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कोरोना वारियर्स की मौत- सारणी की बेटी का इंदौर के MY के कोरोना सेंटर में नर्स सेवा प्रदान करते करते- कोरोना से निधन


कोरोना मरीजों की सेवा करते करते खुद की जिंदगी की गवां बैठी – MY नर्स

MY हॉस्पिटल में नर्स के रूप में थी कार्यरत बैतूल (सारणी) की बेटी

Multapi Samachar

मध्‍यप्रदेश के बैतूज जिले के कोलमांइस क्षेेेत्र सारणी के प्रतिष्ठित ऐरुलु परिवार की 35 वर्षीय बिटिया का इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में कोरोना से जंग लड़ते-लड़ते गुरुवार की दोपहर निधन हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तिरुपति ऐरुलु के बड़े भाई WCL कर्मचारी राजू ऐरुलु की पुत्री शालिनी जय पीलैया इंदौर के MY हॉस्पिटल में नर्स के रूप में कार्यरत थी और कोविड सेंटर में पदस्थ थी।

इसी दौरान वह खुद कोरोना संक्रमित हो गई थी और MY हॉस्पिटल में ही उनका उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान उनकी दो बार कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव भी आ चुकी थी लेकिन फिर उन्हें फेफड़ों में संक्रमण हो गया और इससे वह नहीं उबर पाई। गुरुवार की दोपहर लगभग 2:00 बजे उनका निधन हो गया।

शालिनी के निधन का समाचार सारणी पहुंचते ही ऐरुलु परिवार सहित पूरे सारणी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई । प्राप्त जानकारी अनुसार शालिनी के निधन के कुछ ही घंटों के बाद इंदौर में उनके पति एवं कुछ सगे संबंधियों और अस्पताल स्टाफ की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है । सारणी सहित बैतूल जिले के कई राजनेताओं, अधिकारियों, पत्रकारों और अन्य गणमान्य नागरिकों ने शालिनी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

इंदौर में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज 5.75 लोगों को बांट रहा संक्रमण


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इंदौर के कोरोना पॉजिटिव मरीज देश के औसत से डेढ़ गुना अधिक लोगों को संक्रमित कर रहे हैं। एक अध्ययन के मुताबिक, इंदौर में एक कोरोना पॉजिटिव 5.75 लोगों को संक्रमित कर रहा है, जबकि देश का औसत 3.7 है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री का विश्लेषण करने पर यह बात सामने आई है। हालांकि अध्ययन जारी है और यह ट्रेंड आगे बदल सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को शहर के 116 कोरोना पॉजिटिव मरीजों के प्रारंभिक संपर्कों का विश्लेषण किया। इसमें पाया कि इन लोगों के संपर्क में आए 668 लोगों को भी कोरोना संक्रमण हो गया। इस तरह एक पॉजिटिव मरीज ने औसत 5.75 लोगों को संक्रमित किया। यह तस्वीर आंकड़ों के फौरी विश्लेषण से सामने आई है, लेकिन पूरी हकीकत तब सामने आएगी जब सभी पॉजिटिव मरीजों की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री पता करने के बाद इसका अध्ययन किया जाएगा।

यह प्रारंभिक रुझान

अध्ययन में शामिल एमजीएम मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रभारी डॉ. सलिल साकल्ले ने बताया कि यह सब प्रारंभिक आकलन है। इससे हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते। एक बार स्थिति सामान्य होने के बाद इस पर अध्ययन करेंगे। हाल ही में इंदौर आए भारत सरकार के केंद्रीय दल में शामिल विशेषज्ञ सदस्य और दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डायरेक्टर प्रोफेसर और कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. जुगलकिशोर ने भी पुष्टि की कि इंदौर का यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। जिला प्रशासन ने एप के जरिए कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का काम शुरू किया है, जिससे पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वालों की पकड़ आसानी से हो सकेगी। इधर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया का कहना है कि इंदौर में अभी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं। हम ज्यादा सैंपलिंग कर रहे हैं इसलिए पॉजिटिव व निगेटिव दोनों मिलेंगे।

हम कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का एक राउंड कर चुके हैं और अब दूसरा राउंड शुरू कर रहे हैं। साथ ही बफर जोन में भी सर्वे किया जा रहा है। यह सब कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और सैंपल की जांच पर निर्भर करता है। कुछ लोगों ने 10-12 तक तो कुछ ने एक-दो लोगों को ही संक्रमित किया है। हमारी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग हिस्ट्री में कुछ केस ऐसे भी आए हैं जिसमें एक पॉजिटिव मरीज से 13 लोगों तक संक्रमण फैलने की चेन मिली है। – आकाश त्रिपाठी, कमिश्नर

3.7 हो गया राष्ट्रीय औसत देश में कोरोना

संक्रमण शुरू होने से लेकर अब तक कांटेक्ट ट्रेसिंग (एक व्यक्ति कितने व्यक्ति को संक्रमित कर रहा है) दर के तीन आंकड़े सामने आ रहे हैं। मार्च में यह दर 1.7 थी जबकि अप्रैल के शुरुआती दौर में यह 2.3 फीसदी थी। वहीं अब यह बढ़कर 3.7 फीसदी माना जा रहा है। इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पीएसएम विभाग ने 3.7 फीसदी के हिसाब से आकलन कर ही इसे डेढ़ गुना माना है। सीएमएचओ ने इसकी पुष्टि की।

इंदौर में यह है कांटेक्ट ट्रेसिंग की बानगी

1. इंदौर के चंदन नगर में पुलिस पर हमला करने वाले नासिर खान को सेंट्रल जेल में रखा। बाद में जांच में वह कोरोना पॉजिटिव निकला। नासिर के साथ रहने वाले कैदियों की जांच हुई तो वे भी संक्रमित पाए गए। साथ ही नासिर के संपर्क में आए दो जेल प्रहरी भी संक्रमित मिले। नासिर ने करीब 10 लोगों में संक्रमण फैला दिया।

2. इंदौर के सैफी होटल में काम करने वाला एक व्यक्ति लॉकडाउन के दौरान खरगोन जिला स्थित अपने गांव बड़गांव के लिए निकला। रास्ते में वो कसरावद में रिश्तेदार के घर ठहर गया। बाद में वह पॉजिटिव पाया गया। उसने कसरावद के रिश्तेदारों और बड़गांव में भी परिवार में संक्रमण फैला दिया। इस पूरी कड़ी में लगभग 10 लोग संक्रमित हो गए।

Corona virus उज्जैन in : वार्ड का ताला तोड़ते रहे कर्मचारी, एंबुलेंस में महिला की मौत


मुलतापी समाचार । उज्जैन । Corona virus in Ujjain

कोरोना वायरस संक्रमण के बीच संदिग्ध मरीजों के इलाज में लापरवाही उजागर हुई है। दानीगेट निवासी 58 साल की महिला को गुरुवार देर रात जिला अस्पताल के बाद माधवनगर अस्पताल में भेजा गया। यहां से उसे आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज भर्ती के लिए रैफर किया गया, मगर यहां वार्ड के ताले की चाबी ही नहीं मिली।

मौजूद कर्मचारी ताला तोड़ते रहे। इस दौरान महिला बाहर एंबुलेंस में तड़पती रही। करीब 45 मिनट बाद ताला टूटा और उसे वार्ड में भर्ती कराया गया। तब तक देर हो चुकी थी। महिला की मौत हो गई। इधर, गुरुवार रात को ही माधवनगर अस्पताल में भी दो संदिग्ध मरीजों की मौत हो गई।

इसमें लक्कड़गंज निवासी एक व्यक्ति और बड़नगर की एक महिला मरीज शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार बड़नगर की महिला को सांस लेने में अधिक तकलीफ हो रही थी। देर रात उसकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। वह तड़पती रही। वेंटिलेटर नहीं मिला।

इधर, मौके पर कोई डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। कुछ देर महिला की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उसका शव पलंग के पास नीचे पड़ा मिला। थोड़ी ही देर बाद महिला के पड़ोस के बेड पर भर्ती लक्कड़गंज निवासी व्यक्ति की भी मौत हो गई। कोताही सामने आने के बाद अस्पताल के प्रभारी और सिविल सर्जन आरपी परमार को पद से हटा दिया गया।

शास्त्रीनगर के युवक की भी मौत, परिजन बोले- इलाज नहीं मिला

इंदौर । शास्त्री नगर निवासी 39 साल के युवक की भी शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। स्वजन का कहना है कि निजी अस्पतालों ने इलाज करने से मना कर दिया था। गुरुवार रात परिजन उसे लेकर इंदौर के एमवाय अस्पताल पहुंचे थे, मगर यहां उसकी मौत हो गई। युवक इंदौर में होटल मैनेजर था और पत्नी के साथ वहीं रहता था। लॉकडाउन में वह उज्जैन आ गया था।

गुरुवार रात को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, मगर यहां इलाज से मना कर दिया गया। इस पर उसे माधवनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां स्वास्थ्य अधिक खराब होने पर इंदौर रैफर कर दिया। स्वजन उसे लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचे ही थे कि उसकी मौत हो गई। एमवाय अस्पताल में मृत युवक का सैंपल भी लिया गया। डॉक्टरों का कहना था कि युवक में कोरोना के लक्षण मिले हैं। रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि होगी।

Coronavirus in Indore : इंदौर में मरीजों का आंकड़ा बडा , छह की हालत अभी भी गंभीर


इंदौर में कोरोना के कहर से दो लेागों की और मौत, अब तक पांच लोगों की इस वायरस से गई जान।

मुलतापी समाचार

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Coronavirus in Indore गुरुवार सुबह इंदौर में कोरोना संक्रमण से 2 मौत और हो गई। मृतक 65 वर्षीय महिला निवासी खजराना और 54 वर्षीय पुरुष मोती तबेला निवासी हैं। अभी छह मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 75 हो चुकी है।

सूत्रों के अनुसार इन सभी से संक्रमित होने वाले लोगों की जानकारी तो मिल रही है, लेकिन नए मरीज किसके संपर्क में आए यह जानकारी नहीं मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी भी अपर सेकेंड स्टेज में ही इसे नियंत्रण में लाने का विश्वास दिला रहे हैं।

सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया के अनुसार जो लोग पॉजिटिव मिल रहे हैं उनमें से कई लोग पहले से ही आइसोलेशन और क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती हैं। इससे इनके कम्युनिटी में संक्रमण फैलाने की संभावना कम होगी। इंदौर में कोरोना से पहली मौत 25 मार्च को 65 वर्ष पुरुष निवासी सिलावटपुरा की हुई थी।

उसके बाद 30 मार्च को राजकुमार कॉलोनी निवासी 41 वर्षीय पुरुष की मौत हुई थी। 30 मार्च को 49 वर्ष की महिला निवासी धार रोड की मौत हो चुकी है। 24 मरीजों की हालत में सुधार एमजीएम मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार 24 मरीजों की हालत में सुधार नजर आ रहा है। 8 मरीजों की हालत गंभीर थी जिनमें से दो की मौत हो चुकी है।

अभी भी 6 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। अन्य मरीजों की हालत स्थित है। 17 मरीजों को किया शिफ्ट भोपाल एम्स द्वारा भेजी गई 40 जांच रिपोर्ट में से 17 पॉजिटिव मरीज सामने आए थे। दो दिनों से लिस्ट नहीं मिलने से इन्हें असरावद के सेंटर में ही रखा गया था। इनमें से 11 एक ही परिवार के थे। इनके अलावा भी 8 अन्य पॉजिटिव मरीजों को शिफ्ट किया गया है।

मरीजों के परिजन क्वारंटाइन

टाटपट्टी बाखल में अपर कलेक्टर दिनेश जैन और एडिशनल एपी राजेश व्यास और अन्य अधिकारियों व जवानों की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वे शुरू किया है। यहां से गुरुवार को 11 और लोगों को चोइथराम अस्पताल के पास अमरदास बैंक्वेट हॉल में क्वारंटाइन किया।

वहीं दौलतगंज में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के परिवार से पत्नी, बच्चों सहित 4 और स्नेहलतागंज से 5, लोगों को एमटीएच हॉस्पिटल में क्वारंटाइन किया गया है। अपर कलेक्टर पवन जैन ने बताया कि इलाके में सख्ती से कर्फ्यू का पालन कराया जा रहा है।

घर के साफ कपड़े से थ्री लेयर मास्क तैयार किया जा सकता है


मुलतापी समाचार मनोज कुमार अग्रवाल

इंदौर: कोरोना वायरस की दहशत के बीच बाजारों में मास्क और सेनीटाइजर तय कीमत से 10 गुना अधिक मूल्य पर भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं! इसका उपाय इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रवीण जड़िया के अनुसार घर पर साफ कपड़े से भी मास्क तैयार किया जा सकता है ! संक्रमण रहित लोगों के लिए यह घरेलू मास्क सुरक्षित है! कपड़े को तीन बार फोल्ड कर रबर बैंड और पिन की सहायता से यह मास्क बनाया जा सकता है!

डॉ. जड़िया ने बताया कि यह मास्क हवा में मौजूद अन्य बैक्टीरिया से भी बचाव कर सकता है! बाजार के मास्क उन लोगों को ही लगाने चाहिए जो कोरोना वायरस से संक्रमित या सर्दी खांसी से पीड़ित हैं! ताकि यह संक्रमण अन्य लोगों तक न पहुंचे! सामान्य व्यक्ति कपड़े से बने मास्क का उपयोग बचाव के लिए कर सकता है! उन्होंने बताया कि अभी तक इंदौर या मध्य प्रदेश में एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है!

मुलतापी समाचार

Indore गणेश मंदिर खजराना में गजानन को पहनाया मास्क, कोरोना वायरस रूपी विघ्न को हरने की गजानन से की प्रार्थना


मुलतापी समाचार

इंदौर. कोरोना का कहर दुनियाभर में लोगों को डरा रहा है। इसी कड़ी में खजराना गणेश मंदिर पर भी कोरोना से बचाव के लिए भाजपा नेताओं ने मास्क बांटे। मंदिर में पुजारीने खजराना गणेश के समक्ष रखी छाेटी प्रतिमा को भी मास्क पहनाया। साथ ही उनके वाहन मूसक ने भी मास्क पहना। भगवान ने मास्क पहना तो भक्त कैसे अछूते रहते। वहां दर्शनार्थियों को भी मास्क पहनाए गए। 

विघ्नहर्ता गणेश कोरोना वायरस रूपी विघ्न को हर लें, ऐसी प्रार्थना लेकर भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य मनीष चौकसे सहित अन्य खजराना गणेश मंदिर पहुंचे थे। यहां पुजारी सतपाल भट्ट की मौजूदगी में पहले गणपति बप्पा को मास्क पहनाया गया। उसके बाद उनके वाहन मूसक को भी भाजपाइयों ने मास्क पहनाया। इसके बाद मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को भी मास्क बांटे गए। पुजारी के साथ भाजपाइयों ने कोरोना से बचने के लिए सभी से मास्क पहनने की अपील की। 

इंदौर के निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद तोड़फोड़


File photo

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मरीज की मौत

इंदौर । शहर के भंवरकुआं क्षेत्र में संचालित दशमेश अस्पताल में मरीज की मौत के बाद उसके परिजन ने तोड़फोड़ की। शव को अस्पताल में रखकर अस्पताल के दरवाजे, खिड़की, काउंटर आदि को तोड़ दिया। अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर यह देखकर वहां से भाग गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के स्वजन को समझाइश दी और शिकायत दर्ज की।

परिजन ने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही व गलत इंजेक्शन देने से मौत हुई है। रविवार रात लगभग डेढ़ बजे युवक गोकुल डिवाइडर से टकराकर घायल हो गया था। उसे भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित दशमेश अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान कोई इंजेक्शन लगाया गया।

रात को ही मरीज की मौत हो गई। जब परिजन को इसकी सूचना दी गई तो वे भड़क गए। उन्होंने सुबह डॉक्टर से बात करनी चाही तो मौके पर कोई नहीं मिला। इससे उनका गुस्सा भड़क गया। परिजन ने शव को बाहर लाकर रखा और विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई की मांग की। इससे स्टाफ व मरीज दोनों ही घबरा गए।

कुछ देर बाद भंवरकुआं पुलिस पहुंची व शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की। शव को पीएम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। मृतक के दोस्त संजय ने बताया कि रात को दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचे थे। नर्स ने कोई इंजेक्शन लगाया आधे घंटे बाद मौत की जानकारी दी।

तल मंजिल पर की तोड़फोड़

स्वजन ने अस्पताल की तल मंजिल पर तोड़फोड़ करते हुए दरवाजे, खिड़की तोड़ दिए। इसके बाद अस्पताल के अंदर पहुंचे और कांच, अलमीरा व काउंटर भी तोड़ दिया। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।

प्रमोद पाल , न्यूज़ एडिटर, इंदौर

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दाह संस्कार में 500 किलो लकड़ी बचा सकेगें, जब हम कंडों का इस्तेमाल करेंगे, पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रयास करें


इंदौर। मुलतापी समाचार गोबर से बने कंडों से यदि दाह संस्कार किया जाए तो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पेड़ों को भी बचाया जा सकता है। इसी संदेश के साथ शहर के मुक्तिधामों में कंडों से दाह संस्कार का चलन बढ़ रहा है। अब लोग खुद आकर लकड़ी के बजाय कंडों से दाह संस्कार के बारे में पूछने लगे हैं। उधर शहर की कई गौशालाओं ने भी अंतिम संस्कार के लिए कंडे उपलब्ध करवाने की पहल की है।

बीते कुछ वर्षों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरुकता तेजी से बढ़ी है। पहले अंतिम संस्‍कार के लिए केवल एक ही लकड़ी का विकल्‍प होता था। विद्युत और डीजल शवदाह गृह भी शहर के कुछ मुक्तिधामों पर आरंभ किए गए थे लेकिन इनका प्रयोग इक्‍कादुक्‍का परिवार ही करते हैं। लकड़ी का प्रयोग कम करने और उनके स्‍थान पर कंडों का प्रयोग आरंभ करने के लिए पहल की। इसका परिणाम यह हुआ कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में करीब दो हजार शवों का अंतिम संस्‍कार कंडों से हो चुका है।

एक दाह संस्कार में चार पेड़ों की लकड़ियां लगती हैं

लकड़ी से अंतिम संस्कार के लिए करीब 400 किलो लकड़ी की आवश्यकता होती है। इसके लिए चार पेड़ काटे जाते हैं। उधर गौशालाओं के पास भी कमाई का कोई अन्य स्रोत नहीं होता। गौशालाओं को इस बात के लिए जागरूक किया जा रहा है कि वे गोबर फेंकने के बजाय कंडे बनाकर बेचें ताकि उनका दाह संस्कार के लिए पर्याप्तसंख्या में कंडे मिल सके।

इससे गौशालाओं को भी कमाई होगी और कंडो की कमी भी नहीं आएगी। सामाजिक और गैर सरकारी संगठनों के अलावा विभिन्न समाज भी इस पहल में शामिल होकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

श्रीश्री विद्याधाम गौसेवा समिति के व्यवस्थापक कैलाश तिवारी के अनुसार कंडों की आपूर्ति अंतिम संस्कार के लिए भी करते हैं। इसके अलावा शहर में कई गौसेवा संस्थाएं हैं जिनके पास लाखों की संख्या में कंडे उपलब्ध हैं। लोगों को जागरूक होने की जरुरत है।

मनमोहन पंवार

मुलतापी समाचार (संपादक)

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