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तिल तिल मरते लोग, तड़पते लोग, फिर भी नहीं डरते लोग


यह है मध्य प्रदेश की जनता सब कुछ जानने लगी है

एक कदम सतर्कता एवं स्वच्छता की ओर

साथ ही पहचानने लगी है आए देखें चुनावी दंगल

मुलतापी समाचार

देर से ही सही समझ में आ रहा है जन मानस के

कोरोना ने छीनी हमारी खुशियां रोज़गार और तोड़े हमारे सपने।
मौत के आंकड़े धीरे-धीरे बढ़ते जा रहे, सौ से पहुंचे हज़ार और हज़ार से लाख में, यह सिलसिला बदस्तूर अब भी जारी है।आश्चर्य इस बात का है, जब लॉक डाउन की जरूरत नहीं थी तब सरकार ने लॉक डाउन लगाएं। 25 मार्च 2020 को भारत में केवल 571 कोरोना के मामले सामने आए थे, सरकार ने ताबड़तोड़ तरीके से पूरे भारत में एक साथ लॉकडाउन लगा दिया था, आज की स्थिति यह है, रोज़ तकरीबन 50 हज़ार से 60 हज़ार मामले दर्ज हो रहे हैं, कोरोना वायरस के कारण एक लाख नौ हज़ार लोगों ने अपनी जान‌ गवाई।
कोरोना वायरस संक्रमण ने पूरे भारत को अपनी चपेट में ले चुका है। हर रोज़ मौत के आंकड़े सैकड़ों की संख्या में बढ़ते जा रहे हैं, हज़ारों की संख्या में संक्रमितों के। इन सबके बीच उम्मीद की बात सिर्फ़ इतनी है कि बहुत से मामलों में लोग ठीक भी हुए हैं।
कोरोना वायरस से संक्रमित हर शख़्स का एक अलग अनुभव है, कुछ में इसके बेहद सामान्य या फिर यूं कहें कि बेहद कम लक्षण नज़र आते है, तो कुछ में यह काफी गंभीर, कुछ तो ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें लक्षण वो थे ही नहीं जिनके बारे में स्वास्थ्य विभाग सचेत करता रहा है, लेकिन एक बार ये पता चल जाए कि आप संक्रमित हैं, तो अस्पताल जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता है।
पर चुनाव के समय हमारे नेताओं को इन सब बातों से कोई लेना-देना नहीं, उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना कोरोना से हमें कोई लेना देना नहीं।
कोरोना वायरस के बीच देश में पहला चुनाव और उप चुनाव होने जा रहा है, महामारी के बीच चुनाव आयोग की सबसे बड़ी चिंता यही थी कि चुनाव टाले जाएं या नहीं, महामारी में बड़े उतार-चढ़ाव दिख रहे है, फिर भी चुनाव की तारीख घोषित कर दी गई। मघ्य प्रदेश में उपचुनाव के दौरान सरकार ने नया फरमान जारी कर दिया पहले केवल 100 लोग चुनावी सभा में शामिल हो सकते थे, अब नए फरमान के अनुसार जितने लोग चाहें वह चुनावी रैलियों में जा सकते हैं, नेता जी के भाषण पर खूब तालियां बजा सकते हैं, बस सामाजिक दूरी का ध्यान रखना होगा। जब हमारे नेता सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं रखते, तो आम जनता से क्या उम्मीद लगा सकते हैं। इसके बावजूद मध्य प्रदेश के नेता उप चुनाव की तैयारियों में लग गए हैं, सामाजिक दूरी का मखौल उड़ाते नेता, फिर से नेताओं की नौटंकी शुरू हो गई, लोगों को रिझाने के लिए नोट बाटे जा रहे हैं, लोगों के पैर छू छू कर वोटों की भीख मांग रहे हैं नेता। ऐसा लगता है,इन नेताओं से कोरोना वायरस डरता है, नेताओं के चेहरे से मास्क गायब, मास्क नहीं लगाने की मजबूरी नेताजी बड़े भोले अंदाज में बताते हैं, अगर जनता चेहरा नहीं देखेगी तो वोट कैसे देगी। नेताजी भूल गए कोरोना वायरस को।
गरीब जनता को खूब गले लगा रहे हैं, गरीबो के बच्चों को गोद में लेकर उनके गालों को चूम रहे हैं, बच्चे की बहती नाक अपने रुमाल से पोछ कर अपना प्यार जनता पर लुटा रहे हैं। चुनाव हारने का डर नेताजी से ज्यादा उनकी पत्नी यानि मेमसाब को है, मेम साहब की रातों की नींद उड़ गई है, रात में बुरे बुरे सपने आते हैं, कि नेताजी चुनाव हार गए हैं, मेम साहब के ऐशो आराम खत्म हो गए हैं , मेम साहब की एक आवाज़ पर नौकर और नेताजी के चमचे दौड़कर मेमसाब की सेवा में लग जाते हैं, मेम साहब की एक आवाज़ पर चार चार गाड़ियां खड़ी हो जाती है, मेम साहब को रात में नेताजी के साथ नोट गिनने की मशीन पर नोट गिनने में बहुत मजा आता है, अगर नेताजी चुनाव हार जाएंगे, तो यह सब ऐशो आराम खत्म, इसलिए यह सब नौटंकी चुनाव के समय गरीब जनता के सामने की जाती है। यह प्यार केवल चुनाव जीतने तक सीमित रहता है। चुनाव जीतने के बाद नेताजी को गरीब जनता से एलर्जी हो जाती है, जब जनता नेताजी के पास पंहुचती है, तो नेता जी पहचान ने से इनकार कर देते हैं।
प्रदेश में उप चुनाव को लेकर नेताजी, लोगों को जोड़ने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं । कोई नोट बांट रहा हैं, कोई जनता के पैर पड़ कर माफी मांग रहा हैं, कोई मास्क और सैनिटाइजर बांट रहा हैं, इन हथकंडो के सहारे वोट जुटाने की जुगत में लग गए हैं। भागवत कथा, यज्ञ और भंडारे में लोगों को खास तवज्जो मिल रही है। कोई खिचड़ी बंटवा रहा, तो कोई दाल-बाफले की पार्टी दे रहा है। इतना ही नहीं साड़ी बंटवाने से लेकर धार्मिक यात्राएं के वादे भी किए जा रहे है। उपचुनाव में जबर्दस्त घमासान की उम्मीद है।
एक नेता जी ने लोगों के लिए प्रसाद से लेकर साबूदाने की खिचड़ी तक की व्यवस्था की है।
पर नेताजी कोरोना की बीमारी को भूल गए हैं, सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाई जा रही है नेताजी के साथ उनके चमचों का हुजूम चल रहा है, जिनको रोज़ के ₹500 मिलते हैं, ना नेताजी के चेहरे पर मास्क होता है और ना ही उनके चमचों के।
वहीं आम जनता अगर गलती से बगैर मास्क के बाहर निकलती है, तो उनके ऊपर चालानी कार्रवाई की जाती है, रात 8:00 बजे पुलिस की गाड़ियों के सायरन बजना शुरू हो जाते हैं, छोटी-छोटी दुकानों से लेकर रोज़ कमाने खाने वाले ठेले वालों की जबरन दुकानें बंद करवाते हैं और ठेले हटवाते हैं, कोरोना का डर दिखाते हैं। ऐसा लगता है रात 8:00 बजे के बाद ही कोरोना वायरस के कीटाणु सक्रिय हो जाते हैं, इसीलिए पुलिस प्रशासन 8:00 बजे से पहले दुकानें बंद करवाना शुरू कर देते है, जितनी सख्ती आम लोगों के साथ और गरीब व्यापारियों के साथ होती है, उतनी सख्ती उप चुनाव के समय नेताओं के साथ हो तो माने के इंसाफ सबके लिए बराबर है ।

उपचुनाव में हमने देखा,
एक नेता जैसा आदमी ।
एक गरीब के पैर पर पड़ा
था, मुझे आश्चर्य हुआ
पता चला वह,
चुनाव में खड़ा था।। *जय हिंद जय भारत* *डॉ जाकिर शेख सब एडिटर मध्य प्रदेश*

नसरुल्लागंज में जिला स्तरीय अस्पताल की मांग 15 साल में स्वास्थ्य के क्षेत्र सिर्फ कागजों पर कार्यवाही


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खबर मुख्यमंत्री शिवराज के गृह क्षेत्र बुधनी से है जहां अस्पताल आंदोलन तेज़ हो रहा है…..
अस्पताल आंदोलन के नेता विमलेश आरबी पिछले 5 साल से नसरुल्लागंज में जिला स्तरीय अस्पताल की मांग उठा रहे हैं….
विमलेश आरबी ने बताया कि बुधनी विधानसभा में हर साल हजारों लोग समय पर इलाज नहीं मिलने से अपनी जान गवा देते हैं….लेकिन अभी तक न तो पर्याप्त एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है न ही कोई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल बनाया गया है……
विमलेश आरबी ने यह भी बताया कि बुधनी, रेहटी ,नसरूल्लागंज , लाडकुई क्षेत्र में अगर मामूली एक्सिडेंट भी हो जाता है तो इलाज़ 100 km दूर भोपाल या सीहोर ले जाकर कराना पड़ता है जिससे कई बार रास्ते में ही मरीज की मौत हो जाती है।
आपको बता दें कि विमलेश आरबी सरकार को अस्पताल बनाने के लिए 3 एकड़ जमीन दान देने का प्रस्ताव भी रख चुके हैं जिससे क्षेत्र को एक अच्छा अस्पताल मिल सके।
मुख्यमंत्री शिवराज के गृह क्षेत्र में अस्पताल की मांग को लेकर आंदोलन यह बताता है कि मुख्यमंत्री ने 15 साल में स्वास्थ्य के क्षेत्र सिर्फ कागजों पर काम किया है।

MP CM शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव, कहा मुझसे संपर्क मेेंं आये लोग कोरोना टेस्‍ट जरूर करायें


लिखा- मैंने बचने का हर संभव प्रयास किया

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान लखनउ से आने के बाद बैठक करते हुए बैैठक में बैतूल जिले के सांसद डीडी उइके जी,आमला क्षेत्र के विधायक पंडागरे जी, बैतूल पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल एवंं मुलताई राजा पवार उपस्थि‍त हुए थे।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, COVID-19 का समय पर इलाज होता है तो व्यक्ति बिल्कुल ठीक हो जाता है. मैं 25 मार्च से प्रत्येक शाम को कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा बैठक करता रहा हूं. मैं यथासंभव अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोरोना की समीक्षा करने का प्रयास करूंगा.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मेरी अनुपस्थिति में अब यह बैठक गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, नगरी विकास एवं प्रशासन मंत्री, भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री, विश्वास सारंग और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पीआर चौधरी करेंगे. मैं खुद भी इलाज के दौरान प्रदेश में COVID-19 नियंत्रण के हरसंभव प्रयास करता रहूंगा.

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने शिवराज सिंह चौहान के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. कमलनाथ ने एक ट्वी में लिखा, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के अस्वस्थ होने की जानकारी मिली. ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.

बता दें, मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण में तेजी देखी जा रही है. खासकर भोपाल में हालात चिंताजनक हैं. इसे देखते हुए राजधानी भोपाल में 24 जुलाई की रात से लॉकडाउन लगाया गया है. सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक लॉकडाउन शुक्रवार रात 8 बजे से शुरू होकर 4 अगस्त की सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा. इसमें जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी.

मुलतापी समाचार

भोपाल में 10 दिन का लॉक डाउन बड़ाा 24 जुलाई से


Lock Down in Bhopal

भोपाल। राजधानी में बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए 24 जुलाई से दस दिन का पूर्ण लाॅक डाउन लगाया जा रहा है। गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया कि रात आठ बजे से लॉक डाउन लागू कर दिया जाएगा।

कोरोना को लेकर हुई समीक्षा बैठक के बाद तय किया गया है कि भोपाल में 24 जुलाई से 10 दिनों के लिए पूरी तरह लॉक डाउन रहेगा। इस दौरान न तो कोई भोपाल में प्रवेश कर पाएगा और ना ही यहां से बाहर जा सकेगा। दवा, दूध, सब्जी और सरकारी राशन की दुकान खुली रहेंगी। आने-जाने के लिए पहले की तरह ही पास जारी होंगे।

नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सभी सरकारी राशन दुकान संचालकों को कहा गया है कि वे गरीबों को जुलाई माह का राशन दो दिन के भीतर वितरित कर दें। उद्योग और सरकारी दफ्तर खुलेंगे। सरकारी दफ्तरों में सिर्फ चुनिंदा स्टाफ को ही आने की अनुमति होगी।

आगामी मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही होगी। डॉ मिश्रा ने बताया कि रक्षाबंधन का त्यौहार आ रहा है ऐसे में बहनें त्योहार को दूरी से मनाने का मध्य मार्ग देखें। प्रदेश में कल 747 कोरोना पॉजिटिव प्रकरण सामने आए थे। वहीं, पांच सौ अस्सी स्वस्थ होकर घर लौटे स्वस्थ होने की दर 67 फीसद हुई है। वहीं, मृत्यु दर में भी सुधार हुआ है। यह अब 3.8 फीसद है। गृहमंत्री ने कहा सभी से आग्रह है कि सभी लोग 10 दिन का राशन लेकर रख लें।

उल्‍लेखनीय है कि राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण थम नहीं रहा है। बुधवार को भोपाल में 116 पॉजिटिव मरीजों के मिलने की पुष्टि हुई है। वहीं बुधवार को ही 54 मरीज कोरोना से ठीक होकर घर भी लौटे हैं।

इससे पहले पुराने शहर के प्रमुख बाजारों में बुधवार से पांच दिन तक (26 जुलाई) तक लॉकडाउन का निर्णय लिया गया था। बीते सात दिन में यहां 46 से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इस कारण जिला प्रशासन ने व्यापारी संघों के साथ बैठक लेकर कोतवाली, मंगलवार व हनुमानगढ़ थाना क्षेत्र के बाजारों में लॉकडाउन रखने का निर्णय लिया था। हालांकि, कई व्यापारिक संघ लॉकडाउन को लेकर गुस्से में थे। उनका कहना है कि कोरोना का संक्रमण राजधानी में सभी जगह है। ऐसे में सिर्फ पुराने शहर के बाजार बंद रखना उचित नहीं है। लॉकडाउन हो तो सभी बाजारों में लागू किया जाए।

मध्‍यप्रदेश Lalji Tandon in Memories : सत्ता परिवर्तन के बावजूद बेदाग रही लालजी टंडन की छवि


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Lalji Tandon in Memories : राज्यपाल लालजी टंडन ने जनता के लिए खोल दिए थे राजभवन के दरवाजे, लोकतंत्र के चारों स्तंभ से शुरू किया खुला संवाद।

Lalji Tandon in Memories : भोपाल, नवदुनिया। मध्य प्रदेश की स्थापना के बाद यहां की विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया और सामान्य नागरिक 28 राज्यपालों की कार्यशैली देख चुके हैं, सभी की अपनी-अपनी खूबियां रहीं। लेकिन लाल जी टंडन ने मात्र 11 महीने के कार्यकाल में ही राजभवन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। उनके लंबे सियासी अनुभव, स्वभाव की सरलता और कामकाज की पारदर्शिता ने सभी को प्रभावित किया। यही वजह रही कि मध्य प्रदेश में सियासी संग्राम के बाद, 22 विधायकों का इस्तीफा और कमल नाथ सरकार का पतन भी हुआ लेकिन राज्यपाल के रूप में टंडन की भूमिका बेदाग और निर्विवाद बनी रही।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से उनके दशकों पुराने रिश्ते हैं लेकिन सरकार गिरने के बाद भी दोनों के संबंधों में कोई अंतर नहीं आया। कमल नाथ सहित अन्य नेताओं ने उनकी कार्यशैली की कई अवसर पर तारीफ भी की। मध्य प्रदेश में हुए सत्ता पलट और सियासी उथल-पुथल के दौरान इस संवेदनशील मामले में भी उन्होंने पूरी पारदर्शिता रखी। संविधान और विधि विशेषज्ञों की राय के साथ अपने लंबे अनुभव के आधार पर न्याय संगत फैसले लिए। राज्यपाल की कुर्सी संभालते ही टंडन ने कमल नाथ सरकार के साथ रिश्तों को गरिमामय ऊंचाइयां देते हुए नई ऊर्जा का अहसास करा दिया। इतना ही नहीं तकरार के मुद्दों को भी पूरी गंभीरता से ‘डील’ कर उनका न सिर्फ सुखांत किया और नया मैसेज भी दे दिया। यह कहने से भी नहीं चूके कि ‘मैं कोई रबर स्टैंप नहीं, वीटो पॉवर भी मेरे पास है।’

https://multapisamachar.com/2020/07/21/mp-governor-lal-g-tandon-dies-in-lucknow-three-days-state-mourning-in-uttar-pradesh/

फैसलों पर नहीं उठी उंगली

उनके कामकाज पर उम्र का असर कभी नजर नहीं आया, जब सियासी संग्राम जोरों पर था तब राजभवन में रतजगा की स्थिति बनी रही। भोर होने तक सचिवालय में विधि विशेषज्ञों और अधिकारियों से राय मशविरा कर उन्होंने फैसले लिए। देश में ऐसे सत्ता परिवर्तन कई राज्यों में हुए लेकिन अमूमन राज्यपाल की भूमिका को लेकर खूब सवाल उठे और आरोप भी लगे लेकिन टंडन की कार्यशैली इसका अपवाद रही। उनके निर्णयों पर कोई उंगली नहीं उठा सका। सही मायने में उन्होंने अपनी संविधान संरक्षक की भूमिका को सर्वोपरि रखा। नियम-परंपराओं पर जोर नवदुनिया से हुई विशेष बातचीत में भी राज्यपाल टंडन ने इस बात पर जोर दिया था कि नियमों और परंपराओं का पालन होना चाहिए। प्रदेश में सियासी उथल-पुथल जब चरम पर थी, संख्या बल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने दावे-प्रतिदावे थे ऐसे नाजुक समय में भी उन्होंने सरकार के आमंत्रण पर विधानसभा जाकर अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान भी वह पक्ष-विपक्ष को संविधान और नियम-परंपराओं के पालन की नसीहत देना भी नहीं भूले।

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MP राज्‍यपाल लाल जी टंडन का लखनऊ में निधन, उत्तर प्रदेश में तीन दिवस का राजकीय शोक


Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon : मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया।

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Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon : लखनऊ, भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में सुबह 5.35 बजे निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और उन्हें 11 जून को स्वास्थ खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, तभी से वे अस्पताल में भर्ती थे। उनका पार्थिव शरीर त्रिलोकनाथ रोड स्थित सरकारी बंगले पर जाएगा। दोपहर 12 बजे पार्थिव शरीर को चौक स्थित आवास सोंधी टोला ले जाया जाएगा। शाम 4:30 बजे गोमती तट गुलाला घाट पर लालजी टंडन को अंतिम विदाई दी जाएगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सीए शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम शिवराज सिंह चौहान आज लालजी टंडन को श्रद्धांजलि अर्पित करने लखनऊ जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लालजी टंडन के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि देश ने एक लोकप्रिय जन नेता, योग्य प्रशासक एवं प्रखर समाज सेवी को खोया है, वो लखनऊ के प्राण थे।उन्होंने लालजी टंडन के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक की घोषणा की है।

जांच के दौरान सामने आई थी लिवर में परेशानी

जानकारी के मुताबिक 11 जून को बुखार होने पर परिजनों ने उन्हें लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। शुरुआती पड़ताल में डॉक्टरों को पेशाब में संक्रमण का पता चलने पर इलाज शुरू किया। जांच के दौरान राज्यपाल के लिवर में दिक्कत पाए जाने पर सीटी गाइडेड प्रोसीजर किया गया। इस दौरान पेट में रक्त का स्राव बढ़ गया, जिसके चलते उनका इमरजेंसी में ऑपरेशन किया गया था।

हाल ही में उनके किडनी के साथ-साथ लिवर का फंक्शन भी गड़बड़ा गया था। उनका इलाज आइसीयू में चल रहा था। 13 जून को उनका ऑपरेशन किया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। बीच में दो दिन बाई-पैप मशीन पर रहे। हालत में सुधार न होता देख दोबारा वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर के मुताबिक लालजी टंडन का किडनी फंक्शन पहले से गड़बड़ा गया था। ऐसे में डायलिसिस करनी पड़ रही थी। वहीं, अब लिवर का फंक्शन भी गड़बड़ हो गया था।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दी श्रद्धांजलि

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहा ने राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्रद्धेय श्री लालजी टंडन के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। टंडन जी का मार्गदर्शन हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक मिला। उन्होंने जनता और राष्ट्र की सेवा का एक अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए अपनी नीतियों से उत्तर प्रदेश भाजपा को भी सशक्त किया। मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहते हुए टंडनजी ने हमें सदैव सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र के प्रति उनके प्रेम और प्रगति हेतु योगदान को चिरकाल तक याद रखा जाएगा। आत्मा अजर-अमर है। वे आज हमारे बीच नहीं हैं परंतु अपने सुविचारों द्वारा वे हमारी स्मृतियों में सदैव जीवित रहेंगे। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोकाकुल परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करें।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी लालजी टंडन को श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा, भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री लालजी टंडन जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं। टंडन जी का पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उन्होंने उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक जनसेवक के रूप में श्री लालजी टंडन जी ने भारतीय राजनीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। उनका निधन देश और भाजपा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। ॐ शांति शांति शांति।

मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने ट्वीट कर लिखा, मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल आदरणीय लालजी टंडन जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दे।

मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता अरुण यादव ने राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री लालजी टण्डन जी के निधन का समाचार दुःखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें एवं परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति दें..।

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सेंधवा में गुटखा पाउच से भरा ट्रक पकड़ाया


सेंधवा में पुलिस ने गुटखा पाउच से भरा एक ट्रक पकड़ा है। उधर नीमच में 8 नए कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज मिले हैं। मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के 2817 सक्रिय केस हैं। अभी तक 7377 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और इससे 447 लोगों की मौत हो चुकी है। मध्य प्रदेश में अब तक कुल 10,614 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं।

सेंधवा में गुटखा पाउच से भरा ट्रक पकड़ाया

सेंधवा में गुटखा पाउच से भरा एक ट्रक पकड़ाया है। जानकारी के मुताबिक ट्रक कर्नाटक से बड़वानी जा रहा था। ग्रामीण थाना पुलिस ने ट्रक को पकड़ा और दस्तावेज की जांच की। जानकारी के मुताबिक ट्रक से सेंधवा में 60 बोरी खाली की गई इसके बाद यह माल खाली करने बड़वानी की ओर जा रहा था।

101 मीटर की चुनरी से करेंगे मां ताप्ती का श्रृंगार


बैतूल। हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में कोरोना महामारी के नाश के लिए कोलगांव ताप्ती घाट पर 27 जून को ताप्ती जन्मोत्सव के अवसर पर 101 मीटर की चुनरी से मां ताप्ती का श्रृंगार किया जाएगा। समिति अध्यक्ष रश्मि रमेश गुगनानी ने बताया कि इस अवसर पर मां ताप्ती का विधि विधान से पूजन कर दुग्ध अभिषेक किया जाएगा। समाजसेवी रमेश गुगनानी ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के समूल नाश के लिए मां ताप्ती से प्रार्थना भी समिति के लोग करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 9 बजे से प्रारंभ किया जाएगा।

MP – गाँवों के विकास एवं कोरोना रोकथाम के लिए दी गई 1830 करोड़ रूपए की राशि


मुख्यमंत्री श्री चौहान नेपवीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सरपंचों से की चर्चा

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के लगभग 6 हजार सरपंचों/पूर्व सरपंचों को संबोधित किया। उन्होंने वीसी से जुड़े उपस्थित सरपंचों/पूर्व सरपंचों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने सरपंचों से पंच-परमेश्वर योजना, मनरेगा के कायों, श्रम सिद्धि अभियान, रोजगार सेतु पोर्टल पर पंजीयन, गौशाला निर्माण, नि:शुल्क राशन वितरण तथा कोरोना की स्थिति के संबंध में चर्चा की।

वीसी में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमारा हिन्दुस्तान गाँवों में बसता है। गाँवों के विकास से ही देश एवं प्रदेश का विकास संभव है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के लिए पर्याप्त राशि पंचायतों को दी जा रही है। सरकार ने पंच-परमेश्वर योजना को दोबारा चालू किया है तथा 14वें वित्त आयोग की 1830 करोड़ 7 लाख रूपये की राशि पंचायतों को भिजवाई गई है। (1555 करोड़ रूपये अधोसंरचना विकास एवं पेयजल व्यवस्था के लिए तथा 275 करोड़ रूपये कोविड रोकथाम के लिए)। सरपंच इस राशि का समुचित उपयोग करें। कोरोना की रोकथाम के साथ ही अच्छी गुणवत्ता के स्थाई प्रकृति के विकास कार्य करवाएं। जल एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दें।

कोविड की रोकथाम के लिए 275 करोड़ रूपए

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना रोग शहरों से ही गाँवों में पहुंचा है। अभी मध्यप्रदेश के 440 गाँवों में 904 कोरोना के मरीज पाए गए है। सरकार ने कोविड की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त आयोग की 15 प्रतिशत राशि 275 करोड़ रूपए भिजवाई है। इसे मास्क, साफ सफाई, साबुन, सेनेटाइजर, पीपीई किट आदि पर खर्च किया जा सकता है। प्रदेश में कोरोना के मरीज तीव्र गति से स्वस्थ हो रहे हैं फिर भी पूरी सावधानी की आवश्यकता है। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सभी मास्क लगाएं, दो गज की दूरी रखें तथा अन्य सावधानियां बरतें।        

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का देसी नुस्खा बताया 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का देसी नुस्खा भी सरपंचों को बताया। उन्होंने बताया कि गिलोए को पानी में उबालें, एक कप में पाँच तुलसी के पत्ते, तीन काली मिर्ची तथा हल्दी डालकर उसका काढ़ा बनाकर पिएं। इसके साथ ही नियमित रूप से योगासन और प्राणायाम करें।

प्रत्येक ग्राम पंचायत को औसत 8 लाख रूपये की राशि

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि ग्राम पंचायतों को अधोसंरचना विकास, पेयजल संबंधी कार्य, संधारण कार्य आदि के लिए 14वें वित्त आयोग की 1555 करोड़ रूपये की राशि भिजवाई गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत को औसत 8 लाख रूपये की राशि प्राप्त हुई है।

1256 करोड़ की राशि मजदूरों के खातों में

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत 1256 करोड़ रूपये की राशि मजदूरों के खातों में पहुंचाई गई है। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 25 लाख 14 हजार मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार कार्य दिलाया जा रहा है। श्रमसिद्धि अभियान में भी 7.5 लाख से अधिक मजदूरों को जॉब कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। रोजगार सेतु पोर्टल पर 7 लाख 30 हजार प्रवासी श्रमिकों और इन्हीं श्रमिकों के 5 लाख 79 हजार परिवार के सदस्यों को मिलाकर कुल 13 लाख 10 हजार का पंजीयन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि वे देखें कि किसी भी स्थिति में मनरेगा के अंतर्गत मशीनों से कार्य न हो।

जीरो प्रतिशत ब्याज पर गत वर्ष के ऋण की अदायगी 30 जून तक

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण लेने की योजना पुन: प्रारंभ की है। गत वर्ष जिन किसानों ने जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण लिया था अब उनके लिए ऋण अदायगी की तिथि को बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने इन सरपंचों/पूर्व सरपंचों से चर्चा की

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीसी के माध्यम से जिला सूचना केंद्रों में उपस्थित सरपंच/उपसरपंच से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बालाघाट जिले की ग्राम पंचायत परासपानी की श्रीमती किरण चौधरी, मण्डला जिले की ग्राम पंचायत तिंदनी की श्रीमती संध्या, रतलाम जिले ग्राम पंचायत केलकच्छ के श्री मुकेश डोडियार, अलीराजपुर जिले की ग्राम पंचायत सन्दा के श्री श्यामसिंह बामनिया, अनूपपुर  जिले की ग्राम पंचायत सकरा की श्रीमती विमला सिंह, भिण्ड जिले की ग्राम पंचायत उझावल के श्री राममिलन यादव, दतिया जिले ग्राम पंचायत बिछोंदना के श्री पंकज पुजारी, सीहोर जिले की ग्राम पंचायत धुराडाकला के श्री राजाराम गोयल, टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत वौरी के श्री कीरत लोधी तथा बैतूल जिले की ग्राम पंचायत पावरझण्डा के श्री ईश्वर दास कुमार से चर्चा की।

ग्राम पंचायत विकास योजना को अपलोड करने में मध्यप्रदेश अव्वल

इस दौरान अपर मुख्य सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष 2020-21 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) बनाने एवं उसे भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड करने में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम है। प्रदेश की 22756 पंचायतों द्वारा योजना अपलोड कर दी गई है।

केंद्रीय राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल के अनूपपुर अल्पप्रवास का कार्यक्रम…


भारत सरकार पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रह्लाद सिंह पटेल के अनूपपुर अल्पप्रवास का कार्यक्रम (4-6 जून 2020)

Multapi samachar

अनूपपुर/ भारत सरकार पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रह्लाद सिंह पटेल 4 से 6 जून तक अनूपपुर के अल्पप्रवास में आएँगे जारी कार्यक्रम के अनुसार 4 जून शाम 6:45 पर श्री पटेल का अमरकंटक (अनूपपुर) आगमन एवं सर्किट हाउस अमरकंटक में रात्रि विश्राम होगा 5 जून प्रातः 7 से 8 बजे तक आप पुष्कर सरोवर रामघाट में श्रमदान अभियान में शामिल होंगे प्रातः 9:30 से 10 बजे धार्मिक आध्यात्मिक गुरुओं से चर्चा करेंगे प्रातः 10 से 11:30 बजे तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे इसके पश्चात् 11:30 बजे से स्मार्ट सिटी, सिंचाई एवं जल संसाधन पर्यटन आदि विषयों पर ज़िला प्रशासन एवं सम्बंधित अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे बैठक उपरांत श्री पटेल अन्य स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे रात्रि विश्राम अमरकंटक में रहेगा 6 जून को प्रातः 10 बजे आप अमरकंटक से जबलपुर के लिए प्रस्थान करेंगे…