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दुसरे प्रदेश से आये हुये नागरिकों की स्क्रीनिंग


बैतूल – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.सी. चौरसिया ने बताया कि दिनांक 11,12 मई 2020 को कुल 648 एवं दिनांक 13 मई 2020 को सायं 5 बजे तक 317 बाहर से नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई। चिकित्सकों द्वारा नागरिकों को होम आईसोलेशन में रखी जाने वाली सावधानियों को बताकर होम आईसोलेट किया गया। डॉ. रजनीश शर्मा, डॉ. मनक धुर्वे एवं डॉ. नरेन्द्र ढ़डोरे तथा उनके दल सदस्यों द्वारा यह परीक्षण ओपन ऑडिटोरियम में किया गया। सभी बाहर से आये नागरिकों की जानकारी एवं मोबाईल नंबर विभाग द्वारा संधारित किये गये एवं संबंधित विकासखंड को इसकी सूचना भी दी गई।


बाहर से आये नागरिकों की स्क्रीनिंग के कार्य में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन दल बनाये गये हैं, जिसमें चिकित्सक एवं कर्मचारी सम्मिलित हैं। जिनके द्वारा सतत् स्क्रीनिंग का कार्य जारी है। डॉ. चौरसिया ने सभी बैतूल वासियों से अपील की है कि बाहर से जिले की सीमा के भीतर प्रवेश करने वाले कोई भी नागरिक अपनी एवं परिजनों की जानकारी को न छुपायें, स्वास्थ्य विभाग को अपनी जानकारी एवं आने की सूचना दें, यह आपके हित में है। किसी भी प्रकार की सूचना जिले के कॉल सेंटर्स नंबर 07141-230402 एवं 9479480956 एवं 07141-234351 एवं 9425008296 पर देवें।

महारष्ट्र, गुजरात, केरल प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के प्रयासों में तेजी


  • लॉकडाउन में फंसे मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का काम जारी
  • मध्य प्रदेश में महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से 2,400 मजदूर वापस आए

कोरोना वायरस से निपटने से लिए देश भर में लागू लॉकडाउन को एक महीने से ज्यादा समय हो गया है. ऐसे में देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए मजदूरों को प्रदेश सरकारें लाने की दिशा में सक्रिय हो गई हैं. उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, पंजाब सहित तमाम राज्यों में बस भेजकर बैतूल जिले के मजदूरों को लाने की कवायद शुरू कर दी है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर लॉकडाउन की अवधि को 17 मई तक बढ़ाने की अनुमति दी गयी. ऐसे में प्रवासी मजदूर के बाहर रहते हुए लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया गया तो हालात बेकाबू हो सकते हैं. इसीलिए अब राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को भी वापस लाने का सिलसिला शुरू कर दिया है. इसमें सभी राज्य सरकारों ने आपसी समन्वय के साथ प्रवासियों मजदूरों को एक दूसरे राज्य के बार्डर पर बस ओर ट्रेन के माध्यम से पहुंचाने का काम किया जा रहा हैं. जिसके पस्चात बैतूल जिले की प्रवासी मजदूरों को ट्रेन रूट आने पर उन्हें भोपाल और खंडवा जबलूर, रीवा आदि स्टेसनों पर उताकर थर्मलस्क्रेनिग करवाकर विभागों द्वारा बस के माध्यम से उन्हें बैतूल जिले के कंट्रोल रूम में लाया जा रहा है जहाँ उनका स्वास्थ्य विभाग द्वारा ओर महिला बाल विकास द्वार सूची तैयारी कर उन्हें अलग अलग तहसील में गांव नगर गंतव्य स्थान तक छोड़ा जा रहा है जिसके पश्चताप आशा कार्यकर्ता और आगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उन मजदूरों को स्कूल में कोरेंटीने किया जा रहा है ।

इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास की टीम द्वारा महारष्ट्र से आये प्रवासी मजदूरों लाने और उनके गतंव्य स्थान तक छोड़े गी। जिसमे महिला एवं बाल विकास के जिला परियोजना सहायक मनमोहन पवार की कोरोना वारियर्स जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में ड्यूटी लगाई गई हैं जिसमे प्रवासी मजदूरों की स्वास्थ विभाग द्वारा थर्मल स्क्रेनिग कर जानकारी एकत्रित कर दीनदयाल रसोई से भोजन करवाकर उन्हें अपने गंतव्य स्थान गांव नगर छोड़ा जा रहा है