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रक्षाबंधन पर बाहर से आ रहे व्यक्तियों की जाँच सुनिश्चित करायें कलेक्टर : मुख्यमंत्री श्री चौहान

कोरेंटाइन सेन्टरों की व्यवस्था पर निगरानी रखें

मुख्यमंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से की कोरोना की समीक्षा करने का ओदश्‍


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरेंटाइन सेन्टर्स पर भोजन, पानी तथा स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, जिससे यहाँ भर्ती लोगों को शिकायत का मौका न मिले। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बाहर से आनेवाले लोगों की स्क्रीनिंग की पुख्ता व्यवस्था सभी जिला कलेक्टर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस प्रकार की सतर्कता रखी जाये, जिससे किसी भी जिले में लॉकडाउन की स्थिति अब न बने। मुख्यमंत्री श्री चौहान रविवार को चिरायु अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे।

MP CM शिवराज सिंह की तीसरी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव, अस्पताल से नहीं होगी छुट्टी

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भोपाल। कोरोना  संक्रमण (Corona Infection) के चलते मुख्यमंत्री शिवराज (CM Shivraj) 25 जुलाई से भोपाल (Bhopal) के चिरायु अस्पताल (Chirayu Hospital) में भर्ती है। डॉक्टर्स (Doctors) के संरक्षण में उनका उपचार जारी है। लक्षण न दिखाने पर कल मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई थी कि आज रक्षाबंधन (Rakshabandhan) के दिन उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। उन्होंने कल अपनी तीसरी सैम्पल जांच के लिए दिए, लेकिन उनकी तीसरी रिपोर्ट (Third Samprk Report) भी पॉजिटिव आई है। ऐसे में उन्हें कुछ दिन और अपना उपचार अस्पताल में करवाना होगा। 

दरअसल कल अपने स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया था कि “आज अस्पताल में मेरा नौंवा दिन है। मैं स्वस्थ हूं, कोरोना का कोई लक्षण नहीं है। सुबह सैम्पल RT-PCR टेस्ट के लिए लिया गया है। रिपोर्ट निगेटिव आई तो कल अस्पताल से छुट्टी मिल जायेगी।” लेकिन उनकी तीसरी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस कारण उन्हें अभी कुछ दिन और अस्पताल में रहना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री के इससे पहले भी एक बार और सैम्पल लिए गए थे उसमे भी उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

बतादें कैबिनेट मंत्री अरविंद भदौरिया (Cabinet Minister Arvind Bhadoriya) के समपर्क में आने के बाद मुख्यमंत्री ने 24 जुलाई को एहतियात के तौर पर अपनी कोरोना की जांच करवाई थी। 25 जुलाई को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद उन्हें भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वें अस्पताल से ही अपने सारे काम कर रहें है और प्रदेश पर नज़र बनाए हुए है। वहीं मंत्रियों और अधिकारियों के साथ वें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लगातार संपर्क में भी है।

mp: Unlock-3 आज प्रदेश में 808 नए केस मिले, संक्रमितों का आंकड़ा 32,614 पर पहुंचा, भोपाल, इंदौर और जबलपुर, बैतूल में फिर कोरोना के पेसेंट बढें

ईद पर मस्जिदें सूनी रहीं

  • मुख्यमंत्री ने ईद की बधाई दी, बोले त्यौहार मनाएं, लेकिन कोरोना से सावधान रहें
  • भोपाल में 168 और इंदौर में 120 नए केस सामने आए, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा पॉजिटिव

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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की मस्जिदों में आज (शनिवार) पांच-पांच लोगों ने ही ईद की नमाज अदा की। मस्जिदें सूनी रहीं। लोगों ने घर पर ही ईद की नमाज अदा कर एक-दूसरे को फोन पर बधाई दीं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ईद उल अजहा पर प्रदेश के सभी मुस्लिम भाई-बहनों को मुबारकबाद दी। इधर, प्रदेश में कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। भोपाल में 168, जबलपुर में 125 और इंदौर में 120 नए केस मिले। यहां पर कल अपेक्षा नए केस बढ़ गए हैं। अब प्रदेश में इन दोनों के आंकड़े मिलने के बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा 32,614 पर पहुंच गया है। शनिवार देर रात जारी रिपोर्ट के बाद 808 नए केस सामने आए।

शिवराज ने ईद की बधाई देते हुए कहा- कोरोना से सावधान रहें
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा- ‘मेरे सभी मुस्लिम भाई-बहनों को ईद उल अज़हा की बहुत-बहुत मुबारकबाद। त्योहार सानंद मनाएं, लेकिन कोरोना से सावधान रहें। साफ-सफाई का ध्यान रखें और घरों में ही नमाज अता करें। बधाई, शुभकामनाएं।

यहां 10 से अधिक नए मामले आए

भोपाल में 168, इंदौर में 120, जबलपुर में 125, ग्वालियर में 52, बड़वानी में 40, नीमच में 30, खरगौन में 23, विदिशा में 20, राजगढ़ में 19, सीहोर में 18, शिवपुरी में 16, रतलाम में 15, खंडवा और उज्जैन में 13-13, सागर और कटनी में 11, दमोह और होशंगाबाद में 10-10 नए केस सामने आए।

कोरोना अपडेट्स…
भोपाल में फिर 168 नए केस आए
भोपाल में शुक्रवार को 166 संक्रमित मिले थे, जबकि शनिवार सुबह इनकी संख्या 168 हो गई है। राजधानी में 10 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन का आज 8वां दिन है, लेकिन कोरोना की रफ्तार कम होने की जगह बढ़ती जा रही है। अब यहां पर 6697 कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। अब तक संक्रमण से 181 लोगों की जान जा चुकी है।

इंदौर जिले में 120 मामले नए
इंदौर जिले में कोरोना संक्रमण के 120 नए मामले आए हैं। अब तक कुल 138076 जांच रिपोर्ट आ चुकी हैं। इनमें शुक्रवार को 1897 सैंपलों में से 120 कोरोना संक्रमित मिले। संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 7448 हो गई है। मृतकों की संख्या 312 हो गई है।

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी कोरोना संक्रमित निकले
कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद यहां चिरायु अस्पताल में भर्ती हो गए हैं। शर्मा ने कल देर रात ट्वीट के जरिए कहा कि वे कोरोना संक्रमित निकले हैं और अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। शर्मा ने उनके संपर्क में आए लोगों से जांच कराने का अनुरोध किया है। चिरायु अस्पताल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पिछले शनिवार से भर्ती हैं। इसके अलावा राज्य के मंत्री अरविंद भदौरिया, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत और अनेक विधायक कोरोना संक्रमण के चलते यहां अस्पताल में भर्ती हैं। राज्य के इंदौर निवासी मंत्री तुलसीराम सिलावट और एक अन्य मंत्री राम खेलावन भी कोरोना संक्रमण के शिकार होने के चलते इलाज करवा रहे हैं।

बैतूल में आज 11 की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव, संख्या पहुंची 248

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 11 लोगों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई है । जिससे जिले में अब 248 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। जिसमें से 64 केस एक्टिव है।

जिले के अन्य ब्लॉकों में कोरोना के मरीजो के मिलने से फिर मचा हड़कंप रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कोरोना के लगातार केस बढ़ने से लोगों में दहशत का माहौल है। जिले के शाहपुर के पतवापुर में 1 मरीज, बारहवीं में 1 मरीज , मुलताई के हेटी में 3 मरीज , आमला के रेलवे कॉलोनी में 3 मरीज, पाथाखेड़ा में 1, प्रभातपट्टन के हिवरखेड़ में 1, रानीपुर में 1 मरीज के मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। इन सभी मरीजो को मिलाकर आज जिले में कुल 11 मरीजो की रिपोर्ट पॉजिटिव है। जिन्हें 108 की सहायता से ब्लाकों में बने कोविड़ सेंटरों में भर्ती कराया जा रहा है साथ ही आज घोड़ाडोंगरी के कोविड़ सेंटर से कोरोना मुक्त होकर सोनी परिवार अपने घर पहुचा है एक ही परिवार के 3 लोग कोरोना से ग्रसित हुए थे। जो आज स्वस्थ होकर सुरक्षित अपने घर पहुचे है।

शिवपुरी में 16 नए पॉजिटिव मिले
शिवपुरी जिले में 16 नए पॉजिटिव मिलने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 303 तक पहुंच गई है। इसमें से 257 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं इस बीमारी से अब तक दो लोग जान गवां चुके हैं।

हरदा में सात नए मामले
हरदा जिले में 7 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। सक्रिय मरीजों की संख्या 29 तक पहुंच गयी। वहीं, अब तक 167 मरीज़ स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। 6 मरीजों की मृत्यु हो चुकी हैं।

नीमच में 30 नए मरीज मिले
नीमच में 30 व्यक्तियों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 736 हो गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार नए मामलों में से 15 व्यक्ति नीमच, 1 जावद, 1 ग्राम बावल,1 विशनया और अंबा का है। 11 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है।

सीहोर में कोरोना से एक महिला की मौत, 18 नए केस
सीहोर जिले में कोरोना से एक महिला की मौत हो गई, जिसके बाद इस बीमारी से जिले में मरने वालों की संख्या 10 तक पहुंच गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर सुधीर कुमार डेहरिया के अनुसार जिले के इछावर के दशहरा मैदान वार्ड नंबर 11 में रहने वाली एक महिला का 28 जुलाई को कोरोना संक्रमण का सैंपल लिया था। जिसकी पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। उसे जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गयी। जिले में अब तक कोरोना से 10 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। आज कुल 18 नए केस सामने आए।

MP Betul के जज की मौत का बडा खुलासा: फूड पॉइजनिंग से नहीं, जहर से हुई मौत, जादू टोना की बात सामने आने पर आटा देने वाली महिला को रीवा से किया अरेस्ट

बैतूल एडीजे की मौत फूड पॉइजनिंग से नहीं, जहर से हुई; तंत्र-मंत्र की बात सामने आने पर आटा देने वाली महिला को रीवा से किया अरेस्ट

मुलतापी समाचार

बैतूल अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेंद्र त्रिपाठी (नीली टी शर्ट में) अपने परिवार के साथ। त्रिपाठी के परिवार में दो बेटे और दो बेटियां थीं।
  1. पुलिस ने महिला समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया, इस महिला ने ही जज को आटा दिया था, कहा था- इसे घर के आटे में मिला देना
  2. 20 जुलाई को एडीजे और उनके दो बेटों की खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ी थी, 25 जुलाई को एडीजे और बड़े बेटे की मौत हो गई थी

Betul MP मध्य प्रदेश के बैतूल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के एडीजे महेंद्र त्रिपाठी और उनके बेटे अभियान राज की मौत जहर से हुई है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हो गया है। ये पता नहीं चला है कि जहर कौन सा था? लेकिन, पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिसने भी आटे में जहर मिलाकर दिया, उसकी साजिश पूरे परिवार को खत्म करने की थी।

किस्मत से एडीजे की पत्नी ने उस दिन रोटी नहीं खाई और छोटे बेटे को दो रोटी खाने के बाद उल्टी हो गई इसलिए वे बच गए। 20 जुलाई को त्रिपाठी और उनके दो बेटों को फूड पॉइजनिंग की शिकायत होने पर बैतूल के अस्पताल में भर्ती कराया था।

रीवा की महिला से होगी पूछताछ
मामले में पूछताछ के लिए रीवा निवासी एक महिला को बैतूल लाया गया है। पुलिस ने 5 संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। इस महिला ने ही जज को आटानुमा कुछ दिया था और कहा था कि इसे घर के आटे में मिला देना। घटना के बाद से ही महिला का फोन बंद आ रहा था। 25 जुलाई को एडीजे त्रिपाठी और उनके बेटे की मौत हो गई थी। पुलिस ने अस्पताल में एडीजे के बयान लिए थे। उनसे किसी पर शक होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि आटे की जांच जरूर करा लेना।

महिला ने संकट टालने के लिए आटा दिया गया
शुरुआती जांच में सामने आया कि 19 जुलाई की दोपहर में एडीजी की संध्या नाम की महिला से मुलाकात हुई। उसी दौरान उन्हें आने वाले संकट को टालने के लिए आटा दिया गया था। 20 जुलाई को त्रिपाठी के घर में पत्नी को छोड़कर परिवार के बाकी सदस्यों ने इसी आटे से बनी रोटी खाई थी। छोटे बेटे को तत्काल उल्टी हो जाने से उस पर असर नहीं हुआ। इधर, 20 जुलाई के बाद से रीवा की मूल निवासी महिला का फोन बंद आ रहा था। 25 जुलाई को उसने जैसे ही फोन ऑन किया, पुलिस को उसकी लोकेशन रीवा में मिली। स्थानीय पुलिस की टीम ने देर रात महिला को ढूंढ़ निकाला।

महिला की कार से सामान निकालती बैतूल पुलिस। कार में तंत्र-मंत्र का सामान और इसी से जुड़ी हुईं किताबें बरामद हुई हैं।

महिला की कार में मिली तंत्र-मंत्र की किताबें और सामान
सूत्रों के मुताबिक, रीवा से महिला को देर रात कार समेत बैतूल लाया गया। कार में रखे बैग और अन्य सामान को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पर्स से पुलिस ने तंत्र-मंत्र की सामग्री भी जब्त की है। सूत्रों का कहना है कि परिवार के सदस्य अभी भी कुछ छिपा रहे हैं। घर में ऐसा क्या था कि एडीजे महिला के चक्कर में आ गए।

छोटे बेटे आशीष राज का कहना है कि संध्या सिंह नामक महिला ने पापा को आटा दिया था, जिसकी रोटी खाने के बाद उन तीनों की तबीयत बिगड़ी। संध्या सिंह पिछले 10 सालों से उनके पापा के संपर्क में थी। कई तरीकों से उनके परिवार को खत्म करने की पहले भी साजिश रच चुकी है। संध्या सिंह ने पापा से कहा था कि यह आटा अपने घर के आटे में मिला दीजिए। इससे सबका स्वास्थ्य अच्छा होगा और समृद्धि होगी।

अस्पताल से महिला को फोन लगा रहे थे एडीजे
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, एडीजे अस्पताल से महिला को बार-बार फोन लगा रहे थे। उससे वे पूछ रहे थे कि आखिर कौन-सी चीज खाने को दी है। उसका नाम बता दो, ताकि डॉक्टर उसका एंटीडाेज दे सकें। लेकिन, दूसरी ओर से महिला बार-बार उनका फोन काट दे रही थी।

जब महिला ने कुछ नहीं बताया तो उसके ड्राइवर को फोन लगाया
एडीजे तीन दिन बैतूल अस्पताल में भर्ती रहे। दो दिन तक वे फोन लगाकर महिला से आटे के बारे में पूछते रहे। जब महिला ने फोन उठाना बंद कर दिया तो उन्होंने उसके ड्राइवर को फोन लगाकर जानकारी लेनी चाही। सूत्रों का कहना है कि एडीजे ने ड्राइवर से यहां तक कहा था कि भगवान की खातिर उससे पूछकर बता दो कि आटे में क्या मिला है।

एडीजे से मिलने आती थी महिला
सूत्रों के अनुसार, एडीजे इस महिला से करीब 10 साल से ज्यादा समय से परिचित थे। दो साल उनके बैतूल में तैनाती के हो चुके थे। इस बीच, कई बार महिला मिलने आई। उसके बारे में कई बातें सामने आ रहीं है। कोई उसे सिंगरौली का तो कोई छिंदवाड़ा का रहने वाला बता रहा। ये भी कहा जा रहा है कि महिला का पति उससे अलग रहता है। महिला एनजीओ और कपड़े का व्यवसाय करती है। हालांकि, अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला किस तरह जज के संपर्क में आई थी।

एडीजे महेंद्र त्रिपाठी की मौत के मामले में पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर ऐसी कौन सी वजह थी कि महिला जज के पूरे परिवार को खत्म करना चाह रही थी।

बैतूल के वकीलों की चर्चा के अनुसार, एडीजे उन जजों से नाखुश थे, जो अन्य राज्य के निवासी हैं। बीते कुछ दिन से उनका आध्यात्म की तरफ ज्यादा झुकाव हो गया था। बातचीत भी वे आध्यात्म की ज्यादा करने लगे थे। एडीजे का बड़ा बेटा कुछ दिन पहले ही इंदौर से बैतूल आया था।

लेन-देन की जांच चल रही है
सूत्रों का कहना है कि एडीजे के खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर होने की बात सामने आई। महिला के खाते में भी काफी पैसा जमा हुआ है। इसकी जांच चल रही है। सूत्रों से ये भी पता चला है कि महिला की लाइफस्टाइल हाई सोसायटी जैसी है। आशंका जताई जा रही है कि इस मामले में कई बड़े लोगों का हाथ भी हो सकता है।

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तुलसीदास जी ने राम नाम लेते हुये अपने शरीर का परित्याग किया

तुलसीदास जी की जयंती

तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर विशेष प्रकाशित


गोस्वामी तुलसीदास जयन्ती
हमे निज धर्म पर चलना सिखाती रोज रामायण,
सदा शुभ आचरण करना सिखाती रोज रामायण


गोस्वामी तुलसीदास जी का जन्म 1554 संवत मेंश्रावण माह की सप्तमी को प्रयाग के
पास बांदा जिले के राजापुर ग्राम में हुआ। आपको यह जानकर आष्चर्य होगा तुलसी
दास जी का अपनी मां के गर्भ में 12 माह रहने के बाद अमुक्त मूल नक्षत्र में हुआ जब
तुलसीदास पैदा हुये तब उनके मुख में 32दांत थे बालक का डील-डौल पांच साल के
बालक जैसा प्रतीत हो रहा था, उनके जन्म पर वे रोये नहीं उनके मुख से राम नाम
निकला इस प्रकार के अद्भुद बालक को देख कर उनके मां हुलसी और पिता
आत्माराम दुबे के मन में भांती-भांती के विचार आने लगे लोग उन्हें अनिष्ठ,अमंगल की
शंका होने लगी उनकी मां ने तीन दिन बाद दसमी की रात को अपनी दासी चुनियाॅ के
साथ अपने ससुराल भेज दिया और दूसरे ही दिन वे इस संसार को छोडकर चलबसी।
चुनियाॅ बडे प्रेम से उनका पालन पोषण करने लगी तुलसीदास जी 5 वर्ष के हुये समय
के चक्र ने उस दासीमाॅ का साया भी उनसे छीन लिया तुलसीदास फिर अनाथ हो गये वे
द्वार-द्वार भटकने लगे। लोग कहते है जा को राखे साईयां मार सके न कोय जिसको
कोई नहीं उसका तो ईष्वर है यारो आदिषक्ति मां जग्तजननी माॅ पार्वती को उनपर दया
आई वे प्रति दिन ब्राहम्णी का वेषरख कर उस बालक को भोजन कराने आती थी।
इधर भगवान शंकर जी की प्रेरणा से रामशैल पर रहने वाले श्री अन्तानंदा जी के
प्रिय षिष्य श्री परहर्रानंद जी ने इस बालक को ढूंढ निकाला और उसे अयोध्या ले जा
कर अपना षिष्य बनाकर उसका नाम रामबोला रखा।

रामबोला ने यग्योपवीत संकार के तुरतं पष्चात बिना सीखे ही गायत्री मंत्र का उच्चारण करने लगा। अयोध्या में ही उनकी शि‍क्षा दीक्षा पूर्ण हुई बालक राम बोल सुतीक्षण, प्रखर एवं तेजस्वी षिष्य के रूप गुरूकुल में प्रसिघ्द हो गये। कुछ ही दिनो पष्चात गुरू-षिष्य शुकर क्षेत्र(सोरो) पहुंंचे वहां गुरू श्री नरहरीदास जी ने उन्हें रामचरित सुनाया कासी में रहकर तुलसी दास जी ने 15 वर्ष तक वेदो का अध्ययन किया। कुछ समय बाद उन्हों ने अपनी जन्म भूमि पर लोगो को भगवान राम की कथा सुनाने लगे। वहीं उनका विवाह हुआ वे अपनी पत्नि को अत्यधिकप्रेम करते थे एक बार उनकी पत्नि मायके जाने पर वे बडे अधीर हो कर उनके पीछे-पीछे ससुरला जा पंहुचे पत्नि ने उन्हें देखकर बडी लज्जा के साथ उनसे कहा लाज न लागत आपको,दौरे आयहुं साथ धिक-धिक ऐसे प्रेम को कहा कहहुं मै नाथ मेरे इस हाडमास के शरीर में जितनी तुम्हारी आषक्ति है, उससे आधी भी यदि भगवान
राम मे होती तो तुम्हारा बेडापार हो गया होता तुलसीदास जी को अपनी पत्नि की बात दिल को इतनी छू गई की वे तुरंत ही वहां से प्रयाग आकर ग्रहस्थवेष का परित्याग कर साधुवेष ग्रहण कर सन्यासी बनगये । उन्हें तीर्थ के दौरान मानसरोवर में कागभुषुण्डिजी के दर्षन हुये।

उनके राम के दर्षन की अभिलाषा चित्रकूट में आकर पूर्ण हुई।
चित्रकूट से अयोध्या की ओर बढते हुये माघ मेले उन्हे वटवृक्ष के नीचे भरद्वाज
एवं याज्ञवल्क्य मुनि के दर्षन हुये जहां राम की कथा हो रही थी वहाॅ से उनके अंदर
कवित्व का स्फूरण हुआ और वे संस्कृत में पद्यरचना करने लगे परन्तु वे दिन में जितनी
भी पद्यरचना करते रात्रि में सब लुप्त हो जाती यह घटना रोज घटित होती 8वे दिन
भगवान शंकर ने उन्हें स्वप्न में आदेष दिया की तुम अपनी भाषा में काव्य रचना रचो
उनकी नींद खुलते ही षिव पार्वती ने उन्हें दर्षन दिये और कहा कि तुम अयोध्या में जा
कर रहो और हिन्दी में काव्य रचना करो मेरे आर्षिवाद से तुम्हारी कविता शामवेद के
समान फलवती होगी।


संवत 1633 के प्रारंभ में रामनवमी के दिन प्रायःवैसा ही योग था जैसा त्रेतायुग में
रामजन्म के दिन था उस दिन से उन्होने श्रीरामचरित मानस की रचना प्रारंभ की दो
वर्ष,7 महिने, 26 दिन में राम चरित्र ग्रन्थ पूर्ण हुआ संवत 1633के मार्गषीष के शुक्लपक्ष
में राम विवाह के दिन सातो कांड (राम चरित मानस जिसमें 16 श्लोक, 1029 दोहे एंवं
1060 चैपाईयाॅ )पूर्ण हुये । सबसे पहले उन्होने भगवान विष्वनाथ एवं माता अन्नपूर्णा को
श्रीराम चरित मानस सुनाया रात को पुस्तक श्री विष्वनाथ जी के मंदिर में रख दी गई
सबेरे जब पट खुला तो ग्रंथ पर ‘‘सत्यंम षिवम सुन्दरम’’ लिखा हुआ था। और नीचे
भगवान शंकर जी की सही थी। यह देखकर काषी के पंडितो को उनसे ईर्षा होने लगी।
वे उस ग्रंथ को नष्ट करने का प्रयास करने लगे उसे चुराने के लिये चोरो को भेजा
उनकी कुटिया के पास दो नवयुवक वीर धनुष लिये पहरा दे रहे थे वे बडे ही सुन्दर
श्याम,गौर वर्ण के थे उनके दर्षन से चोरो की बुघ्दि शुघ्द हो गई।अंत में श्री हनुमान जी की प्रेरणा से उन्हों विनय पत्रिका लिखि और भगवान के चरणो में समर्पित कर दी। संवत1680 श्रावण कृष्ण तृतीया शनिवार को असीघाट पर गोस्वामी तुलसीदास जी ने राम नाम लेते हुये अपने शरीर का परित्याग किया ।

‘‘राम राम रटते रहो धरे रहो मनधीर कारज वे ही सवारेंगें श्री रामचन्द्र रघुवीर’’

जय श्री राम

अषोक श्री(बैतूल)

MP CM शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव, कहा मुझसे संपर्क मेेंं आये लोग कोरोना टेस्‍ट जरूर करायें

लिखा- मैंने बचने का हर संभव प्रयास किया

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान लखनउ से आने के बाद बैठक करते हुए बैैठक में बैतूल जिले के सांसद डीडी उइके जी,आमला क्षेत्र के विधायक पंडागरे जी, बैतूल पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल एवंं मुलताई राजा पवार उपस्थि‍त हुए थे।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, COVID-19 का समय पर इलाज होता है तो व्यक्ति बिल्कुल ठीक हो जाता है. मैं 25 मार्च से प्रत्येक शाम को कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा बैठक करता रहा हूं. मैं यथासंभव अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोरोना की समीक्षा करने का प्रयास करूंगा.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मेरी अनुपस्थिति में अब यह बैठक गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, नगरी विकास एवं प्रशासन मंत्री, भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री, विश्वास सारंग और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पीआर चौधरी करेंगे. मैं खुद भी इलाज के दौरान प्रदेश में COVID-19 नियंत्रण के हरसंभव प्रयास करता रहूंगा.

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने शिवराज सिंह चौहान के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. कमलनाथ ने एक ट्वी में लिखा, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के अस्वस्थ होने की जानकारी मिली. ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.

बता दें, मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण में तेजी देखी जा रही है. खासकर भोपाल में हालात चिंताजनक हैं. इसे देखते हुए राजधानी भोपाल में 24 जुलाई की रात से लॉकडाउन लगाया गया है. सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक लॉकडाउन शुक्रवार रात 8 बजे से शुरू होकर 4 अगस्त की सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा. इसमें जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी.

मुलतापी समाचार

भोपाल में 10 दिन का लॉक डाउन बड़ाा 24 जुलाई से

Lock Down in Bhopal

भोपाल। राजधानी में बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए 24 जुलाई से दस दिन का पूर्ण लाॅक डाउन लगाया जा रहा है। गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया कि रात आठ बजे से लॉक डाउन लागू कर दिया जाएगा।

कोरोना को लेकर हुई समीक्षा बैठक के बाद तय किया गया है कि भोपाल में 24 जुलाई से 10 दिनों के लिए पूरी तरह लॉक डाउन रहेगा। इस दौरान न तो कोई भोपाल में प्रवेश कर पाएगा और ना ही यहां से बाहर जा सकेगा। दवा, दूध, सब्जी और सरकारी राशन की दुकान खुली रहेंगी। आने-जाने के लिए पहले की तरह ही पास जारी होंगे।

नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सभी सरकारी राशन दुकान संचालकों को कहा गया है कि वे गरीबों को जुलाई माह का राशन दो दिन के भीतर वितरित कर दें। उद्योग और सरकारी दफ्तर खुलेंगे। सरकारी दफ्तरों में सिर्फ चुनिंदा स्टाफ को ही आने की अनुमति होगी।

आगामी मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही होगी। डॉ मिश्रा ने बताया कि रक्षाबंधन का त्यौहार आ रहा है ऐसे में बहनें त्योहार को दूरी से मनाने का मध्य मार्ग देखें। प्रदेश में कल 747 कोरोना पॉजिटिव प्रकरण सामने आए थे। वहीं, पांच सौ अस्सी स्वस्थ होकर घर लौटे स्वस्थ होने की दर 67 फीसद हुई है। वहीं, मृत्यु दर में भी सुधार हुआ है। यह अब 3.8 फीसद है। गृहमंत्री ने कहा सभी से आग्रह है कि सभी लोग 10 दिन का राशन लेकर रख लें।

उल्‍लेखनीय है कि राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण थम नहीं रहा है। बुधवार को भोपाल में 116 पॉजिटिव मरीजों के मिलने की पुष्टि हुई है। वहीं बुधवार को ही 54 मरीज कोरोना से ठीक होकर घर भी लौटे हैं।

इससे पहले पुराने शहर के प्रमुख बाजारों में बुधवार से पांच दिन तक (26 जुलाई) तक लॉकडाउन का निर्णय लिया गया था। बीते सात दिन में यहां 46 से अधिक कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इस कारण जिला प्रशासन ने व्यापारी संघों के साथ बैठक लेकर कोतवाली, मंगलवार व हनुमानगढ़ थाना क्षेत्र के बाजारों में लॉकडाउन रखने का निर्णय लिया था। हालांकि, कई व्यापारिक संघ लॉकडाउन को लेकर गुस्से में थे। उनका कहना है कि कोरोना का संक्रमण राजधानी में सभी जगह है। ऐसे में सिर्फ पुराने शहर के बाजार बंद रखना उचित नहीं है। लॉकडाउन हो तो सभी बाजारों में लागू किया जाए।

मध्‍यप्रदेश Lalji Tandon in Memories : सत्ता परिवर्तन के बावजूद बेदाग रही लालजी टंडन की छवि

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Lalji Tandon in Memories : राज्यपाल लालजी टंडन ने जनता के लिए खोल दिए थे राजभवन के दरवाजे, लोकतंत्र के चारों स्तंभ से शुरू किया खुला संवाद।

Lalji Tandon in Memories : भोपाल, नवदुनिया। मध्य प्रदेश की स्थापना के बाद यहां की विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया और सामान्य नागरिक 28 राज्यपालों की कार्यशैली देख चुके हैं, सभी की अपनी-अपनी खूबियां रहीं। लेकिन लाल जी टंडन ने मात्र 11 महीने के कार्यकाल में ही राजभवन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। उनके लंबे सियासी अनुभव, स्वभाव की सरलता और कामकाज की पारदर्शिता ने सभी को प्रभावित किया। यही वजह रही कि मध्य प्रदेश में सियासी संग्राम के बाद, 22 विधायकों का इस्तीफा और कमल नाथ सरकार का पतन भी हुआ लेकिन राज्यपाल के रूप में टंडन की भूमिका बेदाग और निर्विवाद बनी रही।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से उनके दशकों पुराने रिश्ते हैं लेकिन सरकार गिरने के बाद भी दोनों के संबंधों में कोई अंतर नहीं आया। कमल नाथ सहित अन्य नेताओं ने उनकी कार्यशैली की कई अवसर पर तारीफ भी की। मध्य प्रदेश में हुए सत्ता पलट और सियासी उथल-पुथल के दौरान इस संवेदनशील मामले में भी उन्होंने पूरी पारदर्शिता रखी। संविधान और विधि विशेषज्ञों की राय के साथ अपने लंबे अनुभव के आधार पर न्याय संगत फैसले लिए। राज्यपाल की कुर्सी संभालते ही टंडन ने कमल नाथ सरकार के साथ रिश्तों को गरिमामय ऊंचाइयां देते हुए नई ऊर्जा का अहसास करा दिया। इतना ही नहीं तकरार के मुद्दों को भी पूरी गंभीरता से ‘डील’ कर उनका न सिर्फ सुखांत किया और नया मैसेज भी दे दिया। यह कहने से भी नहीं चूके कि ‘मैं कोई रबर स्टैंप नहीं, वीटो पॉवर भी मेरे पास है।’

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फैसलों पर नहीं उठी उंगली

उनके कामकाज पर उम्र का असर कभी नजर नहीं आया, जब सियासी संग्राम जोरों पर था तब राजभवन में रतजगा की स्थिति बनी रही। भोर होने तक सचिवालय में विधि विशेषज्ञों और अधिकारियों से राय मशविरा कर उन्होंने फैसले लिए। देश में ऐसे सत्ता परिवर्तन कई राज्यों में हुए लेकिन अमूमन राज्यपाल की भूमिका को लेकर खूब सवाल उठे और आरोप भी लगे लेकिन टंडन की कार्यशैली इसका अपवाद रही। उनके निर्णयों पर कोई उंगली नहीं उठा सका। सही मायने में उन्होंने अपनी संविधान संरक्षक की भूमिका को सर्वोपरि रखा। नियम-परंपराओं पर जोर नवदुनिया से हुई विशेष बातचीत में भी राज्यपाल टंडन ने इस बात पर जोर दिया था कि नियमों और परंपराओं का पालन होना चाहिए। प्रदेश में सियासी उथल-पुथल जब चरम पर थी, संख्या बल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने दावे-प्रतिदावे थे ऐसे नाजुक समय में भी उन्होंने सरकार के आमंत्रण पर विधानसभा जाकर अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान भी वह पक्ष-विपक्ष को संविधान और नियम-परंपराओं के पालन की नसीहत देना भी नहीं भूले।

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MP राज्‍यपाल लाल जी टंडन का लखनऊ में निधन, उत्तर प्रदेश में तीन दिवस का राजकीय शोक

Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon : मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया।

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Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon : लखनऊ, भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में सुबह 5.35 बजे निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और उन्हें 11 जून को स्वास्थ खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, तभी से वे अस्पताल में भर्ती थे। उनका पार्थिव शरीर त्रिलोकनाथ रोड स्थित सरकारी बंगले पर जाएगा। दोपहर 12 बजे पार्थिव शरीर को चौक स्थित आवास सोंधी टोला ले जाया जाएगा। शाम 4:30 बजे गोमती तट गुलाला घाट पर लालजी टंडन को अंतिम विदाई दी जाएगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सीए शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम शिवराज सिंह चौहान आज लालजी टंडन को श्रद्धांजलि अर्पित करने लखनऊ जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लालजी टंडन के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि देश ने एक लोकप्रिय जन नेता, योग्य प्रशासक एवं प्रखर समाज सेवी को खोया है, वो लखनऊ के प्राण थे।उन्होंने लालजी टंडन के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक की घोषणा की है।

जांच के दौरान सामने आई थी लिवर में परेशानी

जानकारी के मुताबिक 11 जून को बुखार होने पर परिजनों ने उन्हें लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। शुरुआती पड़ताल में डॉक्टरों को पेशाब में संक्रमण का पता चलने पर इलाज शुरू किया। जांच के दौरान राज्यपाल के लिवर में दिक्कत पाए जाने पर सीटी गाइडेड प्रोसीजर किया गया। इस दौरान पेट में रक्त का स्राव बढ़ गया, जिसके चलते उनका इमरजेंसी में ऑपरेशन किया गया था।

हाल ही में उनके किडनी के साथ-साथ लिवर का फंक्शन भी गड़बड़ा गया था। उनका इलाज आइसीयू में चल रहा था। 13 जून को उनका ऑपरेशन किया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। बीच में दो दिन बाई-पैप मशीन पर रहे। हालत में सुधार न होता देख दोबारा वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर के मुताबिक लालजी टंडन का किडनी फंक्शन पहले से गड़बड़ा गया था। ऐसे में डायलिसिस करनी पड़ रही थी। वहीं, अब लिवर का फंक्शन भी गड़बड़ हो गया था।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दी श्रद्धांजलि

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहा ने राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्रद्धेय श्री लालजी टंडन के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। टंडन जी का मार्गदर्शन हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक मिला। उन्होंने जनता और राष्ट्र की सेवा का एक अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए अपनी नीतियों से उत्तर प्रदेश भाजपा को भी सशक्त किया। मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहते हुए टंडनजी ने हमें सदैव सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र के प्रति उनके प्रेम और प्रगति हेतु योगदान को चिरकाल तक याद रखा जाएगा। आत्मा अजर-अमर है। वे आज हमारे बीच नहीं हैं परंतु अपने सुविचारों द्वारा वे हमारी स्मृतियों में सदैव जीवित रहेंगे। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोकाकुल परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करें।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी लालजी टंडन को श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा, भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री लालजी टंडन जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूं। टंडन जी का पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उन्होंने उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक जनसेवक के रूप में श्री लालजी टंडन जी ने भारतीय राजनीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। उनका निधन देश और भाजपा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। ॐ शांति शांति शांति।

मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने ट्वीट कर लिखा, मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल आदरणीय लालजी टंडन जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दे।

मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता अरुण यादव ने राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री लालजी टण्डन जी के निधन का समाचार दुःखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें एवं परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति दें..।

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कोरोना महामारी के बीच मध्य प्रदेश में किसानों के लिए यूरिया खाद का संकट

मालवा-निमाड़ (नईदुनिया टीम)। कोरोना महामारी के बीच प्रदेश में किसानों के लिए यूरिया खाद का संकट खड़ा हो गया है। मालवा-निमाड़ के कई जिलों में कपास, मक्का, केला, गन्ना और सब्जियों की फसल के लिए किसान यूरिया मांग रहे हैं, लेकिन आपूर्ति नहीं हो रही है। गांवों की कुछ सहकारी संस्थाओं में एक सप्ताह से खाद नहीं है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कह रहे हैं कि रोज रैक लग रही है।

अकेले इंदौर संभाग में जून में ही लक्ष्य का आधे से अधिक यूरिया खत्म हो चुका है। 18 जून को शाजापुर के गांव बेहरावल में कृषि साख सहकारी संस्था में आए ट्रक से किसानों द्वारा डीएपी खाद उतार ले जाने का मामला सामने आया था। प्रबंधक ने कालापीपल थाने में 60 बोरी खाद चोरी होने का आवेदन दिया था।

खाद के मामले में प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो अन्य जिलों में भी ऐसी घटनाओं से इन्कार नहीं किया जा सकता।

मध्यप्रदेश सहकारी विपणन संघ के मुताबिक इंदौर संभाग के आठ जिलों के लिए 1 लाख 47 हजार 474 टन यूरिया का लक्ष्य तय किया गया था, पर जून अंत तक 73 हजार टन से अधिक यूरिया किसानों तक पहुंच चुका है। मार्कफेड के अधिकारी बताते हैं कि अधिकांश खाद निमाड़ के खरगोन-बड़वानी जिलों में लग रहा है। इंदौर जिले की कुछ संस्थाओं में भी यूरिया नहीं है, लेकिन यहां हालात नियंत्रण में हैं। किसी जिले में लक्ष्य का आधा तो कहीं इससे भी कम यूरिया उपलब्ध है।

खंडवा : दो हजार टन ही उपलब्ध खंडवा जिले में सोसायटियों में यूरिया उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। जिले में करीब दो हजार टन यूरिया ही उपलब्ध है, जबकि एक महीने में करीब दस हजार टन यूरिया की आवश्यकता पड़ेगी। कृषि उपसंचालक आरएस गुप्ता ने बताया कि दस हजार टन यूरिया की डिमांड शासन को भेज दी है।

झाबुआ : 45 हजार टन की जरूरत झाबुआ जिले में 45 हजार टन खाद की आवश्यकता है। फिलहाल 27 हजार टन ही उपलब्ध है। रविवार को जिले के मुख्य रेलवे स्टेशन मेघनगर पर खाद की रैक लगने का इंतजार किया जा रहा है।

खरगोन लक्ष्य : 63 हजार टन अब तक प्राप्त : 29 हजार टन इस सप्ताह की मांग : 10 हजार टन रकबा : 2 लाख 15 हजार हेक्टेयर (90 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है) नीमच लक्ष्य : 17 हजार 400 टन अब तक प्राप्त : 7 हजार 255 टन रकबा : 1 लाख 77 हजार हेक्टेयर (50 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है)

मंदसौर लक्ष्य : 25 हजार टन अब तक प्राप्त : 12 हजार 145 टन इस सप्ताह की मांग : 5 हजार टन रकबा : 3 लाख 29 हजार हेक्टेयर (लगभग 50 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है)

धार लक्ष्य : 62 हजार टन अब तक प्राप्त : 33 हजार टन इस सप्ताह की मांग : 7 हजार टन रकबा : 5 लाख 14 हजार हेक्टेयर (92 प्रतिशत बोवनी हुई)

बड़वानी यूरिया की कुल मांग : 40 हजार टन भंडारण : 11 हजार 466 टन वितरण : 10 हजार 107 टन मांग : 10 हजार टन कुल रकबा : 2 लाख 38 हजार 250 हेक्टेयर

रतलाम जरूरत : 25 हजार टन अब तक प्राप्त : 17 हजार 996 टन इस सप्ताह की मांग : 7 हजार 855 टन रकबा : 3 लाख 16 हजार हेक्टेयर (50 प्रतिशत बोवनी हुई)

आलीराजपुर जरूरत : 17 हजार टन अब तक प्राप्त : 6265 टन बोवनी का लक्ष्य : 1.82 लाख हेक्टेयर (अब तक 60 प्रतिशत बोवनी हुई)

बुरहानपुर यूरिया की कुल मांग : 5000 टन भंडारण : 4700 टन जिले में कुल रकबा : 93 हजार हेक्टेयर (अब तक 75 प्रतिशत बोवनी हुई)

शाजापुर लक्ष्य : 12,500 टन वर्तमान में उपलब्ध : 9398 टन शनिवार को रैक से एक हजार टन यूरिया और मिला जिले में कुल रकबा : 2 लाख 82 हजार हेक्टेयर

इनका कहना है

लक्ष्य और जरूरत के हिसाब से हर जिले और हर केंद्र पर यूरिया का इंतजाम किया जा रहा है। खरीफ के लक्ष्य का आधे से अधिक खाद तो हम दे चुके हैं, लेकिन इस बार कुछ अधिक मांग आ रही है। खंडवा में यूरिया की लगातार रैक लग रही है। इंदौर में भी दो रैक लगने वाले हैं। यहां से अधिक जरूरत वाले जिलों और क्षेत्र में खाद भेजा रहा है।

-महेश त्रिवेदी, संभागीय प्रबंधक, मार्कफेड