Category Archives: शिक्षा

ONLINE eDUCATION भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं


मुलतापी समाचार

इंदौर । ऑनलाइन शिक्षा भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है। गुरु और शिष्य का मिलन जब तक नहीं होता तब तक विद्या का भाव नहीं आता है। एेसे ही शिक्षक और विद्यार्थी आमने-सामने बैठते है तो शिक्षा का वातावरण निर्मित होता है। कोरोना महामारी के कारण ऑनलाइन शिक्षा की अल्पकालीन व्यवस्था बनी है।

यह बात आचार्य विद्यासागर महाराज ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा में नेमीनगर जैन मंदिर में कही। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सभी समाचार पत्र मिलकर प्रयास करे तो देश के 13 प्रांतों में जहां हिंदी बोली जाती है वहां पर शुद्ध हिंदी बोली जाने लगेगी। हिंदी समाचार पत्रों में अंग्रेजी शब्दों का इस्तमाल नहीं होना चाहिए। अगर एेसा होता है तो इन राज्यों में रहने वाली 70 फीसदी लोग हिंदी भाषा को सही रूप में अपना लेंगे। इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। देश की तरक्की होगी।

संतों ने मठ मंदिर बना लिए लेकिन उन्हें नदी के समान होना चाहिए-

एक अन्य सवाल के जवाब में आचार्यश्री ने कहा कि संतों ने मठ-मंदिर बना लिए है लेकिन उन्हें नदी की तरह होना चाहिए। संतों को संभव हो तो एक स्थान पर नहीं रहना चाहिए। उन्हें बहते पानी के समान होना चाहिए। जैसे नदी बहती रहती है वैसे ही संतों को भी चलते रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा राजनीति और धर्मनीति में अंतर है। राजनीति में लोग इधर से उधर हो जाते है। धर्म नीति में एेसा संभव नहीं है।

पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में 10वीं की मैरिट के आधार पर प्रवेश


विद्यार्थियों को वेरीफिकेशन के लिए नहीं जाना होगा हेल्प सेंटर

Multapi Samachar

आयुक्त एवं अध्यक्ष काउंसलिंग समिति, तकनीकी शिक्षा संचालनालय के द्वारा जारी समय सारणी के अनुसार इस वर्ष मध्यप्रदेश के पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में प्रवेश पीपीटी परीक्षा के आधार पर न होकर कक्षा 10वीं की मैरिट सूची के आधार पर होगा। इस हेतु विद्यार्थी को 10वीं कक्षा के साथ विज्ञान एवं गणित विषय में पृथक उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा।

प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी 19 अक्टूबर 2020 तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर 23 अक्टूबर 2020 तक प्राथमिकता क्रम का ऑनलाइन चयन लॉक कर सकते हैं। कोविड-19 महामारी की वजह से इस वर्ष दस्तावेज सत्यापन हेतु विद्यार्थियों को हेल्प सेंटर जाने की आवश्यकता नहीं है। बैतूल सोनाघाटी स्थित शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में डिप्लोमा इंजीनियरिंग हेतु मैकेनिकल, इलेक्ट्रीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड टेलीकम्युनिकेशन एवं कम्प्यूटर साइंस ब्रांच संचालित की जा रही है।

Online Class में चला पोर्न वीडियो दौरान मोबाइल पर , पैरेंट्स ने बच्चों से छीना मोबाइल


वॉट्सएप ग्रुप पर होने वाली ऑनलाइन क्लास में चल गया अश्लील वीडियो, अभिभावकों ने शिक्षकों को सुनाई खरी-खोटी…

मुलतापी समाचार

श्योपुर. मध्यप्रदेश के श्योपुर में ऑनलाइन क्लास के दौरान अचानक पोर्न वीडियो चल गया। जैसे ही पोर्न वीडियो चला तो बच्चे हैरान रह गए और माता-पिता को बताया जिसके बाद घटना से हैरान अभिभावकों ने तुरंत बच्चों से मोबाइल छीने और उन्हें बंद किया। घटना को लेकर अभिभावकों ने खासी नाराजगी जाहिर करते हुए शिक्षकों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। NSUI ने थाने में की शिकायत।

इंग्लिश सब्जेक्ट की ऑनलाइन क्लास में चला वीडियो
ऑनलाइन क्लास में पोर्न वीडियो चलने की ये घटना रविवार की है। बताया जा रहा है कि शहर के एक निजी स्कूल के 8वीं क्लास के बच्चों की इंग्लिश विषय की ऑनलाइन क्लास चल रही थी इसी दौरान जैसे ही बच्चों ने वॉट्सएप ग्रुप पर दिए गए वीडियो को चलाया तो पोर्न वीडियो चल पड़ा। पोर्न वीडियो चलने से बच्चे घबरा गए और तुरंत ही माता-पिता को बुलाया। पोर्न वीडियो देख माता-पिता के भी होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत बच्चों से मोबाइल छीनकर वीडियो को बंद किया। घटना के बाद ऑनलाइन क्लास बंद कर दी गई हैं वहीं घटना से नाराज अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन जमकर नाराजगी व्यक्त की है। वहीं दूसरी तरफ निजी स्कूल के प्रिंसिपल ऑनलाइन क्लास में पोर्न वीडियो चलने की घटना को हैकर्स की करतूत बता रहे हैं। उनका कहना है कि कोई भी टीचर इस तरह की हरकत नहीं कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि अभी ऑनलाइन क्लासेस बंद कर दी गई हैं और सभी चीजों को ठीक कर फिर से ऑनलाइन क्लासेस शुरु की जाएंगी।

NSUI ने थाने में की शिकायत
इस घटना को लेकर छात्र संगठन NSUI ने नाराजगी जताते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। NSUI कार्यकर्ताओं की मांग है कि ऑनलाइन क्लास के दौरान पोर्न वीडियो चलाए जाने की घटना की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी है उस पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य इस तरह की घटना दोबारा न हो पाए। साथ ही NSUI ने निजी स्कूल के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।

जेईई एवं नीट परीक्षा में जिले से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने कराया पंजीयन


1350 विद्यार्थियों को अन्य स्थानों पर परीक्षा देने जाने के लिए प्रशासन द्वारा की गई परिवहन सुविधा

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जेईई एवं नीट परीक्षार्थियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई परिवहन सुविधा दिए जाने के अंतर्गत बैतूल जिले से सर्वाधिक लगभग 1800 परीक्षार्थियों ने पंजीयन कराया गया। निर्धारित पोर्टल पर पंजीयन के अतिरिक्त भी परीक्षा हेतु रवाना किए जाने के दिनांक को भी परीक्षार्थी उपस्थित होते रहे जिन्हें तत्काल रजिस्टर करवाते हुए परिवहन सुविधा अंतर्गत सम्मिलित किया गया। यही कारण रहा कि बैतूल जिले से प्रदेश में सर्वाधिक लगभग 1350 परीक्षार्थियों को जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में बनाई गई रणनीति के तहत विभिन्न वाहनों से परीक्षा शहरों के लिए रवाना किया गया। यही नहीं कर्नाटक स्थित परीक्षा केंद्र का चयन करने वाले परीक्षार्थी को उनके दो परिजन उनकी माताजी एवं भाई के साथ जाने की इच्छा प्रकट करने पर रेलवे के माध्यम से उन्हें रिजर्वेशन करा कर भेजा गया।मध्यप्रदेश शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई इस सुविधा का लाभ जिले के सुदूर सुदूरवर्ती क्षेत्रों के बच्चों द्वारा प्रमुखता से उठाया गया।

जेईई परीक्षा में भी प्रत्येक दिन, 31 अगस्त से 5 सितंबर तक बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को इस सुविधा का लाभ प्रदान किया गया। बैतूल जिले में ही 3 परीक्षा केंद्र होने के बावजूद बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के केंद्र बड़े शहरों में होने से उन्हें वहां भेजा गया। कलेक्टर श्री राकेश सिंह के उत्कृष्ट मार्गदर्शन में एक विस्तृत योजना बनाई जाकर सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी को नोडल अधिकारी का दायित्व सौंपा गया। कलेक्टर एवं सीईओ द्वारा इस कार्य के सुचारू क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों का एक कोर ग्रुप का गठन भी किया गया, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग, जिला परिवहन अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, उपसंचालक सामाजिक न्याय को सम्मिलित किया गया तथा योजनानुसार किए जा रहे कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा भी की गई।

जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती रंजना भदौरिया, अनुभाग अधिकारी बैतूल श्री आरआर पांडे द्वारा पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध कराए गए। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी द्वारा वाहनों में ईंधन की समुचित व्यवस्था करवाए जाने में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री एलएल सुनारिया ने जिला परियोजना समन्वयक श्री सुबोध शर्मा के साथ मिलकर प्रतिदिन की व्यवस्था के लिए योजना अनुसार कार्य किया गया। सर्व शिक्षा अभियान के अमले द्वारा मुस्तैदी से कार्य किया गया। लगभग 20 जन शिक्षक, अनेक शिक्षकों को निश्चित योजना के तहत कार्य आवंटित किए गए जिससे प्रत्येक परीक्षार्थी से बात की जाकर उनके जाने आने, साथ जाने वाले परिजन इत्यादि की जानकारी, परीक्षा शहर से वापस आने तक इस पर नजर रखी जाती रही।

11 सितंबर से युद्ध स्तर पर जारी इस प्रक्रिया का समापन 14 सितंबर प्रात: 7:00 बजे, परीक्षा केंद्र शहरों से परीक्षार्थियों के वापस लौटने तक निरंतर जारी रहा। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस कार्य के लिए, इस कार्य से संबंधित समस्त शिक्षकों जन शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों को अपने इस रचनात्मक जज्बे को बनाए रखने हेतु शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए प्रशंसा की गई। परीक्षार्थियों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधा के मूल स्वरूप में हितग्राहियों तक पहुंचा पाने में उच्च जिला प्रशासनिक अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन के साथ, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एलएल सुनारिया, डीपीसी श्री सुबोध शर्मा, उपसंचालक सामाजिक न्याय श्री संजीव श्रीवास्तव, प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय श्री राकेश दीक्षित, परीक्षा प्रभारी श्री मनोहर उघड़े के अतिरिक्त जन शिक्षक श्री संजीव धुर्वे, श्री ललित आजाद, बड़ी संख्या में सक्रिय शिक्षकों की रचनात्मक भूमिका रही।

NEET exam शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए वाहन सुविधा


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Betul News नीट परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परिक्षार्थियों को मध्य प्रदेश शासन के द्वारा परीक्षा केंद्र शहर तक भेजने की व्यवस्था किए जाने अंतर्गत जिले से लगभग 1800 परीक्षार्थियों को प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्थित परीक्षा केंद्रों के लिए 12 सितंबर 2020 को रवाना किया जाएगा।जिला शिक्षा अधिकारी श्री एलएल सुनारिया ने बताया कि परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों द्वारा इस हेतु रजिस्ट्रेशन कराया गया था। जिन परीक्षार्थियों के द्वारा रजिस्ट्रेशन नहीं भी कराया गया था, उनके द्वारा संपर्क किए जाने पर रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन करवाया गया एवं इन परीक्षार्थियों को विभिन्न परीक्षा केंद्रों के शहरों में भेजने के लिए कलेक्टर श्री राकेश सिंह के मार्गदर्शन में वाहनों की व्यवस्था की गई है।

12 सितंबर प्रात: 7 बजे से इन वाहनों को विभिन्न शहरों हेतु रवाना किया जाएगा, इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा प्रबंध किए गए हैं।श्री सुनारिया ने बताया कि रजिस्ट्रेशन कराए गए परिक्षार्थियों से संपर्क कर जानकारी ली जा कर उनसे कहा गया है कि जो परीक्षार्थी शासन के द्वारा प्रदत्त इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं वह 12 सितंबर को उत्कृष्ट विद्यालय, बस स्टैंड के पास बैतूल पहुंचकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराते हुए उन्हें आवंटित परीक्षा केंद्र के शहर हेतु की गई परिवहन सुविधा का लाभ उठाएं।

सुविधा के अंतर्गत परीक्षार्थी को अपने साथ एक परिजन को लेकर जाने की सुविधा प्रदान की गई है। वर्तमान में वर्षा ऋतु, रास्ते में लगने वाला समय, पहाड़ी नाले, जाम की स्थिति इत्यादि को देखते हुए परीक्षार्थियों को परीक्षा दिवस के एक दिन पूर्व 12 सितंबर 2020 को ही परीक्षा शहर तक भिजवाने की व्यवस्था किए जाने के निर्देश हैं। इसी प्रकार परीक्षा केंद्र स्थित शहर में जाम की स्थिति न बने, साथ ही परीक्षार्थी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर परीक्षा केंद्र तक सुविधाजनक ढंग से पहुंच सके, इस हेतु बाहर के जिलों से आने वाले वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था पृथक से की गई है।

अतिथि शिक्षकों का हो रहा शोषण, फिर कैसा शिक्षक दिवस शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन


मुलतापी समाचार

बैतूल। संयुक्त अतिथि शिक्षक संघ बैतूल द्वारा अतिथि शिक्षकों की नियमितिकरण की मांग को लेकर शनिवार मुख्यमंत्री के नाम से जिला प्रशासन और भाजपा के जिला अध्यक्ष बबला शुक्ला को ज्ञापन सौंपा।संघ के जिला अध्यक्ष केसी पंवार व चिंताराम हारोड़े ने बताया कि अतिथि शिक्षक विगत 13 वर्षो से अल्पवेतन पर शासकीय शालाओं में अध्यापन कार्य कर रहें हैं। वेतन के नाम पर मात्र वर्ग 3 को पांच हजार, वर्ग 2 को सात हजार रूपए, वर्ग 1 को नौ हजार रूपए दिया जा रहा है। वेतन में से भी छुट्टियों को वेतन नहीं मिलता है। प्रमोद जागरे व अब्रान शाह ने बताया कि अतिथि शिक्षक का पद भी स्थाई नहीं होता है। इन 13 वर्षो में आंदोलन, हड़ताल व धरना प्रदर्शन, भुख हड़ताल के माध्यम से मांग की गई परन्तु कोई निष्कर्ष नहीं निकला।

मुख्यमंत्री सिर्फ घोषणा और आश्वासन ही देते रहें हैं। अनिल चौकीकर व प्रकाश सूर्यवंशी ने बताया कि हमारी मांगों को ना मानने का खामियाजा प्रदेश सरकार को उपचुनाव में उठाना पड़ेगा। दयानंद साहू व कैलाश पाटिल ने बताया कि अतिथि शिक्षकों को शोषण हो रहा है ऐसे में शिक्षक दिवस मनाना बेमानी लगता है। अतिथि शिक्षकों की मांग पर बबला शुक्ला ने कहा कि वे अतिथि शिक्षकों की बात को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। ज्ञापन सौंपते समय अजाबराव पाटिल, दुर्गेश मनोटे, माधोसिया मन्नासे, खेमराज झरबड़े, आनंद भौंडे, राजेश ठाकरे, बसंत विश्वकर्मा, राजेश बर्डे, विमल चंदेलकर, राजेश चौकीकर, अखलेश सोनपुरे, नारायण हुरमाड़े, राजेन्द्र मालवीय, योगेश वामनकर, विजय डोंगरे, धमेन्द्र साहू, दीपक गोचरे, राजू पंडागरे, आशीष कोकने, मुनीराज हारोड़े मौजूद थे। 

Betul : ठेके पर संचालित हो रही भैंसदेही ब्लॉक में मोहल्ला क्लॉस,एक हज़ार में आठ कक्षा के छात्रों को पढ़ा रहा युवक, शासकिय 5 शिक्षक होने पर भी नहीं जाते गांव में


बैतूल। हमारा घर हमारा विद्यालय अभियान की शुरुआत राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार 6 जुलाई से हुई है। कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले बच्चे कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद होने से घर पर रहकर ही पढ़ाई करेंगे। विभाग द्वारा केंद्रों तक पाठ्य पुस्तके,दक्षता उनयनन वर्क बुक बच्चों को वितरण कर दी गई है। हमारा घर हमारा विद्यालय अभियान के अंतर्गत राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा प्रति सप्ताह समय विभाग चक्र भेजा जा रहा है जिसके अनुसार शिक्षक पालको के सहयोग से प्रतिदिन सुबह 10 से 1 बजे एवं शाम 4 से 5 बजे महोल्ला क्लास में जाकर कक्षाओं का संचालन एवं गतिविधियों के माध्यम से अध्यापन कार्य करवाने है। लेकिन जिले के आदिवासी भैंसदेही ब्लाक के दादूढ़ाना गांव में संचालित प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों ने सरकार की मनसा पर पानी फेरते हुए एक शिक्षित बेरोजगार युवक को महज एक हज़ार रुपये महीने में आठ कक्षाओं की पढ़ाई करवाने का ठेका दे दिया है। युवक मनीराम धुर्वे ने बताया कि मैं पढ़ा लिखा हूँ और अभी बेरोजगार हूँ, शिक्षकों ने मुझे एक हज़ार रुपए महीने देने का कहा है। मैं गांव में सुबह 10 बजे से 1 बजे तक पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ता हूँ। स्कूल के शिक्षक आते नहीं है शिक्षिका उबनारे मैडम 16 जुलाई को आई थी और कुछ कागज़ी कार्यवाही कर और बच्चों से बात करके चली गई थी। इस मामले में सहायक आयुक्त शिल्पा जैन से चर्चा करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नही किया।


मॉनिटरिंग की खुली पोल

सरकार की मनसा थी कि बच्चो को प्रदाय वर्क बुक /रेड़ियो/ डिजिलेप व्हाट्सएप ग्रुप द्वारा भेजी गई थी जिससे पाठन सामग्री का उपयोग कर पढ़ाई का जो नुकसान हो रहा है उसे पूरा किया जायेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु शिक्षको व मैदानी अमले को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया हैं। जिले भर के बी आर सी सभी संकुल प्राचार्य, डिजिलेप प्रभारी एवं सभी बी ए सी व सी ए सी इसकी मॉनिटरिंग भी करेंगें जिससे पढ़ाई नही रुकेंगी। लेक़िन भैंसदेही ब्लॉक में विभाग की मॉनिटरिंग की पोल खुल गई है। साफ़ ज़ाहिर है कि पूरा कार्यक्रम घर से कागजों पर संचालित हो रहा है और घरों से ही मॉनिटरिंग हो रही है। जिसका उदाहरण दादू ढाना गांव में देखने को मिल रहा है जंहा पूरा जुलाई का महिना गुजर गया लेकिन ठेके पर चल रही यंहा की शिक्षा किसी भी जिम्मेदार को नही दिखाई दी।

इनका कहना है:-

उक्त प्रोग्राम बीआरसी देख रहें हैं वे ही इस मामले में कुछ बता पाएंगे,लेक़िन आपके द्वारा मामला बताया गया है। बीआरसी से जांच करवाई जाएगी।

जी सी सिंग
बीईओ,भैंसदेही

शिक्षकों को कोरोना का बचाव करते हुए स्कूलों में जाना है और बच्चों की पढ़ाई मोहल्ला क्लॉस के माध्यम से करवानी है। दादू ढाना में शिक्षकों द्वारा ठेके पर किसी को पढ़ाई करवाने रखा होगा तो यह गलत है,मामले की जांच मैं स्वयं गांव जाकर करूँगा एवं दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।

बी आर नरवरे
बी आर सी,भैंसदेही

कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की काउंसिलिंग होगी


काउंसिलिंग का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

बैतूल भोपाल–शासकीय शालाओं में कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा की काउंसिलिंग की जाकर उनकी रूचि और क्षमता के अनुरूप संकाय आवंटित किए जाएंगे। विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि एमपी कैरियर मित्र एप के माध्यम से जनवरी 2020 में शासकीय शालाओं में कक्षा 10 में अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं का अभिरुचि और अभिक्षमता परीक्षण किया गया था जिसके तहत 90 मिनट का टेस्ट बच्चों का लिया गया, जिससे छात्र-छात्राओं की रूचि और उनकी क्षमता का आंकलन किया जा सके। इसी क्रम में उत्तर वर्ती कार्यक्रम के रूप में मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा mpaspire.com पर शासकीय शालाओं में कक्षा नवी से 12वीं के समस्त छात्र छात्राओं का प्रोफाइल पंजीयन कराया जा रहा है। इस पोर्टल पर छात्र-छात्राओं को अपने कैरियर चुनने के लिए लगभग 550 कैरियर्स, लगभग 21000 कॉलेजेस में 262000 कोर्सेज, लगभग 1150 प्रवेश परीक्षाओं और इसी प्रकार हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण करने के पश्चात लगभग 1100 प्रकार की छात्रवृत्तिओं के बारे में एक ही प्लेटफार्म पर जानकारी उपलब्ध होती है।

जिले में 09 एवं 10 जुलाई 2020 को समस्त शासकीय हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्रत्येक शाला से प्राचार्य एवं दो शिक्षकों को इस संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह शिक्षक अपने विद्यालयों में काउंसलर्स का कार्य करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री राकेश सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी द्वारा छात्र छात्राओं को कैरियर के चुनाव में रुचि के साथ क्षमता का ध्यान रखे जाने एवं उन्हें उपलब्ध होने वाले अवसरों के बारे में विस्तार से अवगत करा पाने के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण के महत्व को समझने हेतु शिक्षकों और प्राचार्यों से उम्मीद जाहिर की। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रत्येक छात्र जो संकाय का चयन 11वीं कक्षा में करता है इसमें उसकी रूचि, क्षमता और उसकी वर्तमान परिस्थितियों, आर्थिक आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देशित किया कि प्रवेश के समय प्रत्येक बच्चे के साथ काउंसलिंग अनिवार्यत: संपादित की जाए। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक विकासखंड से 2-2 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में भोपाल से प्रशिक्षित किया जा चुका है। वर्तमान में दो दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्रत्येक शाला से 2 शिक्षक एवं प्राचार्य प्रशिक्षित किए गए हैं जिसका लाभ निश्चित रूप से छात्र-छात्राओं को कैरियर के चयन करने में होगा।

इस प्रशिक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी श्री एलएल सुनारिया द्वारा प्रवेश के समय से ही काउंसलर्स द्वारा बच्चे की प्रोफाइल बना लिए जाने, नियमित रूप से उनकी काउंसलिंग करते रहने का आग्रह शिक्षकों एवं प्राचार्य से किया गया। जिले के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान श्री संजीव श्रीवास्तव एवं डीपीसी श्री सुबोध शर्मा द्वारा विस्तार से एमपी कैरियर मित्र, एमपी एस्पायर पोर्टल, काउंसलर्स से अपेक्षाएं इत्यादि की बारीकियों के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण अंतर्गत जिले के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स श्री संजय व्यास एवं श्री विनोद पड़लक के साथ डीईओ कार्यालय से श्री विनोद लिखितकर द्वारा भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।

प्रदीप डिगरसे मुलतापी समाचार बैतूल

MP Board MPBSE 10th result 2020: आज 12pm पर जारी होगा एमपी बोर्ड 10वीं का परिणाम


12वीं से पहले जारी हो रहा 10वीं का रिजल्ट-
हर साल एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा के परिणम एक साथ जारी किए जाते हैं लेकिन इस बार कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लगे लॉकडाउन के चलते इस बार 10वीं और 12वीं की कुछ परीक्षाएं बीच में ही रुक गई थी। बाद में सरकार ने 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर औसत अंकों के आधार पर रिजल्ट जारी करने का फैसल किया वहीं 12वीं की शेष परीक्षाएं 9 जून से 16 जून के बीच आयोजित कराई गईं। 

एम पीबोर्ड के अधिकारियों ने बताया था कि 10वीं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य काफी समय पहले किया जा चुका था। लेकिन 12वीं की परीक्षाएं बाद में कराई गई हैं इसलिए रिजल्ट को जारी किए जाने में समय लग गया। वहीं 12वीं का रिजल्ट भी जुलाई के तीसरे सप्ताह में जारी किया जाएगा। 

इन वेबसाइटों पर भी रिजल्ट देख सकेंगे विद्यार्थी-
एमपी बोर्ड के विद्यार्थी mpbseresults.nic.in, mbpse.mponline.gov.in, mpbse.nic.in, livehindustan.com, jagranjosh.com, fastresults.in, mp10.abplive.com, and hindustantimes.com पर भी अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे।

एमपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 4 स्टेप्स में कर सकेंगे चेक-
1- गूगल प्लेस्टोर से  MPBSE Mobile app, MP Mobile app या Fastresults app डाउनलोड करें।
2- एप का होम पेज खोलने के बाद “ MP Board 10th result 2020”  लिंक पर जाएं।
3- यहां अपना रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ आदि की सूचना भरकर सब्‍मिट करें।
4- अब रिजल्ट आपके सामने होगा, जिसे चाहे तो डाउनलोड/स्क्रीनशॉट ले सकते हैं

NCERT: 15 साल बाद देश के स्कूली शिक्षा के सिलेबस में होगा बदलाव


NCERT: भारत के स्कूलों के सिलेबस में 15 साल बाद बदलाव होने जा रहा है। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) द्वारा स्कूली शिक्षा पर नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) की अंतरिम रिपोर्ट दिसंबर तक पेश की जाएगी। स्कूली शिक्षा का नया सिलेबस मार्च 2021 तक तैयार हो जाएगा।

स्कूली शिक्षा के NCF पर काम शुरू हो चुका है और इसके अनुसार NCERT स्कूल की किताबों में बदलाव करेगी। हर विषय का विशेषज्ञ इस प्रक्रिया पर निगरानी रखेगा और दिसंबर तक इसकी अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा कि मार्च 2021 तक नया करिकुलम तैयार हो जाएगा। HRD मंत्रालय ने NCERT को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नई किताबें डिजाइन करते वक्त इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि कोर कंटेट शामिल रहना चाहिए। इसके अलावा क्रिएटिव थिंकिंग, लाइफ स्किल्स, आर्ट जैसे अतिरिक्त क्षेत्रों को भी इसमें स्थान मिलना चाहिए। ये किताबें नए करिकुलम के हिसाब से होगी और एनसीईआरटी इनकी डिजाइनिंग और ले आउट का काम पहले ही शुरू कर देगी। अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों के सिलेबस और दिनचर्या में यह बदलाव लागू हो जाएगा।

पांचवीं बार होगा सिलेबस में बदलाव:

नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क में इससे पहले चार बार बदलाव किया जा चुका है और बदलाव किए जाने का यह पांचवां मौका होगा। इससे पहले साल 1975, 1988, 2000 और 2005 में NCF में बदलाव किया जा चुका है।