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घोड़ाडोंगरी को मिली 8 स्पेशल ट्रेनों की सौगात, 21 अक्टूबर से चालू होंंगी


Multapi Samachar

बैतूल। रेलवे ने अक्टूबर महीने में आगामी त्योहार सीजन को देखते हुए 196 जोड़ी यानी 392 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है. इन्हें फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के नाम से चलाया जाएगा. इन ट्रेनों में से घोड़ाडोंगरी को 8 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन की सौगात मिली है. ये ट्रेनें 21 अक्टूबर से घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर रुकेंगी, इससे घोड़ाडोंगरी क्षेत्र के यात्रियों को सुविधा मिलेगी.

घोड़ाडोंगरी में 08237 कोरबा -अमृतसर छत्तीसगढ़ फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस, 08238 अमृतसर- कोरबा छत्तीसगढ़ फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस का स्टॉपेज दिया गया है, जो सप्ताह में तीन-तीन दिन चलेगी.

वहीं 02577 दरभंगा मैसूर बागमती फेस्टिवल स्पेशल और 02578 मैसूर दरभंगा बागमती फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, यह ट्रेन सप्ताह में एक-एक दिन चलेगी. जिसमें 02577 प्रति बुधवार, 02578 प्रति रविवार को घोड़ाडोंगरी आएगी.

02521 बरौनी एर्नाकुलम फेस्टिवल स्पेशल, 02522 एर्नाकुलम बरौनी फेस्टिवल स्पेशल और 02511 गोरखपुर त्रिवेंद्रम राप्तीसागर फेस्टिवल स्पेशल सहित 02512 त्रिवेंद्रम गोरखपुर राप्तीसागर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन को भी घोड़ाडोंगरी में स्टॉपेज दिया गया है.

घोड़ाडोंगरी में वर्तमान में रुक रही 10 ट्रेनें

कोरोना के चलते रेलवे ने नियमित ट्रेनों का संचालन बंद रखा गया है. इसी के चलते यात्रियों की सुविधाओं के लिए रेलवे कोविड-19 स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रही है. इन ट्रेनों में से वर्तमान में घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर 10 ट्रेनें रुक रही हैं. 8 नई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के स्टॉपेज मिलने से अब घोड़ाडोंगरी में कुल 18 स्पेशल ट्रेनों का स्टॉपेज रहेगा, जिससे घोड़ाडोंगरी के यात्रियों को सुविधा मिलेगी.

मुलताई रेलवे स्टेशन पर लॉकडाउन के बाद 20 अक्टूबर से रुकेगी समता और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस


31 अक्‍टूबर से दक्षिण एक्‍सप्रेस या गोंडवाना एक्‍सप्रेस दो मे से एक जल्‍द रूकने की संभावना है।

तीसरी ट्रेन 31 अक्‍टूबर एक और ट्रेन जल्‍द रूकने की संभावना

इस माह तीन ट्रेेेने जल्‍द रूकने लगेंंगी

मुलतापी समाचार

Railway News

कोरोना महामारी के चलते ट्रेन सेवा बंद हो गई थी। अब धीरे धीरे ट्रेन सेवाएं शुरू की जा रही है। जिसके चलते 20 अक्टूबर से नगर के रेलवे स्टेशन पर समता और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस रुकेंगी। जिससे दो ट्रेनों से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 24 मार्च से ट्रेनों की आवाजाही बंद हो गई थी। जिससे रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दो महीने पहले रेलवे ने कुछ चुनिंदा ट्रेनों को शुरू किया था। मुलताई स्टेशन पर इन ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा था। हाल ही में रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। जिसमें निजामुद्दीन से विशाखापटनम तक चलने वाली समता एक्सप्रेस और बिलासपुर से अमृतसर तक चलने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को शामिल किया है। इन दोनों ट्रेनों का पहले से ही मुलताई स्टेशन पर स्टॉपेज है।

उपस्टेशन प्रबंधक द्वारा दी गई जानकारी

इस स्थिति में अब दोनों ट्रेनों से यात्रा करने की सुविधा नगर सहित क्षेत्रवासियों को मिलेगी। उपस्टेशन प्रबंधक अरविंद तिवारी ने बताया 20 अक्टूबर की रात 12.45 बजे विशाखापटनम से निजामुद्दीन जाने वाली समता एक्सप्रेस मुलताई स्टेशन पर रुकेगी।

ट्रेन नं. में बदालव

नया गाडी नं.02887 विशाखापटनम से निजामुद्दीन जाने वाली समता एक्सप्रेस का रहेगा और निजामुद्दीन से विशाखापटनम आने वाली समता एक्सप्रेस का गाडी नं. 2888 रहेगा

http://www.indianrail.gov.in/enquiry/TBIS/TrainBetweenImportantStations.html?locale=en

छत्‍तीसगढ़ एक्‍सप्रेस का गाडी नं. पूर्वत: ही रहेगा जो 08237 एवंं 08238 में कोई बदलाव नही किया गया है

31 अक्‍टूबर से दक्षिण एक्‍सप्रेस या गोंडवाना एक्‍सप्रेस दो मे से एक जल्‍द रूकने की संभावना है।

यह ट्रेन पूर्ववत निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार सप्ताह में पांच दिन चलेगी। प्रतिदिन चलने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन चलेगी। 20 अक्टूबर को रात 12.20 बजे मुलताई स्टेशन पर पहुंचेगी। दोनों ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन भी शुरू हो गए है।

औरंगाबाद में ट्रैक पर सोये प्रवासी मजदूरों के ऊपर से गुजरी ट्रेन, 17 की मौत


Aurangabad Train Accident News: महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक दर्दनाक हादसे में 15 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई. औरंगाबाद जालना रेलवे लाइन (Jalna aurangabad railway line) पर ट्रैक के पास सो रहे इन मजदूरों के ऊपर से ट्रेन गुजर गई, जिसमें इनकी जान चली गई.

हादसे में मारे गए मजदूरों के आश्रितों को 5 लाख के मुआवजे का ऐलान, सीएम शिवराज बोले- शोकाकुल परिवार अकेला न समझे

Multapi Samachar

औरंगाबाद. महाराष्ट्र (Maharashtra )के औरंगाबाद (Aurangabad) में पटरी पर सोए प्रवासी मजदूरों पर से ट्रेन गुजरने के चलते उनकी मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार सभी रेलवे ट्रैक पर सो रहे थे. मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा औरंगाबाद जालना रेलवे लाइन (jalna aurangabad railway line) पर हुआ. करमाड पुलिस मौके पर है. यह घटना औरंगाबाद-जालना रेलवे लाइन पर शुक्रवार सुबह 6.30 बजे हुई.  फ्लाईओवर के पास पटरियों पर सो रहे 17 प्रवासी मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई

हाइलाइट्स

8:54 am (IST)

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आज 5:22 AM पर नांदेड़ डिवीजन के बदनापुर व करमाड स्टेशन के बीच सोये हुए श्रमिकों के मालगाड़ी के नीचे आने का दुखद समाचार मिला. राहत कार्य जारी है, व इन्क्वायरी के आदेश दिये गए हैं. दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ.

8:54 am (IST)

इस घटना पर प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुए रेल हादसे में जानमाल के नुकसान से बेहद परेशान हूं. रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात हुई है और वह स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है.

8:53 am (IST)

भारतीय रेलवे की ओर से किये गये एक ट्वीट में कहा गया है कि ट्रैक पर कुछ मजदूरों को देखने के बाद मालगाड़ी के लोको पायलट ने ट्रेन को रोकने की कोशिश की, लेकिन  परभणी-मनमाड सेक्शन के बदनपुर और करमाड स्टेशनों के बीच यह घटना हो गई. घायलों को औरंगाबाद सिविल अस्पताल ले जाया गया है. जांच के आदेश दिए गए हैं.

8:51 am (IST) 

केंद्रीय रामविलास पासवान ने इस घटना पर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा- महाराष्ट्र के  #औरंगाबाद जालना रेलवे लाइन पर हुई दुर्घटना में प्रवासी मजदूरों की दर्दनाक मृत्यु की खबर से आहत हूं। यह अत्यंत दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। मृतकों को श्रद्धांजलि। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को दुःख सहने की शक्ति।घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ

8:29 am (IST) चूंकि कंपनी लॉकडाउन के बाद से बंद थी और लॉकडाउन बढ़ता रहा, इसलिए वे गांव  जा रहे थे. भुसावल से मध्य प्रदेश के लिए एक विशेष ट्रेन के  आज शाम  जाने वाली थी.

8:27 am (IST) एसपी ने बताया कि मृतकों में महिला और बच्चों शामिल नहीं हैं. यह घटना शुक्रवार तड़के करीब 5:15 बजे की घटना हुई. भुसावल से स्पेशल ट्रेन के जरिए मध्य प्रदेश लौटने की प्लानिंग थी

8:27 am (IST)

औरंगाबाद की एसपी मोक्षदा पाटिल ने बताया कि सभी लोग जालना की एक कंपनी में काम करते थे और भुसावल जाकर ट्रेन पकड़ने वाले थे. सभी लोग 45 किलोमीटर का सफर तय कर चुके थे और  मध्य प्रदेश के रहने वाले थे.

8:26 am (IST)

 यह हादसा औरंगाबाद जालना रेलवे लाइन (jalna aurangabad railway line) पर हुआ. करमाड पुलिस मौके पर है. यह घटना औरंगाबाद-जालना रेलवे लाइन पर शुक्रवार सुबह 6.30 बजे हुई.  फ्लाईओवर के पास पटरियों पर सो रहे 17 प्रवासी मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई.

8:25 am (IST) मिली जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. वे सभी एक निजी कंपनी में काम करते थे. बताया गया कि दिन भर सफर करने के बाद वे रात में आराम करने के लिए ट्रैक पर सो गए. अधिकारियों ने बताया कि यह दुर्घटना एक मालगाड़ी के गुजरने के बाद हुई.

8:25 am (IST) यह सभी प्रवासी मजदूर मध्य प्रदेश के थे और ट्रेन पकड़ने के लिए भुसावल की ओर जा रहे थे. सभी मजदूर जलगांव में आयरन फॉट्री में काम करते थे. गुरुवार को भी औरंगाबाद से मध्य प्रदेश की ट्रेन चली थी. मजदूर 35-36 km चलने के बाद पटरी पर बदनपुर और करमड के बीच सो गए. सभी मध्य प्रदेश स्थित शहडोल के निवासी हैं.

लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों और छात्रों को लाने के लिए चलाई ट्रेन, राज्यों से किराया वसूलेगी रेलवे, देखे वीडियों


मुलतापी समाचार

रेलवे (Railway) ने कहा कि ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेन के किराए में नियमित स्लीपर क्लास के टिकटों की कीमत के अलावा 30 रुपये सुपरफास्ट चार्ज और खाने व पानी के लिए 20 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा.

नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) को रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन में फंसे मजदूरों की घर वापसी के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है. गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने रेलवे को प्रवासी मजदूरों और छात्रों को लाने के लिए स्पेशल ट्रेन (Train) चलाने की मंजूरी दे दी है. इसके बाद रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के टिकटों का किराया वसूलने का फैसला किया है. रेलवे एक अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन में फंसे प्रवासी कामगारों को लाने के लिए वह राज्यों से किराया वसूला जाएगा.

रेलवे ने कहा कि ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेन के किराए में नियमित स्लीपर क्लास के टिकटों की कीमत के अलावा 30 रुपये सुपरफास्ट चार्ज और खाने व पानी के लिए 20 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा. इसमें लंबी दूरी की ट्रेनों में भोजन और पीने का पानी शामिल होगा.

विशेष ट्रेन चलाने की अनमित

बता दें कि लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लाखों प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों को बुधवार को कुछ शर्तों के साथ उनके गंतव्यों तक जाने की अनुमति दी है. आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्रियों, छात्रों और विभिन्न स्थानों पर फंसे अन्य लोगों के आवागमन को रेल मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली विशेष ट्रेनों के माध्यम से अनुमति है. उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय आवागमन को लेकर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नामित करेगा.

तेलंगाना से झारखंड के लिए चली पहली ट्रेन
प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए तेलंगाना में लिंगमपल्ली (Lingampalli (Hyderabad) से झारखंड के हटिया तक (Hatia (Jharkhand) 1200 प्रवासियों को ले जाने वाली पहली ट्रेन शुक्रवार सुबह 4:50 बजे चली. 24 कोच की ट्रेन आज रात 11 बजे झारखंड के हटिया पहुंचेगी. दिशानिर्देशों के अनुसार क्वारंटीन आदि सहित सभी उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा. लिंगमपल्ली (हैदराबाद) से हटिया (झारखंड) तक जो विशेष ट्रेन चलाई गई वो तेलंगाना सरकार के अनुरोध पर और रेल मंत्रालय के निर्देशानुसार चलाई गई है.

जो भी रेलवे संपत्ति या ट्रेनों में तोड़-फोड़ करेगा, उसे देखते ही गोली मार दी जाये’, रेलवे मंत्रालय


Railway में आग जनी करने वालो को पकड़ कर मरो

मुलतापी समाचार न्यूज़ नेटवर्क

रेल राज्य मंत्री ने हुब्बली में कहा, यदि कोई व्यक्ति रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है, तब मैं उस राज्य के मुख्यमंत्री से ‘सख्त कार्रवाई करने को कहूंगा, ठीक उसी तरह जैसे कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत संघ में हैदराबाद के विलय के दौरान कदम उठाया था।’  यह पूछे जाने पर कि सख्त कार्रवाई से उनका मतलब क्या है, रेल राज्य मंत्री ने कहा, ”सख्त कार्रवाई का मतलब है कि देखते ही गोली मार दी जाए… ”। गौरतलब है कि हैदराबाद का भारत संघ में विलय भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार पटेल के नेतृत्व में पुलिस कार्रवाई के बाद किया गया था। पटेल ने निजाम और उसकी सेना को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया था। अब केंद्रीय रेल राज्य मंत्री चाहते हैं कि रेलवे पुलिस और प्रशासन भी हिंसा भड़का रहे प्रदर्शनकारियों से ऐसे ही निपटे।

अंगड़ी ने आगे कहा “रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात 13 लाख कर्मचारी काम करते हैं। लेकिन विपक्ष द्वारा समर्थित कुछ असामाजिक तत्व देश में समस्याएं पैदा कर रहे हैं”। बता दें कि इससे पहले मालदा में कुछ हिंसक प्रदर्शनकारियों ने भालुका रेलवे स्टेशन में तोड़-फोड़ मचाई थी। इसके अलावा इन गुंडों ने 5 ट्रेनों और 3 अन्य रेलवे स्टेशन्स को भी क्षति पहुंचाई थी। ये लोग ना सिर्फ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे, बल्कि आम लोगों को भी निशाना बना रहे थे। ऐसी खबरें आई थी कि इन गुंडों ने यात्रियों से भरी चलती ट्रेन को भी अपने पत्थरों से निशाना बनाया था। पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी लगातार इन गुंडों को भड़का रही हैं और अपने भड़काऊ बयानों से इन हिंसक प्रदर्शनों को हवा देने का काम कर रही हैं।

CAA को लेकर जहां देश के कुछ हिस्सों में हिंसक घटनाएँ देखने को मिल रही हैं, तो वहीं अब एक केंद्रीय मंत्री ने आगजनी कर रहे विरोध-प्रदर्शनकारियों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। दरअसल, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी ने अपने एक बयान में कहा है किउन्होंने एक केंद्रीय मंत्री के तौर पर हिंसक विरोध प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिये हैं। बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल में कुछ प्रदर्शनकारियों ने रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था और साथ ही रेलवे के परिचालन में भी बाधा उत्पन्न की थी। इसी के बाद केंद्रीय मंत्री का यह बयान आया।

यह स्पष्ट है कि रेलवे की संपत्ति को हिंसक और उग्र भीड़ से खतरा है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन ने भी इन प्रदर्शनों को लेकर इतना कडा रुख नहीं दिखाया है। हालांकि, अब केंद्रीय रेल राज्य मंत्री की ओर से इस बयान से यह स्पष्ट है कि वे इन उग्र प्रदर्शनकारियों को किसी भी सूरत बर्दाश्त नहीं किए जाएगा। इसकी अभी सबसे ज़्यादा ज़रूरत भी है।