का है, जहां बैतूल में पदस्थ पटवारी की शादी हो रही थी। जिसमें 1000 से अधिक लोग शामिल होकर नाच गाना कर रहे थे। सभी लोग बिना मास्क के थे।

वहीं किसी ने शादी में जुटी भीड़ का वीडियो बनाकर पुलिस को इसकी सूचना दे दी। जानकारी पाकर मोकै पर पहुंची पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने शादी में केवल 50 लोगों की मौजूदगी रहने संबंधी शर्तों पर ही अनुमति देने का ऐलान किया है। बावजूद इसके पटवारी ने लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए धूमधाम से बारात निकाली।

प्रदीप डिगरसे बैतूल 9584390839

विवाह कार्यक्रमों के लिए अनुमति लेना अनिवार्य


विवाह कार्यक्रमों के लिए अनुमति लेना अनिवार्य
संबंधित तहसीलदार/कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से मिलेगी अनुमति

बैतूल – कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह ने लॉक-डाउन के दौरान विवाह कार्यक्रमों के लिए संशोधित आदेश जारी किए हैं। संशोधित आदेश के अनुसार अब 07 मई 2020 से सम्पन्न होने वाले समस्त विवाह कार्यक्रमों की अनुमति संबंधित तहसीलदार/कार्यपालिक से लेना अनिवार्य होगा।

कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि शादियों में 50 की संख्या का परिचालन नहीं हो रहा है। जिले में विवाह समारोहों को विनियमित करने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत 04 मई 2020 को जारी आदेश में इन समारोहों में अधिकतम 50 व्यक्तियों एवं सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधान नियत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले से प्राप्त विभिन्न सूचनाओं से यह संस्थापित हुआ है कि विवाह संबंधी गतिविधियों में संक्रमण के प्रभाव को रोकने की दृष्टि से और अधिक विनियमित करने की आवश्यकता है। अत: 07 मई 2020 से सम्पन्न होने वाले समस्त विवाह कार्यक्रमों की अनुमति संबंधित तहसीलदार/कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से लेना अनिवार्य होगा। सभी प्रकार के आदेशों का पालन अनिवार्य होगा एवं उल्लंघन दण्डनीय होगा।
कलेक्टर ने कहा है कि यह आदेश आम जनता को संबोधित है। वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां नहीं है और न ही यह सम्भव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति या समूह को दी जाकर सुनवाई की जा सके। अत: दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के अंतर्गत यह आदेश एकपक्षीय पारित किया गया है। आदेश से व्यथित कोई भी व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (5) के अंतर्गत कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बैतूल के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। अत्यंत विशेष परिस्थितियों में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू शर्तों से छूट मिल सकेगी।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 तथा एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत मप्र शासन द्वारा जारी किए गए विनियम 23 मार्च 2020 की कंडिका 10 के अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 187, 188, 269, 270, 271 के अंतर्गत दण्डनीय है एवं उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध इन धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 07 मई 2020 से आगामी आदेश पर्यन्त प्रभावशील रहेगा।

मुलतापी समाचार बैतूल