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किसानों को शीघ्र मिलेगी अनुदान राशि


मूलतापी सामाचार

राहुल सारोडे

बैतूल मुलताई । भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला ने शाहपुर के किसानों को उद्यानिकी विभाग की शेडनेट योजना में अनुदान न मिलने के मामले में कृषि मंत्री को पत्र लिखकर जल्द ही भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने इस सबंध में विभाग के उप संचालक आषा उपवंशी से भी चर्चा कर मामले की जानकारी ली है। जिसमें योजना के तहत लगभग 3 करोड 82 लाख 40 हजार रुपये का अनुदान भुगतान किया जा चुका है। 11 किसानो को 64 लाख रुपये का अनुदान भुगतान किया जाना शेष है।

(बैतूल) उद्यानिकी विभाग के बहुप्रचार में से काला सच अब आ रहा है सामने – शेडनेट स्कीम अनुदान मामले में उद्यानिकी विभाग की झूठ की पोल खोलने भूख हड़ताल पर बैठ गए किसान


बैतूल) उद्यानिकी विभाग के बहुप्रचार में से काला सच अब आ रहा है सामने
– शेडनेट स्कीम अनुदान मामले में उद्यानिकी विभाग की झूठ की पोल खोलने भूख हड़ताल पर बैठ गए किसान
बैतूल । उद्यानिकी विभाग की शेडनेट स्कीम में हितग्राहियों की सब्सिडी का मामला अब तूल पकडऩे लगा है। प्रभावित किसान आर-पार की लड़ाई के मूड़ में आ गए है और उन्होंने शाहपुर पतौवापुरा में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। किसानों की इस हड़ताल के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं और यह सवाल विभाग के अनुदान को लेकर किए गए अब तक के दावों को आइना दिखाते हैं। किसानों का इस तरह भूख हड़ताल पर बैठना दिखाता है कि विभाग और उसके जिम्मेदार अधिकारी इन किसानों को सही दिशा और सही तरीका बताने में नाकाम रहे और उन्हें गुमराह करने की कोशिश करते रहे। यह आरोप किसान भी लगा रहे हैं कि अधिकारी उनके साथ धोखा कर रहे हैं।

– जब कही सुनवाई नहीं तो किसान आमरण अनशन पर बैठे…
शाहपुर में इंट्रीग्रेटेड पैक हाउस पतौवापुरा में शेडनेट स्कीम के किसान सोमवार से आमरण-अनशन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इन किसानों का कहना है कि उनकी कहीं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वे हर स्तर पर आवेदन निवेदन कर चुके हैं मगर कोई भी उनकी समस्या की ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है। दूसरी तरफ कर्ज को लेकर बैंक लगातार नोटिस पर नोटिस दे रही है।

– कर्ज के तकाजे के लिए बैंक दे रही किसानों को नोटिस…
केन्द्र सरकार की बहुउपयोगी राष्ट्रीय किसान विकास योजना के तहत जिले के शाहपुर विकासखंड में शेडनेट का क्लस्टर बनाया गया। जिसमें किसानों को बैंक से जमीन गिरवी रखकर 22 लाख 10 हजार रूपये का कर्ज दिलवाया गया। 2017-18 की इस स्कीम में किसानों को 17 लाख रूपये सब्सिडी मिलना था और इस सब्सिडी से कर्ज की अदायगी होना था। लगातार दो वर्ष जब सब्सिडी नहीं हुई, अर्ज की अदायगी नहीं हुई तो किसानों पर उक्त कर्ज पर चक्रवृद्धि ब्याज लगने लगा। बैंक अपने कर्ज की वसूली के लिए किसानों को नोटिस थमाने लगा। तीन-तीन, चार-चार बार नोटिस दिए जा चुके हैं।

– कुछ 17 लाख तो कुछ को 14.20 लाख मिला है अनुदान…
जो किसानों द्वारा बताया गया उसके अनुसार 2017-18 में क्लस्टर आधारित संरक्षित खेती में 25 किसानों को चयनित किया गया था। इन्हें जिला सहकारी बैंक शाहपुर से 500 रूपये के स्टाम्प पेपर पर जमीन बंधक रखकर 22.10 लाख रूपये का कर्ज दिया गया। इन किसानों ने बताया कि इसमें से 16 किसानों को पूरा 17 लाख रूपये का अनुदान मिला है। वहीं 8 किसानों को 14.20 लाख रूपये का अनुदान मिला है। इनको 2.80 लाख रूपये की अनुदान राशि अभी भी नहीं मिली है। बाकी किसान को कुछ भी नहीं मिला है। मलसिवनी निवासी संता बिहारी का कहना है कि उसे आज तक कोई अनुदान नहीं मिला है।

– यह सवाल और फैक्ट बहुत कुछ कहते है…
1 – विभाग का कहना है कि एक शेड नेट की लागत 28.40 लाख रूपये है। तो इसका आधा अनुदान 14.20 लाख रूपये उन्हें दिए गए है। जबकि किसानों का कहना है कि यह सच नहीं है।
2 – किसानों के अनुसार 28.40 लाख रूपये शेड नेट निर्माण की राशि थी, वहीं 5.60 लाख रूपये सब्जी उत्पादन के लिए थी जो कुल 34 लाख रूपये हो रही है। इसमें 5 लाख 60 हजार रूपये में किसान को खाद-बीज, सपोर्ट सिस्टम, दवाईयां खरीदनी थी।
3 – किसानों के अनुसार इसमें किसानों की मार्जिन मनी 11.90 लाख रूपये थे। वहीं बैंक से 22.10 लाख रूपये कर्ज था। इसमें 17 लाख रूपये किसानों को अनुदान मिलना था। 

– मैडम बोलती मीडिया भी हमसे मैनेज है…
भूख हड़ताल पर बैठे मलसिवनी के किसान दिनेश बारसे का कहना है कि मैडम भी कहती है कि मीडिया हमारे हिसाब से चलती है जो हम चाहेंगे वही छपेगा। जनसुनवाई में भी हमारी बात नहीं सुनी गई।

– ऊंगली दिखाकर बोलती है जो बनता है कर लो…
पाठई के किसान संदीप उईके का कहना कि उद्यानिकी विभाग की मैडम ऊंगली दिखाकर बात करती है और बोलती है जो बनता है कर लो। कहीं कुछ नहीं होना है। बैंक हमारी छाती छोल रही है।

– सीधे तौर पर पूरी स्कीम में कहीं न कहीं धोखा है…
किसानों का कहना है कि अनुदान को लेकर मेडम मीडिया में जो प्रचार करा रही है वह पूरा सच नहीं है। यदि होता तो हमें कोई शौक नहीं छूटा कि इस तरह भूख हड़ताल पर बैठते। दुष्प्रचार से हमारी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

रोजगार मेले में 416 आवेदन आए, 105 अभ्यर्थियों को जॉब ऑफर मिला


मूलतापी सामाचार

जिला मुख्यालय स्थित ओपन ऑडिटोरियम में शुक्रवार को रोजगार कार्यालय के पीपीपी पार्टनर यशस्वी अकादमी फॉर टैलेंट मैनेजमेंट द्वारा रोजगार मेला आयोजित किया गया। इस मेले में विभिन्न कंपनियों में 105 अभ्यर्थियों को जॉब ऑफर किए गए।

यशस्वी अकादमी के हेड कॉल सेंटर एण्ड ऑपरेटर श्री सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि रोजगार मेले में 416 अभ्यर्थियों द्वारा रोजगार के लिए आवेदन दिए गए, जिनमें से 105 अभ्यर्थियों को विभिन्न कंपनियों के लिए जॉब ऑफर मिले हैं। इसमें संजीरा पीथमपुर कंपनी में 29 एवं जय के. बायोटेक कंपनी में 76 अभ्यर्थियों को जॉब ऑफर किया गया है। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि मेले में 150 अभ्यर्थियों को विभिन्न कंपनियों द्वारा शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनको आगामी दिनों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इंटरव्यू लेकर जॉब ऑफर किया जा सकेगा।

RAHUL SARODE

MP जेल में बंद सजा काट रहे केदियों ने पिया एसिड,जेल प्रबंधन की लापरवाही आई सामने, चंदे के लिए बंदियों पर बनाया जा रहा दबाव


Multapi Samachar

 बैतूल जिला जेल में हत्या और दुष्कर्म की सजा काट रहे दो बंदियों ने बाथरूम में उपयोग किया जाने वाला ऐसिड पी लिया दोनों बंदियों मंटू और ब्रजेश की हालत खराब होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया । दोनो बंदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है । और घटना की जांच की जा रही है । 
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस पूरे मामले में प्रबंधन की लापरवाही खुल कर सामने आई है कि आखिर एसिड बंदियों तक पहुंचा कैसे जबकि एसिड का प्रभार जेल के वरिष्ठ प्रहरी मन्ना लाल के पास  रहता है । दोनो बंदियों की हालत खराब होने के बाद उन्हें बेहोशी की हालत में तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती किया गया । जहां डॉक्टरों की देख रेख में उपचार किया जा रहा है । 
जिला अस्पताल के डॉ रंजीत राठौर ने बताया कि सुबह दो बंदियों को लाया गया था दोनो ने कोई ससस्पेक्टेड पॉइज़न के सेवन कर लिया है फिलहाल दोनो की हालत खतरे से बाहर है। जेल के अंदर लगातार घटनाएं घटित हो रही है । कुछ दिन पहले ही जेल के एक कर्मचारी द्वारा शराब पीकर जम कर हंगामा किया गया । लेकिन इस घटना को लेकर बताया जा रहा है कि बंदियों से जबरन चंदा वसूली की जा रही थी । इसी के चलते दोनो बंदियों ने एसिड पी लिया । लेकिन इस तथ्य को जेल अधीक्षक ने बी के कुडापे ने खारिज करते हुए कहा कि  सुबह अचानक बंदियों के एसिड पीने की जानकारी मिलने के बाद बंदियों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती  कराया गया । फिलहाल जांच की जा रही है कि किस कारण से बंदियों ने एसिड का सेवन किया ।

जिला अस्‍पताल के रवइये पर गरमाई राजनीति, विधायक ने लगाये गंभीर आरोपा


(बैतूल) प्रसूता का मामला पीछे छूटा और सियासत आगे निकल गई..! ,
बैतूल विधायक का खुला आरोप
– भाजपा जनप्रतिनिधियों के अस्पतालों को फायदा पहुंचाने बिगाड़ रहे व्यवस्था,
– बैतूल नगर मंडल अध्यक्ष का जवाब


यह बयानबाजी केवल रेत में भाजपा नेताओं की क्रिया की है प्रतिक्रिया
बैतूल । जिला अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही की वजह से एक प्रसूता का जीवन खतरे में आ गया था। मामला उजागर होने के बाद सीएमएचओ ने जांच के आदेश दिए। वहीं इस पूरे मामले में विधायक निलय डागा के तीखे बयान में मामले को सियासी रंग दे दिया है।

इस मामले में विधायक डागा ने खुला आरोप लगाया है कि जिला अस्पताल में जो व्यवस्थाएं बिगाड़ी जा रही है इसकी बड़ी वजह यह है कि भाजपा जनप्रतिनिधियों के अस्पतालों को फायदा पहुंचाने की नीयत है।  उनके इस बयान पर भाजपा के कोठीबाजार नगर मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा ने कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि विधायक जी कहीं पर निगाहें हैं और कहीं पर निशाना लगा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब इसलिए कहा जा रहा है कि हाल ही में भाजपा नेताओं ने रेत के अवैध खनन और ठेकेदारों की मनमानी को लेकर प्रशासन को शिकायत की थी।  

– एक बार फिर जिला अस्पताल कठघरे में…
– जननी एक्सप्रेस अस्पताल के बाहर छोड़ गई तो प्रसूता का प्रसव गेट पर ही हो गया…
बोड़ी गांव से एक प्रसूता को जननी एक्सप्रेस से बीती रात गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय लाया गया।  साथ आई उसकी मां को जननी के ड्राईवर ने पर्ची बनाने भेजा। इस बीच प्रसव वेदना सहते हुए महिला ने सीढ़ी के पास ही बच्चे को जन्म दे दिया यह तो शुक्र है कि बच्चा सकुशल है, लेकिन प्रसव के कारण सीढिय़ों के आसपास खून ही खून नजर आ रहा था। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के बाद मंगलवार सुबह सीएमएचओ ओैर सिविल सर्जन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षण किया और बोड़ी की आशा कार्यकर्ता के साथ जननी एक्सप्रेस के ड्राईवर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। रात में ड्यूटी पर तैनात गार्ड को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल हटा दिया गया है। मामले की जांच के भी आदेश दे दिए गए है। बोड़ी निवासी प्रसूता रेखा बाई को प्रसव पीड़ा होने पर जननी एक्सप्रेस की सहायता से जिला अस्पताल लाया। जननी चालक ने गर्भवती को ट्रामा सेंटर के मुख्य द्वार के पास सीढिय़ों पर बैठा दिया और गर्भवती के साथ आई उसकी मां को पर्ची काटने भेज दिया। महिला को पर्ची काटने की कोई जानकारी नहीं होने पर वह काफी देर तक ट्रामा सेंटर में भटकती रही और गर्भवती महिला काफी देर तक सीढिय़ों पर ही बैठी रही उसे तेज प्रसव पीड़ा हुई और उसने  सीढिय़ों पर ही प्रसव हो गया। काफी देर तक बच्चा फर्श पर ही पड़ा रहा। आसपास के लोगों ने इसकी जानकारी अस्पताल के कर्मचारियों को दी। इसके बाद महिला को तत्काल अस्पताल के भीतर ले जाकर भर्ती किया। इस मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। आते से ही महिला को अस्पताल के अंदर भर्ती करना था, लेकिन वह लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक सीढिय़ों पर ही बैठी रही और प्रसव हो गया। गनीमत यह रही कि बच्चा और जच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। जानकारी के अनुसार महिला की यह चौथी बार डिलेवरी है। 

– व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए व्यवस्था खराब कर रहे : निलय 

विधायक निलय डागा का आरोप है कि भाजपा नेता जनप्रतिनिधि जिनके अपने निजी अस्पताल है वे अपने अस्पतालों का व्यापार बढ़ाने के लिए जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को जान-बूझकर चरमरा रहे है। व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है। खुद का अस्पताल चलाने जान जोखिम डाल रहे हैं। वे इस व्यवस्था से बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। जननी एक्सप्रेस भी अपनी बिलिंग बढ़ाने के लिए महिला को आमला की बजाय बैतूल लेकर आई। 

– काश ऐसे ही रेत और बीज पर भी बोलते विधायक : विकास
भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा ने विधायक के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विधायक जो कह रहे सुन रहे हैं वह क्रिया की प्रतिक्रिया है। जिस तरह से भाजपा नेता रेत को लेकर विरोध कर रहे हैं और कार्रवाई के लिए प्रशासन से शिकायत कर रहे हैं उसका यह सब रिएक्शन है। उनका कहना है कि काश विधायक रेत के रेट और ठेकेदारों की मनमानी सहित अमानक बीज के मामले में भी ऐसा ही आरोप लगाते।

– किसी भाजपा जनप्रतिनिधि का गायनो हॉस्पीटल नहीं…                   
बैतूल विधायक पढ़े लिखे हैं और उन्हें जानकारी होना चाहिए कि किसी भी भाजपा जनप्रतिनिधि या नेता का गायनो हॉस्पीटल नहीं है। इस तरह की लापरवाही पर जांच करवाई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
– डॉ योगेश पंडाग्रे, विधायक, आमला

– लापरवाही सामने आई है और कार्रवाई भी की जा रही है…               
– जननी एक्सप्रेस के चालक की लापरवाही है उसे हटाने की कार्रवाई की जा रही है। गार्ड गेट पर नहीं था इसलिए उसे हटा रहे हैं । आशा साथ में नहीं आई उसकी लापरवाही है नोटिस दिया जा रहा है।
डॉ प्रदीप धाकड़, सीएमएचओ, बैतूल ।

पुरानी रंजिश को लेकर जताई हत्या की आशंका


अपराधियों परआठनेर पुलिस हुई मेहरबान

पुलिस ने मामले की लीपापोती

Multapi Samachar

काेलगाव आठनेर पुलिस द्वारा मामले को रफा-दफा करने के कारण आवेदक लीलाबाई बेवा 60 वर्ष जाति मराठा निवासी कॉल गांव जिला बैतूल ने पुलिस अधीक्षक बैतूल को लिखित आवेदन देकर सूचित किया है कि विजय सिंघाड़े पिता ज्ञान राव 45 वर्ष एवं सरस सिंघाड़े पिता ज्ञान राव 42 वर्ष निवासी कोऴगाव ने पुरानी रंजिश को लेकर एक्सीडेंट का नाम बता कर उसके पति की हत्या कर दी चुकी मामला आठनेर परी क्षेत्र अधिकार के अंतर्गत आता है इसलिए आवेदिका ने आठनेर पुलिस को लिखित आवेदन देकर शिकायत की थी कि इसके पति कि आवेदकों द्वारा हत्या कर दी गई है लेकिन आठनेर पुलिस ने मामले की लीपापोती करते हुए एक्सीडेंट का रूप दे दिया

उल्लेखनीय है कि मृतक एवं अनावेदकों के परिवार में काफी दिनों से लड़ाई झगड़ा मारपीट गाली-गलौज के कारण आपसी रंजिश चल रही थी दोनों परिवार एक दूसरे पर हमला करने का अवसर ढूंढते रहते थे चुकी मृतक का परिवार सीधा-साधा एवं साधारण जीवन जीने वाला था गांव के रहने वाले पंकज काले प्रवीण काले तथा अन्य लोगों ने रात दिन के इस झगड़े को सुलझा ने पहल करते हुए दोनों परिवार में समझौता करा दिया लेकिन अन आवेदक गन भीतर ही भीतर बदला लेने की फिराक में रहे हैं परिवार में गोल मिलकर रहने आने जाने अन्य सामाजिक कार्यों में सहभागिता बनाए रखने के कारण मृतक के परिवार को कभी यह एहसास ही नहीं हुआ की अन आवेदक गन कभी इस प्रकार के घटनाक्रम को अंजाम देंगे
ज्ञात हो कि दोनों परिवार में समझौता होने के कारण दोनों परिवारों में आना जाना सुलभ हो गया था दिनांक 29/9/ 2020 दिन सोमवार को शाम के 4:00 बजे के लगभग 1 आवेदक गन विजय और शरद सिंघाड़े मृतक को उसके घर से यह कह कर ले गए कि चलो घूम कर आते हैं मृतक की पत्नी ने बताया कि पहले तो उसके पति ने मना किया किंतु बार-बार आग्रह करने पर वह जाने के लिए तैयार हो गए मृतक को अन आवेदक की मोटरसाइकिल जिसका नंबर एमपी 48 एमके 0 298 है उस पर बैठा कर ले गए कहां जा रहे हैं इस बात का उन्हें इल्म नहीं था
उसी दिन रात्रि के लगभग 7:30 बजे अन आवेदक गन विजय सिंघाड़े ने गांव के प्रवीण काले के मोबाइल पर फोन लगाकर बताया कि वे तीनों मुसाखेड़ी के बीच आठनेर रोड पर है जहां उनकी मोटरसाइकिल किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिए जिसमें गंभीर चोट होने की बात नहीं बताई प्रवीण काले ने मेरे पुत्र गजानन को मोबाइल पर इस विषय में सूचना दी मेरा पुत्र गजानन प्रवीण काले और दीक्षांत काले अखिल वामन कर सभी लोग घटनास्थल पर पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को आठनेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए हैं मेरे पुत्र को आठनेर अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि उसके पति गंभीर हालत में है डॉक्टर ने उन्हें बैतूल जिला अस्पताल भेजा है जिला अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि आपके पति की हालत बहुत गंभीर है बचने की संभावना नहीं है इसके पश्चात अगले दिन 29/9 /2020 को सवेरे 5:00 बजे लगभग मेरे पति की मौत हो गई
गौरतलब हो कि आठनेर पुलिस ने इस मामले में लीपापोती करके मामले को एक्सीडेंट का बताकर प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया मेरे द्वारा अन आवेदक को एवं पूर्व में उनसे चल रहे रंजीत की बात बताई गई और बताया कि मेरे पति को षड्यंत्र कर मार दिया गया है आवेदक गणों ने बताया एक्सीडेंट में किसी को चोट नहीं आई है मोटरसाइकिल भी सुरक्षित है कहीं टूट-फूट नहीं है मेरे पति जब जीवित थे तब उनको अनावेदक गणों द्वारा जान से मारने की बात कही थी
चुकी कि मेरे द्वारा मेरे पति कि हत्या किए जाने की बात कहने पर अन आवेदक हमें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती यह कह रहे हैं हम ने पुलिस को ₹50000 दे दी है इसलिए पुलिस हम पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकती अन आवेदक ऊपर कोई पुलिस यह कार्रवाई नहीं होने मामले को एक्सीडेंट का रूप देने के कारण उनके हौसले बुलंद है हमें डर है कि भविष्य में हमारे परिवार के सदस्यों के साथ कोई अनहोनी हो सकती है पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने एवं पुलिस की निष्क्रियता के कारण अन आवेदक खुलेआम घूम रहे हैं उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है मामले की जांच कर आठनेर पुलिस महकमें पर उचित कार्रवाई करने की कृपा करने बाबत पुलिस अधीक्षक का बैतूल को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया है पुलिस अधीक्षक ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

ज्ञात हो कि आठनेर पुलिस की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में जुआ सट्टा एवं अन्य अपराध खुलकर हो रहे अपराधी बे लगाम होकर कार्य कर रही है एवं अपनी जेब गर्म करके अपराधियों को खुली छूट दे रही है।

थाना प्रभारी आठनेर की निष्क्रियता के कारण पुलिस महकमा बदनाम हुए जा रहा है इन पर तत्काल कार्रवाई कर अन्य स्थान पर पदस्थ किया जाना चाहिए

किन्नर के प्यार में इस कदर पागल हुआ MP का युवक की प्यार दिखाने के लिए काट डाला ब्लेड से खुद का हाँथ…


मुलतापी समाचार

बैतूल: प्यार जब हद से गुजर जाता है तो वो न लड़की देखता और न लड़का न किन्नर। ऐसा ही एक अजब-गजब मामला मध्यप्रदेश के बैतूल शहर से आया है जहा एक युवक किन्नर के प्यार में इस कदर पागल हुआ कि उसकी जुदाई में खुद के हाँथ में ब्लेड से कई बार किये।

पिछले 7 सालो से किन्नर कमलेश उर्फ करिश्मा से प्यार कर रहे  इटारसी का युवक आनंद कटारे उस वक़्त खुद को लहूलुहान कर लिया जब करिश्मा ने उसके साथ चलने से मना कर दिया।

जानकारी के मुताबिक किन्नर करिश्मा अपने परिजन से मिलने बैतूल आई हुई थी. ज्यादा दिन करिश्मा के वापस न आने से युवक आनंद दुखी हो गया और उसके गैरमौजूदगी उसको सहन नही हुई और वो किन्नर करिश्मा से मिलने बैतूल आ गया जहा पर उसने किन्नर को साथ चलने को कहा तो करिश्मा ने कहा की वो कुछ दिन रुकना चाहती है. जिसके बाद आनंद खुद को काबू नहीं कर सका और खुद पर ब्लेड से कई वार कर दिए.

मामले को बढ़ता देख पुलिस वहां जा पहुंची और युवक को अस्पताल ले जाया गया जहा उसका इलाज़ जारी है.

bRAKING News: बैतूल जिला अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दिया प्रसूता ने, फर्श पर हो गया प्रसव, जिला अस्‍पताल में हो रही बडी लापरवाही


आरोप है कि जिला अस्‍पताल के कर्मचारी मरीजों की नही करते परवाह, न ही मरीजों का सही से इलाज करते है

मरीजों को करते है अंदेखा

नर्सों को कहने पर बदतमीजी करनेे लगती हैै

आये दिन जिला अस्‍पताल प्रबंधन पर लग रहें है गंभीर अरोप

मुलतापी समाचार

Betul News

District Hospital Betul

जिला अस्पताल में डाक्टर समेत स्वास्थ्यकर्मियों की बड़ी लापरवाही सोमवार रात 11 बजे सामने आई है। यहां प्रसव के लिए पहुंची एक गर्भवती को समय पर भर्ती नहीं किया गया, जिसकी वजह से उसने प्रसूति वार्ड के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। फर्श पर पड़े नवजात को बिलखता और प्रसूता को बेहोश अवस्था मे देखकर आसपास मौजूद लोगों ने जब शोर मचाया और इसका विरोध किया तब जाकर प्रसूति वार्ड के स्टाफ ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो थोड़ी देर प्रसूता को अस्पताल में नहीं भर्ती किया जाता तो उसकी जान भी जा सकती थी। इस मामले में 108 एम्बुलेंस, सुरक्षा गार्ड, वार्ड बॉय सहित ड्यूटी डॉक्टर की लापरवाही सामने आ रही है। सीएमएचओ प्रदीप धाकड़ ने बताया कि मामला गंभीर है, वे स्वयं अस्पताल जाकर जांच करेंगे।

दरअसल बैतूल से 12 किमी दूर बोड़ी गांव की वृद्धा मुन्नी बाई प्रसव पीड़ा से तड़पती अपनी बेटी को लेकर 108 एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुची थी। गांव से आशा कार्यकर्ता ने भी उसे अकेले भेज दिया। एम्बुलेंस चालक ने गर्भवती को प्रसूति वार्ड के गेट पर ही उतार दिया और वृद्ध महिला को पर्ची बनवाने के लिए ट्रामा सेंटर से दूर मुख्य अस्पताल भेज दिया। इस बीच गर्भवती गेट पर ही आधे घंटे तक तड़पती रही और गेट के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया। समय पर उपचार नहीं मिल पाने के कारण उसका काफी रक्तस्राव भी हो गया जिससे वह बेहोश हो गई।

जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती मरीजों के परिजनों और अन्य लोगों की नजर जब प्रसूता पर पड़ी तो उन्होंने हंगामा कर दिया, जिसके बाद नींद से जागे अस्पताल प्रशासन ने प्रसूता को भर्ती कराया। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर रंजीत राठौर का कहना है कि 108 एंबुलेंस चालक की लापरवाही है। जब मरीज की कंडीशन सीरियस थी तो चालक को इसकी जानकारी स्टाफ को देनी थी लेकिन वह प्रसूता को गेट पर ही उतार कर भाग गया। अस्पताल के सिविल सर्जन अशोक बारंगा का कहना है कि उन्हें इसकीं जानकारी नही है, ऐसा हुआ है तो पता लगाते है किसकी गलती है।

कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौपा


मुलतापी समाचार (राहुल सारोडे)

मध्य प्रदेश में राजभवन द्वारा IUMS इंटीग्रेटेड यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम ( एकीकृत विश्वविद्यालय प्रबंध प्रणाली) लागू किये जाने के विरुद्ध आज अभाविप ने जिला केंद्र पर कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौपा। प्रदर्शन में

जिला संयोजक निलेश गिरी गोस्वामी ने बताया की IUMS लागू होने का अर्थ है शिक्षा का व्यापारीकरण जो मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों के हित मे नही
नगर मंत्री अंकित हरोड़े ने बताया कि
सभी विश्वविद्यालयों का नियंत्रण किसी एक विश्वविद्यालय के पास रहेगा तो एकाधिकार की समस्या रहेगी।
नगर सह मंत्री आयुषी अतुलकर ने बताया कि
IUMS राष्ट्रीय शिक्षा नीति की इस मूल भावना के विपरीत है।
जिले के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इन सभी विषयों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन दिया साथ ही अगर IUMS निरस्त नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

सरपंच-सचिव ने मिलकर किया लाखों का भ्रष्‍टाचार,तीन दिन में कार्रवाई की मांग


बैतूल। चिचोली तहसील की ग्राम पंचायत चूनागोंसाई में लाखों का भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने जिला पंचायत के अधिकारियों सहित जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर से भी की, लेकिन आज तक दोषी सरपंच-सचिव पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में एक बार फिर ग्रामीणों ने कलेक्टर से फोन पर चर्चा कर चूनागोंसाई के प्रभारी सचिव अशोक उईके, ग्राम प्रधान सुकवंती उइके को तत्काल पद से हटाने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए 3 दिन में दोषी सरपंच-सचिव पर कार्रवाई करने की बात कही है। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच, सचिव ने बिना निर्माण कार्य कराए राशि निकाल ली। जिसकी जांच में सरकारी धन का गबन किया जाना पाया गया है। इसके बाद भी जिला पंचायत और जनपद पंचायत कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ग्रामीणों ने मांग है कि जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।