Category Archives: छिन्‍दवाडा

मुलताई, चिखलीकला के पास बाइक सवार की दुघटना में मौत, एक घायल


मुलतापी समाचार

मुलताई से छिंदवाड़ा हाइवे पर चिखलीकला के पास रेलिंग से टकराई बाइक युवक की मौत एक घायल

छिंदवाड़ा हाईवे पर ग्राम चिखलीकला के पास मार्ग से जा रही बाइक पुलिया की रेलिंग से टकरा गई। दुर्घटना में बाइक पर सवार युवक की मौत हो गई वही एक युवक घायल हो गया। सोमवार सुबह ग्राम खजरी निवासी सुनील पिता भादू उघड़े 25 साल और राहुल पिता श्यामराव बारस्कर निवासी ग्राम घाटबिरोली बाइक पर सवार होकर छिंदवाड़ा हाईवे से गुजर रहे थे। हाईवे पर स्थित ग्राम चिखलीकला के पास तेज गति से जा रही बाइक अनियंत्रित होकर पुलिया की रेलिंग से टकरा गई। दुर्घटना में बाइक सवार सुनील उछल कर मार्ग के किनारे स्थित आठ फीट नाली में जा गिरा।गंभीर चोट आने से सुनील की घटना स्थल पर ही मौत हो गई वहीं राहुल भी गंभीर रूप से घायल हो गया।

दुर्घटना की सूचना पर एनएचएआई की एंबुलेंस मौके पर पहुंची एंबुलेंस के डॉक्टर कमलेश रघुवंशी और पायलट छोटेसिंह रघुवंशी   ने घायल राहुल को एंबुलेंस से उपचार के लिए सरकारी अस्पताल लाया डॉक्टर कमलेश सिंह रघुवंशी ने बताया कि सुनील की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी

बदनूर के पास हुआ हादसा


छिंदवाड़ा रोड पर बदनूर के पास हुआ हादसा

युवक हुआ घायल

युवक के सर पर लगी गंभीर चोट

MP Chhindwara – लोहे की चद्दरों से भरा ट्रक खाई में गिरा, दो की मौत, एक घायल


Multapi Samachar

छिंदवाड़ा। शुक्रवार की दोपहर हर्रई से अमरवाड़ा के बीच स्थित दूल्हादेव घाटी के समीप लोहे की चादर से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। इस हादसे में ट्रक में सवार दो लोगों की मौके पर मौत हो गई जबकि एक युवक लोहे की चादर के नीचे दब गया।

सूचना पर हर्रई व अमरवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची तथा रेस्क्यू कर लोहे की चादर के नीचे दबे युवक को बाहर निकाला गया तथा अमरवाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। ट्रक अनियंत्रित होकर तकरीबन 100 फिट नीचे जा गिरा जिससे ट्रक के परखच्चे उड़ गए।

हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई लोगों ने दबे हुए युवक को बचाने का प्रयास किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया पुलिस ने मौके पर हर्रई से क्रेन को बुलाया तथा दबे हुए युवक का बाहर निकाला।

ट्रक में सवार मृतकों तथा घायल की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि ट्रक नरसिंहपुर की ओर से आ रहा था तथा छिंदवाड़ा की ओर जा रहा था इसी दौरान सड़क पर बने गड्ढें बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा।

हर्रई टीआई कौशल सूर्या ने बताया कि सूचना के बाद तत्काल पुलिस मौके पर पहुंच गई थी इस दाैरान चादर के नीचे दबे युवक की आवाज आ रही थी तत्काल क्रेन बुलाई गई तथा चादरों को हटवाकर युवक को बाहर निकाला गया। मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है।

MP कोरोना काल में छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की घोर लापरवाही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र का हाल बेहाल


आखिर अर्चना की माँ की मौत का कौन है जिम्मेदार ?

छिंदवाड़ा सीएमएचओ डॉ. गिरीश चौरसिया के राज में मरीजों का बुरा हाल, मर रहे लोग

Multapi Samachar

MP भोपाल। छिंदवाड़ा । मध्यप्रदेश सरकार के राज में जिला अस्पतालों के हालात बद से बदत्तर है । आख़िर अधिकारी कर्मचारी की लापरवाही के कारण हो रही मौतों का कौन है जिम्मेदार ? किसकी है जवाबदेही ? किस पर विश्वास करें प्रदेश की जनता काँग्रेस या भाजपा या ये दोनों दल है एक ही थाली के चट्टे बट्टे ? देश प्रदेश की सभी वर्ग की जनता आर्थिक तंगी बेरोजगारी से जूझ रही है । आखिर गंभीर हालातों को कब संभालेगी सरकार । बात चाहे जनसंपर्क में गए पत्रकार की हो या सरकारी अस्पताल में गए गरीब मजदूर की दशा एक जैसी है । छिंदवाड़ा जिला अस्पताल का हाल बेहाल हो चुका है आये दिन नितनये कारनामे सामने आते है चाहे वो वेंटिलेटर खरीदने का हो या मरीजों को सुविधाएं ना देने पर हमेशा सुर्खियों में बना रहता है, छिंदवाड़ा मुख्य चिकित्सा एवं स्वस्थ्य अधिकारी डॉ. गिरीश चौरसिया मुख्य चिकित्सा के राज में ऐसे क्षेत्र की जनता त्रस्त है । पीड़ित वीडियो बना बना कर अपनी सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे है ।
परंतु सीएमएचओ के कान पर जूं तक नही रेंग रही है आखिर ऐसे कौन शक्ति काम कर रही है जिससे जनता त्रस्त है और सीएमएचओ मस्त है ।
इसकी कड़ी में आज एक वीडियो कोविद19 संक्रामित लड़की ने भेजा है जिसमें छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की पोल खोल के रख दी है। अस्पताल में मरीजों के साथ कैसा व्यवस्था हो रहा है और उन्हें क्या सुविधाएं मिल रही है इसका उदाहरण इस वीडियो में देखने को मिलता है ।

क्या कहा वीडियो में अर्चना ने ?

अर्चना के द्वारा बताया गया कि 31 अगस्त को उनके माता-पिता एवं अर्चना की कोविड रिपोर्ट पजीटिव आई थी इसके उपरांत तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया अंजू की माता हार्ड पेशेंट थी जिसके चलते उन्हें आईसीयू वार्ड में रखा गया था बीती रात 5 अगस्त 2020 को रात्रि 3:30 पर अर्चना की मां को प्यास लगी थी उनके द्वारा अस्पताल के आईसीयू वार्ड के नर्स स्टाफ को पानी के लिए आवाज दी गई किंतु जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में कोई भी स्टाफ का कर्मचारी मौजूद नहीं था इसके बाद अर्चना को फोन लगाया गया अर्चना ने सिविल सर्जन को फोन से संपर्क किया किंतु सिविल सर्जन द्वारा नाम मात्र की तसल्ली दी गई कि हमारे द्वारा स्टाफ को पहुंचाया जा रहा है इसके बाद दूसरी बार पुनः अर्चना ने सिविल सर्जन को फोन लगाया 4:00 बजे कि मेरी माता जी को बहुत जोरों से प्यास लगी है उनको पानी दे दिया जाए दूसरी बार पुनः सिविल सर्जन द्वारा तसल्ली दी गई किंतु पानी नहीं दिया गया ना ही कोई स्टाफ आईसीयू वार्ड में पहुंचा अर्चना की माता ने बिना पानी पिए तड़प तड़प कर जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में बिना डॉक्टरों की अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के चलते जान गवा दी

अर्चना के द्वारा सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल किया गया है उस पर अर्चना द्वारा बताया गया कि 31 अगस्त की रात्रि को जब उन्हें अस्पताल पर भर्ती किया गया था उस समय अस्पताल पर उनके फादर को आईसीयू वार्ड पर रखा गया जब उनके फादर को आईसीयू वार्ड पर ले जाया गया था तो उससे पहले आईसीयू वार्ड में एक कोरोनावायरस को वेंटिलेटर ऑक्सीजन लगाया गया था किंतु उस मरीज वेंटिलेटर पाइप ऑक्सीजन से निकल गया था तो अर्चना के पिता द्वारा अस्पताल में मौजूद वार्ड बॉय को इसकी जानकारी दी गई वार्ड बॉय की लापरवाही की उन्होंने अर्चना के पिता को बोला कि आप ही पाइप लगा दीजिए एक मरीज जो खुद अस्पताल पर भर्ती हुआ है जिसे मैं मेडिकल की कोई जानकारी नहीं है उसे जिला अस्पताल का स्टाफ दूसरे मरीज को वेंटीलेटर ऑक्सीजन पाइप लगाने को बोलता है और इसी के चलते उस मरीज की जान चली गई एक बेटी का सवाल है कि मामा मुख्यमंत्री के राज्य पर मरीजों के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है क्या हमारे साथ या जनता के साथ जिला अस्पतालों पर इस प्रकार से बदतर हालत क्यों है

क्या कहना है ।

छिंदवाड़ा कलेक्टर को कॉल किया गया परंतु उन्होंने उठाया नही

वीडियो सामने आया है जिसमें गंभीर आरोप लगे है, जाँच के बाद लापरवाही सामने आने पर संबंधित पर कार्यवाही की जायेगी ।

सौरभ कुमार सुमन छिंदवाड़ा जिलाधीश

कॉल किया गया परंतु काल रिसीव नही किया गया |

डॉ. गिरीश चौरसिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वस्थ्य अधिकारी छिंदवाड़ा

अगले अंक में पढ़िए – कोरोना संक्रमित मरीजों की शिकायतों पर सोता छिंदवाड़ा प्रशासन

मनीष कुमार राठौर

‘शोक संंदेेेेश

Gotmar Mela 2020 : विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेला पुलिस भी नहीं रोक पायी पत्थरबाजी, गोटमार मेले में 110 लोग घायल- पांढुर्णा VIDEO


PANDHURNA GOTMAR MELA 2020 VIDEO CHHINDVARA

छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा के पांढुर्ना में विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेला आज से शुरू हो चुका है. हालांकि कोरोना महामारी के चलते शांति समिति की बैठक में गोटमार नहीं मनाने का निर्णय लिया गया था, जो पूरी तरह विफल हो चुका है. सावरगांव पक्ष ने झंडा बांधकर कर पूजा की पूरी तैयारियां कर ली हैं. लोग बड़ी तादाद में जाम नदी पर पहुंच चुके हैं.

आपको बता दें कि विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले में इस साल पत्थरबाजी के खेल पर प्रतिंबध लगाया गया है. इस साल केवल जाम नदी के किनारे स्थित देवी मंदिर में झंडे की पूजा की जाएगी. 

मप्र के छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा में कोरोना के भय और प्रशासन की बंदिश के बावजूद बुधवार को गोटमार मेले का आयोजन हुआ। परंपरागत रूप से दो पांढुर्णा व सावरगांव के लोगों ने एक-दूसरे पर खूब पत्थर बरसाए, जिसमें 110 लोग घायल हो गए। मेला स्थल पर 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी और कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन वह भी मूकदर्शक बने रहे।

धरी रह गई रोकने की तैयारी

बताया जा रहा है कि कलेक्टर ने एक दिन पहले मेले की जगह का निरीक्षण किया. जहां मेले का आयोजन हो रहा है उस जगह से सारे पत्थर हटवा लिए गए हैं. सुरक्षा को देखते हुए एसडीओपी, एएसपी, टीआई, एसआई, एएसआई, एसएफ, होमगार्ड फारेस्ट समेत जिला बल के जवानों की तैनाती की गई है. 

आपको बता दें कि गोटमार मेले की परंपरा सदियों से चली आ रही है. इस मेले का आयोजन पांढुर्णा और सावरगांव के बीच बहने वाली जाम नदी पर किया जाता है. देवी का झंडा गाड़ने के बाद दोनों गांव के लोग एक दूसर पर पत्थर फेंकते हैं. जिसमें कई लोग घायल हो जाते हैं. मेला देखने हर साल जिले के बाहर से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लेकिन इस बार सिर्फ औपचारिकता निभाई जाएगी.

इस बार कोराना के संक्रमण को देखते हुए गोटमार मेले पर छिंदवाड़ा जिला प्रशासन ने प्रतिबंध लगाया था। मंगलवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारियों ने बैठक ली थी, जिसमें बुधवार को होने वाले मेले को रोकने को लेकर तैयारी की गई थी।

इसके लिए दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सात एसडीओपी, दस थाना प्रभारी, 30 एसआइ, 50 एएसआइ और लगभग 500 एसएफ, होमगार्ड, वन विभाग और जिला पुलिस बल तैनात किए गए थे।

पुलिस निगरानी करती रह गई और पांढुर्णा और सावरगांव के लोग जाम नदी के किनारे एकजुट होकर पत्थर बरसाते चले गए। हालांकि बंदिश के कारण हर साल की तरह इस साल घायलों के इलाज के लिए शिविर नहीं लगाए थे, जबकि पिछले साल 10 से 12 शिविर लगाए गए थे।

पत्थर हटवाए थे, फिर ले आए

छिंदवाड़ा के एसपी विवेक अग्रवाल के अनुसार उपचार के लिए शिविर नहीं लगने के कारण घायलों की संख्या का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, लेकिन बताया जा रहा है कि 110 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। मंगलवार रात को क्षेत्र से पत्थर हटवा दिए गए थे। इसके बाद भी लोगों ने पत्थर जमा कर लिए थे। पुलिस जवानों ने लोगों को रोकने की कोशिश की तो वे भी पत्थरबाजी की चपेट में आए।

वर्षों पुरानी है मेले की परंपरा

बताया जाता है कि गोटमार मेले की शुरूआत 17 वीं इसवीं में हुई थी। मान्यता है कि सावरगांव की एक आदिवासी कन्या का पांढुर्णा के किसी लड़के ने सावरगांव की लड़की से चोरी-छिपे प्रेम विवाह कर लिया था। जब वह लड़की को लेकर जाम नदी पार कर रहा था तब सावरगांव के लोगों को पता चला और उन्होंने उन पर पत्थरों से हमला कर दिया था।

सूचना मिलने पर पांढुर्णा पक्ष के लोगों ने भी जवाब में पथराव शुरू कर दिया। दोनों गांवों के लोगों द्वारा किए गए पथराव से प्रेमी जोड़े की मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के लोगों को अपनी शर्मिंदगी का अहसास हुआ और दोनों प्रेमियों के शवों को उठाकर क्षेत्र में स्थित किले पर मां चंडिका के दरबार में ले जाकर रखा और पूजा-अर्चना करने के बाद दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया। इसी घटना की याद में मां चंडिका की पूजा-अर्चना कर गोटमार मेले का हर साल आयोजन होता है।

चेन्नई में फंसे प्रवासी मजदूर वापस लौटे बैतूल सहीत तीन जिले के है मजदूर आए


चेन्नई में फंसे ४७ प्रवासी मजदूर वापस लौटे बैतूल, छिन्दवाड़ा और खंडवा के है मजदूर

मुलतापी समाचार

बैतूल। लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए मजदूरों को श्रमिक ट्रेनों के जरीए उनके घरों तक पहुंचाए जाने का सिलसिला लगातार जारी है। चेन्नई में पिछले 54 दिनों से फंसे यात्रियों को लेकर आज सुबह एक श्रमिक एक्सप्रेस बैतूल पहुंची। इस ट्रेन में बैतूल के साथ छिंदवाड़ा और खंडवा जिले के मजदूर भी बैतूल स्टेशन पर उतरे। मजदूरों के बैतूल स्टेशन पर पहुंचने की सूचना मिलते ही बैतूल एसडीएम राजीव रंजन पांडे के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रेलवे स्टेशन पहुंच गई थी। टे्रन से सभी मजदूरों के उतरने के बाद इन प्लेटफॉर्म पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर बैठाया गया और सभी मजदूरों का स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद मजदूरों को अपने-अपने गंतव्य स्थानों की ओर रवाना किया।

रेलवे के अधिकारियों ने सांध्य दैनिक खबरवाणी को बताया कि चेन्नई से चलकर रीवा जाने वाली श्रमिक एक्सप्रेस से बैतूल स्टेशन पर कुल 81 यात्रियों को उतरना था, लेकिन इस ट्रेन से केवल 47 यात्री ही उतरे है, जिसमें छिंदवाड़ा जिले के सबसे ज्यादा 34 मजदूर शामिल है। इसके अलावा बैतूल के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले 11 और खंडवा के 2 मजदूर शामिल है। इन मजदूरों को बसों के माध्यम से अपने-अपने जिलों के लिए रवाना किया गया। बैतूल के मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ ही इन्हें सुरक्षा की दृष्टि से छात्रावास में क्वारंटाइन किया गया है।

जिला छत्रिय पवार समाज संगठन छिंदवाड़ा द्वारा 61000 दान किए गए


दान संगठन के पास जमा राशि से नहीं ,अपितु समाज के दानदाताओं द्वारा दी गई

Multapi Samachar

स्वयं दान देकर समाज संगठन का नाम करने वालों की विनम्रता महानता को नमन
छिंदवाड़ा। लाकडाउन के दौरान छिंदवाड़ा शहर के गरीबों की भोजन व्यवस्था के लिए नगर निगम कमिश्नर श्री राजेश साही को रुपए 61,000 की सहयोग राशि जिला छत्रिय पवार समाज संगठन छिंदवाड़ा की ओर से दान की गई।
दीनदयाल रसोई हेतु संगठन के पदाधिकारियों द्वारा निम्नानुसार राशि दी गई-
श्री हेमंत पवार 10,500
श्री यशवंत पवार 10,000
श्री मुन्ना पवार 10,000
श्री देवेन्द्र डोबलेकर 8000
श्री एन आर डोंगरे 5000
श्री महेश डोंगरे 5000
श्री बलवंत कड़वेकर 5000
श्री गोपीचंद पवार 5000
श्री देवीलाल घागरे 2500
आप सभी सदस्यों की संवेदनशीलता और दानशीलता को नमन करते हुए आपके उज्ज़्वल भविष्य की कामना करता है। आपके इस कार्य से समाज का गौरव बढ़ा है। भगवान आपको सदैव स्वस्थ सुखी संपन्न और दीर्घायु बनाए रखें।
स्रोत-श्री रामदास पवार

सहेली के साथ छत पर पैर लटाकाए बैठी थी लड़की तभी भाई ने की ऐसी शैतानी और फिर… देेखें Video


भाई की शैतानी की वजह से लड़की छत से नीचे गिर जाती है.

मुलतापी समाचार

भाई एक कुर्सी ले आया और नीचे कुर्सी रख कर उस पर चढ़ गया और बहन के पैरों में गुदगुदी करने लगा. इस वजह से बच्ची का बैलेंस बिगड़ गया और वह सीधे स्कूटर से टकराती हुई जमीन पर गिर पड़ी. 

छ‍िन्‍दवाडा: सोशल मीडिया पर यूं तो अक्सर ही कई तरह के वीडियो वायरल होते रहते हैं जो लोगों को पसंद भी आते हैं और उनका मनोरंजन भी होता है. हालांकि, इसी बीच एक वीडियो सामने आया है, जहां एक बच्ची अपनी दोस्त के साथ कमरे के बाहर छत पर बैठे हुए नजर आ रही है लेकिन तभी वह स्कूटर से टकराते हुए नीचे गिर जाती है. हालांकि, इस घटना में बच्ची को किसी तरह की चोट या खरोंच भी नहीं आई. 

दरअसल, यह घटना मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा में स्थित छोटे बाजार इलाके की है. यहां एक बच्ची अपनी सहेली के साथ पहली मंजिल पर कमरे के बाहर छत पर बैठी थी और तभी उसका छोटा शैतानी करने लगा.

भाई एक कुर्सी ले आया और नीचे कुर्सी रख कर उस पर चढ़ गया और बहन के पैरों में गुदगुदी करने लगा. इस वजह से बच्ची का बैलेंस बिगड़ गया और वह सीधे स्कूटर से टकराती हुई जमीन पर गिर पड़ी. 

हालांकि, इस घटना में बच्ची को किसी भी तरह की कोई चोट नहीं आई.