Category Archives: MP CM शिवराज सिंह चौहान

कोरोना हेल्थ सेंटर के 3 मरीजों की मौत-मुलताई


मुलताई बना हॉट स्पॉट

स्वास्थ्य विभाग नहीं है अलर्ट

आये दिन बढ़ते जा रही हैं संक्रमितों की संख्या

मुलतापी समाचार

मुलताई। क्षेत्र में लगातार कोरोना का प्रकोप बढ़ते जा रहा है। इस बार तो न सिर्फ कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या ज्यादा है बल्कि इस बार कोरोना के कारण मरने वालो की संख्या भी अब धीरे धीरे बढ़ते जा रही है को अब चिंता बढ़ा रही है।        

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 अप्रेल 2021 को राजीव गांधी वार्ड निवासी 30 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव जो कोविड सेंटर मुलताई भाग कर गया था आज शाम करीब 6 बजे के आस पास उसकी भी मौत हो गयी है।

मुलताई बीएमओ डॉ पल्लव अमृतफुले ने इस बात की पुष्टि की है        

वही आज मंगलवार को मुलताई की ताप्ती वार्ड  से 67 वर्षीय एक मरीज को कोविड सेंटर लाया गया जिस की स्थिति अत्यंत खराब थी जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वही मुलताई से लगा हुआ ग्राम देवरी से 50 वर्षीय एक कोरोना पॉजिटिव मरीज को कल सोमवार को कोविड सेंटर मुलताई में भर्ती किया गया था उसकी भी स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसे रेफर कर दिया गया लेकिन उसने यही दम तोड़ दिया।         

कोरोना मरीज की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार के मस्य स्थिति ऐसी हो गयी कि नगर पालिका के कोई कर्मचारी पहुचे न ही उनके परिजन उन्हें हाथ लगाने को तैयार हुए ऐसे में समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कमर्चारियों के साथ मिलकर बीएमओ डॉक्टर पल्लव ने उनका अंतिम संस्कार करवाया। 

MP मैं पटवारियो पर शिवराज सरकार हुई सख्त, जारी की हेल्पलाइन नंबर


मुलतापी समाचार

मध्यप्रदेश सरकार पटवारियों के भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, अब गावं में किसानो से कोई भी पटवारी अगर जमीन नपित करने या नामांतरण के लिए रिश्वत् मांगता है, तो इसे रोकने सरकार द्वारा हेल्पलाइन नंबर : 96305 24516 जारी किया गया है, कोई भी भूमि स्वामी इस नंबर पर पटवारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा सकते है

महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र के vle कर्मचारियों को 8 माह से नही मिला मानदेय – कलेक्टर को सौपा ज्ञापन


बैतूल के कर्मचारियों को 8 माह से नही मिली तन्खा

जिले में कार्यरत ग्रामस्तरिय vle को प्रोजेक्ट के माध्यम से अभी तक नही मिला मानदेय के तहत आज बैतूल कलेक्टर ऑफिस में संघठन तैयार कर vle द्वारा ज्ञापन सौंपा गया

पंचायती राज एव ग्रामीण विकास विभाग की परियोजना महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र परियोजना में पंचायत स्तर पर केंद्र संचालन हेतु चयनित जिले की 99 पंचयात के VLe ग्रामीण स्तरीय उयदमी को 8 माह से नही मिला मानदेय।

मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं सीएससी ई-गवर्नेस इंडिया लिमिटेड के माध्यम से बैतूल जिले के सभी जनपदो की चयनित 99 ग्राम पंचायतो में ग्राम पंचायत भवन से ग्राम पंचायत के डिजिटलाइजेसन एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आमजनो को G2G, G2B, B2C,G2C सेवाए उपलब्ध कराये जाने हेतु 99 VLE का चयन किया गया था |
वर्तमान मे महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र (CSC 2.0) परियोजना अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतो से चयनित VLE अपनी सेवाए विगत 8 माह (जुलाई – अगस्त 2020) से पुरी निष्ठा और ज़िम्मेदारी से प्रदान कर रहे है |

सभी VLE के द्वारा शासन की “ आयुष्मान आपके द्वार “ योजना मे भी जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों मे निशुल्क आयुष्मान कार्ड बनाकर हितग्राहियो को लाभ प्रदान कर रहे हैं, किन्तु विगत 8 माह से मानदेय न मिलने के कारण हमारे सामने रोजी-रोटी व परिवार पालने का सकंट उत्पन्न हो रहा हैं | कर्मचारियों में मानदेय न मिलने के कारण रोष व्याप्त है।

मप्र CM – बैतूल और नीमच के कलेक्टर पर गिरी गाज, गुना-निवाड़ी के एसपी भी हटाए गये


Breaking news

Multapi samachar

सीएम की आज हुई वीसी के बाद दो कलेक्टर और दो एसपी पर गिरी गाज, अभी हो रहे हैं हटाने के आदेश खबर सूत्रों के हवाले से प्राप्त

जिले के लोव पर्दशन के कारण बैतूल कलेक्टर हटाये गए,

कार्य मे लापरवाही बरतने के कारण, 11 माह के कार्यकाल में ही हटा दिए गए ,

बीजेपी जनप्रतिनिधियों की नाराजगी भी बन है शक्ति प्रमुख वहज

सीएम की कलेक्टर, कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के बाद बैतूल कलेक्टर राकेश सिंह और नीमच कलेक्टर जितेंद्र सिंह राजे पर गाज गिरी है और इनके हटाने के आदेश जारी हो रहे हैं। इसी प्रकार
निवाड़ी एसपी वाहिनी सिंह और गुना एसपी राजेश सिंह भी हटाए जा रहे है। गुना सीएसपी टीएस बघेल भी हटाए जा रहे है। बताया गया है कि कार्य में लापरवाही के चलते सीएम ने सख़्त एक्शन लिया है।

कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नाराजगी भारी पड़ गई। कलेक्टर-कमिश्नर, आइजी और पुलिस अधीक्षक के साथ वीडियो कांफ्रेंस खत्म होने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बैतूल कलेक्टर राकेश सिंह और नीमच कलेक्टर जितेंद्र सिंह राजे को हटाने के निर्देश दे दिए। वहीं, बोहरा धर्म गुरू सैयदना साहब का नाम एफआइआर में शामिल करने पर गुना पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्‍चीस‍िया को हटाने का आदेश दिया। निवाड़ी की पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह को भी हटाने के लिए कहा। इनके तबादला आदेश जारी कर द‍िए गए हैं । राजेश सिंह और वाहिनी सिंह को पुल‍िस मुख्‍यालय में सहायक पुलि‍स महान‍िरीक्षक बनाया गया है जबकि‍ नेहा को भी पुल‍िस मुख्‍यालय में उप पुल‍िस अधीक्षक बनाया गया है।

जिले में आयुष्मान सप्ताह का आयोजन 14 से 21 दिसंबर, लाभार्थी निरामय स्वास्थ्य बीमा योजना लाभ ले


प्रत्येक पात्र हितग्राही को मिले आयुष्मान भारत योजना का लाभ

कलेक्टर का आदेश जिले में आयुष्मान निरामायण स्वास्थ्य योजना अंतर्गत आयुष्मान लाभार्थी कार्ड बनाए जाने हेतु सप्ताह का आयोजन

आयुष्मान आयुष्मान सप्ताह का आयोजन 14 से 21 दिसंबर तक ग्रामों में कैंप लगाकर जिले में प्रमुख रूप से संचालित होंगे

“आयुष्मान कार्ड” बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा

• एक वर्ष में 5 लाख रुपये की मिलेगी नि:शुल्क उपाचार सुविधा

• मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ली आयुष्मान भारत योजना संबंधी बैठक

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को एक वर्ष में 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क उपचार सुविधा मिलती है। इसके अंतर्गत अधिकांश बीमारियां कवर्ड हैं। योजना का प्रदेश के प्रत्येक पात्र हितग्राही को लाभ दिलाया जाए। “आयुष्मान कार्ड” बनाने के लिए अभियान चलाया जाए। मध्यप्रदेश में यह योजना आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के नाम से संचालित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में आयुष्मान भारत योजना की बैठक ले रहे थे। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनोज गोविल आदि उपस्थित थे।

• 1 करोड़ 49 लाख आयुष्मान कार्ड, 5.85 करोड़ हितग्राही

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में अभी 1 करोड़ 49 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन गए हैं। योजना अंतर्गत प्रदेश के लगभग 5.85 करोड़ गरीब एवं मध्यम वर्गीय व्यक्तियों के कार्ड बनाए जाने हैं। इस वर्ष इनमें से 60 प्रतिशत व्यक्तियों के कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य है।

• 717 अस्पतालों में कैशलेस उपचार सुविधा

योजना के अंतर्गत प्रदेश के कुल 717 शासकीय एवं संबद्ध निजी चिकित्सालयों में पात्र हितग्राहियों को कैशलेस उपचार की सुविधा है। अब इसके अंतर्गत कोविड के इलाज भी व्यवस्था जा सकता है।

• अब पंचायतों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से भी वार्ड बनेंगे

योजना के अंतर्गत अभी तक सम्बद्ध शासकीय व निजी चिकित्सालयों के अलावा लोक सेवा केन्द्र तथा कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर आयुष्मान कार्ड बनवाना होता था, परन्तु अब पंचायतों एवं नगरीय निकायों के माध्यम से कार्ड बनाने की भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो गई है।

• अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को संबद्ध किया जाए

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि इस योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को संबद्ध किया जाए, जिससे मरीज अपनी सुविधा अनुसार जहां चाहे इलाज करवा सकें। योजना में वर्तमान में प्रदेश में 282 निजी चिकित्सालय संबद्ध हैं, जबकि उत्तरप्रदेश में 1542, राजस्थान में 1498, महाराष्ट्र में 1243 व गुजरात में 802 निजी अस्पताल संबद्ध है।

• 561 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान

योजना के अंतर्गत शासकीय अस्पतालों में इलाज करवाने पर 60 प्रतिशत व्यय केन्द्र सरकार एवं 40 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार उठाती है। वहीं निजी चिकित्सालयों में इलाज कराने पर शत-प्रतिशत भुगतान शासन द्वारा किया जाता है। योजना अंतर्गत अभी तक प्रदेश में 4 लाख 14 हजार 509 प्रकरणों में 561 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का किया पुतला दहन, कोरोना वारियर्स पर लाठीचार्ज के विरोध में यूथ कांग्रेस द्वारा



बैतूल। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने शनिवार को कोरोना वारियर्स पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में कोठी बाजार लल्ली चौक पर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष सरफराज खान के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि भोपाल के नीलम पार्क में अपनी जायज मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे कोरोना वारियर्स पर लाठीचार्ज किया गया, कोरोना वारियर्स पर इस तरह का दबाव उचित नहीं है। पहले इन पर फूल से वर्षा की गई और आज लाठी की वर्षा की जा रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए एवं दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसा न होने पर विरोध स्वरूप युवा कांग्रेस जगह-जगह सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होगी। पुतला दहन एवं ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा, अनिल मगरकार, रजनीश सोनी, राजू गावंडे, ऋषि दीक्षित, नितिन देशमुख, अतुल शर्मा, प्रतीक देशमुख, आबिद खान, मोहसिन पटेल, सिद्धार्थ चौरसिया, मन पांडे, मनोज देशमुख, आशीष देशमुख, राजू शाह, सुशील बारस्कर, राजू शाह, नावेद खान, इनायत खान आदि युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

तिल तिल मरते लोग, तड़पते लोग, फिर भी नहीं डरते लोग


यह है मध्य प्रदेश की जनता सब कुछ जानने लगी है

एक कदम सतर्कता एवं स्वच्छता की ओर

साथ ही पहचानने लगी है आए देखें चुनावी दंगल

मुलतापी समाचार

देर से ही सही समझ में आ रहा है जन मानस के

कोरोना ने छीनी हमारी खुशियां रोज़गार और तोड़े हमारे सपने।
मौत के आंकड़े धीरे-धीरे बढ़ते जा रहे, सौ से पहुंचे हज़ार और हज़ार से लाख में, यह सिलसिला बदस्तूर अब भी जारी है।आश्चर्य इस बात का है, जब लॉक डाउन की जरूरत नहीं थी तब सरकार ने लॉक डाउन लगाएं। 25 मार्च 2020 को भारत में केवल 571 कोरोना के मामले सामने आए थे, सरकार ने ताबड़तोड़ तरीके से पूरे भारत में एक साथ लॉकडाउन लगा दिया था, आज की स्थिति यह है, रोज़ तकरीबन 50 हज़ार से 60 हज़ार मामले दर्ज हो रहे हैं, कोरोना वायरस के कारण एक लाख नौ हज़ार लोगों ने अपनी जान‌ गवाई।
कोरोना वायरस संक्रमण ने पूरे भारत को अपनी चपेट में ले चुका है। हर रोज़ मौत के आंकड़े सैकड़ों की संख्या में बढ़ते जा रहे हैं, हज़ारों की संख्या में संक्रमितों के। इन सबके बीच उम्मीद की बात सिर्फ़ इतनी है कि बहुत से मामलों में लोग ठीक भी हुए हैं।
कोरोना वायरस से संक्रमित हर शख़्स का एक अलग अनुभव है, कुछ में इसके बेहद सामान्य या फिर यूं कहें कि बेहद कम लक्षण नज़र आते है, तो कुछ में यह काफी गंभीर, कुछ तो ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें लक्षण वो थे ही नहीं जिनके बारे में स्वास्थ्य विभाग सचेत करता रहा है, लेकिन एक बार ये पता चल जाए कि आप संक्रमित हैं, तो अस्पताल जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता है।
पर चुनाव के समय हमारे नेताओं को इन सब बातों से कोई लेना-देना नहीं, उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना कोरोना से हमें कोई लेना देना नहीं।
कोरोना वायरस के बीच देश में पहला चुनाव और उप चुनाव होने जा रहा है, महामारी के बीच चुनाव आयोग की सबसे बड़ी चिंता यही थी कि चुनाव टाले जाएं या नहीं, महामारी में बड़े उतार-चढ़ाव दिख रहे है, फिर भी चुनाव की तारीख घोषित कर दी गई। मघ्य प्रदेश में उपचुनाव के दौरान सरकार ने नया फरमान जारी कर दिया पहले केवल 100 लोग चुनावी सभा में शामिल हो सकते थे, अब नए फरमान के अनुसार जितने लोग चाहें वह चुनावी रैलियों में जा सकते हैं, नेता जी के भाषण पर खूब तालियां बजा सकते हैं, बस सामाजिक दूरी का ध्यान रखना होगा। जब हमारे नेता सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं रखते, तो आम जनता से क्या उम्मीद लगा सकते हैं। इसके बावजूद मध्य प्रदेश के नेता उप चुनाव की तैयारियों में लग गए हैं, सामाजिक दूरी का मखौल उड़ाते नेता, फिर से नेताओं की नौटंकी शुरू हो गई, लोगों को रिझाने के लिए नोट बाटे जा रहे हैं, लोगों के पैर छू छू कर वोटों की भीख मांग रहे हैं नेता। ऐसा लगता है,इन नेताओं से कोरोना वायरस डरता है, नेताओं के चेहरे से मास्क गायब, मास्क नहीं लगाने की मजबूरी नेताजी बड़े भोले अंदाज में बताते हैं, अगर जनता चेहरा नहीं देखेगी तो वोट कैसे देगी। नेताजी भूल गए कोरोना वायरस को।
गरीब जनता को खूब गले लगा रहे हैं, गरीबो के बच्चों को गोद में लेकर उनके गालों को चूम रहे हैं, बच्चे की बहती नाक अपने रुमाल से पोछ कर अपना प्यार जनता पर लुटा रहे हैं। चुनाव हारने का डर नेताजी से ज्यादा उनकी पत्नी यानि मेमसाब को है, मेम साहब की रातों की नींद उड़ गई है, रात में बुरे बुरे सपने आते हैं, कि नेताजी चुनाव हार गए हैं, मेम साहब के ऐशो आराम खत्म हो गए हैं , मेम साहब की एक आवाज़ पर नौकर और नेताजी के चमचे दौड़कर मेमसाब की सेवा में लग जाते हैं, मेम साहब की एक आवाज़ पर चार चार गाड़ियां खड़ी हो जाती है, मेम साहब को रात में नेताजी के साथ नोट गिनने की मशीन पर नोट गिनने में बहुत मजा आता है, अगर नेताजी चुनाव हार जाएंगे, तो यह सब ऐशो आराम खत्म, इसलिए यह सब नौटंकी चुनाव के समय गरीब जनता के सामने की जाती है। यह प्यार केवल चुनाव जीतने तक सीमित रहता है। चुनाव जीतने के बाद नेताजी को गरीब जनता से एलर्जी हो जाती है, जब जनता नेताजी के पास पंहुचती है, तो नेता जी पहचान ने से इनकार कर देते हैं।
प्रदेश में उप चुनाव को लेकर नेताजी, लोगों को जोड़ने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं । कोई नोट बांट रहा हैं, कोई जनता के पैर पड़ कर माफी मांग रहा हैं, कोई मास्क और सैनिटाइजर बांट रहा हैं, इन हथकंडो के सहारे वोट जुटाने की जुगत में लग गए हैं। भागवत कथा, यज्ञ और भंडारे में लोगों को खास तवज्जो मिल रही है। कोई खिचड़ी बंटवा रहा, तो कोई दाल-बाफले की पार्टी दे रहा है। इतना ही नहीं साड़ी बंटवाने से लेकर धार्मिक यात्राएं के वादे भी किए जा रहे है। उपचुनाव में जबर्दस्त घमासान की उम्मीद है।
एक नेता जी ने लोगों के लिए प्रसाद से लेकर साबूदाने की खिचड़ी तक की व्यवस्था की है।
पर नेताजी कोरोना की बीमारी को भूल गए हैं, सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाई जा रही है नेताजी के साथ उनके चमचों का हुजूम चल रहा है, जिनको रोज़ के ₹500 मिलते हैं, ना नेताजी के चेहरे पर मास्क होता है और ना ही उनके चमचों के।
वहीं आम जनता अगर गलती से बगैर मास्क के बाहर निकलती है, तो उनके ऊपर चालानी कार्रवाई की जाती है, रात 8:00 बजे पुलिस की गाड़ियों के सायरन बजना शुरू हो जाते हैं, छोटी-छोटी दुकानों से लेकर रोज़ कमाने खाने वाले ठेले वालों की जबरन दुकानें बंद करवाते हैं और ठेले हटवाते हैं, कोरोना का डर दिखाते हैं। ऐसा लगता है रात 8:00 बजे के बाद ही कोरोना वायरस के कीटाणु सक्रिय हो जाते हैं, इसीलिए पुलिस प्रशासन 8:00 बजे से पहले दुकानें बंद करवाना शुरू कर देते है, जितनी सख्ती आम लोगों के साथ और गरीब व्यापारियों के साथ होती है, उतनी सख्ती उप चुनाव के समय नेताओं के साथ हो तो माने के इंसाफ सबके लिए बराबर है ।

उपचुनाव में हमने देखा,
एक नेता जैसा आदमी ।
एक गरीब के पैर पर पड़ा
था, मुझे आश्चर्य हुआ
पता चला वह,
चुनाव में खड़ा था।। *जय हिंद जय भारत* *डॉ जाकिर शेख सब एडिटर मध्य प्रदेश*

नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह का बयान


चावल पर हो रही राजनीती को लेकर कहा

चावल वाला विषय है उसमें माननीय मुख्यमंत्री ने बहुत ही सख्त कार्रवाई की है मिलर के खिलाफ f.i.r. हुई है। पूरी जांच के आदेश दिए गए हैं। सरकार अपने स्तर पर जो भी कर सकती हैं वह सारी की सारी कार्रवाई सरकार के द्वारा की गई है। सरकार ने गंभीरता से पूरे विषय को लिया है और भी जो होगा उस पर आवश्यक कार्रवाई जरूर की जाएगी।

किसानों को खाद्य उपलब्ध करवाने को लेकर कहा

पिछली कांग्रेस सरकार ने 2-2 साल पुराना खाद बीज किसानों को उपलब्ध करवाया है। कांग्रेस के समय खाद को लेकर मसला होता था पूरे प्रदेश में नकली खाद बेचा जाता था नकली खाद न बिके इसलिए प्रधानमंत्री जी ने यूरिया कोटेड खाद्य शुरू की। जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है तभी से खाद को लेकर शासन की तरफ से कोई भी शिकायत नहीं आई है

कर्जमाफी पर कमलनाथ सरकार पर लगाया आरोप
कमलनाथ की सरकार ने कर्ज माफी के नाम पर को ऑपरेटिव सोसाइटी के ऊपर बोझ डाल दिया था। अगर माननीय मुख्यमंत्री शिवराज नहीं होते तो किसानों को खाद बीज मिलता ही नहीं इसलिए कांग्रेस को इस मामले में नैतिक रूप से बोलने का कोई अधिकार नहीं है।

नगरीय निकाय चुनाव पर कहा

अधिकांश स्थानों पर आरक्षण की प्रक्रिया चल रही है कोशिश हम लोगों की यही है कि दिसंबर जनवरी तक नगरीय निकाय के चुनाव संपन्न हो जाएं।

किसान आत्म हत्या पर कहा

किसान के बेटे ने कल बयान दिया है जिसका वीडियो सभी ने देखा होगा उसके बेटे ने कहा है की उसके पिता का स्वास्थ ठीक नहीं रहता था, उसका चार बार ऑपरेशन भी हो चुका है।वह परेशान रहते थे इसलिए उन्होंने आत्महत्या की है। फसल खराब होने के कारण उन्होंने आत्महत्या नहीं की है। किसान के बेटे ने स्वयं इस बात को कहा है। कांग्रेस जबरदस्ती इसे फसल से जोड़कर आत्महत्या बताना चाहती है मेरा यही कहना है राजनीति के अनेक मुद्दे हैं परंतु किसी की मौत पर राजनीति नहीं करना चाहिए।

आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस की तैयारियों को लेकर कहा

विपक्ष अपनी रचनात्मक भूमिका निभाएं हम स्वागत करते हैं। विरोधी सवाल करेंगे सरकार पूरा जवाब देगी सिर्फ आरोप ही लगाना है यह नहीं होना चाहिए सरकार पूरी तरह जवाब देने को तैयार है।

अवैध कब्ज़ों पर कहा

जहां पर भी कब्जे की शिकायत होती है वहां पर नगरीय निकाय संबंधित विभाग कार्यवाही करता है।

गौशाला पर कहा

गोशाला के लिए कांग्रेस ने कोई काम नही किया है। सिर्फ अखबार बाजी की है। जो मनरेगा का पैसा भारत सरकार से आता है उस मनरेगा के पैसे से एक ब्लॉक में एक गौशाला का प्रस्ताव केंद्र सरकार की तरफ से था चुनाव के समय कांग्रेस ने कहा था कि हम हर ग्राम पंचायत में गौशाला खोलेंगे। कांग्रेस वादे से अलग हो गई। भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश में देश की सबसे बड़ी गौशाला बनाई है। मध्यप्रदेश में गोकशी ना हो इसको लेकर भी हमने सख्त कानून मध्य प्रदेश में बनाया था पिछले 16 साल में मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा गोकशी कांग्रेस के समय में हुई है इसलिए यह नाटक करना कांग्रेस बंद करें क्योंकि जनता यह जानती है कि गो का संरक्षक कौन है।

मेट्रो प्रोजेक्ट पर कहा

अब मेट्रो प्रोजेक्ट में भारत सरकार के चेयरमैन होंगे 5 प्रतिनिधि भारत सरकार के तथा पांच राज्य सरकार के होंगे। एम.डी. राज्य सरकार की ओर से होंगे। इसमें सब टेक्निकल एक्सपर्ट ज्यादातर होंगे। इसलिए माननीय मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा है की यह काम तेजी से आगे बढ़े तथा अगस्त 2023 तक भोपाल और इंदौर में मेट्रो शुरू हो जाएगी।

स्मार्ट सिटी पर कहा

स्मार्ट सिटी की योजना माननीय प्रधानमंत्री मोदी ने देश में प्रारंभ की है। कांग्रेस के समय ऐसी कोई योजना होती ही नहीं थी मध्य प्रदेश के सात शहरों को स्मार्ट सिटी के लिए चयन किया उन सभी शहरों में तेजी से काम भारतीय जनता पार्टी चलवा रही है कांग्रेस की सरकार में स्मार्ट सिटी के काम बंद कर दिए गए थे। स्मार्ट सिटी का पैसा दूसरी जगह ट्रांसफर किया गया था। इस कारण से मध्यप्रदेश में स्मार्ट सिटी के काम प्रभावित हुए अब हम लोग तेजी से काम कर रहे हैं।

नसरुल्लागंज में जिला स्तरीय अस्पताल की मांग 15 साल में स्वास्थ्य के क्षेत्र सिर्फ कागजों पर कार्यवाही


Multapi samachar

खबर मुख्यमंत्री शिवराज के गृह क्षेत्र बुधनी से है जहां अस्पताल आंदोलन तेज़ हो रहा है…..
अस्पताल आंदोलन के नेता विमलेश आरबी पिछले 5 साल से नसरुल्लागंज में जिला स्तरीय अस्पताल की मांग उठा रहे हैं….
विमलेश आरबी ने बताया कि बुधनी विधानसभा में हर साल हजारों लोग समय पर इलाज नहीं मिलने से अपनी जान गवा देते हैं….लेकिन अभी तक न तो पर्याप्त एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है न ही कोई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल बनाया गया है……
विमलेश आरबी ने यह भी बताया कि बुधनी, रेहटी ,नसरूल्लागंज , लाडकुई क्षेत्र में अगर मामूली एक्सिडेंट भी हो जाता है तो इलाज़ 100 km दूर भोपाल या सीहोर ले जाकर कराना पड़ता है जिससे कई बार रास्ते में ही मरीज की मौत हो जाती है।
आपको बता दें कि विमलेश आरबी सरकार को अस्पताल बनाने के लिए 3 एकड़ जमीन दान देने का प्रस्ताव भी रख चुके हैं जिससे क्षेत्र को एक अच्छा अस्पताल मिल सके।
मुख्यमंत्री शिवराज के गृह क्षेत्र में अस्पताल की मांग को लेकर आंदोलन यह बताता है कि मुख्यमंत्री ने 15 साल में स्वास्थ्य के क्षेत्र सिर्फ कागजों पर काम किया है।

MP सरकार का आदेश- बसें चलाओ, बस मालिक- पहले टैक्स माफ हो


Bus in Madhya Pradesh : सरकार ने कहा- बसें चलाओ, ऑपरेटर बोले- पहले टैक्स माफ हो
Bus transportation in Madhya Pradesh : सरकार ने 50 फीसद यात्री संख्या के साथ बसें चलाने के निर्देश दिए हैं।

Bus transportation in Madhya Pradesh

BUS IN MADHYA PRADESH

Multapi Samachar

भोपाल । बस ऑपरेटर और सरकार के बीच चल रही खींचतान के बावजूद भोपाल समेत प्रदेशभर में यात्री बस सेवा चालू नहीं हो पाई है। ये बसें मंगलवार से सड़कों पर उतरनी थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब आम यात्री परेशान हैं। बुधवार से भी बस सेवा चालू होना संभव नहीं है। दरअसल, सरकार ने 50 फीसद यात्री संख्या के साथ बसें चलाने के निर्देश दिए हैं। इस पर बस ऑपरेटरों का कहना है कि उन्हें पहले ही करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। बसें चलाईं तो आगे और अधिक नुकसान होगा। इसलिए सरकार पहले अप्रैल से जून तक का परमिट टैक्स माफ करे, साथ ही जुलाई से अक्टूबर तक की टैक्स माफी का आश्वासन दे। इसके अलावा यात्रियों की आधी संख्या के साथ बसें चलाने पर होने वाले नुकसान की भरपाई (प्रति बस के हिसाब से 5 हजार रुपये) अदा करे। ये तीन मांगें पूरी होने के बाद ही बसें चलाएंगे। बता दें कि बस ऑपरेटर पूर्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर परिवहन विभाग के अधिकारियों तक से मुलाकात कर चुके हैं। कोई हल नहीं निकला है, इसलिए वे बसें चलाने के लिए तैयार नहीं हैं। प्रदेश में लॉकडाउन के बाद से ही बसें बंद हैं।

हर महीने 65 करोड़ रुपये परमिट टैक्स देते थे

बस ऑपरेटरों का कहना है कि प्रदेश में 35 हजार बसें हैं। बस मालिक हर महीने 65 करोड़ रुपये टैक्स चुकाते हैं, जो कि लॉकडाउन की वजह से नहीं चुका पाए हैं। अप्रैल से जून के बीच तीन माह का टैक्स माफ करने की फाइल सरकार के पास लंबित है, जिस पर निर्णय नहीं होने से ऑपरेटर ज्यादा नाराज हैं।

कोरोना योद्घा में शामिल करने पर अड़े

इधर बस ड्राइवर, कंडक्टर व अन्य कर्मचारियों का कहना है कि बसें चलाईं तो कई तरह के यात्री बैठेंगे। संक्रमित यात्री बस में बैठ गए तो कोरोना संक्रमण से मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इसलिए सरकार उन्हें कोरोना कल्याण योजना में शामिल करे, तब वे बसों पर सेवाएं दे सकेंगे।

शहर में सिटी बसें चलाने पर भी निर्णय नहीं

भोपाल में सिटी बसों का संचालन कब से होगा, यह भी मंगलवार शाम तक तय नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ स्तर से किसी तरह की कोई गाइडलाइन नहीं मिली है, इसलिए हमारी तरफ से बसें नहीं चला सकेंगे। जब गाइडलाइन आएगी, तब बसों का संचालन करेंगे। वैसे बसें चलाने के लिए तैयारी कर रहे हैं।

आरटीओ दफ्तर में शुरू हुईं तैयारियां

इधर, आरटीओ दफ्तर में मंगलवार को कामकाज तो कुछ नहीं हुआ, लेकिन तैयारियां जरूर चालू हो गईं। अधिकारियों का कहना है कि 50 फीसद उपस्थिति के साथ कार्यालय में कामकाज कराना है, इसलिए उसी हिसाब से व्यवस्थाएं कर रहे हैं। जल्दी ही काम भी चालू करेंगे।

जब तक सरकार मांगें नहीं मान लेती, तब तक बसें नहीं चलाएंगे। इस पर प्रदेश के सभी बस ऑपरेटरों की सहमति बन चुकी है। सभी को नुकसान हुआ है। सरकार को इसकी भरपाई करनी चाहिए, लेकिन कोई रियायत अभी तक नहीं मिली है। – गोविंद शर्मा, अध्यक्ष प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन मप्र