Category Archives: देश

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन, एस्कॉर्टस हॉस्पिटल में ली अंतिम



पटना। Ramvilas Paswan Health news

मुलतापी समाचार

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्‍थापक व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) की तबीयत अधिक बिगड़ गई है। इन दिनों वह दिल्‍ली के फोर्टिस अस्‍पताल के आइसीयू (ICU) में भर्ती हैं। उन्‍हें छोड़कर बिहार आना बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) के लिए अभी संभव नहीं है। अपनी मजबूरी बयां करते हुए एलजेपी सुप्रीमो चिराग पासवान ने पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं को मार्मिक चिट्ठी (Touching Letter) लि‍खी है।

चिराग ने अपनी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं के नाम पत्र में पिता व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की अस्वस्थता की चर्चा की है, जो तीन सप्ताह से दिल्ली के अस्पताल में आइसीयू में भर्ती हैं। इसी वजह से चिराग ने बिहार नहीं आ पाने की अपनी मजबूरी बतायी है। चिराग ने पत्र में यह भी बताया है कि सीट बंटवारे पर अभी तक उनकी किसी से कोई बात नहीं हुई है।

नियमित हेल्थ चेकअप टालने से बढ़ी परेशानी 

अपनी चिट्ठी में चिराग ने लिखा है कि कोरोना संक्रमण काल में लोगों को राशन की परेशानी न हो, इसके लिए उनके पिता अपना रूटीन  हेल्‍थ चेक-अप लगातार टालते रहे। इस कारण वे अस्‍वथ हो गए। बीते तीन सप्‍ताह से वे अस्‍पताल में हैं।

इस हाल में आइसीयू में छोड़ कर हटना संभव नहीं

चिराग पासवान ने लिखा है कि वे पिता को रोज बीमारी से लड़ते देख कर विचलित हो जाते हैं। पिता पटना जाने के लिए कहते हैं, लकिन बेटा होने के नाते वे उन्‍हें इस हाल में आइसीयू में छोड़ कर नहीं हट सकते हैं। नहीं ताे वे खुद को कभी माफ नहीं कर पाएंगे।

अध्‍यक्ष होने के नाते पार्टी के साथियों की भी चिंता

चिराग पासवान ने आगे लिखा है कि पार्टी अध्‍यक्ष होने के नाते उन्‍हें उन साथियों की भी चिंता है, जिन्‍होंने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्‍ट’ के लिए जीवन समर्पित कर दिया है। लिखा है कि उनकी बिहार के भविष्‍य व चुनाव में सीटों को लेकर गठबंधन के घटक दलों से कोई बात नहीं हुई है। यह बात उन्‍होंने पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में भी कही थी।

India news चीन LAC को नहीं मानता, संयम और शौर्य से जवाब दे रही हमारी सेना, राज्यसभा में बोले राजनाथ सिंह


Parliament LIVE Updates: राज्यसभा में बोले राजनाथ सिंह, चीन LAC को नहीं मानता, संयम और शौर्य से जवाब दे रही हमारी सेना
Parliament LIVE Updates: राजनाथ सिंह ने विस्तार से बताया कि चीन सीमा का सम्मान नहीं करता है, वह एलएसी को नहीं माना रहा है, लेकिन हमारी सेना पूरी तरह डटी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर आज राज्यसभा में बयान दिया। राजनाथ सिंह ने विस्तार से बताया कि चीन सीमा का सम्मान नहीं करता है, वह एलएसी को नहीं माना रहा है, लेकिन हमारी सेना पूरी तरह डटी है। जहां संयम जरूरी होता है वहां संयम और जहां शौर्य जरूरी है वहां शौर्य से काम लिया जा रहा है। चीन की हर हरकत पर सरकार की नजर है। बॉर्डर पर भारत ने ज्यादा इन्फ्रास्ट्र्क्चर पहुंचाया है। रक्षा मंत्री ने का, भारत तथा चीन दोनों ने औपचारिक तौर पर यह माना है कि सीमा का प्रश्न एक जटिल मुद्दा है जिसके समाधान के लिए धैर्य की आवश्यकता है तथा इस मुद्दे का समाधान, शांतिपूर्ण बातचीत के द्वारा निकाला जाए।

रक्षा मंत्री ने सदन को बताया कि हमने चीन को diplomatic तथा military channels के माध्यम से यह अवगत करा दिया, कि इस प्रकार की गतिविधियां, स्थिति को यानी status quo को एक तरफा बदलने का प्रयास है। यह भी साफ कर दिया गया कि ये प्रयास हमें किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है।

चीन लद्दाख में भारत की लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर भूमि पर अनाधिकृत कब्जा किए हुए है। इसके अलावा 1963 में एक तथाकथित boundary agreement के तहत पाकिस्तान ने PoK की 5880 वर्ग किमी भारतीय जमीन अवैध रूप से चीन को सौंप दी है।

सदन इस बात से अवगत है कि भारत और चीन सीमा का प्रश्न अभी तक अनसुलझा है। भारत और चीन की बाउंड्री का कस्टमरी और ट्रेडिशनल अलाइनमेंट चीन नहीं मानता है। यह सीमा रेखा अच्छे से स्थापित भौगोलिक सिद्धांतों पर आधारित है।

राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में अपने वक्तव्य में कहा कि स्वतंत्र भारत में हमारी सेनाओं ने देश के लिए अपना सर्वोच्च न्योछावर करने में कभी भी कोताही नहीं बरती है। यह सीमारेखा well established भौगोलिक सिद्धांतों पर आधारित है, इसकी पुष्‍टि न केवल treaties, agreements द्वारा बल्कि historic usage, practices द्वारा भी हुई है। इससे दोनों देश सदियों से अवगत हैं। चीन यह मानता है कि बाउंड्री अभी भी औप‍चारिक रूप से निर्धारित नहीं हैं।

चीन यह मानता है कि historical jurisdiction के आधार पर जो traditional customary line है उसके बारे में दोनों देशों की अलग-अलग व्‍याख्‍या है। दोनों देश 1950 और 1960 के दशक में इस पर बातचीत कर रहे थे, लेकिन पारस्‍परिक रूप से समाधान नहीं निकला।

इससे पहले राजनाथ सिंह ने लोकसभा को बताया था कि एलएसी पर शांति रखते हुए चीन के साथ वार्ता जारी है। चीन के साथ सीमा विवाद काफी जटिल मुद्दा है। एलएसी पर दोनों देशों की अलग-अलग राय है। हमारी सेनाओं ने मई-जून में चीन के सीमा बदलने के प्रयास का मुंहतोड़ जवाब दिया। हमारी सेना ने चीन की इस मंशा को पहले ही भांप लिया था। चीन की तरफ से इस मुद्दे पर गंभीरता की साथ डील किया जाना चाहिए। चीन ने गलवान के बाद पैंगोग में भी सीमा को बदलने का प्रयास किया था, लेकिन हमारी सेना ने इस प्रयास को भी विफल कर दिया था।

पूर्व राष्ट्रपति, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रणव मुखर्जी का देहावसान


Former President Pranab Mukherjee passed away मुलतापी समाचार

देश,नई दिल्ली. पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी (84) का सोमवार की शाम को निधन हो गया है वह 10 अगस्त से दिल्ली स्थित सेना के रिसर्च एंड रेफरल (आरएंड आर) अस्पताल में भर्ती कराया था। इसी दिन से ब्रेन से क्लॉटिंग हटाने के लिये इमरजेंसी में सर्जरी की गयी थी। इसके बाद से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। प्रणव ने 10 अगस्त को ही स्वयं को कोरोना पॉजिटिव होने की बात भी कहीं थी।

sc फैसला- CBI करेगी सुशांत सिंह राजपूत केस की निष्‍पक्ष जांच


सुशांत सिंह राजपूत केस में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया है। SC ने इस मामले में CBI जांच का आदेश दिया है और कहा है कि महाराष्ट्र सरकार सीबीआई को सहयोग करे साथ ही तमाम जांच संबंधित दस्तावेज मुहैया कराने में भी मदद करे। कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वह भविष्य में सुशांत केस से संबंधित मामले को अपने हाथों में ले। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि ये सुनिश्चित किया जाए कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पीछे के रहस्य की छानबीन के लिए सीबीआई कंपिटेंट जांच एजेंसी है और कोई भी राज्य पुलिस उसकी जांच में दखल न दे।

बिहार सरकार को केस सीबीआई को देने का अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई न सिर्फ पटना के एफआईआर मामले की जांच के लिए सक्षम है बल्कि आगे भी कोई केस दर्ज होता है इस मामले में तो वह सीबीआई देखेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार को इस बात का अख्तियार है कि वह सुशांत के पिता की शिकायत पर दर्ज केस को सीबीआई को रेफर करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस सीबीआई को सहयोग करे क्योंकि अब सीबीआई जांच का आदेश सुप्रीम कोर्ट का है। सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने एनबीटी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि बिहार सरकार सीबीआई जांच के लिए केस रेफर करने केलिए सक्षम है। पटना में दर्ज केस वैध है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगे थे सभी पक्षों के जवाब
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच का अधिकार किसे है, इसे लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित जवाब मांगे थे। बिहार सरकार, रिया चक्रवर्ती और सुशांत की फैमिली की तरफ से लिखित जवाब सुप्रीम कोर्ट में दिए गए थे। वहीं सीबीआई की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में लिखित जवाब दिया गया था। जवाब में कहा है कि कोर्ट को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अपनी जांच जारी रखने देना चाहिए।

SC में रिया चक्रवर्ती की ओर की दलील
घटना मुंबई की है और जूरिस्डिक्शन भी महाराष्ट्र पुलिस की बनती है। लेकिन बिहार पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पटना में घटना नहीं हुई। रिया के खिलाफ पॉलिटिकल फोर्स का इस्तेमाल किया गया है। मामले को राजनीतिक अजेंडा की तरह इस्तेमाल किया गया ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके। मामले में पटना पुलिस का जूरिडिक्शन नहीं बनता है केस मुंबई ट्रांसफर होना चाहिए।

बिहार सरकार के वकील मनिंदर सिंह की दलील
रिया ने खुद सीबीआई जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस ने 56 लोगों का बयान दर्ज किया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की। महाराष्ट्र में पुलिस पर राजनीतिक दबाव है। राजनीतिक दबाव के कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो रही। बिहार पुलिस के एसपी को वहां क्वारंटीन किया गया।

महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी
बिहार सरकार का मामले में जूरिस्डिक्शन नहीं है। ये संघीय ढांचे का सवाल है। घटना मुंबई में हुआ है। कानून का सिर मरोड़ दिया गया। सीआरपीसी का मर्डर किया जा रहा है। बिहार में चुनाव है और चुनाव के बाद कोई इस केस को नहीं देखेगा।

सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह
विकास सिंह ने कहा कि हम फेयर जांच चाहते हैं। हम मुंबई पुलिस पर विश्वास नहीं कर सकते। रिया ने पूरा कंट्रोल कर रखा था लेकिन मुंबई पुलिस ने उस मामले में छानबीन नहीं की है। सुशांत की मौत हो गई। जब उसका दरवाजा खोला गया तो सुशांत की बहन वहां 10 मिनट में पहुंचने वाली थी लेकिन उसका इंतजार नहीं किया गया और नहीं देख पाए कि क्या वह पंखे से लटका हुआ था?

केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता
मुंबई पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए 56 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। बिना कानून का पालन किए ये सब मुंबई पुलिस कर रही है। बिहार में केस दर्ज हुआ है। ये केस सीबीआई जांच के लिए सिफारिश की गई और फिर केस दर्ज किया गया।

सुशांत का परिवार नहीं चाहता और देर
सुशांत की मौत 14 जून को हुई थी। 2 महीने से ज्यादा वक्त हो गया है और कोई नतीजा नहीं निकल सका है। सुशांत का परिवार और उनके फैन्स जल्द से जल्द इस मामले में न्याय चाहते हैं। सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति, उनकी एक्स-गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे सहित उनके दोस्त और फैन्स कई दिनों से सोशल मीडिया पर न्याय की मांग कर रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट जगत के स्टार खिलाड़ी धोनी-रैना ने संन्यास के ऐलान करने बाद लगाया एक-दूसरे को गले- Video


Multapi Samachar नई दिल्ली क्रिकेट जगत

धोनी-रैना ने संन्यास के ऐलान

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और स्टार क्रिकेट महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त की शाम में इंटरनैशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया, कुछ देर बाद ही सुरेश रैना ने भी इंटरनैशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। दोनों इस समय चेन्नई में हैं, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन से पहले दोनों अपनी फ्रेंचाइजी टीम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) से जुड़ चुके हैं। सीएसके के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें धोनी और रैना एक दूसरे को गले लगाते हुए नजर आ रहे हैं।

धोनी और रैना के संन्यास की घोषणा के बाद यह पहला वीडियो है, जो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है। धोनी और रैना सीएसके के ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने के लिए 14 अगस्त को ही चेन्नई पहुंचे और 15 अगस्त को दोनों ने इंटरनैशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। सीएसके के इंस्टाग्राम अकाउंट से धोनी और रैना का वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें टीम के बाकी खिलाड़ी भी नजर आ रहे हैं। धोनी ट्रेनिंग से लौटते हुए नजर आए। फिर धोनी और रैना ने एक-दूसरे को गले भी लगाया।

धोनी ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘अब तक आपके प्यार और सहयोग के लिए धन्यवाद। शाम 07:29 मिनट से मुझे रिटायर्ड समझिए।’ सुरेश रैना ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, अंबाती रायडू, कर्ण शर्मा और मोनू सिंह के साथ एक तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘आपके साथ खेलना काफी शानदार रहा महेंद्र सिंह धोनी। पूरे दिल से गर्व के साथ, मैं आपकी इस यात्रा में शामिल होना चाहता हूं। शुक्रिया भारत। जय हिंद।’


 

“भारत छोड़ो आंदोलन” की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता सेनानियों का राष्‍ट्रपति सम्मान से सम्‍मानित


“भारत छोड़ो आंदोलन” की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान

स्‍वतंत्रता सेनानी का राष्‍ट्रपति सम्‍मान सेे सम्‍मानित SDM चनाप मुलताई

राष्‍ट्रपति सम्‍मान ने आज मुलताई को गौरव की अनुभूति का अहसास करा रही

Multapi samachar

भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर SDM मुलताई श्री सीएल चनाप ने तहसील प्रभातपट्टन के ग्राम तिवरखेड़ उनके घर पहुँचकर वरिष्ठ केन्द्रीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री लक्ष्मण उर्फ बद्री पिता श्री गोविंद बढ़ई को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए अंगवस्त्रम एवं शाल से सम्मानित किया.

भारत छोड़ो आंदोलन

भारत छोड़ो आन्दोलन विश्वविख्यात काकोरी काण्ड के ठीक सत्रह साल बाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 9 अगस्त सन 1942 को गांधीजी के आह्वान पर समूचे देश में एक साथ आरम्भ हुआ। यह भारत को तुरन्त आजाद करने के लिये अंग्रेजी शासन के विरुद्ध एक सविनय अवज्ञा आन्दोलन था। क्रिप्स मिशन की विफ़लता के बाद महात्मा गाँधी ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ़ अपना तीसरा बड़ा आंदोलन छेड़ने का फ़ैसला लिया। 8 अगस्त 1942 की शाम को बम्बई में अखिल भारतीय काँगेस कमेटी के बम्बई सत्र में ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ का नाम दिया गया था।

भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को मुलतपाी समाचार परिवार शत – शत् नमन करता है

मनमोहन पंवार

पुमख संपादक मुलतापी समाचार

‘जेब में चाकू रखें लड़कियां, हमलावर को मार डालें’, UP के मंत्री का सुझाव


यूपी में बड़े पैमाने पर शक्ति मिशन चल रहा है. इस अभियान के जरिये योगी सरकार हर बेटी-हर महिला के सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जता रही है लेकिन इसी कार्यक्रम में यूपी के एक मंत्री ने ये कह डाला कि लड़कियों को अपनी सुरक्षा के लिए चाकू रखना चाहिए. मंत्री ने लड़कियों … Continue reading ‘जेब में चाकू रखें लड़कियां, हमलावर को मार डालें’, UP के मंत्री का सुझाव


भारत में प्रदूषण की वजह से 5 साल तक कम हो रही है उम्र


Multapi Samachar

नई दिल्ली । भारत में प्रदूषण की स्थिति भयावह होती जा रही है। प्रदूषण की वजह से भारत में आदमी की औसत आयु में 5.2 वर्ष (डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुरूप) और राष्ट्रीय मानकों के अनुसार 2.3 वर्ष कम हो रही है। यह खुलासा शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 1.4 अरब की आबादी का एक बड़ा हिस्सा ऐसी जगहों पर रहता है, जहां पर्टिकुलेट प्रदूषण का औसत स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों से अधिक है, जबकि 84 फीसदी लोग ऐसी जगहों पर रहते हैं, जहां प्रदूषण का स्तर भारत द्वारा तय मानकों से अधिक है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 1998 से 2018 तक भारत के प्रदूषण में 42 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

रिपोर्ट में चेताया गया है कि प्रदूषण का स्तर अगर इसी तरह से बढ़ता रहा तो उत्तर भारत में रहने वाले लोगों की औसत आयु 8 साल तक कम हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की एक-चौथाई आबादी प्रदूषण के जिस स्तर का सामना कर रही है, वैसा कोई अन्य मुल्क नहीं कर रहा है। शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक उम्र कम हो रही है। लखनऊ में प्रदूषण विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों से 11.2 अधिक है। अगर प्रदूषण का यही स्तर जारी रहा तो लखनऊ में प्रदूषण के कारण 10.3 वर्ष आयु कम होगी। भारत की राजधानी दिल्ली में भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक है। ऐसे में अगर यही स्तर जारी रहा तो औसतन 9.4 साल आयु कम हो जाएगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रदूषण के स्तर को डबल्यूएचओ के मानक के अनुसार, बिहार औऱ पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी आम जन के जीवन को सात साल तक बढ़ाया जा सकता है। वहीं, हरियाणा के लोगों का जीवन आठ साल तक बढ़ाया जा सकता है।

मिल्टन फ्रीडमैन प्रोफेसर और एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के निदेशक और अर्थशास्त्र के प्रोफेसर माइकल ग्रीनस्टोन कहते हैं कि कोरोना वायरस का खतरा काफी है। इसपर गंभीरता से ध्यान देने आवश्यकता है, लेकिन कुछ जगहों पर इतनी ही गंभीरता से वायु प्रदूषण पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि करोड़ों-अरबों लोगों को अधिक समय तक स्वस्थ जीवन जीने का हक मिले। माइकल ग्रीनस्टोन ने ही शिकागो यूनिवर्सिटी में ऊर्जा नीति संस्थान (ईपीआईसी) में अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर एक्यूएलआई की स्थापना भी की है।

भारत बना रहा है नीति

शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा सालों में भारत के लोगों ने वायु प्रदूषण की समस्या को पहचाना है और सरकार ने भी इसे कम करने की दिशा में कदम उठाए हैं। 2019 में केंद्र सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ युद्ध छेड़ा था और नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम शुरू किया था। इस प्रोग्राम का मकसद पर्टिकुलेट प्रदूषण को आने वाले पांच सालों में 20 से 30 फीसदी कम करना था। रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने चेताया है कि अगर भारत अपने अभियान में कामयाब नहीं हो पाया तो इसके गंभीर दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं। प्रदूषण का स्तर कम होने से देश के लोगों की औसत जीवन दर 1.6 साल (अगर 25 प्रतिशत कम होने पर) बढ़ जाएगी और दिल्ली के लोगों की 3.1 साल बढ़ जाएगी।

मिल्टन फ्रीडमैन प्रोफेसर और एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के निदेशक और अर्थशास्त्र के प्रोफेसर माइकल ग्रीनस्टोन कहते हैं कि वास्तविकता यह है कि फिलहाल जो उपाय और संसाधन भारत के पास हैं, उनमें वायु प्रदूषण के स्तर में खासा सुधार के लिए मजबूत पब्लिक पॉलिसी कारगर उपाय है। एक्यूएलआई रिपोर्ट के माध्यम से आम लोगों और नीति निर्धारकों को बताया जा रहा है कि कैसे वायु प्रदूषण उन्हें प्रभावित कर रहा है। साथ ही, प्रदूषण को कम करने के लिए इस रिपोर्ट का कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है।

शिकागो यूनिवर्सिटी के साथ गुजरात में चल रहा है शोध

भारत में राज्य सरकारें वायु गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में पहले से ही प्रयासरत हैं। पार्टिकुलेट मैटर (कण प्रदूषण) के लिए दुनिया का पहला एमिशन ट्रेडिंग सिस्टम (ईटीएस) शिकागो यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर गुजरात में चल रहा है, जहां शिकागो यूनिवर्सिटी और गुजरात प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के साथ अन्य लोग मिलकर काम कर रहे हैं। सूरत में चल रहे इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत औद्योगिक संयंत्रों से निकलने वाले कण प्रदूषण को कम करने पर शोध चल रहा है।

ग्रीनस्टोन कहते हैं कि इतिहास उदाहरणों से भरा है कि कैसे मजबूत नीतियां प्रदूषण को कम कर सकती हैं, लोगों के जीवन को लंबा कर सकती हैं। उनके मुताबिक, भारत और दक्षिण एशिया के नेताओं के लिए अगली सफलता की कहानी बुनने का एक बहुत ही शानदार अवसर है, क्योंकि वे आर्थिक विकास और पर्यावरण गुणवत्ता के दोहरे लक्ष्यों को संतुलित करने के लिए काम करते हैं। सूरत ईटीएस की सफलता बताती है कि बाजार-आधारित लचीला दृष्टिकोण से दोनों लक्ष्यों को एक साथ हासिल किया जा सकता है।

पर्टिकुलेट मैटर

पर्टिकुलेट मैटर या कण प्रदूषण वातावरण में मौजूद ठोस कणों और तरल बूंदों का मिश्रण है। हवा में मौजूद कण इतने छोटे होते हैं कि आप नग्न आंखों से भी नहीं देख सकते हैं। कुछ कण इतने छोटे होते हैं कि इन्हें केवल इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप का उपयोग करके पता लगाया जा सकता है। कण प्रदूषण में पीएम 2.5 और पीएम 10 शामिल हैं, जो बहुत खतरनाक होते हैं। पर्टिकुलेट मैटर विभिन्न आकारों के होते हैं और ये मानव और प्राकृतिक दोनों स्रोतों के कारण से हो सकते हैं। स्रोत प्राइमरी और सेकेंडरी हो सकते हैं। प्राइमरी स्रोत में ऑटोमोबाइल उत्सर्जन, धूल और खाना पकाने का धुआं शामिल हैं। प्रदूषण का सेकेंडरी स्रोत सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे रसायनों की जटिल प्रतिक्रिया हो सकता है। ये कण हवा में मिश्रित हो जाते हैं और इसको प्रदूषित करते हैं। इनके अलावा, जंगल की आग, लकड़ी के जलने वाले स्टोव, उद्योग का धुआं, निर्माण कार्यों से उत्पन्न धूल वायु प्रदूषण आदि और स्रोत हैं। ये कण आपके फेफड़ों में चले जाते हैं, जिनसे खांसी और अस्थमा के दौरे पड़ सकते हैं। उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा, स्ट्रोक और भी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बन जाता है।  

मुलतापी समाचार

सीमा पर बढ़े भारत-चीन तनाव के बीच Zoom, TikTok और Helo जैसे चीनी ऐप हटाने लगे लोग


कोरोना काल में भले ही अनलॉक वन आ गया हो, लेकिन अभी भी लॉकडाउन माना जा सकता है। तमाम कंपनियां अपने कर्मचारियों से घर से ही काम लेने (Work From Home) में जुटी हैं। ऑफिस की मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिग, असाइनमेंट पूरा करने, ऑनलाइन क्लास जैसे तमाम काम ऑनलाइन ही किये जा रहे हैं। इसमें चीनी ऐप काफी मदद कर रहे थे, लेकिन सीमा पर चीन से तनाव बढ़ा। उसका गुस्सा मोबाइल यूजर्स पर आसानी से देखा जा सकता है। नोएडा के लोगों ने चीन को चुनौती देते हुए उसकी कंपनियों के ऐप अपने मोबाइल से हटाना शुरू कर दिया है। लोग रिमूव चाइना ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउन लोड कर आसानी से इसे अंजामदे रहे हैं। एक ही झटके में जूम, टिक टॉक, कैम स्कैनर, हैलो, लाइकी जैसे ऐप को मोबाइल से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। इसके विकल्प में जो स्वदेशी ऐप मौजूद हैं, उन्हें डाउनलोड कर रहे हैं।

लोगों के इस कार्य से गृह मंत्रालय के उस मकसद को भी बल मिलेगा जिसके लिए हाल ही में चीनी कंपनियों के ऐप को न इस्तेमाल करने की गाइड लाइन जारी की गई थी। इसमें साफ कहा गया था कि चीनी ऐप Zoom सुरक्षित प्लेटफॉर्म नहीं है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने भी इसे लेकर लोगों को आगाह किया था।

नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश कोहली कहते हैं कि शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने एनइए कार्यालय पर आया था। गुस्सा इतना ज्यादा था कि मौके पर रिमूव चाइना एप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सारे चीनी एप को मोबाइल से बाहर कर दिया।

वहीं, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्रॉफ्ट के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश कुमार जैन का कहना है कि सभी सदस्यों और अपने साथियों से अपील की जा रही है कि वह चीनी ऐप का इस्तेमाल करना बंद करें और उन्हें अपने मोबाइल से बाहर करें। अपील का तत्काल असर दिख रहा है। हालांकि ये जरूरी ऐप थे, लेकिन अब भारतीय एप्लीकेशन डाउनलोड हो रहे हैं।

बढ़ सकती है शहीदों की संख्या, चीन के साथ झड़प के बाद 4 जवानों की हालत गंभीर


India China Boarder Tension Live Updates: भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी तनाव उस समय बढ़ गया जब 14-15 जून की रात चीनी सैनिकों ने गलवन घाटी में भारतीय सैनिकों पर अचानक हमला कर दिया। दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुए खूनी संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हुए हैं, जबकि चीन के 43 सैनिक मारे गए हैं। भारत के चार सैनिकों की हालत गंभीर है। आशंका जताई जा रही है कि शहीदों की संख्या 24 पहुंच सकती है। इसके बाद से पूरी दुनिया में भारत चीन के इस तनाव की चर्चा है। दिल्ली में मोदी सरकार एक्शन में हैं

India China Boarder Tension : बढ़ सकती है शहीदों की संख्या, चीन के साथ झड़प के बाद 4 जवानों की हालत गंभीर

India China Boarder Tension Live Updates: बढ़ सकती है शहीदों की संख्या, चीन के साथ झड़प के बाद 4 जवानों की हालत गंभीर

Updated: | Wed, 17 Jun 2020 09:54 AM (IST)India China Boarder Tension Live Updates: खूनी संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हुए हैं, जबकि चीन के 43 सैनिक मारे गए हैं। भारत के चार सैनिकों की हालत गंभीर है।

India China Boarder Tension Live Updates: भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी तनाव उस समय बढ़ गया जब 14-15 जून की रात चीनी सैनिकों ने गलवन घाटी में भारतीय सैनिकों पर अचानक हमला कर दिया। दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुए खूनी संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हुए हैं, जबकि चीन के 43 सैनिक मारे गए हैं। भारत के चार सैनिकों की हालत गंभीर है। आशंका जताई जा रही है कि शहीदों की संख्या 24 पहुंच सकती है। इसके बाद से पूरी दुनिया में भारत चीन के इस तनाव की चर्चा है। दिल्ली में मोदी सरकार एक्शन में हैं। हाईलेवल बैठकों का दौर जारी है और चीन को जवाब देने की रणनीति बनाई जा रही है।

विपक्ष ने उठाए सवाल, राहुल गांधी ने पीएम मोदी से पूछा यह सवाल: चीन के मुद्दे पर भले ही अमेरिका और कनाडा समेत अन्य देश भारत के साथ खड़े नजर आ रहे हैं, लेकिन देश का प्रमुख विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर पीएम मोदी से पूछा है कि आखिर वे चुप क्यों हैं और क्या छूपा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि भारतीय सैनिकों की शहादत बहुत ही चौंकाने वाली, डरावनी और अस्वीकार्य स्थिति है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस घटना का पूरा ब्योरा मांगा है। उसने इस बारे में देश को विश्वास में लेने को कहा है। साथ ही जमीनी हालात की जानकारी सभी राजनीतिक दलों के नेतृत्व को देने की मांग की है। कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने भारतीय क्षेत्र में चीन के कब्जे की बात पर अब तक चुप्पी साध रखी है। उन्होंने कहा कि भारत के सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लद्दाख के गलवन और पैंगोंग त्सो झील क्षेत्र में चीन के आक्रामक रवैये पर भी उन्होंने मौन रखा है।

दूसरी ओर, महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना ने पूर्वी लद्द्‌ाख में भारतीय और चीनी सेना के बीच हिसक झड़प पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार को निर्वाचित विपक्ष को विश्वास में लेना चाहिए। शिवसेना की उपनेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया कि सरकार को मीडिया के जरिये अपना प्रचार नहीं करना चाहिए। भारत सरकार अपने हितों को देख रही है, लेकिन हम स्पष्टता चाहते हैं। देश आपके साथ है लेकिन उन्हें भी जानने का हक है।

India China Boarder Tension पर चीनी सेना का बयान: चीनी सेना की कोशिश थी कि पीछे से वार कर भारतीय सैनिकों को नुकसान पहुंचाया जाए, लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। भारतीय सैनिकों के पलटवार में चीन को अपने 43 जवानों की जान से हाथ धोना पड़ा गया। अब चीनी सेना की ओर से बयान आया है। चीनी सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत बॉर्डर पर तैनात अपने जवानों को नियंत्रण में रखें। जाहिरतौर पर मुंह की खाने के बाद चीन और उसकी सैना बैकफूट पर है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को मिलते समर्थन से भी चीन पीछे हटने को मजबूर हो रहा है।

India China Boarder Tension में अमेरिका की एंट्री: भारत चीन तनाव पर अमेरिका का बयान आ गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि दोनों देश मिलकर विवाद का शांतिपूर्ण हल निकाल लेंगे। बता दें, कुछ दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि भारत चीन विवाद पर उनकी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई है और यदि दोनों देश (भारत चीन) चाहें तो वे (ट्र्म्प) मध्यस्थता करने को तैयार हैं। हालांकि भारत और चीन, दोनों देशों ने ट्रम्प का यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था।

जो अधिक दूर नहीं उस भविष्य को देख रही हूं: काजोल


मुंबई – बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल को लगता है कि भविष्य बहुत दूर नहीं होता है लेकिन ऐसा लगता है जैसे पूरी उम्र अभी बाकी है उसके लिए काजोल ने अपनी एक मोनोक्रोम तस्वीर साझा की है जिसमें वह अपनी बालकनी में नजर आ रही हैं

इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा उस भविष्य को देख रही हूं जो वास्तव में अधिक दूर नहीं है लेकिन लगता है जैसे उसके लिए उम्र बाकी है हाल ही में लॉकडाउन के बीच काजोल ने अपने ट्रेडमार्क मुस्कान को दिखाते हुए अपने प्रशंसकों के लिए उल्टा सेल्फी साझा इंस्टाग्राम पर साझा किया था इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा था उल्टा सेल्फी एक उल्टी दुनिया में क्या सेल्फी लेने का कोई सही तरीका है या इसका अपना तरीका है यह विचारणीय है