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जन आंदोलन मंच का धरना प्रारंभ, भाजपा नेताओं की सद्बुद्धि के लिए की प्रार्थना


✍️ राहुल सारोडे

मुलताई (मुलतापी न्यजू)। जन आंदोलन मंच ने पूर्व घोषणा के अनुसार शुक्रवार से शहीद स्तंभ परिसर बस स्टैंड पर ट्रेनों के स्टापेज को लेकर धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया है।

उपजन मंच के सदस्यों ने शुक्रवार अटल जयंती होने से उनका धरना स्थल पर ही जन्मदिन मनाते हुए भाजपा नेताओं के लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना भी की ताकि वे नगर की समस्याओं को समझकर उसके निराकरण का प्रयास कर सकें। प्रथम दिन धरने पर राजरानी परिहार, मोहनसिंह परिहार, अनिल सोनी, महेश शर्मा, टीकाराम मंडले, विनोद बेले, श्रवण वाघमारे, आनंद पांसे, संपतराव, सुदर्शन बर्डे, यादोराव निंबालकर, गुलाब राऊत, संतोष बंगाली, राजेश तायवाड़े, गुड्डु पंवार, अमन बोबड़े, हाजी शमीम खान, विजय पारधे, रजनीश गिरे तथा विजय बारंगे सहित बड़ी संख्या में लोग बैठे। जनमंच के अनिल सोनी सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि विगत वर्षों से मुलताई क्षेत्र की जनता भाजपा का सांसद चुन कर भेज रही है, लेकिन पूर्व एवं वर्तमान सांसदों द्वारा नगर की समस्याओं को नजर अंदाज किया गया है। पवित्र नगरी होने के बावजूद यहां प्रमुख ट्रेनों का स्टापेज कराने के लिए सांसदों द्वारा कोई प्रयास नहीं किए गए जिससे पूरे क्षेत्रवासियों को आवागमन के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

Corona Virus covid-19 फिर बढ़ रही कोरोना की रफ्तार,आखिरी 24 घण्टे में 46,232 नए मामलें,इतने लोगों की मौत


बढ़ने लगी कोरोना की रफ्तार

पुन: लॉक डॉउन लगाने के आशार हो सकते है सरकार के देश में

नई दिल्ली

भारत में अब फिर से कोरोना वायरस की रफ्तार बढ़ती जा रही है, जिसके चलते अब तक करीब 1.32 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। साथ ही देश में संक्रमितों की संख्या भी करीब 90 लाख तक पहुंच गई है। इस बीच अच्छी बात यह है कि अब तक करीब 85 लाख से ज्यादा लोग स्वस्थ होकर घर लौट गए है। देश भर में शनिवार को समाप्त 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 46,232 नए मामले सामने आए।

इन 24 घंटों में 49,715 मरीज कोरोना संक्रमण से ठीक भी हुए हैं, जबकि 564 की मौत हो गई। अब तक देश भर में कुल 1,32,726 लोगों की इस महामारी की वजह से मौत हो चुकी है। देश में फिलहाल रिकवरी रेट 93.67% है, जबकि एक्टिव मरीज़ों की दर 4.85% है. देश में कोरोना से डेथ रेट 1.46% है, जबकि पॉजिटिविटी रेट 4.33% है. देश में अब तक कुल ठीक हुए मरीजों की संख्या 84 लाख 78 हजार 124 है, जबकि एक्टिव मामलों की संख्या 4 लाख 39 हजार 747 है

दिल्ली में हालात बेकाबू

वहीं, देश की राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच दिल्ली सरकार ने जिला स्वास्थ्य दलों को निर्देश दिया है कि वे घरों में पृथक-वास में रह रहे कोविड-19 मरीजों के पास जाएं और सुनिश्चित करें कि रोगी सभी नियमों का पालन करें। वहीं दिल्ली में आरटी-पीसीआर जांच क्षमता बढ़ा दी गई है और एक दिन में 37,000 से अधिक नमूनों की जांच की गयी।

वहीं, छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 2284 नए मामले सामने आए, जिसके बाद राज्य में संक्रमितों की संख्या 2,21,688 हो गई। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को संक्रमण के 2284 नए मामले सामने आए हैं। कोरोना पर काबू पाने और लोगों की जान बचाने के लिए कई राज्य सरकारों ने बड़े-बड़े शहरों में नाइट कर्फ्यू की घोषणा कर दी है।

राष्ट्रीय एकता दिवस की बधाइयां


Happy Rashtriya Ekta Diwas 2020:

सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने इसकी शुरुआत की थी। इस तरह हर वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल को याद किया जाता है और देशभर में एकता को बल देने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सोशल मीडिया के दौर में Rashtriya Ekta Diwas की बधाइयांं SMS, Greetings, Images, Whatsapp, Facebook Status के रूप में दी जा रही हैं। आप भी अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को यहां दिए दिए गए SMS, Greetings, Images, Whatsapp, Facebook Status से बधाई दे सकते हैं।

ना ही वो हिन्दू लिखेगा ,ना मुसलमान लिखेगा।

हमेशा एकता का गीत हर जवान लिखेगा।

धर्म,भाषा,मज़हब और मुल्क में तो हमने बांटा है

बहेगा खून सरहद पे तो हिन्दोस्तान लिखेगा।

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किसी की असहमति हो तो माफ करना। एक छोटी सी कोशिश की है। (याद रखिए बुराई समाज मे जंगल मे लगे आग की तरह फैलती है।)

विश्व में हमारा देश एकता और अखंडता के लिए जाना जाता है 🙏🇮🇳🙏✝☪🕉💖💝🇮🙏

मुझे उम्मीद है कि आज के दिन भी हम इसकी मिसाल पेश करेंगे

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::: एकता का संदेश ::::

भाषा अनेक , भाव एक !

राज्य अनेक , राष्ट्र एक !

पंथ अनेक , लक्ष्य एक !

बोली अनेक , स्वर एक !

रंग अनेक , तिरंगा एक !

समाज अनेक , भारत एक !

रिवाज़ अनेक , संस्कार एक !

योजना अनेक , मक़सद एक !

कार्य अनेक , संकल्प एक !

राह अनेक , मंज़िल एक !

चेहरा अनेक , मुस्कान एक !

विविधता में एकता ही हमारे भारत की विशेषता है ।

🇮🇳 हमें भारतीय होने पर गर्व है 🇮🇳

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किसी के लिए धर्म खतरे में है …..

किसी के लिए जति खतरे में है ….

जरा गौर से देखो भाईयों आज अपना देश खतरे में है..

भगवान भी हर जगह है और अल्लाह भी हर जगह है,,, तो क्या ऐसा नहीं हो सकता कि भगवान मस्ज़िद में भी हों, और अल्लाह मंदिर में भी।।”

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Rashtriya Ekta Diwas Slogans

  • एकता के लिए संघर्ष करेंगे तभी तो हम देश का उत्कर्ष करेंगे ।
  • हाथ मिलाकर एक साथ चलेंगे, हम विश्व में एकता की मिसाल बनेंगे।
  • एकता में बहुत बल है, यह राष्ट्र की हर समस्या का हल है ।
  • एकता ही देश की तकदीर है, जिसमे एकता नहीं वो देश फकीर है ।
  • राष्ट्रीय एकता में बल है अपार, चलो हाथ मिलाये बाटे प्यार।
  • सच्चे मायनों में तभी होगी देशभक्ति, जब एक होकर हम दिखायें एकता की शक्ति ।
  • हमारी एकता हमारी पहचान है, तभी तो हमारा देश महान है ।
  • देश तभी बनेगा महान जब एकता बनेगी हमारी पहचान ।
  • एकता में बल है और इससे देश का सुनहरा कल है ।
  • राष्ट्रीय एकता से होती है हर मुश्किल आसान, यही बोलते हैं गीता और कुरान।
  • कोई फ़ादर कोई काज़ी कोई है सन्यासी, एकसाथ जब खड़े हो हम तो सिर्फ हैं भारतवासी ।
  • जहां एकता है वहां जीत सर्वदा है ।
  • तोड़ने वाला खुद टूट के बिखर जायेगा, जब राष्ट्र एकता के सूत्र में निखर जायेगा ।
  • राष्ट्रीय एकता हम अपनाये और विकास का मार्ग बनाये।
  • राष्ट्रीय एकता में बहुत बल है, यह राष्ट्र की हर समस्या का हल है।
  • राष्ट्रीय एकता में जो ताकत है, वो अतुलनीय है व्यापक है।
  • हमे तोड़ने वाले ही टूट जायेंगे, हम सब भारतीय गर एकजुट हो जायेंगे।
  • इतिहास के पन्नो से आवाज़ आती है, राष्ट्रीय एकता हमेशा जीत दिलाती है।
  • राष्ट्रीय एकता होगी राष्ट्र का विकास होगा, तभी तो अपना भारत पुरे विश्व में सबसे खास होगा।
  • राष्ट्रीय एकता का महत्व जब जन जन समझता है, तब जा के वह राष्ट्र इतिहास रचता है
  • राष्ट्रीय एकता को बनाए रखना है, देश को सजाए रखना है।
  • राष्ट्रीय एकता से है हमारा अस्तित्व, इसे बनाए रखना है हमारा दायित्व।
  • राष्ट्रीय एकता का बहुत बड़ा है प्रभाव, इसे उत्पन्न होता देश में सदभाव।
  • देश की आजादी के लिए हुई अनगिनत जंग, पर प्राप्त हुई आजादी राष्ट्रीय एकता के संग।
  • देश की राष्ट्रीय एकता है अविभाज्य, इसी के बल बूते टिका हुआ है भारत का साम्राज्य।
  • बहुत मुश्किलों से हुआ है राष्ट्रीय एकता का निर्माण, इसके लिए ना जाने कितने क्रांतिकारियों ने दियें अपने प्राण।
  • राष्ट्रीय एकता का करों चुनाव, देशहित से करो लगाव।
  • राष्ट्रीय एकता के विषय में दो सबको ज्ञान, देशहित के लिए चलाओ अभियान।
  • राष्ट्रीय एकता बिना है भारत अपूर्ण, यह भावना राष्ट्र को परिपूर्ण।
  • आओ मिलकर बढ़ाये राष्ट्रीय एकता को सब लोग, ताकि देश में तरक्की का हो सके उपयोग।
  • राष्ट्रीय एकता है देश की तरक्की का आधार, इसके बिना है सब बेकार।
  • राष्ट्रीय एकता है भारत का रीढ़, इसके बिना है देश शक्तिक्षीण।
  • राष्ट्रीय एकता के बिना भारत है शक्तिहीन, इसके द्वारा भारत में होता शक्तिसंचार नवीन।
  • हमारे राष्ट्रीय एकता ने तोड़ा है अनगिनत महाशक्तियों का दंभ, इसके द्वारा भारत में हुआ है नवयुग का आरंभ।
  • जिन देशों में होता है राष्ट्रीय एकता का आभाव, वहा नही देखने को मिलता है लोगो में सदभाव।
  • राष्ट्रीय एकता का हमें समझना होगा अर्थ, यह है वह शक्ति जो देश में पैदा करती है सामर्थ्य।
  • राष्ट्रीय एकता का है देशहित से संबंध, इसमें विघ्न डालने वालों पर लगना चाहिए प्रतिबंध।
  • देश की एकता है सबसे महत्वपूर्ण, इसके बिना देश की शक्ति है अपूर्ण।
  • राष्ट्रीय एकता को स्थिर रखना है सबसे बड़ा कार्य, इसका पालन करना है सबके लिए अनिवार्य।
  • चाहे हो कोई भी विवाद, पर राष्ट्रीय एकता पर चोट करना है अपराध।
  • प्रदेश और भाषा के नाम पर ना करो विवाद, राष्ट्रीय एकता को तोड़ना है सबसे बड़ा अपराध।
  • हमारे देश की राष्ट्रीय एकता और अखंडता ही इसकी शक्ति का आधार है।
  • राष्ट्रीय एकता को बनाए रखना देश के हर नागरिक का कर्तव्य है।
  • भाषा और राज्य के नाम पर लोगो से भेदभाव राष्ट्रीय एकता को प्रभावित करता है।
  • राष्ट्रीय एकता ही स्वतंत्र भारत का आधारस्तंभ है।

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ना ही वो हिन्दू लिखेगा ,ना मुसलमान लिखेगा।

हमेशा एकता का गीत हर जवान लिखेगा।

धर्म,भाषा,मज़हब और मुल्क में तो हमने बांटा है

बहेगा खून सरहद पे तो हिन्दोस्तान लिखेगा।

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मकतल* युध्द क़ा मैदान

ख़ू ए पैरहन* खून मे लिपटा कपड़ा

वो तो बच निकले थे उस धर्म की लड़ाई से

हमे अपनी समझ क़ा इस्तेमाल करना होगा

कॆ धरम कॆ नाम से लड़ने पर नुकसान किसका है और फायदा किसका ….

“भगवान भी हर जगह है और अल्लाह भी हर जगह है,,, तो क्या ऐसा नहीं हो सकता कि भगवान मस्ज़िद में भी हों, और अल्लाह मंदिर में भी।।”

आंखें खोलो।।

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ख़ंजर चले किसी पे तड़पते हैं हम ‘अमीर’

सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है

एक हो जाएँ तो बन सकते हैं ख़ुर्शीद-ए-मुबीं

वर्ना इन बिखरे हुए तारों से क्या काम बने

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तू हिन्दु बनेगा ना मुसलमान बनेगा

इन्सान की औलाद है इन्सान बनेगा

– साहिर लुधियानवी

सात संदूक़ों में भर कर दफ़्न कर दो नफ़रतें

आज इंसाँ को मोहब्बत की ज़रूरत है बहुत

– बशीर बद्र

कपिल देव को आया हार्ट अटैक, दिल्ली के अस्पताल में भर्ती किए जाने की सूचना


Kapil Dev Heart Attack:

पूर्व क्रिकेटर कपिल देव को हार्ट अटैक आया है और खबर कि उन्हें दिल्ली के किसी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। कहा गया है कि कपिल देव की एंजियोप्लास्टी की गई है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है। सोशल मीडिया पर भी कपिल देव की सेहत को लेकर जबरदस्त चर्चा है। क्रिकेट फैन्स उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना कर रहे हैं। बता दें, ये कपिल देव ही थे जिनकी कप्तानी में भारत में पहली बार दुनिया में अपने क्रिकेट का डंका बजाया था। कपिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने 1983 में क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता था।

कपिल देव ने अपने करियर में 131 टेस्ट और 225 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले। उनके नाम टेस्ट में 5248 रन और 434 विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज हैं। वनडे इंटरनेशनल में उन्होंने 3783 रन बनाने के साथ 253 विकेट भी झटके हैं। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ फरीदाबाद में साल 1994 में खेला था। इसके बाद कपिल देव कई मैचों में कमेंट्री करते नजर आए।

पिछली बार कपिल देव फरवरी 2020 में तब चर्चा में आए थे जब बांग्लादेश ने भारत को 3 विकेट से हराकर ICC U19 World Cup जीता था। ये बांग्लादेश की पहली खिताबी जीत थी। ये मैच बांग्लादेश की जीत से ज्यादा खिलाड़ियों के बीच तकरार के लिए चर्चित रहा था। खिताब जीतने के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ी आक्रामक होकर भारतीय खिलाड़ियों से भिड़ गए थे। बाद में आईसीसी ने बांग्लादेश के 3 और भारत के 2 खिलाड़ियों पर कार्रवाई की थी। इस पर भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने BCCI से मांग की थी कि वो भी भारतीय खिलाड़ियों पर सख्त कार्रवाई करे ताकि उन्हें संयमित रहने का सबक मिले और वे भविष्य में ऐसी हरकत नहीं करे।

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन, एस्कॉर्टस हॉस्पिटल में ली अंतिम



पटना। Ramvilas Paswan Health news

मुलतापी समाचार

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्‍थापक व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) की तबीयत अधिक बिगड़ गई है। इन दिनों वह दिल्‍ली के फोर्टिस अस्‍पताल के आइसीयू (ICU) में भर्ती हैं। उन्‍हें छोड़कर बिहार आना बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) के लिए अभी संभव नहीं है। अपनी मजबूरी बयां करते हुए एलजेपी सुप्रीमो चिराग पासवान ने पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं को मार्मिक चिट्ठी (Touching Letter) लि‍खी है।

चिराग ने अपनी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं के नाम पत्र में पिता व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की अस्वस्थता की चर्चा की है, जो तीन सप्ताह से दिल्ली के अस्पताल में आइसीयू में भर्ती हैं। इसी वजह से चिराग ने बिहार नहीं आ पाने की अपनी मजबूरी बतायी है। चिराग ने पत्र में यह भी बताया है कि सीट बंटवारे पर अभी तक उनकी किसी से कोई बात नहीं हुई है।

नियमित हेल्थ चेकअप टालने से बढ़ी परेशानी 

अपनी चिट्ठी में चिराग ने लिखा है कि कोरोना संक्रमण काल में लोगों को राशन की परेशानी न हो, इसके लिए उनके पिता अपना रूटीन  हेल्‍थ चेक-अप लगातार टालते रहे। इस कारण वे अस्‍वथ हो गए। बीते तीन सप्‍ताह से वे अस्‍पताल में हैं।

इस हाल में आइसीयू में छोड़ कर हटना संभव नहीं

चिराग पासवान ने लिखा है कि वे पिता को रोज बीमारी से लड़ते देख कर विचलित हो जाते हैं। पिता पटना जाने के लिए कहते हैं, लकिन बेटा होने के नाते वे उन्‍हें इस हाल में आइसीयू में छोड़ कर नहीं हट सकते हैं। नहीं ताे वे खुद को कभी माफ नहीं कर पाएंगे।

अध्‍यक्ष होने के नाते पार्टी के साथियों की भी चिंता

चिराग पासवान ने आगे लिखा है कि पार्टी अध्‍यक्ष होने के नाते उन्‍हें उन साथियों की भी चिंता है, जिन्‍होंने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्‍ट’ के लिए जीवन समर्पित कर दिया है। लिखा है कि उनकी बिहार के भविष्‍य व चुनाव में सीटों को लेकर गठबंधन के घटक दलों से कोई बात नहीं हुई है। यह बात उन्‍होंने पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में भी कही थी।

India news चीन LAC को नहीं मानता, संयम और शौर्य से जवाब दे रही हमारी सेना, राज्यसभा में बोले राजनाथ सिंह


Parliament LIVE Updates: राज्यसभा में बोले राजनाथ सिंह, चीन LAC को नहीं मानता, संयम और शौर्य से जवाब दे रही हमारी सेना
Parliament LIVE Updates: राजनाथ सिंह ने विस्तार से बताया कि चीन सीमा का सम्मान नहीं करता है, वह एलएसी को नहीं माना रहा है, लेकिन हमारी सेना पूरी तरह डटी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर आज राज्यसभा में बयान दिया। राजनाथ सिंह ने विस्तार से बताया कि चीन सीमा का सम्मान नहीं करता है, वह एलएसी को नहीं माना रहा है, लेकिन हमारी सेना पूरी तरह डटी है। जहां संयम जरूरी होता है वहां संयम और जहां शौर्य जरूरी है वहां शौर्य से काम लिया जा रहा है। चीन की हर हरकत पर सरकार की नजर है। बॉर्डर पर भारत ने ज्यादा इन्फ्रास्ट्र्क्चर पहुंचाया है। रक्षा मंत्री ने का, भारत तथा चीन दोनों ने औपचारिक तौर पर यह माना है कि सीमा का प्रश्न एक जटिल मुद्दा है जिसके समाधान के लिए धैर्य की आवश्यकता है तथा इस मुद्दे का समाधान, शांतिपूर्ण बातचीत के द्वारा निकाला जाए।

रक्षा मंत्री ने सदन को बताया कि हमने चीन को diplomatic तथा military channels के माध्यम से यह अवगत करा दिया, कि इस प्रकार की गतिविधियां, स्थिति को यानी status quo को एक तरफा बदलने का प्रयास है। यह भी साफ कर दिया गया कि ये प्रयास हमें किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है।

चीन लद्दाख में भारत की लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर भूमि पर अनाधिकृत कब्जा किए हुए है। इसके अलावा 1963 में एक तथाकथित boundary agreement के तहत पाकिस्तान ने PoK की 5880 वर्ग किमी भारतीय जमीन अवैध रूप से चीन को सौंप दी है।

सदन इस बात से अवगत है कि भारत और चीन सीमा का प्रश्न अभी तक अनसुलझा है। भारत और चीन की बाउंड्री का कस्टमरी और ट्रेडिशनल अलाइनमेंट चीन नहीं मानता है। यह सीमा रेखा अच्छे से स्थापित भौगोलिक सिद्धांतों पर आधारित है।

राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में अपने वक्तव्य में कहा कि स्वतंत्र भारत में हमारी सेनाओं ने देश के लिए अपना सर्वोच्च न्योछावर करने में कभी भी कोताही नहीं बरती है। यह सीमारेखा well established भौगोलिक सिद्धांतों पर आधारित है, इसकी पुष्‍टि न केवल treaties, agreements द्वारा बल्कि historic usage, practices द्वारा भी हुई है। इससे दोनों देश सदियों से अवगत हैं। चीन यह मानता है कि बाउंड्री अभी भी औप‍चारिक रूप से निर्धारित नहीं हैं।

चीन यह मानता है कि historical jurisdiction के आधार पर जो traditional customary line है उसके बारे में दोनों देशों की अलग-अलग व्‍याख्‍या है। दोनों देश 1950 और 1960 के दशक में इस पर बातचीत कर रहे थे, लेकिन पारस्‍परिक रूप से समाधान नहीं निकला।

इससे पहले राजनाथ सिंह ने लोकसभा को बताया था कि एलएसी पर शांति रखते हुए चीन के साथ वार्ता जारी है। चीन के साथ सीमा विवाद काफी जटिल मुद्दा है। एलएसी पर दोनों देशों की अलग-अलग राय है। हमारी सेनाओं ने मई-जून में चीन के सीमा बदलने के प्रयास का मुंहतोड़ जवाब दिया। हमारी सेना ने चीन की इस मंशा को पहले ही भांप लिया था। चीन की तरफ से इस मुद्दे पर गंभीरता की साथ डील किया जाना चाहिए। चीन ने गलवान के बाद पैंगोग में भी सीमा को बदलने का प्रयास किया था, लेकिन हमारी सेना ने इस प्रयास को भी विफल कर दिया था।

पूर्व राष्ट्रपति, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रणव मुखर्जी का देहावसान


Former President Pranab Mukherjee passed away मुलतापी समाचार

देश,नई दिल्ली. पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी (84) का सोमवार की शाम को निधन हो गया है वह 10 अगस्त से दिल्ली स्थित सेना के रिसर्च एंड रेफरल (आरएंड आर) अस्पताल में भर्ती कराया था। इसी दिन से ब्रेन से क्लॉटिंग हटाने के लिये इमरजेंसी में सर्जरी की गयी थी। इसके बाद से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। प्रणव ने 10 अगस्त को ही स्वयं को कोरोना पॉजिटिव होने की बात भी कहीं थी।

sc फैसला- CBI करेगी सुशांत सिंह राजपूत केस की निष्‍पक्ष जांच


सुशांत सिंह राजपूत केस में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया है। SC ने इस मामले में CBI जांच का आदेश दिया है और कहा है कि महाराष्ट्र सरकार सीबीआई को सहयोग करे साथ ही तमाम जांच संबंधित दस्तावेज मुहैया कराने में भी मदद करे। कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वह भविष्य में सुशांत केस से संबंधित मामले को अपने हाथों में ले। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि ये सुनिश्चित किया जाए कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पीछे के रहस्य की छानबीन के लिए सीबीआई कंपिटेंट जांच एजेंसी है और कोई भी राज्य पुलिस उसकी जांच में दखल न दे।

बिहार सरकार को केस सीबीआई को देने का अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई न सिर्फ पटना के एफआईआर मामले की जांच के लिए सक्षम है बल्कि आगे भी कोई केस दर्ज होता है इस मामले में तो वह सीबीआई देखेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार को इस बात का अख्तियार है कि वह सुशांत के पिता की शिकायत पर दर्ज केस को सीबीआई को रेफर करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस सीबीआई को सहयोग करे क्योंकि अब सीबीआई जांच का आदेश सुप्रीम कोर्ट का है। सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने एनबीटी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि बिहार सरकार सीबीआई जांच के लिए केस रेफर करने केलिए सक्षम है। पटना में दर्ज केस वैध है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगे थे सभी पक्षों के जवाब
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच का अधिकार किसे है, इसे लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित जवाब मांगे थे। बिहार सरकार, रिया चक्रवर्ती और सुशांत की फैमिली की तरफ से लिखित जवाब सुप्रीम कोर्ट में दिए गए थे। वहीं सीबीआई की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में लिखित जवाब दिया गया था। जवाब में कहा है कि कोर्ट को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अपनी जांच जारी रखने देना चाहिए।

SC में रिया चक्रवर्ती की ओर की दलील
घटना मुंबई की है और जूरिस्डिक्शन भी महाराष्ट्र पुलिस की बनती है। लेकिन बिहार पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पटना में घटना नहीं हुई। रिया के खिलाफ पॉलिटिकल फोर्स का इस्तेमाल किया गया है। मामले को राजनीतिक अजेंडा की तरह इस्तेमाल किया गया ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके। मामले में पटना पुलिस का जूरिडिक्शन नहीं बनता है केस मुंबई ट्रांसफर होना चाहिए।

बिहार सरकार के वकील मनिंदर सिंह की दलील
रिया ने खुद सीबीआई जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस ने 56 लोगों का बयान दर्ज किया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की। महाराष्ट्र में पुलिस पर राजनीतिक दबाव है। राजनीतिक दबाव के कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो रही। बिहार पुलिस के एसपी को वहां क्वारंटीन किया गया।

महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी
बिहार सरकार का मामले में जूरिस्डिक्शन नहीं है। ये संघीय ढांचे का सवाल है। घटना मुंबई में हुआ है। कानून का सिर मरोड़ दिया गया। सीआरपीसी का मर्डर किया जा रहा है। बिहार में चुनाव है और चुनाव के बाद कोई इस केस को नहीं देखेगा।

सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह
विकास सिंह ने कहा कि हम फेयर जांच चाहते हैं। हम मुंबई पुलिस पर विश्वास नहीं कर सकते। रिया ने पूरा कंट्रोल कर रखा था लेकिन मुंबई पुलिस ने उस मामले में छानबीन नहीं की है। सुशांत की मौत हो गई। जब उसका दरवाजा खोला गया तो सुशांत की बहन वहां 10 मिनट में पहुंचने वाली थी लेकिन उसका इंतजार नहीं किया गया और नहीं देख पाए कि क्या वह पंखे से लटका हुआ था?

केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता
मुंबई पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए 56 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। बिना कानून का पालन किए ये सब मुंबई पुलिस कर रही है। बिहार में केस दर्ज हुआ है। ये केस सीबीआई जांच के लिए सिफारिश की गई और फिर केस दर्ज किया गया।

सुशांत का परिवार नहीं चाहता और देर
सुशांत की मौत 14 जून को हुई थी। 2 महीने से ज्यादा वक्त हो गया है और कोई नतीजा नहीं निकल सका है। सुशांत का परिवार और उनके फैन्स जल्द से जल्द इस मामले में न्याय चाहते हैं। सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति, उनकी एक्स-गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे सहित उनके दोस्त और फैन्स कई दिनों से सोशल मीडिया पर न्याय की मांग कर रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट जगत के स्टार खिलाड़ी धोनी-रैना ने संन्यास के ऐलान करने बाद लगाया एक-दूसरे को गले- Video


Multapi Samachar नई दिल्ली क्रिकेट जगत

धोनी-रैना ने संन्यास के ऐलान

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और स्टार क्रिकेट महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त की शाम में इंटरनैशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया, कुछ देर बाद ही सुरेश रैना ने भी इंटरनैशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। दोनों इस समय चेन्नई में हैं, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन से पहले दोनों अपनी फ्रेंचाइजी टीम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) से जुड़ चुके हैं। सीएसके के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें धोनी और रैना एक दूसरे को गले लगाते हुए नजर आ रहे हैं।

धोनी और रैना के संन्यास की घोषणा के बाद यह पहला वीडियो है, जो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है। धोनी और रैना सीएसके के ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने के लिए 14 अगस्त को ही चेन्नई पहुंचे और 15 अगस्त को दोनों ने इंटरनैशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। सीएसके के इंस्टाग्राम अकाउंट से धोनी और रैना का वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें टीम के बाकी खिलाड़ी भी नजर आ रहे हैं। धोनी ट्रेनिंग से लौटते हुए नजर आए। फिर धोनी और रैना ने एक-दूसरे को गले भी लगाया।

धोनी ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘अब तक आपके प्यार और सहयोग के लिए धन्यवाद। शाम 07:29 मिनट से मुझे रिटायर्ड समझिए।’ सुरेश रैना ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, अंबाती रायडू, कर्ण शर्मा और मोनू सिंह के साथ एक तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘आपके साथ खेलना काफी शानदार रहा महेंद्र सिंह धोनी। पूरे दिल से गर्व के साथ, मैं आपकी इस यात्रा में शामिल होना चाहता हूं। शुक्रिया भारत। जय हिंद।’


 

“भारत छोड़ो आंदोलन” की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता सेनानियों का राष्‍ट्रपति सम्मान से सम्‍मानित


“भारत छोड़ो आंदोलन” की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान

स्‍वतंत्रता सेनानी का राष्‍ट्रपति सम्‍मान सेे सम्‍मानित SDM चनाप मुलताई

राष्‍ट्रपति सम्‍मान ने आज मुलताई को गौरव की अनुभूति का अहसास करा रही

Multapi samachar

भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर SDM मुलताई श्री सीएल चनाप ने तहसील प्रभातपट्टन के ग्राम तिवरखेड़ उनके घर पहुँचकर वरिष्ठ केन्द्रीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री लक्ष्मण उर्फ बद्री पिता श्री गोविंद बढ़ई को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए अंगवस्त्रम एवं शाल से सम्मानित किया.

भारत छोड़ो आंदोलन

भारत छोड़ो आन्दोलन विश्वविख्यात काकोरी काण्ड के ठीक सत्रह साल बाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 9 अगस्त सन 1942 को गांधीजी के आह्वान पर समूचे देश में एक साथ आरम्भ हुआ। यह भारत को तुरन्त आजाद करने के लिये अंग्रेजी शासन के विरुद्ध एक सविनय अवज्ञा आन्दोलन था। क्रिप्स मिशन की विफ़लता के बाद महात्मा गाँधी ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ़ अपना तीसरा बड़ा आंदोलन छेड़ने का फ़ैसला लिया। 8 अगस्त 1942 की शाम को बम्बई में अखिल भारतीय काँगेस कमेटी के बम्बई सत्र में ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ का नाम दिया गया था।

भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को मुलतपाी समाचार परिवार शत – शत् नमन करता है

मनमोहन पंवार

पुमख संपादक मुलतापी समाचार

आष्टा के सैकड़ों ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय में प्रदर्शन कर सौपा ज्ञापन


मुलतापी समाचार प्रभातपट्टन ब्लाक में ग्राम शेरगढ़ के पास वर्धा नदी पर बने डैम की नहर ग्राम आष्टा तक पहुंचाने की मांग को लेकर मंगलवार को आष्टा के सैकड़ों किसानों ने तहसील कार्यालय में प्रदर्शन किया। और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम हरसिमरन प्रीत कौर को सौंपा। पूर्व जनपद सदस्य रोशन देशमुख,किसान गुलाब देशमुख, भोजराव … Continue reading आष्टा के सैकड़ों ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय में प्रदर्शन कर सौपा ज्ञापन